पटियाला में किराए का घर देखने गए दंपति पर पिटबुल का हमला, पत्नी की सर्जरी, CCTV वीडियो वायरल

पटियाला में किराए का घर देखने गए दंपति पर पिटबुल का हमला, पत्नी की सर्जरी,  CCTV वीडियो वायरल

pitbull

पंजाब के पटियाला में किराए का घर देखने गए एक दंपती पर पालतू पिटबुल ने अचानक हमला कर दिया। हमले में पति-पत्नी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का कथित CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आसपास के लोग डंडों की मदद से कुत्ते को दंपति से दूर करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है। एक निजी बैंक में मैनेजर अंकित सभरवाल अपनी पत्नी शिफाली सभरवाल, जो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं, के साथ प्रॉपर्टी डीलर के जरिए घुमन नगर में किराए का मकान देखने पहुंचे थे।

 

गेट खुलते ही पिटबुल ने किया हमला

अंकित के मुताबिक, जैसे ही मकान का गेट खोला गया, अचानक एक पिटबुल बाहर निकल आया और शिफाली पर हमला कर दिया। कुत्ते ने उनके हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों को बुरी तरह नोंच डाला, जिससे गहरे घाव हो गए। शिफाली के परिवार ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनके हाथ और पैरों की प्लास्टिक सर्जरी की गई। फिलहाल वह निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

 

अंकित ने बताया कि पत्नी को बचाने की कोशिश के दौरान उन्हें भी पैरों और पीठ पर कुत्ते के काटने से गहरी चोटें आईं। उन्होंने कहा कि उनके शरीर पर कई जगह टांके आए हैं। अंकित ने कहा, “मुझे पूरे शरीर पर टांके लगे हैं। मेरी पत्नी के हाथ और पैरों की सर्जरी हुई है। मैं न्याय चाहता हूं। मालिक के कहने के बावजूद कुत्ता नहीं रुका। सर्जरी के बाद मेरी पत्नी डॉक्टरों की निगरानी में है।”

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CCTV में दंपती पर हमला करता दिखा कुत्ता

 

सोशल मीडिया पर सामने आए कथित CCTV फुटेज में पिटबुल दंपती पर हमला करता दिखाई दे रहा है। आसपास के लोग कुत्ते को भगाने और दंपती को बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दंपती कुत्ते से बचने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। इसी दौरान एक महिला घर से डंडा लेकर आती है और कुत्ते को रोकने का प्रयास करती है, लेकिन वह सफल नहीं होती। इसके बाद दो-तीन अन्य लोग भी डंडे लेकर मौके पर पहुंचते हैं और किसी तरह घायल दंपती को कुत्ते से दूर खींचकर ले जाते हैं।

 

पुलिस ने लिया मामले का संज्ञान

 

अंकित ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को दे दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पालतू कुत्ते को खुले में घूमने देने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने भी मामले का संज्ञान लिया। DSP जंगजीत रंधावा ने बताया कि पुलिस ने वीडियो की पुष्टि की और पीड़ित परिवार से संपर्क किया।

 

DSP के मुताबिक, शिफाली की मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि पालतू जानवर के काटने या किसी व्यक्ति को घायल करने के मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 291 के तहत FIR दर्ज की जा सकती है।

 

खतरनाक नस्ल के कुत्तों पर कार्रवाई की तैयारी

 

DSP रंधावा ने कहा कि खतरनाक नस्ल के कुत्तों को लेकर अदालत के आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि 15 अगस्त के बाद पुलिस अभियान चलाकर ऐसे मामलों की जांच और सत्यापन कर सकती है। पटियाला के मेयर कुंदन गोगिया ने भी कहा कि शहर में आक्रामक नस्ल के कुत्तों को पालतू जानवर के रूप में रखने पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। इस मुद्दे पर नगर निगम की हाउस बैठक में चर्चा की जाएगी और विशेष प्रस्ताव लाने पर विचार किया जाएगा।

