Gold Rate Today in India: अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने गोल्ड की चमक आज बढ़ाई है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी नीचे आई। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की गिरावट के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसकी चमक बढ़ी है। इन दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹500 और 22 कैरट वाला ₹460 महंगा हुआ है। इससे पहले 27 अगस्त को 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹3110 और 22 कैरट वाला ₹2850 सस्ता हुआ था। अब आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 ऊपर चढ़ा है। चांदी की बात करें तो लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद आज दूसरे दिन इसके भाव नीचे आए हैं और इन दो दिनों में एक किलो चांदी ₹5100 सस्ती हुई है।
सिटीवाइज गोल्ड के भाव
देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…
शहर
24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली
₹1,61,290
₹1,47,860
₹1,21,010
मुंबई
₹1,61,140
₹1,47,710
₹1,20,860
कोलकाता
₹1,61,140
₹1,47,710
₹1,20,860
चेन्नई
₹1,61,470
₹1,48,010
₹1,25,710
बेंगलुरू
₹1,61,140
₹1,47,710
₹1,20,860
हैदराबाद
₹1,61,140
₹1,47,710
₹1,20,860
लखनऊ
₹1,61,290
₹1,47,860
₹1,21,010
पटना
₹1,61,190
₹1,47,760
₹1,20,910
जयपुर
₹1,61,290
₹1,47,860
₹1,21,010
अहमदाबाद
₹1,61,190
₹1,47,760
₹1,20,910
छह दिनों की स्थिरता के बाद दूसरे दिन फिसली चांदी
चांदी की बात करें तो लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद दूसरे दिन आज इसके भाव कम हुए हैं। दो दिनों में एक किलो चांदी ₹5100 सस्ती हुई है और इन छह दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 ऊपर चढ़ी थी तो उससे भी एक दिन पहले 19 अगस्त को एक किलो चांदी ₹5000 नीचे आई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,54,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,64,900 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।
आगे क्या है रुझान
360 ONE के प्रेसिडेंट और हेड-ब्रोकरेज विरल शाह का कहना है कि अगर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है तो अगले 6 से 8 महीनों में सोना और चांदी में मौजूदा लेवल से 10% तक ऊपर चढ़ सकता है। उनका मानना है कि जियोपॉलिटिकल घटनाओं और हाई बॉन्ड यील्ड को लेकर अमेरिकी रुझान से इन्हें सपोर्ट मिलता रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर डॉलर की कमजोरों बढ़ती है तो इन्हें और फायदा मिल सकता है।
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Bank FD Rate: रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और रेगुलर इनकम का सोर्स होना काफी जरूरी होता है। यही वजह है कि अधिकांश बुजुर्ग अपनी गाढ़ी कमाई और रिटायरमेंट फंड को सेफ रखने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) चुनते हैं। बैंकों के बीच एफडी पर इंट्रेस्ट रेट्स में काफी फर्क देखने को मिलता है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक इंट्रेस्ट रेट ऑफर किया जाता है। इसके अलावा प्राइवेट, पब्लिक और विदेशी बैंक भी सीनियर सिटिजन्स को एफडी पर कॉम्पिटेटिव रिटर्न देते हैं।
सीनियर सिटिजंस को FD पर मिलने वाले इंट्रेस्ट रेट में मामूली सा भी फर्क उनके टोटल रिटर्न पर अच्छा खासा असर डालता है। खासकर तब जब रिटायरमेंट के बाद बड़े फंड की FD की गई हो। अलग-अलग बैंकों के इंट्रेस्ट रेट की तुलना करना और सही फ्रिक्वेंसी का चयन करना इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने में काफी मदद करता है।
स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50% तक का मिल रहा है बंपर इंट्रेस्ट
सीनियर सिटिजन को एफडी पर मैक्सिमम रिटर्न देने में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50 प्रतिशत तक इंट्रेस्ट मिल रहा है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD के इंट्रेस्ट रेट को एक नजर में नीचे देखा जा सकता है-
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहा है।
शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): एफडी पर 8.50 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.50 प्रतिशत तक की दर की पेशकश कर रहा है।
जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): एफडी पर 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.25 प्रतिशत तक की दर प्रदान कर रहा है।
प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक: सुरक्षित निवेश के साथ बढ़िया विकल्प
प्राइवेट और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी बुजुर्गों को आकर्षित करने के लिए कॉम्पिटेटिव एफडी रेट पेश कर रहे हैं:
प्राइवेट सेक्टर बैंक
एसबीएम बैंक इंडिया वरिष्ठ नागरिकों को सर्वाधिक 8.15 प्रतिशत तक का इंट्रेस्ट रेट दे रहा है। इसके बाद डीसीबी बैंक (DCB Bank) 8.00 प्रतिशत और बंधन बैंक (Bandhan Bank) 7.95 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहे हैं। इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) और यस बैंक (YES Bank) दोनों 7.75 प्रतिशत तक, आरबीएल बैंक (RBL Bank) और तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक (Tamilnad Mercantile Bank) 7.70 प्रतिशत तक और जम्मू एंड कश्मीर बैंक (Jammu & Kashmir Bank) 7.55 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) के बैंक
सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक 7.45 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) 7.25 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और इंडियन बैंक (Indian Bank) 7.15 प्रतिशत तक जबकि इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) और केनरा बैंक (Canara Bank) 7.10 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहे हैं।
विदेशी बैंक
विदेशी बैंकों की बात करें तो स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) 7.10 प्रतिशत तक, डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) 7.00 प्रतिशत तक और एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank) 6.00 प्रतिशत तक की एफडी ब्याज दर दे रहे हैं।
10 लाख रुपये की एफडी पर सालाना ब्याज आय का गणित
अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 8.50% की उच्चतम वार्षिक ब्याज दर पर 10 लाख रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करता है:
कुल फिक्स्ड राशि: ₹10,000,000
वार्षिक ब्याज दर: 8.50%
सालाना ब्याज आय: ₹85,000
यानी 8.50% की दर से 10 लाख रुपये फिक्स करने पर सिर्फ इंट्रेस्ट से ही वरिष्ठ नागरिक को सालाना ₹85000 (करीब ₹7083 प्रति माह) की निश्चित कमाई होगी। (नोट: अगर बैंक में ब्याज का रीइन्वेस्टमेंट या तिमाही आधार पर कम्पाउंडिंग होती है तो इंट्रेस्ट से कुल इनकम इससे भी अधिक हो सकती है।)
विशेषज्ञों की राय: कैसे करें सही और सुरक्षित एफडी निवेश
फाइनेंशियस एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि वरिष्ठ नागरिकों को अपनी पूरी जमा राशि किसी एक ही बैंक में रखने के बजाय अलग-अलग बैंकों में बांटकर निवेश करना चाहिए। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि वे डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत मिलने वाले 5 लाख रुपये तक के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। उच्च रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और अपनी लिक्विडिटी की जरूरतों के हिसाब से एफडी की अवधि तय करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
Guest Faculty Recruitment 2026: टीचिंग फील्ड में सरकारी नौकरी करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए यह बड़ी खबर है। राजस्थान के सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और संस्कृत शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षक के बंपर पदों पर जल्द भर्ती शुरू हो सकती है। विद्या संबल योजना के तहत की जाने वाले इस भर्ती के तहत स्कूल और कॉलेज स्तर पर करीब 76 हजार 791 पदों पर गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति की जाएगी। इसका उद्देश्य शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने से रोकना और योग्य अभ्यर्थियों को शिक्षण कार्य से जोड़ना है।
विद्या संबल योजना के तहत ये कर सकेंगे आवेदन
