Lincoln Pharmaceuticals Q1 Results: फार्मा कंपनी का मुनाफा 31% बढ़ा, तीन साल में ₹1000 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

Lincoln Pharmaceuticals Q1 Results: फार्मा कंपनी Lincoln Pharmaceuticals ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 30.9% बढ़कर ₹36.23 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹27.68 करोड़ था।

कंपनी की कुल आय भी 19% बढ़कर ₹201.55 करोड़ पहुंच गई। एक साल पहले यह ₹169.34 करोड़ थी। वहीं, प्रति शेयर आय (EPS) बढ़कर ₹18.09 हो गई।

EBITDA में भी मजबूत बढ़त

Lincoln Pharmaceuticals का EBITDA 32.3% बढ़कर ₹51.70 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹39.08 करोड़ था। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी पहले से बेहतर रही।

FY26 में डिविडेंड की सिफारिश

कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026 में ₹87.89 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। कुल आय ₹704.48 करोड़ रही और EBITDA ₹131.14 करोड़ पहुंच गया। बोर्ड ने FY26 के लिए 18% डिविडेंड यानी ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹1.80 डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि, इसे AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।

तीन साल में ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य

Lincoln Pharmaceuticals ने अगले तीन साल में ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए वह 15-18% सालाना ग्रोथ बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी को कार्डियक, डायबिटीज, डर्मेटोलॉजी और ENT सेगमेंट से मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

90 देशों तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी

Lincoln Pharmaceuticals अभी 60 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करती है। कंपनी का लक्ष्य अगले 2-3 साल में यह संख्या बढ़ाकर 90 देशों तक पहुंचाने का है।

हाल ही में कंपनी ने कनाडा के बाजार में एंट्री की है। साथ ही उसे ऑस्ट्रेलिया के TGA और यूरोप के EU GMP से मंजूरी भी मिली है। कंपनी का कहना है कि इससे उसके ग्लोबल विस्तार को और रफ्तार मिलेगी।

Lincoln के शेयरों का हाल

कंपनी के शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 1.19% की गिरावट के साथ 612.10 रुपये पर बंद हुए। इस साल अब तक स्टॉक 27.57% का रिटर्न दिया है। वहीं बीते 1 साल के दौरान इसमें करीब 12% की तेजी आई है। कंपनी का मार्केट कैप 1.22 हजार करोड़ रुपये है।

Lincoln Pharmaceuticals दवाइयां बनाने और बेचने वाली भारतीय फार्मा कंपनी है। यह कार्डियक, डायबिटीज, एंटीबायोटिक, डर्मेटोलॉजी, ENT और दर्द निवारक जैसी कई कैटेगरी में दवाइयां बनाती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

घर खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर: लोढ़ा डेवलपर्स ला रहा है 21 नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स, दिल्ली-NCR में पहली बार एंट्री

Lodha Developers New Housing Projects: देश के रियल एस्टेट सेक्टर में इस समय मकानों की जबर्दस्त डिमांड देखने को मिल रही है, और इसी तेज मांग का फायदा उठाने के लिए मैक्रोटेक डेवलपर्स (लोढ़ा ग्रुप) ने एक बहुत बड़ा दांव खेला है। चालू वित्त वर्ष (2026-27) में अपने बिजनेस का दायरा तेजी से बढ़ाने के लिए कंपनी ने मार्च 2027 तक 21 नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और नए फेज पेश करने का मेगा प्लान तैयार किया है।

इस आक्रामक विस्तार से लोढ़ा डेवलपर्स की नजर ₹24,000 करोड़ का भारी-भरकम राजस्व हासिल करने पर है। सबसे खास बात यह है कि मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद कंपनी अब पहली बार दिल्ली-NCR के लग्जरी और प्रीमियम हाउसिंग मार्केट में कदम रखने जा रही है। आइए आपको बताते हैं लोढ़ा डेवलपर्स के इस 21-प्रोजेक्ट वाले मेगा प्लान के बारे में।

21 नए प्रोजेक्ट्स का पूरा ब्रेकअप: कहां और कितना होगा निर्माण?