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पटियाला में बढ़े डॉग अटैक के मामले

इस घटना ने शहर में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पटियाला में हाल के दिनों में कुत्तों के हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं। 9 अगस्त को गुरु नानक नगर इलाके में एक लड़की पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया था। पुलिस का कहना है कि इस मामले में भी मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Study Abroad India: सरकार ने संसद में दिया जवाब, अब विदेशी यूनिवर्सिटी करेंगी भारत का रुख और भारत से विदेश पढ़ने जा रहे छात्र घटे

Study Abroad India: हर साल बड़ी संख्या में भारतीय छात्र विदेश पढ़ने जाते हैं। लेकिन, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BoI) द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि पढ़ाई के मकसद से विदेश जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट आई है। यह क्रम लगातार दूसरे साल बना रहा है। 2025 में विदेश जाते समय 6,19,264 भारतीयों ने पढ़ाई या शिक्षा को अपनी यात्रा का मकसद बताया। यह 2024 में 7,60,060 और 2023 में 8,94,758 से कम था। यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी।

एक तरफ, विदेश में पढ़ाई करने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में कमी आई है। वहीं, यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने ऑस्ट्रेलिया, इटली, यूनाइटेड किंगडम (UK) और यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका (USA) के फॉरेन हायर एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन्स (FHEIs) को 16 लेटर ऑफ इंटेंट (LoIs) जारी किए हैं। यूजीसी ने कर्नाटक में छह, महाराष्ट्र में छह, दिल्ली एनसीआर में तीन और तमिलनाडु में एक एफएचईआई को एनओआई जारी किए हैं। महाराष्ट्र के छह एलओआई में से, चार एफएचईआई (यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क, यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल, यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन और इलिनोइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) को मुंबई में एकेडमिक ऑपरेशन शुरू करने के लिए लेटर ऑफ अप्रूवल दिया गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्प्टन और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स ने पहले ही गुरुग्राम और बेंगलुरु में अपने कैंपस बना लिए हैं।

भारतीय छात्रों की विदेश में पढ़ाई करने की संख्या कम होने के साथ ही कई प्रतिष्ठित भारतीय संस्थानों ने अपने ओवरसीज कैंपस खोले हैं। विदेश में कैंपस खोलने वाले संस्थानों में आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थान शामिल हैं। आईआईटी मद्रास, आईआईटी दिल्ली और आईआईएम अहमदाबाद ने क्रमशः 2023 में जांजीबार, 2024 में अबू धाबी और 2025 में दुबई में अपने विदेशी परिसर स्थापित किए हैं। आईआईएम अहमदाबाद ने मध्य-पूर्व, एशिया और अफ्रीका के छात्रों के लिए सितंबर 2025 में दुबई परिसर में एक साल का पूर्णकालिक एमबीए कार्यक्रम और एक सामान्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू किया। इस कार्यक्रम में 35 छात्र हैं।

इधर, बीओआई द्वारा जारी विदेश पढ़ने जाने वाले छात्रों का पांच साल का डेटा महामारी के बाद तेजी से बढ़ोतरी और फिर लगातार गिरावट दिखाता है। 2021 में, 4,45,580 भारतीयों ने पढ़ाई या शिक्षा को अपना घोषित मकसद बताकर विदेश यात्रा की। 2022 में यह संख्या बढ़कर 7,52,100 हो गई और फिर 2023 में और बढ़कर 8,94,758 हो गई। तब से, यह संख्या 2024 में घटकर 7,60,060 और 2025 में 6,19,264 हो गई है।