राजस्थान की विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्ट भर्ती प्रक्रिया में जरूरत के मुताबिक स्कूलों और कॉलेजों में रिक्त पदों की पहचान कर गेस्ट फैकल्टी की सेवाएं ली जाएंगी। इसके लिए युवा अभ्यर्थियों के साथ ही पात्र सेवानिवृत्त शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए संबंधित विभाग और संस्थान की ओर से निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करना जरूरी होगा।
विद्या संबल योजना गेस्ट फैकल्टी भर्ती 2026
विद्या संबल योजना के तहत स्कूल स्तर पर कक्षा 1 से 8 तक के लिए ग्रेड-3 शिक्षक, कक्षा 9 और 10 के लिए वरिष्ठ अध्यापक तथा कक्षा 11 और 12 के लिए व्याख्याता के पदों पर गेस्ट फैकल्टी लगाए जाने का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा अनुदेशक और लैब असिस्टेंट जैसे पद भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
उच्च शिक्षा संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर स्तर के पदों पर भी गेस्ट फैकल्टी की व्यवस्था की जा सकती है। संबंधित कॉलेज या संस्थान में उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार पदों की संख्या तय होगी।
गेस्ट फैकल्ट के चयन के लिए नहीं देनी होगी लिखित परीक्षा
इच्छुक और योग्यत उम्मीदवारों को गेस्ट फैकल्टी के तौर पर चयन के लिए लिखित परीक्षा या साक्षात्कार नहीं लिया जाएगा। अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के लिए 75% और शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव के लिए 25% अंक रखा जा सकता है। समान अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों में अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को वरीयता दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
चयनित गेस्ट फैकल्टी को घंटे के हिसाब से मिलेगा वेतन
गेस्ट फैकल्टी को नियमित सरकारी शिक्षक के समान वेतन नहीं मिलेगा। चयनित उम्मीदवारों को निर्धारित दर के अनुसार प्रति घंटे मानदेय दिया जाएगा। ग्रेड-3 शिक्षक, अनुदेशक और प्रयोगशाला सहायक के लिए 300 रुपए प्रति घंटे मानदेय और अधिकतम 21 हजार रुपए प्रतिमाह तक भुगतान की जानकारी है। वरिष्ठ अध्यापक को 350 रुपए प्रति घंटे और अधिकतम 25 हजार रुपए प्रतिमाह, जबकि व्याख्याता को 400 रुपए प्रति घंटे और अधिकतम 30 हजार रुपए प्रतिमाह तक मानदेय दिया जा सकता है।
उच्च शिक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 800 रुपए प्रति घंटे और अधिकतम 45 हजार रुपए प्रतिमाह, एसोसिएट प्रोफेसर के लिए 1000 रुपए प्रति घंटे और अधिकतम 52 हजार रुपए प्रतिमाह, जबकि प्रोफेसर के लिए 1200 रुपए प्रति घंटे और अधिकतम 60 हजार रुपए प्रतिमाह तक मानदेय का प्रावधान बताया गया है।
ऑफलाइन होगा आवेदन
गेस्ट फैकल्टी के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन रखी जा सकती है। संबंधित स्कूल, कॉलेज या शिक्षण संस्था अपनी आवश्यकता के अनुसार रिक्त पदों की जानकारी जारी करेगी और अभ्यर्थियों से आवेदन प्राप्त करेगी।
जब दुनिया ने उनके सपनों पर शक किया, उनकी माँ ने भरोसा किया।
हुमा कुरैशी और साकिब सलीम के लिए मुंबई का सफर सिर्फ एक्टिंग में करियर बनाने का नहीं था। ये एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ने का सफर था।
एक का हौसला टूटता, तो दूसरा संभालता।
और शायद यही वजह है कि दोनों ने अपने-अपने सपनों को हकीकत में बदला।
क्योंकि कभी-कभी आपको पूरी दुनिया के भरोसे की जरूरत नहीं होती, बस एक अपने का भरोसा काफी होता है।
@iamhumaq
@saqibsaleem
Huma Qureshi Saqib Saleem brother sister story, siblings who achieved dreams together, Huma Qureshi in Baby Do Die Do, Bollywood Siblings Story
भाई बहन की इस जोड़ी ने साथ मिलकर सपनों को बदला हकीकत में | Saqib and Huma Qureshi | Baby Do Die Do | Siblings Story
Mahindra has extended its Battery-as-a-Service (BaaS) ownership programme to the XEV 9S and the XEV 9e. Under BaaS, prices start at Rs 12.65 lakh for the XEV 9S and at Rs 13.90 lakh for the XEV 9e (all ex-showroom), and an additional Rs 3.75 per km will be charged for the battery. All of Mahindra’s born EVs are now available under the BaaS programme.
