Share Market Fall: डे-हाई से Sensex टूटा 600 प्वाइंट्स, Nifty आया 22600 के नीचे

Share Market Fall: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज मिला-जुला रुझान दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी रेड से ग्रीन और ग्रीन से रेड जोन में झूलने लगे। एक तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली सुस्त होने और टैक्सेशन में राहत की उम्मीद इसे ऊपर ले जाने की कोशिश में है तो दूसरी तरफ मुनाफावसूली और तेल की महंगाई इसे नीचे खींच रही। हालांकि शुरुआती सुस्ती के बाद सेंसेक्स डे-हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 22600 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की बढ़त है।

फिलहाल 01:07 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 313.37 प्वाइंट्स यानी 0.43% की गिरावट के साथ 72,720.41 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.45 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 22,605.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 161.48 प्वाइंट्स चढ़कर 73,195.26 तक पहुंचा था लेकिन शुरुआती हल्की उठा-पटक के बाद यह एक तरफ फिसलता चला गया और डे-हाई से प्वाइंट्स टूटकर 616.51 प्वाइंट्स गिरकर 72,578.75 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी पहले 36.00 प्वाइंट्स चढ़कर 22,757.95 तक पहुंचा जिससे यह 199.00 प्वाइंट्स फिसलकर 22,558.95 तक आ गया।

किन वजहों से मार्केट आ रहा नीचे

मुनाफावसूली

एक कारोबारी दिन पहले मार्केट में शानदार रौनक रही। सेंसेक्स और निफ्टी डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुए। ऐसे में ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली से मार्केट पर दबाव बना और यह नीचे फिसलने लगा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 13 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने लगातार 13वें दिन खरीदारी से अधिक बिकवाली की। 13 अक्टूबर मंगलवार को FIIs ने करीब ₹1305 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

तेल की कीमतों में उछाल

हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच लड़ाई ने सप्लाई की चिंताएं बढ़ाई हैं और कच्चे तेल में उबाल आया तो मार्केट में इसकी आंच महसूस हुई। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $107 के करीब पहुंच गया।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में उछाल से मार्केट पर दबाव बढ़ा है। फिलहाल यह 2.33% की तेजी के साथ 14.45 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

किन वजहों से मार्केट को मिल रहा सपोर्ट

LTCG और STT पर सरकार के नजरिए से सपोर्ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पर सभी पक्षों की राय सुनना चाहेगी। इसने मार्केट में जोश भर दिया। वित्त मंत्री ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सरकार किन सुझावों पर विचार करेगी।

RBI की कोशिशों से FIIs की बिकवाली सुस्त

विदेशी निवेशकों ने लगातार 13वें दिन घरेलू मार्केट में बिकवाली की। हालांकि जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि करेंसी मार्केट में सट्टेबाजी को रोकने के लिए आरबीआई के उपायों से पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में रुपये में 1.5% की मजबूती आई है, जिससे मार्केट में FIIs की बिकवाली को काफी कम करने में मदद मिली है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक बुलिश रुझान के लिए निफ्टी को 22,750 के पार जाना होगा। कोटक नियो के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि निफ्टी/सेंसेक्स के लिए 22,480/72,500 अहम सपोर्ट लेवल है और ऊपर की तरफ 22,850/73,500 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा है। श्रीकांत के मुताबिक 22,850/73,500 के ऊपर सफल ब्रेकआउट के बाद मार्केट 23,000/74,000 की तरफ बढ़ सकता है लेकिन अगर नीचे की तरफ 22,480/72,500 का लेवल टूटटा है तो बिकवाली की आंधी चल सकती है।

चॉइस ब्रोकिंग का कहना है कि नियर टर्म में आउटलुक पॉजिटिव है लेकिन उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक पिछले कारोबारी सत्र में जबरदस्त रिकवरी से मार्केट का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली इस दबाव भी डाल रही है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है लेकिन बीच-बीच में प्रॉफिट बुकिंग से मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: फटाफट चेक करें पूरी लिस्ट; Hero Motors, Lemon Tree, BoB और Hyundai समेत 17 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 83.00 प्वाइंट्स यानी 0.36% की फिसलन के साथ 22,767.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 13 अक्टूबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 1109.10 प्वाइंट्स यानी 1.54% की बढ़त के साथ 73,073.88 और निफ्टी भी 358.60 प्वाइंट्स यानी 1.60% की मजबूती के साथ 22,721.95 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Hero Motors Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हीरो मोटर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 115.3% बढ़कर ₹10.2 करोड़ और रेवेन्यू 24.9% उछलकर ₹319.3 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Elxsi Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा एलेक्सी का प्रॉफिट 10% बढ़कर ₹170.3 करोड़ और रेवेन्यू 15% उछलकर ₹1,055.7 करोड़ पर पहुंच गया।

SS Retail Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एसएस रिटेल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 59.4% बढ़कर ₹23.7 करोड़ और रेवेन्यू 58.6% उछलकर ₹789 करोड़ पर पहुंच गया।

