Delhi Lakshmi Yojana: हर महीने खाते में आएंगे ₹2,500! 2 मिनट में समझें अप्लाई करने का पूरा प्रोसेस

Delhi Laxmi Yojna Registration Process: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ की शुरुआत की है। योजना के तहत परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला सदस्य को ₹2,500 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लक्ष्मी योजना का आधिकारिक पोर्टल लॉन्च कर दिया है, जिस पर आवेदन मिलने भी शुरू हो चुके हैं। योजना शुरू होने के महज दो दिनों के भीतर ही 1.47 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। सरकार ने इसके लिए ₹5,100 करोड़ का बजट आवंटित किया है। आइए आपको बताते हैं इस योजना का लाभ उठाने के लिए कौन पात्र है, किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी और ऑनलाइन आवेदन कैसे करना है।

एक साथ खाते में नहीं आएंगे ₹2,500

दिल्ली लक्ष्मी योजना एक अनोखी हाइब्रिड कैश-ट्रांसफर और सेविंग्स स्कीम है, जिसमें महिलाओं के लिए दो विकल्प दिए गए हैं:

विकल्प 1 (कैश + एफडी): ₹1,000 की राशि सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जबकि शेष ₹1,500 की राशि को सरकार द्वारा ‘फिक्स्ड डिपॉजिट’ (FD) में निवेश किया जाएगा।

विकल्प 2 (पूरी एफडी): लाभार्थी चाहें तो पूरे ₹2,500 को फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने का विकल्प चुन सकती हैं।

इस FD पर 3 साल का लॉक-इन पीरियड लागू होगा, जिस पर राज्य सरकार सॉवरेन गारंटी प्रदान करेगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ लेने के लिए महिला आवेदकों को ये शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • परिवार की प्रमुख: आवेदक महिला परिवार की सबसे वरिष्ठ सदस्य होनी चाहिए।
  • आयु सीमा: महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • पारिवारिक आय: परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • दिल्ली का निवासी होना: आवेदक, उसका पति या उसके माता-पिता कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली के निवासी हों।
  • वोटर आईडी: आवेदक दिल्ली की पंजीकृत मतदाता होनी चाहिए।
  • बिजली खपत: पिछले 1 वर्ष के दौरान परिवार की वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक नहीं होनी चाहिए।

किन्हें नहीं मिलेगा लाभ?

  1. जो परिवार इनकम टैक्स पेयर हैं या जीएसटी (GST) फाइल करते हैं।
  2. परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) या लोकल बॉडी में स्थायी/संविदा कर्मचारी है।
  3. जिनके पास चार पहिया वाहन है।
  4. आवेदक महिला के 3 से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए।
  5. आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

पहचान व पते का प्रमाण: वोटर आईडी कार्ड (दिल्ली) और आधार कार्ड।

पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर: आवेदक की स्पष्ट फोटो और सिग्नेचर।

सांसद या विधायक का सिफारिश पत्र: क्षेत्र के सांसद (MP) या विधायक (MLA) का हस्ताक्षरित सिफारिश/समर्थन पत्र।

पते/बिजली खपत का प्रमाण: बिजली का बिल या गैस कनेक्शन का बिल।

उम्र का प्रमाण (कोई भी एक): जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, वोटर आईडी या आधार कार्ड।

बैंक खाता विवरण: डीबीटी के माध्यम से राशि प्राप्त करने के लिए बैंक पासबुक की कॉपी।

ऑनलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

पात्र महिलाएं घर बैठे नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं:

स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट https://dly.delhi.gov.in पर जाएं और ‘Apply for Scheme’ के बाद ‘Register Now’ पर क्लिक करें।

स्टेप 2: अपनी व्यक्तिगत जानकारी और बेसिक विवरण दर्ज करें।

स्टेप 3: परिवार के सभी सदस्यों का ब्योरा सही-सही भरें।

स्टेप 4: पैसे ट्रांसफर के लिए अपना चालू बैंक खाता दर्ज करें।

स्टेप 5: मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों को निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें।

स्टेप 6: फॉर्म का प्रीव्यू ध्यान से जांचें और फाइनल सबमिट करें।

स्टेप 7: क्षेत्रीय MP या MLA द्वारा हस्ताक्षरित अनुशंसा की प्रति अपलोड करें।

स्टेप 8: आवेदन पूरा होने के बाद पावती रसीद डाउनलोड करके भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।

