UAE में छिपा था 13 हजार करोड़ की ड्रग्स का आरोपी, NCB वीरेंद्र सिंह बसोया को भारत लाई, क्या बोले अमित शाह?

UAE में छिपा था 13 हजार करोड़ की ड्रग्स का आरोपी, NCB वीरेंद्र सिंह बसोया को भारत लाई, क्या बोले अमित शाह?

Drug Smuggler Virendra Singh Basoya

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने UAE से भगोड़े ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को भारत वापस लाने में कामयाबी हासिल की है। शाह ने इसे नशीले पदार्थों के खिलाफ मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति में एक नया मील का पत्थर बताया। ALSO READ: सत्ता की भूख में सनातन राष्ट्र के टुकड़े किए, हिंदू बाहुल्य सिंध भी पाकिस्तान को दे दिया, विभाजन विभीषिका दिवस पर योगी की हुंकार

 

अमित शाह ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पता लगा रही है और एक कठोर दृष्टिकोण के साथ उनके पूरे पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को नष्ट कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए, एनसीबी ने यूएई से भगोड़े ड्रग सरगना वीरेंद्र सिंह बसोया की वापसी सुनिश्चित की है। 'ऊपर से नीचे' और 'नीचे से ऊपर' के दृष्टिकोण से अपराधी का पता लगाकर, हमारी एजेंसियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रग तस्कर चाहे कहीं भी छिप जाएं, वे भारतीय कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते। ALSO READ: Census 2027: पहली बार जाति भी पूछेगी सरकार, बैंक अकाउंट से कोविड वैक्सीन तक होंगे ये 40 सवाल

कौन है ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया?

ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को यूएई से दिल्ली लाया जा चुका है। वह दिल्ली, गुजरात और पंजाब से बरामद की गई 13 हजार करोड़ की ड्रग्स बरामदगी मामले में आरोपी है। उसे इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड भी माना जा रहा है। गिरफ्तारी से पहले ही बसोया दुबई भाग गया। इसके बाद, एनसीबी में भी उसके खिलाफ केस दर्ज किया था।

 

वीरेंद्र के भाई रविंदर बसोया को भी पुलिस ने अक्टूबर 2024 में ड्रग तस्करी मामले में गिरफ्तार किया था। उसकी कार से करीब 1.096 किलो ड्रग्स बरामद हुई थी। वीरेंद्र के बेटे ऋषभ बसोया का नाम भी इस नेटवर्क में सामने आया है। वीरेंद्र को जून 2026 में इंटरपोल के नोटिस के आधार पर यूएई में गिरफ्तार किया गया था।

10 लाख रुपये की FD पर कहां होगी सबसे ज्यादा कमाई? जानें कौन-कौन से बैंक दे रहे 8% से ज्यादा ब्याज

Best return on FDs: अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखते हुए उस पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से भारतीय निवेशकों की पहली पसंद रहा है। अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक अगर आप 10 लाख रुपये की बड़ी रकम एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो स्मॉल फाइनेंस बैंक आपको सबसे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। एफडी इंट्रेस्ट रेट में एक छोटा सा अंतर भी लंबे समय में आपकी कुल कमाई को काफी बढ़ा सकता है। खासकर ज्यादा अमाउंट इन्वेस्ट करने वाले सीनियर सिटिजंस के लिए ये काफी फायदेमंद साबित होता है। बिना कोई एक्स्ट्रा जोखिम लिए अपनी इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने के लिए जरूरी है कि आपको अलग अलग बैंकों की ओर से ऑफर किए जा रहे इंट्रेस्ट रेट की पूरी जानकारी हो।

स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे 8.10% तक का सबसे ज्यादा ब्याज

10 लाख रुपये के निवेश पर सबसे अधिक रिटर्न देने के मामले में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। अगस्त 2026 तक स्मॉल फाइनेंस बैंकों में 8.10 फीसदी तक के इंट्रेस्ट रेट ऑफर किए जा रहे हैं। इसकी पूरी लिस्ट यहां नीचे देखी जा सकती है-

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): 8,10 फीसदी तक की ब्याज दर।

