Iran-US War Update: ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ी डील, अब पूरी तरह खुलने के लिए अमेरिका की क्या होगी भूमिका?

Iran-US War News Update: ईरान और ओमान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल रूट में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक अहम समझौता किया है। इस डील के तहत होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले जहाजों के लिए निर्धारित एंट्री-एग्जिट रूट तय किए गए हैं। इसे लंबे समय से चले आ रहे समुद्री तनाव और अव्यवस्था के बीच एक बड़ी कूटनीतिक प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अभी इस समझौते पर तकनीकी स्तर की बातचीत जारी है। दोनों देशों की ओर से जॉइंट आधिकारिक बयान आना बाकी है। इसके बावजूद, ईरान और ओमान ने सुरक्षित वाणिज्यिक आवाजाही के लिए अलग-अलग समुद्री कॉरिडोर तैयार करने पर सहमति बना ली है।

क्या है समझौते का पूरा प्लान?

समझौते के मुताबिक, ईरान आने वाले यानी इनबाउंड कमर्शियल जहाजों की निगरानी करेगा। जबकि ओमान बाहर जाने वाले जहाजों यानी आउटबाउंड ट्रैफिक को संभालेगा। इसके लिए अलग-अलग निर्धारित शिपिंग लेन बनाई गई हैं। इनका उद्देश्य जहाजों के बीच टक्कर, सुरक्षा संबंधी घटनाओं और समुद्री तनाव को कम करना है। यह व्यवस्था दोनों देशों के बीच स्वतंत्र बातचीत के बाद तैयार हुई है।

इसका मकसद समुद्री ट्रैफिक को व्यवस्थित करना है। लेकिन साथ ही ईरान और ओमान की क्षेत्रीय संप्रभुता से समझौता न करना भी है। फिलहाल दोनों देशों की तकनीकी टीमें ऑपरेशनल प्रोटोकॉल, संचार व्यवस्था और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े नियमों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद संयुक्त औपचारिक घोषणा किए जाने की उम्मीद है।

सिर्फ रास्ते तय होने से नहीं खुलेगा होर्मुज

यह समझौता महत्वपूर्ण है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि पूर्ण रूप से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही बहाल करने का फैसला व्यापक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

तेहरान की प्रमुख मांगों में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जैसी कार्रवाइयों का अंत, सैन्य धमकियों को रोकना और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत शामिल है। जब तक इन बाहरी परिस्थितियों पर सहमति नहीं बनती, तब तक नए निर्धारित समुद्री कॉरिडोर कड़ी निगरानी के तहत संचालित किए जाएंगे।

दुनिया के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है होर्मुज?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम एनर्जी चोकपॉइंट्स में से एक है। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत पेट्रोलियम आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में एलएनजी यानी तरलीकृत प्राकृतिक गैस भी इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है।

यही वजह है कि इस जलडमरूमध्य में तनाव या जहाजों की आवाजाही में किसी भी तरह की बड़ी रुकावट का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है। पिछले महीनों में बढ़े तनाव और समुद्री ट्रैफिक में आई बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी। कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा और जहाजों के लिए युद्ध जोखिम बीमा (War-Risk Insurance) की लागत भी काफी बढ़ गई।

क्या वैश्विक तेल बाजार को मिलेगी राहत?

ईरान और ओमान के बीच हुआ यह समझौता वैश्विक बाजारों के लिए अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि होर्मुज संकट का कूटनीतिक समाधान संभव है। हालांकि, अभी इसे पूरी तरह संकट का अंत नहीं माना जा सकता। समुद्री मार्ग की पूर्ण और सामान्य आवाजाही इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान, अमेरिका और अन्य संबंधित पक्षों के बीच व्यापक भू-राजनीतिक मुद्दों पर किस तरह की सहमति बनती है। इसलिए फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उम्मीद जरूर जगी है। लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति लौटने में अभी कई अड़चनें बाकी हैं।

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Norton unveils one-off Manx R with Peaceful Research

Norton unveils one-off Manx R with Peaceful Research
Norton unveils one-off Manx R with Peaceful Research

Norton has revealed a one-off version of its Manx R in collaboration with Peaceful Research, a British art and design practice known for its work around contemporary motorsport and automotive culture. The motorcycle, officially called the Manx [P]R, made its public debut at the British MotoGP weekend at Silverstone

  1. One-off Manx R gets pink and purple finish
  2. 200cc V4 continues to make 206hp and 130Nm
  3. Bike was revealed at the British MotoGP at Silverstone

Norton has revealed a one-off Manx R created in collaboration with Peaceful Research, a British design practice working across motorsport and contemporary culture. The motorcycle made its public debut at the 2026 British MotoGP at Silverstone.

The one-off Manx R gets an asymmetrical finish combining metallic pink, deep purple and light grey. Peaceful Research’s graphics have been incorporated into the bodywork, while a ‘26’ graphic on the tail marks the year of the project.