Anand Rathi Share and Stock Brokers Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 50.3% बढ़कर ₹41.9 करोड़ और रेवेन्यू 20.3% उछलकर ₹273.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Transformers and Rectifiers India Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 135.3% बढ़कर ₹79.8 करोड़ और रेवेन्यू 60.7% उछलकर ₹739.4 करोड़ पर पहुंच गया।

GTPL Hathway Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीटीपीएल हाथवे ₹9.2 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट से ₹90 लाख के घाटे में आ गई तो लेकिन रेवेन्यू 19.2% उछलकर ₹1,143.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Den Networks Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर डेन नेटवर्क्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3.7% बढ़कर ₹36.5 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन रेवेन्यू 3.7% फिसलकर ₹232.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Zydus Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने जाइडस लाइफसाइंसेज की अहमदाबाद के मोरैया में स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की जांच की। 5-13 अक्टूबर तक चली जांच के बाद पांच ऑब्जर्वेशंस जारी हुए हैं।

Hyundai Motor India

हुंडई मोटर ग्रुप ने भारत के लिए एक बड़ी निवेश योजना का ऐलान किया है, जिसके तहत 2026 और 2032 के बीच $1550 करोड़ का निवेश होगा।

Bharat Electronics Ltd (BEL)

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को 17 सितंबर से ₹533 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर्स कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, एवियोनिक्स, साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशन, ड्रोन, जैमर, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, अपग्रेड, स्पेयर पार्ट्स और सर्विस से जुड़े हैं।

SBI Funds Management

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के बोर्ड ने आर एस श्रीनिवास जैन को 13 अक्टूबर से ज्वाइंट सीईओ नियुक्त किया है।

Bank of Baroda

यूएई एक्सचेंज और एनएमसी हेल्थकेयर ग्रुप के फाउंडर बीआर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा समेत 26 से $1500 करोड़ का हर्जाना मांगा है। उनका आरोप है कि सरकारी बैंक और उसके कुछ अधिकारी ग्रुप की कंपनियों से जुड़े फर्जीवाड़े में शामिल थे और उन गारंटी के आधार पर उनके खिलाफ दावे किए, जिन पर उन्होंने कभी साइन नहीं किए थे। उन्होंने मुकदमा दायर करने की तारीख से लेकर पेमेंट या वसूली की तारीख तक हर्जाने पर सालाना 18% की दर से ब्याज भी मांगा है।

Hindustan Oil Exploration Company

हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी के बोर्ड ने देबब्रत दास को 16 अक्टूबर से सीएफओ नियुक्त किया है। मौजूदा सीएफओ ने निजी कारणों से 15 अक्टूबर से CFO पद छोड़ने का फैसला किया है, लेकिन वह कंपनी के वित्तीय सलाहकार की भूमिका में कंपनी से जुड़े रहेंगे।

Adani Enterprises

अदाणी एंटरप्राइजेज ने देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर इक्विपमेंट बनाने और एसेंबली को लेकर जैबिल के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर बनाएगी, जिसके लिए नॉन-बाइंडिंग एमओयू हुआ है।

Polycab India

NCLAT (नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल), नई दिल्ली ने NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ), अहमदाबाद के 7 अक्टूबर के उस आदेश पर रोक लगा दी है और उसे फिलहाल टाल दिया है, जिसमें एसियर मेटल्स की IBC (इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड) के तहत पॉलीकैब इंडिया के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार करने और CIRP (कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस) शुरू करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला ₹2.79 करोड़ के ऑपरेशनल डेट से जुड़ा है।

Ujjivan Small Finance Bank

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के बोर्ड की 16 अक्टूबर को बैठक में कारोबारी नतीजे के साथ-साथ इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए फंड जुटाने पर भी विचार करेगा।

Lemon Tree Hotels

लेमनट्री होटल्स ने अपने होटल पोर्टफोलियो को बढ़ाते हुए ‘कीज सेलेक्ट बाय लेमन ट्री होटल्स’ की साइनिंग का ऐलान किया है। यह प्रॉपर्टी फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट के तहत ऑपरेट होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज़, केनरा बैंक, बजाज कंज्यूमर केयर, भेल, आदित्य बिड़ला मनी, सिएट, एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी, एमवी फोटोवोल्टिक पावर, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो), सोनासेलेक्शन इंडिया, टाटा टेक्नोलॉजीज, लीला पैलेस होटल्स एंड रिसॉर्ट्स

एक्स-डिविडेंड: टीसीएस, वेदांता

एक्स-राइट्स: कॉन्टिनेंटल कंट्रोल्स

एक्स-इनकम डिस्ट्रीब्यूशन: एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट

F&O बैन: अंबुजा सीमेंट्स, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty 4-5 महीने में 26000-26500 पर होगा, एक्सपर्ट ने किया बड़ा दावा

आप क्या शेयरों से निवेश निकालने या सिप बंद करने के बारे में सोच रहे हैं? यह गलती आपको जोरदार मुनाफा कमाने से रोक सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने निफ्टी के लिए 26,000-26,500 का टारगेट दिया है। उसका कहना है कि अगले 4-5 महीनों में निफ्टी नया ऑल-टाइम हाई बना सकता है। 13 अक्टूबर को निफ्टी 1.60 फीसदी चढ़कर 22,721 पर बंद हुआ।

