Viral Video: मुरथल में इंसान नहीं रोबोट परोस रहे पराठे, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

मुरथल अपने पराठों और ढाबों के लिए जाना जाता है। वहीं हाल ही में मुरथल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। लेकिन इस बार अपने पराठों की वजह से नहीं बल्कि रोबोट वेटर की वजह से। मुरथल के रेशम ढाबा में रोबोट वेटर ग्राहकों की टेबल तक खाना पहुंचा रहा है। रोबोट को खाना सर्व करते देखकर लोग काफी एक्साईटेड हैं और उसका वीडियो भी बना रहे हैं। इस नई पहल ने पारंपरिक ढाबे के माहौल में आधुनिक तकनीक का नया रंग जोड़ दिया है।

कैसे करता है सर्व

रेस्टोरेंट में रोबोट वेटर लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जैसे ही रोबोट खाना लेकर टेबल तक पहुंचता है, कस्टमर उसका वीडियो बनाने लगते हैं और सेल्फी भी लेते हैं। बच्चों को ये रोबोट खास तौर पर पसंद आ रहा है। अब यहां लोगों को स्वादिष्ट खाना खाने के साथ रोबोट को देखना भी एक नया और मजेदार अनुभव मिल रहा है। रेस्टोरेंट में रोबोट के जरिए खाना पहुंचाने की प्रक्रिया भी काफी सरल है। ऑर्डर तैयार होने के बाद कर्मचारी खाने की ट्रे रोबोट पर रख देते हैं।

इसके बाद रोबोट अपने सिस्टम की मदद से सही रास्ते से ग्राहक की टेबल तक पहुंच जाता है। इसे सॉफ्टवेयर के साथ रिमोट से भी कन्ट्रोल किया जा सकता है, इसलिए जरूरत पड़ने पर रेस्टोरेंट का स्टाफ तुरंत इसकी मदद कर सकता है।

एक बार चार्ज पर दो घंटे चलता है रोबोट

रेस्टोरेंट में इस्तेमाल हो रहा यह रोबोट देखने में काफी आधुनिक है। इसका शरीर फाइबर से तैयार किया गया है और इसमें एलईडी लाइट्स लगी हैं, जो इसे अलग लुक देती हैं। इसकी आंखों में लगी लाल रोशनी लोगों का ध्यान खास तौर पर खींचती है। रेस्टोरेंट के अनुसार, एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद रोबोट करीब दो घंटे तक काम कर सकता है। खास बात यह है कि ग्राहकों से रोबोट के जरिए खाना पहुंचाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।

मैनेजर ने क्या कहा

रेशम ढाबा के मैनेजर संजय के मुताबिक, रेस्टोरेंट ग्राहकों को खाने के साथ कुछ नया और मनोरंजक अनुभव देना चाहता था। उन्होंने IANS से कहा, “यह एक ऐसा कॉन्सेप्ट है, जिसमें रोबोट और ट्रेन दोनों शामिल हैं और मुरथल में यह अपने आप में नया है। यहां सभी ढाबे अच्छा खाना परोसने की कोशिश करते हैं, इसलिए हमने सोचा कि ग्राहकों के लिए कुछ अलग किया जाए। इसी सोच के साथ हमने खाने के साथ मनोरंजन जोड़ने के लिए रोबोट और ट्रेन का कॉन्सेप्ट शुरू किया।” सोशल मीडिया पर ये काफी वायरल हो रहा है।

Asian Games में मुख्य खिलाड़ियों को आराम देकर युवा टीम भेजेगा अफगानिस्तान

अफगानिस्तान ने दरविश रसूली की अगुवाई में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेल 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में युवा खिलाड़ियों के साथ नजीबुल्लाह ज़दरान और करीम जनत जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल हैं। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की राष्ट्रीय चयन समिति ने टीम के अधिकतर खिलाड़ी हाल ही में खत्म हुई 11वीं शपागीजा क्रिकेट लीग से चुना हैं। नियमित कप्तान राशिद खान और रहमानुल्लाह गुरबाज और अज़मतुल्लाह ओमरजई जैसे अहम खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा नहीं होंगे।

एशियाई खेल 24 सितंबर से तीन अक्टूबर तक होने हैं। इससे ठीक एक सप्ताह पहले, अफ़गानिस्तान की टीम तीन मैचों की टी-20 सीरीज़ के लिए भारत का दौरा करेगी। वहीं, टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज मोहम्मद अकरम ने शपागीजा क्रिकेट लीग में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम में जगह बनाई है। उन्होंने आठ पारियों में 339 रन बनाए, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल थे। ऑलराउंडर इस्मत आलम को भी टूर्नामेंट में उनके अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है। उन्होंने 294 रन बनाए और नौ विकेट लिए, जिसके लिए उन्हें एससीएल का ‘बेस्ट प्लेयर’ अवॉर्ड मिला।

विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद इशाक, हसन ईसाखिल, खालिद तानीवाल और इमरान मीर टीम में शामिल अन्य युवा खिलाड़ियों में से हैं, जबकि नजीबुल्लाह और जनत अंतरराष्ट्रीय अनुभव लेकर आए हैं।

अफगानिस्तान एशियाई खेलों की टीम इस प्रकार है:- दरविश रसूली (कप्तान), मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर), मोहम्मद अकरम, हसन ईसाखिल, खालिद तानिवाल, इमरान मीर, फैसल खान शिनोजादा, नजीबुल्लाह जादरान, फरमानुल्लाह सफी, इस्मत आलम, करीम जनत, नांग्याल खरोती, अरब गुल मोमंद, फरीदून दाऊदजई और अब्दुल्ला अहमदजई।