The collaboration is limited to the design, with no changes made to the Manx R’s mechanical specification. Norton says the motorcycle took 10 days to strip, paint, wrap, lacquer and rebuild.

The Manx R uses a 1,200cc, 72-degree V4 engine producing 206hp at 11,500rpm and 130Nm at 9,000rpm. The engine is paired with a six-speed gearbox and a wet, multi-plate slipper clutch.

The Manx R has already been patented in India, and Norton is expected to launch the motorcycle here in India soon. The V4-powered Manx R and Manx will be assembled at Norton’s Solihull facility, with significant component supply from India.

Independence Day 2026: 1 करोड़ युवाओं की AI ट्रेनिंग, 6 करोड़ लखपति दीदी… लाल किले से हुए वो 7 ऐलान जो बदल देंगे आपकी जिंदगी

Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए बड़े ऐलान किए हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI), शिक्षा, खेल, सिविल डिफेंस, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, परमाणु ऊर्जा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी प्रमुख योजनाओं और लक्ष्यों की जानकारी शेयर की है। इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाए जाने से देश में करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल सकती है।

आइए आपको विस्तार से उन 7 प्रमुख ऐलानों के बारे में बताते हैं जो आपकी जिंदगी पर असर डालने जा रहे हैं-

1. 1 करोड़ युवाओं की AI ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले एक साल में देश के 1 करोड़ युवाओं को AI (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) स्किल्स में प्रशिक्षित किया जाएगा। तेजी से बढ़ती तकनीक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस कदम से भारत के युवा AI की दुनिया में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने में सक्षम बनेंगे।

2. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क बनाने की घोषणा की गई। कोचिंग संस्थानों के भारी वित्तीय बोझ से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत देने के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), उपलब्ध प्रतिभाओं और शिक्षकों को एक साथ लाकर यह पूरा ढांचा तैयार किया जाएगा।

3. 5-15 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट

गांवों, शहरों और स्कूलों में 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की खेल प्रतिभा की पहचान करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। चुने गए बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। जिन ओलंपिक खेलों में भारत वर्तमान में भाग या क्वालीफाई नहीं करता है, उन पर विशेष जोर दिया जाएगा।

4. आधुनिक चुनौतियों के लिए वाइब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क

युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए देश में एक वाइब्रेंट सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा) नेटवर्क तैयार किया जाएगा। आधुनिक समय में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित न रहकर रिफाइनरी, बैंकिंग सेक्टर, डेटा सेंटर और फैक्ट्रियों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रभावित कर सकते हैं। पिछली शताब्दी के पुराने ढर्रे के स्थान पर नागरिकों को आधुनिक प्रणालियों से परिचित कराया जाएगा और एक बड़ा स्वैच्छिक बल तैयार किया जाएगा।

5. 6 करोड़ लखपति दीदी का नया लक्ष्य

देश के विकास में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का पिछला लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। अतिरिक्त 3 करोड़ लखपति दीदी बनने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा।

6. आत्मनिर्भरता के लिए और सेमीकंडक्टर प्लांट्स

भारत में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट्स शुरू हो चुके हैं और उनसे उत्पादन का निर्यात भी शुरू हो गया है। आने वाले 7-8 वर्षों में देश में 5 से 8 और नए सेमीकंडक्टर प्लांट्स स्थापित किए जाएंगे, जो विकसित भारत के निर्माण में सहायक होंगे।

7. 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता

चिप्स, AI और डेटा सेंटरों की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं के मद्देनजर ऊर्जा सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया गया है। भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत इसी दशक में 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की योजना है। साथ ही फास्ट ब्रिडर टेक्नोलॉजी में मिली सफलता को परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया।

अंग्रेजों ने भारत से लूटे 200 ट्रिलियन डॉलर! कभी दुनिया की 27% GDP था भारत, जानिए यहां से कितना लेकर गए

भारत और 15 अगस्त को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। देश को 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी मिली थी। लेकिन आजादी मिलने के बाद देश को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा था। आजादी के बाद देश की अर्थव्यवस्था बेहद कमजोर स्थिति में थी। अंग्रेजों ने करीब 200 साल तक भारत के संसाधनों का भरपूर इस्तेमाल अपने लिए किया। वहीं करीब 200 साल के ब्रिटिश शासन के दौरान भारत के संसाधनों और संपदा का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल ब्रिटेन के हितों के लिए किया गया।

न्यूज 18 के मुताबिक, अर्थशास्त्रियों के पुराने आकलनों के मुताबिक, 1765 से 1938 के बीच ब्रिटिश क्राउन और ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत से करीब 45 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति बाहर ले गई। लंबे समय तक चले इस आर्थिक शोषण का असर भारत की आर्थिक स्थिति पर पड़ा और आजादी के समय देश को कई बड़ी आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