लोढ़ा डेवलपर्स की इन्वेस्टर्स प्रेजेंटेशन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की बाकी तीन तिमाहियों के दौरान कुल 15.6 मिलियन स्क्वायर फीट क्षेत्र में नए घरों का निर्माण किया जाएगा:

7 पूरी तरह से नए प्रोजेक्ट्स: कंपनी MMR, दिल्ली-NCR, पुणे और बेंगलुरु में 5.9 मिलियन वर्ग फीट में फैला 7 नया हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लॉन्च करेगी, जिनसे ₹9,850 करोड़ के रेवेन्यू का अनुमान है।

14 मौजूदा प्रोजेक्ट्स के नए फेज: अपने 14 मौजूदा और लोकप्रिय प्रोजेक्ट्स के नए फेज पेश किए जाएंगे। 9.7 मिलियन वर्ग फीट के इस डेवलपमेंट से ₹14,210 करोड़ जुटाने की योजना है।

Q1 का प्रदर्शन: चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान कंपनी पहले ही MMR में 4 लाख वर्ग फीट का एक प्रोजेक्ट उतार चुकी है, जिससे ₹330 करोड़ की आय होने की उम्मीद है।

पहली बार दिल्ली-NCR में एंट्री और पोर्टफोलियो का डाइवर्सिफिकेशन

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR), पुणे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के रियल एस्टेट मार्केट में अपना परचम लहराने के बाद कंपनी पहली बार दिल्ली-NCR के बाजार में कदम रख रही है।

आवासीय परियोजनाओं के अलावा लोढ़ा डेवलपर्स अपने कमर्शियल पोर्टफोलियो का भी तेजी से विस्तार कर रहा है। इसके तहत ऑफिस स्पेस, रिटेल मॉल्स, वेयरहाउसिंग, इंडस्ट्रियल पार्क्स और डेटा सेंटर पार्क्स का निर्माण शामिल है।

पहली तिमाही के आंकड़े: मुनाफा दोगुना, 4% बढ़ी सेल्स बुकिंग

चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में लोढ़ा डेवलपर्स के वित्तीय आंकड़े काफी मजबूत रहे हैं। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल 100% से ज्यादा उछलकर ₹1,373.1 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में ₹675 करोड़ था।

पहली तिमाही में कंपनी की कुल इनकम ₹5,096.7 करोड़ रही, जो बीते साल की समान अवधि (₹3,624.7 करोड़) से काफी अधिक है। अप्रैल-जून तिमाही के दौरान लोढ़ा डेवलपर्स की सेल्स बुकिंग्स 4% बढ़कर ₹4,630 करोड़ पर पहुंच गईं।

FY27 के लिए बड़ा लक्ष्य: ₹4,100 करोड़ नेट प्रॉफिट की उम्मीद

कंपनी ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) के लिए कुल ₹24,000 करोड़ की सेल्स बुकिंग हासिल करने का रोडमैप तैयार किया है। देश में प्रीमियम घरों की भारी मांग, समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी और डेटा सेंटर्स जैसे एसेट्स के मुद्रीकरण के बल पर लोढ़ा डेवलपर्स ने चालू वित्त वर्ष में अपने शुद्ध मुनाफे को 20% बढ़ाकर ₹4,100 करोड़ तक पहुंचाने का टारगेट तय किया है।

बता दें कि बीते वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने ₹17,119.5 करोड़ की कुल इनकम के साथ ₹3,430.7 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल किया था और रिकॉर्ड ₹20,530 करोड़ की प्रॉपर्टीज बेची थीं।

होमबायर्स को मिलेंगे प्रीमियम विकल्प

देश के बड़े शहरों में बेहतर जीवनशैली और आधुनिक सुविधाओं वाले घरों की मांग लगातार बढ़ रही है। लोढ़ा डेवलपर्स के इस 21-प्रोजेक्ट वाले मेगा प्लान से न सिर्फ कंपनी को अपना रेवेन्यू टारगेट हासिल करने में मदद मिलेगी, बल्कि दिल्ली-NCR, मुंबई और बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों में घर खरीदारों के पास भरोसा और लग्जरी के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vande Mataram: ‘सोनिया गांधी को जनता माफ नहीं करेगी’; अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप, बंकिम चंद्र के वंशज भी नाराज

Vande Mataram Row: कांग्रेस पर राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप लगाते हुये केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांग की है कि विपक्षी दल इसके लिए देश की जनता एवं गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा से माफी मांगे। शाह ने रविवार (16 अगस्त) को आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ को भुला दिया। शाह चित्तौड़गढ़ में ‘अटल गौरव स्मृति समारोह’ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

शनिवार को दिल्ली के लालकिले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस समारोह में इस साल एक बड़ा बदलाव यह था कि आजादी के 80 साल के बाद लाल किले की प्राचीर पर और देश भर में जहां ध्वज वंदन हुआ वहां पर वंदे मातरम का गायन 80 साल में पहली बार हुआ है।

