Mirzapur The Movie advance booking: कालीन भैया का भौकाल देखने को बेताब लोग, एडवांस बुकिंग में 1 लाख से ज्यादा बिके टिकट

Mirzapur The Movie advance booking: मिर्जापुर द मूवी की एडवांस बुकिंग ‘मिर्ज़ापुर द मूवी’ इस साल की सबसे ज़्यादा इंतज़ार की जाने वाली फ़िल्मों में से एक है। एडवांस बुकिंग शुरू होने के बाद से ही इस फ़िल्म के 1 लाख से ज़्यादा टिकट बिक चुके हैं। पंकज त्रिपाठी, अली फ़ज़ल, दिव्येंदु, जितेंद्र कुमार और रवि किशन स्टारर यह फ़िल्म 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

‘मिर्ज़ापुर द मूवी’ के पहले दिन की एडवांस बुकिंग

फ़िल्म ट्रैकर Sacnilk के अनुसार, बुधवार तक ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ के सभी भाषाओं में कुल 1,09,593 टिकट बिके हैं, जिससे ₹3.03 करोड़ की कमाई हुई है। यह फ़िल्म हिंदी और तेलुगु भाषाओं में रिलीज़ होगी। सबसे ज़्यादा बुकिंग हिंदी वर्जन के लिए हुई हैं, जिसमें 6,243 शो में 1,09,442 टिकटों से ₹3,03,13,180 की कमाई हुई है।

तेलुगु वर्शन में 36 शो में 151 टिकटों से सिर्फ़ ₹22,495 की कमाई हुई। कुल मिलाकर, फ़िल्म के 6,279 शो के लिए एडवांस बुकिंग के ज़रिए 1,09,593 टिकट बिके हैं। ब्लॉक की गई सीटों को ध्यान में रखते हुए, ‘मिर्ज़ापुर द मूवी’ की ओपनिंग कमाई ₹4.85 करोड़ होने का अनुमान है।

‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ (सभी भाषाओं में) के लिए एडवांस बुकिंग का रिस्पॉन्स दिल्ली में सबसे अच्छा रहा है, जहां कुल कलेक्शन ₹60.7 लाख दर्ज किया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश में ₹51.67 लाख और महाराष्ट्र में ₹45.32 लाख का कलेक्शन हुआ। गुजरात का योगदान ₹27.36 लाख रहा। बिहार और राजस्थान में क्रमशः ₹16.06 लाख और ₹16.25 लाख का कलेक्शन दर्ज किया गया। ज़्यादा ऑक्यूपेंसी वाले अन्य क्षेत्रों में तेलंगाना 21% के साथ सबसे आगे है, जबकि बिहार 17% और उत्तर प्रदेश 14% पर हैं।

फिल्म के पास अपनी एडवांस बुकिंग टिकट बिक्री बढ़ाने के लिए अभी एक दिन और है। ‘मिर्ज़ापुर द मूवी’ के डायरेक्टर गुरमीत सिंह हैं और इसे पुनीत कृष्णा ने लिखा है। उम्मीद है कि फिल्म शुक्रवार को औसत से बेहतर शुरुआत करेगी और ओपनिंग वीकेंड में ₹50 करोड़ कमाएगी। NDTV ने ट्रेड एक्सपर्ट गिरीश वानखेड़े के हवाले से कहा, “एडवांस बुकिंग बहुत ज़्यादा नहीं है। हम कह सकते हैं कि यह औसत है। टिकट अच्छी तरह बिक रहे हैं। इसलिए पहले दिन के लिए मेरा अनुमान ₹13 से ₹15 करोड़ के बीच है। असल में, यह ₹12 से ₹15 करोड़ हो सकता है।”

माना जा रहा है कि अपने कंटेंट की वजह से यह फिल्म फैमिली ऑडियंस को नहीं खींच पाएगी। वानखेड़े ने समझाया, “दर्शकों को अच्छी तरह पता है कि इस सीरीज़ में हिंसा और गाली-गलौज है, और कई सीन फैमिली ऑडियंस के लिए नहीं हैं। ऐसे में, फिल्म को मिला ‘A’ सर्टिफिकेट भी इसकी पहुंच पर असर डाल सकता है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर फिल्म के बारे में लोगों की राय अच्छी रही (वर्ड ऑफ़ माउथ), तो वीकेंड कलेक्शन ₹50 करोड़ के आसपास होगा। यह मेरा अनुमान है। ‘A’ सर्टिफिकेट की वजह से बहुत से परिवार इसे देखने नहीं आएंगे, और फिर, यह 3 घंटे 17 मिनट की फिल्म है। इसलिए, ओपनिंग वीकेंड में ₹50 करोड़ कमाने के लिए फिल्म को लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की ज़रूरत है।” ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ अभी इस फ़्रैंचाइज़ी की सफलता पर निर्भर है।

लागत जीरो मुनाफा 100%, ऐसे 6 बिजनेस आईडिया जो कभी फेल नहीं होते!