नेहरू के सामने बड़ी समस्या

1947 के बाद पीएम जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती कमजोर अर्थव्यवस्था को संभालना, उद्योगों को बढ़ावा देना और देश में बुनियादी ढांचे का विकास करना था। लगभग दो शताब्दियों के औपनिवेशिक शासन के बाद भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार को लंबे समय तक बड़े स्तर पर काम करना पड़ा।

करीब 200 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति गई बाहर

पुराने अनुमानों को अगर आज की आर्थिक स्थिति के हिसाब से देखा जाए और उनमें महंगाई, निवेश पर मिलने वाले रिटर्न और मौजूदा बाजार मूल्य को शामिल किया जाए, तो भारत से बाहर गई संपत्ति की अनुमानित कीमत 2026 में करीब 200 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। ये आंकड़ा बताते हैं कि ब्रिटिश शासन में भारत की संपदा बाहर जाती रही, जिससे आजादी के समय देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई।

‘काउंसिल बिल्स’ बड़ा तरीका

भारत से पैसा बाहर ले जाने का एक बड़ा तरीका ‘काउंसिल बिल्स’ व्यवस्था थी। 1765 से पहले ईस्ट इंडिया कंपनी भारत से कपड़ा, मसाले और शोरा खरीदने के लिए ब्रिटेन से लाया गया सोना-चांदी इस्तेमाल करती थी। लेकिन बंगाल में टैक्स वसूलने का अधिकार मिलने के बाद कंपनी ने तरीका बदल दिया। इसके बाद भारत से मिले टैक्स के पैसे से ही भारतीय सामान खरीदा जाने लगा और इस तरह भारत की कमाई का बड़ा हिस्सा ब्रिटेन पहुंचने लगा।

  1. टैक्स वसूली: भारतीय किसानों और व्यापारियों से सीधे टैक्स लिया जाता था।
  2. टैक्स से खरीदारी: ब्रिटिश सरकार टैक्स से जुटाए गए राजस्व का करीब एक-तिहाई हिस्सा भारतीय सामान खरीदने में इस्तेमाल करती थी, जिसे बाद में ब्रिटेन भेज दिया जाता था।
  3. बिना असली भुगतान: भारतीयों को उनके ही टैक्स के पैसे से भुगतान किया जाता था, जिससे ब्रिटेन को भारत का कीमती सामान लगभग मुफ्त में मिलता था।

GDP में आई गिरावट

ब्रिटिश शासन के दौरान भारत की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया। 1700 के आसपास भारत का वैश्विक GDP में हिस्सा करीब 27% बताया जाता है, लेकिन 1947 तक यह घटकर 3% से भी कम रह गया। ब्रिटिश नीतियों का असर भारत के कपड़ा उद्योग पर भी पड़ा। भारतीय कपड़ों पर ब्रिटेन में भारी टैक्स लगाया गया, जबकि ब्रिटिश सामान भारत में आसानी से बिकने लगा। इससे ढाका, मुर्शिदाबाद और सूरत जैसे पुराने औद्योगिक केंद्रों को बड़ा नुकसान हुआ। काम कम होने के बाद कई कारीगर और बुनकर खेती पर निर्भर हो गए और भारत धीरे-धीरे तैयार सामान के बजाय कपास, अफीम और नील जैसी कच्ची उपज के निर्यातक देश के रूप में बदल गया।

दूसरे विश्व युद्ध में हुआ नुकसान

1858 के बाद भी भारत की कमाई का बड़ा हिस्सा ब्रिटिश सरकार से जुड़े खर्चों पर ही लगाया जाता रहा। ‘होम चार्ज’ के तहत भारतीय करदाताओं के पैसों से ब्रिटिश अधिकारियों की पेंशन, रेलवे निवेश पर ब्याज और विदेशों में ब्रिटिश सेना के अभियानों का खर्च उठाया जाता था। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान यह आर्थिक दबाव और बढ़ गया। युद्ध के खर्च और कर्ज का असर भारत में महंगाई और खाद्य संकट के रूप में दिखाई दिया। लंबे समय तक चले इस आर्थिक बोझ के कारण 1947 में आजादी मिलने तक भारत की अर्थव्यवस्था बेहद कमजोर स्थिति में पहुंच चुकी थी।

आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत

आजादी के समय भारत की नई सरकार के सामने पैसों और संसाधनों की बड़ी कमी थी। देश में गरीबी और खाद्य संकट गंभीर था, उद्योग कमजोर हो चुके थे और विभाजन के बाद बड़ी संख्या में आए शरणार्थियों के पुनर्वास की जिम्मेदारी भी सरकार पर थी। सीमित सरकारी खजाने के बावजूद सड़कों, बिजली, सिंचाई और दूसरी जरूरी सुविधाओं के विकास पर काम शुरू करना पड़ा। लेकिन, आजादी के बाद के दशकों में भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रगति की और आज वह दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। देश अब लंबे समय के विकास लक्ष्यों पर ध्यान देते हुए अपनी आर्थिक ताकत को और बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

Suryapath Tiranga 2026: सूरज की चाल के साथ पूरी दुनिया में फहरा तिरंगा! जानें क्या है ‘सूर्यपथ तिरंगा’ रिले