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): 8.10 फीसदी तक की ब्याज दर।

शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

जन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 7.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक (Slice Small Finance Bank): 7.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

प्राइवेट बैंक ऑफर कर रहे 7.50% तक इंट्रेस्ट

निजी क्षेत्र के बैंक भी अलग अलग टेन्योर के लिए आकर्षक एफडी इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहे हैं।

डीसीबी बैंक (DCB Bank): 7.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

बंधन बैंक (Bandhan Bank): 7.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank): 7.25 फीसदी तक की ब्याज दर।

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank): 6.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सिस बैंक (Axis Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

सरकारी बैंक ऑफर कर रहे स्टेबल और सेफ रिटर्न

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पंजाब एंड सिंध बैंक और बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को एफडी पर सबसे अधिक ब्याज दे रहे हैं:

पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

इंडियन बैंक (Indian Bank): 6.65 फीसदी तक की ब्याज दर।

पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India): 6.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

विदेशी बैंक कितना इंट्रेस्ट दे रहे?

भारत में काम कर रहे विदेशी बैंकों में डॉयचे बैंक सबसे बेहतर इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहा है-

डॉयचे बैंक (Deutsche Bank): 7 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank): 5.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सपर्ट्स की सलाह: कैसे करें 10 लाख रुपये का सुरक्षित निवेश?

मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि अगर आप 10 लाख रुपये का निवेश कर रहे हैं तो पूरी रकम एक ही बैंक में रखने के बजाय इसे कई बैंकों में बांटकर जमा करें। ऐसा करने से आप हर बैंक में मिलने वाले 5 लाख रुपये के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। हाई रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और एफडी की समयावधि का चुनाव अपनी लिक्विडिटी यानी पैसे की जरूरत के हिसाब से करें। जमा बीमा सुरक्षा और स्थिर रिटर्न के चलते रिटायर लोगों के लिए एफडी आज भी एक बेहद भरोसेमंद निवेश माध्यम बनी हुई है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की 18 महीने की डेडलाइन कब खत्म हो रही है? जानिए सरकार ने इस बारे क्या कहा

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के लाखों एंप्लॉयीज और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। इस बीच, आयोग की 18 महीने की डेडलाइन को लेकर चल रही चर्चा पर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। गौरतलब है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकार केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की सैलरी में बदलाव करेगी।

नवंबर 2025 में हुआ था आयोग का गठन

आठवें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर, 2025 को हुआ था। इसे 18 महीने में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इस हिसाब से आयोग को मई 2027 तक अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस बीच, सरकार ने कहा है कि उसे आयोग से अभी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है और आयोग ने तय समय से पहले रिपोर्ट सौंपने के बारे में भी कुछ नहीं कहा है।

18 महीने के अंदर आयोग सौंपेगा अपनी रिपोर्ट

संसद के मानसून सत्र के दौरान वित्त मंत्रालय ने एक सवाल के जवाब में कहा कि आठवां वेतन आयोग गठन के 18 महीनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। उसने यह भी कहा कि उसने अब तक अपनी सिफारिशें नहीं सौंपी है। सरकार ने यह भी कहा कि आयोग को कामकाज की प्रगति के बारे में सरकार को नियमित रूप से बताने की जरूरत नहीं है।

अलग-अलग शहरों में आयोग एंप्लॉयीज यूनियंस से मिल रहा

अभी आयोग एंप्लॉयीज के प्रतिनिधियों, एंप्लॉयीज यूनियंस, पेंशनर्स के प्रतिनिधिमंडल और मामले से जुड़े दूसरे पक्षों से बातचीत कर रहा है। कोलकाता और दिल्ली सहित कई शहरों में आयोग एंप्लॉयीज के प्रतिनिधियों से चर्चा कर चुका है। यह आने वाले दिनों में जयपुर, चेन्नई, पुद्दुचेरी और चंडीगढ़ में एंप्लॉयीज के प्रतिनिधियों से बातचीत करेगा।