Dividend Stocks: RVNL और HUDCO समेत 4 सरकारी कंपनियां दे रहीं डिविडेंड का तोहफा, जानिए रिकॉर्ड डेट समेत पूरी डिटेल

Dividend Stocks: अगले हफ्ते डिविडेंड पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। HUDCO, NBCC, RVNL और Mazagon Dock Shipbuilders समेत चार सरकारी कंपनियां 17 से 20 अगस्त के बीच एक्स-डिविडेंड होने जा रही हैं। इन चारों कंपनियों ने जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे भी जारी किए हैं। कहीं मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी हुई है तो कहीं रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

HUDCO

सरकारी हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी HUDCO 17 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ने ₹1.50 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है।

इस सरकारी कंपनी का जून तिमाही में नेट प्रॉफिट 35% बढ़कर ₹851 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 26.6% बढ़कर ₹3,717 करोड़ पहुंच गया। बेहतर लोन ग्रोथ और मजबूत एसेट क्वालिटी ने कंपनी के नतीजों को सहारा दिया।

NBCC

सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC (India) भी 17 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ₹0.15 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड दे रही है।

NBCC का जून तिमाही में नेट प्रॉफिट 17.2% बढ़कर ₹154.83 करोड़ रहा। हालांकि, रेवेन्यू 5.6% घटकर ₹2,259.53 करोड़ पर आ गया। इसके बावजूद कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक आगे के कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

RVNL

सरकारी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RVNL 18 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ने ₹0.71 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

इस सरकारी कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 18.5% बढ़कर ₹159 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹4,321 करोड़ पहुंच गया। EBITDA में भी मजबूत बढ़त दर्ज हुई, जिससे ऑपरेटिंग प्रदर्शन बेहतर रहा।

Mazagon Dock Shipbuilders

सरकारी डिफेंस शिपबिल्डिंग कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders 20 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी अपने शेयरधारकों को ₹4.62 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देगी।

जून तिमाही में मझगांव डॉक का नेट प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹549.41 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹2,942.70 करोड़ हो गया। EBITDA में करीब 48% की बढ़त और बेहतर मार्जिन ने तिमाही प्रदर्शन को मजबूत बनाया।

एक नजर में पूरी लिस्ट

कंपनीडिविडेंडEx-Date
HUDCO₹1.5017 अगस्त
NBCC₹0.1517 अगस्त
RVNL₹0.7118 अगस्त
Mazagon Dock₹4.6220 अगस्त

डिविडेंड पाने के लिए क्या करना होगा?

डिविडेंड का फायदा लेने के लिए निवेशकों के पास Ex-Date से पहले संबंधित कंपनी के शेयर डीमैट खाते में होने चाहिए। भारत में T+1 सेटलमेंट नियम लागू है, इसलिए एक्स-डेट वाले दिन शेयर खरीदने पर डिविडेंड का लाभ नहीं मिलेगा। आपको एक दिन पहले ही शेयर खरीदना होगा।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹45 का डिविडेंड, 27 अगस्त रिकॉर्ड डेट; कीमत 6 महीनों में 20% चढ़ी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: डिफेंस कंपनी का मुनाफा 466% उछला, रेवेन्यू भी लगभग दोगुना; शेयरों पर रहेगी नजर

PTC Industries Q1 Results: लखनऊ की डिफेंस और इंजीनियरिंग कंपनी PTC Industries ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर पांच गुने से ज्यादा बढ़कर ₹29.19 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹5.16 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी 97.4% बढ़कर ₹191.80 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹97.15 करोड़ था।

EBITDA में 180% की छलांग

PTC Industries का EBITDA 180% बढ़कर ₹54.21 करोड़ हो गया। पिछले साल जून तिमाही में यह ₹19.35 करोड़ था। हालांकि, कंपनी के कुल खर्च भी 62.6% बढ़कर ₹160.37 करोड़ हो गए।

मार्च तिमाही की तुलना में कंपनी का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा। नेट प्रॉफिट 51.3% घटा, जबकि रेवेन्यू में करीब 15% की गिरावट आई। हालांकि, कुल खर्च पिछली तिमाही के मुकाबले 2.8% कम रहे।

डिफेंस ऑर्डर से मिला सहारा

Q1 नतीजों से पहले कंपनी को जुलाई में कानपुर की गन फैक्ट्री से दो बड़े आर्टिलरी गन कंपोनेंट्स के डेवलपमेंट ऑर्डर मिले थे। इससे डिफेंस कारोबार में कंपनी की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है।

PTC Industries का कारोबार

PTC Industries डिफेंस, ऑयल एंड गैस, LNG, शिपिंग और एयरोस्पेस जैसे अहम सेक्टरों के लिए हाई-परफॉर्मेंस मेटल कास्टिंग और इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी ऐसे प्रोडक्ट्स तैयार करती है, जिनका इस्तेमाल क्रिटिकल और सुपर-क्रिटिकल एप्लिकेशन में होता है।

शेयरों का हाल

नतीजों से पहले शुक्रवार को PTC Industries का शेयर 0.35% की गिरावट के साथ ₹19,100 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 8.66% चढ़ा है। वहीं, एक साल में इसने करीब 39% और तीन साल में करीब 247% का रिटर्न दिया है।

