Priority Jewels IPO: 100.45 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद आज, 2 सितंबर को अलॉटमेंट; कैसी रहेगी लिस्टिंग?

प्रायोरिटी ज्यूल्स का ₹91.50 करोड़ का IPO 100.45 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया है। अब 2 सितंबर को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 4 सितंबर को हो सकती है। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 39.87 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 166.49 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 106.76 गुना भरा।

जिन लोगों ने प्रायोरिटी ज्यूल्स के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Priority Jewels IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से कैसे करें चेक

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में Priority Jewels सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

इस IPO में 45.75 लाख नए शेयर जारी हुए। फाइनल इश्यू प्राइस ₹200 प्रति शेयर रहा। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹27.45 करोड़ जुटाए। ग्रे मार्केट में प्रायोरिटी ज्यूल्स का शेयर 15.50 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

क्या-क्या बनाती है कंपनी

प्रायोरिटी ज्यूल्स हीरे जड़ी सोने और प्लेटिनम की फाइन ज्वेलरी डिजाइन करती है, बनाती है और बेचती है। यह रोज पहनी जाने वाली ज्वेलरी जैसे अंगूठी, झुमके, पेंडेंट, नेकलेस, ब्रेसलेट के साथ-साथ खास मौकों पर पहनी जाने वाली ज्वेलरी भी बेचती है। कंपनी भारत और दुनिया भर में स्वतंत्र ज्वेलर्स और ज्वेलरी चेन्स को अपने प्रोडक्ट बेचती है, जैसे कि कैरटलेन ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, कल्याण ज्वेलर्स, रिलायंस रिटेल, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स, त्रिभुवनदास भीमजी झवेरी लिमिटेड, सेनको गोल्ड लिमिटेड।

प्रायोरिटी ज्यूल्स की 21 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में अच्छी मौजूदगी है। यह अमेरिका, UAE, हांगकांग और नॉर्वे सहित 13 देशों में अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करती है। इसकी मुंबई में 2 ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं।

IPO के पैसे कैसे इस्तेमाल करेगी Priority Jewels

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। प्रायोरिटी ज्यूल्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹147.40 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा ₹6.48 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹110.49 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 24 प्रतिशत बढ़कर ₹539 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 68 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹17.65 करोड़ हो गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Ideas: निफ्टी में अभी और गिरावट मुमकिन, कमजोर बाजार में भी इन दो शेयरों में हो सकती है कमाई

Trading Ideas : खराब ग्लोबल संकेतों के चलते कल 1 सितंबर को बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि बाजार निचले स्तरों से सुधरकर बंद हुआ। निफ्टी और सेंसेक्स की फ्लैट क्लोजिंग हुई। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली रही। निफ्टी 25 प्वाइंट गिरकर 24,056 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 13 प्वाइंट गिरकर 76,944 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी 615 प्वाइंट गिरकर 57,410 पर बंद हुआ। मिडकैप 890 प्वाइंट गिरकर 63,335 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 30 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में बिकवाली दिखी। बैंक निफ्टी के 14 में से 11 शेयरों में बिकवाली रही। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे मजबूत होकर 94.95 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

आज के लिए बाजार पर अपनी रणनीति साझा करते हुए manasjaiswal.com के मानस जायसवाल ने कहा कि कल निफ्टी ने नॉर्मल ट्रेडिंग आवर्स में 24,000 के लेवल को तो ब्रेक किया था। क्लोजिंग बेसिस पर यह 24050 के आसपास बंद हुआ। अगर हम निफ्टी फ्यूचर्स की बात करें तो चार्ट्स पर एक फ्रेश ब्रेकडाउन दिखता है। ऐसे में लगता है कि निफ्टी में और गिरावट हो सकती है। निफ्टी में हमें 23860 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। इस गिरावट पर खरीदारी ना करें। कभी कोई उछाल मिले तो लॉन्ग पोजीशन से निकलना ही बेहतर रहेगा। अब आपको फ्रेश खरीदारी तभी करनी है जब निफ्टी 24,250 के ऊपर निकले और उसके ऊपर सस्टेन करना शुरू करें। उससे पहले सेल ऑन रैलीज़ का मार्केट बना रहेगा।

बैंक निफ्टी में भी 57,200 पर सपोर्ट है। अगर बैंक निफ्टी 57,200 के नीचे ट्रेड करने लगेगा तो गिरावट बढ़ेगी। ऐसी स्थिति में 56,800 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में यहां भी सतर्क रहने की जरूरत है। खरीदारी तभी करें जब बैंक निफ्टी 58,000 के ऊपर सस्टेन होना शुरू करे।