‘कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया’

अमित शाह ने आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया है।” उन्होंने कहा, “बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की वह अमर कृति, एक गान के दो शब्द वंदेमातरम… भारत माता की मैं वंदना करता हूं.. यह बोलते-बोलते हजारों लाखों लोग फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे, गोलियां खाई थीं, लाठियां खाईं, कई साल जेल में रहे।”

शाह ने आगे कहा, “वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने वंदे मातरम को बुला दिया था।” उन्होंने कहा कि यह 150वां साल है वंदेमातरम के प्राकट्य का… लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने वंदेमातरम् को फिर से एक नया आयुष्य देने का काम किया है।

सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को वंदे मातरम रोकने की बात कही?

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “इनकी (कांग्रेस) निर्लज्जता देखिए। कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय पर वंदे मातरम का गान हो रहा था। चालू गान में कांग्रेस की नेत्री, सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गान रोकने की बात कही। हम सब टी.वी. पर देखते रह गए। 80 साल के बाद बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का ये अमर गान, जब फिर से सम्मान प्राप्त कर रहा है, वो भी सोनिया गांधी को रास नहीं आता है। सोनिया जी, 140 करोड़ जनता आपको देख रही है।”

शाह ने कहा, “आपके द्वारा किया गया ये पाप इस देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। कोई स्वप्न में भी कैसे सोच सकता है कि वंदे मातरम का गान अधूरा छोड़ दिया जाए? कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए और थोड़ी भी शर्म बची है तो दोनों हाथ जोड़कर बंकिम बाबू और देश की जनता से उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”

बंकिम चंद्र के वंशज नाराज

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से मांग की है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में हुई ‘वंदे मातरम’ के गायन से जुड़ी कथित घटना को लेकर बिना शर्त माफी मांगें। चटर्जी ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने को लेकर असहजता नजर आई।से रोकने के बार-बार प्रयास किए गए। चटर्जी ने गांधी को लिखे पत्र में कहा कि 15 अगस्त को जब देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब हुई कथित घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि एक ऐतिहासिक भूल का शर्मनाक दोहराव भी है।

नैहाटी से विधायक चटर्जी ने कहा कि वह एक सामान्य नागरिक, देशभक्त और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज के रूप में यह पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर गहरा दुख, खालीपन और आक्रोश व्यक्त किया। चटर्जी ने श्री अरविंद के इस कथन का उल्लेख किया कि इस मंत्र ने राष्ट्र को देशभक्ति के धर्म की दीक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की धरती पर ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने में कथित हिचक खुदीराम बोस जैसे शहीदों के बलिदान का अपमान है।

उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरला देवी चौधरानी ने 1905 में कांग्रेस के बनारस अधिवेशन में इसे गाया था। बाल गंगाधर तिलक के समर्थकों ने 1909 में उन पर राजद्रोह के मुकदमे के दौरान इसका गायन किया था। हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय में राष्ट्रवादी छात्रों ने 1938 में निजाम की पाबंदियों के बावजूद इसे अपने आंदोलन का नारा बनाया था।

‘जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी कांग्रेस’

चटर्जी ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा इस गीत की प्रस्तुति का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथित दोहरी नीति नई नहीं है। चटर्जी ने कहा कि 1937 में पार्टी मोहम्मद अली जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी और उसी वर्ष अक्टूबर में गीत को छोटा कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस ‘‘समझौते’’ की छाया पार्टी के मौजूदा आचरण में फिर दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की अपनी छात्र इकाई छात्र परिषद जब मंत्र मोदेर संजीवन-वंदे मातरम नारे का इस्तेमाल करती है तो फिर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसी गीत को लेकर असहज क्यों है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश की सामूहिक स्मृति, बंकिम चंद्र की अमर विरासत और शहीदों के खून एवं बलिदान से प्राप्त पवित्र राष्ट्रीय प्रतीक है।

चटर्जी ने कहा कि इस गीत का सम्मान करना भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का सम्मान करने के समान है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इतिहास किसी को माफ नहीं करता। जो नेतृत्व स्वतंत्रता के अपने ही मंत्र का सम्मान नहीं करता, उसे इतिहास गुमनामी के अंधकार में धकेल देगा। चटर्जी ने कहा कि इस घटना से पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने गांधी से पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना किसी शर्त के माफी मांगने की अपील की है।

क्या है पूरा विवाद?