आयोग को एंप्लॉयीज के वेतन सहित इन मसलों पर देनी है रिपोर्ट

आठवें वेतन आयोग को पे स्केल के रिवीजन, डियरनेस अलाउन्स, पेंशन, फैमिली पेंशन और नौकरी से संबंधित दूसरी शर्तों के बारे में अपनी सिफारिशें सौंपनी है। सरकार ने अभी यह संकेत नहीं दिया है कि आयोग की सिफारिशों का केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज और पेंशनर्स पर कितना असर पड़ेगा।

आयोग की सिफारिशों का असर करीब 70 एंप्लॉयीज और पेंशनर्स पर पड़ेगा

एक अनुमान के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर केंद्र सरकार के करीब 70 लाख एंप्लॉयीज और पेंशनर्स पर पड़ेगा। 1 मार्च, 2026 को केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की संख्या 35.77 लाख थी। 31 दिसंबर, 2025 को पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स की संख्या 33.76 लाख थी।

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अगल साल के अंत तक लागू हो सकती हैं वेतन आयोग की सिफारिशें 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आयोग अगले साल मई तक अपनी फाइनल सिफारिशें सरकार को सौंप देता है तो यह अगले साल के अंत तक लागू हो सकता है। सरकार आयोग की सिफारिशें मिलने के बाद उस पर व्यापक विचार करेगी। उसके बाद सिफारिशों को लागू करने के बारे में फैसला लेगी।

July 2026: इन गुमनाम नायकों को आपने दी पहचान

July 2026: इन गुमनाम नायकों को आपने दी पहचान

  1. The Better India की खबर के बाद 8 साल के शुभंकर को मिली ₹1.11 लाख की मदद 

    पिता के छोड़कर चले जाने के बाद, अपनी माँ और छोटी बहन का पेट भरने के लिए 8 साल का शुभंकर स्कूल के बाद ट्रेनों में Chocolate बेचता था। 
    The Better India पर जब शुभंकर की संघर्ष की कहानी सामने आई, तो हमारे Followers चुप नहीं बैठे। एक के बाद एक लोग उसकी मदद के लिए आगे आए। किसी ने आर्थिक मदद की, तो किसी ने शुभंकर की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने की इच्छा जताई। देखते ही देखते उसे ₹1.11 लाख की मदद मिली।

शुभंकर के लिए आगे आकर मदद करने वाले हर व्यक्ति और हमारे सभी Followers का दिल से शुक्रिया। ❤️

फुकेट-दिल्ली फ्लाइट हादसे पर एयर इंडिया का बड़ा एक्शन! सभी पायलटों की डोप टेस्टिंग शुरू, एयरबस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा!

Air India Pilot Dope Test: 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड का डोप टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद, एयरलाइन ने गुरुवार से अपने ग्रुप – एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस – के सभी पायलटों का ड्रग टेस्ट करने का फैसला किया है। यह एक बार की जाने वाली प्रक्रिया है और साइकोएक्टिव पदार्थों की टेस्टिंग के लिए DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के नियमों में बताई गई जरूरतों से कहीं ज्यादा है।

एयरलाइन ने ग्रुप के पायलटों को भेजे एक इंटरनल मैसेज में कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, एयर इंडिया पहले से ही भारत के DGCA की सभी जरूरी शर्तों का पूरी तरह पालन करती है। ये शर्तें यूरोप और अमेरिका जैसे बड़े एविएशन क्षेत्रों में लागू नियमों जैसी ही हैं। फिर भी, हमें लगता है कि अब इससे आगे बढ़कर कदम उठाने की जरूरत है। इसलिए, हमने ग्रुप के सभी पायलटों की पूरी स्क्रीनिंग करने का फैसला किया है ताकि यह पता चल सके कि वे ऐसे किसी पदार्थ या दवा का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे हैं जिनकी मौजूदा नियमों के तहत इजाजत नहीं है। यह टेस्टिंग जरूरी है और आज, 13 अगस्त 2026 से शुरू होगी।”