मानस जायसवाल के टॉप पिक्स

आज के लिए उनकी एक बाय और एक सेल की रेमेंडेशन है। उनको आईटी स्पेस बढ़िया लगता है। आईटी स्पेस में काफी स्टॉक्स ऐसे हैं जहां पर फ्रेश ब्रेकआउट देखने को मिला है। HCLT जिसने अपने 200 डे मूविंग एवरेज को रिगेन कर लिया है, इसमें उनकी लॉन्ग साइड में ट्रेड लेने की सलाह है। इस शेयर में 1329 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 1390 रुपए तक के टारगेट्स के लिए खरीदारी की सलाह है।

वहीं, SBI में बिकवाली की सलाह है। अगर आप SBI के चार्ट्स देखें तो इस स्टॉक ने 100 डे मूविंग एवरेज के सपोर्ट को तोड़ दिया है। यह 100 डे मूविंग एवरेज के नीचे फिसला है। स्टॉक अब 200 डे मूविंग एवरेज को टेस्ट कर सकता है। इसलिए SBI में बिकवाली करेंगे। इसके लिए 1041 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1010 रुपए तक के टारगेट रखें।

 

Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक के लोगों की चमकेगी किस्मत, जानें मूलांक 1 से 9 तक का भविष्यफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार 2 सितंबर का दिन आर्थिक मामलों के लिहाज से अलग-अलग मूलांक वाले लोगों के लिए कई तरह के संकेत लेकर आया है। कुछ लोगों के लिए कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं, जबकि कुछ को खर्च और निवेश के मामले में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य रह सकती है। बड़े निवेश का फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोचें। फिलहाल छोटे और सुरक्षित निवेश पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। खर्चों को नियंत्रण में रखें। साथ ही, अपनी प्रतिभा और अनुभव के जरिए अतिरिक्त कमाई के मौके तलाश सकते हैं।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक रूप से दिन अच्छा रह सकता है। किसी पुराने आर्थिक मामले को सुलझाने का मौका मिल सकता है। निवेश की योजना बनाने के लिए समय अनुकूल है, लेकिन बचत को भी प्राथमिकता दें। परिवार या करीबी लोगों से चर्चा करने पर आपको बेहतर आर्थिक फैसले लेने में मदद मिल सकती है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में संतुलित रहने की जरूरत है। अपनी आर्थिक योजनाओं की दोबारा समीक्षा करना फायदेमंद रहेगा। जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाए रखें और छोटी-छोटी चीजों पर होने वाले खर्च पर नजर रखें। कोई बड़ा आर्थिक फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ या भरोसेमंद व्यक्ति की सलाह लें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक योजनाओं में बदलाव हो सकता है। ऐसे में बजट को नए सिरे से देखना जरूरी होगा। किसी पुराने आर्थिक विवाद या समस्या को खत्म करने का मौका मिल सकता है। निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें और गैरजरूरी खर्चों से बचें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक रूप से दिन काफी अच्छा रह सकता है। कमाई के नए साधन सामने आ सकते हैं और पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। किसी नई योजना पर काम शुरू करने से पहले उसके सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझ लें। कारोबार से जुड़े फैसलों में सावधानी बरतना जरूरी होगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज अपनी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। निवेश से जुड़ा कोई बेहतर अवसर सामने आ सकता है। परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं। पुराने कर्ज या पैसों से जुड़े विवाद सुलझ सकते हैं। फिर भी भविष्य के लिए बचत करना न भूलें और सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता दें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। आज बजट पर ध्यान देना और अनावश्यक खर्च रोकना जरूरी है। नए निवेश के अवसर आकर्षित कर सकते हैं, लेकिन बिना पूरी जानकारी के कोई फैसला न लें। किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य से सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक जीवन में आज कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है। हालांकि खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन उन्हें संभाला जा सकता है। बचत को सुरक्षित रखने पर ध्यान दें और जोखिम वाले निवेश से बचें। लंबे समय से बनाई गई आर्थिक योजना को अब लागू करने पर विचार कर सकते हैं।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक रूप से दिन सकारात्मक रह सकता है। मेहनत का फायदा मिलने और किसी योजना के सफल होने की संभावना है। निवेश का नया विचार सामने आ सकता है, लेकिन किसी की सलाह पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। खर्चों पर नियंत्रण रखें और अगर कोई पुराना आर्थिक विवाद है तो उसे सुलझाने की कोशिश करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

