Petrol Diesel Price Today: 15 अगस्त को पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, जानें आपके शहर में आज का रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 15 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Independence Day: 21 तोपों की सलामी और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज… इस बार लाल किले पर दिखेगा नया अंदाज

Independence Day: अब से कुछ ही घंटों बाद देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2026 को दिल्ली के लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की अगुवाई करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और लगातार 13वीं बार देश को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संबोधित करेंगे। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ रखी गई है। इसके साथ ही ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

समारोह में भारत में बनी 105 मिमी हल्की फील्ड गन से स्वदेशी 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके बाद एमआई-17 हेलीकॉप्टरों से फूलों की बारिश भी की जाएगी। प्रधानमंत्री के भाषण का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भारतीय भाषाओं में तुरंत अनुवाद भी किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह का सीधा प्रसारण सुबह 6:30 बजे से शुरू होगा। इसे डीडी नेशनल के साथ कई डिजिटल मंचों पर भी लाइव देखा जा सकेगा।

स्वतंत्रता दिवस 2026: पहली बार होंगी ये खास बातें

  • लाल किले पर पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम’: ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसे पहली बार लाइव गाया जाएगा। आजादी के बाद लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों के इतिहास में यह पहली बार होगा।
  • स्वदेशी तोपों से 21 तोपों की सलामी: इस बार 21 तोपों की सलामी में इस्तेमाल होने वाले सभी प्रमुख उपकरण भारत में बने होंगे। समारोह में स्वदेशी 105 मिमी हल्की फील्ड गन से पारंपरिक 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके लिए औपचारिक 1721 फील्ड बैटरी का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री की मदद करेंगी कैप्टन सोनिया सिंह चौहान: ध्वजारोहण के दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद करेंगी। वह लाल किले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री के साथ रहेंगी।
  • हेलिकॉप्टर से होगी फूलों की बारिश: तिरंगा फहराने के तुरंत बाद दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर लाल किले के ऊपर से फूलों की पंखुड़ियों की बारिश करेंगे।
  • 5,000 विशेष अतिथि होंगे शामिल: स्वतंत्रता दिवस समारोह में करीब 5,000 विशेष अतिथियों के साथ 2,500 राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट भी शामिल होंगे।
  • 22 भाषाओं में होगा भाषण का लाइव अनुवाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भारतीय भाषाओं में तुरंत अनुवाद किया जाएगा। इसके लिए ‘डिजिटल इंडिया भाषिणी’ ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मकसद प्रधानमंत्री का संदेश देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचाना है।

स्वतंत्रता दिवस 2026: मुख्य विषय

इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश के इतिहास और भविष्य, दोनों पर खास जोर दिया गया है। समारोह के दो मुख्य विषय रखे गए हैं।

  • ‘वंदे मातरम’ के 150 साल: इस साल राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर इसकी विरासत को खास सम्मान दिया जाएगा। पहली बार प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद लाल किले पर राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक मिलकर औपचारिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन करेंगे।
  • 2047 तक विकसित भारत के लिए युवा शक्ति: इस विषय के तहत 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया जाएगा। इसमें खास तौर पर जेन-जी युवाओं और युवा उद्यमियों की प्रतिभा, मेहनत और नए विचारों को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, पेपर लीक पर लगेगी लगाम, परीक्षा व्यवस्था होगी पारदर्शी और भरोसेमंद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन,  पेपर लीक पर लगेगी लगाम, परीक्षा व्यवस्था होगी पारदर्शी और भरोसेमंद

dropati murmu

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में शिक्षा, युवा, महिला सशक्तीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के लक्ष्य समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए व्यापक सुधार कर रही है।

 

राष्ट्रपति ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाएं विद्यार्थियों के लिए अवसरों के द्वार खोलती हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

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पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था में होंगे व्यापक सुधार

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को पूरी तरह खत्म करना है।उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिस पर देश के युवाओं को पूरा भरोसा हो। राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलनों और व्यवस्था में बदलाव की मांग उठती रही है।

 

युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे

 

राष्ट्रपति ने देश के युवाओं की उद्यमिता की भावना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा अब नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार पैदा करने की संस्कृति अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार और युवा उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी से देश में मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार हुआ है। दुनिया की बड़ी कंपनियां भारतीय युवाओं की प्रतिभा और समर्पण से प्रभावित हैं और उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारियां सौंप रही हैं।

 

‘खेलो इंडिया’ से तैयार हो रहा देशव्यापी स्पोर्ट्स इकोसिस्टम

 

राष्ट्रपति ने युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को देश के भविष्य की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के समग्र विकास में परिवार और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक खेलों का मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी दिखाई दे रहा है।