BJP ने दावा किया है कि कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने पर सोनिया गांधी समेत पार्टी के कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई थी। 15 अगस्त को कांग्रेस के कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया है जिसमें जब ‘वंदे मातरम’ बजाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात कर रही थीं। इसके बाद गांधी और खड़गे को कथित तौर पर गाना रोकने का इशारा करते हुए देखा जा सकता है।

हालांकि, कांग्रेस ने इस बात से इनकार किया कि ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण को गाने से रोकने की कोई कोशिश की गई थी। पार्टी ने कहा कि गांधी सिर्फ़ खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं। पिछले महीने संसद ने एक विधेयक पारित किया था जिसमें राष्ट्रगीत के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। कानून में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा दिया गया है।

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Molbio Diagnostics करेगा मालामाल या लगेगा शॉक! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Molbio Diagnostics Listing: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला। अब कल 17 अगस्त को इसके शेयर लिस्ट होने वाले हैं। ग्रे मार्केट से 15.49% के लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹125 यानी 15.49% प्रीमियम पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹807 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं। शेयर मिले या नहीं, इसका चेक करने का स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Molbio Diagnostics चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे चेक करें स्टेटस

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Molbio Diagnostics चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Molbio Diagnostics IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

मोब्लियो डाइग्नॉस्टिक्स न का ₹940 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 186.39 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 13.28 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹105.54 करोड़ आरएंडडी फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹72.28 करोड़ गोवा यूनिट 1, गोवा यूनिट 2 और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹59.54 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹9.47 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Molbio Diagnostics के बारे में

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने ‘Truenat’ नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम करीब 32% के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Skoda Slavia facelift design details teased ahead of August 18 launch

Skoda Slavia facelift design details teased ahead of August 18 launch
Skoda Slavia facelift design details

Ahead of its launch on August 18, 2026, Skoda India has shared another teaser of the Slavia facelift. The teaser gives a glimpse of a few design elements that the updated Slavia will receive.

  1. Updated Slavia to have subtly refreshed exterior.
  2. To continue with 1.0 and 1.5-litre turbo-petrol engines.
  3. 1.0-litre engine to have a new 8-speed automatic transmission.

Skoda Slavia facelift: What did the teaser reveal?

At the front, the grille was spotted studded with chrome detailing. The Slavia facelift is also expected to have revised detailing for the headlamps and restyled bumpers with new fog lamp housings. The tail-lights were spotted as well with similar detailing as the current version, but it’s yet to be seen if it gets the connected treatment like the Kushaq. Additionally, a new sporty five-spoke design for the alloy wheels was spotted, which will likely continue to be 16 inches in size, like the current version. The facelift continues to get chrome treatment for the window line, like the current version. 

Skoda Slavia facelift: What to expect?

Current version’s interior used for representation.

On the inside, the Slavia facelift is likely to continue with the same cabin layout, albeit with updated colours and trim materials. It is expected to borrow the Kushaq’s 10.25-inch digital driver’s display. Whether it gets the Kushaq’s segment-only rear massaging seats is yet to be seen. Meanwhile, features like a single-pane sunroof, powered and ventilated front seats, wireless phone charger will continue to be offered. 

Current Slavia 1.0-litre engine used for representation.

As for powertrains, the Slavia facelift will continue to be powered by the current version’s 1.0 and 1.5-litre direct-injection turbo-petrol engines. The former develops 115hp and 178Nm, while the latter delivers 150hp and 250Nm of torque. While the 1.0-litre unit will continue to be paired with a 6-speed manual, automatic versions will get a new 8-speed torque converter gearbox, replacing the current version’s 6-speed unit. On the other hand, the 1.5-litre mill will continue to come solely with a 7-speed DCT.

In terms of price, the Slavia facelift is expected to be slightly pricier than the current version, which retails for Rs 9.99 lakh to Rs 18.19 lakh. It will continue to take on rivals like the Hyundai Verna, Honda City and the Volkswagen Virtus.