माँ की Spinal Injury के बाद बेटे ने संभाली माँ और घर की जिम्मेदारी | Life With Ammi | Moeen Raza

माँ की Spinal Injury के बाद बेटे ने संभाली माँ और घर की जिम्मेदारी | Life With Ammi | Moeen Raza

जिस माँ ने कभी उंगली पकड़कर मुझे चलना सिखाया था, आज मैं उनका हाथ पकड़कर उन्हें चलना सिखा रहे हैं।
रायपुर, छत्तीसगढ़ के Moeen Raza ने माँ की Spinal Injury के बाद उनकी देखभाल के लिए अपनी जिंदगी बदल दी।
उन्होंने घर पर रहकर सारी जिम्मेदारी उठाई जब बाहर जाकर काम करना मुश्किल हुआ,
घर पर पैसों की समस्या आई तो उन्होंने सोशल मीडिया के ज जरिए अपनी कहानी लोगों तक पहुँचाई और यही उनकी कमाई का जरिया भी बन गया।
आज दो साल बाद अम्मी पहले से काफी बेहतर हैं। अब बस उनकी एक ही ख्वाहिश है – उन्हें फिर अपने पैरों पर खड़ा देखना।

Life With Ammi, Spinal Injury Recovery, Emotional Mother son bond,

बेटे के Cancer से जूझते हुए इमरान हाशमी ने सीखी जिंदगी की नई परिभाषा | Life changed after son cancer diagnosis | Emraan Hashmi In Awarapan 2#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

हनुमान अंश box office collection: नीम करौली बाबा की मूवी की छप्परफाड़ कमाई, बजट से 28 गुना पर पहुंची

Hanuman Ansh Day 26 Collection: फिल्ममेकर विशाल चतुर्वेदी की फिल्म ‘हनुमान अंश’, जो नीम करौली बाबा की जिंदगी पर आधारित है, को थिएटर्स में दूसरे हफ्ते में दर्शकों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली। यह फिल्म ₹2 करोड़ से कम के बजट में बनी है। इसने मंगलवार तक भारत में ₹57.54 करोड़ की कमाई कर ली है, जो इसके बताए गए बजट का 28 गुना से ज़्यादा है।

फिल्ममेकर विशाल चतुर्वेदी की फिल्म ‘हनुमान अंश’, जो नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित है, ने सिनेमाघरों में अपने दूसरे हफ्ते के दौरान अचानक अच्छी कमाई करना शुरू कर दिया। यह फिल्म करीब 2 करोड़ रुपये से कम के बजट में बनी है। वहीं, फिल्म ने मंगलवार तक भारत में 57.54 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। यानी फिल्म अपने बजट से 28 गुना से ज्यादा कमाई कर चुकी है।

हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 26

26वें दिन, यानी मंगलवार को, ‘हनुमान अंश’ ने भारत में 4,638 शोज में ₹3.15 करोड़ का नेट कलेक्शन किया, जिससे इसकी कुल घरेलू कमाई ₹48.78 करोड़ हो गई। हालांकि, ये रियल-टाइम अपडेट्स हैं और इनमें बदलाव हो सकता है। फाइनल आंकड़े नाइट शोज के बाद आएंगे। इस डिवोशनल फिल्म के कलेक्शन में मंगलवार को गिरावट देखी गई, और इसने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ₹57.54 करोड़ की कमाई की।

‘हनुमान अंश’ 2026 की बॉक्स ऑफिस सरप्राइज फिल्म बनी

‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर एक सरप्राइज हिट साबित हुई है। इसकी कमाई में तीसरे और चौथे हफ्ते में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। पहले हफ्ते में ₹1.08 करोड़ और दूसरे हफ्ते में ₹0.40 करोड़ की मामूली कमाई के बाद, फिल्म ने तीसरे हफ्ते में जबरदस्त उछाल दिखाया और ₹10.40 करोड़ कमाए। चौथे हफ्ते में कमाई की रफ्तार और बढ़ी। फिल्म ने शुक्रवार को ₹6.25 करोड़, शनिवार को ₹9.25 करोड़ और रविवार को ₹12.75 करोड़ कमाए, जो एक दिन की सबसे ज्यादा कमाई थी। वीकेंड के बाद कमाई में थोड़ी गिरावट के बावजूद, इसने अच्छा बिजनेस किया और सोमवार को ₹5.50 करोड़ कमाए।