आज के समय में अपना काम शुरू करने के लिए बड़ी दुकान, हैवी इन्वेस्टमेंट या महंगे सेटअप की जरूरत नहीं है। यदि आपके पास कोई हुनर है और आप लोगों की जरूरत को समझकर काम शुरू करते हैं, तो छोटे लावेल से भी अच्छी कमाई की जा सकती है। शुरुआत में खर्च कम होने की वजह से नुकसान का रिस्क भी ज्यादा नहीं रहता और काम चलने पर इसे धीरे-धीरे बड़ा किया जा सकता है।

किसी भी बिजनेस को शुरू करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपके आसपास के लोगों को किस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसके लिए आप अपने आसपास के 10-15 लोगों से बात करके उनकी पसंद, जरूरत और बजट के बारे में जान सकते हैं। अपनी पसंद और हुनर के हिसाब से सही बिजनेस चुनकर आप धीरे-धीरे कस्टमर बना सकते हैं।

busines idea

1. पौधों से कमाई

पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का शौक को छोटे बिजनेस में बदला जा सकता है। इसके लिए किसी छोटी नर्सरी से कम कीमत पर मनी प्लांट, एलोवेरा, स्नेक प्लांट, तुलसी और छोटे सजावटी पौधे खरीदें। शुरुआत में ज्यादा स्टॉक रखने की जरूरत नहीं है, 10-20 पौधों से भी काम शुरू किया जा सकता है। पौधों की अच्छी फोटो खींचकर WhatsApp और सोशल मीडिया पर डालें और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दें। कस्टमर खुद पौधे लेने आ सकते हैं या आसपास डिलीवरी की फैसिलिटी भी दी जा सकती है।

2. क्लाउड किचन

खाना बनाने का शौक है, तो बिना रेस्टोरेंट खोले घर से क्लाउड किचन शुरू किया जा सकता है। शुरुआत में कुछ चुनिंदा डिश जैसे पराठे, थाली, स्नैक्स या घर का खाना रखें और आसपास के इलाके में डिलीवरी की फैसिलिटी दें। व्हाट्सएप और सोशल मीडिया से ऑर्डर लिए जा सकते हैं। अच्छा टेस्ट, साफ-सफाई और समय पर डिलीवरी मिलने पर धीरे-धीरे कस्टमर बढ़ाए जा सकते हैं।

3. कार-बाइक क्लीनिंग

कार और बाइक रखने वाले कई लोगों के पास रोज सफाई करने का समय नहीं होता, ऐसे में घर जाकर सफाई की सर्विस देना कमाई का अच्छा तरीका बन सकता है। शुरुआत में बाल्टी, माइक्रोफाइबर कपड़े, कार शैम्पू, ब्रश और सफाई का जरूरी सामान खरीदकर करीब 1 हजार रुपये के आसपास से काम शुरू किया जा सकता है। इसके लिए दुकान किराए पर लेने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि आसपास की सोसाइटी, कॉलोनी और मोहल्लों में जाकर ग्राहकों के घर पर ही सर्विस दे सकते हैं।

4. डिजिटल मार्केटिंग

छोटे दुकानदारों और लोकल बिजनेस को सोशल मीडिया पर प्रमोट करने की जरूरत होती है। आपको Instagram, Facebook, पोस्ट डिजाइन, रील या ऑनलाइन प्रमोशन की जानकारी है, तो आप उनके लिए डिजिटल मार्केटिंग की सर्विस दे सकते हैं। शुरुआत में 2-3 लोकल बिजनेस को सैंपल काम दिखाकर क्लाइंट बनाया जा सकता है और बाद में हर महीने के पैकेज के हिसाब से कमाई की जा सकती है।

5. स्किल से कमाई

किसी सब्जेक्ट में आपकी अच्छी पकड़ है या आपको ड्राइंग, म्यूजिक, कंप्यूटर या इंग्लिश जैसी कोई स्किल आती है, तो इसे कमाई का जरिया बनाया जा सकता है। इस काम के लिए दुकान या महंगे सेटअप की जरूरत नहीं होती और घर के एक कमरे से ही शुरुआत की जा सकती है। करीब 1 हजार रुपये में व्हाइटबोर्ड, मार्कर और जरूरी स्टेशनरी खरीदकर मोहल्ले के 4-5 बच्चों को छोटे बैच में पढ़ाना शुरू करें। कम बच्चों से शुरुआत करने पर हर बच्चे पर अच्छी तरह ध्यान दिया जा सकेगा।

6. शेयर मार्केट फाइनेंस कवर पेज

आपको फाइनेंस और शेयर मार्केट की अच्छी जानकारी है, तो इस विषय पर कंटेंट बनाकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम शुरू किया जा सकता है। शेयर मार्केट की बेसिक जानकारी, बजटिंग, सेविंग और पर्सनल फाइनेंस जैसे सब्जेक्ट पर वीडियो, पोस्ट या ब्लॉग तैयार किए जा सकते हैं। शुरुआत में लगातार उपयोगी और आसान भाषा में कंटेंट बनाकर ऑडियंस तैयार करें और आगे चलकर ब्रांड सहयोग या डिजिटल प्रोडक्ट्स से कमाई के रास्ते बनाए जा सकते हैं।

भारतीय बाजारों ने तीन दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ा, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

