Q2 Results: आईटी कंपनी को ₹1586 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड और बोनस शेयर का ऐलान

Q2 Results: आईटी कंपनी Tech Mahindra ने सितंबर तिमाही में 1,586 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया। यह जून तिमाही के 1,465 करोड़ रुपये से 8.2% ज्यादा है। CNBC-TV18 के पोल में मुनाफा 1,576 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। यानी कंपनी के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे।

डॉलर में रेवेन्यू भी बढ़ा

टेक महिंद्रा का डॉलर में रेवेन्यू भी 2% बढ़कर 1,693 मिलियन डॉलर हो गया। जून तिमाही में यह 1,660 मिलियन डॉलर था। वहीं, EBIT यानी ऑपरेटिंग मुनाफा सालाना आधार पर 40.5% बढ़कर 2,387 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी का EBIT मार्जिन भी सुधरा है। यह जून तिमाही के 14.4% से बढ़कर 14.8% हो गया। Tech Mahindra का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के अंत तक इसे 15% तक पहुंचाना है।

डिविडेंड और बोनस शेयर को मंजूरी

टेक महिंद्रा ने शेयरधारकों को 15 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इसके अलावा, बोर्ड ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र निवेशकों को हर एक शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए जरूरी मंजूरियां मिलना बाकी है।

नए ऑर्डर और AI से ग्रोथ की उम्मीद

टेक महिंद्रा के CEO मोहित जोशी ने तिमाही प्रदर्शन को बेहद मजबूत बताया। सितंबर तिमाही में कंपनी को 1.023 अरब डॉलर के नए सौदे मिले। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस कारोबार में 4.6% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, हेल्थकेयर कारोबार 6.6% बढ़ा।

कंपनी को Orange के बड़े टेलीकॉम प्रोजेक्ट से भी मदद मिली। Avant Techno Solutions के अधिग्रहण से भी तिमाही के रेवेन्यू में योगदान हुआ। इसके अलावा, Tech Mahindra AI कारोबार को बढ़ाने पर जोर दे रही है। कंपनी के मुताबिक, उसका AI कलेक्शन सॉल्यूशन बकाया रकम की वसूली में करीब 40% तक एफिशिएंसी बढ़ा रहा है। कंपनी ने Cisco और SpaceX AI के साथ भी साझेदारी की घोषणा की है।

H-1B वीजा पर क्या बोले CEO?

अमेरिका के वीजा नियमों से जुड़े सवाल पर मोहित जोशी ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने जिन कंपनियों का नाम लिया था, उनमें Tech Mahindra शामिल नहीं थी। उन्होंने कहा कि कंपनी दुनियाभर में वीजा नियमों और उनके अनुपालन को लेकर सतर्क रहती है।

जोशी के मुताबिक, H-1B वीजाधारक कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 1% हैं। कंपनी का अमेरिका और वैश्विक स्तर पर स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती पर जोर है।

शेयर में 4.75% की तेजी

नतीजों की घोषणा से पहले गुरुवार को Tech Mahindra का शेयर 4.75% बढ़कर 1,650 रुपये पर बंद हुआ। इस तेजी से शेयर सालभर के हिसाब से भी बढ़त में आ गया। पिछले 12 महीनों में इसमें 13% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है।

Jio Platforms IPO: जानिए वैल्यूएशन, रेवेन्यू और मुनाफे के मामले में भारती एयरटेल के मुकाबले कितना मजबूत है जियो प्लेटफॉर्म्स

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आकाश अंबानी ने कहा-6जी सेवाओं के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की जगह सॉफ्टेवयर अपग्रेड करेगी जियो प्लेटफॉर्म्स

जियो प्लेटफॉर्म्स 6जी सेवाओं के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की बजाय अपने सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करेगी। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने इस बारे में बताया। उन्होंने 15 अक्तूबर को अगली पीढ़ी के मोबाइल कम्युनिकेशंस के लिए मौजूदा नेटवर्क और टेक्नोलॉजी क्षमता के इस्तेमाल के कंपनी के प्लान के बारे में बताया।

जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी प्रॉपरायटरी टेक्नोलॉजी स्टैक का पूरा फायदा उठाएगी

जियो प्लेटफॉर्म्स की इस स्ट्रेटेजी से अपनी प्रॉपरायटरी टेक्नोलॉजी स्टैक का पूरा फायदा उठाने पर कंपनी के फोकस का पता चलता है। कंपनी कनेक्टिविटी से आगे निकल डिजिटल सर्विसेज और दूसरे देशों में टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप करना चाहती है। अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में बताया।

सॉफ्टवेयर में बदलाव के जरिए 6जी सेवाएं शुरू करने का प्लान 

अंबानी ने कहा कि हमारी स्ट्रेटेजी सॉफ्टवेयर के लेवल पर बदलाव के जरिए 6जी सेवाएं शुरू करने की है। इससे फिर से पूरा फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जियो ने पूरे देश में एक बड़ा नेटवर्क बनाया है। इसमें 3,60,000 से ज्यादा टेलीकॉम टावर हैं और 10 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा फाइबर नेटवर्क शामिल हैं।

अगले चरण की ग्रोथ के लिए मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्टर का इस्तेमाल 

कंपनी अगले चरण की अपनी ग्रोथ के लिए अपने मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी कपैबिलिटी का इस्तेमाल करना चाहती है। इसके लिए कंपनी ने ग्रोथ के चार प्रमुख सेगमेंट की पहचान की है, जिसमें मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और कोर टेक्नोलॉजी स्टैक का मॉनेटाइजेशन शामिल हैं।

कंपनी विदेश में ऑपरेटर्स को एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक ऑफर करेगी

कंपनी ने अपनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करने का भी प्लान बनाया है। यह सिर्फ वेंडर या सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर की जगह एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक ऑफर करेगी। इससे उसे दूसरे देशों में उपलब्ध मौकों का फायदा उठाने का रास्ता खुलेगा। कंपनी का फोकस आयातित सॉल्यूशंस पर निर्भर रहने की जगह अपनी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और उसके एक्सपोर्ट पर है।

कंपनी ने अब तक कंपनी ने 7,200 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं

जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल विकसित और विकासशील दोनों ही देशों में करने के प्लान के बारे में बताया। अंबानी ने कहा कि कंपनी विदेश में पार्टनर के चुनाव में सावधानी बरतेगी। कंपनी ने 7,200 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं, जिसे 12,000 से ज्यादा इंजीनियर्स ने तैयार किए हैं।

अगले साल कितनी होगी सैलरी हाइक? Aon सर्वे में आया ये आंकड़ा, जानिए किन सेक्टरों में होगी बंपर बढ़ोतरी

Salary Hike Projection: वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ट्रेड रिस्क के बावजूद भारत में कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विसेज फर्म Aon plc के ‘Annual Salary Increase and Turnover Survey for India 2026-27’ के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष में देश में औसत सैलरी हाइक 9.1% रहने का अनुमान है, जो कि पिछले साल के 9% से मामूली रूप से ज्यादा है। मजबूत घरेलू खपत और निरंतर निवेश के कारण देश में बिजनेस कॉन्फिडेंस बना हुआ है।

किन सेक्टरों में मिलेगी सबसे ज्यादा सैलरी हाइक?

सर्वे के अनुसार, सभी सेक्टरों में एक जैसी बढ़ोतरी नहीं होगी। कुछ खास सेक्टर्स टैलेंट की मांग और ग्रोथ के चलते सबसे आगे रहने वाले हैं:

NBFC: नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां 10.1% की सबसे ऊंची सैलरी ग्रोथ के साथ सूची में सबसे आगे रहेंगी।

एनर्जी: ऊर्जा सेक्टर में वेतन वृद्धि औसतन 9.9% तक रहने की उम्मीद है।

रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर: इस क्षेत्र में कर्मचारियों को 9.8% तक की सैलरी हाइक मिल सकती है।

