गन्ने के खेत से विदेशी बाजार तक पहुंची यूपी की एक्सपोर्ट चेन, निर्यात नीति ने बदली तस्वीर

गन्ने के खेत से विदेशी बाजार तक पहुंची यूपी की एक्सपोर्ट चेन, निर्यात नीति ने बदली तस्वीर

Yogi Farmer

उत्तर प्रदेश में निर्यात की बढ़ती रफ्तार अब केवल विदेशी बाजारों तक पहुंचने वाली बोतलों और उत्पादों की कहानी नहीं रह गई है। इसकी शुरुआत गन्ने के खेत, शीरा और अनाज से होकर उद्योगों तक पहुंच रही है और वहां से पैकेजिंग, भंडारण व परिवहन के रास्ते विदेशी बाजार तक जा रही है। योगी सरकार की त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति 2026-29 ने इस पूरी एक्सपोर्ट चेन को नई गति दी है।

 

वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में प्रदेश के आबकारी निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 45.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि इसी अवधि में राष्ट्रीय वृद्धि 18.3 प्रतिशत रही – इस तरह प्रदेश की वृद्धि राष्ट्रीय औसत की दोगुनी से भी अधिक रही। वहीं मात्रा की दृष्टि से प्रदेश का निर्यात 163 प्रतिशत बढ़ा। सबसे अहम उपलब्धि यह रही कि यूपी ने करीब 39.9 लाख डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की।

बस्ती के शीरे से विदेशी बाजार तक पहुंची कमाई

निर्यात की इस बढ़ती श्रृंखला में कृषि उत्पादों की भूमिका भी अहम है। बस्ती से 25 हजार क्विंटल शीरे का विदेश निर्यात किया गया, जिससे करीब पांच लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई। शीरा भिन्न शुल्क वर्गीकरण में आता है, इसलिए यह अर्जन उपरोक्त आंकड़ों से अतिरिक्त है। यानी खेतों में तैयार होने वाले कृषि उत्पाद अब स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रसंस्करण के बाद सीधे वैश्विक बाजार का हिस्सा बन रहे हैं। निर्यात बढ़ने के साथ अप्रैल-जुलाई 2026 के मध्य यूपी की इकाइयों ने अन्य राज्यों को भी पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 1.64 करोड़ अधिक बोतलें भेजीं, जो करीब 45.7 प्रतिशत की वृद्धि है।

नई इकाइयों से बढ़ा निवेश, बंद प्लांट भी हुए सक्रिय

निर्यात की बढ़ती संभावनाओं ने प्रदेश में नए निवेश के साथ पुरानी औद्योगिक क्षमता को भी सक्रिय किया है। उन्नाव में यूनाइटेड ब्रुअरीज और हरदोई में माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज नई इकाइयां स्थापित कर रही हैं। फर्रुखाबाद में वुडपेकर ग्रीनएग्री न्यूट्रिएंट्स ने इकाई स्थापित की है। वहीं एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स ने मुरादाबाद की बंद पड़ी इकाई को दोबारा शुरू किया है। गोरखपुर की कियान डिस्टिलरी ने एथेनॉल उत्पादन के साथ पेय आसवनी और ब्रुअरी के लिए भी आवेदन किया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, रैडिको खेतान भी अन्य राज्यों से अपने सीतापुर और रामपुर संयंत्रों में निर्यात उत्पादन स्थानांतरित कर रही है।

127.8 लाख अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा यूपी का निर्यात 

अप्रैल-जून 2026 में देश से करीब 10.17 करोड़ अमेरिकी डॉलर का आबकारी निर्यात हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 127.8 लाख डॉलर रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 87.9 लाख डॉलर था। यानी महज एक साल में प्रदेश ने करीब 39.9 लाख डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि हासिल की। राष्ट्रीय निर्यात में यूपी की हिस्सेदारी भी 10.2 प्रतिशत से बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गई और प्रदेश महाराष्ट्र एवं पंजाब के बाद देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश ने तिमाही के प्रत्येक माह में वृद्धि दर्ज की।