भारतीय बाजारों ने तीन दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया है। सुबह 10 बजे, सेंसेक्स 295.68 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 76,866.03 पर और निफ्टी 86.50 अंक या 0.36 प्रतिशत बढ़कर 24,000.95 पर दिख रहा था। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में अडानी पोर्ट्स,पावर ग्रिड कॉर्प, एक्सिस बैंक, HDFC बैंक और SBI शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा,नेस्ले,बजाज ऑटो,इंफोसिस और सिप्ला शामिल हैं। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT इंडेक्स 1% नीचे दिख रहा। जबकि बैंक,रियल्टी और मेटल इंडेक्स में 1-1% की बढ़त है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स सपाट कारोबार कर रहा है,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.7% ऊपर है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि US बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी के कारण आज मार्केट का मूड बेहतर रहने की उम्मीद है। रुपये के नज़रिए से एक बड़ी अच्छी बात यह है कि कंसेशनल स्वैप सुविधा के तहत 136 अरब डॉलर की भारी रकम जुटाई गई है। FCNR(B) स्कीम के तहत जुटाए गए 127 अरब डॉलर की रकम अनुमान से कहीं ज़्यादा है। मार्केट के नज़रिए से इसका मतलब यह है कि रुपया स्थिर होगा,जिससे FIIs का भरोसा बढ़ेगा। ग्रोथ और कमाई की बेहतर संभावनाओं के कारण, US बॉन्ड यील्ड ज़्यादा होने के बावजूद FIIs के भारत में खरीदारी जारी रखने की उम्मीद है। साथ ही,बैंकों द्वारा भारी मात्रा में FCNR(B) फंड जुटाने से उनके NIMs को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह बैंकिंग स्टॉक्स के लिए अच्छी बात है।

कल बाज़ार में आई गिरावट की एक दिलचस्प बात यह है कि निफ़्टी में 141 अंकों की गिरावट के बावजूद इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने ₹9,500 करोड़ की खरीदारी की। इसमें FII की खरीदारी ₹6,688 करोड़ और DII की खरीदारी ₹2,812 करोड़ रही। साफ है कि ज़्यादातर बिकवाली रिटेल इन्वेस्टर्स,प्रोप्राइटरी ट्रेडर्स और ‘बेयर्स'(बाज़ार गिरने की उम्मीद करने वालों) की तरफ से हुई,जिन्होंने बाज़ार की कमज़ोरी का फ़ायदा उठाकर शेयरों की कीमतों को नीचे गिराया। आज इसमें बदलाव की संभावना है।

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि वॉल स्ट्रीट के बढ़त के साथ बंद होने से ग्लोबल संकेत बेहतर हुए हैं। वहीं एशियाई बाज़ारों में राहत की रैली देखी जा रही है और US ट्रेज़री यील्ड में कमी आई है। हालांकि, US-ईरान के बीच तनाव और $95 के आस-पास कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय बाजारों के लिए बड़ जोखिम बनी हुई हैं।

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 23951-24013 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24078-24121/24173 पर है। इसके लिए पहला बेस 23781-23841 पर और बड़ा बेस 23733-23767 पर है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस- 57281-57341 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 57640-57780/57910 पर है। इसके लिए पहला बेस 56830-57010 पर और बड़ा बेस 56530-56680 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनकी अदाणी पोर्ट्स फ्यूचर्स में 1675 रुपए के आसपास, 1658 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 1715 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। मुथूट फाइनेंस फ्यूचर्स में भी इनकी 2941 रुपए के ऊपर, 2941 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ,3003 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Trading Ideas : बाजार में कंसोलीडेशन की उम्मीद, शॉर्ट टर्म में जोरदार कमाई के लिए आज इन शेयरों पर रहे नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

₹2 करोड़ में बनी हनुमान अंश की बॉक्स ऑफिस कमाई 62 करोड़ पार! जानिए नीम करोली बाबा पर बनी इस फिल्म ने कैसे टॉक्सिक का निकाला दम

बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की किस्मत हमेशा बड़ी स्टारकास्ट या भारी-भरकम बजट से तय नहीं होती। कभी-कभी कम बजट की कोई फिल्म दर्शकों के बीच ऐसी जगह बना लेती है कि उसका पूरा बॉक्स ऑफिस सफर ही बदल जाता है। हनुमान अंश के साथ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। करीब ₹1.8 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने शुरुआत बेहद धीमी की, लेकिन अब इसकी कमाई ने इंडस्ट्री को चौंका दिया है।

शुरुआत ऐसी कि फिल्म पर मंडराने लगा था संकट

हनुमान अंश को करीब 250 स्क्रीन पर रिलीज किया गया था। इसके बावजूद पहले सप्ताह में फिल्म सिर्फ ₹90 लाख ही जुटा सकी। दूसरे सप्ताह तक हालात और मुश्किल हो गए और इसके शो घटकर लगभग 40 स्क्रीन रह गए। उस दौरान फिल्म ने करीब ₹46 लाख की कमाई की। लेकिन कम स्क्रीन मिलने के बावजूद फिल्म के प्रदर्शन में एक दिलचस्प बदलाव आया। प्रति स्क्रीन कमाई तेजी से बढ़ने लगी। यही संकेत था कि फिल्म को देखने वाले दर्शकों की संख्या उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूत हो रही है।

दर्शकों की जुबान बनी सबसे बड़ा प्रमोशन

फिल्म की कहानी यहीं से बदलनी शुरू हुई। जिन लोगों ने हनुमान अंश देखी, उन्होंने इसे दूसरे दर्शकों तक पहुंचाना शुरू किया। सोशल मीडिया और आपसी सिफारिशों के जरिए फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ती गई। धीरे-धीरे यह चर्चा नए दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने लगी। फिल्म को बड़े प्रचार अभियान की बजाय वर्ड ऑफ माउथ का फायदा मिला और इसका असर सीधे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर दिखाई दिया।