भारत को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलेगा

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के सीईओ गौरव भंडारी को उम्मीद है कि वैश्विक आर्थिक स्थितियां जल्द बदलेंगी। इसके बाद बाजार में रिकवरी शुरू होगी। उन्होंने अमेरिका में बॉन्ड यील्ड घटने, डॉलर में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी की उम्मीद जताई। इससे भारतीय बाजार में तेजी आएगी। ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी के लिए जो टारगेट दिया है, उसका मतलब है कि सूचकांक करीब 17 फीसदी चढ़ सकता है।

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड जल्द घटने की उम्मीद 

भंडारी का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड मौजूदा लेवल पर लंबे समय तक नहीं रह सकती। अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.35 फीसदी तक पहुंच गई है। इस साल यील्ड 110 बेसिस प्वाइंट्स उछली है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी यील्ड में गिरावट आने पर विदेशी निवेश भारतीय बाजार में आएगा। डॉलर के भी कमजोर होने की उम्मीद है। इन दोनों वजहों से विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव आएगा।

भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की शॉर्ट पोजीशन

उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में फ्यूचर्स में काफी शॉर्ट पोजीशन बनाई है। वैश्विक स्थितियां बदलते ही उन्हें शॉर्ट कवरिंग करनी पड़ सकती है। उन्होंने निवेशकों को बाजार से दूरी बनाने की जगह अच्छी क्वालिटी के शेयरों में निवेश की सलाह दी। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अपनी खरीदारी से बाजार को काफी सहारा दिया है। अगर आगे भारतीय बाजार को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलता है तो बाजार में बड़ी तेजी दिख सकती है।

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बीते एक साल में निफ्टी करीब 10 फीसदी गिरा है

बीते एक साल में निफ्टी और सेंसेक्स में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। इससे शेयरों में निवेश करने वाले लोग निराश हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों में निवेश करने वाले लोग भी मायूस हैं, क्योंकि उनका पैसा इस दौरान बढ़ने की जगह घटा है। बाजार में रिकवरी आने पर उन निवेशकों को बड़ा फायदा होगा, जिन्होंने गिरावट के बीच भी सिप से अपना निवेश जारी रखा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Share Market Rally: 5 वजहों से 700 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex, आईटी सेक्टर की रौनक में Nifty पहुंचा 22600 के पास

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और इकनॉमिक ग्रोथ आउटलुक में अपग्रेड ने घरेलू स्टॉक मार्केट में आज शानदार रौनक बिखेरी। इस माहौल में सेंसेक्स 693 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी ने फिर से 22500 का लेवल हासिल किया और 22600 के करीब पहुंचा। हालांकि ब्रोडर लेवल पर मार्केट में मिला-जुला रुझान है और स्मॉलकैप स्पेस में बिकवाली का काफी दबाव है। निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो दूसरी तरफ निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1% की गिरावट है।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:55 AM पर सेंसेक्स 692.86 प्वाइंट्स यानी 0.96% की बढ़त के साथ 72,617.54 और निफ्टी भी 213.10 प्वाइंट्स यानी 0.95% के उछाल के साथ 22,576.45 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 696.23 प्वाइंट्स चढ़कर 72,620.91 और निफ्टी 217.80 प्वाइंट्स उछलकर 22,581.15 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से मार्केट को सपोर्ट मिला है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 4.40% की तेजी के साथ 14.58 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी

IMF (इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड) ने अपनी अक्टूबर की वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक में अनुमान लगाया है कि इस वित्त वर्ष 2027 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.4% की बजाय 7% की रफ्तार से बढ़ेगी। आईएमएफ के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज एक्टिविटी से इसे वैश्विक स्तर पर आर्थिक उथल-पुथल से संभलने में मदद मिली।

IT Stocks का शानदार सपोर्ट

सेक्टरवाइज आज मार्केट को आईटी सेक्टर का शानदार सपोर्ट मिला है, जिसका निफ्टी इंडेक्स 3% से अधिक उछल पड़ा। इसे एफएमसीजी और रियल्टी से भी मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जिनके निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक मजबूत हुए हैं। निफ्टी पीएसयू बैंक करीब 1% और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब आधे फीसदी ऊपर चढ़ा है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब निफ्टी 22,300 के ऊपर है, इसमें रिकवरी की पूरी गुंजाइश है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Buy: 73% तक रिटर्न दे सकते हैं ये 5 शेयर, ब्रोकरेज ने खरीदने की सलाह दी

Stocks to Buy: लगातार आठ हफ्तों तक बिकवाली के दबाव में रहने के बाद भारतीय शेयर बाजार में पिछले कारोबारी हफ्ते तेजी लौटी। Nifty 50 में 0.44% और Sensex में 0.78% की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, ग्लोबल अनिश्चितता, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों और RBI के ब्याज दर बढ़ाने से बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।

इस बीच, ब्रोकरेज फर्मों ने कई शेयरों पर खरीदने की सलाह दी है। इनमें मेटल, ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग और एंटरटेनमेंट सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस और दिए गए मौजूदा भाव के आधार पर इन पांच शेयरों में करीब 46% से 73% तक तेजी की संभावना है।

इन 5 शेयरों में कितनी तेजी की संभावना?