कोविड के बाद 2022 में पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले भारतीयों की संख्या में लगभग 69% की बढ़ोतरी हुई। 2023 में यह और 19% बढ़ी। लेकिन 2024 में दिशा बदल गई। पिछले साल की तुलना में यह संख्या लगभग 15% कम हो गई। 2025 में यह गिरावट और बढ़ गई। विदेश पढ़ने जाने वाले छात्रों की संख्या में लगभग 18.5% की कमी आई। 2025 में विदेश जाने वाले स्टूडेंट की संख्या 2023 के मुकाबले लगभग 2.76 लाख कम थी। वहीं, यह 2021 के मुकाबले अभी भी लगभग 1.74 लाख ज़्यादा थी।

पांच साल के इस क्रम को सरकार ने दो फेज में बांटा

पहला रिकवरी और एक्सपेंशन फेज। छात्र मोबिलिटी 2021 में 4.46 लाख से बढ़कर 2022 में 7.52 लाख हो गई और फिर 2023 में 8.9 लाख को पार कर गई। दूसरा चरण 2024 में शुरू हुआ। यह संख्या आठ लाख से नीचे आ गई और फिर 2025 में और गिरकर 6.19 लाख हो गई। सरकार ने इस क्रम को किसी एक वजह से नहीं जोड़ा है। शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि विदेश में पढ़ाई करने का फैसला अफोर्डेबिलिटी, फाइनेंस तक पहुंच, विदेशी समाजों के संपर्क में आना और पढ़ाई की किसी खास ब्रांच के लिए एप्टीट्यूड जैसे फैक्टर्स पर निर्भर करता है।

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Dhoot Transmission IPO Allotment: 75 गुना सब्सक्राइब हुआ, जानिए लेटेस्ट GMP और अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Dhoot Transmission IPO Allotment: धूत ट्रांसमिशन के IPO की बोली 12 अगस्त 2026 को बंद हो गई। तीन दिन की बोली में इस इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। IPO करीब 75 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है, जो आज यानी 13 अगस्त को फाइनल हो सकता है।

GMP क्या संकेत दे रहा है?

ग्रे मार्केट में Dhoot Transmission का GMP ₹279 चल रहा है। IPO का ऊपरी प्राइस बैंड ₹871 प्रति शेयर है। यानी मौजूदा GMP के हिसाब से शेयर करीब 32% लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।

हालांकि, GMP सिर्फ बाजार का अनुमान होता है। इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

Dhoot Transmission का बिजनेस

Dhoot Transmission ऑटोमोटिव वायरिंग हार्नेस और केबल बनाने वाली कंपनी है। यह पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल वहीकल, इलेक्ट्रिक वाहन और ऑफ-हाईवे सेगमेंट के लिए प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है। कंपनी का कारोबार भारत के साथ कई विदेशी बाजारों तक फैला है। इसके ग्राहकों की लिस्ट में बजाज ऑटो, TVS मोटर और रॉयल एनफील्ड जैसे बड़े ऑटोमोबाइल निर्माता भी शामिल हैं।

अलॉटमेंट कब आएगा?

T+3 लिस्टिंग नियम के तहत IPO की लिस्टिंग बोली बंद होने के तीन वर्किंग डे के भीतर होनी होती है। ऐसे में Dhoot Transmission की लिस्टिंग 17 अगस्त तक हो सकती है। इससे पहले 13 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है।

BSE पर ऐसे चेक करें अलॉटमेंट

अगर आपने IPO में आवेदन किया है, तो BSE की वेबसाइट पर स्टेटस देख सकते हैं।

  • BSE के IPO अलॉटमेंट पेज पर जाएं।
  • Issue Type में Equity चुनें।
  • एप्लिकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • CAPTCHA भरें।
  • Submit पर क्लिक करें।
  • इसके बाद स्क्रीन पर आपका अलॉटमेंट स्टेटस दिखाई देगा।

KFin Tech पर ऐसे देखें स्टेटस

Dhoot Transmission IPO के रजिस्ट्रार KFin Technologies की वेबसाइट से भी स्टेटस चेक किया जा सकता है।