फिल्म के बारे में

‘हनुमान अंश’ में शोभिनव सत्या, विहान शेडगे, चंदन के आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल रस्तोगी और गुलशन पांडे मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसे डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने लिखा है। सिनेमैटोग्राफी विशाल बावा ने की है, जबकि एडिटिंग शंख राज्याध्यक्ष ने की है। साधु तिवारी, ऋषि पाठक, श्रेयस धर्माधिकारी, सुनील लोधी, धीरेंद्र मुल्कलवार और विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म का संगीत तैयार किया है।

फिल्म की आधिकारिक कहानी इस प्रकार है: “कंबल, आश्रम और दुनिया भर में मिली शोहरत से पहले, अपनी गुजर चुकी मां की तलाश में निकला एक दुखी बच्चा भगवान राम से मिलता है। कुछ कहानियां सिर्फ प्रेरित नहीं करतीं, वे पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करती हैं। भारत की संत परंपरा पर आधारित यह फिल्म आस्था, विनम्रता, सेवा और असीम प्रेम की यात्रा को जीवंत करती है।”

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारी Sacnilk.com से ली गई है।

यह भी पढ़ें: सितंबर में OTT पर एंटरटेनमेंट की बौछार! हर हफ्ते मिलेगा कुछ नया देखने को

गन्ने के खेत से विदेशी बाजार तक पहुंची यूपी की एक्सपोर्ट चेन, निर्यात नीति ने बदली तस्वीर

गन्ने के खेत से विदेशी बाजार तक पहुंची यूपी की एक्सपोर्ट चेन, निर्यात नीति ने बदली तस्वीर

Yogi Farmer

उत्तर प्रदेश में निर्यात की बढ़ती रफ्तार अब केवल विदेशी बाजारों तक पहुंचने वाली बोतलों और उत्पादों की कहानी नहीं रह गई है। इसकी शुरुआत गन्ने के खेत, शीरा और अनाज से होकर उद्योगों तक पहुंच रही है और वहां से पैकेजिंग, भंडारण व परिवहन के रास्ते विदेशी बाजार तक जा रही है। योगी सरकार की त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति 2026-29 ने इस पूरी एक्सपोर्ट चेन को नई गति दी है।

 

वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में प्रदेश के आबकारी निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 45.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि इसी अवधि में राष्ट्रीय वृद्धि 18.3 प्रतिशत रही – इस तरह प्रदेश की वृद्धि राष्ट्रीय औसत की दोगुनी से भी अधिक रही। वहीं मात्रा की दृष्टि से प्रदेश का निर्यात 163 प्रतिशत बढ़ा। सबसे अहम उपलब्धि यह रही कि यूपी ने करीब 39.9 लाख डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की।

बस्ती के शीरे से विदेशी बाजार तक पहुंची कमाई

निर्यात की इस बढ़ती श्रृंखला में कृषि उत्पादों की भूमिका भी अहम है। बस्ती से 25 हजार क्विंटल शीरे का विदेश निर्यात किया गया, जिससे करीब पांच लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई। शीरा भिन्न शुल्क वर्गीकरण में आता है, इसलिए यह अर्जन उपरोक्त आंकड़ों से अतिरिक्त है। यानी खेतों में तैयार होने वाले कृषि उत्पाद अब स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रसंस्करण के बाद सीधे वैश्विक बाजार का हिस्सा बन रहे हैं। निर्यात बढ़ने के साथ अप्रैल-जुलाई 2026 के मध्य यूपी की इकाइयों ने अन्य राज्यों को भी पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 1.64 करोड़ अधिक बोतलें भेजीं, जो करीब 45.7 प्रतिशत की वृद्धि है।

नई इकाइयों से बढ़ा निवेश, बंद प्लांट भी हुए सक्रिय

निर्यात की बढ़ती संभावनाओं ने प्रदेश में नए निवेश के साथ पुरानी औद्योगिक क्षमता को भी सक्रिय किया है। उन्नाव में यूनाइटेड ब्रुअरीज और हरदोई में माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज नई इकाइयां स्थापित कर रही हैं। फर्रुखाबाद में वुडपेकर ग्रीनएग्री न्यूट्रिएंट्स ने इकाई स्थापित की है। वहीं एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स ने मुरादाबाद की बंद पड़ी इकाई को दोबारा शुरू किया है। गोरखपुर की कियान डिस्टिलरी ने एथेनॉल उत्पादन के साथ पेय आसवनी और ब्रुअरी के लिए भी आवेदन किया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, रैडिको खेतान भी अन्य राज्यों से अपने सीतापुर और रामपुर संयंत्रों में निर्यात उत्पादन स्थानांतरित कर रही है।

127.8 लाख अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा यूपी का निर्यात 