कंपनीमौजूदा शेयर भावटारगेट प्राइससंभावित तेजी
Shyam Metalics₹1,062.80₹1,55045.84%
Mahindra & Mahindra₹2,792₹4,26052.58%
PVR Inox₹1,331₹2,13560.41%
TCI Express₹467₹77064.88%
HDFC Bank₹708.20₹1,22572.97%

Shyam Metalics

मेटल कंपनी Shyam Metalics पर UBS ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 24% बढ़ाकर 1,550 रुपये कर दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 1,062.80 रुपये है। इस हिसाब से इसमें करीब 45.84% तेजी की संभावना है।

UBS को कंपनी की विस्तार योजनाओं और ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स पर बढ़ते फोकस से ग्रोथ की उम्मीद है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी अपनी परियोजनाओं को इंडस्ट्री के औसत से कम लागत और कम समय में पूरा कर सकती है। इससे क्षमता बढ़ाने और निवेश पर बेहतर रिटर्न हासिल करने में मदद मिल सकती है।

Mahindra & Mahindra

ऑटोमोबाइल कंपनी Mahindra & Mahindra के शेयर पर Citi ने खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने 4,260 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 2,792 रुपये है। इस आधार पर इसमें करीब 52.58% तेजी की संभावना है।

Citi को कंपनी के पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल और थ्री-व्हीलर कारोबार में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, सितंबर तिमाही में कंपनी की कुल गाड़ियों की बिक्री सालाना आधार पर 15.7% बढ़ सकती है। पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 26%, कमर्शियल व्हीकल में 17.8% और थ्री-व्हीलर में 38.7% बढ़ोतरी का अनुमान है।

हालांकि, ट्रैक्टर की बिक्री में 5.6% गिरावट की आशंका है। बढ़ती कमोडिटी लागत और प्रोडक्ट मिक्स से मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। Citi को रेवेन्यू में 26.7% बढ़ोतरी की उम्मीद है, जबकि EBITDA में 1.8% गिरावट का अनुमान है।

PVR Inox

एंटरटेनमेंट कंपनी PVR Inox पर CLSA ने ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 2,135 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 1,331 रुपये है। इस हिसाब से इसमें करीब 60.41% तेजी की संभावना है।

CLSA को हिंदी, क्षेत्रीय भाषाओं और हॉलीवुड फिल्मों की बेहतर रिलीज से सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर लगातार कंटेंट देखने से दर्शकों में थकान बढ़ रही है। ऐसे में लोग फिर से सिनेमाघरों में फिल्म देखने का रुख कर सकते हैं।

PVR Inox के पास करीब 1,800 स्क्रीन हैं। कंपनी ने छोटे शहरों में स्मार्ट स्क्रीन के विस्तार के लिए 300 जगहों की पहचान की है। CLSA को उम्मीद है कि इस विस्तार से कंपनी को ग्रोथ मिलेगी। बेहतर कैश जनरेशन और हाल में किए गए शेयर बायबैक को भी ब्रोकरेज ने अपने आकलन में शामिल किया है।

TCI Express

लॉजिस्टिक्स कंपनी TCI Express पर Jefferies ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 770 रुपये रखा है। शेयर का मौजूदा भाव 467 रुपये है। इसके आधार पर इसमें करीब 64.88% तेजी की संभावना है।

Jefferies को कंपनी के शिपमेंट वॉल्यूम में सुधार की उम्मीद है। इससे ट्रकों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और कमाई बढ़ सकती है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 10% और EBITDA 8% बढ़ सकता है।

हालांकि, मिडिल ईस्ट में तनाव से कारोबारी गतिविधियों पर असर पड़ने का जोखिम है। Jefferies के मुताबिक, शिपमेंट वॉल्यूम में रिकवरी जारी रहने पर कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कमाई को फायदा मिल सकता है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank पर Emkay ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 1,225 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 708.20 रुपये है। इस आधार पर इसमें करीब 72.97% तेजी की संभावना है।

Emkay का मानना है कि लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन के कारण बैंक का वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर आ गया है। शेयर में रिकवरी के लिए बैंक को अपने मुख्य कारोबार में सुधार दिखाना होगा। डिपॉजिट जुटाने और लोन ग्रोथ में प्रगति से निवेशकों का भरोसा लौट सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होने या उनका रुख बदलने से भी शेयर को सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, वैल्यूएशन में दोबारा बढ़ोतरी बैंक के कारोबारी प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।

Stocks to Watch: 12 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 शेयर, बैंकिंग स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

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DMart का शेयर, Q2 नतीजे के बाद होगा रिकवर या इस बात पर आएगा और नीचे?