  • KFin Tech के IPO स्टेटस पेज पर जाएं।
  • Dhoot Transmission Limited चुनें।
  • एप्लिकेशन नंबर, डिमैट अकाउंट नंबर या PAN में से कोई एक दर्ज करें।
  • CAPTCHA भरें।
  • Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपको पता चल जाएगा कि IPO में शेयर अलॉट हुए हैं या नहीं।

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LG Electronics India Q1 Results: इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी को ₹652 करोड़ मुनाफा, 10 लाख से ज्यादा AC बेचे

LG Electronics India Q1 Results: इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी LG Electronics India ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 27.2% बढ़कर ₹652.8 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹513.2 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 15.5% बढ़कर ₹7,233.3 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹6,262.9 करोड़ था। यानी कमाई और मुनाफा दोनों में अच्छी बढ़त दिखी।

ऑपरेटिंग कमाई भी मजबूत रही

LG Electronics India का EBITDA 26.2% बढ़कर ₹904.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹716.2 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.4% से बढ़कर 12.5% हो गया। यानी कंपनी पहले से बेहतर कमाई कर रही है।

AC की बिक्री ने बढ़ाया भरोसा

एयर कंडीशनर की मजबूत मांग कंपनी के लिए बड़ा सहारा बनी। साल 2026 की पहली तिमाही में LG ने 10 लाख से ज्यादा AC बेचे। अब कंपनी को पूरे साल में 20 लाख से ज्यादा यूनिट बेचने की उम्मीद है।

कंपनी के डायरेक्टर और को-चीफ सेल्स एंड मार्केटिंग ऑफिसर संजय चिटकारा ने कहा कि डीलरों के पास स्टॉक अब सामान्य स्तर पर है। रिटेलर भी त्योहारी सीजन की तैयारी में जुट गए हैं। अगर मांग ऐसे ही बनी रही, तो कंपनी अपने सालाना अनुमान से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

LG Electronics India के शेयर

LG Electronics का शेयर गुरुवार को 1580 रुपये पर लगभग फ्लैट बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 4.55% का रिटर्न दिया है। वहीं 1 साल के दौरान इसमें करीब 6% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 1.07 लाख करोड़ रुपये है।

LG Electronics India का कारोबार

LG Electronics India, LG Electronics की सब्सिडियरी है। कंपनी भारत में टीवी, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर, IT प्रोडक्ट्स और व्हीकल सॉल्यूशंस बनाती और बेचती है। यह एक्सपोर्ट बढ़ाने की तैयारी भी कर रही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पीएम रात में नहीं सोते, अमित शाह संसद से भाग गए…राहुल गांधी ने दिखाए तेवर, कहा- हम इनको पागल कर देंगे!

पीएम रात में नहीं सोते, अमित शाह संसद से भाग गए...राहुल गांधी ने दिखाए तेवर, कहा- हम इनको पागल कर देंगे!

Rahul Gandhi vs PM Modi: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी एक कार्यक्रम में एकदम बेबाक और आक्रामक अंदाज में नजर आए। 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन' के मंच से उन्होंने न सिर्फ केंद्र सरकार की नीतियां पर सवाल खड़े किए, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और संघ (RSS) पर भी ऐसा तंज कसा कि सियासी गलियारों में खलबली मच गई। अपनी चिर-परिचित बेबाकी में राहुल ने कहा कि सरकार किसी की सुनना नहीं चाहती, लेकिन हम इनको पागल कर देंगे।

पीएम को रात को नहीं सोते… 

राहुल गांधी ने पीएम मोदी की कार्यशैली पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा कि पीएम रात-रात भर नहीं सोते। इसके पीछे कई गहरे और छुपे हुए कारण हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लपेटे में लेते हुए कहा कि खुद को चाणक्य और सरदार पटेल बताने वाले अमित शाह संसद में घुस भी नहीं पाए और भाग निकले। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे पहली बार देश की असली आवाज (एक्सप्रेशन) सुन रहे हैं।