तीसरे हफ्ते में बदली पूरी तस्वीर

तीसरे सप्ताह में फिल्म की कमाई करीब ₹10.5 करोड़ तक पहुंच गई। इसके बाद चौथे सप्ताह में इसकी रफ्तार और तेज हुई और फिल्म ने ₹50 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस फिल्म को रिलीज के कुछ ही दिनों बाद सीमित स्क्रीन पर समेट दिया गया था, वही अब देशभर में 2,000 से ज्यादा स्क्रीन तक पहुंच चुकी है।

26वें दिन भी शानदार कमाई

हनुमान अंश की पकड़ का अंदाजा उसके 26वें दिन के कलेक्शन से लगाया जा सकता है। फिल्म ने इस दिन ₹8.07 करोड़ की कमाई की। खास बात यह रही कि यह आंकड़ा यश की फिल्म Toxic: A Fairy Tale for Grown-ups की सातवें दिन की सभी भाषाओं की ₹6.90 करोड़ की कमाई से भी ज्यादा रहा। किसी फिल्म का रिलीज के चौथे सप्ताह में इतना मजबूत प्रदर्शन करना सामान्य बॉक्स ऑफिस ट्रेंड से बिल्कुल अलग माना जाता है।

Toxic के कमजोर पड़ने का भी मिला फायदा

Roongta Cinemas के CEO संजय बरजाट्या के मुताबिक, जब Toxic का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और उसके शो कम किए गए, तब हनुमान अंश को अतिरिक्त शो मिलने लगे। इस तरह जो फिल्म शुरुआत में सिनेमाघरों के लिए छोटी रिलीज थी, वही बाद में खाली हो रहे स्लॉट भरने का विकल्प बन गई। डिस्ट्रीब्यूटर Cinepolis India ने भी फिल्म की बढ़ती मांग को देखते हुए कई बाजारों में इसकी स्क्रीनिंग दोबारा बढ़ाई। जहां एडवांस बुकिंग मजबूत रही, वहां अतिरिक्त शो जोड़े गए और कुछ जगहों पर फिल्म को फिर से सिनेमाघरों में लाया गया।

धार्मिक कंटेंट से शुरू हुई, आम दर्शकों तक पहुंची

फिल्म की शुरुआती पकड़ धार्मिक और आध्यात्मिक कंटेंट पसंद करने वाले दर्शकों के बीच बनी। खासकर गुजरात जैसे बाजारों में इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली। लेकिन बाद में सकारात्मक चर्चा का दायरा बढ़ता गया और दूसरे वर्ग के दर्शक भी फिल्म देखने पहुंचने लगे। यही बदलाव हनुमान अंश की सबसे बड़ी ताकत बना। फिल्म की कमाई सिर्फ शुरुआती दर्शक वर्ग तक सीमित नहीं रही।

अब ₹100 करोड़ पर नजर

करीब ₹1.8 करोड़ के बजट वाली फिल्म का ₹50 करोड़ से ज्यादा कमाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। खासकर तब, जब इसकी शुरुआत ₹1 करोड़ से भी कम के कलेक्शन से हुई थी। अब फिल्म के सामने अगला बड़ा लक्ष्य ₹100 करोड़ का आंकड़ा है। हनुमान अंश की कहानी यह भी दिखाती है कि बॉक्स ऑफिस पर शुरुआती आंकड़े हमेशा पूरी तस्वीर नहीं बताते। कभी-कभी दर्शकों का भरोसा किसी फिल्म को कई हफ्तों बाद वह रफ्तार दे देता है, जिसकी शुरुआत में किसी ने उम्मीद तक नहीं की होती।

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 26: धीमी शुरुआत के बाद फिल्म ने पकड़ी जबरदस्त रफ्तार, 26वें दिन बड़े बजट वाली ‘टॉक्सिक’ से निकली आगे

रुबियो ने मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात में ट्रेड डील से किया इनकार, देशों को ईरान पर प्रतिबंधों को लेकर चेताया

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान किसी ट्रेड डील पर बातचीत कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने दूसरे देशों को चेतावनी दी कि वे तेहरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद न करें।

रुबियो ने फॉक्स न्यूज रेडियो के ‘द ब्रायन किल्मीड शो’ में एक इंटरव्यू के दौरान ये बातें कहीं। उनसे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात के बारे में पूछा गया था।

रूबियो ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई ट्रेड डील हुई है। जाहिर है, हर देश अपनी विदेश नीति बनाता है और दुनिया भर के कई देश ईरान की सरकार से बातचीत करते हैं।”

इस बात पर प्रतिक्रिया देते हुए कि पीएम मोदी और पेजेशकियन के बीच ट्रेड डील होने की संभावना दिख रही है, रूबियो ने आगे कहा: “मेरा मतलब है कि हमने भी ईरान की सरकार के कुछ लोगों से मुलाकात की है, क्योंकि कुछ बातचीत हुई है और उनसे संपर्क भी रहा है।”

रूबियो ने US प्रतिबंधों को लेकर चेतावनी दी

रूबियो ने कहा कि US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन का रुख साफ कर दिया है: देशों को ईरान की मदद नहीं करनी चाहिए कि वह US प्रतिबंधों से बच सके।

रूबियो ने कहा, “किसी भी देश को ऐसे तरीके बनाने में उनकी मदद नहीं करनी चाहिए जिनसे वे कमाई कर सकें और उस पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने और परमाणु हथियार बनाने की कोशिश में कर सकें।”

उन्होंने आगे कहा, “और अगर देश ऐसा करने का फैसला करते हैं, तो हमें उन पर भी प्रतिबंध लगाने होंगे।”

रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ईरान के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक संबंध बनाए हुए है, और साथ ही पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध के बीच अमेरिका के साथ भी बातचीत कर रहा है।

मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात में क्या हुआ?