DMart Share Price: डीमार्ट की पैरेंट कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स (Avenue Supermarts Share Price) के शेयर एक कारोबारी दिन पहले खरीदारी के माहौल में भी इंट्रा-डे में टूटकर एक साल के निचले स्तर पर आ गए थे। सितंबर तिमाही के नतीजे आने से पहले की इसके शेयरों की गिरावट अब नतीजे आने के बाद थमेगी या नहीं, इसका खुलासा अब 12 अक्टूबर को मार्केट खुलने पर होगा। सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा 8% से अधिक तो रेवेन्यू 17% से अधिक बढ़ गया लेकिन मार्जिन घट गया तो अब शेयरों पर नजर रहेगी। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 9 अक्टूबर को बीएसई पर यह ₹3520.00 पर बंद हुआ था।

इंट्रा-डे में यह 2.78% टूटकर एक साल के निचले स्तर ₹3,499.90 तक आ गया था। वहीं घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो शुक्रवार को सेंसेक्स (Sensex) 879.09 प्वाइंट्स यानी 1.22% की बढ़त के साथ 72.472.33 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 288.65 प्वाइंट्स यानी 1.29% के उछाल के साथ 22,520.45 पर बंद हुआ था।

DMart की Avenue Supermarts के लिए कैसी रही सितंबर तिमाही

एवेन्यू सुपरमार्ट्स का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 8.5% उछलकर ₹743.5 करोड़ पर पहुंच गया।

10 अक्टूबर को एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 17.8% बढ़कर ₹19,644 करोड़ पर पहुंच गया।

ऑपरेटिंग लेवल पर ईबीआईटीडी भी इस दौरान 15% बढ़कर ₹1,394 करोड़ हो गया लेकिन मार्जिन 7.3% से 7% पर आ गया।

डीमार्ट के ब्रिक-एंड-मोर्टार बिजनेस को लेकर कंपनी के एमडी और सीईओ अंशुल अश्व का कहना है कि दो या इससे पुराने स्टोर्स की संख्या सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 6.8% से बढ़कर 9.5% हो गई

सितंबर तिमाही में कंपनी ने 15 नए स्टोर खोले और अब इसके कुल 518 स्टोर्स हो गए। इसमें नवी मुंबई का वह स्टोर भी है, जो फिलहाल रीकंस्ट्रक्शन के चलते ग्राहकों के लिए बंद है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

डीमार्ट के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 17 अप्रैल 2026 को बीएसई पर यह एक साल के हाई 4,642.00 पर था। इस हाई लेवल से छह ही महीने में 24.60% टूटकर 9 अक्टूबर 2026 को ₹3,499.90 पर आ गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

GDP ग्रोथ रेट 7% से ज्यादा, फिर लगातार क्यों गिर रहा भारत का शेयर बाजार?

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GDP ग्रोथ रेट 7% से ज्यादा, फिर लगातार क्यों गिर रहा भारत का शेयर बाजार?

भारतीय शेयर बाजारों में लगातार गिरावट ने इनवेस्टर्स को तगड़ी चोट पहुंचाई है। एक तरफ जहां शेयरों में सीधे पैसे लगाने वाले लोग मायूस हैं तो दूसरी तरफ म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में हर महीने सिप से इनवेस्ट करने वाले लोग चिंतित है। पिछले करीब दो साल में उनका पैसा बढ़ने की जगह घटा है। अब इनवेस्टर्स का धैर्य टूटने लगा है। इस हफ्ते के मध्य में निफ्टी गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया। ऐसे में उनके मन में एक सवाल चल रहा है। इनवेस्टर्स यह जानना चाहते हैं कि जब दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी है तो हमारा बाजार क्यों गिर रहा है?

भारत की जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी से ऊपर 

भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट इसलिए भी परेशान कर रही है, क्योंकि देश की जीडीपी की ग्रोथ अच्छी है। यह 7 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। अर्थव्यवस्था को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं दिख रही है। देश का मुद्रा भंडार मजबूत स्थिति में है। सरकार का फिस्कल डेफिसिट अनुमान के मुताबिक है। इकोनॉमी में डिमांड अच्छी है। इसकी तस्दीक हर महीने जीएसटी कलेक्शन के डेटा से हो जाती है। डायरेक्ट टैक्स कलेक्शंस के डेटा भी सामान्य हैं। बैंकिंग सेक्टर की क्रेडिट ग्रोथ बेहदत है। तीन साल से ज्यादा समय के बाद आरबीआई ने इंटरेस्ट रेट बढ़ाया है। इसका मतलब है कि अब तक इंटरेस्ट रेट ज्यादा नहीं था। किसी इकोनॉमी की स्थिति ऐसी होने पर शेयर बाजारों में अच्छी तेजी दिखती है। लेकिन, भारत का शेयर बाजार चढ़ने की जगह गिर रहा है।