XEV 9S and XEV 9e starting price reduced by Rs 8 lakh with BaaS
Rs 3.75 to be charged additionally for each kilometre driven
The BaaS program essentially brings down the entry price of both the XEV 9e and the XEV 9S by Rs 8 lakh, which is significant saving on the upfront cost of the vehicle. For reference, prices for the XE 9S start from Rs 20.65 lakh, while the XEV 9e is priced from Rs 21.90 lakh (ex-showroom, without charger)
Additionally, Mahindra has also extended the BaaS program to all variants of the BE 6 Sporteq – until now, it was only available on the Pack One and Pack Two trims with the smaller 59kWh battery. Mahindra, however, hasn’t revealed the exact variant-wise break up of BaaS prices for each of three EVs.
The separate battery financing model carries an effective running cost calculated at Rs 3.75 per kilometre, based on an initial monthly battery EMI of Rs 6,975 assuming a daily running average of 60 kilometres alongside a specified down payment.
What is BaaS?
BaaS is a pricing structure that excludes the cost of an EV’s battery pack from its ex-showroom price, affording the buyer a substantially lower upfront cost. The battery cost is then financed per kilometre of usage for a certain tenure and interest rate, depending on the financier. It’s worth noting, though, that charging expenditures are not included in the battery usage costs.
JSW-MG Motor India was the first carmaker to offer BaaS with the Windsor. Since then, several other electric carmakers such as Tata Motors, Maruti, Toyota, Hyundai and Citroen have adopted this pricing strategy to advance electric vehicle adoption. Mahindra is now the latest carmaker to adopt the BaaS model, although acceptance of BaaS among EV buyers is still very limited.
MG launched the Hector Tomahawk in India in both all-electric (EV) and plug-in hybrid (PHEV) versions, with prices starting from Rs 19.50 lakh and Rs 25.70 lakh, respectively. Both models are offered with a lot of new-age technology and have piqued the interest of enthusiasts. Here’s everything you need to know about the MG Hector Tomahawk EV and Hector Tomahawk PHEV.
1. What are the exterior differences between the EV and PHEV?
Both versions get different grilles, front bumpers, and alloy wheels
Both the Hector Tomahawk’s EV and PHEV versions have some design differences. While the EV gets a blanked-off gloss-black grille, the PHEV gets a functional grille with chrome inserts and black trims underneath the headlights. The front bumper design is also different, with the PHEV getting a silver bullbar-like element in the centre that the EV misses. The headlights and illuminated MG logo are, however, shared.
Not much is different in the side profile, except for the 18-inch alloy designs and red callipers on the top-spec Hector Tomahawk PHEV. If you opt for a dual-tone shade, the EV will have a black roof, while the PHEV will have a white roof. The rear design, however, is identical for both versions of the SUV.
2. What are the interior differences between the EV and PHEV?
Save for a luggage cover and different cabin themes, everything else is the same
MG Hector Tomahawk EV gets a beige and black cabin theme.
Save for a rolling luggage shade on the 5-seater variants of the EV, and a different cabin theme – brown and black on the EV and a darker brown and black on the PHEV – there is no visible difference. Everything else is the same, including the feature suite: a 15.6-inch touchscreen infotainment system, an 8.8-inch digital driver’s display, a 10-speaker Infinity sound system, a panoramic sunroof, powered and ventilated front seats with memory function for the driver’s seat, and a 50W fast wireless charger.
MG Hector Tomahawk PHEV gets a brown and black cabin theme.
The safety suite is also identical in both Hector Tomahawk versions, which includes 6 airbags, a 360-degree camera with an under-bonnet view, Level 2 advanced driver assistance systems (ADAS) and a tyre pressure monitoring system (TPMS).
3. What is the boot space on the MG Hector Tomahawk EV and PHEV?
EV and PHEV versions offer up to 610 litres and 192 litres of boot space, respectively
5-seater MG Hector Tomahawk EV’s boot space.
The MG Hector Tomahawk EV is offered in either a 5-seater or a 7-seater version. The 5-seater offers 610-litre boot space, with all rows up, which can be expanded to 1,053 litres by folding down the rear row. The 7-seater version offers a 192-litre boot space with all rows up, and 528 litres when the third row is folded.
The PHEV, offered only as a 7-seater, offers 192-litre boot space like the EV’s 7-seater version, expandable to 528 litres by folding the third row. Neither the EV nor the PHEV version of the Hector Tomahawk are offered with a frunk (storage space under the bonnet).