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ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाई भारतीय सेना की ताकत

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस की सराहना करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने आतंकवाद के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे चाहे कहीं भी छिपें, उन्हें अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना होगा। राष्ट्रपति ने कारगिल विजय दिवस और ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ का भी उल्लेख किया और भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस को याद किया।

 

सिंधु जल संधि निलंबन को बताया निर्णायक कदम

 

राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति के तहत सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित, विशेष रूप से किसानों के हित में उठाया गया निर्णायक कदम बताया।

 

नक्सलवाद का खात्मा बड़ी उपलब्धि

 

आंतरिक सुरक्षा पर राष्ट्रपति ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद देश के सामने गंभीर चुनौती रहा। उन्होंने भारत को नक्सलवाद मुक्त बनाने को बड़ी उपलब्धि बताया।

 

उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां अब विकास और उत्साह का माहौल है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी का भी उन्होंने उल्लेख किया।

 

सारनाथ को UNESCO विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने का जिक्र

 

राष्ट्रपति ने भारत की सभ्यतागत विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश स्थल सारनाथ को इस वर्ष UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है।

 

उन्होंने पिछले वर्ष सूची में शामिल किए गए 12 मराठा सैन्य किलों का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत आध्यात्मिक विरासत और सैन्य शक्ति व दृढ़ता के ऐतिहासिक प्रतीकों को समान गर्व के साथ संजोता है।

 

विदेश नीति में शांति और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर जोर

 

विदेश नीति पर राष्ट्रपति ने कहा कि शांति, संवाद, सहयोग और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की आधारशिला हैं।

 

उन्होंने कहा कि भारत नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था में विश्वास करता है और संयुक्त राष्ट्र समेत बहुपक्षीय संस्थाओं में वैश्विक समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने का प्रयास जारी रखेगा।

 

70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा

 

राष्ट्रपति ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी के साथ वरिष्ठ नागरिकों की संख्या भी बढ़ रही है।

 

उन्होंने बताया कि करीब 6 करोड़ 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक सरकारी योजनाओं के तहत सालाना 5 लाख रुपये तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने समाज से बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहने और उनकी गरिमा बनाए रखने की अपील की।

 

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

 

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आर्थिक मजबूती, विशाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त युवा एवं महिलाएं इस यात्रा के प्रमुख आधार हैं।

 

उन्होंने कहा कि वैश्विक युद्ध और अस्थिरता से आर्थिक चुनौतियां बढ़ने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव मजबूत करने वाला कदम बताया।

 

25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए

 

राष्ट्रपति ने पिछले एक दशक की कल्याणकारी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं।

 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत करीब 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं। वहीं 80 करोड़ से अधिक लोगों के लिए मुफ्त राशन के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

 

डिजिटल इंडिया की ताकत का भी किया उल्लेख

 

राष्ट्रपति ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धि पर कहा कि देश ने दुनिया का सबसे बड़ा और बेहतर डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। भारत की हिस्सेदारी वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में 50 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और युवा भारत की सबसे मूल्यवान संपत्ति हैं।

 

महिला सशक्तीकरण पर विशेष जोर

 

राष्ट्रपति के संबोधन में महिला सशक्तीकरण भी प्रमुख विषय रहा। उन्होंने कहा कि 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का शुरुआती लक्ष्य हासिल कर लिया गया है और अब सरकार तीन करोड़ और लखपति दीदी बनाने की दिशा में काम कर रही है।

 

उन्होंने शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना की। ड्रोन दीदी से लेकर वायुसेना की फाइटर कॉम्बैट लीडर तक महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाएं लगातार नए क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। उन्होंने ग्लासगो में हाल में संपन्न कॉमनवेल्थ गेम्स का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के कुल 13 स्वर्ण पदकों में से 8 स्वर्ण पदक महिलाओं ने जीते।

 

लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण का जिक्र

 

राष्ट्रपति ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को भी महत्वपूर्ण कदम बताया। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय लोकतंत्र और ज्यादा समावेशी बनेगा।

 

पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका

 

सतत विकास पर राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने 2030 के लिए निर्धारित कई सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को तय समय से पहले हासिल किया है। उन्होंने नागरिकों से प्रकृति और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ तथा LiFE (Lifestyle for Environment) जैसे अभियानों का उल्लेख किया।

 

स्वतंत्रता सेनानियों और विभाजन पीड़ितों को श्रद्धांजलि

 

राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता सेनानियों, महात्मा गांधी, डॉ. बीआर आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 550 से अधिक रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका को याद किया। उन्होंने विभाजन के दौरान जान गंवाने और विस्थापन झेलने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी। 14 अगस्त को मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भी उन्होंने उल्लेख किया।

 

राष्ट्रपति ने तेलुगु लेखक गुरजाडा अप्पाराव की पंक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र केवल उसकी भूमि नहीं, बल्कि उसके सभी लोग हैं। उन्होंने देशवासियों से 2047 तक स्वतंत्र भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने में पूरी निष्ठा से योगदान देने का आह्वान किया।

Independence Day Special: आजादी के साल में सोने में ₹1000 का निवेश आज बढ़कर कितना हुआ होता?