दोनों ग्रुप एयरलाइंस के पास कुल मिलाकर लगभग 5,000 पायलट और करीब 300 विमानों का बेड़ा है। हालांकि, एयर इंडिया ने पायलटों को भेजे गए इस मैसेज पर कोई टिप्पणी नहीं की। सूत्रों के मुताबिक, यह टेस्टिंग सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने और यात्रियों व इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भरोसा दिलाने के लिए की जा रही है।

साइकोएक्टिव पदार्थों की टेस्टिंग पर DGCA की सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) के अनुसार, हर साल 10% फ्लाइट क्रू, अन्य पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का रैंडम डोप टेस्ट करना अनिवार्य है। रूटीन रैंडम टेस्टिंग के अलावा, ये टेस्ट आमतौर पर सुरक्षा से जुड़ी किसी घटना के बाद भी किए जाते हैं, जैसा कि 4 अगस्त की एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के मामले में हुआ।

वहीं, पायलटों को भेजे गए संदेश में कहा गया है, “यह टेस्ट गुरुग्राम एकेडमी में ट्रेनिंग के साथ-साथ, उड़ान के बाद हमारे फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर्स/एयर इंडिया ऑफिस में या आपके संबंधित बेस द्वारा बताई गई जगहों पर किया जाएगा। यह पहल नियमों की जरूरतों से कहीं आगे की है और सुरक्षा व प्रोफेशनलिज्म के उच्चतम मानकों को बनाए रखने तथा हमारे यात्रियों, स्टेकहोल्डर्स और आम जनता को भरोसा दिलाने के हमारे संकल्प को दर्शाती है।” सूत्रों के मुताबिक, जो पायलट फिलहाल छुट्टी पर हैं, उन्हें ड्यूटी पर लौटने के बाद यह टेस्ट देना होगा। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में कुछ दिन लगने की भी संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, संदेश में कहा गया है, “कई दशकों से एयर इंडिया भारतीय एविएशन की पहचान रही है। इस दौरान हमारे पायलटों और दूसरे स्टाफ की प्रोफेशनलिज्म, स्किल और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने लाखों यात्रियों और आम लोगों का भरोसा जीता है। यह भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, और इसे बनाए रखना और इसकी रक्षा करना हमारे लिए बहुत जरूरी है। आप में से कई लोगों ने हाल ही में इसी तरह की भावना ज़ाहिर की है।”

बता दें कि पिछले मंगलवार (4 अगस्त) को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एयरबस A320 फ्लाइट (VT-EXO) उड़ान के दौरान अचानक लगभग 300 फीट नीचे आ गई, जिससे 20 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य घायल हो गए। इनमें से 17 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। विमान में उस समय 137 यात्री, 6 केबिन क्रू सदस्य और 2 पायलट सवार थे। इस घटना को ‘सीरियस इंसिडेंट’ की श्रेणी में रखा गया है और इसकी जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।

गौरतलब है कि शुरुआत में सरकार और एयरलाइन ने इस घटना की वजह जबरदस्त टर्बुलेंस (हवा के तेज झोंके) को बताया था। सूत्रों के मुताबिक, पायलटों के बर्ताव की भी जांच हो रही है, खासकर PIC (पायलट-इन-कमांड) के ड्रग टेस्ट का नतीजा पॉजिटिव आने के बाद। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद PIC के शुरुआती ड्रग टेस्ट का नतीजा ‘नॉन-नेगेटिव’ आया था और कन्फर्मेटरी टेस्ट का नतीजा पॉजिटिव आया, जिसमें मारिजुआना (गांजा) की पुष्टि हुई। हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह नशीला पदार्थ कब लिया गया था या क्या वह ड्रग्स के असर में फ्लाइट उड़ा रहे थे।

इसके अलावा, ऐसा माना जा रहा है कि घटना के समय एयरबस A320 जेट के हाइड्रोलिक और कंट्रोल सिस्टम में भी एक के बाद एक कई दिक्कतें आईं। AAIB इस बात की भी जांच करेगा कि क्या ये दिक्कतें घटना का कारण हो सकती हैं। जांच में विमान बनाने वाली कंपनी एयरबस और फ्रांस की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी BEA मदद कर रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद PIC ने अधिकारियों को बताया कि वह नींद न आने की समस्या के लिए दवा ले रहे थे, जो उनके फैमिली डॉक्टर ने बताई थी। यह भी पता चला है कि उन्होंने अधिकारियों को बताया कि घटना के समय वह को-पायलट की सीट के पीछे खड़े थे और विमान के कंट्रोल पर नहीं थे।