Suryapath Tiranga: स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर एक अनोखा वैश्विक जश्न देखने को मिला, जिसमें तिरंगा सूरज की उगती किरणों के रास्ते के साथ पूरी दुनिया में यात्रा करते हुए नजर आया। संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में इस वैश्विक आयोजन की पूरी जानकारी साझा की गई है, जिसे सूर्यपथ तिरंगा नाम दिया गया है। यह विशेष पहल हर घर तिरंगा 2026 अभियान के तहत आयोजित की गई थी।

फिजी से शुरू हुई सूर्यपथ तिरंगा की वैश्विक यात्रा

संस्कृति मंत्रालय के बयान के मुताबिक सूर्यपथ तिरंगा की इस अनूठी यात्रा की शुरुआत भारतीय समयानुसार (IST) रात 1:30 बजे फिजी से हुई, जहां रिले के पहले प्वाइंट पर तिरंगा फहराया गया। फिजी के बाद यह प्रतीकात्मक यात्रा सूरज की चाल के साथ पश्चिम की ओर बढ़ी और न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया गणराज्य, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड और म्यांमार से होते हुए आगे बढ़ी। दुनिया भर में स्थित भारतीय मिशनों और पोस्ट्स पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया जिससे समय क्षेत्रों और महाद्वीपों के पार तिरंगे की एक निरंतर दृश्य रिले तैयार हुई।

सुबह 8:00 बजे तक यह यात्रा बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव तक पहुंच चुकी थी, जो पूरे क्षेत्र में भारत के गौरव और एकता का संदेश ले जा रही थी। इसके बाद यह रिले पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उज्बेकिस्तान और ओमान से गुजरी, सुबह 9:45 बजे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे कतर तक जा पहुंची। मात्र नौ घंटों में तिरंगे ने प्रशांत महासागर में दिन के सबसे पहले उजाले से लेकर पश्चिम एशिया तक की प्रतीकात्मक यात्रा पूरी की, जिसके जरिए 21 देशों और मिशनों/पोस्ट्स को एक साझा राष्ट्रीय प्रतीक से जोड़ा गया। ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ने उगते सूरज को देशभक्ति के एक वैश्विक रिले में बदल दिया।

अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका तक फैला तिरंगे का कारवां

संस्कृति मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय समयानुसार सुबह 10:45 बजे के बाद ‘सूर्यपथ तिरंगा’ की पश्चिम की ओर यात्रा लगातार जारी रही। यह सफर कुवैत, सऊदी अरब, इथियोपिया, रूस, केन्या, इजराइल, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका से होकर गुजरा। हर एक झंडा फहराने के साथ तिरंगा नए टाइम जोन और भूगोल को पार करता हुआ पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरेशिया तक पहुंच गया। दोपहर 12:30 बजे तक यह रिले प्रिटोरिया पहुंच चुकी थी।

इसके बाद यात्रा ने यूरोप में प्रवेश किया, जहां लातविया से लेकर जर्मनी, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, स्पेन, मोरक्को और आइसलैंड तक लगातार तिरंगा फहराया गया। दोपहर 12:45 बजे रीगा से शुरू होकर दोपहर 3:00 बजे रेकजाविक तक इस रिले ने पूरे यूरोप में जश्न की एक अद्भुत श्रृंखला बना दी। जैसे-जैसे ‘सूर्यपथ तिरंगा’ और पश्चिम की ओर बढ़ा, यह यात्रा अटलांटिक पार करते हुए अमेरिका की तरफ बढ़ गई।

क्या है सूर्यपथ तिरंगा का उद्देश्य?

हर घर तिरंगा 2026 के तहत इस विशेष पहल पर बात करते हुए संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि सूर्यपथ तिरंगा हमारे देश के शक्तिशाली प्रतीक तिरंगे के जरिए भारत की भावना को पूरी दुनिया तक पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि उगते सूरज के पथ का अनुसरण करते हुए यह अनूठी रिले हमारे मिशनों और भारतीय प्रवासियों को भारत की एकता, विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों के साझा जश्न में पिरोती है। यह दुनिया भर के भारतीयों के लिए एक आमंत्रण है कि वे एक साथ आएं और भारत की चिरस्थायी भावना को दुनिया के साथ साझा करें। कुल मिलाकर 40 से अधिक देशों में भारतीय नागरिकों और भारत के मित्रों को जोड़ने वाली इस ग्लोबल तिरंगा रिले ने यह साबित कर दिया कि सूरज जहां भी उगता है, वहां तिरंगे की भावना साथ चलती है।

देवदत्त पड्डीकल ने श्रीलंका के खिलाफ जमाया करियर का पहला टेस्ट शतक

Devdutt Padikkal

INDvsSL देवदत्त पड़िक्कल (नाबाद 131) और केएल राहुल (नाबाद 77) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत भारत ने पहले टेस्ट मैच के पहले दिन शनिवार को 2 विकेट पर 288 रन बना लिये है। आज गॉल में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 47 रन जोड़े। इसी दौरान दुभाग्यपूर्ण तरीके से यशस्वी जायसवाल (32) पर रन आउट हो गये। जायसवाल ने अपनी पारी में पांच चौके लगाये।