एट्रिशन रेट और टैलेंट की जंग

कंपनियों के बजट स्थिर होने के बावजूद कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने का सिलसिला बढ़ा है। ओवरऑल एट्रिशन रेट बढ़कर 2026 में 18% पर पहुंच गया है, जो कि 2025 में 16.2% और 2024 में 17.1% था। इससे यह साफ होता है कि कुशल और अनुभवी टैलेंट को अपने पास रोके रखने के लिए कंपनियों के बीच मुकाबला काफी कड़ा बना हुआ है।

AI स्किल्स और अपस्किलिंग का दौर: मिल रहा है तगड़ा प्रीमियम

डे-टू-डे वर्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की गहरी पैठ और तेजी से बदलते ट्रेंड्स का असर सैलरी और रिक्रूटमेंट पर साफ दिख रहा है। रूटीन कामकाज में एआई प्रोडक्टिविटी टूल्स का इस्तेमाल करने वाली कंपनियां 2025 के 46.1% से बढ़कर 56% हो गई हैं। करीब 60% एंप्लॉयर अपने कर्मचारियों के अपस्किलिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के प्रोफेशनल्स के लिए कंपनियां सामान्य से लगभग 10% अधिक पे-प्रीमियम दे रही हैं।

वेज कोड और पेरोल कॉस्ट का असर

सर्वे के मुताबिक, 65.4% एंप्लॉयर पूरी तरह से नए वेज कोड का पालन कर रहे हैं, जबकि 20.9% कंपनियां अगले छह महीनों में इसके अनुपालन की उम्मीद कर रही हैं। वैसे लगभग 42.8% कंपनियों को अंदेशा है कि इससे उनकी पेरोल लागत कम से कम 1% तक बढ़ सकती है, जिसके लिए उन्हें अपने रिवॉर्ड स्ट्रक्चर को समझदारी से री-अलाइन करना होगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स दूसरे देशों में अपनी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी मॉडल का इस्तेमाल करेगी, आकाश अंबानी ने बताय पूरा प्लान

जियो प्लेटफॉर्म्स अपने एसेट-लाइट मॉडल के जरिए विदेश में अपनी सेवाओं का विस्तार करना चाहती है। इससे कंपनी को अपनी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने का मौका मिलेगा। इसके लिए कंपनी दुनियाभर के बाजारों में ऑपरेटर्स से पार्टनरशिप करेगी। कंपनी के चेयरमैन आकाश अंबानी ने गुरुवार को इस बारे में बताया।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंबानी ने कहा कि जियो खुद को नेटवर्क बिल्डर या कनवेंशनल सॉफ्टेवयर सर्विसेज प्रोवाइडर के बजाय मैनेज्ड सर्विसेज पार्टनर के रूप में स्थापित करना चाहती है। इसके लिए कंपनी भारत में विकिसत और इस्तेमाल किए जा रहे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल दूसरे देशों में करेगी।

उन्होंने कहा कि जियो का प्रॉपरायटरी एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक दुनिया के सबसे जटिल टेलीकॉम मार्केट्स में तैयार किया गया है। इसका भारत में इस्तेमाल हो रहा है। हमारे लिए इसका इस्तेमाल दूसरे देशों में करने का मौका है। इसके लिए विकसित और विकासशील दोनों तरह के देशों में ऑपरेटर्स से पार्टनरशिप के मौके हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी विदेश में अपनी सेवाओं के विस्तार के लिए खुद को मैनेज्ड सर्विसेज पार्टनर के रूप में पेश करेगी। इससे टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अपनी ग्रोथ के लिए सिर्फ नेटवर्क बिल्डर या सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर बनने की जगह हमारी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकेंगे।

अंबानी ने कहा कि जियो इंटरनेशनल पार्टनर्स के चुनाव में सावधानी बरतेगी। इसके लिए वह बाजार के आकार और अपनी बैलेंसशीट में संभावित योगदान के आधार फैसले लेगी। उन्होंने कहा कि इस स्ट्रेटेजी से आने वाले सालों में कंपनी को टेक्नोलॉजी में अपने निवेश का फायदा उठाने का रास्ता मिलेगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन ने कहा कि जियो ने अपना टेलीकॉम टेक्नोलॉजी स्टैक विकसित करने के लिए बड़ा निवेश किया है। कंपनी ने 7,220 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं। इन्हें कंपनी के 12,000 से ज्यादा इंजीनियर्स ने तैयार किए हैं। कंपनी ने भारत में 5जी का व्यापक नेटवर्क बनाया है। उन्होंने इसे चीन के बाहर सबसे बड़ा 5जी सब्सक्राइबर बेस बताया।