फरवरी में ईरान-अमेरिका के बीच तनाव शुरू होने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को बिश्केक में पेजेशकियन से अपनी पहली द्विपक्षीय बातचीत की।

बैठक के दौरान, मोदी ने कहा कि भारत ईरान के साथ अपने व्यापार के दायरे को “बढ़ाना और उसमें विविधता लाना” चाहता है। साथ ही, उन्होंने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के प्रयासों के लिए नई दिल्ली के समर्थन को भी दोहराया।

दोनों नेताओं ने इस टकराव और आम नागरिकों, नागरिक बुनियादी ढांचे और नेविगेशन की आजादी की सुरक्षा की जरूरत पर भी चर्चा की।

पेजेशकियान ने पीएम मोदी से आग्रह किया कि वे बातचीत को बढ़ावा देने और लड़ाई खत्म करने में मदद के लिए, संघर्ष में शामिल देशों के साथ भारत के व्यापक संपर्कों का इस्तेमाल करें।

भारत ने ईरान और अन्य संबंधित पक्षों के साथ चाबहार बंदरगाह के भविष्य पर भी बातचीत जारी रखी है। यह दोनों देशों के बीच एक अहम कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट है, जिस पर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण अनिश्चितता बनी हुई है।

नई दिल्ली का मानना ​​है कि इस क्षेत्र में विवादों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए, साथ ही उसे अपने व्यापार, कनेक्टिविटी और व्यापक रणनीतिक हितों की भी रक्षा करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: आज अप्लाई किया तो 179 साल बाद मिलेगा अमेरिका का ग्रीन कार्ड! भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए आई डरावनी रिपोर्ट

Trading Ideas : बाजार में कंसोलीडेशन की उम्मीद, शॉर्ट टर्म में जोरदार कमाई के लिए आज इन शेयरों पर रहे नजर

Trading Ideas : खराब ग्लोबल संकेतों से कल बाजार में दबाव दिखा। निफ्टी और सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। एनर्जी,PSE और तेल-गैस इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए। ऑटो,IT और कैपिटल मार्केट शेयरों में बिकवाली रही। निफ्टी 141 प्वाइंट गिरकर 23,914 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 374 प्वाइंट गिरकर 76,570 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी 238 प्वाइंट गिरकर 57,172 पर बंद हुआ। मिडकैप 333 प्वाइंट गिरकर 63,002 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 36 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयरों में बिकवाली रही। बैंक निफ्टी के 14 में से 7 शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया भी 2 पैसे कमजोर होकर 94.97 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

निफ्टी व्यू

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि अगर मार्केट की बात करें तो निफ्टी में एक ब्रेकडाउन के संकेत हैं। 24000-24050 का जो एक हायर ट्रेंड लाइन का ब्रेकडाउन था वो कल देखने को मिला। यहां पर एक बेनिफिट ऑफ डाउट जरूर दे सकते हैं क्योंकि वीकली क्लोजिंग होनी अभी बाकी है और कैश के एडजस्टमेंट्स भी देखने को मिल रहे हैं। जहां तक निफ्टी की बात है आज के सेशन के लिए जो सपोर्ट है वो 23,800 के आसपास है। वहीं, 24050 को रेजिस्टेंस के तौर पर देख सकते हैं। अगर वीकली क्लोजिंग वापस 24,000 के ऊपर हो जाती है जो कि फ्राइडे होनी है तो मार्केट में वापस एक कंसोलीडेशन का जोन देखने को मिलेगा। वहीं, अगर 23,800 का लेवल टूट जाता है तो एक बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है और निफ्टी 23,500 की तरफ भी जा सकता है। ऐसे आज और कल का सेशन काफी अहम रहेगा। अगर 23,800 ब्रीच होता है तो मार्केट एक बड़ी गिरावट की तरफ जाएगा। वहीं, अगर हम आज वापस 24,000 रिक्लेम कर लेते हैं तो वापस हमें एक कंसोीडेशन देखने को मिल सकता है। जहां तक आज की बात है तो निफ्टी में कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है। इसके लिए निफ्टी ट्रेडर्स को 23800 पर स्टॉप लॉस रखना चाहिए।

बैंक निफ्टी व्यू

इसी तरह का नजरिया बैंक निफ्टी पर भी है। बैंक निफ्टी का स्ट्रक्चर थोड़ा ज्यादा पॉजिटिव है। बैंक निफ्टी ने अभी भी 57,000 का लेवल होल्ड किया हुआ है। अगर ये लेवल होल्ड कर जाता है और हम 57,500 के तरफ बढ़ते हैं तो बैंक निफ्टी जरूर एक लीडरशिप पोजीशन ले सकता है।