बाद बल्लेबाजी करने आये देवदत्त पडिक्कल ने केएल राहुल के साथ पारी को संभाला और तेजी के साथ रन बटोरे। भोजनकाल तक भारत ने एक विकेट पर 101 रन बना लिये। भोजनकाल के बाद दोनों बल्लेबाजों ने बिना कोई विकेट गवांये अपने-अपने अर्धशतक पूरे किये। देवदत्त पड़िक्कल ने 36वें ओवर की दूसरी गेंद पर एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद केएल राहुल 43वें ओवर की दूसरी गेंद पर एक रन लेकर अपना 21वां अर्धशतक पूरा किया। भारत ने चायकाल तक एक विकेट विकेट पर 197 रन बना लिये।केएल राहुल 162 गेंदों में (नाबाद 77) रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। इस दौरान राहुल ने अपनी पारी में नौ चौके और एक छक्का लगाया। 

लेकिन चायकाल के बाद पीठ में दर्द के कारण वह रिटायर आउट हो गए। लेकिन उनकी जगह आए शुभमन गिल ने बेहतरीन कवर ड्राइव लगाए। इस दौरान देवदत्त पड्डिकल 98 पर बोल्ड होने से बाल बाल बचे जब गेंद गिल्ली को नहीं गिरा सकी। कुछ गेंदों बाद ही उन्होंने अपना पहला शतक पूरा किया। 16 रनों के स्कोर पर शुभमन गिल ने प्रभात जयसूर्या के खिलाफ हवाई शॉट खेलकर विकेट गंवा दिया। उनकी जगह आए ऋषभ पंत ने आक्रामक बल्लेबाजी की और पड्डीकल के साथ दिन के अंत तक डटे रहे।

India vs Wales: हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का धमाकेदार आगाज, वेल्स को 3-1 से रौंदा

IND vs Wales: FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने अपने अभियान की शुरुआत वेल्स के खिलाफ मुकाबले से किया है। भारतीय हॉकी टीम ने वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले मैच में वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार शुरुआत की है। दोनों टीमों के बीच पूल D का ये मैच नीदरलैंड्स के एम्सटेलवीन स्थित वैगनर स्टेडियम में खेला गया। एम्सटेलवीन में खेले गए पूल D के मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले ही क्वार्टर में बढ़त बना ली थी। संजय राणा और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाते हुए भारत के लिए गोल किए। वहीं चौथे क्वार्टर में वेल्स एक ही गोल कर सकी। भारत का अब अगला मुकाबला इंग्लैंड से होगा।

हरमनप्रीत सिंह ने किए दो गोल

वेल्स के खिलाफ मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने मुकाबले में दो गोल किए। भारत के लिए पहला गोल संजय ने आठवें मिनट में किया, इसके बाद हरमनप्रीत ने पहले क्वार्टर में गोल दागकर टीम की बढ़त बढ़ा दी। तीसरे क्वार्टर में कप्तान ने अपना दूसरा गोल किया। वेल्स ने आखिरी क्वार्टर में एक गोल जरूर किया, लेकिन भारत की जीत नहीं रोक सका। इस मैच में भारतीय टीम की नई भगवा जर्सी भी पहली बार मैदान पर नजर आई।

कैसा था भारत और वेल्स का मुकाबला

भारत ने वेल्स के खिलाफ मैच में शुरुआत से ही अच्छा खेल दिखाया और पहले क्वार्टर में दो गोल कर बढ़त बना ली। संजय राणा ने 8वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत का खाता खोला। इसके बाद 11वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार ड्रैग फ्लिक से दूसरा गोल कर दिया। दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों को मौके मिले, लेकिन कोई भी गोल नहीं कर सका और हाफ टाइम तक भारत 2-0 से आगे रहा। तीसरे क्वार्टर में 42वें मिनट पर मिले पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाते हुए हरमनप्रीत ने फिर गोल किया और भारत की बढ़त 3-0 कर दी। वहीं चौथे क्वार्टर में वेल्स ने एक गोल ही कर पाई।

अब कब होगा भारत का मुकाबला

वेल्स के खिलाफ जीत के बाद भारतीय टीम का अगला मुकाबला इंग्लैंड से होगा। दोनों टीमें सोमवार, 17 अगस्त को पूल D के मैच में आमने-सामने होंगी। इसके बाद भारत 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरेगा। टीम की कोशिश इन दोनों मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन कर अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी।

McLaren McL 6GT concept: brand’s first manual since the F1

McLaren McL 6GT concept: brand's first manual since the F1
McLaren McL 6GT

McLaren has revealed the McL 6GT concept at the 2026 Monterey Car Week. Inspired by Bruce McLaren’s unfinished M6GT road car project from the late 1960s, it previews a production model due in 2028 and becomes the first McLaren since the F1 to feature a manual transmission.