कृषि से पैकेजिंग तक दिख रहा असर

आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि निर्यात में वृद्धि का असर केवल आबकारी इकाइयों तक सीमित नहीं है। उद्योग की पिछली कड़ी गन्ना, शीरा और अनाज जैसे कृषि उत्पादों से जुड़ी है, जबकि आगे कांच की बोतल, पैकेजिंग, ढक्कन, लेबलिंग, भंडारण और परिवहन जैसे अनेक क्षेत्र जुड़े हैं। उत्पादन और निर्यात बढ़ने के साथ इन सभी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं। इस तरह निर्यात नीति ने खेत से लेकर फैक्ट्री और फैक्ट्री से विदेशी बाजार तक यूपी की एक व्यापक एक्सपोर्ट चेन को गति देने का काम किया है।

 

Viral Video: ‘पुल से नीचे फेंकी कांच की बोतल चलती कार पर गिरी’ लोनावला में लापरवाही का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर इन दिनों मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक शख्स की लापरवाही का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति पुल के ऊपर से कांच की शराब की बोतल सड़क पर फेंकता हुआ दिखाई देता है। कांच की शराब की बोतल नीचे एक चलती कार पर जाकर गिरती है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद से लोगों ने व्यक्तिन की हरकत की कड़ी आलोचना की है। वहीं कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया, “यह घटना लोनावला की है। अच्छी बात यह रही कि इस वजह से कोई हादसा नहीं हुआ और न ही किसी को चोट आई। कृपया इस तरह की लापरवाही न करें। सुरक्षित रहें।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

ये घटना लोनावला के पास हुई बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति अपनी कार से कांच की शराब की बोतल निकालकर बिना आसपास की परवाह किए उसे पुल से नीचे फेंक देता है। कुछ ही पल बाद वह बोतल नीचे से गुजर रही एक चलती कार की छत पर जा गिरी। इस घटना ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में जब पुल पर मौजूद एक व्यक्ति ने उसे बताया कि उसकी फेंकी हुई कांच की बोतल नीचे जा रही एक कार पर गिर गई है, तो उसने सफाई देते हुए कहा कि उसे लगा था सड़क खाली है। इसके बाद वह पुल से नीचे झांककर ये देखने की कोशिश करता नजर आया कि बोतल आखिर कहां गिरी।

 

View this post on Instagram

A post shared by Subodh (@subo_dh_07)

किसी को नहीं लगी चोट

इस घटना में किसी को चोट नहीं लगी, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। कई यूजर्स के मुताबिक, अगर कांच की बोतल किसी बाइक सवार या पैदल जा रहे व्यक्ति पर गिरती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों ने इस हरकत को बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। इस वीडियो पर लोगों ने काफी रिएक्शन दे रहे हैं।

लोगों ने दिया रिएक्शन

वीडियो पर लोगों ने जमकर रिएक्शन दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ये बेहद गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। अगर उसी समय वहां से कोई बाइक सवार गुजर रहा होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों को समझना चाहिए कि सड़कें उनका निजी कूड़ेदान नहीं हैं।” एक अन्य यूजर ने कहा, “अच्छी बात है कि बोतल किसी दोपहिया वाहन पर नहीं गिरी। अगर ऐसा होता, तो गंभीर चोट लग सकती थी। इस तरह कचरा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

एक अन्य यूजर ने सवाल किया, “क्या अधिकारियों ने उस व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई की? अगर नहीं, तो दूसरों के लिए उदाहरण पेश करने के लिए उसे सजा मिलनी चाहिए।” एक और शख्स ने टिप्पणी की, “कभी-कभी उम्र नहीं, बल्कि गलत हरकत देखनी चाहिए। ऐसे मामलों में सख्त सबक मिलना जरूरी है।”

Amazon ने लगाया ऐसा चार्ज कि भड़क गए खरीदार, इंटरनेट पर पूछा- ‘ये नया स्कैम है क्या?’