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Anupam Rasayan Q1 Results: अनुपम रसायन का प्रॉफिट 14 फीसदी बढ़कर 39 करोड़, रेवेन्यू 35% बढ़ा

Anupam Rasayan Q1 Results: अनुपम रसायन ने 14 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान रेवेन्यू और प्रॉफिट में साल दर साल आधार पर अच्छी ग्रोथ दिखी। नेट प्रॉफिट 14 फीसदी बढ़कर 38.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 34 करोड़ रुपये था। कंपनी के शेयर पर नतीजों का पॉजिटिव असर दिखा।

रेवेन्यू 35 फीसदी बढ़कर 655 करोड़ रुपये रहा

जून तिमाही में Anupam Rasayan का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 35 फीसदी बढ़कर 655 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की जून तिमाही में यह 585.8 करोड़ रुपये था। EBITDA 31 फीसदी बढ़कर 162.4 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 124.3 करोड़ रुपये था।

कंपनी के एबिड्टा मार्जिन में हल्की गिरावट 

अनुपम रसायन का EBITDA मार्जिन जून तिमाही में 24.8 फीसदी रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि में 25.6 फीसदी के एबिड्टा मार्जिन से कम है। कंपनी ने रवि देसाई को चीफ ऑपरेटिंग अफसर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। उनका कार्यकाल 14 अगस्त, 2026 से लागू हो गया है।

नतीजों के बाद शेयरों में दिखी तेजी 

14 अगस्त को अनुपम रसायन के शेयरों में तेजी दिखी। 1:15 बजे यह 0.46 फीसदी के उछाल के साथ 1,213.30 रुपये पर चल रहा था। बीते छह महीने में यह शेयर 8 फीसदी से ज्यादा गिरा है। 14 अगस्त को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.21 फीसदी नीचे चल रहा था, जबकि सेंसेक्स में 0.30 फीसदी कमजोरी थी।

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बीते एक साल में 4.85 फीसदी चढ़ा शेयर 

Anupam Rasayan लाइफ साइंसेज और दूसरी इंडस्ट्रीज के लिए स्पेशियलिटी केमिकल्स बनाती है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 13,737 करोड़ रुपये है। कंपनी ने 2021 में आईपीओ पेश किया था। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्टेड हैं। बीते एक साल में शेयर 4.85 फीसदी चढ़ा है।

पूर्व तेज गेंदबाज बना कर्नाटक का कोच, दर्ज है यह शर्मनाक रिकॉर्ड

भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ विनय कुमार को आगामी घरेलू सीज़न के लिए कर्नाटक का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। 42 वर्षीय विनय यह ज़िम्मेदारी येरे गौड़ से संभालेंगे, जबकि कर्नाटक के पूर्व बल्लेबाज़ दीपक चौगले फ़ील्डिंग कोच के रूप में उनके सपोर्ट स्टाफ़ का हिस्सा होंगे।

हाल ही में महाराजा T20 ट्रॉफ़ी में हुबली टाइगर्स की कमान संभालने के बाद, कर्नाटक के मुख्य कोच के रूप में विनय की यह पहली ज़िम्मेदारी होगी। उनके पास फ्रेंचाइजी T20 कोचिंग का भी उच्च स्तरीय अनुभव है, जहां वह UAE की ILT20 में 'MI एमिरेट्स' के बॉलिंग कोच रह चुके हैं। इसके अलावा 2021 में प्रथम श्रेणी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, विनय मुंबई इंडियंस में IPL टैलेंट स्काउट की भूमिका भी निभा चुके हैं।

