Trading Ideas : बाजार में बढ़त के साथ हो रहा कारोबार, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए ये शेयर हैं तैयार

Trading Ideas : भारतीय बेंचमार्क सूचकांक मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं। सेंसेक्स 385.93 अंक या 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,238.83 पर और निफ्टी 80.80 अंक या 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,969.75 पर दिख रहा है। सेक्टर्स की बात करें तो IT इंडेक्स में 2% से अधिक की तेजी दिख रही है। जबकि ऑटो इंडेक्स 1% नीचे कारोबार कर रहा है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.7% और स्मॉलकैप इंडेक्स 1% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं

चॉइस ब्रोकिंग के VP, टेक्निकल रिसर्च सचिन गुप्ता का कहना है कि आज के संकेत बाजार में रिकवरी की संभावना जता रहे हैं, हालांकि बाजार की मजबूती इस बात पर निर्भर करेगी कि ग्लोबल स्तर पर जोखिम लेने की क्षमता कैसी रहती है। निवेशक तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और संस्थागत निवेशकों के रुख नजर रखेंगे। इनकी बाजार को नई दिशा देने में अहम भूमिका होगी।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट,वी के विजयकुमार का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें और US बॉन्ड यील्ड ऊंचे बने रहने के कारण, बाजार पर दबाव बना रह सकता है। निकट भविष्य में ‘तेजी आने पर बिकवाली’ (sell on rally) का ट्रेंड जारी रहने की संभावना है। हालांकि, बेहतर होती अर्निंग्स ग्रोथ, लार्ज-कैप शेयरों के फेयर वैल्यूएशन और मजबूत घरेलू लिक्विडिटी के चलते,गिरावट के समय बाजार को सपोर्ट मिलेगा। चूंकि दो बड़े पिछड़ रहे सेक्टर, IT और बैंकिंग ने Q2 में अच्छा प्रदर्शन किया है और इनके वैल्यूएशन भी आकर्षक हैं,इसलिए इन सेक्टरों में और गिरावट आने पर DII (घरेलू संस्थागत निवेशक) की ओर से जोरदार खरीदारी देखने को मिल सकती है।

चूंकि Q2 के नतीजों का दौर पॉजिटिव शुरुआत के साथ शुरू हुआ है और ब्रॉडर मार्केट में कुछ अच्छे सरप्राइज मिलने की उम्मीद है, इसलिए आगे चलकर बाजार की चाल मुख्य रूप से अलग-अलग शेयरों और नतीजों पर निर्भर करेगी। बाहरी चुनौतियों के बावजूद,यह अब ऐसे बाजार में बदल गया है जहां सही शेयरों को चुनना (stock picking) सबसे महत्वपूर्ण है।

शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन शेयरों पर रहे नजर

आनंद राठी में इक्विटी रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस. पटेल की टॉप पिक्स

एथर एनर्जी (Ather Energy)

एथर एनर्जी एक अहम सपोर्ट ज़ोन के पास ट्रेड कर रहा है, जहां 50-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) और 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल एक साथ मिल रहे हैं, जिससे एक मज़बूत तकनीकी सपोर्ट बनता है।

इसके अलावा, डेली चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) में एक ‘हिडन बुलिश डाइवर्जेंस’ दिखाई दे रहा है, जो मौजूदा अपट्रेंड के फिर से शुरू होने की संभावना का संकेत देता है। यह पैटर्न तब बनता है जब RSI एक ‘लोअर लो’ (निचला स्तर) बनाता है, जबकि कीमत एक ‘हायर लो’ (ऊंचा स्तर) बनाती है। इससे पता चलता है कि बीच-बीच में आई कमजोरी के बावजूद, मेन बुलिश स्ट्रक्चर अभी भी बरकरार है।

डायनामिक मूविंग-एवरेज सपोर्ट, फिबोनाची कॉन्फ्लुएंस और पॉजिटिव मोमेंटम सिग्नल्स का मेल तकनीकी नजरिए को मजबूत बनाता है। ट्रेडर्स 1,430–1,460 रुपये के ज़ोन में लॉन्ग पोजीशन लेने पर विचार कर सकते हैं। 1,370 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ टारगेट 1,600 रुपये पर रखें।

ACME सोलर होल्डिंग्स (ACME Solar Holdings)

यह स्टॉक 50-डे EMA के पास ट्रेड कर रहा है, जो इचिमोकू क्लाउड (Ichimoku cloud) के सपोर्ट के साथ मेल खाता है, जिससे एक महत्वपूर्ण ‘कॉन्फ्लुएंस ज़ोन’ (confluence zone) बन रहा है। इसके अलावा, चार्ट पर एक AB=CD हार्मोनिक पैटर्न भी दिख रहा है, जो ट्रेंड में बदलाव (reversal) या मौजूदा ट्रेंड के फिर से शुरू होने की संभावना का संकेत है।

डेली RSI ने एक ‘हिडन बुलिश डाइवर्जेंस’ भी बनाया है, जो यह संकेत देता है कि हालिया प्राइस करेक्शन के बावजूद, मूल बुलिश स्ट्रक्चर अभी भी बरकरार है। मूविंग-एवरेज सपोर्ट, इचिमोकू क्लाउड सपोर्ट और पॉजिटिव मोमेंटम सिग्नल्स का मेल तकनीकी दृष्टिकोण को और मजबूत बनाता है। ट्रेडर्स ACME सोलर होल्डिंग्स में 410–420 रुपये के ज़ोन में लॉन्ग पोजीशन ले सकते हैं, जिसका टारगेट 465 रुपये होगा। स्टॉप-लॉस 390 रुपए पर रखें।

ओरिएंटल होटल्स (Oriental Hotels)