अप्रैल-जून 2026 में देश से करीब 10.17 करोड़ अमेरिकी डॉलर का आबकारी निर्यात हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 127.8 लाख डॉलर रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 87.9 लाख डॉलर था। यानी महज एक साल में प्रदेश ने करीब 39.9 लाख डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि हासिल की। राष्ट्रीय निर्यात में यूपी की हिस्सेदारी भी 10.2 प्रतिशत से बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गई और प्रदेश महाराष्ट्र एवं पंजाब के बाद देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश ने तिमाही के प्रत्येक माह में वृद्धि दर्ज की।

कृषि से पैकेजिंग तक दिख रहा असर

आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि निर्यात में वृद्धि का असर केवल आबकारी इकाइयों तक सीमित नहीं है। उद्योग की पिछली कड़ी गन्ना, शीरा और अनाज जैसे कृषि उत्पादों से जुड़ी है, जबकि आगे कांच की बोतल, पैकेजिंग, ढक्कन, लेबलिंग, भंडारण और परिवहन जैसे अनेक क्षेत्र जुड़े हैं। उत्पादन और निर्यात बढ़ने के साथ इन सभी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं। इस तरह निर्यात नीति ने खेत से लेकर फैक्ट्री और फैक्ट्री से विदेशी बाजार तक यूपी की एक व्यापक एक्सपोर्ट चेन को गति देने का काम किया है।

 

नवी एएमसी ने लॉन्च किया नया इंडेक्स फंड, REITs और रियल्टी शेयरों में करेगा इनवेस्ट

नवी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (नवी एएमसी) ने एक नया इंडेक्स फंड लॉन्च किया है। इसका नाम नवी निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स फंड है। यह एक ओपन-एंडेड स्टॉक्स है, जो निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक करेगा। यह फंड निवेश के लिए 1 सितंबर को खुल गया है।

कम से कम 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है

Navi Nifty REITs & Realty Index Fund में कम से कम 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है। यह फंड उन सिक्योरिटीज में निवेश करेगा, जो Nifty REITs & Realty Index में शामिल हैं। जो इनवेस्टर्स लिस्टेड रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) और रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में निवेश करना चाहते हैं, वे इस फंड में निवेश कर सकते हैं।

Nifty REITs & Realty Index में 15 तक सिक्योरिटीज शामिल

Nifty REITs & Realty Index एक फ्री-फ्लोच मार्केट-कैपिटलाइजेशन वेटेड इंडेक्स है, जिसमें 15 तक सिक्योरिटीज शामिल हैं। इस इंडेक्स में REITs का कम से कम 60 फीसदी वेट होना जरूरी है, जबकि एक इंडिविजुअल सिक्योरिटी का वेट 15 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। NSE Indices की तरफ से हर तिमाही इस इंडेक्स का रिव्यू किया जाता है।

रियल एस्टेट्स में निवेश से कमाई करने का मौका 

नवी एएमसी के मुताबिक, इस फंड का मकसद निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स के जितना रिटर्न जेनरेट करना है। इस फंड के पोर्टफोलियो में लिस्टेड रीट्स होंगे। इससे इनवेस्टर्स को इनकम देने वाले रियल एस्टेट्स में निवेश करने का मौका मिलेगा। साथ ही पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट कंपनियों के शेयर भी शामिल होंगे।

क्या होता है रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट?

REITs का मतलब रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट है। यह ट्रस्ट इनकम के लिए रियल एस्टेट खरीदता है और ऑपरेट करता है। इसमें हाई-वैल्यू रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज और मॉर्टगेजेज शामिल होते हैं। यह प्रॉपर्टीज लीज पर देते हैं और उससे किराया लेते हैं। इस तरह वसूला गया पूरा रेंट पहले इकट्ठा किया जाता है। फिर उसे शेयरहोल्डर्स के बीच बतौर इनकम या डिविडेंड बांट दिया जाता है।

यह भी पढ़ें: ETF में निवेश की टाइमिंग वाकई मायने रखती है? जानें लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सही रणनीति

आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से रियल एस्टेट में बढ़ रहा किराया

नवी एएमसी का यह नया इंडेक्स फंड उन इनवेस्टर्स के लिए अच्छा है, जो रीट्स में निवेश करना चाहते हैं और रियल एस्टेट्स के तेजी से बढ़ते किराए का फायदा उठाना चाहते हैं। भारत जैसे देश में रीट्स के अच्छे रिटर्न कमाने की काफी गुंजाइश है, क्योंकि इकोनॉमी में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि, इनवेस्टर्स को किसी फंड में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेनी चाहिए।