Independence Day Special: भारत 1947 में आजाद हुआ था। तब सोने की कीमत सिर्फ 88.62 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। करीब 80 साल बाद सोने की कीमत 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसका मतलब है कि 80 साल में सोने की कीमत 1,711 गुना हो गई है। सवाल है कि अगर किसी ने तब सोने में 1000 रुपये का निवेश किया होता तो आज उसकी वैल्यू कितनी होती?

1947 से अब तक सोने की कीमतें सालाना 9.9 फीसदी बढ़ी हैं

1947 में सोने में 1000 रुपये के निवेश की वैल्यू आज बढ़कर 17.1 लाख रुपये हो गई होती। इसका मतलब है कि इस दौरान सोने की कीमत सालाना करीब 9.9 फीसदी बढ़ी हैं। हालांकि, इस दौरान सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव रहा। किसी खास पीरियड में सोने की कीमतों में नरमी दिखी तो किसी दूसरे पीरियड में ज्यादा तेजी दिखी।

1980 में सोने का भाव 1000 रुपये प्रति 10 ग्राम था

1950 में सोने का भाव 99.18 रुपये प्रति 10 ग्राम था। लेकिन, 1964 में कीमत गिरकर 63.25 रुपये पर आ गई। 1970 में फिर से भाव चढ़कर 184.50 रुपये पर पहुंच गया। 1980 तक भाव 1000 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल को पार कर गया। तब इसका भाव 1,330 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

साल 2000 के बाद से सोने की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं

साल 2000 के बाद सोने की कीमतों की रफ्तार काफी तेज रही। 2000-01 में सोने का औसत भाव 4,473.60 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। 2010-11 में यह बढ़कर 19,227.08 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। 2020-21 में सोने का भाव 48,723.22 रुपये पर पहुंच गया। 2024-25 में औसत भाव 75,841.87 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।

1970-71 के मुकाबले आज चांदी की कीमत 370 गुना हो गई है

चांदी की बात की जाए तो 1970-71 से इसका आरबीआई का रेट उपलब्ध है। तब एक किलो चांदी की कीमत 536.08 रुपये थी। 14 अगस्त, 2026 को चांदी का भाव 1,98,461 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसका मतलब है इस दौरान चांदी कीमतें करीब 370 गुना हो गई हैं। सोने और चांदी को दशकों से सुरक्षित निवेश का सबसे भरोसेमंद जरिया माना जाता है।

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सोने और चांदी की कीमतों का कैलकुलेशन PIB और RBI के डेटा के आधार पर

सोने की कीमतों का एतिहासिक डेटा प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो और इंडियन इकोनॉमी पर आरबीआई की हैंडबुक पर आधारित है। आरबीआई इस हैंडबुक में गोल्ड और सिल्वर के प्राइसेज पब्लिश करता है। कीमतों का उपर्युक्त कैलकुलेशन इसी दोनों स्रोतों से उपलब्ध डेटा के आधार पर किया गया है।

हाथों में कटोरा लेकर आजादी मना रहा 80 साल का पाकिस्तान! कंगाली के ये निशान बयान कर रहे उसके असली हालात

पाकिस्तान को बने करीब 80 साल हो चुके हैं, लेकिन उसकी अर्थव्यवस्था आज भी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF के कर्ज पर निर्भर है। पिछले कई दशकों में पाकिस्तान को कई बार कर्ज और आर्थिक सुधारों के लिए मदद मिली है। इसके बावजूद देश बार-बार भुगतान संकट में फंसता रहा है और उसे अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए आईएमएफ का सहारा लेना पड़ता है। फिलहाल पाकिस्तान करीब 7 अरब डॉलर के IMF प्रोग्राम के तहत है। वहीं, देश पर सरकारी कर्ज उसकी अर्थव्यवस्था के कुल आकार यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का करीब 70 फीसदी है।