Stocks to Watch: सोमवार 17 अगस्त को 20 शेयरों पर रहेगी नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: सोमवार 17 अगस्त को 20 शेयरों पर रहेगी नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार, 17 अगस्त को बाजार खुलते ही कई शेयरों में तगड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। कुछ कंपनियों ने मजबूत तिमाही नतीजे दिए हैं, तो कुछ पर बड़े ऑर्डर, ब्लॉक डील और रेगुलेटरी अपडेट का असर रह सकता है। डिफेंस, बैंकिंग, रियल एस्टेट, FMCG और इंजीनियरिंग समेत कई सेक्टर फोकस में रहेंगे। ऐसे में इन 20 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard के नतीजे कमजोर रहे। नेट प्रॉफिट 27.7% घटकर ₹135.8 करोड़ रह गया। रेवेन्यू और EBITDA में भी गिरावट दर्ज हुई। कमजोर प्रदर्शन का असर शेयर पर पड़ सकता है।

Reliance Industries

तेल-टेलीकॉम से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक कारोबार करने वाली Reliance Industries ने ब्रिटेन की एयरोस्पेस कंपनी Rolls-Royce के साथ बड़ा समझौता किया है। दोनों कंपनियां भारत के AMCA फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए स्वदेशी कॉम्बैट इंजन विकसित करने पर काम करेंगी। इसके लिए भारत में एक एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स बनाने की भी योजना है, जो पावर और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा।

Voltas

एयर कंडीशनर और होम एप्लायंसेस बनाने वाली टाटा ग्रुप की कंपनी Voltas ने मजबूत तिमाही नतीजे दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹140 करोड़ से बढ़कर ₹214 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 19% बढ़कर ₹4,674 करोड़ पहुंच गया। बेहतर नतीजों से शेयर में हलचल दिख सकती है।

Max Estates

रियल एस्टेट कंपनी Max Estates का पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट 30% घटकर ₹8.35 करोड़ रह गया। रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा और 0.85% बढ़कर ₹51.91 करोड़ पहुंचा। वहीं, EBITDA 41.6% गिरकर ₹8.12 करोड़ रहा। हालांकि पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी ने घाटे से मुनाफे में वापसी की है।

Texmaco Rail & Engineering

रेलवे और इंजीनियरिंग कंपनी Texmaco Rail & Engineering ने अपनी डिफेंस सब्सिडियरी Texmaco Defence Technologies में ₹200 करोड़ तक के निवेश के लिए समझौता किया है। पहले चरण में ₹100 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करके लगाए जाएंगे। बाकी ₹100 करोड़ इक्विटी, डेट या अन्य वित्तीय साधनों के जरिए निवेश किए जाएंगे।

BEML

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BEML को मॉरीशस से 6.65 मिलियन डॉलर (करीब ₹63.5 करोड़) का एक्सपोर्ट ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी BE220G हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर अफ्रीका के कई देशों में सप्लाई करेगी। ऑर्डर की शुरुआत सिएरा लियोन में पायलट डिप्लॉयमेंट से होगी।

Ather Energy

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy के शेयरधारकों ने ₹1,200 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दे दी है। इससे पहले कंपनी ₹1,300 करोड़ का QIP भी पूरा कर चुकी है। दोनों को मिलाकर कंपनी ने करीब ₹2,500 करोड़ जुटाए हैं।

NMDC Steel

सरकारी स्टील कंपनी NMDC Steel ने पहली तिमाही में मजबूत ग्रोथ दिखाई। नेट प्रॉफिट 97.6% बढ़कर ₹50.51 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 8.8% बढ़कर ₹3,661.84 करोड़ पहुंचा। बेहतर नतीजों से निवेशकों की नजर रहेगी।

Embassy Office Parks REIT

रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट Embassy Office Parks REIT में Bain Capital की इकाई APAC Company XXIII Limited ने ब्लॉक डील लॉन्च की है। बेस ऑफर के तहत 4.42% हिस्सेदारी वाले 4.19 करोड़ यूनिट करीब ₹1,802 करोड़ में बेचे जाएंगे। अपसाइज विकल्प जोड़ने पर डील का आकार करीब ₹2,298 करोड़ तक पहुंच सकता है।

Patanjali

FMCG कंपनी पंतजलि ने शानदार तिमाही प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा ₹180 करोड़ से बढ़कर ₹336 करोड़ हो गया। इसके साथ FY27 के लिए ₹0.80 और FY26 के लिए ₹1.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान भी किया है।

IndusInd Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक IndusInd Bank पर RBI ने ₹59.20 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई नियमों के पालन में कमी के चलते हुई है। बैंक पर ब्याज दर और सिक्योरिटाइजेशन नियमों के उल्लंघन का मामला है।

PhysicsWallah

एडटेक कंपनी PhysicsWallah का घाटा कम हुआ है। नेट लॉस ₹120.5 करोड़ से घटकर ₹77.6 करोड़ रह गया। यानी कंपनी ने घाटे में करीब ₹42.9 करोड़ की कमी दर्ज की है।

PB Fintech

इंश्योरेंस और फिनटेक कंपनी PB Fintech की सब्सिडियरी Policybazaar को IRDAI से शो-कॉज नोटिस मिला है। यह नोटिस पिछले निरीक्षण के दौरान की गई टिप्पणियों से जुड़ा है। कंपनी ने तय समय में जवाब देने की बात कही है।

Dr. Reddy’s Laboratories

फार्मा कंपनी Dr. Reddy’s Laboratories की हैदराबाद स्थित FTO-3 यूनिट का USFDA निरीक्षण पूरा हो गया है। निरीक्षण के बाद अमेरिकी नियामक ने Form 483 जारी किया है। इसमें चार ऑब्जर्वेशन दर्ज किए गए हैं।

BMW Industries

स्टील प्रोसेसिंग कंपनी BMW Industries ने बेहतर तिमाही नतीजे दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 25.8% बढ़कर ₹19.04 करोड़ हो गया। कुल आय भी 15% बढ़कर ₹176.68 करोड़ पहुंच गई।