गोदरेज ग्रुप का स्टॉक 55% उछल सकता है, कोटक ने ₹1010 का टारगेट दिया

गोदरेज ग्रुप की कंपनी Godrej Agrovet के शेयर मंगलवार, 1 सितंबर को 12% तक चढ़ गए। हालांकि, बाद में तेजी कुछ कम हुई। शेयर आखिर में 5.96% की बढ़त के साथ ₹652 पर बंद हुआ। कंपनी के शेयर में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली।

Kotak ने टारगेट बढ़ाया

Kotak Institutional Equities ने Godrej Agrovet पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹1,010 कर दिया है।

मंगलवार के क्लोजिंग प्राइस ₹652 के मुकाबले यह टारगेट करीब 55% ज्यादा है। इससे पहले Kotak ने 8 जुलाई 2026 को शेयर का टारगेट ₹850 रखा था। यानी ब्रोकरेज ने नया टारगेट करीब 19% बढ़ा दिया है।

₹4,500 करोड़ EBITDA का अनुमान

Kotak का मानना है कि कंपनी का EBITDA FY31 तक ₹4,500 करोड़ तक पहुंच सकता है। EBITDA मार्जिन 23% से ज्यादा रह सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी की ग्रोथ कम से कम 2040 तक मजबूत बनी रह सकती है।

ब्रोकरेज को खासतौर पर कंपनी के पाम ऑयल कारोबार से बड़ी उम्मीद है।

पाम ऑयल बिजनेस पर बड़ा दांव

Godrej Agrovet के पाम ऑयल बिजनेस ने FY26 में ₹430 करोड़ का EBITDA कमाया था। कंपनी को उम्मीद है कि FY31 तक यह आंकड़ा ₹1,000 करोड़ के पार पहुंच जाएगा।

इसकी बड़ी वजह FFB यानी Fresh Fruit Bunch वॉल्यूम में दोहरे अंकों की ग्रोथ हो सकती है। Kotak का मानना है कि पाम ऑयल कारोबार में लंबी अवधि की मजबूत ग्रोथ की संभावना है। साथ ही मार्जिन भी स्थिर रह सकता है और कैपिटल पर अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि अकेले पाम ऑयल बिजनेस की वैल्यू कंपनी के मौजूदा मार्केट कैप से भी ज्यादा हो सकती है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹12,872 करोड़ है। स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ को देखते हुए Kotak ने इस कारोबार के लिए EBITDA मल्टीपल 15 गुना से बढ़ाकर 18 गुना कर दिया है।

वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स से भी उम्मीद

Kotak ने कहा कि कंपनी के कारोबार में वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बढ़ रही है। इससे आने वाले वर्षों में कमाई और प्रॉफिटेबिलिटी को सपोर्ट मिल सकता है।

पाम ऑयल कारोबार आगे चलकर कंपनी के लिए बड़ा वैल्यू ड्राइवर बन सकता है। स्टॉक को कवर करने वाले 5 अन्य एनालिस्ट भी शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग देते हैं।

जून तिमाही में मुनाफा घटा

FY27 की पहली तिमाही में कंपनी के नतीजे मिले-जुले रहे। जून तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13.8% घटकर ₹128.3 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹149 करोड़ था।

हालांकि, रेवेन्यू 9.2% बढ़कर ₹2,855.2 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹2,614.3 करोड़ था।

EBITDA 10.9% घटकर ₹240.1 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹269.6 करोड़ था। EBITDA मार्जिन भी घटकर 8.41% रह गया। पिछले साल यह 10.32% था।

शेयर का हाल

Godrej Agrovet का शेयर मंगलवार को इंट्राडे में 12% तक चढ़ा। बाद में इसमें मुनाफावसूली दिखी और तेजी कम हो गई। शेयर आखिर में 5.96% की बढ़त के साथ ₹652 पर बंद हुआ।

पिछले एक महीने में शेयर करीब 22% चढ़ चुका है। यह 52 हफ्ते के हाई ₹760 से करीब 14% नीचे है। वहीं, 52 हफ्ते के लो ₹506.10 से करीब 29% ऊपर कारोबार कर रहा है।

Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर के पार, इन कंपनियों के शेयर फिसले, ONGC और ऑयल इंडिया में उछाल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