4. What are the powertrain specifications of the MG Hector Tomahawk PHEV and EV?
PHEV gets a 1.5L engine and 20.5kWh battery; EV offers a 69.2kWh battery pack
The MG Hector Tomahawk PHEV gets a 1.5-litre naturally aspirated petrol engine and a 20.5kWh battery pack, offering a combined output of 198hp and 230Nm. The front-wheel-drive (FWD) SUV has an all-electric range of around 115km and a total range including the petrol engine of around 1,100km.
The MG Hector Tomahawk EV, on the other hand, gets a 69.2kWh battery pack, mated to a front-axle-mounted electric motor producing 204hp and 310Nm. It has a claimed range of 517km.
5. Can the Hector Tomahawk PHEV be charged at a public EV charging station?
It supports 25kW DC fast charging
Yes, being a plug-in hybrid (PHEV), the MG Hector Tomahawk PHEV supports 25kW DC fast charging. This can replenish the battery from 30 to 80 percent in 35 minutes, like a typical EV. MG is also offering it with a 3.3kW home charger, which can recharge the battery pack from 10 to 100 percent in 7.5 hours.
6. Are the MG Tomahawk EV and PHEV more affordable with BaaS?
BaaS reduces the EV’s and PHEV’s initial prices by up to Rs 6.01 lakh and 3.91 lakh, respectively
MG Hector Tomahawk EV, PHEV BaaS vs non-BaaS prices (in Rs, lakh)
Without BaaS
With BaaS
Initial cost difference
EV
19.50 to 23.50
13.99 to 17.49*
Up to 6.01
PHEV
25.70 to 27.80
21.79 to 23.89^
3.91
*Battery subscription fee is Rs 4.9 per km per month
^Asks for a battery subscription fee of Rs 3.2 per km per month
The BaaS (Battery-as-a-Service) option reduces the upfront price of the MG Hector Tomahawk EV by Rs 6.01 lakh and the PHEV by Rs 3.91 lakh. However, you then pay a battery rental fee for every kilometre you drive: Rs 4.90 per km for the EV and Rs 3.20 per km for the PHEV. At these rates, the upfront savings from BaaS are effectively used up after around 1.22 lakh km. The break-even point is 1,22,653 km for the EV and 1,22,187 km for the PHEV.
In simple terms, if you expect to drive less than 1.22 lakh km over the entire ownership period, BaaS could be the more affordable option because of its lower initial cost. However, if you plan to drive more than 1.22 lakh km, buying the Hector Tomahawk with the battery included is likely to save you more money in the long run.
There is also another factor to consider. Under the BaaS plan, you do not own the battery, so your long-term costs depend on the rental agreement. If MG increases the per-kilometre fee or changes the contract in the future, your running costs could also increase. So, while BaaS would be more affordable for most buyers, purchasing the vehicle with the battery included may offer greater certainty in running cost calculations.
Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms की शेयर बाजार में एंट्री अब और करीब आ गई है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी के IPO प्लान को मंजूरी दे दी है। Jio Platforms ने 19 जून को DRHP दाखिल किया था। अब IPO की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
यह IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। कंपनी इस इश्यू में 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। इससे करीब 2.93% हिस्सेदारी कम होगी। IPO से मिलने वाली रकम में से करीब ₹27,500 करोड़ लोन चुकाने में लगाए जाएंगे।
Jio Platforms में किसकी कितनी हिस्सेदारी?