विनय रणजी ट्रॉफ़ी के इतिहास में 442 शिकारों के साथ तेज़ गेंदबाज़ों में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं और भारत के इस प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट में कुल मिलाकर पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने अपने करियर में खेले 139 प्रथम श्रेणी मैचों में 22.44 की शानदार औसत से कुल 504 विकेट चटकाए। भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने के बाद, विनय ने 2013 से 2015 के दौरान कर्नाटक की कप्तानी करते हुए टीम को लगातार दो बार ऐतिहासिक 'ट्रेबल' विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी, रणजी ट्रॉफ़ी और ईरानी कप जिताया था।

भारत के लिए एक टेस्ट और 31 वनडे खेलने के अलावा, विनय कोलकाता नाइट राइडर्स (2014) और मुंबई इंडियंस (2015 और 2017) की उन टीमों का भी हिस्सा थे जिन्होंने IPL ख़िताब जीता था। पिछले सीज़न की उपविजेता रही कर्नाटक की टीम 11 अक्टूबर को आंध्र के ख़िलाफ़ अपने 2026-27 रणजी ट्रॉफ़ी अभियान की शुरुआत करेगी।

विनय कुमार के नाम दर्ज है सबसे महंगी गेंदबाजी प्रदर्शन का अनचाहा रिकॉर्ड

विनय कुमार ने अपने राज्य की टीम का नेतृत्व करते हुए लगातार रणजी ट्राफी खिताब भी दिलाये हैं। 42 साल के इस खिलाड़ी ने भारत के लिये एक टेस्ट, 31 वनडे और नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जिसमें उन्होंने कुल 49 विकेट हासिल किये। विनय ने अपना आखिरी एकदिवसीय मैच साल 2013 में खेला था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच में वह काफी महंगे साबित हुए थे और अपने 10 ओवर के स्पैल में में 100 से ज्यादा रन दे दिए थे।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में विनय कुमार ने 139 मैचों में 504 विकेट झटके हैं जिसमें उनका एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 32 रन देकर आठ विकेट लेना है।उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में वनडे प्रारूप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2011 में रहा जिसमें उन्होंने दिल्ली में इंग्लैंड के खिलाफ 30 रन देकर चार विकेट चटकाये थे।


बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन हुआ मजबूत, दिल्ली-NCR समेत इन 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य का हाल

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rain update 8 july

Weather update 14 August 2026: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह मेहरबान और आक्रामक नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (14 अगस्त 2026, शुक्रवार) उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में व्यापक से काफी व्यापक बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Depression) के कारण मध्य और पूर्वी भारत में मानसून की रफ्तार बेहद तेज हो गई है। कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और भीषण आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।

दिल्ली-NCR में झमाझम, राजस्थान में आफत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में आज बादल छाए रहेंगे और कई दौर की तेज बारिश हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 26-27°C के आसपास रहने का अनुमान है। 
 

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक और भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी में मानसून सक्रिय रहेगा। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा, रेड/ऑरेंज अलर्ट

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) और नदियों में उफान की चेतावनी जारी की है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में हो सकती है भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का सीधा असर मध्य भारत पर देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में मौसम का सबसे भीषण रूप देखने को मिल सकता है। राज्य में अति-भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की आशंका को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश में भोपाल समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश जारी रहेगी, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में ओलावृष्टि 

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल (गंगा के तटीय क्षेत्रों) और ओडिशा में अगले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ-साथ कुछ जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

 

कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मुंबई में तापमान 30°C के आसपास रहेगा। तटीय कर्नाटक और केरल के कई जिलों में भारी बारिश को देखते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। तमिलनाडु में छिटपुट बारिश के आसार हैं।

WTC Final की जंग के लिए नॉक आउट मुकाबले की तरह होगी INDvsSL सीरीज

INDvsSL 15 अगस्त से शुरु होने वाले पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका ने 3 दिन पहले अपने टेस्ट दल की घोषणा की।श्रीलंका हाल ही में  वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट मैच हारकर आई थी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंका भारत के ठीक नीचे छठवें स्थान पर है और उसका जीत प्रतिशत 41 है, वहीं भारत का जीत प्रतिशत 48 है। अंकतालिका के यह पायदान बताने के लिए काफी है कि दोनों टीमों के लिए यह सीरीज कितनी महत्वपूर्ण है। जो टीम यह सीरीज 2-0 से जीतती है उसके लिए फाइनल की दरवाजे भले ही पूरी तरह ना खुले लेकिन उम्मीद की एक किरण जरूर जगेगी।