ओरिएंटल होटल्स में पॉजिटिव टेक्निकल संकेत हैं। स्टॉक में अपने 50-डे EMA के ठीक ऊपर एक कंसोलिडेशन के दौर के बाद एक मजबूत ब्रेकआउट देखने को मिला है। यह कंसोलिडेशन कीमतों में स्थिरता और एक संभावित सपोर्ट बेस बनने का संकेत देता है, जबकि इसके बाद आया ब्रेकआउट खरीदारी में बढ़ती दिलचस्पी और आगे और तेजी आने की संभावना को दर्शाता है।

डेली और वीकली, दोनों चार्ट्स पर RSI 60 के स्तर के आसपास या उससे ऊपर है, जो एक बुलिश आउटलुक का संकेत देता है। यह दर्शाता है कि शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म, दोनों समय-सीमाओं में मोमेंटम मजबूत हो रहा है।

ट्रेडर्स 147–150 रुपये के ज़ोन में लॉन्ग पोजीशन लेने पर विचार कर सकते हैं, जिसका टारगेट 165 रुपये होगा। स्टॉप-लॉस 140 रुपए पर रखें।

 

Jio Platforms IPO: इश्यू का QIB हिस्सा सिर्फ 28 मिनट में लगभग 2 गुना भरा, निवेश के पहले जानिए 10 अहम बातें

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इंजीनियर की नौकरी छोड़ बना Rapido Driver, 198 रुपये की राइड में महिला को बताई ऐसी बात कि रह गई हैरान!

अक्सर लोग अच्छी नौकरी, मोटी सैलरी और बड़ी कंपनी में काम करने को सफलता की निशानी मानते हैं। लेकिन झारखंड में एक महिला को Rapido बाइक टैक्सी की सवारी के दौरान ऐसी कहानी सुनने को मिली, जिसने करियर और कमाई को देखने का उनका नजरिया बदल दिया। महिला के मुताबिक, बाइक चला रहे शख्स ने इंजीनियर की नौकरी छोड़ दी थी। पहले उसे हर महीने 40 हजार रुपये मिलते थे, लेकिन अब उसका दावा है कि वह बाइक टैक्सी चलाकर महीने में 1 लाख से 1.2 लाख रुपये तक कमा लेता है।

198 रुपये की राइड में सामने आई हैरान करने वाली कहानी

महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने सफर का अनुभव साझा किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी राइड का किराया 198 रुपये था। बातचीत के दौरान उन्होंने ड्राइवर से उसकी रोजाना की कमाई के बारे में पूछा। ड्राइवर ने बताया कि वह एक दिन में 4,000 रुपये तक कमा लेता है।

यह सुनकर महिला ने उससे पूछा कि क्या उसकी महीने की कमाई एक लाख रुपये से ज्यादा हो जाती है। ड्राइवर ने कथित तौर पर हां में जवाब दिया। इसके बाद महिला ने जानना चाहा कि इतनी कमाई के लिए उसने इंजीनियर की नौकरी क्यों छोड़ दी।

40 हजार की सैलरी में घर चलाना हो रहा था मुश्किल

ड्राइवर ने महिला को बताया कि वह पहले एक कंपनी में इंजीनियर के तौर पर काम करता था। उसकी मासिक सैलरी करीब 40 हजार रुपये थी। हालांकि, परिवार की जरूरतों और घर के खर्चों को पूरा करने में उसे परेशानी होती थी।

ऐसे में उसने पारंपरिक नौकरी से अलग रास्ता चुनने का फैसला किया। उसके मुताबिक, Rapido चलाने से उसे पहले की तुलना में ज्यादा कमाई का मौका मिला। इस फैसले के पीछे नौकरी का रुतबा नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी करना अहम वजह थी।

अपने शहर में रहकर कमाई, इसलिए है खुश

महिला के अनुसार, ड्राइवर ने अपनी नई जिंदगी को लेकर संतुष्टि भी जाहिर की। उसने बताया कि अब वह अपने ही शहर में रहकर काम कर सकता है और अच्छी कमाई भी कर रहा है। यानी उसके लिए यह बदलाव सिर्फ पैसे तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने शहर में रहने की सुविधा भी देता है।

क्या नौकरी का पद ही सफलता की पहचान है?

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि करियर में सफलता आखिर किसे कहा जाए? इंजीनियर की डिग्री और अच्छी कंपनी में नौकरी निश्चित रूप से अहम हैं, लेकिन अगर कमाई से परिवार की जरूरतें पूरी न हों, तो व्यक्ति दूसरे विकल्प भी तलाश सकता है।

हालांकि, इस ड्राइवर की बताई कमाई की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐप आधारित काम में कमाई शहर, राइड की संख्या, काम के घंटों और मांग पर निर्भर करती है। पेट्रोल और वाहन के रखरखाव जैसे खर्च भी होते हैं। इसलिए हर ड्राइवर की कमाई इतनी हो, यह जरूरी नहीं है।

फिर भी यह कहानी बताती है कि हर किसी के लिए सफलता का मतलब एक जैसा नहीं होता। किसी के लिए बड़ा पद जरूरी है, तो किसी के लिए परिवार की जरूरतें पूरी करना और अपने शहर में रहकर सुकून से काम करना ज्यादा मायने रखता है।

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Hanuman Ansh Box Office Collection: रिलीज के 75वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर छाई फिल्म, मंगलवार को कमाई में आया 121% का उछाल, जानें अब तक का पूरा कलेक्शन

Hanuman Ansh Box Office Collection: सिनेमाघरों में लंबे समय तक टिके रहना किसी भी फिल्म के लिए बड़ी बात होती है। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 75वें दिन एक बार फिर कमाई में उछाल दर्ज किया है। Sacnilk के आंकड़ों के मुताबिक, 20 अक्टूबर को फिल्म ने सभी भाषाओं में 62 लाख रुपये का इंडिया नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 450.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