NMDC

सरकारी माइनिंग कंपनी NMDC का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2% बढ़कर ₹2,007 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 2.4% बढ़कर ₹6,795 करोड़ रहा। मजबूत प्रदर्शन से शेयर पर नजर रहेगी।

Jupiter Wagons

रेलवे वैगन बनाने वाली कंपनी Jupiter Wagons का मुनाफा 13.6% घटकर ₹28.3 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 46% बढ़कर ₹670.7 करोड़ पहुंचा। EBITDA में भी हल्की बढ़त दर्ज हुई।

Zaggle Prepaid

फिनटेक कंपनी Zaggle Prepaid का नेट प्रॉफिट 33% घटकर ₹17.5 करोड़ रह गया। इसके बावजूद रेवेन्यू 27.5% बढ़कर ₹423 करोड़ हो गया। मिले-जुले नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी।

Borosil

ग्लासवेयर और किचनवेयर कंपनी Borosil का नेट प्रॉफिट 26.4% घटकर ₹13 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 9% बढ़ा, लेकिन EBITDA में गिरावट दर्ज हुई। इससे शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Schneider Electric

इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट कंपनी Schneider Electric के नतीजे कमजोर रहे। नेट प्रॉफिट करीब 70% घटकर ₹12 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू में हल्की बढ़त रही, लेकिन EBITDA और मार्जिन पर दबाव बना रहा।

Stocks to Buy: 5 शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिश, 43% तक रिटर्न मिलने की उम्मीद

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vimal Elaichi विज्ञापन पर फंसे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ! महाराष्ट्र FDA ने भेजा नोटिस

Maharashtra FDA Action: बॉलीवुड के तीन बड़े सुपरस्टार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ विमल इलायची विज्ञापन को लेकर मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने तीनों अभिनेताओं को Vimal Elaichi के विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर ‘शो-कॉज नोटिस’ यानी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA को आशंका है कि यह विज्ञापन प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद Vimal Pan Masala के अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार से जुड़ा हो सकता है।

FDA ने तीनों कलाकारों से विज्ञापन में उनकी भागीदारी और Vimal ब्रांड को जिस तरीके से पेश किया गया है, उसके बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। बताए गए कंज्यूमर प्रोटेक्शन कानूनों के तहत गुमराह करने वाले विज्ञापनों के लिए 10 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। सात ही एंडोर्स करने वालों पर तीन साल तक किसी भी प्रोडक्ट को एंडोर्स करने पर रोक लगाई जा सकती है।

साथ 2022 में एक्टर अक्षय कुमार ने शाहरुख खान और अजय देवगन के साथ विमल इलायची के विज्ञापन में दिखने के बाद आलोचना का सामना करने पर फैंस से माफी मांगी थी। उनकी यह सार्वजनिक माफी तब आई जब सोशल मीडिया यूज़र्स ने कहा कि इस ad को एक्टर द्वारा तंबाकू प्रोडक्ट को प्रमोट करने के तौर पर देखा जा सकता है।

शाहरुख, अजय और टाइगर को कहां भेजा गया नोटिस?

FDA ने एक्टर्स शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विज्ञापन के जरिए राज्य में बैन प्रोडक्ट ‘पान मसाला’ को इनडायरेक्ट रूप से प्रमोट करने के लिए नोटिस जारी किया है। ये तीनों एक्टर्स 2024 में पान मसाला कंपनी ‘विमल’ की इलायची को प्रमोट करने वाले एक विज्ञापन के लिए साथ आए थे। महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी चीफ तुकाराम मुंडे की ओर से 11 अगस्त को जारी शो-कॉज नोटिस में एक्टर्स को तुरंत कैंपेन से हटने और ऐड से जुड़े सभी प्रमोशनल कंटेंट को अपने आखिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से हटाने का निर्देश दिया गया।

NDTV के मुताबिक, मुंडे ने 9 पेज के नोटिस में कहा है, “विज्ञापन की जांच करने पर पहली नजर में ऐसा लगता है कि यह ad ‘विमल’ ब्रांड को प्रमोट करता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है। पान मसाला महाराष्ट्र राज्य में बनाने, स्टोर करने, ट्रांसपोर्ट करने, डिस्ट्रीब्यूट करने और बेचने पर बैन है।” उन्होंने कहा कि विज्ञापन में ‘विमल इलायची’ शब्द का इस्तेमाल इस तरह किया गया है। इससे विमल पान मसाला ब्रांड के साथ जुड़ाव बनता हुआ दिखता है।

‘कंज्यूमर्स गुमराह हो सकते हैं’

इस नोटिस में कहा गया है कि इससे कंज्यूमर्स गुमराह हो सकते हैं। बैन प्रोडक्ट की ब्रांड पहचान को इनडायरेक्ट रूप से बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, इसमें राज्य-व्यापी बैन ऑर्डर का भी जिक्र किया गया है, जो पब्लिक हेल्थ और सेफ्टी नियमों का हवाला देते हुए महाराष्ट्र में पान मसाला बनाने, स्टोर करने, डिस्ट्रीब्यूट करने और बेचने पर सख्ती से रोक लगाता है।

उन्होंने आगे कहा, “अगर इलायची या इसी तरह के प्रोडक्ट के नाम से ‘विमल’ ब्रांड का इस्तेमाल पान मसाला/तंबाकू से जुड़े प्रोडक्ट्स की ब्रांड पहचान और कंज्यूमर्स के आकर्षण को बनाए रखने, मजबूत करने या बढ़ाने के मकसद से किया जाता है, तो ऐसा कम्युनिकेशन सिर्फ एक इंडिपेंडेंट प्रोडक्ट का विज्ञापन नहीं माना जाएगा। बल्कि यह बैन/रिस्ट्रिक्टेड प्रोडक्ट का इनडायरेक्ट या सरोगेट प्रमोशन हो सकता है।”

FDA को किस बात पर है आपत्ति?

ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने सवाल उठाया है कि Vimal Elaichi के नाम से किया गया विज्ञापन कहीं प्रतिबंधित तंबाकू या निकोटीन वाले उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार तो नहीं कर रहा। महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटीन युक्त पान मसाला पर बैन लागू है। ताजा प्रतिबंध 13 जुलाई से प्रभावी हुआ है। यह एक साल तक लागू रहेगा।

10 लाख रुपये तक लग सकता है जुर्माना

महाराष्ट्र FDA ने इस मामले में ‘Food Safety and Standards Act (FSS Act), 2006’ की धारा 24 और धारा 53 का हवाला दिया है। धारा 24 भ्रामक या धोखा देने वाले खाद्य विज्ञापनों से संबंधित है। वहीं, धारा 53 के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के प्रकाशन में शामिल पाए जाने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

FDA ने नोटिस में ‘Food Safety and Standards (Advertising and Claims) Regulations, 2018’ का भी उल्लेख किया है। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। तीनों एक्टर्स से जवाब मांगा गया है। आगे की कार्रवाई उनके जवाब तथा जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

महाराष्ट्र में FDA का बड़ा एक्शन

अभिनेताओं को नोटिस ऐसे समय पर जारी किए गए हैं जब महाराष्ट्र FDA ने गुटखा और तंबाकू या निकोटीन वाले प्रतिबंधित पान मसाला उत्पादों के खिलाफ अभियान तेज कर रखा है। FDA के आंकड़ों के मुताबिक, “25 मई से 31 जुलाई के बीच अधिकारियों ने 658 ठिकानों पर छापेमारी की। इन कार्रवाइयों में करीब ₹15.11 करोड़ का प्रतिबंधित स्टॉक जब्त किया गया।” इस दौरान, 519 FIR दर्ज की गईं और 701 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा प्रतिबंधित उत्पादों के कथित परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 78 वाहन भी जब्त किए गए, जिनमें रखे सामान की कीमत करीब ₹6.6 करोड़ बताई गई।

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पुलिस के साथ मिलकर भी कार्रवाई

FDA का अभियान सिर्फ खाद्य विभाग तक सीमित नहीं है। 12 जून को FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने अधिकारियों को पुलिस के साथ मिलकर ऐसे मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। यहां प्रतिबंधित गुटखा, तंबाकू या निकोटीन वाले पान मसाला उत्पादों का कारोबार संगठित नेटवर्क के जरिए किया जा रहा हो। इन मामलों में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA), 1999 के प्रावधानों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने को भी कहा गया था।

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Meerut Viral Video: सामान डिलीवरी में 5 मिनट की हुई देरी तो भड़क गया शख्स, फ्लैट में बंद कर एजेंट की पिटाई

मेरठ के एक अपार्टमेंट में ऑर्डर पहुंचाने में सिर्फ पांच मिनट की देरी को लेकर ब्लिंकइट के डिलीवरी एजेंट और एक दंपति के बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि डिलीवरी एजेंट के साथ मारपीट की गई। घटना के सीसीटीवी फुटेज में डिलीवरी एजेंट को खींचकर फ्लैट के अंदर ले जाते और उसके साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है।

मेरठ की है घटना

यह घटना 14 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के गंगानगर स्थित गंगा हाइट्स अपार्टमेंट में हुई। जानकारी के मुताबिक, अमित नाम का डिलीवरी एजेंट ऑर्डर पहुंचाने के लिए अपार्टमेंट आया था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसे रोक लिया। दोनों के बीच पहले बहस हुई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि उस व्यक्ति ने अमित का मोबाइल फोन छीन लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

CCTV वीडियो आया सामने 

सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आरोपी व्यक्ति डिलीवरी एजेंट को फ्लैट के अंदर ले जाने से पहले उसे थप्पड़ मारता और लात मारता है। अमित इस दौरान अपना मोबाइल फोन वापस मांगता हुआ भी नजर आता है, लेकिन आरोप है कि व्यक्ति ने उसका फोन लौटाने से इनकार कर दिया। घटना के दौरान एक महिला भी फ्लैट से बाहर आती हुई दिखाई देती है। फुटेज में मारपीट जारी रहती है और डिलीवरी एजेंट परिसर के अंदर ही मौजूद रहता है।

आरोपी दंपति के खिलाफ FIR दर्ज

घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस को मामले की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने घटना में शामिल लोगों की पहचान की और डिलीवरी एजेंट की शिकायत दर्ज की। सदर देहात के क्षेत्राधिकारी सुधीर सिंह ने बताया कि डिलीवरी एजेंट की लिखित शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ऑर्डर पहुंचाने में करीब पांच मिनट की देरी को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी वजह से डिलीवरी एजेंट के साथ मारपीट की गई।

न बड़ा रेस्टोरेंट, न महंगा खाना… ₹100 की थाली से लाखों की बिक्री, जानें कैसे चल रहा ये कारोबार?