Varanasi Airport Firing: वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियारों की जांच के दौरान अचानक पिस्तौल से चली गोली! Air India Express के 2 कर्मचारी घायल

Varanasi Airport Firing: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन में रविवार (16 अगस्त) सुबह जांच के दौरान एक यात्री के लाइसेंसी पिस्तौल से अचानक गोली चल जाने से हड़कंप मच गया। गोली की चपेट में आने से एयरपोर्ट पर तैनात एक महिला कर्मचारी और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि मुंबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस से यात्रा करने के लिए आजमगढ़ निवासी कमलेश राय पत्नी के साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्तौल थी।

उन्होने बताया कि जांच के दौरान पिस्टल की जांच और उसमें मौजूद गोलियों की गिनती की जा रही थी, तभी अचानक फायरिंग हो गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में जांच कर रही महिला कर्मचारी के पैर में और पास खड़े एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पत्नी के साथ जा रहा था मुंबई

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट नंबर IX-1810 से मुंबई जा रहा था। उसके पास एक पिस्तौल और मैगजीन थी। उसने फ्लाइट में चढ़ने से पहले अधिकारियों को हथियारों की जानकारी दी। वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुनीत गुप्ता के मुताबिक, जब हथियार और उसके कागजात की जांच हो रही थी, तभी बंदूक अचानक से चल गई। उन्होंने बताया कि हथियार और उसके कागजात की जांच के समय हथियार का मालिक और एयरपोर्ट का स्टाफ दोनों मौजूद थे।

फायरिंग में दो कर्मचारी घायल

गोली पहले जमीन पर लगी और फिर पास खड़े दो स्टाफ सदस्यों को जा लगी। एक महिला स्टाफ सदस्य की जांघ में गोली लगी। जबकि एक पुरुष स्टाफ सदस्य के हाथ में चोट आई। वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर के मुताबिक, यह घटना 16 अगस्त, 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे हुई। गुप्ता ने बताया कि घायल दोनों स्टाफ सदस्यों की हालत स्थिर है। फिलहाल, उनका इलाज चल रहा है। ANI के मुताबिक, एयरपोर्ट डायरेक्टर ने कहा कि स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है। जांच चल रही है।

वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “आज सुबह करीब 9:30 बजे, मुंबई जाने वाली फ्लाइट IX-1810 में अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहे एक यात्री ने फ्लाइट में हथियार ले जाने की जानकारी दी। हथियारों की जांच के दौरान यात्री ने एक राउंड गोली चलाई, जिससे दो AAICLAS स्क्रीनर घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है। जांच चल रही है।” पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारी अब इस घटना की विस्तार से जांच कर रहे हैं।

बांग्लादेश ने 9 विकेट से ऑस्ट्रेलिया को उसके मैदान पर हराकर दर्ज की एतिहासिक टेस्ट जीत

AUSvsBAN मेहदी हसन मिराज (पांच विकेट) और हसन महमूद (तीन विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन रविवार को नौ विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसी के साथ बांग्लादेश ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। यह ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है। बांग्लादेश ने टेस्ट में दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया को हराने का कारनामा किया है।

ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट पर 161 रन से आगे खेलना शुरु किया। आज सुबह के सत्र में मेहदी हसन मिराज ने एलेक्स कैरी (30) को आउट कर बांग्लादेश को पांचवीं सफलता दिलाई। इसके बाद आने वाले बल्लेबाज थोड़ा संघर्ष करने के बाद अपने-अपने विकेट गवांते रहे। हालांकि इस दौरान कैमरन ग्रीन एक छोर थामे रन बनाते रहे। इस दौरन उन्होंने अपने शतक पूरा किया।

बो वेब्स्टर (पांच), कप्तान पैट कमिंस (आठ), मिचेल स्टार्क (18) रन बनाकर आउट हुये। 93वें ओवर में मिराज ने शतक बना चुके कैमरन ग्रीन को आउट किया। कैमरन ग्रीन ने 201 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाते हुए 104 रनों की पारी खेली। इसके बाद 96वें ओवर में मिराज ने नेथन लॉयन (15) रन को पगबाधा आउटकर ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी का 284 रनों के स्कोर पर अंत कर दिया।

बांग्लादेश को जीत के लिए 57 रनों का लक्ष्य मिला। दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी बंगलादेश ने 14.2 ओवरों में एक विकेट गवांकर 57 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। एकमात्र आउट होने वाले बल्लेबाज तंजिद हसन (शून्य) रहे। उन्हें जॉश हेजलवुड ने बोल्ड आउट किया। शादमान इस्लाम (25) और मोमिनुल हक (30) रन बनाकर नाबाद रहे।

बांग्लादेश की ओर से मेहदी हसन मिराज ने पांच विकेट लिये। वहीं हसन महमूद ने दोनों पारियों में कुल नौ विकेट लिये और उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से नवाजा गया।यह जीत बांग्लादेश के लिए एक बहुत बड़ा पल है, खासकर ऐसे साल में जब उन्होंने राजनीतिक कारणों से टी-20 विश्व कप में हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि, मार्च के बाद से उन्होंने काफी जीत हासिल की हैं, और यह बड़ी टेस्ट जीत उसी का नतीजा है।