75वें दिन फिल्म की कमाई में आया उछाल

‘हनुमान अंश’ ने मंगलवार को कुल 490 शो से कमाई की। इसमें हिंदी संस्करण का सबसे बड़ा योगदान रहा। हिंदी में फिल्म ने 483 शो के जरिए 61 लाख रुपये कमाए, जबकि तेलुगु संस्करण से एक लाख रुपये का कलेक्शन हुआ। सोमवार को फिल्म की कमाई 28 लाख रुपये रही थी। मंगलवार को यह बढ़कर 62 लाख रुपये हो गई। इस तरह एक दिन में कलेक्शन में करीब 121.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। फिल्म की कुल इंडिया नेट कमाई अब 340.75 करोड़ रुपये हो चुकी है।

हिंदी वर्जन से मिल रहा सबसे ज्यादा योगदान

फिल्म का हिंदी संस्करण 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था, जबकि तेलुगु वर्जन 9 अक्टूबर को आया। मंगलवार को हिंदी संस्करण की ऑक्यूपेंसी 33 फीसदी और तेलुगु संस्करण की 34 फीसदी दर्ज की गई। फिल्म ने अपने 75वें दिन कुल 28,430 फुटफॉल्स दर्ज किए।

पहले हफ्तों में धीमी शुरुआत

फिल्म की कमाई शुरुआती हफ्तों में सीमित रही। पहले हफ्ते में 1.08 करोड़ रुपये और दूसरे हफ्ते में 40 लाख रुपये का कलेक्शन हुआ। तीसरे हफ्ते में कमाई बढ़कर 10.40 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसके बाद फिल्म ने रफ्तार पकड़ी और पांचवें हफ्ते में 90.25 करोड़ रुपये कमाए। छठे हफ्ते में 80.25 करोड़ और चौथे हफ्ते में 61 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया।

हालांकि, सातवें हफ्ते के बाद कमाई में गिरावट आने लगी। आठवें हफ्ते में 29.20 करोड़, नौवें में 10.60 करोड़ और दसवें हफ्ते में 11 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ।

दुनियाभर में 450 करोड़ के पार पहुंची कमाई

Sacnilk के मुताबिक, फिल्म का भारत में ग्रॉस कलेक्शन 402.08 करोड़ रुपये और विदेशों से ग्रॉस कलेक्शन 48.60 करोड़ रुपये है। दोनों को मिलाकर वर्ल्डवाइड कमाई 450.68 करोड़ रुपये हो गई है।

क्या है ‘हनुमान अंश’ की कहानी?

फिल्म की कहानी लक्ष्मी नारायण नाम के एक बच्चे की है, जो आजादी से पहले के भारत में अपनी मां को खोने के बाद भगवान की तलाश में घर छोड़ देता है। उत्तर भारत की यात्रा के दौरान उसकी जिंदगी बदलती है और वह आध्यात्मिक भक्ति तथा निस्वार्थ सेवा की राह पर आगे बढ़ता है। फिल्म में शोभिनव सत्‍या और चंदन आनंद मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित प्रस्तावित ट्रिलॉजी की पहली फिल्म है।

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Jio Platforms IPO: इश्यू का QIB हिस्सा सिर्फ 28 मिनट में लगभग 2 गुना भरा, निवेश के पहले जानिए 10 अहम बातें

Jio Platforms IPO : NSE प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO का ‘क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स’ (QIBs) वाला हिस्सा 28 मिनट के भीतर ही 1.95 गुना भर गया। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का हिस्सा 11 प्रतिशत बुक हुआ है। जबकि रिटेल हिस्से का 8 फीसदी हिस्सा भरा है। कुल मिलाकर,अब तक यह इश्यू 56 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका है।

एंकर निवेशकों ने जम कर किया निवेश

19 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए। इन निवेशकों में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और प्रूडेंशियल शामिल हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO के लिए एंकर निवेशकों की मांग लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिससे यह इतनी बड़ी बोली हासिल करने वाला पहला भारतीय IPO बन गया।

इश्यू सब्सक्राइब करने से पहले इन 10 बातों पर रहे नजर

1) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की तारीख

यह IPO आज पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। सब्सक्रिप्शन 23 अक्टूबर को बंद होगा।

2) प्राइस बैंड

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इस ऑफर में 27 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है।

3) जियो प्लेटफॉर्म्स एंकर बुक

कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए। इस इश्यू में कई बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड ने भी निवेश किया है, जिनमें सिंगापुर का GIC, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, PSP इन्वेस्टमेंट्स, कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम और फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम शामिल हैं।

घरेलू संस्थागत निवेशकों की मांग भी मजबूत रही है। एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, निप्पॉन इंडिया और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड जैसे प्रमुख म्यूचुअल फंड हाउसों ने इस इश्यू में हिस्सा लिया। इसके अलावा, जीवन बीमा निगम (LIC), एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई लाइफ, एसबीआई पेंशन, एचडीएफसी पेंशन, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और यूटीआई पेंशन जैसी प्रमुख बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों ने भी इसमें भाग लिया।

4) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO GMP

ग्रे मार्केट गतिविधियों पर नज़र रखने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक कंपनी के शेयरों का GMP 22-23 प्रतिशत के बीच चल रहा है। ‘इन्वेस्टरगेन’ (Investorgain) ने कंपनी के शेयरों के लिए 247 रुपये का GMP बताया है, जो 22.1 प्रतिशत का लिस्टिंग गेन दर्शाता है, जबकि ‘IPO वॉच’ (IPO Watch) ने 23.2 प्रतिशत का GMP बताया है।

5)Jio Platforms IPO पर ब्रोकरेज की राय

मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि इस इश्यू में लिस्टिंग गेन और लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करें। यह सब्सक्राइबर बेस के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा डिजिटल कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म है,जो देश के ज़्यादातर वायरलेस डेटा ट्रैफिक को कैरी करता है, जिसमें प्रोप्राइटरी टेक्नोलॉजी पर बना देश भर में 5G नेटवर्क और JioAirFiber के तहत बढ़ता हुआ फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड बिज़नेस शामिल है। इसकी डिजिटल सर्विसेज़ क्लाउड एंटरप्राइज़ सॉल्यूशंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक फैली हुई हैं। इसकी प्रमोटर रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