Revised ITR Rules: 31 जुलाई से पहले भरा ITR और हो गई गलती? जानें रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने का सही तरीका

How to File Revised ITR: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 खत्म हो चुकी है। कई टैक्सपेयर्स ने आखिरी समय की जल्दबाजी में अपना रिटर्न तो जमा कर दिया, लेकिन बाद में पता चला कि कोई बैंक ब्याज, शेयर बाजार से हुआ मुनाफा या फिर कोई टैक्स सेविंग डिडक्शन जोड़ना छूट गया है।

अगर आपने भी अपने ITR में कोई गलत जानकारी भर दी है या कोई आय छिपा ली है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इनकम टैक्स एक्ट का सेक्शन 139(5) आपको अपनी गलती सुधारने का पूरा मौका देता है। आइए जानते हैं कि धारा 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने के नियम, डेडलाइन और आसान तरीका क्या है।

क्या होता है ‘रिवाइज्ड रिटर्न’ (सेक्शन 139(5))?

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139(5) के तहत अगर किसी टैक्सपेयर को अपना ओरिजिनल ITR सबमिट करने के बाद यह अहसास होता है कि उससे कोई गलत जानकारी चली गई है या कोई ब्योरा दर्ज होने से रह गया है, तो वह एक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकता है।

कौन कर सकता है फाइल?: जिस भी व्यक्ति ने सेक्शन 139(1) के तहत समय पर (31 जुलाई तक या समय बीतने के बाद बिलेटेड रिटर्न (सेक्शन 139(4)) जमा किया है, वह रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकता है।

कितनी बार कर सकते हैं रिवाइज?: कानूनन आप अपने ITR को एक से अधिक बार भी रिवाइज कर सकते हैं, बशर्ते वह डेडलाइन के भीतर हो।

रिवाइज्ड ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 है। अगर इनकम टैक्स विभाग द्वारा आपके रिटर्न का एसेसमेंट (सेक्शन 144) पहले ही पूरा कर लिया जाता है, तो एसेसमेंट पूरा होने के बाद या 31 दिसंबर 2026 जो भी पहले हो तक ही आप इसे रिवाइज कर सकेंगे।

रिवाइज्ड ITR फाइल करते समय ध्यान रखें ये 4 अहम बातें

1- ओरिजिनल ITR का पावती नंबर: रिवाइज्ड रिटर्न भरते समय आपको अपने पुराने ITR का पावती नंबर और फाइल करने की तारीख दर्ज करनी होगी।

2- सही ITR फॉर्म का चयन: आप जिस फॉर्म (ITR-1, ITR-2 आदि) में पहले रिटर्न दाखिल कर चुके हैं, उसी फॉर्म का उपयोग करें, जब तक कि आपकी आय के स्रोतों में बदलाव न हुआ हो।

3- AIS और Form 26AS से मिलान: नई फाइलिंग से पहले अपने Annual Information Statement (AIS) को दोबारा ध्यान से जांचें ताकि इस बार कोई ब्याज, डिविडेंड या कैपिटल गेन छूट न जाए।

4- ई-वेरिफिकेशन अनिवार्य: ओरिजिनल ITR की तरह ही रिवाइज्ड ITR को भी सबमिट करने के बाद 30 दिनों के भीतर e-Verify करना अनिवार्य है। बिना वेरिफिकेशन के आपका रिवाइज्ड रिटर्न अमान्य माना जाएगा।

ई-फाइलिंग पोर्टल पर रिवाइज्ड ITR भरने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

  • स्टेप 1: इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल (eportal.incometax.gov.in) पर जाएं और अपने PAN/Aadhaar तथा पासवर्ड से लॉगिन करें।
  • स्टेप 2: ‘e-File’ टैब में जाएं > ‘Income Tax Returns’ > ‘File Income Tax Return’ पर क्लिक करें।
  • स्टेप 3: Assessment Year 2026-27 चुनें और Filing Type में ‘Revised Return u/s 139(5)’ सिलेक्ट करें।
  • स्टेप 4: स्क्रीन पर मांगे जाने अनुसार अपने ओरिजिनल ITR का Acknowledgement Number और Filing Date दर्ज करें।
  • स्टेप 5: अब फॉर्म में जहाँ भी गलती हुई थी (जैसे आय बढ़ाना, छूटी हुई डिडक्शन जोड़ना या बैंक डिटेल सही करना), उसे ठीक करें।
  • स्टेप 6: टैक्स लायबिलिटी की दोबारा गणना करें और अगर कोई अतिरिक्त टैक्स बनता है, तो उसका भुगतान करें।
  • स्टेप 7: रिटर्न सबमिट करें और तुरंत Aadhaar OTP या नेट बैंकिंग के जरिए इसे e-Verify कर दें।