सरकार की कमाई का बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज और उसका ब्याज चुकाने में खर्च हो जाता है। इसके अलावा, पाकिस्तान ने रक्षा पर अपना खर्च बढ़ाया है, जबकि विकास से जुड़े कामों पर खर्च काफी सीमित है। आईएमएफ के हालिया कार्यक्रम से पाकिस्तान को 2023 के लगभग डिफॉल्ट की स्थिति के बाद अपनी विदेशी मुद्रा का भंडार बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को कुछ हद तक स्थिर करने में मदद मिली है। हालांकि, देश की कई पुरानी आर्थिक समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। इन्हीं समस्याओं के कारण पाकिस्तान को बार-बार आईएमएफ से कर्ज लेना पड़ता है।

पाकिस्तान में टैक्स से होने वाली कमाई कम है, निर्यात का दायरा सीमित है और कर्ज चुकाने में सरकार का बड़ा पैसा चला जाता है। इसके अलावा, ऊर्जा क्षेत्र की हालत भी खराब है और देश अपनी जरूरतों के लिए लगातार विदेशी कर्ज और आर्थिक मदद पर निर्भर रहता है। ऐसे में पाकिस्तान जब अपनी आजादी की 80वीं सालगिरह मना रहा है, तो बड़ा सवाल यह है कि उसे बार-बार आईएमएफ के पास क्यों जाना पड़ता है। साथ ही, कई वर्षों से चल रहे आर्थिक सुधार कार्यक्रम आखिर इस कर्ज के चक्र को खत्म करने में सफल क्यों नहीं हो पाए हैं।

पाकिस्तान 25 बार आईएमएफ के पास जा चुका है

आईएमएफ के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान 1950 में इस संस्था का सदस्य बना था। इसके बाद से वह 25 बार आईएमएफ के साथ अलग-अलग समझौते कर चुका है। इन समझौतों में कई तरह के कर्ज कार्यक्रम शामिल हैं। हालांकि, इनमें से हर कार्यक्रम को आर्थिक संकट से बाहर निकालने वाला बेलआउट पैकेज नहीं कहा जा सकता। फिर भी, बार-बार आईएमएफ की मदद लेने से पता चलता है कि पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक और विदेशी मुद्रा की कमी से जूझता रहा है।

पाकिस्तान का मौजूदा ‘विस्तारित कोष सुविधा’ कार्यक्रम करीब 7 अरब डॉलर का है। इसे सितंबर 2024 में 37 महीने के लिए मंजूरी दी गई थी। इससे पहले 2023 में पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर की ‘स्टैंडबाय व्यवस्था’ मिली थी। उस समय देश का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से कम हो रहा था और पाकिस्तान के कर्ज न चुका पाने यानी डिफॉल्ट का खतरा बढ़ गया था।

आईएमएफ ने मई 2026 में पाकिस्तान के मौजूदा आर्थिक कार्यक्रम की समीक्षा पूरी की। इसके बाद करीब 1.1 अरब डॉलर की एक और कर्ज की किस्त जारी करने को मंजूरी दी गई। आईएमएफ के मुताबिक, अलग ‘लचीलापन और स्थिरता सुविधा’ के तहत मिलने वाली रकम को जोड़ने पर दोनों कार्यक्रमों के तहत पाकिस्तान को अब तक करीब 4.8 अरब डॉलर जारी किए जा चुके थे।

इसी आर्थिक स्थिति के बीच पाकिस्तान अपनी आजादी के 80वें साल में प्रवेश कर रहा है। आईएमएफ के नए कार्यक्रमों से देश को कुछ समय के लिए आर्थिक स्थिरता जरूर मिली है, लेकिन पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बार-बार संकट में डालने वाली बुनियादी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।

पाकिस्तान के हालात हैं बेहद खराब

पाकिस्तान की सबसे बड़ी आर्थिक समस्याओं में से एक लगातार विदेशी मुद्रा की कमी रही है। जब देश का आयात खर्च, पुराने कर्ज की किस्तें और दूसरी विदेशी देनदारियां उसकी निर्यात से होने वाली कमाई और विदेश से आने वाली रकम से ज्यादा हो जाती हैं, तो विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ने लगता है। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान को भुगतान संकट से बचने के लिए दूसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से आर्थिक मदद लेनी पड़ती है। पाकिस्तान के आर्थिक इतिहास में यह स्थिति बार-बार देखने को मिली है। हर कुछ साल बाद देश के सामने विदेशी मुद्रा का संकट खड़ा होता है और उसे आईएमएफ से मदद लेनी पड़ती है।

2023 में पाकिस्तान डिफॉल्ट के करीब पहुंच गया था। इसके बाद सितंबर 2024 में आईएमएफ ने उसके लिए एक नया आर्थिक कार्यक्रम मंजूर किया। करीब 7 अरब डॉलर के इस कार्यक्रम का मकसद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिर करना, विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाना, टैक्स से होने वाली कमाई बढ़ाना, सरकारी कंपनियों में सुधार करना और ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति बेहतर करना था। इसके साथ ही, लंबे समय तक टिकाऊ आर्थिक विकास के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर भी जोर दिया गया।