  1. First manual McLaren since the F1 launched in 1992
  2. Inspired by Bruce McLaren’s original M6GT road car
  3. Production version confirmed for launch in 2028

McLaren McL 6GT exterior

The McL 6GT takes inspiration from the original M6GT, the road-going version of the M6A Can-Am race car that Bruce McLaren had intended to build before the project was abandoned. The concept combines classic proportions with a contemporary design, featuring a low nose, wide stance, clean surfacing and a Kammback-style rear. McLaren says the car has been developed to honour the original M6GT while previewing a future low-volume production model.

The concept is built around a carbon-fibre monocoque with carbon-fibre body panels. Other design details include a new “Racing Loop” tail-light signature, Bruce McLaren’s signature on the engine cover and the historic Speedy Kiwi emblem engraved into the fuel filler cap.

McLaren McL 6GT interior

The cabin combines modern technology with design cues inspired by the original M6GT. It features a digital instrument display, machined aluminium controls, exposed carbon-fibre trim and upholstery patterned after the quilted seats of Bruce McLaren’s road car. Physical switchgear has been retained throughout, while the manual gear lever incorporates a three-dimensional Speedy Kiwi emblem. McLaren says the interior has been designed to prioritise driver engagement while maintaining the simplicity of the original M6GT.

McLaren McL 6GT powertrain

Power comes from a rear-mounted V8 petrol engine paired with a manual transmission, driving the rear wheels. It is the first McLaren road car to offer a manual gearbox since the F1, which was introduced in 1992. The company has not disclosed engine output, displacement or performance figures.

McLaren says the McL 6GT has been engineered to deliver a more mechanical driving experience, with hydraulic steering, traditional controls and a manual gearshift forming the core of the driving experience.

McLaren McL 6GT production

McLaren has confirmed that the McL 6GT will enter production in 2028 as a low-volume model positioned outside the brand’s core product range. It joins the company’s growing line-up of limited-production models inspired by its history, although pricing and production numbers have not yet been announced.

नई Royal Enfield Continental GT 650 भारत में लॉन्च, कीमत और नए फीचर्स ने खींचा ध्यान

Royal Enfield ने भारत में अपनी अपडेटेड Continental GT 650 लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इस बाइक के डिजाइन और फीचर्स में कुछ छोटे बदलाव किए हैं, जबकि इसके इंजन और बाकी मुख्य मैकेनिकल चीजों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। वहीं, इसकी कीमत कलर और स्पेसिफिकेशन के आधार पर 3.58 लाख रुपये से शुरू होकर 3.88 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है।

बता दें कि अपडेटेड Continental GT 650 को चार कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। Rocker Red वेरिएंट, जिसमें अब ब्लैक फिनिश वाला इंजन, एग्जॉस्ट और कास्ट-अलॉय व्हील मिलते हैं। इसकी कीमत 3.58 लाख रुपये है। वहीं, British Racing Green की कीमत भी 3.58 लाख रुपये है। इसमें पॉलिश्ड इंजन और स्पोक व्हील दिए गए हैं।

ब्लैक-आउट इंजन और कास्ट-अलॉय व्हील्स वाले Apex Grey की कीमत 3.81 लाख रुपये है, जबकि पॉलिश्ड इंजन और स्पोक व्हील्स वाले मिस्टर क्लीन वेरिएंट की कीमत सबसे ज्यादा, यानी 3.88 लाख रुपये है। ये सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं।

2026 Continental GT 650 में अब ब्लैक कलर का इंस्ट्रूमेंट काउल और नए LED इंडिकेटर्स दिए गए हैं। इसके अलावा, बाइक में USB Type-C फास्ट चार्जिंग पोर्ट भी जोड़ा गया है। इससे राइडर सफर के दौरान स्मार्टफोन और दूसरे डिवाइस आसानी से चार्ज कर सकेंगे।

वहीं, Rocker Red वेरिएंट में अब ब्लैक फिनिश वाला इंजन, एग्जॉस्ट और कास्ट-अलॉय व्हील दिए गए हैं। पहले यह सेटअप सिर्फ Apex Grey कलर में मिलता था। इस बदलाव के बाद British Racing Green और Mr Clean ही ऐसे वेरिएंट हैं, जिनमें स्पोक व्हील और पॉलिश्ड इंजन फिनिश दी गई है।

ये अपडेट मुख्य रूप से दिखावट से जुड़े हैं और इनसे मोटरसाइकिल के बेसिक डिजाइन या राइडिंग के अनुभव में कोई बदलाव नहीं आता है। मैकेनिकल तौर पर Continental GT 650 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें अभी भी 648cc का एयर- और ऑयल-कूल्ड पैरेलल-ट्विन इंजन लगा है, जो 47hp की पावर और 52.3Nm का टॉर्क देता है। पावर को पिछले पहिये तक पहुंचाने के लिए छह-स्पीड गियरबॉक्स का इस्तेमाल किया गया है।