गांव के पास मुख्य सड़क पर मौजूद एक छोटी-सी खाने की दुकान इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। आमतौर पर लोग बड़ी दुकानों और शहरों के कारोबार को ही ज्यादा कमाई वाला मानते हैं, लेकिन इस दुकान की कहानी कुछ अलग तस्वीर दिखाती है। यहां कम कीमत में मिलने वाला खाना और लगातार आने वाले ग्राहक लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। दुकान के मालिक से हुई बातचीत में रोजाना ग्राहकों और टिफिन ऑर्डर को लेकर कुछ ऐसे आंकड़े सामने आए, जिन्हें देखकर सोशल मीडिया यूजर्स भी चर्चा करने लगे।

खास बात यह है कि दुकान किसी बड़े शहर या महंगे बाजार में नहीं, बल्कि गांव के पास स्थित है। इसके बावजूद कारोबार को लेकर सामने आई जानकारी ने छोटे और स्थानीय बिजनेस की क्षमता पर नई बहस छेड़ दी है। आखिर इस छोटी दुकान की कमाई का पूरा गणित क्या है और लोग इसे लेकर इतनी चर्चा क्यों कर रहे हैं? आगे जानिए।

₹100 में मिलती है पूरी थाली

सोशल मीडिया यूजर नलिनी उनागर ने इस दुकान की जानकारी X पर साझा की। पोस्ट के मुताबिक, दुकान पर सिर्फ 100 रुपये में पूरी थाली मिलती है। इसमें दो सब्जियां, रोटी, दाल, चावल, पापड़ और सलाद शामिल हैं। यानी ग्राहक को कम कीमत में काफी कुछ खाने को मिल जाता है। दुकान की यही खासियत इसे आसपास के लोगों के लिए पसंदीदा विकल्प बनाती है।

रोज 25 से ज्यादा लोग खाते हैं खाना

नलिनी उनागर ने दुकान के मालिक से बातचीत में पूछा कि रोज कितने लोग यहां खाना खाते हैं। मालिक के अनुसार, हर दिन 25 से ज्यादा ग्राहक दुकान पर बैठकर खाना खाते हैं। दुकान मुख्य सड़क पर होने के कारण वहां आने-जाने वाले लोगों को भी आसानी से खाना मिल जाता है। यही लोकेशन कारोबार के लिए बड़ा फायदा साबित होती दिखाई दे रही है।

40 से ज्यादा टिफिन ऑर्डर भी

दुकान की कमाई सिर्फ सामने बैठकर खाना खाने वाले ग्राहकों से नहीं होती। मालिक के अनुसार, रोजाना 40 से ज्यादा पक्के टिफिन ऑर्डर भी मिलते हैं। जब दोनों आंकड़ों को जोड़ा जाए तो रोजाना 65 से ज्यादा थाली बिकने का दावा सामने आता है।

गांव में कौन मंगाता है टिफिन?

यह सवाल भी दिलचस्प है कि गांव में टिफिन की जरूरत किसे पड़ती है। मालिक ने बताया कि उनके ग्राहकों में खेतों में काम करने वाले लोग और अकेले रहने वाले बुजुर्ग शामिल हैं। ऐसे लोगों के लिए रोज खाना बनाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए सस्ती और तैयार थाली उनके लिए सुविधाजनक विकल्प बन जाती है।

₹100 की थाली से कितनी कमाई?

अगर रोजाना 65 थाली 100 रुपये के हिसाब से बिकती हैं, तो गणित कुछ ऐसा बनता है:

एक दिन की बिक्री: ₹6,500

30 दिन की बिक्री: ₹1.95 लाख

एक साल की बिक्री: ₹23.4 लाख

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह कुल बिक्री का अनुमान है, मुनाफा नहीं।

दुकान में कर्मचारी भी नहीं रखने पड़ते

पोस्ट के अनुसार, दुकान का खाना मालिक और उनकी पत्नी खुद तैयार करते हैं। इससे कर्मचारियों की सैलरी का अतिरिक्त खर्च बचता है। इतना ही नहीं, मालिक की अपनी खेती भी है और वह वहां सब्जियां उगाते हैं। इससे दुकान के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ सब्जियों की लागत कम हो जाती है।

हर महीने ₹1 लाख से ज्यादा मुनाफे का दावा

सोशल मीडिया पोस्ट में दुकान के 60 फीसदी तक मुनाफे का दावा किया गया। इस हिसाब से हर महीने 1 लाख रुपये से ज्यादा का मुनाफा होने की बात कही गई। लेकिन यही दावा ऑनलाइन बहस का कारण भी बन गया।

मुनाफे के हिसाब पर क्यों उठे सवाल?

कुछ यूजर्स ने कहा कि 1.95 लाख रुपये की मासिक बिक्री का हिसाब तो आसानी से लगाया जा सकता है, लेकिन 1 लाख रुपये से ज्यादा का शुद्ध मुनाफा तय करने के लिए सभी खर्चों को देखना जरूरी है।इन खर्चों में सब्जी और राशन, LPG, बिजली, पैकिंग, खाना खराब होने का नुकसान, डिलीवरी और किराया शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा मालिक और उनकी पत्नी की मेहनत को भी लागत में जोड़ना होगा। इसलिए 60 फीसदी का मुनाफा एक दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी से नहीं होती।

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

इस पोस्ट पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने कहा कि छोटे कारोबार को कम नहीं आंकना चाहिए। उनके मुताबिक, कम कीमत, लगातार ग्राहक और कम खर्च मिलकर छोटे बिजनेस को भी बड़ा बना सकते हैं। कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि भारत में बड़ी संख्या में लोग छोटे और मध्यम स्तर के कारोबार पर निर्भर हैं, इसलिए ऐसी दुकान का सफल होना कोई हैरानी की बात नहीं है।