आजादी के 80 साल बाद भी पाकिस्तान का आईएमएफ के एक बड़े कार्यक्रम पर निर्भर रहना बताता है कि देश की कई पुरानी आर्थिक कमजोरियां अब तक दूर नहीं हो पाई हैं।

कछुए की चाल से बढ़ रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान की आर्थिक रिकवरी अभी भी बहुत धीमी है। आईएमएफ के जुलाई 2026 के अनुमान के मुताबिक, 2026 में पाकिस्तान की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 3.6 फीसदी रहने की उम्मीद है। वहीं, खुदरा महंगाई करीब 7.2 फीसदी रह सकती है। 2025 में पाकिस्तान की कुल अर्थव्यवस्था का आकार करीब 407.8 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया गया था। आईएमएफ ने मई 2026 की समीक्षा में कहा था कि वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में पाकिस्तान की आर्थिक विकास दर में सुधार हुआ है। महंगाई भी नियंत्रण में रही और विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने की दिशा में उम्मीद से बेहतर काम हुआ। हालांकि, आईएमएफ ने यह भी चेतावनी दी कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के सामने आगे भी अनिश्चितता बनी हुई है और जोखिम कम नहीं हुए हैं।

पाकिस्तान का रक्षा खर्च भी बढ़ा

पाकिस्तान की आर्थिक परेशानियों का एक संबंध देश में सेना की बढ़ती राजनीतिक ताकत से भी जोड़ा जा रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को पाकिस्तान की विदेश नीति पर सबसे ज्यादा प्रभाव रखने वाली शख्सियतों में से एक बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका प्रभाव अब सिर्फ सैन्य मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े फैसलों में भी उनकी भूमिका बढ़ गई है।

2025 में फील्ड मार्शल बनने के बाद आसिम मुनीर की स्थिति और मजबूत हुई है। इसी बीच, आईएमएफ के आर्थिक कार्यक्रम के तहत वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की जरूरत के बावजूद पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट में बढ़ोतरी की है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पाकिस्तान सरकार ने रक्षा क्षेत्र के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा है। यह पिछले साल की तुलना में करीब 18 फीसदी ज्यादा है। दूसरी ओर, सरकार ने विकास से जुड़े कामों के लिए सिर्फ 1 लाख करोड़ रुपये का संघीय बजट रखा है। इससे साफ है कि आर्थिक दबाव के बावजूद पाकिस्तान में रक्षा खर्च को विकास खर्च की तुलना में ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है।

Independence Day 2026 : लालकिले की सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन शील्ड तैनात, 20 हजार से ज्यादा लोगों की जांच; दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन

Independence Day 2026 : लालकिले की सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन शील्ड तैनात, 20 हजार से ज्यादा लोगों की जांच; दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन

15 अगस्त को होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। लालकिले और उसके आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की कई परतें तैयार की हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ एंटी-ड्रोन सिस्टम भी लगाए गए हैं।

 

सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किले के आसपास रहने और काम करने वाले 20 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग और वेरिफिकेशन भी किया है। किसी भी संभावित सुरक्षा चूक या व्यवधान को रोकने के लिए दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन और भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

 

 लाल किले के आसपास कड़ी सुरक्षा

 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर लाल किले और आसपास के संवेदनशील इलाकों में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत एंटी-ड्रोन शील्ड तैनात की गई है ताकि आसमान से आने वाले किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

 

20 हजार से ज्यादा लोगों का वेरिफिकेशन

 

सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि लाल किले के आसपास के संवेदनशील क्षेत्र में रहने या काम करने वाले 20,000 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग और पहचान सत्यापन किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किला सबसे संवेदनशील स्थानों में से एक माना जाता है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है।

 

DTC बसों के रूट में बदलाव

 

दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस को लेकर DTC बसों और अन्य बसों के संचालन के संबंध में भी एडवाइजरी जारी की है। अधिकारी के मुताबिक, प्रभावित मार्गों पर इस अवधि के दौरान DTC या अन्य बसें सामान्य रूप से संचालित नहीं होंगी। बसों के रूट डायवर्ट किए जाएंगे और उनके टर्मिनेशन पॉइंट रामलीला मैदान और तीस हजारी कोर्ट में निर्धारित किए गए हैं।

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मेहमानों के लिए पार्किंग की व्यवस्था

 

स्वतंत्रता दिवस समारोह में आने वाले आमंत्रित मेहमानों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थानों को Google Maps पर चिह्नित किया गया है। लोगों से ट्रैफिक और पार्किंग से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक X अकाउंट को फॉलो करने की अपील की गई है।

 