मैच में हसन महमूद के नौ विकेट और तंजिद हसन के पहले शतक के साथ-साथ मेहदी हसन मिराज की अर्धशतक और पांच विकेट लेने का कारनामा भी देखने को मिला। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने बल्ले से और कप्तान के तौर पर भी शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत को इतना अविश्वसनीय बनाने वाली बात थी इस मैच से पहले बंगलादेश की फॉर्म।

इससे ठीक एक हफ़्ते पहले क्रिकट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच में वे 54 रन पर ऑल आउट हो गए थे, और टेस्ट सीरीज में चोटिल नाहिद राणा की कमी को लेकर बहुत चर्चा हो रही थी। फिर भी, बांग्लादेश के गेंदबाजो ने ऑस्ट्रेलिया को दोनों पारियों में 300 रन से कम पर ऑल आउट कर दिया, जबकि उनकी कमजोर बल्लेबाजी लाइन-अप टेस्ट में मज़बूती से डटी रही।

संक्षिप्त स्कोर इस प्रकार रहा:- ऑस्ट्रेलिया पहली पारी 198 रन, दूसरी पारी 284 रन। बंगलादेश पहली पारी 426 रन और दूसरी पारी एक विकेट पर 57 रन।

Nag Panchami 2026: नाग पंचमी के त्योहार पर बन रहा ये खास संयोग, भूल कर भी न करें ये गलतियां

Nag Panchami 2026: हर साल की तरह इस बार भी नाग पंचमी सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होगी। 17 अगस्त 2026 दिन सोमवार को नाग पंचमी मनाई जाएगी। यह और भी खास हो गई है, क्योंकि इसी दिन सावन का तीसरा सोमवार पड़ रहा है। ऐसे शुभ दिन पर नाग पंचमी और सावन सोमवार का यह संयोग पर्व के महत्व और ज्यादा बढ़ा देता है। माना जाता है कि इस विशेष संयोग में शुभ मुहूर्त पर नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों को 4 गुना ज्यादा फल मिलता है। पूजा मन लगाकर विधि विधान से करनी चाहिए।

पूजा विधि

इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त को मनाई जाने वाली है। ज्योतिष के मुताबिक नाग पंचमी श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होती है। इस दिन नाग देवताओं की पूजा होती है, जिससे सर्प दंश (काटने) का भय न हो, जीवन में सुख शांति समृद्धि बनी रहे, और प्रकृति तथा जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान करने का भी ये एक जरिया है। इस दिन यदि आप सावन सोमवार का व्रत कर रहे हैं, तो आपको नागव्रत का संकल्प नहीं कर सकते हैं। एक बार में एक व्रत किया जा सकता है। इसके बाद शिव जी की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। फिर नाग देवता की पूजा करनी चाहिए। जल अर्पित कर तिलक, चावल, फूल, भोग चढ़ाएं। वस्त्र अर्पित करें। वहीं दूध और खीर चढ़ाना न भूलें।

ये काम करने से बचें

1-सांपों का बिल जमीन के अंदर होता है। इसलिए नाग पंचमी के दिन गलती से भी जमीन, खेत वगैरह की खुदाई न करें। ऐसा करने से सांपों को चोट पहुंच सकती है, जो अशुभ होगा।

2-नाग पंचमी वाले दिन लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

3-इस दिन नुकीलीं चीजें जैसे चाकू, सुई आदि का यूज करने से बचें।

4-नाग पंचमी वाले दिन भूलकर भी किसी जीव जंतु खासकर सापों को नुकसान न पहुंचाए।

5-इस दिन मदिरा और तामसिक भोजन करने से भी बचना चाहिए।

कथा

सबसे फेमस कथा के मुताबिक एक खेत जोतता किसान था। हल चलाते समय गलती से उसने नागिन के बच्चों को मार दिया ता। दुखी और क्रोधित नागिन ने किसान के पूरे परिवार को डंस लिया था। बाद में किसान की बेटी ने श्रद्धा से नाग देवता की पूजा की और उनसे क्षमा याचना की थी।

उसकी भक्ति को देख नागिन ने प्रसन्न होकर पूरे परिवार को जीवनदान दे दिया था। तभी से नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने की परंपरा की शुरुआत हो गई। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार सुरक्षित रहता है और जीवन में आने वाले संकट कटते हैं।