दुनिया के कई बड़े शेयर बाजारों में शानदार तेजी 

दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजारों में भी बीते एक साल में अच्छी आई है। अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस (Dow Jones) इंडस्ट्रियल एवरेज ने बीते एक साल में 13.58 फीसदी रिटर्न दिया है। दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने इस साल 83 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। यहां तक कि लंदन स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक FTSE ने भी बीते एक साल में करीब 12 फीसदी रिटर्न दिया है। लेकिन, बीते एक साल में भारतीय शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों Nifty और Sensex में  बड़ी गिरावट आई है। निफ्टी जहां करीब 11 फीसदी फिसला है, वही सेंसेक्स 12 फीसदी से ज्यादा लुढ़का है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार को पहुंचाई चोट

भारतीय बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली है। बीते कई सालों से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं। पिछले दो सालों में यह बिकवाली काफी बढ़ी है। 2026 में FIIs की शुद्ध बिक्री 4.41 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रही है। बर्नस्टीन की रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार में नया निवेश करने की कोई वजह नहीं दिखती। यह रिपोर्ट सितंबर के तीसरे हफ्ते में आई थी। अगर बीते दो सालों की बात की जाए तो FIIs ने भारतीय बाजार से करीब 40 अरब डॉलर निकाले हैं। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) खासकर म्यूचुअल फंडों ने इस दौरान लगातार निवेश किया है, जिससे बाजार को बड़ा सहारा मिला है।

महंगे वैल्यूएशंस की वजह से विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली

FIIs की भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली की दो बड़ी वजहें हैं। पहला, भारतीय शेयरों की वैल्यूएशंस पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ गई थी। निफ्टी और सेंसेक्स की वैल्यूएशंस अपनी लंबी अवधि की औसत वैल्यूएशंस से काफी आगे निकल गई थी। इसका मतलब है कि भारतीय शेयर बाजार काफी महंगा हो गया था। इस वैल्यूएशन को जस्टिफाई करने करने के लिए कंपनियों की अर्निंग्स में तेज उछाल की जरूरत थी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, जून तिमाही से कंपनियों की अर्निंग्स में इम्प्रूवमेंट दिखा है। लेकिन, इससे निफ्टी की वैल्यूएशन घटकर करीब 19 फीसदी पर आ गई है। यह पिछले साल 23 फीसदी तक पहुंच गई थी। दुनिया के कई दूसरे देशों के बाजारों के मुकाबले भारतीय बाजार की वैल्यूएशन अब भी ज्यादा है।

भारतीय बाजार में एआई और सेमीकंडक्टर स्टॉक्स का अभाव

दूसरा, भारतीय बाजार में एआई से जुड़ी कंपनियां मौजूद नहीं हैं। पिछले दो सालों में उन बाजारों में ज्यादा तेजी आई है, जहां सीधे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियां मौजूदा हैं। इनमें पहले नंबर पर अमेरिका है। एशिया में दक्षिण कोरिया और ताइवान है। विदेशी निवेशकों ने एआई और सेमीकंडक्टर्स से जुड़ी कंपनियों में जमकर निवेश किए हैं। इसके लिए उन्होंने भारत जैसे बाजारों से अपने पैसे निकाले हैं। इस निवेश से एआई और सेंमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी आई है। इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि Nvidia का मार्केट कैपिटलाइजेशन 6 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह भारत की जीडीपी से ज्यादा है। Nvidia का शेयर एक साल में 25 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। यही हाल दक्षिण कोरिया में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों का है। विदेशी निवेशक उसी बाजार में निवेश करते हैं, जहां उन्हें ज्यादा प्रॉफिट की उम्मीद दिखती है।

अमेरिका और ईरान की लड़ाई ने बढ़ाया दबाव

इस साल फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान की लड़ाई शुरू हुई। इसका असर क्रूड ऑयल के उत्पादन पर पड़ा। क्रूड की सप्लाई घटने से इसकी कीमतें आसमान में पहुंच गईं। पिछले कई दिनो से ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चल रहा है। यह भारत जैसे देश के लिए अच्छा नहीं है, क्योंकि भारत क्रूड की अपनी 85 फीसदी जरूरत इंपोर्ट से पूरी करता है।

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क्रूड में उछाल का इकोनॉमी पर पड़ रहा असर 

क्रूड में उछाल से सरकार का इंपोर्ट बिल बढ़ा है। इससे डॉलर के मुकाबले रुपये पर भी दबाव बढ़ा है। रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब आ गया है। महंगे क्रूड की वजह से इस साल ऑयल मार्केटिंग कंपनियां चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा चुकी हैं। इसका असर आम आदमी की खर्च करने की क्षमता पर पड़ रहा है। क्रूड का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों की उत्पादन लागत भी बढ़ी है। इससे शेयर बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है।

न सेटअप बिगड़ा, न मार्केट चकमा दिया… फिर भी एक ही दिन में गंवा दिए ₹61 लाख! गलती ऐसी की हैरान रह जाएंगे आप