सुबह 4 बजे से 11 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन

 

दिल्ली पुलिस के अनुसार, लाल किले के आसपास आम लोगों के लिए ट्रैफिक डायवर्जन सुबह 4 बजे से 11 बजे तक लागू रहेगा। इसके बाद ट्रैफिक प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे। चांदनी चौक क्षेत्र की कुछ सड़कें प्रतिबंधित समय के दौरान बंद रहेंगी। हालांकि, पुलिस के मुताबिक दुकानों, बाजारों और शॉपिंग मॉल पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।

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भारी वाहनों की आवाजाही पर भी रोक

 

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए दिल्ली के कई हिस्सों में भारी वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। पुलिस का लक्ष्य समारोह के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा चूक और ट्रैफिक व्यवधान को रोकना है।

शुभमन गिल की टेस्ट कप्तानी का एक साल पूरा, है पहली सीरीज जीत का इंतजार

भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि भले ही उनकी कप्तानी में टीम अभी तक कोई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है, लेकिन वह इस भूमिका में पूरी तरह सहज हैं और उन्हें विश्वास है कि टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है।गिल की कप्तानी में पहली टेस्ट सीरीज (इंग्लैंड में) 2-2 से ड्रॉ रही। इसके बाद भारत घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से सीरीज हार गया, हालांकि गर्दन की चोट के कारण गिल उस सीरीज के बड़े हिस्से में नहीं खेल सके।

भारत ने घरेलू टेस्ट सीरीज में अफगानिस्तान को आसानी से हराया था जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का हिस्सा नहीं थी। लेकिन गिल ने कहा कि वह बड़े लक्ष्य पर ध्यान दे रहे हैं।श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में गिल ने कहा, ‘‘मैं कप्तानी की भूमिका में बहुत सहज हूं। पिछले एक साल में जिस तरह हमारी टीम आगे बढ़ी है, उसे देखकर मुझे काफी संतोष मिलता है। मुझे लगता है कि हम सही दिशा में सही कदम उठा रहे हैं। ’’

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत फिलहाल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है और फाइनल में पहुंचने के लिए टीम को मजबूत प्रदर्शन करना होगा।उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मुख्य लक्ष्य अगले साल होने वाले WTC फाइनल में पहुंचना है। हमारे पास अभी लगभग नौ टेस्ट मैच हैं और क्वालीफाई करने के लिए हमें इनमें से छह या सात मैच जीतने होंगे। इसलिए श्रीलंका के खिलाफ यह सीरीज हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है और हमने इसकी अच्छी तैयारी की है। ’’

श्रीलंका के खिलाफ यह मुकाबला भारत का 600वां टेस्ट मैच होगा। इस ऐतिहासिक मौके पर टीम की कप्तानी करते हुए वह मंसूर अली खान पटौदी (भारत के 100वें टेस्ट) और विराट कोहली (500वें टेस्ट) जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल हो जाएंगे।गिल ने कहा, ‘‘अपने देश के लिए किसी भी टेस्ट मैच में कप्तानी करना बहुत बड़ा सम्मान है। भारत के 600वें टेस्ट में टीम का नेतृत्व करना मेरे लिए गर्व की बात है और स्वतंत्रता दिवस पर ऐसा करना इसे और भी खास बना देता है। ’’

गिल के बचपन के कोच सुखविंदर टिंकू ने कहा, ‘‘मैं बिलकुल भी हैरान नहीं हूं कि शुभमन बतौर कप्तान अच्छा कर रहा है। शुभमन हमेशा से सीखने के इच्छुक रहे हैं। जब वह छोटे थे, तब मुझे उन्हें कोई बात दो बार समझाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। वह बहुत तेज और सीखने के लिए हमेशा उत्सुक रहते थे। ’’

गिल ने श्रीलंका के गॉल की परिस्थितियों पर कहा कि यहां पुरानी गेंद से स्पिनरों की भूमिका काफी अहम होती है, जैसा कि भारत में भी कई जगह देखने को मिलता है।उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ी समानता यह है कि गेंद पुरानी होने पर स्पिनरों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि भारत में अलग-अलग तरह की मिट्टी की पिचें हैं। गॉल में हाल के मैच में अच्छी उछाल देखने को मिली है जो भारत की लाल मिट्टी वाली पिच जैसी है। अगर आप मुंबई जैसी जगह पर खेलते हैं तो यहां की परिस्थितियां काफी मिलती-जुलती लगती हैं। ’’

Kia confirms AWD for the upcoming Sorento

Kia confirms AWD for the upcoming Sorento
Kia Sorento rear quarter static

Ahead of the Sorento’s arrival in India on September 4, 2026, Kia India has confirmed the availability of AWD on the SUV in a teaser. This makes it the first ICE-powered Kia model in India to have AWD. Additionally, the brand has also confirmed Live Gen AI, an AI-powered in-car voice assistant feature. 