HDFC सिक्योरिटीज ने जियो प्लेटफॉर्म्स पर अपने IPO नोट में इसकी प्रतिस्पर्धी ताकतों पर जोर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि एक विशेष वर्टिकल टेक्नोलॉजी स्टैक और इंजीनियरिंग क्षमताएं, उन्नत और स्वतंत्र नेटवर्क टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापक डिजिटल कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड नेटवर्क तक पहुंच जैसी खासियतें कंपनी को बढ़त देती हैं।

फिलिपकैपिटल का कहना है कि 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से जियो प्लेटफॉर्म्स ने आक्रामक कीमतों और अलग तरह के ऑफर्स के जरिए पिछले एक दशक में भारत के टेलीकॉम की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है।

एमके ग्लोबल ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में लीडिंग पोजीशन,कीमतों को तय करने की क्षमता,विकास के कारकों और काम करने के बेहतरीन रिकॉर्ड को देखते हुए, इसके इश्यू का भाव काफी अच्छा है। कंपनी का काम करके दिखाने का रिकॉर्ड भरोसेमंद है। जैसे-जैसे 5G निवेश का दौर पूरा होगा,कंपनी का कैश जनरेशन और मजबूत होता जाएगा।

SBICAPS के मुताबिक इश्यू की कीमत कंपनी के स्केल,अर्निंग ग्रोथ,तकनीकी क्षमताओं और भविष्य में कमाई की लंबी अवधि की संभावनाओं को दिखाती है। उधार की रकम चुकाने से लीवरेज (कर्ज के बोझ) और फाइनेंस लागत में कमी आने,कैश फ्लो मजबूत होने और भविष्य के निवेश के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

6) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO अलॉटमेंट की डेट

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर तक फाइनल होने की संभावना है।

7) जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की डेट

कंपनी के इक्विटी शेयरों को 28 अक्टूबर को BSE और NSE दोनों पर लिस्ट किए जाने का प्रस्ताव है।

8) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की डिटेल

इस IPO में 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे,जो इश्यू के बाद कंपनी की कुल इक्विटी पूंजी का 2.9 प्रतिशत हिस्सा होंगे। इस इश्यू में जियो प्लेटफॉर्म्स के कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर और इसकी मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। कंपनी पात्र कर्मचारियों को अंतिम ऑफर प्राइस पर 54 रुपये प्रति शेयर की छूट के साथ शेयर जारी करेगी।

9) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का लक्ष्य

कंपनी को मिलने वाली रकम का कुछ हिस्सा उसकी टेलीकॉम सब्सिडियरी का कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। लिस्टिंग के बाद, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में बहुमत हिस्सेदारी बनी रहेगी।

10) जियो प्लेटफॉर्म्स के बारे में जानें

एक दशक पहले रिलायंस के टेलीकॉम मार्केट में कदम रखने के बाद से जियो प्लेटफॉर्म्स ग्राहकों की संख्या के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटरों में से एक बन गया है। यह कारोबार मोबाइल कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर ब्रॉडबैंड, डिजिटल एंटरटेनमेंट, क्लाउड और एंटरप्राइज़ सेवाओं तक फैल गया है, जिससे यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में रिलायंस की पैठ बनाने की कोशिशों का आधार बन गया है।

जून 2026 तक कंपनी के 53.33 करोड़ ग्राहक थे और भारत के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में इसकी हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत थी। इसके अलावा, जियो के पास 26,800.8 MHz के साथ भारत का सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम बैंक है।

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इटली- नाबालिग ने तोड़फोड़ की तो माता-पिता भरपाई करेंगे:हिंसक प्रदर्शन पर ₹21 लाख जुर्माना, 5 साल तक जेल; लूटपाट-आगजनी के बाद नए नियम लागू