स्वयं सहायता समूहों से जुड़े सवा करोड़ ग्रामीण परिवारों की बदली तकदीर

स्वयं सहायता समूहों से जुड़े सवा करोड़ ग्रामीण परिवारों की बदली तकदीर

उत्तर प्रदेश के गांवों में स्वयं सहायता समूह अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला आत्मनिर्भरता के बड़े केंद्र बन रहे हैं। योगी सरकार के ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में सक्रिय 10.58 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर लगभग सवा करोड़ ग्रामीण परिवारों को आजीविका के नए अवसर मिले हैं। इन समूहों ने महिलाओं को रोजगार और उद्यम से जोड़ने के साथ परिवारों की आय बढ़ाने और गांवों में आर्थिक गतिविधियों को गति देने का काम किया है। वहीं इन समूहों से जुड़ी 82 लाख से ज्यादा महिला किसान ग्रामीण बदलाव की नई अग्रदूत बनकर उभर रही हैं।

समूहों से निकली आत्मनिर्भरता की नई कहानी

ग्रामीण आजीविका मिशन का फोकस महिलाओं को केवल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। उन्हें प्रशिक्षण, ऋण, उद्यम और बाजार से जोड़कर स्थायी आय के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। इसका असर अब गांवों में साफ दिखाई देने लगा है। महिलाएं खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, हस्तशिल्प और स्वच्छता उत्पादों के निर्माण सहित कई क्षेत्रों में छोटे उद्यम संचालित कर रही हैं। इन गतिविधियों से महिलाओं के हाथ में कमाई आई है तो परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। घर की जरूरतों में योगदान देने के साथ महिलाएं अपने फैसले खुद लेने और दूसरे परिवारों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।

बचत-ऋण के जरिये कारोबार तक पहुंचीं ग्रामीण महिलाएं

मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि ग्रामीण आजीविका मिशन की बड़ी उपलब्धि यह है कि महिलाओं को बचत और ऋण की पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़ाकर उद्यमिता के अवसर दिए गए। प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के साथ बाजार से जुड़ाव ने हजारों गांवों में छोटे-छोटे उद्योगों की नींव रखी है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपनी पहचान कारोबारी के रूप में बना रही हैं। महिला समूहों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी तैयार हो रहे हैं। एक महिला के उद्यमी बनने का असर उसके परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समूह की दूसरी महिलाएं भी उससे प्रेरणा लेकर आर्थिक गतिविधियों से जुड़ती हैं।

82 लाख महिला किसान बनीं बदलाव की वाहक

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने के लिए कृषि क्षेत्र में भी उन्हें आगे बढ़ाया जा रहा है। 82 लाख महिला किसानों का जुड़ाव इस बदलाव की बड़ी तस्वीर पेश करता है। खेती से जुड़े काम में महिलाओं की भागीदारी को आय बढ़ाने वाले अवसरों से जोड़ने से ग्रामीण परिवारों की आजीविका के स्रोतों में विविधता आई है। महिला समूह अब गांवों में आर्थिक गतिविधियों के साथ सामाजिक बदलाव की भी मजबूत धुरी बन चुके हैं। समूहों में साथ काम करने से महिलाओं के बीच सहयोग और अनुभव साझा करने की संस्कृति मजबूत हुई है। सफल महिलाएं दूसरी महिलाओं को भी रोजगार और उद्यम की राह दिखा रही हैं।

वित्तीय समावेशन से मजबूत हुई आर्थिक नींव

ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जोड़ना भी मिशन की अहम उपलब्धियों में शामिल है। वित्तीय समावेशन के जरिए महिलाओं को बचत, ऋण और अन्य आर्थिक अवसरों तक पहुंच मिली है। इससे गांवों में छोटी पूंजी के आधार पर कारोबार शुरू करने की संभावनाएं बढ़ी हैं। सरकार का जोर अब इन समूहों को केवल समूह के रूप में सक्रिय रखने के बजाय उन्हें उद्यम, रोजगार और बाजार के अवसरों से जोड़कर आय के स्थायी स्रोत तैयार करने पर है। यही वजह है कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण विकास के साथ महिला सशक्तीकरण का भी प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं।

गांव की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई ऊर्जा

मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि प्रदेश में साढ़े दस लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों का नेटवर्क अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भर रहा है। एक ओर इससे आजीविका के अवसर मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की नई पहचान मिल रही है। ग्रामीण आजीविका का यह मॉडल आने वाले समय में गांवों में रोजगार और उद्यम के और अधिक अवसर पैदा करने की क्षमता रखता है।

Radhika Gupta: कभी 0% बचत, आज सैलरी का 90% SIP! एडलवाइस CEO राधिका गुप्ता ने बताए वेल्थ क्रिएशन के ये 4 सीक्रेट्स