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में उछाल, खरीदारी से पहले जानें अपने शहर के ताजा भाव

Silver Price Today: हफ्ते के पहले दिन सोमवार 3 जुलाई को चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला। दिल्ली में चांदी की कीमत में हल्की गिरावट देखने को मिली है। चांदी का भाव 234.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,34,900 रुपये प्रति किलोग्राम है। वहीं मुंबई में भी चांदी का भाव 234.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,34,900 रुपये प्रति किलोग्राम है। हालांकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी 10.34 बजे 1.12 फीसदी यानी 2428 रुपये की बढ़त के साथ 2,19,147 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।

इंटरनेशनल मार्केट में कैसी है चाल

इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने-चांदी में बढ़त देखी जा रही है। सोने का भाव आज 0.24 फीसदी चढ़कर कॉमैक्स पर 4117 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। चांदी 1.04 फीसदी उछलकर 58.385 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹234.90₹23,900₹2,34,900
कोलकाता₹2,350₹24000₹2,35,000
मुंबई₹2,350₹23,500₹2,35,000
चेन्नई₹2,350₹23,500₹2,35,000
पटना₹2,350₹23,500₹2,35,000
लखनऊ₹2,350₹23,500₹2,35,000
मेरठ₹2,350₹23,500₹2,35,000
अयोध्या₹2,350₹23,500₹2,35,000
कानपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
गाजियाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
नोएडा₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुरुग्राम₹2,350₹23,500₹2,35,000
चंडीगढ़₹2,350₹23,500₹2,35,000
जयपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
लुधियाना₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुवाहाटी₹2,350₹23,500₹2,35,000
इंदौर₹2,350₹23,500₹2,35,000
अहमदाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
सूरत₹2,350₹23,500₹2,35,000
वडोदरा₹2,350₹23,500₹2,35,000
पुणे₹2,350₹23,500₹2,35,000
नागपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
नासिक₹2,350₹23,500₹2,35,000
बैंगलोर₹2,350₹23,500₹2,35,000
भुवनेश्वर₹2,350₹23,500₹2,35,000
रायपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
हैदराबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000

पिछले कारोबारी दिन कैसा रहा चांदी का भाव?

दिल्ली के सर्राफा बाजार में पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार को चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। चांदी 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) के स्तर पर स्थिर रही। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी पर दबाव देखने को मिला। हाजिर चांदी (स्पॉट सिल्वर) की कीमत लगभग 2% गिरकर 57.98 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

कहां होगी नजर

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों पर दुनिया भर के कई बड़े इकोनॉमिक डेटा का असर पड़ सकता है। निवेशकों की नजर अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोजोन और जापान के पीएमआई (PMI) आंकड़ों पर रहेगी। इसके अलावा अमेरिका के जुलाई महीने के रोजगार के आंकड़े, जैसे नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी दर भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं अमेरिका-ईरान से जुड़े फैक्टर्स और कच्चे तेल की सप्लाई की स्थिति पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Gold Price Today: सावन के पहले सोमवार को सोना फिसला, दिल्ली में ₹132240 पर आया 22 कैरेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT निफ्टी से मिल रहे अच्छे संकेतों को देखते हुए लगता है कि 3 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मजबूती के साथ खुल सकते हैं। GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में 24,565 के आसपास हरे निशान में कारोबार कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

31 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने लगातार तीसरे सेशन में अपनी बढ़त जारी रखी। FMCG और IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी के दम पर निफ्टी ने 24,400 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 166.49 अंक या 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। इस हफ्ते BSE सेंसेक्स और निफ्टी में 2.6% की बढ़त हुई,जिससे पिछले हफ्ते हुए सभी नुकसान की भरपाई हो गई और हफ्ते की क्लोजिंग मजबूती के साथ हुई।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सत्र में भी खरीदारी जारी रखी और 31 जुलाई को ₹277 करोड़ के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सहारा दिया और ₹2,260 करोड़ के शेयर खरीदकर वे भी नेट बॉयर बन गए।