राहुल ने लोगों से निडर होने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में कई लोग इन कायरों की फौज के सामने खुद भी कायरों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। जब आपकी लड़ाई जोकरों के एक समूह से है, तो फिर किसी से डरने की क्या जरूरत? राहुल ने मंच से कार्यकर्ताओं को दिल खोलकर बोलने की आजादी का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो दिल में है, बेझिझक बोलिए। अगर हिंदू हैं तो शिव की बात कीजिए, मुस्लिम हैं तो अल्लाह की बात कीजिए। अगर कोई भटक जाएगा तो हम प्यार से सही राह दिखा देंगे।

सरकार की विदेश नीति पर सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध हुआ। ऐसे में अगर इंदिरा गांधी जैसा नेतृत्व होता, तो हमारे पास सबसे बड़ा अवसर होता। क्योंकि ईरान हमारा पुराना दोस्त है, अमेरिका और रूस भी हमारा दोस्त है तो हम इनकी आपस में दोस्ती करा सकते थे। लेकिन पाकिस्तान हमारी जगह उठाकर ले गया और नरेंद्र मोदी देखते रह गए।

आरएसएस को भारत की समझ ही नहीं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि संघ के लोगों को 3000 साल पुराने भारत का ताना-बाना नहीं, बल्कि आज के आधुनिक भारत को समझने की जरूरत है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में मंच से आरएसएस के स्टाइल में सैल्यूट करने की बात कही और जोड़ा कि आरएसएस का इस्तेमाल किया गया है। लेकिन अगर कोई आरएसएस को अनुचित तरीके से दबाने की कोशिश करेगा, तो हम उसकी रक्षा के लिए भी खड़े होंगे।

पीएम पीसी क्यों नहीं करते?

मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने के मुद्दे पर राहुल ने अपनी एक पुरानी मुलाकात का दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि मैं पहले सोचता था कि पीएम मोदी का प्रेस कॉन्फ्रेंस न करना कोई 'मार्केटिंग स्ट्रेटजी' है। लेकिन जब मैं 5 मिनट उनके साथ एक कमरे में बैठा, तब मुझे समझ आ गया कि वे बहुत देर तक बिना लिखे-पढ़े बोल ही नहीं सकते।

बचपन का एक यादगार संस्मरण

जब मैं 12 साल का था, तब दादी (इंदिरा गांधी), मां, प्रियंका और मैं अमेरिका गए थे। आधिकारिक रात्रिभोज में दादी और मां गईं। लौटकर दादी ने मां से कहा— 'ये अमेरिकन हमें क्या समझते हैं? हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री केवल हाथ मिलाने या दोस्ती करने नहीं जाता, वह हमेशा अपने देश के स्वाभिमान और हित के लिए जाता है।

क्या हमारी नौकरियां ले सकता है AI? जानें 5 ऐसी फील्ड जहां इंसानों की काबीलियत का मुकाबला नहीं कर सकेगा एआई

आज के दौर में छोटे-बड़े पदों पर काम कर रहे कामगारों को एक सवाल सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है। एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या हमारी नौकरियां ले सकता है? कहने को यह सिर्फ मशीन है, लेकिन एंट्री लेवल कर्मचारियों से लेकर सीईओ तक इसके खौफ में जी रहे हैं। आए दिन मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा बड़ी संख्या में लोगों की छंटनी की खबरें आ रही हैं। ऐसे में ये सोचना लाजिमी है कि क्या एआई की वजह से इंसानों के काम करने के विकल्प सीमित होंगे या खतरा उतना बड़ा भी नहीं है, जितना इसका खौफ बन गया है? इस विषय पर बीबीसी हिंदी एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई सिर्फ नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नई नौकरियां पैदा भी करेगा। जनवरी 2026 में जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एआई के कारण लाखों नई नौकरियां बनी हैं। कोई 12वीं छात्र एआई से जुड़े क्षेत्र में करियर बनाना चाहता है, तो इसके लिए सही कोर्स चुनना होगा। आइए जानें 5 ऐसे करियर विकल्प जहां एआई इंसानों का बाल भी बांका नहीं कर सकता है।