Stock Market Outlook: ‘शेयर बाजार में निवेश का सही मौका’, राजेश कोठारी ने कहा- 3 साल में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न

Stock Market Outlook: AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले 3 से 5 साल में अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसके पीछे कंपनियों की कमाई में सुधार, अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयरों की वाजिब वैल्यूएशन जैसे कारण हैं।

CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा कि अब इक्विटी में निवेश बढ़ाने का समय है। निवेशकों को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, तीनों तरह के शेयरों में मौके तलाशने चाहिए। पिछले दो साल में बाजार से खास रिटर्न नहीं मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है।

अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा

कोठारी के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल और ऊंची ब्याज दरों की चिंताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 17-18%, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 20% और पर्सनल लोन में 16% की बढ़ोतरी इसका संकेत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।

खपत, सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर और निर्यात में सुधार भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। कंपनियों की कमाई में भी सुधार दिख रहा है। साथ ही, बाजार की वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत P/E रेशियो से नीचे है।

FII की बिकवाली हर कंपनी के लिए खतरे का संकेत नहीं

कोठारी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को सिर्फ भारत से उनकी नाराजगी के तौर पर नहीं देखना चाहिए। निवेशकों को नेट खरीद-बिक्री के बजाय कुल खरीद और बिक्री पर भी नजर डालनी चाहिए।

उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक उन कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसलिए बिकवाली का कारण कई बार देश के बजाय किसी खास कंपनी का कमजोर प्रदर्शन होता है।

इन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौके

कोठारी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), एयरोस्पेस, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में संभावनाएं दिख रही हैं। EMS सेक्टर को सरकार की PLI स्कीम और भारतीय कंपनियों की बढ़ती उत्पादन क्षमता से मदद मिल रही है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज भी उनकी पसंद में शामिल हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और नियंत्रित क्रेडिट लागत से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है। उन्हें स्पेशियलिटी केमिकल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ट्रैवल, मीडिया व डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म कारोबार में भी अवसर दिखते हैं।

हर शेयर में तेजी की उम्मीद न करें

कोठारी ने स्टॉक चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, पिछले पांच साल में कोई भी लार्जकैप कंपनी हर साल 20% की ग्रोथ दर्ज नहीं कर पाई। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी करीब 8% ही लगातार इतनी ग्रोथ हासिल कर पाईं।

उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियां अब कर्ज-मुक्त हो चुकी हैं। इससे कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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IDBI Bank की 60% हिस्सेदारी खरीदेगी Fairfax, लेकिन डील का इस शेयर पर भी दिखेगा असर

CSB Bank Share Price: केरलम के थ्रिसूर की प्राइवेट लेंडर सीएसबी बैंक के शेयरों पर आज इसलिए नजर रहेगी क्योंकि इसके प्रमोटर ने एक और बैंक पर दांव लगाया है। एक कारोबारी दिन पहले सामने आया कि आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी फेयरफैक्स (Fairfax) खरीदने जा रही है, जोकि सीएसबी बैंक की प्रमोटर है। अभी सीएसबी बैंक के शेयरों की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 14 अक्टूबर को बीएसई पर यह 4.07% की बढ़त के साथ ₹320.95 पर बंद हुआ था। आईडीबीआई बैंक का भी शेयर बीएसई पर 9.07% के उछाल के साथ ₹90.44 पर बंद हुआ।

IDBI Bank में कितनी हिस्सेदारी खरीदेगी Fairfax और क्या है CSB Bank से कनेक्शन

केंद्रीय कैबिनेट ने आईडीबीआई बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी है। फेयरफैक्स सरकार और एलआईसी से आईडीबीआई बैंक में 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में खरीदेगी। इसमें से 30.48% हिस्सेदारी सरकार और 30.24% हिस्सेदारी एलआईसी बेचेगी, जिसे कनाडा इंक खरीदेगी। इसकी पेरेंट कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स है। इस डील के पूरा होने के बाद यह फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी एफडीआई डील होगी।