Radhika Gupta SIP Investment Strategy: एडलवाइस म्यूचुअल फंड की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता अपनी फाइनेंशियल डिसिप्लिन के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी पर्सनल फाइनेंस जर्नी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। राधिका गुप्ता ने बताया कि आज वह अपनी टैक्स कटने के बाद मिलने वाली सैलरी का 90% हिस्सा म्यूचुअल फंड SIP में निवेश करती हैं।

हालांकि, उनकी शुरुआत ऐसी बिल्कुल नहीं थी। एक समय ऐसा भी था जब वह अपनी सैलरी से एक रुपया भी नहीं बचा पाती थीं। आइए जानते हैं उनकी जर्नी और पहली जॉब वाले युवाओं के लिए उनके दिए गए गोल्डन रूल्स के बारे में।

₹45000 की सैलरी में से कम से कम ₹5000 बचाएं

‘Konversation with Kushal’ पॉडकास्ट में बात करते हुए राधिका गुप्ता ने युवाओं को सलाह दी कि अपनी पहली सैलरी से ही निवेश करने की आदत डालनी चाहिए, भले ही शुरुआत छोटी राशि से हो। आपकी कमाई की शुरुआत में बड़ी रकम से ज्यादा महत्वपूर्ण आपकी निवेश करने की आदत है।

उन्होंने कहा, ‘अगर आपकी सैलरी ₹45000 है, तो उसमें से ₹9000 से ₹10000 बचाने की कोशिश करें। अगर आप इतना नहीं बचा पा रहे हैं, तो कम से कम ₹5000 हर महीने बचाने का लक्ष्य जरूर रखें।’

SIP क्यों है बेस्ट?

राधिका गुप्ता के अनुसार, SIP की सफलता का सबसे बड़ा कारण यह है कि यह ऑटोमेशन के जरिए अनुशासन बनाती है। उन्होंने समझाया, ‘जब आपकी सैलरी ₹50000 होती है, तो आप टैक्स से नहीं बच पाते क्योंकि वह सैलरी क्रेडिट होने से पहले ही TDS के रूप में कट जाता है।

ठीक इसी तरह SIP भी Investment Deducted at Source की तरह होनी चाहिए।’ ऑटोमैटिक डेबिट सेट करने से पैसा पहले ही इन्वेस्ट हो जाता है, जिससे ‘पहले खर्च करो और बाद में बचाओ’ वाली आदत पर रोक लगती है।

‘जीरो बचत’ से 90% तक का सफर

अपनी पर्सनल फाइनेंस जर्नी को याद करते हुए एडलवाइस की सीईओ ने बताया कि उन्होंने रातों-रात 90% सेविंग्स रेट हासिल नहीं किया। उन्होंने अपनी पोस्ट-टैक्स सैलरी से बिल्कुल कुछ न बचाने की स्थिति से 10%, फिर 20% और धीरे-धीरे आय बढ़ने के साथ इसे बढ़ाकर 90% तक पहुंचाया।

बेटे के 6 महीने के होते ही शुरू किया पोर्टफोलियो

राधिका गुप्ता बच्चों के नाम पर शुरुआती उम्र में निवेश की पुरजोर समर्थक हैं। उन्होंने 2023 में खुलासा किया था कि उन्होंने अपने बेटे के 6 महीने का होते ही उसके नाम पर इक्विटी में निवेश शुरू कर दिया था ताकि उसे लंबे समय तक कंपाउंडिंग का फायदा मिल सके। बच्चों के नाम पर SIP खोलने से माता-पिता ज्यादा गोल-ओरिएंटेड हो जाते हैं और वे लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों पर फोकस रहते हैं।

‘जिंदगी सिर्फ सबसे बड़े NAV या बैंक बैलेंस की रेस नहीं है’

हालांकि वह एक अग्रेसिव सेविंग्स रेट बनाए रखती हैं, लेकिन उन्होंने केवल पैसे जोड़ने की सनक से बचने की सलाह भी दी है। उन्होंने अपनी एक पोस्ट में लिखा था, ‘मेरा काम SIP बेचना है, लेकिन मैं हमेशा सभी से कहती हूं कि अपनी कड़ी मेहनत के फलों का आनंद लेने के लिए भी समय निकालें।’

उन्होंने आगे लिखा कि ‘जिंदगी इस बात की रेस नहीं है कि किसके पास सबसे ज्यादा NAV या सबसे ज्यादा रुपये हैं, बल्कि इस बात की है कि किसने सबसे ज्यादा खुशी से अपनी जिंदगी जी है।’

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।