FPI की भारतीय शेयरों में दिलचस्पी बरकरार, अगस्त में अब तक ₹16621 करोड़ की खरीद

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की ओर से खरीदारी का सिलसिला अगस्त में लगातार दूसरी महीने जारी है। मौजूदा महीने के पहले 15 दिनों में FPI ने भारतीय शेयरों में ₹16,621 करोड़ का निवेश किया है। बेहतर वैल्यूएशंस, कंपनियों के अच्छे वित्तीय नतीजों और अमेरिका में ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद ने निवेशकों के रुख को सकारात्मक बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इससे पहले जुलाई में FPI ने भारतीय शेयरों में ₹20,200 करोड़ का निवेश किया था। जुलाई से पहले लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने जून में ₹49,340 करोड़, मई में ₹32,963 करोड़, अप्रैल में ₹60,847 करोड़ और मार्च में रिकॉर्ड ₹1.17 लाख करोड़ की बिकवाली की थी। फरवरी में उन्होंने भारतीय शेयरों में ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था।

हालिया खरीदारी के बावजूद FPI की ओर से साल 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजारों में सेलिंग का आंकड़ा करीब ₹2.4 लाख करोड़ रहा है। साल 2025 में उन्होंने ₹1.66 लाख करोड़ की सेलिंग की थी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अन्य बाजारों के मुकाबले भारत की वैल्यूएशंस के आकर्षक होने, कंपनियों के अच्छे नतीजों, अमेरिका में बेंचमार्क ब्याज दर में कटौती की संभावना, कच्चे तेल की नरम कीमतों और रुपये में कम उतार-चढ़ाव ने विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

सिलेक्टिव होती जा रही है FPI की खरीद

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Trackk के को-फाउंडर और CEO वेदांत गुप्ते का कहना है कि अगस्त में FPI की खरीदारी से संकेत मिलता है कि पहले की बिकवाली मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से प्रेरित थी, न कि भारत को लेकर किसी बड़ी चिंता के कारण। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, कच्चे तेल की नरम कीमतों और रुपये में स्थिरता ने विदेशी निवेशकों के लिए भारत से दूरी बनाए रखने को काफी हद तक कम कर दिया है।

गुप्ते के मुताबिक, FPI की खरीद अब ज्यादा सिलेक्टिव होती जा रही है और निवेशक घरेलू खपत से जुड़े सेक्टर्स में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर सेक्टर में दिलचस्पी बढ़ रही है। विदेशी निवेशक भारतीय परिवारों पर दांव लगा रहे हैं, न कि भारतीय इनवॉइस पर।

विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भारतीय ऋण या बॉन्ड बाजार में भी बनी हुई है। अगस्त में अब तक FPI ने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के जरिए ₹972 करोड़ और जनरल रूट से ₹69 करोड़ का निवेश किया है।

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आगे के लिए क्या अनुमान

आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों का रुख वैश्विक संकेतकों पर निर्भर रहेगा। अमेरिकी बॉन्ड पर यील्ड, डॉलर सूचकांक, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों की कमाई FPI का निवेश तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। बजाज ब्रोकिंग में डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि आने वाले हफ्ते में निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे भूराजनीतिक तनाव से जुड़ी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या राहु-केतु परेशानी पैदा कर रहे हैं? नाग पंचमी पर अपनी राशि के अनुसार करें ये उपाय

हिंदू परंपरा में नाग पंचमी का खास महत्व है। इस दिन भक्त नाग देवता की पूजा करते हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद मांगते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह दिन उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है, जो राहु और केतु के बुरे प्रभावों को कम करना चाहते हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जन्म कुंडली में राहु या केतु की खराब स्थिति जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उलझन, अचानक आने वाली रुकावटों, अस्थिरता और परेशानियों का कारण बन सकती है। वैदिक ज्योतिष में राहु और केतु का संबंध ‘काल सर्प दोष’ से भी माना जाता है।

17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन श्रद्धालु अपनी राशि के अनुसार कुछ खास पूजा-पाठ और उपाय कर सकते हैं। यहां बताया गया है कि पारंपरिक रूप से हर राशि के लोगों को क्या करना चाहिए।

मेष– मेष राशि के लोग पानी में लाल फूल और लाल चंदन मिलाकर शिवलिंग का जलाभिषेक कर सकते हैं। माना जाता है कि इस उपाय से भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है और राहु-केतु के बुरे प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।