अब सवाल उठता है कि आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बिक्री का सीएसबी बैंक से क्या लेना-देना है। सितंबर तिमाही के आखिरी में एफआईएच मॉरीशस इंवेस्टमेंट्स की इसमें 40% हिस्सेदारी है, जोकि फेयरफैक्स की एक एंटिटी है।

क्या दो बैंक में हो सकती है होल्डिंग?

बैंक ओनरशिप और कंट्रोल को लेकर आरबीआई के नियमों के मुताबिक कोई प्रमोटर एंटिटी एक समय में दो प्रतिस्पर्धी बैंक नहीं चला सकती है। ऐसे में अगर आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए फेयरफैक्स को मंजूरी मिलती है तो इसे या तो सीएसबी बैंक में हिस्सा बेचना होगा या आईडीबीआई बैंक के साथ विलय का रास्ता निकालना होगा यानी कि इंटीग्रेशन प्रोसेस और अधिक कॉम्प्लेक्स हो सकता है। सीएसबी बैंक बात करें तो इसमें फेयरफैक्स इकलौती प्रमोटर एंटिटी है और बाकी 60% पब्लिक शेयरहोल्डर्स हैं। सितंबर तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से इसमें म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 13.15% है। साथ ही ₹2 लाख तक के निवेश वाले करीब 63 हजार खुदरा निवेशकों की इसमें 12.56% हिस्सेदारी है।

कैसी है सेहत

सीएसबी बैंक ने हाल ही में सितंबर तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया है, जिसमें सामने आया कि बैंक का ग्रास एडवांसेज सालाना 22% और डिपॉजिट्स 18% की रफ्तार से बढ़ा। इस दौरान टर्म डिपॉजिट्स भी 22% बढ़ा तो गोल्ड लोन बिजनेस की ग्रोथ 36% रही। अब एक साल में शेयरों के चाल की बात करें इसने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 5 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह एक साल के रिकॉर्ड हाई लेवल ₹574.70 पर था, जिससे आठ महीने में यह 48.65% टूटकर 15 सितंबर 2026 को एक साल के निचले स्तर पर आ गया। हालांकि अभी भी यह ₹197 के आईपीओ प्राइस से ऊपर है।

IDBI Bank की रीस्ट्रक्चरिंग को कैबिनेट की मंजूरी, फेयरफैक्स खरीदेगी सरकार और LIC से हिस्सेदारी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : महंगाई के आंकड़ों के बाद अमेरिका में रेट-हाइक की आशंका से ग्लोबल मार्केट का मूड खराब है। कल अमेरिकी बाजार गिरकर बंद हुए, S&P500 इंडेक्स 1% तो नैस्डेक 2% से ज्यादा लुढ़का। एशिया में भी दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि गिफ्ट निफ्टी में निचले स्तरों से रिकवरी दिख रही है। इधर ब्रेंट क्रूड फिसलकर 105 डॉलर के नीचे पहुंचने से सेंटिमेंट में थोड़ा सुधार हुआ है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

14 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 251.89 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 72,781.89 पर और निफ्टी 99.25 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,622.70 पर बंद हुआ।

अमेरिका में AI शेयरों में भारी गिरावट, कॉस्पी करीब 8% फिसला

भारतीय IT कंपनियों के लिए पॉजिटिव संकेत हैं। कल अमेरिका में चिप और AI शेयरों में तगड़ी बिकवाली दिखी। AMD, माइक्रॉन, सैनडिस्क और ऑरेकल तीन से नौ परसेंट फिसले। Philadelphia सेमीकंडक्टर इंडेक्स में लगातार छठे दिन दबाव रहा। दूसरी ओर AI शेयरों की बिकवाली से कॉस्पी में 8 परसेंट की भारी गिरावट आई है। वहीं अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनियों में रौनक दिखी।