क्या होता है एआई?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन या कंप्यूटर की ऐसी क्षमता, जिससे ऐसा लगे कि वो इंसानों की तरह ही सोचने-समझने के काबिल है।” वह कहते हैं रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल हो रहे कंप्यूटर-मोबाइल एप्लिकेशन के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काम कर रहा है।

एआई के पांच टॉप कोर्स

दिल्ली में टेक पॉलिसी फोकस्ड थिंकटैंक इसिया सेंटर की डायरेक्टर और जानी-मानी एआई एक्सपर्ट मेघना बल कहती हैं, ”एआई उन लोगों के लिए खतरा नहीं है, जो खुद को अपडेट रखते हैं। बल्कि यह उनके लिए मौका है।” मेघना के मुताबिक एआई से संबंधित कुछ बेसिक स्तर के कोर्स सभी को करने चाहिए। सरकार के स्वयं पोर्टल के जरिए कई कोर्स फ्री में किए जा सकते हैं। लेकिन इस फील्ड में करियर बनाने में ये 5 कोर्स आपके काम आएंगे।

एमबीए/पीजी डिप्लोमा इन एआई एंड बिजनेस एनालिटिक्स : आईआईएम, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, और अपग्रैड, या ग्रेट लर्निंग जैसी एडुटेक कंपनियों के साथ जुड़कर ये कोर्स किया जा सकता है। इसकी फीस करीब ढाई से सात लाख रुपये तक हो सकती है। कोर्स करने के बाद संभावित सैलरी छह से बीस लाख रुपये के बीच हो सकती है।

एआई सर्टिफिकेट प्रोग्राम (ऑनलाइन): ये ऑनलाइन एडुटेक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसकी फीस डेढ़ लाख रुपये के आसपास है। ये उनके लिए है, जो एकदम शुरुआती चरण में हैं और एआई की बुनियादी समझ बनाना चाहते हैं। इस कोर्स के बाद सालाना 10 लाख तक सैलरी मिल सकती है।

एमसीए/एम टेक इन एआई एंड मशीन लर्निंग : आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और कई दूसरे प्रमुख विश्वविद्यालय से ये कोर्स किया जा सकता है। इसके अलावा आईआईटी में एआई से जुड़े कई क्रैश कोर्स भी उपलब्ध हैं। मास्टर्स की फीस सालाना एक लाख से दस लाख के बीच हो सकती है। इसे करने के बाद अनुमानित सैलरी 22 लाख रुपए हो सकती है।

बीएससी/बीटेक इन एआई एंड डेटा साइंस : दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एमिटी यूनिवर्सिटी, सेंट जेवियर्स कॉलेज, एनआईटी जैसे बड़े संस्थानों से ये कोर्स किया जा सकता है। पूरे प्रोग्राम की फीस एक लाख से बीस लाख रुपए के बीच हो सकती है। संभावित सैलरी 6 से 18 लाख रुपये तक जा सकती है।

एआई बूटकैंप और इंडस्ट्री प्रोग्राम : आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे और कई बड़े निजी संस्थान में ये कोर्स उपलब्ध है। इसकी फीस करीब 1 लाख से साढ़े तीन लाख रुपये हो सकती है। कोर्स के बाद संभावित पैकेज 6 से 18 लाख रुपए या उससे ज्यादा हो सकता है।

हेल्थ, सीए, कानून के पेशे में कम होगा एआई का असर

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई का खतरा उन पेशों पर कम होगा, जहां इंसानी कनेक्ट की जरूरत होगी। मेघना बल कहती हैं, “नर्स, हेल्थकेयर प्रोफेशनल, फिजियोथेरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, टीचर के काम एआई नहीं कर पाएगा। इन कामों के लिए इंसान ही चाहिए। लोग सिर्फ ऑटोमेटेड जवाबों से संतुष्ट नहीं होंगे।”