₹100 में इतनी चीजें, लोगों को लगा शानदार सौदा

कई लोगों ने दुकान की कीमत और खाने की मात्रा की तारीफ भी की। उनका कहना था कि 100 रुपये में इतनी चीजें मिलना ग्राहकों के लिए काफी अच्छा सौदा है। हालांकि, कुछ यूजर्स ने यह भी याद दिलाया कि खाने के कारोबार में कम कीमत के साथ साफ-सफाई और गुणवत्ता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। लंबे समय तक ग्राहक बनाए रखने के लिए स्वाद के साथ हाइजीन भी जरूरी है।

 

दावा- चीनी सामान भारत के रास्ते अमेरिका भेजा जा रहा:टैरिफ से बचने की कोशिश; अमेरिकी रिपोर्ट में पुणे, गुजरात और चेन्नई नेटवर्क का हिस्सा

अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए चीनी प्रोडक्ट्स को भारत के रास्ते अमेरिकी बाजारों में पहुंचाया जा रहा है। यह दावा व्हाइट हाउस की रिपोर्ट ‘द ग्रेट ट्रांसशिपमेंट स्कैम: राइज, स्कोप एंड कॉस्ट्स’ में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन से आने वाले सामान या पार्ट्स को पहले भारत समेत दूसरे एशियाई देशों में भेजा जाता है। वहां उन्हें प्रोसेस, असेंबल या किसी दूसरे प्रोडक्ट में इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद तैयार सामान को अमेरिका निर्यात किया जाता है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि इससे चीन पर लगाए गए टैरिफ से बचने का रास्ता मिल सकता है। रिपोर्ट में इसके लिए दुनिया भर में ट्रेड रूट्स का नेटवर्क बनने की बात कही गई है। भारत के पुणे, गुजरात और चेन्नई को चीन से आने वाले सामान के एक अहम रास्ते के तौर पर बताया गया है। रिपोर्ट में यहां बनने वाले इंडस्ट्रियल पंप और कंप्रेसर में चीनी पार्ट्स का इस्तेमाल होने की संभावना का खास तौर पर जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में रूट नेटवर्क को ‘अग्ली सिस्टर सिटीज’ कहा गया चीनी सामान को तीसरे देशों के जरिए अमेरिका भेजने के लिए इस्तेमाल हो रहे रूट नेटवर्क को रिपोर्ट में ‘अग्ली सिस्टर सिटीज’ कहा गया है। इसका मतलब शहरों की सुंदरता या बदसूरती से नहीं है। यह शब्द अलग-अलग देशों के ऐसे औद्योगिक शहरों के लिए इस्तेमाल किया गया है, जहां एक जैसे प्रोडक्ट बनते हैं और वे अमेरिकी बाजार में एक-दूसरे से मुकाबला करते हैं। भारत के मामले में रिपोर्ट ने पुणे, गुजरात और चेन्नई की तुलना अमेरिका के ओहायो राज्य के सिनसिनाटी, डेटन और कोलंबस से की है। इन अमेरिकी शहरों में भी पंप, कंप्रेसर और दूसरे औद्योगिक सामान का उत्पादन और कारोबार होता है। रिपोर्ट का तर्क है कि अगर तीसरे देशों के जरिए कम टैरिफ पर सामान अमेरिका पहुंचता है, तो वहां के स्थानीय निर्माताओं को नुकसान हो सकता है। अमेरिकी कंपनियों को कम कीमत वाले आयात से मुकाबला करना पड़ सकता है। इसका असर उत्पादन, ऑर्डर और नौकरियों पर भी पड़ सकता है। मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड का भी जिक्र व्हाइट हाउस की रिपोर्ट में सिर्फ भारत का जिक्र नहीं है। इसमें मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड के उन इलाकों का भी जिक्र है, जहां बड़े पैमाने पर सामान बनाया और दूसरे देशों को भेजा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे रास्तों से हर साल अरबों डॉलर का सामान अमेरिकी बाजार तक पहुंच सकता है, जिसमें चीनी पार्ट्स का इस्तेमाल किया गया हो। क्या ये टैरिफ से बचने की कोशिश को साबित करता है? किसी प्रोडक्ट में चीनी पार्ट का इस्तेमाल होना और चीन का सामान सिर्फ भारत के रास्ते अमेरिका भेजना, दोनों अलग बातें हैं। अगर भारत में किसी प्रोडक्ट की असली मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली और उस पर काफी काम हो रहा है, तो उसे सिर्फ चीन का सामान घुमाकर अमेरिका भेजना नहीं माना जा सकता। इसलिए यह देखा जाता है कि प्रोडक्ट बनाने में असल काम और प्रोडक्ट की कीमत में कितना हिस्सा किस देश में तैयार हुआ है। सिर्फ किसी प्रोडक्ट में चीनी पार्ट लगा होने से यह साबित नहीं होता कि टैरिफ से बचने की कोशिश हुई है। आज की ग्लोबल सप्लाई चेन में एक प्रोडक्ट के अलग-अलग पार्ट कई देशों में बनते हैं और उसकी आखिरी असेंबली किसी दूसरे देश में हो सकती है। अमेरिका अब AI और डेटा से संदिग्ध शिपमेंट पकड़ेगा रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब अमेरिका तीसरे देशों के जरिए टैरिफ से बचने की कोशिशों पर निगरानी बढ़ा रहा है। व्हाइट हाउस ने सीमा पर आने वाले सामान की जांच में टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिसिस के ज्यादा इस्तेमाल की बात कही है। रिपोर्ट में ऐसे AI सिस्टम का भी जिक्र है, जो अमेरिकी कस्टम अधिकारियों को संदिग्ध शिपमेंट की पहचान करने में मदद कर सकता है। इसका मकसद पूरी सप्लाई चेन को ट्रैक करना है। —————— यह खबर भी पढ़ें… अमेरिकी सर्वे-10 में 9 पाकिस्तानी भारत को खतरा मानते हैं: भारतीयों के लिए रूस सबसे अहम पार्टनर, पाकिस्तानियों की पहली पसंद चीन 10 में से 9 पाकिस्तानी भारत को खतरा मानते हैं, ये बात अमेरिकी प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे में सामने आई है। इंडियंस भी अपना सबसे बड़ा दुश्मन पाकिस्तान को ही मानते हैं। सर्वे में कहा गया कि दोनों देशों के लोग पड़ोसी के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं, लेकिन भरोसे की कमी है। पूरी खबर पढ़ें…