सोने-चांदी में भारी गिरावट

अमेरिका में अनुमान से ज्यादा रिटेल महंगाई आंकड़ों से सोने-चांदी में भारी गिरावट आई है। गोल्ड 4100 डॉलर के नीचे फिसल गया है। चांदी में 6 परसेंट की गिरावट आई है।

21 अक्टूबर को खुलेगा JIO का IPO, प्राइस बैंड 1065-1119 रुपए तय

देश का सबसे बड़ा IPO, 21 अक्टूबर को खुलेगा। JIO PLATFORMS के IPO का प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपए प्रति शेयर के बीच है। इस आईपीओ से 30,000 करोड़ रुपए रुपए से ज्यादा जुटाने की योजना है। इसके तहत फ्रेश इश्यू के जरिए 27 करोड़ शेयर जारी होंगे। कंपनी के कर्मचारियों और शेयर होल्डरों के लिए अलग से कोटा रखा गया है।

IDBI बैंक स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी

IDBI बैंक डील पर कैबिनेट का बड़ा फैसला आया है। IDBI बैंक की स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी मिल गई है। कुल 60.72% हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया गया है। Fairfax सरकार और LIC की हिस्सेदारी खरीदेगी। इससे 52 हजार करोड़ से ज्यादा की FDI आने की उम्मीद है।

15% बढ़ा ICICI लोम्बार्ड का मुनाफा, टाटा टेक का मुनाफा और मार्जिन घटा

दूसरी तिमाही में ICICI लोम्बार्ड के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे। कंपनी मुनाफा 15% बढ़कर 946 करोड़ पर रहा है। Net Earned Premium में 18% की बढ़त हुई है। हालांकि अंडराइटिंग घाटे में बढ़त दिखी है। वहीं दूसरी ओर टाटा टेक का प्रॉफिट पांच परसेंट घटा है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है।

निफ्टी की चार कंपनियों के नतीजे आज

नतीजों के लिहाज से आज बड़ा दिन है। निफ्टी की चार कंपनियां टेक महिंद्रा, नेस्ले, जियो फाइनेंशियल और HDFC LIFE आज अपने रिजल्ट जारी करेंगी। टेक महिंद्रा की CONSTANT CURRENCY रेवेन्यू ग्रोथ डेढ़ परसेंट रह सकती है। मार्जिन फ्लैट रह सकते हैं। साथ ही इंडियन बैंक, पॉलीकैब, परसिस्टेंट समेत वायदा के नतीजों की भी लंबी लिस्ट है।

नवंबर सीरीज से वायदा में 6 नई कंपनियां

नवंबर सीरीज से वायदा में 6 नई कंपनियां शामिल होंगी। कोरोमंडल, सिटी यूनियन बैंक, डाटा पैटर्न, Karur Vysya Bank, नवीन फ्लूराइन और सिरमा SGS में 28 अक्टूबर से वायदा ट्रेडिंग शुरू होगी। वायदा में शामिल शेयरों की संख्या 218 से बढ़कर 224 हो जाएगी।

SEBI ने बुलाई SMAC की बैठक

CAS को लेकर MONEYCONTROL की बड़ी खबर आई है। सेबी ने आज सेकेंडरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी बैठक बुलाई है। इसमें CAS पर मिले फीडबैक पर मंथन होगा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

14 अक्टूबर को, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगभग 1,857 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान 2,670 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

Market cues : मंदड़ियों का दबाव कम होने के बावजूद ओवरऑल टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर, रहें सतर्क

Stocks to Watch: 15 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, राजेश एक्सपोर्ट्स से टाटा टेक्नोलॉजीज तक शामिल

Stocks to Watch: 15 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों से जुड़ी अहम खबरों के चलते निवेशकों की नजर कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर रहेगी। कहीं तिमाही नतीजों में मुनाफे की तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है, तो कहीं कमाई पर दबाव दिखा है। कुछ कंपनियों को नए ऑर्डर मिले हैं, जबकि कुछ में बड़े कारोबारी फैसले हुए हैं। इन खबरों का असर गुरुवार को शेयरों की चाल पर पड़ सकता है।