  1. Sorento will be the first strong-hybrid and AWD Kia model in India.
  2. It will be Kia’s ICE-powered flagship SUV for our market. 

Kia Sorento AWD: Additional details

The Sorento will be offered with strong-hybrid petrol and diesel engines. While exact specs remain under wraps, the global-spec Sorento gets a 1.6-litre turbo-petrol strong-hybrid setup with a 6-speed torque-converter automatic transmission, producing 238hp and 380Nm. In diesel guise, the Sorento is likely to use the Carnival’s 202hp, 440Nm, 2.2-litre turbo-diesel engine. Global-spec versions of the Sorento have AWD with both the strong hybrid and diesel engines. But it remains to be seen if AWD is offered with both or either of the powertrains on the India-spec model. 

Meanwhile, Kia’s Live Gen AI feature in the Sorento allows drivers to have natural conversations with the in-car AI agent, whilst also obeying commands to control certain car functions and features. 

Kia Sorento: Expected price

Likely to be priced in the ballpark of Rs 30 lakh to Rs 35 lakh ex-showroom

The Kia Sorento will be heavily localised in India with an expected price of Rs 30-35 lakh. With the Sorento getting AWD, it will take on the likes of the Volkswagen Tayron (Rs 41.99 lakh to Rs 47.74 lakh) and the Skoda Kodiaq (Rs 36.99 lakh to Rs 46.99 lakh), which also come with AWD, while the Jeep Meridian (Rs 23.33 lakh to Rs 37.92 lakh) gets a 4×4 drive layout. 

All prices are ex-showroom, India

Ekta Kapoor: गौरव खन्ना संग श्रद्धा आर्या की बनी जोड़ी, स्टार प्लस पर एकता कपूर के नए रोमांटिक ड्रामा में आएंगे नजर!

Ekta Kapoor: टीवी एक्टर्स गौरव खन्ना और श्रद्धा आर्या जल्द ही एक नए शो में साथ नजर आ सकते हैं। खबरों के मुताबिक, दोनों एक्टर्स स्टार प्लस के लिए एकता कपूर के आने वाले रोमांटिक फैमिली ड्रामा में लीड रोल निभाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। हालांकि यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती स्टेज में है और मेकर्स ने अभी तक कास्ट की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन इस जोड़ी के बारे में सुनकर ही टीवी दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है। इससे दोनों एक्टर्स की डेली सोप में वापसी होगी।

नया शो किस बारे में है?

टेली मसाला के अनुसार, आने वाली सीरीज को एक रोमांटिक फैमिली ड्रामा के तौर पर प्लान किया जा रहा है, जिसमें रिश्तों और परिवार के आपसी समीकरण कहानी का अहम हिस्सा होंगे। इस प्रोजेक्ट को एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस बालाजी टेलीफ़िल्म्स द्वारा डेवलप किया जा रहा है और माना जा रहा है कि अभी इसकी कास्टिंग चल रही है।

ऐसी भी अटकलें हैं कि नया शो स्मृति ईरानी के शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ की जगह ले सकता है। हालांकि, इसके लॉन्च शेड्यूल या प्रस्तावित टाइम स्लॉट के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि इस सीरीज को अक्टूबर 2026 में स्टार प्लस पर लॉन्च करने का प्लान है।

एक्टर्स के बारे में

गौरव खन्ना ‘अनुपमा’ में अनुज कपाड़िया के रोल से घर-घर में मशहूर हुए। इस पॉपुलर डेली सोप से अलग होने के बाद भी, एक्टर रियलिटी टीवी के ज़रिए चर्चा में बने रहे। वह अभी ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का हिस्सा हैं और इससे पहले ‘बिग बॉस 19’ के विनर भी रह चुके हैं।

खबर है कि श्रद्धा आर्या को इसी शो में फीमेल लीड रोल के लिए सोचा जा रहा है। यह एक्ट्रेस ‘कुंडली भाग्य’ में प्रीता का रोल निभाने के लिए जानी जाती हैं, इस रोल ने उन्हें हिंदी टेलीविज़न का एक जाना-माना चेहरा बना दिया। उन्होंने 2017 से 2024 तक यह रोल निभाया। यह टीवी शो ‘कुमकुम भाग्य’ का स्पिन-ऑफ था और इसे एकता कपूर ने प्रोड्यूस किया था। इसलिए, अगर सब कुछ ठीक रहा, तो एकता के बैनर तले यह उनका दूसरा प्रोजेक्ट होगा।