Stock Market Viral Story: शेयर बाजार के F&O सेगमेंट से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ट्रेडर को न तो खराब टेक्निकल चार्ट्स की वजह से नुकसान हुआ और न ही बाजार की चाल ने उसे चकमा दिया, बल्कि एक छोटी सी चूक की वजह से उसके ₹61 लाख साफ हो गए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मयंक राज नाम के इस ट्रेडर ने अपनी आपबीती साझा करते हुए लिखा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि देर तक सो जाना मुझे इतना महंगा पड़ जाएगा।’ दरअसल, 9 अक्टूबर को समय पर नींद न खुलने की वजह से वे अपना स्टॉप-लॉस नहीं लगा सके और एक झटके में उनका लाखों की पोजीशन लाल निशान में चला गया।

मयंक ने अपनी पोस्ट में बताया कि, ‘कल मैंने कॉल ऑप्शंस शॉर्ट किए थे, लेकिन आज सुबह मैं समय पर नहीं उठ सका। जब मैं आखिरकार उठा और अपनी ओपन पोजीशन चेक की, तो मुझे बहुत बड़ा नुकसान हो चुका था। यह नुकसान मेरे ट्रेड सेटअप की गलती से ज्यादा अनुशासन की कमी के कारण हुआ। अगर मैं समय पर उठ जाता, तो अपने तय स्टॉप-लॉस के अनुसार ₹15-20 लाख के आसपास नुकसान सीमित करके बाहर निकल जाता।’

कैसे हुआ नुकसान और कैसे रिकवर हुए 10 लाख?

ट्रेडर ने अपने X अकाउंट पर अपने ट्रेडिंग डैशबोर्ड का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिसमें 13 अक्टूबर की एक्सपायरी वाले Nifty 22,000 Call को शॉर्ट करने पर ₹71 लाख का घाटा दिखाई दे रहा था। वैसे उसने उसी एक्सपायरी के Nifty 22,500 Call को खरीदकर ₹10 लाख का मुनाफा कमाया, जिससे उसका कुल शुद्ध नुकसान घटकर ₹61 लाख रह गया।

मयंक ने आगे लिखा, ‘लेकिन कोई बात नहीं। मैंने पिछले हफ्ते कुछ अच्छा मुनाफा कमाया था, हालांकि इस नुकसान ने अब मेरे अक्टूबर महीने के कुल P&L को लाल निशान में धकेल दिया है। देखते हैं बाकी महीना कैसा रहता है। अब मेरा ध्यान धीरे-धीरे रिकवरी करने, अनुशासित रहने और अक्टूबर को हरे निशान में बंद करने पर होगा। मैं अपनी यह यात्रा आपके साथ साझा करता रहूंगा।’

सोशल मीडिया पर नेटीजंस ने दी ये सलाह

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूजर्स और अनुभवी ट्रेडर्स ने मयंक को भविष्य में BTST ट्रेड्स से बचने की सलाह दी। यूजर्स ने कहा कि ओवरनाइट पोजीशन ले जाते समय सिस्टम में पहले से स्टॉप लॉस सेट कर देना चाहिए, ताकि खुद मौजूद न रहने पर भी भारी नुकसान से बचा जा सके। एक X यूजर ने लिखा कि 8 अक्टूबर को जब निफ्टी 1.5% गिरा था, तब इतने निचले स्तर पर मार्केट को शॉर्ट करना ही एक बड़ी गलती थी।

9 अक्टूबर को कैसी रही बाजार की चाल

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 9 अक्टूबर को बढ़त के साथ बंद हुए और पिछले 25 वर्षों में अपनी सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट की श्रृंखला को तोड़ दिया। Nifty 50 1.3% की बढ़त के साथ 22,520.45 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Sensex 1.23% उछलकर 72,472.33 के स्तर पर पहुंचा।

बाजार में इस रिकवरी की मुख्य वजह आईटी (IT) शेयर रहे। दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मजबूत तिमाही नतीजों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कमाई में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में मजबूत वृद्धि ने शेयर बाजार की बढ़त की कमान संभाली।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty फिर से 22500 लेवल के पार, एनालिस्ट्स से जानिए बाजार में इस तेजी के जारी रहने की कितनी संभावना है

शेयर बाजारों में 9 अक्टूबर को जोरदार रिकवरी आई। इससे निफ्टी ने फिर से 22,500 का हासिल कर लिया। इस रिकवरी में क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी, आईटी शेयरों में तेजी और सस्ते भाव पर शेयरों की खरीदारी का हाथ है। 1 बजे निफ्टी 1.23 फीसदी यानी 272 अंक चढ़कर 22,504 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.17 फीसदी यानी 836 अंक के उछाल के साथ 72,437 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 1.22 फीसदी की तेजी दिखी। सवाल है कि क्या तेजी टिकाऊ हैं?