Jio Platforms में Reliance Industries यानी RIL सबसे बड़ी शेयरधारक है। उसके पास 66.43% हिस्सेदारी है। Meta Platforms के पास 9.98% और Google के पास 7.73% हिस्सेदारी है।
सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड के पास 2.31% हिस्सेदारी है। KKR के पास भी 2.31% और Vista Equity Partners के पास 2.31% हिस्सेदारी है। Silver Lake के पास 1.88% हिस्सेदारी है।
इसके अलावा Mubadala के पास 1.85%, General Atlantic Singapore के पास 1.34%, Abu Dhabi Investment Authority के पास 1.16% और TPG Capital के पास 0.93% हिस्सेदारी है।
जून तिमाही में रेवेन्यू 12% बढ़ा
Jio Platforms का कारोबार भी अच्छी रफ्तार से बढ़ रहा है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹45,961 करोड़ रहा।
ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹39,173 करोड़ रहा। EBITDA 15% बढ़कर ₹20,865 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 52% से बढ़कर 53% हो गया। कंपनी का मुनाफा 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़ रहा।
53.33 करोड़ पहुंचा सब्सक्राइबर बेस
जून तिमाही के अंत में Jio Platforms का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह 52.44 करोड़ था। एक साल पहले यह 49.81 करोड़ था।
कंपनी के 5G सब्सक्राइबर की संख्या 28.5 करोड़ पहुंच गई। डेटा इस्तेमाल भी बढ़ा है। जून तिमाही में कुल डेटा ट्रैफिक सालाना आधार पर 26.9% बढ़कर 69.4 अरब GB रहा। प्रति व्यक्ति औसत मासिक डेटा इस्तेमाल 43.7 GB रहा।
इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी
SEBI ने Bharat PET, Sadbhav Futuretech, MK Sons Fine Jewels, Pushp Brand India और Paras Healthcare के IPO को भी मंजूरी दी है।
इसके अलावा Paramotor Digital Technology के प्री फाइलिंग प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।
Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।
Top IPO 2026: भारत के प्राइमरी मार्केट ने इस साल निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन दिए हैं। कुछ IPO की शुरुआत इतनी मजबूत रही कि निवेशकों को पहले ही दिन काफी बड़ा मुनाफा मिला। कुछ मामलों में तो शेयर ने लिस्टिंग पर ही निवेश की रकम दोगुनी से ज्यादा कर दी।
पैसा लगभग डबल करने वाले IPO
Tempsens Instruments India इस लिस्ट में सबसे आगे है। कंपनी के शेयर IPO प्राइस से 110.40% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। यानी पहले दिन निवेशकों का पैसा दोगुने से भी ज्यादा हो गया। यह इस साल की अब तक की सबसे मजबूत लिस्टिंग रही।
सरकारी कंपनी कोल इंडिया की सब्सिडियरी Bharat Coking Coal दूसरे नंबर पर रही। इसके शेयर 96.57% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। यानी निवेशकों को पहले दिन ही करीब दोगुनी रकम के बराबर फायदा मिला।
40% से ज्यादा रिटर्न देने वाले
इसके बाद लिस्टिंग गेन में बड़ा अंतर दिखता है। INDO MIM के शेयर 44.95% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। वहीं CMR Green Tech ने 43.44% का लिस्टिंग गेन दिया। दोनों IPO ने निवेशकों को पहले दिन ही मजबूत रिटर्न दिया।
Dhoot Transmission और Kusumgar की लिस्टिंग भी करीब-करीब एक जैसी रही। Dhoot Transmission के शेयर 37.06% प्रीमियम पर खुले। Kusumgar के शेयर 36.99% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। दोनों के बीच सिर्फ मामूली अंतर रहा।
निवेशकों को मालामाल करने वाले IPO
कंपनी
लिस्टिंग प्रीमियम (%)
Tempsens
110.40%
Bharat Coking Coal
96.57%
INDO MIM
44.95%