इटली में हिंसक प्रदर्शन करने वालों को अब 5 साल तक जेल और करीब 21 लाख रुपए तक जुर्माना देना पड़ सकता है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने मंगलवार को मिलान में दुकानों में लूटपाट और आगजनी के बाद सुरक्षा के नए नियमों को मंजूरी दी है। नए नियमों के तहत नाबालिगों के किए नुकसान की भरपाई उनके माता-पिता को करनी होगी। साथ ही, 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर केस चलाना आसान होगा। मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात होंगे सरकार ने मिलान में सुरक्षा बढ़ाने के लिए साल के आखिर तक 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि हिंसा में इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का शामिल होना दुखद और डराने वाला है। उन्होंने कहा, 17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में कई युवा चीजें तोड़ने, चोरी करने और ऐसा करते हुए अपना वीडियो बनाने आए थे। मेलोनी के मुताबिक, इस समस्या से गंभीरता से निपटना जरूरी है, ताकि हिंसा के वीडियो देखकर दूसरे युवा भी ऐसा करने के लिए प्रेरित न हों। चेहरा ढकने या किसी को चोट पहुंचाने पर बढ़ेगी सजा नए नियमों के तहत प्रदर्शन के दौरान हिंसा में शामिल होने को अलग अपराध बनाया गया है। अगर कोई आरोपी चेहरा ढककर हिंसा करता है या किसी को चोट पहुंचती है, तो उसकी सजा बढ़ाई जाएगी। प्रदर्शन के दौरान दुकानों या दूसरी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को उसकी भरपाई करनी होगी। सरकार के इस आदेश को स्थायी कानून बनाने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी है। संसद को 60 दिनों के भीतर इसे कानून में बदलना होगा। 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर केस चलाना आसान नए नियमों में 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को सामान्य तौर पर अपने काम के नतीजों को समझने में सक्षम माना जाएगा। अगर कोई यह साबित करना चाहता है कि बच्चा अपने काम को समझने में सक्षम नहीं था, तो उसे इसके सबूत देने होंगे। अब तक यह फैसला जज करते थे कि कोई नाबालिग अपने काम के सही-गलत होने और उसके नतीजों को समझ सकता है या नहीं। नए नियमों से इस प्रक्रिया में बदलाव होगा। मेलोनी ने कहा कि सरकार हिरासत केंद्रों में और जगह बनाएगी। किशोर न्याय व्यवस्था में जजों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि नाबालिगों से जुड़े मामलों को संभालने में मदद मिल सके। दो दिन की हिंसा में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल मिलान के मुख्य खरीदारी इलाके में 17 अक्टूबर को हिंसा भड़क गई थी। कई प्रदर्शनकारियों ने अपने चेहरे ढक रखे थे। उन्होंने पुलिस से झड़प की, दुकानों में लूटपाट की और संपत्ति में आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस छोड़ी। 18 अक्टूबर को भी लूटपाट और हिंसा जारी रही। अधिकारियों के मुताबिक, दो दिनों में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। मिलान पुलिस ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात करीब 2000 युवा हिंसा में शामिल हुए थे। इनमें विदेशी माता-पिता के यहां पैदा हुए और बाद में इटली की नागरिकता पाने वाले लोग, साथ ही दूसरे देशों के नागरिक भी बड़ी संख्या में थे। अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 30 से ज्यादा नाबालिग हैं। स्कूलों की हालत पर 30 अक्टूबर को हड़ताल का ऐलान इटली में लोग कम सैलरी, महंगा रहन-सनह और खराब सरकारी सुविधाओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन कमाई उस हिसाब से नहीं बढ़ रही। महंगे मकानों और किराए की समस्या ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। अब प्रदर्शनकारियों ने 30 अक्टूबर को देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है। —————— यह खबर भी पढ़ें… यूरोप के 6 देशों में शिक्षा-महंगाई पर प्रदर्शन: फ्रांस में आगजनी-लूटपाट, इटली में स्कूलों पर कब्जा किया, ग्रीस में संसद के सामने बैठे आंदोलनकारी यूरोप के 6 देशों में पढ़ाई का बढ़ता खर्च, बेरोजगारी और महंगे घरों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। फ्रांस में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की और कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी। पूरी खबर पढ़ें…

इटली- नाबालिग ने तोड़फोड़ की तो माता-पिता भरपाई करेंगे:हिंसक प्रदर्शन पर ₹21 लाख जुर्माना, 5 साल तक जेल; लूटपाट-आगजनी के बाद नए नियम लागू

इटली में हिंसक प्रदर्शन करने वालों को अब 5 साल तक जेल और करीब 21 लाख रुपए तक जुर्माना देना पड़ सकता है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने मंगलवार को मिलान में दुकानों में लूटपाट और आगजनी के बाद सुरक्षा के नए नियमों को मंजूरी दी है। नए नियमों के तहत नाबालिगों के किए नुकसान की भरपाई उनके माता-पिता को करनी होगी। साथ ही, 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर केस चलाना आसान होगा। मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात होंगे सरकार ने मिलान में सुरक्षा बढ़ाने के लिए साल के आखिर तक 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि हिंसा में इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का शामिल होना दुखद और डराने वाला है। उन्होंने कहा, 17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में कई युवा चीजें तोड़ने, चोरी करने और ऐसा करते हुए अपना वीडियो बनाने आए थे। मेलोनी के मुताबिक, इस समस्या से गंभीरता से निपटना जरूरी है, ताकि हिंसा के वीडियो देखकर दूसरे युवा भी ऐसा करने के लिए प्रेरित न हों। चेहरा ढकने या किसी को चोट पहुंचाने पर बढ़ेगी सजा नए नियमों के तहत प्रदर्शन के दौरान हिंसा में शामिल होने को अलग अपराध बनाया गया है। अगर कोई आरोपी चेहरा ढककर हिंसा करता है या किसी को चोट पहुंचती है, तो उसकी सजा बढ़ाई जाएगी। प्रदर्शन के दौरान दुकानों या दूसरी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को उसकी भरपाई करनी होगी। सरकार के इस आदेश को स्थायी कानून बनाने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी है। संसद को 60 दिनों के भीतर इसे कानून में बदलना होगा। 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर केस चलाना आसान नए नियमों में 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को सामान्य तौर पर अपने काम के नतीजों को समझने में सक्षम माना जाएगा। अगर कोई यह साबित करना चाहता है कि बच्चा अपने काम को समझने में सक्षम नहीं था, तो उसे इसके सबूत देने होंगे। अब तक यह फैसला जज करते थे कि कोई नाबालिग अपने काम के सही-गलत होने और उसके नतीजों को समझ सकता है या नहीं। नए नियमों से इस प्रक्रिया में बदलाव होगा। मेलोनी ने कहा कि सरकार हिरासत केंद्रों में और जगह बनाएगी। किशोर न्याय व्यवस्था में जजों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि नाबालिगों से जुड़े मामलों को संभालने में मदद मिल सके। दो दिन की हिंसा में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल मिलान के मुख्य खरीदारी इलाके में 17 अक्टूबर को हिंसा भड़क गई थी। कई प्रदर्शनकारियों ने अपने चेहरे ढक रखे थे। उन्होंने पुलिस से झड़प की, दुकानों में लूटपाट की और संपत्ति में आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस छोड़ी। 18 अक्टूबर को भी लूटपाट और हिंसा जारी रही। अधिकारियों के मुताबिक, दो दिनों में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। मिलान पुलिस ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात करीब 2000 युवा हिंसा में शामिल हुए थे। इनमें विदेशी माता-पिता के यहां पैदा हुए और बाद में इटली की नागरिकता पाने वाले लोग, साथ ही दूसरे देशों के नागरिक भी बड़ी संख्या में थे। अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 30 से ज्यादा नाबालिग हैं। स्कूलों की हालत पर 30 अक्टूबर को हड़ताल का ऐलान इटली में लोग कम सैलरी, महंगा रहन-सनह और खराब सरकारी सुविधाओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन कमाई उस हिसाब से नहीं बढ़ रही। महंगे मकानों और किराए की समस्या ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। अब प्रदर्शनकारियों ने 30 अक्टूबर को देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है। —————— यह खबर भी पढ़ें… यूरोप के 6 देशों में शिक्षा-महंगाई पर प्रदर्शन: फ्रांस में आगजनी-लूटपाट, इटली में स्कूलों पर कब्जा किया, ग्रीस में संसद के सामने बैठे आंदोलनकारी यूरोप के 6 देशों में पढ़ाई का बढ़ता खर्च, बेरोजगारी और महंगे घरों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। फ्रांस में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की और कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी। पूरी खबर पढ़ें…