क्रूड में नरमी से गिफ्ट निफ्टी जोश में

क्रूड में नरमी से गिफ्ट निफ्टी जोश में दिख रहा है। इसमें 125 अंकों की तेजी देखने को मिल रही है। US फ्यूचर्स भी ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं, 4.74 फीसदी तक जाने के बाद US बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है और यह 4.7 के नीचे फिसल गया है। इधर शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी रौनक दिखी है। हालांकि एशियाई बाजार दबाव में दिख रहे हैं। कोस्पी 5 फीसदी तो जापान का बाजार निक्केई 3 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।

अनुमान से कमजोर रहे ITC के नतीजे

आईटीसी के पहले तिमाही के स्टैंडअलोन नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। मार्जिन और ईबीआईटीडीए में 27% की गिरावट आई है। रेवेन्यू में भी 14% से ज्यादा की गिरावट आई है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है। एक्साइज टैक्स का बढ़ोतरी पर असर दिखा है। एफएमसीजी कारोबार की रेवेन्यू अनुमान के करीब रही है।

Market cues : 24100-24000 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में देखने को मिल सकती है 24800-25000 तक की तेजी

कमजोर रहे मारुति के नतीजे

मारुति के नतीजे कमजोर रहे हैं। पहली तिमाही में कंपनी की आय 36 फीसदी बढ़ी है। लेकिन मुनाफा 11 फीसदी घटा है। वेस्ट एशिया संकट की मार्जिन पर मार पड़ी है। मार्जिन करीब 400 बेसिस प्वाइंट घटकर 8 फीसदी तक आए हैं। महंगे कमोडिटी दामों का असर पड़ा है। हालांकि वॉल्यूम ऑलटाइम हाई पर रहा है।

डिवीज लैब्स के शानदार Q1 नतीजे

पहली तिमाही में डिवीज लैब्स ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के मुनाफे में 66 फीसदी और रेवेन्यू में 28 फीसदी की बढ़त हुई है। मार्जिन में भी 10 फीसदी का तगड़ा उछाल आया है। तीनों आंकड़े अनुमान से कहीं अच्छे रहे हैं। वहीं ग्लेनमार्क फार्मा का प्रॉफिट 10 गुना से ज्यादा बढ़ा है। इसके रेवेन्यू में 23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके मार्जिन भी सुधरे हैं।

ऑटो कंपनियों के लिए शानदार रहा जुलाई

ऑटो कंपनियों के लिए जुलाई का महीना शानदार रहा है। सभी सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है। मारुति की बिक्री 34% बढ़ी है। एंट्री-लेवल सेगमेंट में लगातार दूसरे महीने 90% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हीरो मोटो,महिंद्रा और हुंडई की भी बिक्री जोरदार रही है।

जुलाई में रिकॉर्ड GST कलेक्शन

जुलाई में GST कलेक्शन ने नया रिकॉर्ड बनाया है। टैक्स कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया है। इसमें पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली है।

बुधवार को मॉनेटरी पॉलिसी का एलान

ब्याज दरों पर आज RBI MPC की तीन दिवसीय बैठक शुरू होगी। बुधवार को मॉनेटरी पॉलिसी का एलान होगा। CNBC-TV18 के पोल के मुताबिक दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं है।

आज से 10 मिनट बढ़ेगा F&O मार्केट का क्लोजिंग-टाइमिंग

आज से F&O मार्केट का क्लोजिंग-टाइमिंग 10 मिनट बढ़ेगा। प्री-मार्केट की तर्ज पर मार्केट बंद होने से पहले 15 मिनट का स्पेशल क्लोजिंग ऑक्शन सेशन होगा। वायदा में शामिल शेयरों से इसकी शुरुआत हो रही है। स्टॉक फ्यूचर्स और इंडेक्स फ्यूचर्स में ट्रेडिंग तीन बजकर 40 मिनट तक होगी।

 

Petrol Diesel Price Today: 3 अगस्त को जारी हुए पेट्रोल-डीजल के भाव, जानें अपने शहर का ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 03 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