CMR Green Tech
43.44%
Dhoot Transmission
37.06%
Kusumgar
36.99%
BigFoot Retail
33.51%
Lalithaa Jewellery
31.99%
Laser Power
25.70%
Molbio Diagnostics
21.44%
नोट: इसमें ₹5 अरब से ज्यादा इश्यू साइज वाले IPO शामिल हैं।
स्रोत: Bloomberg
2026 में IPO से ₹72,165 करोड़ जुटे
Prime Database के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर 60 IPO आए। इन IPO के जरिए कंपनियों ने कुल ₹72,165 करोड़ जुटाए। खास बात यह रही कि जुलाई और अगस्त में IPO बाजार काफी सक्रिय रहा। इन दो महीनों में कुल जुटाई गई रकम का करीब 69% हिस्सा आया।
₹2.02 लाख करोड़ के IPO कतार में
IPO बाजार में आगे भी काफी हलचल देखने को मिल सकती है। Prime Database के मुताबिक, 75 कंपनियां SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। इन कंपनियों के प्रस्तावित इश्यू का कुल आकार करीब ₹2.02 लाख करोड़ है।
इनमें से 32 कंपनियों ने अपना इश्यू साइज बताया है। इन 32 कंपनियों के IPO का कुल आकार करीब ₹1.38 लाख करोड़ है। यानी आने वाले महीनों में भी प्राइमरी मार्केट में बड़ी रकम जुटाए जाने की संभावना है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Sonia Gandhi Book Row: ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ ने शुक्रवार (28 अगस्त) को कहा कि वह कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव (Belonging: A Journey of Love)’ किताब का भारत में प्रकाशक यानी पब्लिशर नहीं है। पेंगुइन का यह बयान अमेरिकी पब्लिशर ‘अल्फ्रेड ए. नॉफ’ द्वारा यह घोषणा किए जाने के कुछ सप्ताह बाद आया है कि किताब 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। ‘अल्फ्रेड ए. नॉफ (Alfred A Knopf)’, पेंगुइन रैंडम हाउस का एक प्रकाशन संस्थान है।
‘हम किताब को पब्लिश करने के लिए तैयार थे’
कंपनी ने एक बयान में कहा, “पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया भारत में ‘बिलॉन्गिंग’ की प्रकाशक नहीं है। यह कहना परिस्थितियों की सही तरीके से प्रस्तुति नहीं है कि लेखिका (सोनिया) द्वारा संपादकीय बदलावों को स्वीकार करने से इनकार करने के कारण पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इसे प्रकाशित नहीं करने का फैसला किया है।” यह बयान अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस रिपोर्ट के बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी द्वारा पांडुलिपि में ‘संपादकीय बदलाव’ करने से इनकार करने के बाद प्रकाशक पीछे हट गया।
‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ ने कहा कि वह ‘किताब प्रकाशित करने के लिए इच्छुक और उत्सुक’ था। लेकिन लेखकों की तथ्य-जांच करना और उन्हें सुझाव देना प्रकाशन प्रक्रिया के सामान्य हिस्से के रूप में उसका विशेषाधिकार और जिम्मेदारी है। कंपनी ने कहा, “संबंधित चर्चाओं के दौरान पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का रुख यही था कि हम किताब प्रकाशित करने के लिए इच्छुक और उत्सुक बने हुए हैं। हम लेखिका के साथ हुई गोपनीय बातचीत पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।”
‘किताब के डिस्ट्रीब्यूटर की स्थिति अभी साफ नहीं’
इस बीच, भारत में किताब के डिस्ट्रीब्यूटर की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, ई-कॉमर्स वेबसाइट Amazon के एक पेज पर ‘बिलॉन्गिंग’ का ई-बुक वर्जन 2,615 रुपये में प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध दिखा। ई-कॉमर्स वेबसाइट के अनुसार, ई-बुक का पब्लिशर ‘हार्पर कॉलिन्स’ यूके का एक प्रकाशन संस्थान विलियम कॉलिन्स है।
क्या है किताब में?