‘कुंडली भाग्य’ के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने के बाद श्रद्धा रेगुलर डेली फिक्शन रोल से दूर रही हैं। एक्ट्रेस की शादी हुई और जुड़वां बच्चे हुए, जिसके बाद उन्होंने ब्रेक लिया। लेकिन, उन्हें कुछ समय के लिए ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में देखा गया था। अगर कास्टिंग फाइनल हो जाती है, तो यह शो गौरव और श्रद्धा को एक नई टेलीविज़न जोड़ी के तौर पर साथ ला सकता है।

अभी ऑफिशियल अनाउंसमेंट का इंतज़ार है

फिलहाल, यह प्रोजेक्ट अभी डेवलपमेंट स्टेज में है और गौरव खन्ना और श्रद्धा आर्या की कास्टिंग की खबरों की ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है। न तो एक्टर्स और न ही एकता कपूर या स्टार प्लस ने शो के बारे में कोई अनाउंसमेंट किया है।

Vodafone Idea share Price: 3 दिन में 11% चढ़ा वोडाफोन आइडिया का शेयर, क्या आपको खरीदना चाहिए?

Vodafone Idea share Price: वोडाफोन आइडिया का शेयर तीन दिन में करीब 11 फीसदी चढ़ा है। 14 अगस्त को यह 4.37 फीसदी उछलकर 14.10 रुपये पर पहुंच गया। शेयरों में तेजी की वजह कंपनी के टैरिफ बढ़ाने की चर्चा है। दरअसल, भारती एयरटेल ने हाल में अपनी कई स्कीम के टैरिफ बढ़ाए हैं। इससे यह माना जा रहा है कि वोडाफोन आइडिया भी टैरिफ बढ़ा सकती है।

वोडाफोन आइडिया की सेहत में दिख रहा सुधार

अगर वोडाफोन आइडिया टैरिफ बढ़ाती है तो उसका प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) बढ़ जाएगा। मास्टर कैपिटल सर्विसेज में एवीपी विष्णु कांत उपाध्याय ने कहा कि वोडाफोन आइडिया के टैरिफ बढ़ाने से उसका रेवेन्यू भी बढ़ेगा। वोडाफोन आइडिया की वित्तीय सेहत में सुधार दिख रहा है। इसका असर उसके शेयरों पर दिखा है। बीते एक साल में यह शेयर 129 फीसदी चढ़ा है।

शेयरों में तेजी जारी रहने का अनुमान 

उपाध्याय ने कहा, “निवेशकों को वोडाफोन आइडिया के शेयर अपने पास बनाए रखना चाहिए। इसकी वजह यह है कि कंपनी की स्थिति अब बदल रही है।” उनका मानना है कि यह शेयर 15 रुपये तक जा सकता है। उसके बाद यह 15.50 रुपये की तरफ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि निवेशकों को कंपनी के एग्जिक्यूशन, सब्सक्राइबर ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखनी चाहिए।

टैरिफ बढ़ाने से बढ़ सकता है रेवेन्यू 

IIFL का कहना है कि वोडाफोन आइडिया के लिए दो संभावनाएं दिख रही हैं। पहला, अगर यह टैरिफ बढ़ाती है तो इसका ARPU FY27 में करीब 4 रुपये बढ़ सकता है। दूसरा, अगर यह टैरिफ नहीं बढ़ाती है तो इसके सस्ते प्लान में यूजर्स की दिलचस्पी बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि दोनों ही स्थितियों में वोडाफोन आइडिया को फायदा होगा।

18.70 रुपये तक जा सकता है शेयर 

ब्रोकरेज फर्म एंबिट कैपिटल ने बताया कि वोडाफोन आइडिया का शेयर 18.70 रुपये तक जा सकता है। जून तिमाही में कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या 3 लाख बढ़ी है। लंबे समय बाद कंपनी के यूजर्स की संख्या बढ़ी है। एंबिट का कहना है कि कंपनी दिसंबर 2026 तक टैरिफ 15 फीसदी तक बढ़ा सकती है।

कंपनी का तीन साल में 45000 करोड़ निवेश का प्लान

कंपनी पहले ही डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करने का ऐलान कर चुकी है। इसके लिए वह अगले तीन साल में अपने नेटवर्क में 45,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी के सीईओ अभिजीत किशोर ने कहा था कि प्रमोटर्स से मिलता सहयोग और बैंकों से फंड के लिए चल रही बातचीत से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है।

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सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर 50 फीसदी हुई

वोडाफोन आइडिया देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। पहले नंबर पर रिलायंस जियो है। दूसरे नंबर पर भारती एयरटेल है। तीसरे पर वोडाफोन आइडिया है। रिलायंस जियो शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। वोडाफोन में सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 50 फीसदी हो गई है।