SIP vs Lumpsum: ₹2000 की SIP या ₹2 लाख का लंपसम? आपके बच्चे के लिए कौन-सा निवेश बेस्ट रहेगा, पूरा कैलकुलेशन समझिए

SIP vs Lumpsum: बच्चा जब छोटा होता है, तब उसकी पढ़ाई, कॉलेज या करियर की चिंता दूर की बात लगती है। लेकिन समय बहुत तेजी से निकलता है। आज जो बच्चा गोद में है, वही 15-20 साल बाद इंजीनियरिंग, मेडिकल, MBA या विदेश में पढ़ाई का सपना देख सकता है। ऐसे में अगर आपने समय रहते निवेश शुरू नहीं किया, तो एक साथ बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं होगा।

यहीं से एक सवाल शुरू होता है। अगर आपके पास आज ₹2 लाख हैं, तो क्या उन्हें एक साथ निवेश कर देना चाहिए? या हर महीने ₹2,000 की SIP शुरू करना ज्यादा समझदारी होगी? दोनों के अपने फायदे हैं। आइए आसान भाषा और कैलकुलेशन से समझते हैं।

SIP और लंपसम में क्या अंतर है?

SIP यानी सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान में आप हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं। इससे निवेश की आदत बनती है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी कुछ हद तक संतुलित हो जाता है।

वहीं लंपसम में पूरी रकम एक साथ निवेश की जाती है। अगर निवेश लंबी अवधि का हो, तो पूरी रकम पहले दिन से ही कंपाउंडिंग का फायदा उठाने लगती है।

इसे उदाहरण से समझिए

अब मान लीजिए आपका बच्चा अभी छोटा है और आप उसके भविष्य के लिए निवेश शुरू करना चाहते हैं। दो विकल्प हैं। हर महीने ₹2,000 की SIP करें या आज ही ₹2 लाख का लंपसम निवेश कर दें। मान लेते हैं कि दोनों निवेशों पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है।

15, 20 और 25 साल में कितना बनेगा पैसा?

निवेश का तरीका15 साल20 साल25 साल
₹2,000 की SIP का अनुमानित फंड₹10.09 लाख₹19.98 लाख₹37.95 लाख
आपका कुल SIP निवेश₹3.60 लाख₹4.80 लाख₹6.00 लाख
₹2 लाख का लंपसम निवेश₹10.95 लाख₹19.29 लाख₹34.00 लाख
लंपसम में अनुमानित मुनाफा₹8.95 लाख₹17.29 लाख₹32.00 लाख

नोट: यह कैलकुलेशन 12% सालाना अनुमानित रिटर्न पर आधारित है। म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं। इसलिए वास्तविक रिटर्न इससे कम या ज्यादा हो सकता है।

दोनों रिटर्न में अंतर क्यों दिखता है?

15 साल में ₹2 लाख का लंपसम, ₹2,000 की SIP से थोड़ा आगे दिखता है। लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, SIP का फंड बड़ा होता जाता है। इसकी वजह यह नहीं है कि SIP का रिटर्न ज्यादा है, बल्कि इसलिए क्योंकि SIP में हर महीने नया पैसा भी जुड़ता रहता है।

उदाहरण के लिए, 25 साल में SIP के जरिए आपने कुल ₹6 लाख निवेश किए हैं। वहीं, लंपसम में सिर्फ ₹2 लाख लगाए हैं। इसलिए दोनों की तुलना करते समय सिर्फ अंतिम रकम नहीं, बल्कि कुल निवेश को भी ध्यान में रखना चाहिए।

अगर आज ₹2 लाख पड़े हैं…

अब मान लीजिए आपको बोनस मिला है। कोई जमीन बिकी है। या FD मैच्योर हुई है। अगर इस पैसे की अगले 20-25 साल तक जरूरत नहीं है, तो उसे बैंक खाते में पड़ा रहने देने से बेहतर है कि लंबी अवधि के लिए निवेश कर दिया जाए। इससे पूरा पैसा पहले दिन से ही आपके लिए काम करना शुरू कर देगा।

अगर हर महीने बचत करना आसान है…

हर परिवार के पास ₹2 लाख एक साथ नहीं होते। लेकिन ₹2,000 महीने निकालना कई लोगों के लिए मुमकिन होता है। ऐसे में SIP बेहतर विकल्प है। इससे घर का बजट भी नहीं बिगड़ता और धीरे-धीरे अच्छा फंड तैयार हो जाता है।

अगर दोनों कर सकते हैं तो?