Asian Market Today: अमेरिकी AI कंपनियों की शानदार कमाई से एशियाई बाजारों में तेजी,Kospi 3.6% तक उछला

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में आई बढ़त का असर एशियाई बाजारों पर दिखा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कुछ बड़ी कंपनियों की शानदार कमाई ने निवेशकों का टेक्नोलॉजी शेयरों के प्रति उत्साह फिर से जगा दिया है।

MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.6% ऊपर चढ़ा, जिसमें दक्षिण कोरिया और जापान सबसे आगे रहे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 3.62% उछल गया। इससे पहले, दक्षिण कोरिया के बाजार में हाल ही में एक IPO की शुरुआत बेहद खराब रही थी, जिससे अब बाजार ने जोरदार वापसी की है। जापान में, निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.76% और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 1.12% की बढ़त दर्ज की गई। हैंग सेंग फ्यूचर्स भी 0.5% ऊपर रहा।

भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत में शेयर बाजार कैसा रहेगा) ने सूचकांकों के लिए एक सकारात्मक (हरे निशान में) शुरुआत का अनुमान जताया है।

इसके अलावा, बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए सब्सक्रिप्शन भी शुरू होने जा रहा है। बाजार के जानकारों ने इसे ‘सभी IPO की जननी’ (Mother of all IPOs) करार दिया है, क्योंकि उम्मीद है कि यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। करेंसी मार्केट में, जापानी येन 158.29 प्रति डॉलर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6746 प्रति डॉलर पर बना रहा।

अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी तेजी दिखी। नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) फ्यूचर्स 0.7% ऊपर चढ़े। वहीं, स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान करीब 7% की उछाल आई, क्योंकि कंपनी ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं।

सुपर माइक्रो कंप्यूटर (Super Micro Computer) ने भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और पोस्ट-मार्केट ट्रेडिंग में 15% की तेजी दर्ज की, जिससे AI-इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों को बढ़ावा मिला। दूसरी ओर, नेटफ्लिक्स (Netflix) के शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि कंपनी ने भविष्य के लिए निराशाजनक अनुमान (forecast) जारी किया है।

स्पेसएक्स (SpaceX) की इस तेजी के पीछे एलन मस्क की सैटेलाइट, रॉकेट और AI कंपनी का शानदार प्रदर्शन रहा। सितंबर में समाप्त तिमाही के लिए कंपनी ने 4.4 अरब डॉलर की नेट इनकम दर्ज की, जबकि इसका रेवेन्यू एक साल पहले की तुलना में 161% बढ़ गया है।

इसके अलावा, मस्क ने बताया कि स्पेसएक्स और टेस्ला ने संभावित विलय (merger) की संभावना तलाशने के लिए विशेष कमेटियां बनाई हैं। यह कदम अब तक के सबसे बड़े कॉर्पोरेट गठबंधन की दिशा में एक शुरुआती पहल है।

पिछले हफ्ते AI वैल्यूएशन और फाइनेंसिंग को लेकर चिंताओं के कारण टेक्नोलॉजी शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव आया था, लेकिन हालिया नतीजों ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। अब निवेशकों की नज़र कंपनियों के आने वाले नतीजों पर है। वे यह देखना चाहेंगे कि क्या विकास के आंकड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश को सही ठहराते हैं।

इस बीच, मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद, एशियाई बाज़ार की शुरुआती ट्रेडिंग में तेल की कीमतों में आई तेज़ी बनी रही। मंगलवार को ट्रेडर्स अमेरिका-ईरान युद्ध को खत्म करने की कोशिशों से जुड़ी अलग-अलग खबरों का आकलन कर रहे थे। एशियाई बाज़ार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 109.52 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.7% की बढ़त के साथ 98.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बॉन्ड बाजार में, न्यूयॉर्क सत्र के दौरान लॉन्ग-टर्म US ट्रेज़री का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिसका असर डॉलर पर पड़ा। इस साल अब तक US ट्रेज़री यील्ड पर तेल की कीमतों का काफी असर रहा है, लेकिन पिछले हफ्ते बॉन्ड निवेशकों ने कच्चे तेल की कीमतों पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया, क्योंकि AI निवेश से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

आकाश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स की प्राथमिकताएं बताईं, कहा-इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा उठाने पर होगा फोकस

जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी के फोकस में बदलाव कर रही है। अब तक कंपनी का जोर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर रहा है। अब कंपनी अपने नेटवर्क का मैक्सिमम फायदा उठाने पर फोकस कर रही है। कंपनी ने पिछले सालों में पूरे देश में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भारी निवेश किया है। अब वह अपने सर्विसेज पोर्टफोलियो का विस्तार करना चाहती है और निवेश की गई पूंजी पर रिटर्न बढ़ाना चाहती है। इस बारे में जियो प्लेटफॉर्म्स के एमडी आकाश अंबानी ने बताया।