Royal Enfield की लाइनअप में Continental GT 650 की अपनी अलग पहचान है। यह बाइक क्लासिक कैफे रेसर लुक के साथ मॉडर्न और भरोसेमंद तकनीक का कॉम्बिनेशन देती है।

USB Type-C चार्जिंग पोर्ट और डिजाइन में किए गए छोटे बदलाव इसे मिड-वेट परफॉर्मेंस बाइक सेगमेंट में और बेहतर बनाए रखने में मदद करेंगे। वहीं, Royal Enfield आने वाले समय में ज्यादा बड़े इंजन वाली बाइक्स भी पेश करने की तैयारी कर रही है।

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क्या आप नई इलेक्ट्रिक SUV लेने का प्लान बना रहे हैं? अगर हां, तो इस खबर को आपको जरूर पढ़ना चाहिए। दरअसल, Mahindra & Mahindra ने आज BE 6 Sporteq को भारत में लॉन्च कर दिया है। यह कंपनी की BE 6 इलेक्ट्रिक SUV पर आधारित नई सीरीज है। इसकी शुरुआती कीमत 19.45 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है और इसमें बैटरी की कीमत भी शामिल है।

कंपनी ने इसे Battery as a Service (BaaS) मॉडल के साथ भी पेश किया है। इस मॉडल में BE 6 Sporteq की शुरुआती कीमत 11.45 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। इसके अलावा बैटरी इस्तेमाल करने के लिए 3.75 रुपये प्रति किलोमीटर का चार्ज देना होगा।

BaaS मॉडल में 3.75 रुपये प्रति किलोमीटर का बैटरी चार्ज रोजाना करीब 60 किलोमीटर की ड्राइविंग को ध्यान में रखकर तय किया गया है। बता दें कि BE 6 Sporteq की डिलीवरी 26 अगस्त 2026 से शुरू होगी।

इस नई सीरीज को आप 8 वेरिएंट में खरीद सकते हैं — One, Two, Three, Three+, Four, FE (फ्रीडम एडिशन), FE Four और लॉन्च एडिशन। ग्राहक अपनी जरूरत और वेरिएंट के हिसाब से 59kWh, 70kWh और 79kWh बैटरी पैक में से चुन सकते हैं।

Mahindra BE 6 Sporteq की कीमतें

59 kWh बैटरी वाले BE 6 Sporteq One ​​की कीमत BaaS के तहत ₹11.45 लाख और बैटरी के साथ ₹19.45 लाख है। Two वेरिएंट की कीमत BaaS के तहत ₹12.95 लाख और 59 kWh बैटरी के साथ ₹20.95 लाख है।

Three वेरिएंट की कीमत 59 kWh बैटरी के साथ ₹21.95 लाख और 70 kWh यूनिट के साथ ₹22.95 लाख है। वहीं, Three+ की कीमत 70 kWh बैटरी के साथ ₹23.95 लाख और 79 kWh बैटरी के साथ ₹24.95 लाख है।

इसके अलावा, Four और ‘लॉन्च एडिशन’ (Launch Edition), दोनों ही 79 kWh बैटरी के साथ आते हैं और इनकी कीमत 26.95 लाख रुपये है। FE की कीमत 24.45 लाख रुपये है, जबकि FE फोर की कीमत 26.95 लाख रुपये है। फॉर्मूला E से प्रेरित इन दोनों ही वेरिएंट्स में 79 kWh की बैटरी का इस्तेमाल किया गया है।

ये सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं और इनमें वॉल चार्जर और उसके इंस्टॉलेशन का खर्च शामिल नहीं है।

तीन-स्क्रीन वाला डिजिटल कॉकपिट

Mahindra ने BE 6 Sporteq सीरीज को 12 एक्सटीरियर कलर ऑप्शन में पेश किया है। इनमें चार नए कलर भी शामिल हैं—Rosso Impulso, Ruby Velvet, Graphite Storm और Firestorm Orange Satin।

Two वेरिएंट से आगे के सभी मॉडल में तीन-स्क्रीन वाला कोस्ट-टू-कोस्ट डिजिटल कॉकपिट दिया गया है। हालांकि, Formula E से प्रेरित Freedom Edition खरीदने वाले ग्राहकों को पहले वाला दो-स्क्रीन कॉकपिट और खास ‘हेलो डिजाइन’ मिलेगा।

Sporteq रेंज में छह नए टेक्नोलॉजी सुइट्स भी पेश किए गए हैं — TEQ_Talk, TEQ_Play, TEQ_Drive, TEQ_Me, TEQ_Secure और TEQ_xting। ये सभी MAIA (महिंद्रा का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आर्किटेक्चर) पर आधारित हैं, जो कंपनी की ‘सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल’ स्ट्रैटेजी का आधार है।