Solar Industries Share Price: शानदार तिमाही नतीजों के बाद 4% टूटा शेयर, ब्रोकरेज ने भी घटाई रेटिंग, आखिर क्या है वजह

Solar Industries Share Price: केमिकल सेक्टर की कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज़ इंडिया लिमिटेड (Solar Industries) के शेयरों में 14 अगस्त को गिरावट देखने को मिली। अच्छे तिमाही नतीजों के बाद भी शेयर 4 फीसदी टूटा है। कंपनी के नतीजों के बाद शेयर पर ब्रोकरेज फर्मों की अलग-अलग प्रतिक्रिया आई है। एक तरफ मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है तो दूसरी तरफ कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने बिकवाली की राय दी है।

‘ओवरवेट’ रेटिंग की राय

मॉर्गन स्टेनली ने सोलर इंडस्ट्रीज़ पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹20,270 तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹20,325 से इसमें किसी तरह के बढ़त की उम्मीद नहीं है। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी की कमाई उम्मीद से बेहतर रही। रेवेन्यू, EBITDA और एडजस्टेड PAT में क्रमशः 70%, 88% और 93% की बढ़ोतरी हुई।

सभी प्रमुख सेगमेंट में रेवेन्यू ग्रोथ उम्मीद से ज़्यादा रही। डिफेंस रेवेन्यू में 123% की बढ़ोतरी हुई (जबकि मॉर्गन स्टेनली का अनुमान 70% था), इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स में 65% की बढ़ोतरी हुई (अनुमान 35% था) और घरेलू एक्सप्लोसिव्स में 52% की बढ़ोतरी हुई (अनुमान 19% था)।

ग्रॉस मार्जिन 110 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 49.2% हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 265 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 27.5% हो गया। मॉर्गन स्टेनली ने मार्जिन में सुधार का कारण डिफेंस मिक्स में अनुकूलता, इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स में बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी और इन्वेंट्री से होने वाले फायदे को बताया।

कंपनी का ऑर्डर बुक लगभग ₹21,350 करोड़ का था, जिसमें डिफेंस बिज़नेस से ₹18,000 करोड़ से ज़्यादा का ऑर्डर शामिल था।FY27 के लिए, मॉर्गन स्टेनली को लगभग ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू और ₹2,050 करोड़ के नियोजित कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) की उम्मीद है। कंपनी Q1 के दौरान कैपेक्स पर पहले ही लगभग ₹450 करोड़ खर्च कर चुकी है।

45% की गिरावट संभव

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने सोलर इंडस्ट्रीज पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹11,200 तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 45% की गिरावट आ सकती है।

कोटक ने Q1 के शानदार प्रदर्शन को माना। बेहतर काम-काज और प्रॉफिटेबिलिटी के कारण PAT उनके अनुमान से 18% ज़्यादा रहा। डिफेंस, इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स और घरेलू एक्सप्लोसिव्स में ज़बरदस्त ग्रोथ के कारण रेवेन्यू सालाना आधार पर 70% बढ़कर लगभग ₹3,670 करोड़ हो गया। ब्रोकरेज के अनुसार, EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर लगभग 170 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 27.9% हो गया।

हालांकि ₹21,400 करोड़ का ऑर्डर बुक खास तौर पर डिफेंस बिजनेस के लिए मीडियम-टर्म में अच्छी संभावना दिखाता है, लेकिन कोटक ने तिमाही के दौरान बेहतर काम-काज को देखते हुए FY27-29 के लिए EPS अनुमानों को 2-6% तक बढ़ा दिया है।

Solar Ind का Q1 परफॉर्मेंस

Solar Industries ने नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 92.7% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹338.7 करोड़ से बढ़कर ₹652.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 71.2% बढ़कर ₹3,688.2 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA 93.6% बढ़कर ₹1,035.2 करोड़ हो गया।

EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 24.8% से बढ़कर 28.1% हो गया।कंपनी ने FY27 के लिए ₹14,000 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट तय किया है।

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष नुवाल ने कहा कि कंपनी ने Q1FY27 में अब तक का सबसे ज़्यादा तिमाही रेवेन्यू, EBITDA, PBT और PAT हासिल किया।नुवाल ने कहा कि ₹21,350 करोड़ से ज़्यादा के ऑर्डर बुक के दम पर कंपनी FY27 के लिए ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू गाइडेंस को हासिल करने की राह पर है। कंपनी इस साल कैपेक्स (capex) में ₹2,050 करोड़ निवेश करने की योजना बना रही है, जिसमें से ₹450 करोड़ Q1 में पहले ही लगाए जा चुके हैं।

Solar Industries India के शेयर शुक्रवार को सुबह 10.33 बजे 3.17% गिरकर ₹19694 पर ट्रे़ड कर रहे है। 2026 में अब तक इनमें 67% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 300 अंक टूटा, निफ्टी 24350 के नीचे, Indigo Paints 6% चढ़ा, Tata Motors PV में दबाव

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