इंफ्रास्ट्रक्चर से मैक्सिमम वैल्यू हासिल करने पर होगा फोकस

मनीकंट्रोल को दिए ईमेल इंटरव्यू में अंबानी ने कहा, “हमारे कैपिटल एलोकेशन की दिशा सस्टेनेबल लॉन्ग टर्म वैल्यू क्रिएट करने के मकसद पर निर्भर करेगी। हम वहां निवेश करना जारी रखेंगे, जहां हमें टेक्नोलॉजी, कस्टमर डिमांड और उपलब्ध मौकों का फायदा उठाने के लिहाज से ऐसा करना सही लगेगा।” उन्होंने कहा कि मीडियम और लॉन्ग टर्म में हमारा फोकस उस इंफ्रास्ट्रक्चर से मैक्सिमम वैल्यू हासिल करना है, जिसे हमने बनाया है।

पिछले सालों में कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश किया है

जियो प्लेटफॉर्म्स ने व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है। मार्च 2026 में कंपनी के 3,60,382 नेटवर्क टावर्स थे। इसमें 10 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा लंबा फाइबर नेटवर्क शामिल है। कंपनी के वायरलेस ब्रॉडबहैंड नेटवर्क के तहत देश की आबादी का 99 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आता है। फिक्स्ड ब्रॉडबैंड का कवरेज करीब 98 फीसदी पिन कोड्स तक है। FY26 में इंडिया के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में जियो की हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी थी।

अब पूंजीगत निवेश की रफ्तार में धीर-धीरे कमी आ रही

कई सालों तक भारी निवेश करने के बाद अब इनवेस्टमेंट की तेज रफ्तार कम हुई है। FY26 में कंपनी का कैश कैपिटल एक्सपेंडिचर घटकर 34,184 करोड़ रुपये रही। यह FY25 में 44,268 करोड़ रुपये थी। FY24 में 53,510 करोड़ रुपये थी। नेटवर्क कैपेक्स अकेले 40,617 करोड़ रुपये से घटकर 29,377 करोड़ रुपये पर आ गया। उधर, बिजनेस की ऑपरेटिंग अर्निंग्स अब अच्छे लेवल पर पहुंच गई है। जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशन से रेवेन्यू FY26 में बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 76,255 करोड़ रुपये रहा। यह करीब 52 फीसदी का मार्जिन है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 30,049 करोड़ रुपये रहा।

जियो की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल विदेश में करने पर भी होगा फोकस

कंपनी ने शॉर्ट टर्म में कंपनी की प्राथमिकताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा इसमें नेटवर्क क्वालिटी बनाए रखना, होम ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस का विस्तार करना और एंटरप्राइज एंड डिजिटल सर्विसेज का विस्तार शामिल हैं। जियो AI-एनेबल्ड एंटरप्राइज सॉल्यूशंस, IoT, क्लाउड कंप्यूटिंग और AR/VR में भी मौकों पर नजर रखेगी। उन्होंने कहा कि जियो की टेक्नोलॉजी कपैबिलिटी के लिए विदेश में मौकों की तलाश भी प्राथमिकता में शामिल होगी।

यह भी पढ़ें: Jio IPO: ‘कमाई बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर फोकस’, आकाश अंबानी ने कहा- सिर्फ टैरिफ बढ़ाने पर नहीं रहेगा जोर

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को निवेश के लिए खुल जाएगा

जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,200 करोड़ रुपये के आईपीओ में सिर्फ नए शेयर इश्यू होंगे। इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है। यह आईपीओ 21 अक्तूबर यानी बुधवार को खुलेगा और 23 अक्तूबर यानी शुक्रवार को बंद होगा। कंपनी ने प्रति शेयर 1,065-1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये है। कंपनी आईपीओ से आने वाले पैसे के बड़े हिस्से का इस्तेमाल अपनी सब्सिडियरी रिलायंस का कर्ज चुकाने के लिए करेगी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Jio IPO: ‘कमाई बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर फोकस’, आकाश अंबानी ने कहा- सिर्फ टैरिफ बढ़ाने पर नहीं रहेगा जोर

Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी कमाई बढ़ाने के लिए सिर्फ मोबाइल रिचार्ज महंगे करने पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी अब डेटा की बढ़ती खपत, प्रीमियम डिजिटल सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड और कॉरपोरेट सेवाओं से कमाई बढ़ाने की तैयारी में है। Jio का लक्ष्य अपने 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों से ज्यादा रेवेन्यू हासिल करना है।

Jio Platforms के चेयरमैन आकाश अंबानी ने Moneycontrol को बताया कि कंपनी हर GB डेटा के लिए ज्यादा पैसे वसूलने को ही कमाई बढ़ाने का एकमात्र तरीका नहीं मानती। उनके मुताबिक, टैरिफ कारोबार का एक हिस्सा है। लेकिन कमाई बढ़ाने के दूसरे रास्ते भी हैं।

Jio ग्राहकों को देगी प्रीमियम सेवाएं

Jio अपनी डिजिटल सेवाओं को और बेहतर बनाने पर काम कर रही है। कंपनी चाहती है कि ग्राहक प्रीमियम सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करें। इसके अलावा, होम ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस इंटरनेट का विस्तार भी किया जाएगा।

कंपनी कॉरपोरेट ग्राहकों के साथ अपना कारोबार बढ़ाना चाहती है। साथ ही, इंटरनेट कनेक्शन के साथ दूसरी सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी। इनमें OTT वीडियो, म्यूजिक, क्लाउड स्टोरेज और AI आधारित सेवाएं शामिल हैं।