HDB Financial Services

NBFC कंपनी HDB Financial Services का मुनाफा वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 34% बढ़कर 780 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 581 करोड़ रुपये था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 15.5% बढ़कर 2,534 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी के बोर्ड ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 2 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

CEAT

टायर कंपनी CEAT का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 39.8% घटकर 112 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 26.2% बढ़कर 4,762 करोड़ रुपये पहुंच गया। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से मुनाफे पर दबाव पड़ा। EBITDA 9.1% गिरकर 457 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 13.3% से घटकर 9.6% पर आ गया।

IDBI Bank

सरकारी बैंक IDBI Bank के रणनीतिक पुनर्गठन को कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने मंजूरी दे दी है। बैंक में हिस्सेदारी बेचने के लिए Fairfax Financials को सफल बोलीदाता चुना गया है। पुनर्गठन के बाद सरकार और LIC की संयुक्त हिस्सेदारी 34% रहेगी। शेयर के लिए 75.99 रुपये का बेंचमार्क प्राइस तय किया गया था, जबकि 81 रुपये की सबसे ऊंची बोली स्वीकार की गई।

CSB Bank

निजी क्षेत्र के CSB Bank के सामने अब मर्जर या हिस्सेदारी बेचने का विकल्प हो सकता है। RBI के नियमों के मुताबिक, कोई प्रमोटर एक से ज्यादा बैंकों में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी नहीं रख सकता। IDBI Bank के पुनर्गठन की मंजूरी के बाद Fairfax को CSB Bank का मर्जर IDBI Bank में करना पड़ सकता है या अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ सकती है। प्रस्तावित ढांचे में दो साल के भीतर मर्जर का रास्ता शामिल है।

Rajesh Exports

SEBI ने Rajesh Exports और इसके चेयरमैन राजेश मेहता पर लगी अंतरिम पाबंदियां जारी रखने का फैसला किया है। कंपनी के वित्तीय खुलासों में गड़बड़ियों को लेकर रेगुलेटर की चिंताएं दूर नहीं हुई हैं। राजेश मेहता अगले आदेश तक कंपनी के शेयर खरीदने, बेचने या किसी भी तरह का कारोबार करने से प्रतिबंधित रहेंगे।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी सब्सिडियरी Jio Platforms के IPO के लिए अहम दस्तावेज यानी रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) जमा कर दिया है। IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अक्टूबर को लगेगी। IPO में पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित होंगे।

Tata Technologies

टाटा ग्रुप की इंजीनियरिंग कंपनी Tata Technologies का मुनाफा सालाना आधार पर 5% घटकर 171.4 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 181 करोड़ रुपये था। हालांकि, डॉलर में रेवेन्यू कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर 22% बढ़ा। सर्विसेज सेगमेंट का रेवेन्यू भी 26% बढ़ा। कंपनी को पूरे वित्त वर्ष में दोहरे अंकों की ग्रोथ की उम्मीद है।

MRPL

ONGC की सब्सिडियरी तेल कंपनी MRPL का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट करीब 195% बढ़कर 1,881 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 639 करोड़ रुपये था। कंपनी का रेवेन्यू 37.1% बढ़कर 35,590 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर 3,210 करोड़ रुपये हो गया, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स 2,519 करोड़ रुपये रहा।

Enviro Infra

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Enviro Infra को Arie Energy से महाराष्ट्र में 100 मेगावाट के अजनी विंड पावर प्रोजेक्ट के विकास के लिए 228 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। यह ऑर्डर कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार को बढ़ाने से जुड़ा है।

Aeroflex Industries

औद्योगिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी Aeroflex Industries मार्च 2028 तक 202 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस रकम से स्टेनलेस स्टील होज, होज असेंबली और लिक्विड कूलिंग सिस्टम बनाने की क्षमता बढ़ाई जाएगी। कंपनी को डेटा सेंटर और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ती मांग का फायदा मिलने की उम्मीद है।