मान लीजिए आपके पास ₹2 लाख भी हैं और हर महीने ₹2,000 बचाने की क्षमता भी है। ऐसे में दोनों का फायदा उठाया जा सकता है।

आज ₹2 लाख निवेश कर दीजिए। फिर अगले महीने से ₹2,000 की SIP भी शुरू कर दीजिए। इससे एक तरफ बड़ी रकम लंबे समय तक कंपाउंड होगी और दूसरी तरफ हर महीने नया निवेश भी जुड़ता रहेगा।

सबसे बड़ा रोल समय निभाता है

अक्सर लोग सही म्यूचुअल फंड ढूंढने में महीनों लगा देते हैं, लेकिन निवेश शुरू नहीं करते। जबकि सच यह है कि अच्छे फंड से भी ज्यादा ताकत समय में होती है।

अगर बच्चा अभी 3 साल का है और आपने आज निवेश शुरू कर दिया, तो आपके पास 15 से 20 साल का समय है। यही समय छोटी-छोटी रकम को बड़े फंड में बदल देता है।

इसलिए अगर आज आप सोच रहे हैं कि अगले साल से शुरू करेंगे, तो शायद वही सबसे महंगी गलती होगी। चाहे शुरुआत ₹2,000 महीने से करें या ₹2 लाख एक साथ लगाएं, सबसे जरूरी बात यह है कि शुरुआत जितनी जल्दी होगी, भविष्य उतना ही आसान हो सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

40 लाख की भारतीय सैलरी या 1.90 लाख डॉलर की अमेरिकी कमाई? परचेजिंग पावर को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

भारत और अमेरिका की सैलरी और खर्च को लेकर सोशल मीडिया पर किया गया एक पोस्ट काफी वायरल हो रहा है। पोस्ट में कहा गया कि, भारत में सालाना 40 लाख रुपये कमाने वाले व्यक्ति की लाइफस्टाइल अमेरिका में 1.90 लाख डॉलर सालाना कमाने वाले व्यक्ति जैसी होती है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं लोग इस पोस्ट पर कई लोग कमेंट कर रहे हैं। लोगों ने घर, कार, हेल्थकेयर और रोजमर्रा के खर्चों को लेकर अपने-अपने तर्क दिए।

व्यक्ति ने किया पोस्ट

सूरज कुमार तलरेजा नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अगर आप भारत में सालाना 40 लाख रुपये (40 LPA) कमा रहे हैं, तो आपकी लाइफस्टाइल लगभग वैसी ही है जैसी अमेरिका में सालाना 1,92,000 डॉलर कमाने वाले व्यक्ति की होती है।” उन्होंने आगे लोगों से ये भी कहा कि वे टैक्स को लेकर सोशल मीडिया पर बेवजह शिकायत करना बंद करें।

यूजर ने किया कमेंट

इस दावे पर नवीन नेगी नाम के एक अन्य यूजर ने आपत्ति जताई। उनके मुताबिक, इस तरह की तुलना करते समय भारत और अमेरिका की परचेजिंग पावर और घर-कार जैसी बड़ी संपत्तियों की कीमतों में मौजूद बड़े अंतर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने X पर लिखा, “अगर आप कभी अमेरिका में नहीं रहे हैं, तो इस तरह की बेवकूफी भरी बातें नहीं करनी चाहिए।” इसके बाद उन्होंने दोनों देशों में घरों और कारों की कीमतों का भी उदाहरण दिया।

3 लाख डॉलर में घर खरीद सकते हैं

नवीन नेगी ने लिखा, “सिर्फ जानकारी के लिए बता दूं कि अगर अमेरिका में आपकी सालाना आय 1.90 लाख डॉलर है, तो आज भी ऑस्टिन जैसे शहर में करीब 3 लाख डॉलर में 3BHK कॉन्डोमिनियम खरीदा जा सकता है। वहीं लगभग 50 हजार डॉलर में BMW 3 सीरीज का बेस मॉडल मिल जाता है, जो 1.90 लाख डॉलर की सालाना कमाई का करीब एक-चौथाई हिस्सा है।”