अरुण कुमार मंत्री की टॉप पिक्स

अपने पसंदीदा स्टॉक्स पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि स्टॉक्स में काफी अच्छा एक्शन है। आज के लिए बाय साइड पर दो स्टॉक्स अच्छे लग रहे हैं। पहला डिक्शन टेक्नोलॉजी, जिसमें खरीदारी की सलाह रहेगी। एक अच्छे कंसोलिडेशन के बाद यह स्टॉक वापस 14,500 रुपए के सपोर्ट के आसपास दिख रहा है। इसको 14,500 रुपए के आसपास खरीदनें की सलाह है। 14,240 रुपए का स्टॉपलॉस लगा कर 14,910 रुपए तक के टारगेट्स के लिए खरीदारी करें।

दूसरा स्टॉक नौकरी या इंफोएज हैं। इसमें खरीदारी की सलाह है। इस स्टॉक में भी एक ब्रेकआउट है और ओवरऑल ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव बना है। इसको 134042 रुपए के आसपास खरीदे। 1326 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा और 1371 रुपए तक के टारगेट सेट करें।

 

Market cues : खतरे में 23800 का लेवल, यह सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में 23,600 तक की गिरावट मुमकिन

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Rate Today: सोने में नहीं थम रही गिरावट, लगातार हो रहा सस्ता; ये है लेटेस्ट रेट

सोने की कीमत में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। 3 सितंबर की सुबह भी ज्यादातर शहरों में 24 और 22 कैरेट का भाव गिरा है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 152160 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में हाजिर सोना लगातार छठे कारोबारी दिन गिरा और 3 सप्ताह से ज्यादा समय के निचले स्तर पर आ गया। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ रही है।

अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंकाओं के बीच हाजिर सोने की कीमतें दबाव में हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,303.12 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 152160 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 139490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 139340 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 152010 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 152010 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 139340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 152010 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 139340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली139490152160
मुंबई139340152010
अहमदाबाद139390152060
चेन्नई139340152010
कोलकाता139340152010
हैदराबाद139340152010
जयपुर139490152160
भोपाल139390152060
लखनऊ139490152160
चंडीगढ़139490152160

Atal Pension Yojana: ₹5000 पेंशन की सरकारी गारंटी, समझिए निवेश और कमाई का पूरा हिसाब

चांदी की कीमत

सोने की तरह चांदी की कीमतें भी दबाव में हैं। 3 सितंबर की सुबह चांदी टूटकर 244900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 63.64 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Atal Pension Yojana: ₹5000 पेंशन की सरकारी गारंटी, समझिए निवेश और कमाई का पूरा हिसाब

Atal Pension Yojana: हर कोई चाहता है कि बुढ़ापे में उसके पास नियमित आमदनी का कोई जरिया रहे। ताकि उसे हर छोटी-मोटी जरूरत के लिए किसी और पर निर्भर न रहना पड़े। हालांकि, कई लोगों की बचत नहीं रहती, तो उनके लिए पेंशन फंड बनाना मुश्किल होता है।

लेकिन, सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) कम निवेश के साथ पेंशन की गारंटी देती है। इसमें 60 साल की उम्र के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक की न्यूनतम मासिक पेंशन की गारंटी मिलती है। इसके लिए उम्र के हिसाब से हर महीने तय योगदान करना होता है।

कम उम्र में योजना से जुड़ने पर कम योगदान देना पड़ता है। उदाहरण के लिए, 18 साल की उम्र में ₹5,000 की पेंशन के लिए ₹210 महीने का योगदान है। 40 साल की उम्र में यही रकम ₹1,454 महीने हो जाती है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

अटल पेंशन योजना में 18 से 40 साल की उम्र के भारतीय नागरिक शामिल हो सकते हैं। बैंक या पोस्ट ऑफिस में सेविंग्स अकाउंट होना जरूरी है। 1 अक्टूबर 2022 के बाद मौजूदा या पूर्व इनकम टैक्सपेयर नया APY अकाउंट नहीं खोल सकते।

स्कीम में हर व्यक्ति सिर्फ एक अकाउंट खोल सकता है। योगदान 60 साल की उम्र तक करना होता है। इसे बैंक या पोस्ट ऑफिस के जरिए शुरू किया जा सकता है।

₹5,000 पेंशन के लिए कितना निवेश?

आपकी उम्र जितनी कम होगी, मासिक योगदान उतना ही कम होगा। पेंशन 60 साल की उम्र के बाद शुरू होती है।

योजना में शामिल होने की उम्रमासिक योगदान
60 साल के बाद मासिक पेंशन

18 साल₹210₹5,000
20 साल₹248₹5,000
25 साल₹376₹5,000
30 साल₹577₹5,000
35 साल₹902₹5,000
40 साल₹1,454₹5,000

APY में ₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000 और ₹5,000 की मासिक पेंशन का विकल्प मिलता है। योगदान की रकम उम्र और चुने गए पेंशन स्लैब के हिसाब से तय होती है।

निवेश और कमाई को ऐसे समझें

अगर कोई व्यक्ति 18 साल की उम्र में ₹5,000 पेंशन का विकल्प चुनता है, तो उसे 60 साल तक 42 साल योगदान करना होगा। इसके लिए उसे हर महीने ₹210 जमा करने होंगे।

60 साल के बाद उसे ₹5,000 की न्यूनतम गारंटीड मासिक पेंशन मिलेगी। यानी APY में कम उम्र में शुरुआत करने का फायदा कम मासिक योगदान के रूप में मिलता है।

पेंशनधारक की मौत के बाद क्या होगा?