विश्व टेस्ट चैंपियनशित चक्र 2025-27 को देखते हुए अब भारत की टीम ज्यादा जोखिम नहीं ले सकती। टीम इंडिया के लिए बचे हुए 9 मैचों में से 7 जीतने आवश्यक है। ऐसा ही कुछ हाल श्रीलंका का है।श्रीलंका के लिए घरेलू धरती पर यह दो मुकाबले जीतना बेहद जरूरी है। हालांकि अभी टीम ने इस चक्र में सिर्फ 4 ही मुकाबले खेले हैं जिसमें एक जीत एक हार और एक मुकाबला  ड्रॉ रहा है।

गॉल पर मिलेगी स्पिन के मुफीद पिच

कभी भारत की ताकत मानी जाने वाली स्पिन गेंदबाजी टेस्ट क्रिकेट में भारत की कमजोरी बनकर उभरी है। भारत ने अपने घर में पहले न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका से बिना कोई टेस्ट जीते सीरीज गंवानी पड़ी थी। इस सीरीज में 85 प्रतिशत विकेट स्पिन गेंदबाजों के थे।

श्रीलंका में भी भारत को स्पिन के मुफीद पिचें पेश की जाएंगी। हालांकि यह हो सकता है कि पहले ही दिन से पिच टर्न ना ले जैसा भारत में देखते हैं लेकिन भारत इस सीरीज को 2-0 से जीतने के लिए कितना गंभीर है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत के सभी नेट गेंदबाज स्पिनर हैं और अलग विविधता के हैं।

टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है।टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

श्रीलंका के पास प्रभात जयसूर्या

श्रीलंका के पास 3 से 4 स्पिन विकल्प है। गॉल पर ज्यादातर मौकों पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रभात जयसूर्या टीम में शामिल है। टीम के कप्तान धननजय डिसिल्वा ऑफ स्पिन गेंदबाज है। वहीं रमेश मेंडिस टीम के दूसरे स्पिनर है। इसके अलावा बल्लेबाज कमिंडू मेंडिस बाएं और दाएं दोनों हाथ से स्पिन गेंदबाज करने का कौशल रखते हैं।

मौसम का हाल

गॉल में टेस्ट के पहले कुछ दिन बारिश हुई है और पिच कवर्स से ढकी हुई है लेकिन टेस्ट के पांचो दिन बारिश का कोई अनुमान नहीं है। पहले दो दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे जिससे तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकेगी।

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सरफराज खान, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, आकिब नबी, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।

श्रीलंका:धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरू उदाना, निशान मदुश्का, कामिंदु मेंडिस (उपकप्तान), दिनेश चांदीमल, पसिंदू सूरियाबंदारा, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशारा नुवांथा, मिलान रत्नायके, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो और दिलशान मदुशंका।

मैच शुरु– सुबह 10 बजे भारतीय समयानुसार

कहां देखें– सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क या सोनी लिव पर


NALSAR छात्रों के समर्थन में उतरे CJI सूर्यकांत, बार काउंसिल को लगाई फटकार और अपनी स्टूडेंट लाइफ को याद कर ये सब कहा

हैदराबाद स्थित नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (NALSAR) के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के विरोध से उपजे विवाद में अब खुद चीफ जस्टिस स्टूडेंट्स के समर्थन में आ गए हैं। हमारी सहयोगी सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने BCI के हालिया निर्देश पर कड़ा रुख अपनाते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से जवाब तलब किया है। शीर्ष अदालत ने कानून के छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को प्रोटेक्शन करते हुए निर्देश दिया है कि उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

सुनवाई के दौरान BCI के हस्तक्षेप को पूरी तरह से गैरजरूरी बताते हुए CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि यह उनके और स्टू़डेंट्स के बीच का मामला है। CJI ने कहा कि छात्रों ने मुझे पत्र लिखा है। BCI बीच में दखल देने वाला कौन होता है?