भारत में घर खरीदना मुश्किल

नवीन नेगी ने आगे कहा कि अगर भारत में किसी व्यक्ति की सालाना आय 40 लाख रुपये से बढ़ाकर 80 लाख रुपये भी कर दी जाए, तब भी कई टियर-1 शहरों में आराम से दो बेडरूम का फ्लैट खरीदना आसान नहीं होगा। उन्होंने लिखा, “मान लीजिए भारत में किसी की सालाना कमाई 40 लाख रुपये की जगह 80 लाख रुपये हो जाए, तब भी देश के किसी बड़े टियर-1 शहर में आसानी से 2BHK फ्लैट खरीदना मुश्किल है। वहीं भारत में BMW 3 सीरीज की कीमत करीब 80 लाख रुपये या उससे अधिक है, जो एक साल की आय से लगभग दोगुनी बैठती है।”

 

नेगी ने कहा कि उनकी तुलना सिर्फ घरों और कारों तक सीमित नहीं है। उन्होंने लिखा, “मैंने अभी कम ब्याज दरों, सस्ती लीज की सुविधाओं, क्रेडिट कार्ड का बकाया दूसरे कार्ड में ट्रांसफर करने जैसी सुविधाओं और कई अन्य बातों का जिक्र भी नहीं किया है, जो अमेरिका में लोगों की खरीदने की क्षमता को और मजबूत बनाती हैं। इसके अलावा, अमेरिका में सरकारी स्कूलों की शिक्षा भी अच्छी गुणवत्ता की होती है और लगभग मुफ्त होती है।”

लोगों ने दिया मजेदारा रिएक्शन

इस बहस ने सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान खींचा और बड़ी संख्या में यूजर्स ने अपनी-अपनी राय रखी। एक यूजर ने लिखा, “बेंगलुरु में किसी अच्छी सोसाइटी में 3BHK फ्लैट की कीमत 2 करोड़ रुपये से कम नहीं है। अगर आप साल में 10 लाख रुपये भी बचाते हैं, तो बिना ब्याज जोड़े सिर्फ घर खरीदने में ही 20 साल लग जाएंगे।” एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “आप सिर्फ चीजों की कीमतों की तुलना कर रहे हैं। क्या अमेरिका में 1.90 लाख डॉलर सालाना कमाने वाला व्यक्ति फुल-टाइम घरेलू मदद रख सकता है? वहां सेवाएं काफी महंगी हैं।”

Video: चेहरा काला किया, बिच्छू बूटी से रगड़ा… छेड़छाड़ के आरोपियों के साथ गांव वालों ने किया ऐसा व्यवहार, वीडियो वायरल

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में सामने आई एक घटना ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है। यहां छेड़छाड़ के आरोपों का सामना कर रहे दो युवकों को पुलिस के हवाले करने से पहले ग्रामीणों द्वारा दी गई कथित सजा का वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में दोनों युवकों के चेहरे काले किए गए और उन्हें बिच्छू बूटी से रगड़ते हुए देखा गया। इस घटना के बाद लोगों के बीच महिलाओं की सुरक्षा, अपराधियों पर कार्रवाई और कानून हाथ में लेने जैसे मुद्दों को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने ग्रामीणों के गुस्से को सही ठहराया, तो कुछ ने सार्वजनिक सजा देने के तरीके पर सवाल उठाए। मामले ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय को जन्म दे दिया है।

सतौली गांव में सामने आया मामला

जानकारी के मुताबिक, यह घटना नैनीताल के मुक्तेश्वर क्षेत्र के सतौली गांव की बताई जा रही है। आरोप है कि मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो युवकों ने गांव से गुजरते समय स्थानीय लड़कियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद ग्रामीणों और संबंधित महिलाओं ने दोनों को रोक लिया।

वायरल वीडियो में दिखा ग्रामीणों का गुस्सा

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोगों की भीड़ दोनों युवकों के आसपास नजर आई। आरोपियों के चेहरे काले किए गए थे और उन्हें चप्पलों से पीटते हुए भी देखा गया। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें बिच्छू बूटी से रगड़ा, जो त्वचा पर तेज जलन और खुजली पैदा करने के लिए जानी जाती है। बाद में दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर बंटे लोगों के विचार

वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई यूजर्स ने महिलाओं के सम्मान के खिलाफ होने वाले व्यवहार पर सख्ती की बात करते हुए ग्रामीणों के कदम का समर्थन किया। कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ा संदेश जाना जरूरी है।

कुछ लोगों ने उठाए कानून हाथ में लेने पर सवाल

वहीं, कई यूजर्स ने इस तरह की सार्वजनिक सजा पर सवाल भी उठाए। उनका कहना था कि उत्पीड़न एक गंभीर अपराध है और दोषियों पर कार्रवाई पुलिस और कानून के जरिए होनी चाहिए। लोगों ने पूछा कि क्या किसी भी स्थिति में भीड़ को खुद सजा देने का अधिकार मिलना चाहिए?