60 साल की उम्र के बाद पेंशनधारक की मौत होने पर पति या पत्नी को उतनी ही मासिक पेंशन मिलती है। पति-पत्नी दोनों के निधन के बाद जमा पेंशन वेल्थ नॉमिनी को दी जाती है।

अगर 60 साल से पहले सब्सक्राइबर की मौत हो जाती है, तो जीवनसाथी के पास योगदान जारी रखकर अकाउंट को 60 साल तक चलाने का विकल्प भी होता है।

इसे उदाहरण से समझिए

मान लीजिए कि पेंशनधारक ने ₹5,000 मासिक पेंशन का विकल्प चुना। 60 साल के बाद उनकी मौत हुई, तो पति या पत्नी को ₹5,000 महीने की पेंशन मिलती रहेगी। पति-पत्नी दोनों के निधन के बाद नॉमिनी को ₹8.5 लाख की तय पेंशन वेल्थ एकमुश्त मिलेगी। यह रकम पेंशनधारक के अपने योगदान की रकम भर नहीं है।

यह योजना के तहत ₹5,000 पेंशन विकल्प के लिए पहले से तय कॉर्पस है, जिसे पेंशन फंड के निवेश, सब्सक्राइबर के योगदान और जरूरत पड़ने पर सरकार की गारंटी के जरिए फंड किया जाता है। यानी ₹5,000 पेंशन के बदले 18 साल की उम्र से सिर्फ ₹1.06 लाख योगदान करने पर भी नॉमिनी को ₹8.5 लाख की तय पेंशन वेल्थ मिल सकती है। यही अटल पेंशन योजना की गारंटी का अहम हिस्सा है।

कैसे जमा होता है पैसा?

अटल पेंशन योजना में योगदान बैंक या पोस्ट ऑफिस अकाउंट से ऑटो-डेबिट के जरिए जमा होता है। सब्सक्राइबर अपनी सुविधा के हिसाब से हर महीने, तीन महीने या छह महीने में योगदान दे सकता है।

APY को रिटायरमेंट की पूरी जरूरत के बजाय एक गारंटीड बेस पेंशन के तौर पर देखना ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है। ₹5,000 की पेंशन भविष्य में महंगाई के हिसाब से पर्याप्त होगी या नहीं, यह अलग सवाल है। इसलिए सिर्फ इस योजना पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से दूसरी बचत और निवेश की भी जरूरत पड़ सकती है।

Retirement Planning: 20 की उम्र में सिर्फ ₹5000 की SIP से रिटायरमेंट पर ₹5 करोड़ का फंड! स्टेप-अप और एसेट एलोकेशन से समझें पूरा गणित

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील की जानकारी नहीं:अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी- ईरान से ट्रेड करने वाले देशों पर भी प्रतिबंध लगाएंगे

पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मुलाकात के बाद अमेरिका ने भारत-ईरान व्यापार संबंधों को लेकर अपनी स्थिति साफ की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच फिलहाल किसी ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है। हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अगर कोई देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करता है तो उस देश पर भी अमेरिका प्रतिबंध लगा सकता है। रुबियो ने एक इंटरव्यू के दौरान ये बात कही। SCO में मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात के बाद आया है। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंध, व्यापार और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की। मोदी ने कहा था कि भारत ईरान के साथ अपने पुराने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और नए क्षेत्रों को इसमें शामिल करने पर भी जोर दिया गया था। मोदी ने कहा था कि भारत BRICS और SCO जैसे मंचों पर ईरान के साथ सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने पेजेश्कियन को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया। पश्चिम एशिया के तनाव पर बातचीत अमेरिका का ईरान की कमाई के 5 रास्तों पर बैन दरअसल, अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था के 5 अहम क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। जिनका इस्तेमाल ईरान दूसरे देशों में अपनी आर्थिक गतिविधियों के लिए करता है। इनमें डिजिटल एसेट्स (जैसे क्रिप्टोकरेंसी), टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग सेक्टर शामिल हैं। अमेरिका इन क्षेत्रों के जरिए ईरान की कमाई और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को रोकना चाहता है। यानी अगर कोई देश इन क्षेत्रों में ईरान के साथ ऐसा कारोबार करता है जिससे उसे पैसा या आर्थिक फायदा मिलता है। तो अमेरिका उस देश पर भी प्रतिबंध लगा सकता है या उसे अमेरिकी डॉलर की वित्तीय व्यवस्था से बाहर कर सकता है। अमेरिका बोला- अब ईरान के पास सिर्फ दो रास्ते बचे अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि हमने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ शुरू किया है। यह ईरान और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ एक अभियान है। ईरान के सामने अब सिर्फ दो रास्ते हैं। पहला- पूरी तरह से दुनिया से अलग-थलग पड़ना और गुजारे लायक अर्थव्यवस्था। दूसरा- फिर से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ना और वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से शामिल होने का मौका पाना। भारत की 4 कंपनियों पर भी प्रतिबंध अमेरिका ने ईरान से तेल और पेट्रोकेमिकल कारोबार के आरोप में भारत की 4 कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इन कंपनियों ने ईरान से पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पाद खरीदने या भारत लाने में भूमिका निभाई। इनमें पोर्टीज पार्टनर्स, सदाशिवा ओवरसीज, पीपी सॉफ्टटेक और प्रकृति इंफ्रा इम्पेक्स इंडिया शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की तेल से होने वाली कमाई रोकने और उसके कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने के लिए की गई है। भारत पर क्या असर पड़ सकता है, 5 पॉइंट में समझें… तेल: भारत ईरान से कच्चा तेल खरीदता है तो अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भुगतान और खरीद मुश्किल हो सकती है। चाबहार पोर्ट: ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारत की रणनीतिक और कारोबारी रुचि है। अमेरिकी प्रतिबंधों का असर इस परियोजना पर पड़ सकता है। डॉलर में भुगतान: अगर ईरान से जुड़े भारतीय कारोबार पर अमेरिकी वित्तीय प्रतिबंध लगते हैं, तो डॉलर में लेन-देन करना मुश्किल हो सकता है। व्यापार: ईरान के साथ कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों को अमेरिकी नियमों का पालन करना पड़ सकता है। कूटनीतिक दबाव: अमेरिका भारत से भी ईरान के साथ आर्थिक संबंध सीमित करने को कह सकता है। हालांकि, भारत अपने राष्ट्रीय हित और ऊर्जा जरूरतों के आधार पर फैसला करेगा। —————————- ये खबर भी पढ़ें… 2 दिन बाद अमेरिका का ईरान पर फिर मिसाइल हमला, 19 की मौत, 68 घायल अमेरिका ने 2 दिन बाद फिर ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात सिरिक, खुजस्तान, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन स्ट्राइक की। ईरान के अनुसार इन हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Rashifal Today: आज किस मूलांक पर बरसेगी धन की कृपा, किसे रहना होगा सावधान? जानें अपना दिन