BCI को नोटिस जारी, सुप्रीम कोर्ट ने पूछे तीखे सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने BCI द्वारा जारी किए गए (और बाद में वापस लिए गए) उस निर्देश पर स्पष्टीकरण मांगा है जिसमें NALSAR के छात्रों को निशाना बनाया गया था। अदालत ने BCI को नोटिस जारी कर पूछा कि यह निर्देश कैसे जारी किया गया था और क्या यह फैसला लेने से पहले बार काउंसिल ने कोई बैठक बुलाई थी? अदालत में दाखिल याचिका में दावा किया गया था कि BCI के कुछ सदस्यों को तो इस कार्रवाई के बारे में जानकारी तक नहीं थी।

छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार, हमें बड़ा दिल दिखाना चाहिए- चीफ जस्टिस

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों के कदम शांतिपूर्ण हैं तब तक उन्हें अपने असंतोष या असहमति को व्यक्त करने का पूरा अधिकार है, भले ही उनके विचारों को गलत ही क्यों न माना जाए। CJI ने कहा कि भले ही वे गलत हों, जब तक वे शांतिपूर्ण हैं, उन्हें विरोध करने का अधिकार है। अपनी स्टूडेंट्स लाइफ को याद करते हुए CJI ने बताया कि वे खुद अपने छात्र दिनों के दौरान इस तरह की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहे थे।

उन्होंने कहा कि हमें बड़ा दिल दिखाना चाहिए और छात्रों को अपनी असहमति व्यक्त करने की अनुमति दी जानी चाहिए, भले ही उनके बयान गलत क्यों न माने जाएं।

सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों और फैकल्टी को दिया संरक्षण

सुप्रीम कोर्ट ने लॉ कॉलेजों के छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को सुरक्षा प्रदान की है और निर्देश दिया है कि यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में CJI का विरोध करने के सिलसिले में किसी के भी खिलाफ कोई दंडात्मक कदम न उठाया जाए।

कैसे शुरू हुआ था यह पूरा विवाद?

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब NALSAR के छात्रों के एक समूह ने 2026 के कनवोकेशन में CJI सूर्यकांत की प्रस्तावित भागीदारी का विरोध किया और अपनी आपत्तियां उन तक पहुंचाईं। इसके जवाब में BCI ने 13 अगस्त को एक कड़ा निर्देश जारी कर सभी राज्य बार कौंसिलों से कह दिया था कि वे अगले आदेश तक NALSAR के 2026 बैच के किसी भी ग्रैजुएट स्टूडेंट को वकील के रूप में इनरॉल न करें। इसके अलावा BCI ने यूनिवर्सिटी से उन छात्रों की पहचान करने वाली एक रिपोर्ट मांगी थी जिन्होंने इस अभियान को शुरू किया या इसमें हिस्सा लिया।

हालांकि BCI ने यह फैसला अंतरिम रखा था लेकिन इसकी वजह से पूरे पास-आउट बैच का प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन एक तरह से रुक जाता। बाद में BCI ने अपने रुख में संशोधन करते हुए NALSAR के 2026 बैच के स्नातकों को अपनी पसंद के किसी भी राज्य बार काउंसिल में इनरॉल होने की इजाजत दे दी थी, लेकिन जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए जांच रिपोर्ट मांगने की शर्त बरकरार रखी थी।

इसके बाद NALSAR ने इस जांच की संवैधानिकता और अपने शासन नियमों पर सवाल उठाते हुए मामले को अपनी कार्यकारी परिषद के समक्ष रखने का फैसला किया था। वरिष्ठ वकीलों, छात्रों और नागरिक समाज के सदस्यों की चौतरफा आलोचना के बाद, BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को घोषणा की कि काउंसिल ने अपना आदेश पूरी तरह से वापस ले लिया है और कार्यवाही को समाप्त कर दिया है।

मनन मिश्रा ने कहा कि BCI इस बात से संतुष्ट है कि पास-आउट बैच की किसी भी उपद्रव या आंदोलन में कोई भूमिका नहीं थी और आगे किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है।

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