अल्फ्रेड ए. नॉफ की घोषणा के बाद से ही भारत में किताब के पब्लिशर को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। अल्फ्रेड ए. नॉफ द्वारा कुछ दिनों पहले कहा गया था कि सोनिया गांधी अपनी आत्मकथा में भारत के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवारों में से एक में विवाह के बाद अपने जीवन, पति राजीव गांधी की हत्या के दुखद दौर और 2004 में प्रधानमंत्री पद अस्वीकार करने सहित कई निजी अनुभव शेयर करेंगी।
सार्वजनिक रूप से अपने निजी जीवन के बारे में बहुत कम ही बात करने वालीं 79 वर्षीय सोनिया ने इस किताब में युद्ध के बाद के इटली में अपने बचपन से लेकर अपने प्रेम-प्रसंग और उसकी वजह से भारत आने तक की कहानी का वर्णन किया है। इससे पहले जून में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने पत्रकार और लेखक जो सैको के 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों पर आधारित ग्राफिक उपन्यास को स्थानीय कानूनी, रेगुलेटरी, कमर्शियल और मार्केट संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हटा दिया था।
खबरों में दावा किया गया था कि प्रकाशक ने गलत मानचित्र के कारण किताब के डिस्ट्रीब्यूट से हाथ खींच लिया था और मूल पब्लिशर की ओर से कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इस साल फरवरी में भी पब्लिशर उस समय सुर्खियों में आया था, जब उसने कहा था कि उसने पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को प्रिंट नहीं किया है। यह बयान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा संसद में इस किताब की एक कॉपी दिखाए जाने के कुछ दिन बाद आया था।
अगर आप एक प्रीमियम और स्पोर्टी बाइक खरीदने की सोच रह हैं, तो Kawasaki India ने 2027 Versys 650 को ₹8.63 लाख (एक्स-शोरूम) की कीमत पर लॉन्च कर दिया है, जिसमें सिर्फ नया ‘Candy Lime Green’ पेंट स्कीम का अपडेट दिया गया है। मैकेनिकल और इक्विपमेंट के मामले में यह स्पोर्ट-टूरर पहले जैसी ही है, और इसकी डिलीवरी अगस्त के आखिर तक शुरू होने की उम्मीद है।
नए कलर ऑप्शन
MY27 Kawasaki Versys 650 सिर्फ नए ‘Candy Lime Green’ कलर में उपलब्ध है, जो पिछली MY26 मोटरसाइकिल के कलर की जगह लेगा। वहीं, नए पेंट से कावासाकी की जानी-पहचानी हरी पहचान बनी हुई है, जबकि मोटरसाइकिल की बाकी स्टाइलिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इसके अलावा, बाइक के इंजन, चेसिस, इलेक्ट्रॉनिक्स और फीचर्स में कोई अपग्रेड नहीं किया गया है। Kawasaki ने इसकी कीमत भी भी 8.63 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) ही रखी है, जिसका मतलब है कि 2027 का यह अपडेट मुख्य रूप से उन राइडर्स के लिए है जो लेटेस्ट मॉडल ईयर और नई कलर स्कीम चाहते हैं।
Kawasaki Versys 650: मैकेनिक्स
2027 Kawasaki Versys 650 में वही 649cc, लिक्विड-कूल्ड, पैरेलल-ट्विन इंजन इस्तेमाल किया गया है। यह इंजन 8,500 rpm पर 67 hp की पावर और 7,000 rpm पर 61 Nm का टॉर्क देता है। इसमें छह-स्पीड गियरबॉक्स और असिस्ट-एंड-स्लिपर क्लच स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर मिलते हैं।
बाइक को ट्यूबलर डायमंड फ्रेम पर तैयार किया गया है। सस्पेंशन के लिए इसमें 150mm ट्रैवल वाला 41mm का टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क और 145mm ट्रैवल वाला रियर मोनोशॉक दिया गया है। रियर यूनिट में रिमोट प्रीलोड एडजस्टर भी है, जो सामान या पीछे बैठने वाले यात्री (पिलियन) के साथ यात्रा करने वाले मालिकों के लिए एक काम का फीचर है।
फीचर्स
Kawasaki Versys 650 में एडजस्टेबल विंडस्क्रीन, फुल-LED लाइटिंग, ट्रैक्शन कंट्रोल और स्मार्टफोन कनेक्टिविटी के साथ 4.3-इंच का TFT कलर डिस्प्ले जैसे फीचर्स मिलते हैं।
इसमें 21-लीटर का फ्यूल टैंक है, जो मोटरसाइकिल की टूरिंग क्षमता को बेहतर बनाता है। वहीं, टैंक फुल होने पर Versys 650 का वजन 220kg हो जाता है। कम हाइट वाले राइडर्स के लिए 845mm की सीट हाइट एक अहम बात हो सकती है, हालांकि इसका 170mm का ग्राउंड क्लीयरेंस खराब सड़कों, स्पीड ब्रेकर और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने में मदद करेगा।
अपडेटेड Versys 650 भारत के मिडिलवेट टूरिंग बाइक सेगमेंट में एक अलग जगह रखती है। इसकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बाइक्स में Honda NX500 शामिल है, जिसकी कीमत ₹7.44 लाख है। हालांकि, NX500 में कम क्षमता वाला इंजन मिलता है और इसका फोकस ज्यादा एडवेंचर राइडिंग पर है।