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार 3 सितंबर का दिन पैसों के मामले में सभी मूलांक वालों के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आ सकता है। कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं, तो कुछ को खर्च और निवेश के मामले में सावधानी बरतनी होगी। आज किसी भी बड़े आर्थिक फैसले में जल्दबाजी करने के बजाय सोच-समझकर कदम उठाना बेहतर रहेगा। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। कमाई के नए मौके मिल सकते हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम भी मिलने की उम्मीद है। निवेश करते समय समझदारी दिखाएं और बेवजह के खर्च से बचें। साझेदारी या मिलकर निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो सभी बातों को अच्छी तरह समझकर ही फैसला लें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में ज्यादा सावधान रहना होगा। बिना योजना के खर्च करने से आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है। किसी भी निवेश से पहले उसके फायदे और नुकसान को अच्छी तरह समझ लें। अगर कोई पुराना कर्ज है तो उसे चुकाने की दिशा में कदम उठाना फायदेमंद हो सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति बेहतर होने की संभावना है। मेहनत से जुड़ी योजनाएं आगे बढ़ेंगी और पुराने अनुभव के आधार पर निवेश का अच्छा अवसर मिल सकता है। आपकी सलाह और सोच को महत्व मिलेगा। हालांकि, खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है ताकि पैसों का संतुलन बना रहे।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में थोड़ी परेशानी हो सकती है। अचानक खर्च या नुकसान की स्थिति बन सकती है। ऐसे में बचत पर ध्यान दें और गैरजरूरी चीजों पर पैसा खर्च न करें। निवेश से जुड़े बड़े फैसले फिलहाल सोच-समझकर लें। किसी पुराने आर्थिक मामले को लेकर तनाव हो सकता है, लेकिन धैर्य रखना बेहतर रहेगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक रूप से थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। पैसों से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। अपनी कमाई के साधनों की समीक्षा करें और किसी भी आर्थिक सौदे को पूरी जानकारी के बाद ही तय करें। फिलहाल बचत पर ध्यान देना और अनावश्यक खर्च से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक रूप से दिन सकारात्मक रह सकता है। पहले किए गए निवेश या मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। कारोबार या किसी प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। हालांकि, कमाई बढ़ने के साथ खर्च भी न बढ़ाएं और आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। कमाई बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। निवेश के लिए समय अच्छा हो सकता है, लेकिन किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा। पैसों के लेन-देन में सावधानी रखें और बजट के हिसाब से ही खर्च करें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सतर्क रहना होगा। नुकसान होने की आशंका के चलते किसी नए निवेश या प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले दोबारा सोचें। भरोसेमंद लोगों से सलाह लेना मददगार हो सकता है। अनुशासन और बचत पर ध्यान देकर आप संभावित नुकसान से बच सकते हैं।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति थोड़ी मुश्किल रह सकती है। अचानक होने वाला खर्च या किसी फैसले से नुकसान हो सकता है। इसलिए बिना पूरी जानकारी के निवेश करने से बचें। कारोबार करने वालों को ग्राहकों और पैसों से जुड़े मामलों में साफ-सफाई बनाए रखनी चाहिए। आज बचत और आर्थिक योजना को बेहतर बनाने पर ध्यान देना सही रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।