Bajaj Consumer Care

FMCG कंपनी Bajaj Consumer Care का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 67.1% बढ़कर 70.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 42 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। रेवेन्यू 25.7% बढ़कर 333 करोड़ रुपये पहुंच गया।

Cemindia Projects

अदाणी ग्रुप की कंपनी Cemindia Projects ने संस्थागत निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए QIP लॉन्च किया है। कंपनी 90.3 लाख तक शेयर जारी करेगी। इश्यू का फ्लोर प्राइस 1,158.58 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। संकेतात्मक इश्यू प्राइस 1,108 रुपये है, जो बुधवार के 1,153.50 रुपये के बंद भाव से करीब 4% डिस्काउंट पर है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q2 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 67% बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल; फोकस में रहेगा स्टॉक

Q2 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी Bajaj Consumer Care के लिए सितंबर तिमाही अच्छी रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 67% बढ़कर 70.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 42 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 25.7% बढ़कर 333 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 265 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 71% बढ़कर 82 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 48 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 18.1% से बढ़कर 24.7% हो गया। यानी कंपनी की कमाई और ऑपरेटिंग प्रदर्शन, दोनों में सुधार हुआ।

घरेलू कारोबार में 30% से ज्यादा ग्रोथ

बजाज कंज्यूमर केयर के घरेलू कारोबार ने अच्छी ग्रोथ दर्ज की। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही, दोनों में रेवेन्यू 30% से ज्यादा बढ़ा। इसमें प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ने का बड़ा योगदान रहा। कम कीमत वाले पैक की मांग भी मजबूत बनी हुई है। ये कंपनी की ग्रोथ को सहारा दे रहे हैं। तिमाही के आखिर में कंपनी ने ब्रांड की नई पोजिशनिंग के साथ एक कैंपेन भी शुरू किया।

जनरल ट्रेड में दूसरी तिमाही के दौरान ग्रोथ 20% के मध्य स्तर पर रही। पहली छमाही में यह 20% के ऊपरी स्तर पर थी। ग्रामीण बाजारों की ग्रोथ शहरी बाजारों से थोड़ी आगे रही। हालांकि, दोनों जगह मांग मजबूत बनी हुई है। ऑर्गनाइज्ड ट्रेड में ग्रोथ 20% के ऊपरी स्तर पर रही। ई-कॉमर्स और मॉडर्न ट्रेड में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई। वहीं, क्विक कॉमर्स इस सेगमेंट का सबसे तेजी से बढ़ने वाला चैनल रहा।

विदेशी बाजारों में भी कारोबार मजबूत

बजाज कंज्यूमर केयर का विदेशी कारोबार कुल कारोबार के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ा। नेपाल, खाड़ी देशों और अफ्रीका में अच्छी ग्रोथ दर्ज हुई। दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कारोबार में सुधार जारी रहा।

बांग्लादेश में कारोबारी चुनौतियों के बावजूद ग्रोथ दोहरे अंकों में रही। इससे कंपनी को विदेशी बाजारों से भी अच्छा सहारा मिला।

कच्चे माल की बढ़ती कीमतें बनीं चिंता

बजाज कंज्यूमर केयर के सामने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों की चुनौती है। पश्चिम एशिया में संघर्ष और माल ढुलाई की ऊंची लागत के कारण लाइट लिक्विड पैराफिन महंगा बना हुआ है।

रिफाइंड सरसों तेल की कीमतें भी बढ़ी हैं। संघर्ष से तिलहन की सप्लाई पर असर पड़ा है। इसके अलावा, तीसरी तिमाही में अल नीनो के असर की आशंका से कोपरा यानी सूखे नारियल की कीमतें भी बढ़ गई हैं। खाद्य तेलों की महंगाई से भी लागत बढ़ रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कंपनी के मुनाफे पर इन बढ़ती कीमतों के असर पर नजर रहेगी।

बजाज कंज्यूमर केयर के शेयरों का हाल

बजाज कंज्यूमर केयर का स्टॉक बुधवार को रिजल्ट से पहले 2.69% की तेजी के साथ 521.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने के दौरान इसमें 18.17% की तेजी आई है। वहीं, 1 साल में इसने 101% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 6.82 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।