घटना ने छेड़ी न्याय और भीड़ की कार्रवाई पर बहस

इस मामले ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, अपराधों पर कार्रवाई और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी है। जहां कुछ लोग इसे अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश बता रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि न्याय की प्रक्रिया कानून के दायरे में ही होनी चाहिए।

एक साल में 1.14 रुपये करोड़ इनकम टैक्स जमा किया, फिर शख्स ने ऐसा क्यों कहा कि कमाई अपनी नहीं लगती

एक साल में 1.14 रुपये करोड़ इनकम टैक्स जमा किया, फिर शख्स ने ऐसा क्यों कहा कि कमाई अपनी नहीं लगती

एक शख्स की सोशल मीडिया पोस्ट ने देश में टैक्स व्यवस्था और टैक्सपेयर्स की उम्मीदों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। दावा किया गया कि उसने इस साल 1.14 करोड़ रुपये इनकम टैक्स जमा किया, जिसके बाद उसने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि कई बार ईमानदार टैक्स देने वालों को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा सिस्टम में जाता हुआ महसूस होता है। उसकी पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने टैक्स भुगतान, सरकारी सुविधाओं और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी।

कई यूजर्स का कहना है कि टैक्स देश के विकास के लिए जरूरी है, लेकिन बदले में बेहतर सेवाएं और पारदर्शिता भी मिलनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि बड़े योगदान देने वाले ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए अलग सुविधाओं या प्रोत्साहन पर भी विचार किया जा सकता है।

टैक्स समरी शेयर कर बताई अपनी परेशानी

X पर वायरल हुई पोस्ट में शख्स ने अपनी टैक्स समरी का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें भारी टैक्स भुगतान का दावा किया गया है। उसने कहा कि ईमानदारी से टैक्स देने वाले लोगों की परेशानियों और उनकी अपेक्षाओं पर अक्सर कम चर्चा होती है, जबकि वे देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देते हैं।

विदेश से ऑफर मिले, फिर भी भारत में रहने का फैसला

शख्स ने बताया कि उसे अमेरिका से नौकरी के ऑफर भी मिले थे, लेकिन उसने अपने बुजुर्ग माता-पिता की वजह से भारत में रहने का फैसला किया। हालांकि, उसका कहना है कि ज्यादा टैक्स देने वाले कई लोग यह महसूस करते हैं कि उनकी आवाज उतनी प्रभावी तरीके से नहीं सुनी जाती।

टैक्स और सुविधाओं को लेकर छिड़ी बहस

उसकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर टैक्स व्यवस्था, सरकारी सुविधाओं और टैक्सपेयर्स को मिलने वाली सेवाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि ज्यादा योगदान देने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं और अधिक जवाबदेही क्यों नहीं मिलनी चाहिए।

यूजर्स बोले- टैक्स जरूरी है, लेकिन जवाबदेही भी होनी चाहिए

एक यूजर ने लिखा कि टैक्स देश के विकास के लिए जरूरी हैं, लेकिन टैक्स देने वालों को बदले में बेहतर सेवाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही भी मिलनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए कुछ विशेष सुविधाओं या रियायतों पर विचार किया जाना चाहिए।

ईमानदार टैक्सपेयर्स बनाम सिस्टम पर बहस

कुछ यूजर्स ने अपनी निजी परेशानियां भी साझा कीं। एक यूजर ने कहा कि नौकरीपेशा लोग अपनी आय और खर्चों पर लगातार टैक्स देते हैं, जबकि कुछ व्यवसायी अपनी वास्तविक आय के हिसाब से उतना टैक्स नहीं देते। इस पोस्ट ने एक बार फिर टैक्स व्यवस्था में समानता और जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज कर दी है।

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Petrol Diesel Price Today: सुबह 6 बजे जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए भाव, चेक करें लेटेस्ट रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 02 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।