वृषभ– वृषभ राशि के लोग भगवान शिव को सफेद फूल चढ़ा सकते हैं। वे पानी में थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर उससे शिवलिंग का जलाभिषेक भी कर सकते हैं।

मिथुन– मिथुन राशि के लोग भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं और फिर भगवान गणेश को दूर्वा घास चढ़ा सकते हैं। परंपरा के अनुसार हरे कपड़े, हरे फल या मूंग की दाल दान करने की भी सलाह दी जाती है। भक्त “ॐ रां राहवे नमः” मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।

कर्क– कर्क राशि के लोग नाग पंचमी पर रुद्राभिषेक कर सकते हैं या करवा सकते हैं। परंपरा के अनुसार, वे पूजा के हिस्से के तौर पर चांदी के सांपों के प्रतीकात्मक जोड़े की पूजा भी कर सकते हैं। बाद में विसर्जन या निपटान के लिए, प्राकृतिक जल स्रोतों में धातु की चीजें डालने के बजाय स्थानीय मंदिर के निर्देशों और पर्यावरण के अनुकूल तरीकों का पालन करना बेहतर है।

सिंह– सिंह राशि के लोग भगवान शिव की पूजा करने से पहले सूर्य देव को जल चढ़ाकर दिन की शुरुआत कर सकते हैं। एक और पारंपरिक उपाय है तांबे के बर्तन में गेहूं भरकर किसी जरूरतमंद को दान करना।

कन्या– कन्या राशि वालों को सलाह दी जाती है कि वे जलाभिषेक करें और जानवरों व पक्षियों की देखभाल करें या उन्हें खाना खिलाएं। कुछ परंपराओं में बहते पानी में कच्चा कोयला विसर्जित करने की भी सलाह दी जाती है; हालाँकि, नदियों में सामग्री डालने के बजाय, भक्त पर्यावरण के लिए सुरक्षित कोई प्रतीकात्मक विकल्प चुन सकते हैं या किसी स्थानीय पुजारी से सलाह ले सकते हैं।

तुला– तुला राशि वाले नाग पंचमी पर शिव मंदिर जा सकते हैं और महादेव की पूजा कर सकते हैं। अपनी क्षमता के अनुसार ज़रूरतमंदों को अनाज दान करना या भोजन कराना भी इस दिन से जुड़ा एक उपाय है।

वृश्चिक– वृश्चिक राशि वाले भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं और सुंदरकांड का पाठ कर सकते हैं। पारंपरिक ज्योतिष में माना जाता है कि पूजा और पाठ का यह मेल राहु और केतु से जुड़ी परेशानियों को कम करने में मदद करता है।

धनु– धनु राशि वाले भगवान शिव और उनके परिवार की पूजा कर सकते हैं और इस मौके पर पीले कपड़े पहन सकते हैं। पारंपरिक रूप से विष्णु मंदिर में हल्दी और चने की दाल दान करने की भी सलाह दी जाती है।

मकर– मकर राशि वाले नाग पंचमी पर कुत्ते को रोटी और गुड़ खिला सकते हैं। शाम को, वे पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं, बशर्ते ऐसा करना सुरक्षित और अनुमत हो।

कुंभ– कुंभ राशि के लोग ज़रूरतमंदों को कंबल या स्टील के बर्तन जैसी उपयोगी चीज़ें दान कर सकते हैं। भगवान शिव के सामने बैठकर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना भी इस राशि से जुड़ा एक पारंपरिक उपाय है।

मीन– मीन राशि के लोग पानी में थोड़ी सी केसर मिलाकर उससे भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकते हैं। कुछ परंपराओं में बहते पानी में नारियल प्रवाहित करने की भी बात कही गई है, लेकिन प्राकृतिक जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए पर्यावरण के अनुकूल चीज़ें चढ़ाना या मंदिर द्वारा स्वीकृत विकल्प चुनना बेहतर है।

उपाय

राशि के अनुसार किए जाने वाले उपायों के अलावा, जो लोग राहु और केतु के बुरे असर का अनुभव कर रहे हैं, वे नाग पंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं और उन पर जल चढ़ा सकते हैं (जलाभिषेक कर सकते हैं)। कुछ ज्योतिष परंपराओं में राहु काल के दौरान शिव की पूजा करने की खास सलाह दी जाती है।

यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ये उपाय वैज्ञानिक रूप से साबित तरीकों के बजाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें सेहत, पैसे, रिश्तों या ज़िंदगी की दूसरी समस्याओं के पक्के समाधान के तौर पर नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिक अभ्यास के तौर पर देखा जाना चाहिए।