आकाश अंबानी के मुताबिक, ग्राहक इन सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे, तो कमाई बढ़ाने के नए मौके मिलेंगे। प्रीमियम इंटरनेट कनेक्टिविटी और AI सेवाएं भी इसमें अहम भूमिका निभा सकती हैं।

Airtel से पीछे है Jio की प्रति ग्राहक कमाई

वित्त वर्ष 2026 में Jio की औसत प्रति यूजर कमाई यानी ARPU 214 रुपये प्रति माह रही। वहीं, Bharti Airtel की ARPU 257 रुपये थी।

एनालिस्ट्स का मानना है कि Jio के पास कमाई बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। कंपनी के पास ग्राहकों की संख्या ज्यादा है। उसके नेटवर्क पर डेटा का इस्तेमाल भी काफी होता है। ऐसे में प्रीमियम सेवाओं और डेटा की बढ़ती खपत से कंपनी को फायदा मिल सकता है।

हालांकि, आकाश अंबानी ने यह नहीं बताया कि अगली बार मोबाइल टैरिफ कब बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि आने वाले समय में कीमतें किस स्तर पर स्थिर हो सकती हैं। उनके मुताबिक, टैरिफ का फैसला ग्राहकों की जरूरत, बाजार में प्रतिस्पर्धा, महंगाई और नेटवर्क पर होने वाले निवेश को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO

Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO 21 अक्टूबर को खुला है और 23 अक्टूबर को बंद होगा। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। इसके लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है।

इस IPO में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं है। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये है। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर होनी है।

₹27,500 करोड़ से चुकाया जाएगा कर्ज

वित्त वर्ष 2026 में Jio Platforms का रेवेन्यू 1.47 लाख करोड़ रुपये रहा। कंपनी को 30,049 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ। वहीं, EBITDA 76,255 करोड़ रुपये रहा।

IPO से मिलने वाली रकम में से 27,500 करोड़ रुपये Reliance Jio Infocomm का कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। यह Jio Platforms की सब्सिडियरी कंपनी है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Jailer 2 Box Office Day 5: रजनीकांत की फिल्म ने सोमवार की कमाई का रिकॉर्ड बनाया, 500 करोड़ी बनने के करीब ‘जेलर’

Jailer 2 Box Office Day 5: साउथ सुपरस्टार रजनीकांत का जलवा बॉक्स ऑफिस पर बरकरार है। उनकी फिल्म ‘जेलर 2’ ने सोमवार के दिन भी कमाई का धाकड़ रिकॉर्ड अपने नाम किया। रजनीकांत की लेटेस्ट फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा चल रही है। इसकी रफ्तार अब भी धीमी नहीं हुई है। बड़े ओपनिंग वीकेंड के बाद भी, जेलर 2 ने सोमवार को भी दर्शकों को खींचना जारी रखा। नेल्सन दिलीपकुमार के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने सोमवार को भारत में करीब 49.50 करोड़ रुपये की कमाई की।

ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, इससे सिर्फ पांच दिनों में इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 477.75 करोड़ रुपये हो गया। आसान शब्दों में कहें तो, जेलर 2 अब दुनिया भर में 500 करोड़ रुपये के आंकड़े से सिर्फ 22 करोड़ रुपये दूर है। इस फिल्म ने किसी तमिल फिल्म द्वारा पहले सोमवार को सबसे बड़े कलेक्शन का नया रिकॉर्ड भी बनाया है। फिल्म ने सोमवार को भारत में 49.50 करोड़ रुपये की कमाई की, जिसने विजय की लियो को पीछे छोड़ दिया, जिसने 2023 में अपने पहले सोमवार को 39.50 करोड़ रुपये कमाए थे।

रजनीकांत की पिछली फिल्म, जेलर, 27.30 करोड़ रुपये के साथ लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। विजय की बिगिल 22.80 करोड़ रुपये के साथ दूसरे नंबर पर है, जबकि मणिरत्नम की पोन्नियिन सेलवन: पार्ट 1 22.35 करोड़ रुपये के साथ पांचवें नंबर पर है।

फिल्म का ओपनिंग डे सबसे बड़ा दिन था, जब इसने भारत में 16,599 शो में 59.70 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। दूसरे दिन कलेक्शन घटकर 37.10 करोड़ रुपये रह गया, लेकिन वीकेंड में इसमें तेजी आई। सिर्फ पांच दिनों में, जेलर 2 इस साल की दो और बड़ी भारतीय रिलीज, बॉर्डर 2 और हनुमान अंश से भी आगे निकल गई है। यह फिल्म अब तक की सबसे बड़ी तमिल फिल्मों की लिस्ट में भी ऊपर चढ़ रही है।

इसके अगले टारगेट में पोन्नियिन सेलवन : पार्ट 1 है, जिसने दुनिया भर में 488 करोड़ रुपये कमाए, और कुली, जिसने 518 करोड़ रुपये कमाए। उसके बाद, यह लियो को 605 करोड़ रुपये और जेलर को 609 करोड़ रुपये का टारगेट दे सकती है। जेलर 2 में, रजनीकांत टाइगर मुथुवेल पांडियन का रोल कर रहे हैं, जो एक मूर्ति-स्मगलिंग रैकेट की जांच करते हैं। कास्ट में विद्या बालन, एसजे सूर्या, राम्या कृष्णन, मिथुन चक्रवर्ती और सूरज वेंजरामूडू भी हैं। मोहनलाल, शिवा राजकुमार और ऋतिक रोशन गेस्ट रोल में हैं।

नेल्सन दिलीपकुमार ने फिल्म लिखी और डायरेक्ट की है। आर निर्मल एडिटिंग के इंचार्ज हैं, अनिरुद्ध रविचंदर ने म्यूजिक दिया है, और विजय कार्तिक कन्नन सिनेमैटोग्राफर हैं।

छत पर सोलर पैनल लगते ही जीरो हुआ बिजली बिल! जानिए बिहार की उमा और रीना की पूरी स्टोरी