निफ्टी के लिए 22,600 के लेवल पर रेसिस्टेंस

बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पबित्रो मुखर्जी ने कहा, “निफ्टी अगर 8 अक्टूबर के 22,180 के ऊपर बना रहता है तो इसकी रेंज 22,180-22,600 होगी। 22,600 पर इसे रेसिस्टेंस का सामना करना होगा। गिरावट की स्थिति में यह 22,000 की तरफ बढ़ेगा और 2025 के 21,750 के निचले स्तर तक जा सकता है।”

रेसिस्टेंस लेवल के ऊपर टिके रहने पर आएगी तेजी

उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर को मजबूत शुरुआत के बावजूद मार्केट का स्ट्रक्चर सावधानी वाला है। रिकवरी के लिए निफ्टी का रेसिस्टेंस लेवल से ऊपर टिके रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तब तक तेजी पर बिकवाली का एप्रोच सही रहेगा। रेसिस्टेंस लेवल के करीब बाजार पर सेलिंग प्रेशर दिख सकता है।

22,500 के बाद सेंटीमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के गौरव उदानी ने कहा कि अगर तेजी में निफ्टी 22,500 को पार कर जाता है तो बाजार के सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है, जिससे शॉर्ट-कवरिंग देखने को मिल सकती है। लेकिन, गिरावट की स्थिति में निफ्टी के 22,100 के नीचे जाने पर फिर से कमजोरी दिख सकती है। उन्होंने कहा कि ट्रेडर्स को सावधान रहने की जरूरत है। ओपनिंग गैप के पीछे भागने से बचना ठीक रहेगा। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

डे ट्रेडर्स को इस सपोर्ट जोन का ध्यान रखने की सलाह

कोटक नियो के हेड (इक्विटी रिसर्च) श्रीकांत चौहान ने कहा, “डे ट्रेडर्स के लिए 22,200/71,500 और 22,150/71,300 अगले सपोर्ट जोन होंगे। इन लेवल से नीचे जाने पर सेलिंग प्रेशर बढ़ सकता है। ऐसे में निफ्टी गिरकर 22,000-21,750 तक आ सकता है। सेंसेक्स 70,800-70,000 तक गिर सकता है।”

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सपोर्ट लेवल टूटने पर फिर से बिकवाली शुरू हो सकती है

उन्होंने कहा कि तेजी की स्थिति में 22,300-22,400/71,800-72,100 अगले रेसिस्टेंस जोन होंगे। इस रेंज के ऊपर तेजी जारी रहने पर 22,500/72,500 की तरफ इंट्राडे पुलबैक दिख सकता है। सपोर्ट लेवल टूटने पर फिर से बिकवाली के लिए रास्ता खुल सकता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Nifty ने 52 हफ्ते का निचला स्तर तोड़ा, पूरे एशिया के शेयर बाजारों में कोहराम, सिंगापुर में सबसे ज्यादा गिरावट

शेयर बाजारों में गुरुवार यानी 8 अक्टूबर को कोहराम मच गया। भारत सहित एशियाई शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बाजार का सेंटिमेंट कमजोर था। लेकिन, अचानक इतनी बड़ी गिरावट की उम्मीद किसी ने नहीं की थी। अचानक मंदड़ियों ने बाजार को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया।

निफ्टी आईटी छोड़ सभी सूचकांक फिसले

Nifty 3:20 बजे 1.71 फीसदी यानी 387 अंक गिरकर 22,216 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.62 फीसदी यानी 1177 अंक गिरकर 71,461 अंक पर था। बैंक निफ्टी में भी 1.04 फीसदी की गिरावट आई। बाजार में गिरावट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि Nifty IT को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में थे। लेकिन, सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी मेटल इंडेक्स में आई। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट दिखी।

एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट 

आज की गिरावट के दायरे में पूरे एशियाई बाजार आ गए। सबसे ज्यादा गिरावट सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज के स्ट्रेट टाइम्स में देखने को मिला। यह 3.49 फीसदी फिसला। दक्षिण कोरिया शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक कोस्पी में 2.62 फीसदी की गिरावट आई। जापान के निक्केई, हांगकांग के हैंगसेंग और चीन के शंघाई कंपोजिट में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। इससे यह संकेत मिलता है कि आज आई गिरावट किसी एक देश के शेयर बाजार तक सीमित नहीं है।

अमेरिकी शेयर बाजारों में 7 अक्टूबर को आई थी गिरावट 

अमेरिकी शेयर बाजारों में 7 अक्टूबर को गिरावट आई थी। इसका असर 8 अक्टूबर को भारत सहित दूसरे एशिया बाजारों पर दिखा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की पिछली मीटिंग के मिनट्स के आने से पता चलता है कि फेड इस महीने के आखिर में अपनी मीटिंग में इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला ले सकता है। इस वजह से बुधवार को अमेरिकी बाजार में गिरावट आई। इसके अलावा 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड हाई लेवल पर बनी हुई है।

क्रूड में 4 फीसदी से ज्यादा उछाल ने बाजार पर बढ़ाया दबाव 

क्रूड की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड 4 फीसदी से ज्यादा के उछाल के साथ 104 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकल गया है। WTI क्रूड में भी 4 फीसदी से ज्यादा तेजी दिखी। इससे यह 91 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया। माना जा रहा है कि इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ेगी। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू करेंगे। इससे लंबे समय तक इंटरेस्ट रेट हाई लेवल पर बना रह सकता है। इसका असर ग्रोथ पर पड़ सकता है।