Google Gemini-पावर्ड वॉइस असिस्टेंट

TEQ_Talk को Google Gemini के साथ बनाया गया है और इसमें 17 खास AI एजेंट का इस्तेमाल किया गया है। Mahindra के अनुसार, यह सिस्टम 100 से ज्यादा मुख्य फंक्शन और 48 एप्लीकेशन को सपोर्ट करता है, जिनमें गाड़ी के कंट्रोल, नेविगेशन, म्यूजिक और न्यूज शामिल हैं।

TEQ_Play में एंटरटेनमेंट फीचर जैसे कि कराओके, ‘ब्रिंग-योर-ओन-डिवाइस’ (BYOD) मोड वाला इन-कार गेमिंग सुइट, प्राइवेट ऑडियो, Dolby Vision, Dolby Atmos और GrooveMe Party शामिल हैं। Mahindra का दावा है कि भारत में ऑटोमोटिव बनाने वाली कंपनियों में कराओके फ़ीचर और BYOD मोड में गेमिंग की सुविधा सबसे पहले इसी में दी गई है।

TEQ_Drive में परफॉर्मेंस से जुड़े फंक्शन जैसे कस्टम ड्राइव मोड, ड्रिफ़्ट मोड, ट्राइब ड्राइव, रिवाइव और रिवाइव SOS शामिल हैं। Formula E Freedom Edition में एक अतिरिक्त ‘एक्सेलरेशन बूस्ट’ फंक्शन भी मिलता है।

TEQ_Me में ऑटोमैटिक डिटेक्शन वाले यूजर प्रोफाइल की सुविधा है, जबकि TEQ_xting मालिकों को टेलगेट के लिए पर्सनलाइज्ड मैसेज बनाने की सुविधा देता है।

TEQ_Secure में Secure360 Pro शामिल है, जो ऑडियो रिले और घुसपैठ की चेतावनी (intrusion alert) के साथ लाइव व्यू देता है। इसमें iPhone, Apple Watch, Android और Samsung स्मार्टफोन के साथ-साथ NFC की-कार्ड के ज़रिए NFC और डिजिटल कार-की का सपोर्ट भी मिलता है।

महिंद्रा का दावा है कि वह पहली भारतीय ऑटोमोटिव कंपनी है जो कई डिवाइस इकोसिस्टम में ‘कार कनेक्टिविटी कंसोर्टियम’ (CCC) के नियमों के मुताबिक Digital Car-Key फंक्शनैलिटी देती है। इस सुइट में तीसरी स्क्रीन के लिए पैरेंटल लॉक भी शामिल है।.

मौजूदा महिंद्रा इलेक्ट्रिक SUV में अपडेट्स आएंगे

महिंद्रा ने कहा कि Sporteq सीरीज के साथ पेश की गई सभी नई टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर फीचर्स को मौजूदा BE 6, XEV 9e और XEV 9S गाड़ियों में धीरे-धीरे लाया जाएगा, हालांकि उपलब्ध फीचर्स मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होंगे। यह रोलआउट जनवरी 2027 से चरणों में शुरू होगा।

Mahindra & Mahindra के ऑटोमोटिव बिजनेस के प्रेसिडेंट और महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर, आर वेलुसामी ने कहा, “इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। ग्राहक अब EV को सिर्फ उसकी रेंज या तेजी (एक्सेलरेशन) से नहीं आंकते हैं। वे उम्मीद करते हैं कि यह अपनी पूरी लाइफ-साइकिल के दौरान ज्यादा स्मार्ट, ज्यादा पर्सनल और ज्यादा काबिल बने। Sporteq इसी बदलाव को दिखाता है। MAIA से पावर्ड, यह AI, पर्सनलाइजेशन, परफॉर्मेंस और एंटरटेनमेंट को इस तरह से एक साथ लाता है कि हर सफर ज्यादा आसान और बेहतर (इंट्यूटिव) बन जाता है।”

लॉन्च एडिशन और फॉर्मूला E फ्रीडम एडिशन

रेंज के टॉप मॉडल के तौर पर BE 6 Sporteq Launch Edition को खास Graphite Storm एक्सटीरियर फिनिश के साथ पेश किया गया है। इसके केबिन में Racing Tan कलर की पूरी लेदर जैसी फिनिश वाली सीटें और इंटीरियर दिया गया है।

वहीं, Formula E Freedom Edition का डिजाइन Mahindra Racing के Formula E रेसिंग प्रोग्राम से प्रेरित है। इसमें BE 6 के पुराने हेडलैंप डिजाइन को बरकरार रखा गया है। इसके अलावा, कार में तिरंगे वाले एक्सटीरियर एक्सेंट, सैटिन पेंट ऑप्शन और नया Rosso Impulso कलर मिलता है।

इसके केबिन में Black और Firestorm Orange थीम दी गई है। साथ ही इसमें दो-स्क्रीन डिजिटल कॉकपिट और कंपनी का खास Halo डिजाइन मिलता है।

Acceleration Boost फीचर की मदद से Formula E Freedom Edition महज 6.44 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। यह कंपनी द्वारा बताया गया दावा किया गया आंकड़ा है।

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