इसके अलावा क्रिएटिव डायरेक्टर्स, लेखक या कॉन्टेंट स्ट्रैटेजिस्ट के काम में एआई मददगार हो सकता है, लेकिन इनकी जगह नहीं ले पाएगा। प्रोफेसर आकाश सिन्हा चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, नर्स, एआई इंजीनियर, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, वकील के करियर को एआई से सुरक्षित मानते हैं। लेकिन इसमें अपनी विशेषज्ञता कायम रखनी होगी। ये करियर विकल्प पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन आप खुद एआई टूल का इस्तेमाल करना सीखें, ताकि काम जल्दी कर सकें।

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लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस पर चढ़ा Sprite का रंग, पहली बार किसी ब्रांड के नाम से चलेगी ट्रेन

Lucknow-Delhi Tejas Express: लखनऊ-दिल्ली-लखनऊ के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस अब करीब तीन महीने के लिए ‘Sprite’ Tejas Express के नाम से जानी जाएगी। यह ट्रेन इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) द्वारा संचालित की जाती है। इसे भारत की पहली ‘प्राइवेटली ब्रांडेड’ ट्रेन बताया जा रहा है।

‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट में रेलवे सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि IRCTC ने ट्रेन की ब्रांडिंग और विज्ञापन के अधिकार M/s स्प्राइट को छह महीने की अवधि के लिए दिए हैं। इसके अनुसार, नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे से कहा गया है कि वह 19 अगस्त और 11 नवंबर, 2026 के बीच ट्रेन 82501/82502 को ‘Sprite’ Tejas Express के रूप में घोषित करे।

खबरों के अनुसार, ट्रेन की ब्रांडिंग का यह अधिकार Letter of Acceptance (LOA) के जरिए दिया गया है। रेलवे सूत्रों ने बुधवार को बताया कि दोनों दिशाओं में यात्रा के दौरान इस प्राइवेट ट्रेन को उसके शुरुआती स्टेशन और रास्ते में आने वाले स्टेशनों पर ‘Sprite’ Tejas Express के नाम से अनाउंस किया जाएगा।

किसी ब्रांड के नाम पर रखी जाने वाली पहली ट्रेन

यह पहली बार है जब किसी ट्रेन का नाम किसी ब्रांड के नाम पर रखा जा रहा है। रिपोर्ट में बताए गए रेलवे के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, भले ही लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस को प्राइवेट ट्रेन कहा जाता है, लेकिन IRCTC रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे ट्रैक और स्टेशन) के इस्तेमाल के लिए इंडियन रेलवे को पेमेंट करती है।

हालांकि, ब्रांडिंग का यह तरीका इंडियन रेलवे द्वारा ट्रेनों के रेगुलर ऑपरेशन से अलग है।

इस एडवरटाइजिंग मॉडल के तहत, प्राइवेट कंपनियां ट्रेन के बाहरी हिस्से और दूसरी तय जगहों पर अपने ब्रांड दिखा सकती हैं, जबकि रेलवे नेटवर्क जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराता रहता है। यानी ट्रेन पर ब्रांड का नाम और विज्ञापन तो नजर आएगा, लेकिन इसका संचालन रेलवे के मौजूदा नेटवर्क के जरिए ही होगा।

लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस के बारे में सब कुछ

देश की पहली निजी ट्रेन के तौर पर लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस को 3 दिसंबर 2021 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

IRCTC द्वारा चलाई जाने वाली यह ट्रेन पूरी तरह से AC है और इसमें यात्रियों को कई आधुनिक सुविधाएं दी जाती हैं। इनमें ट्रेन के अंदर खाने-पीने की बेहतर सुविधा और मनोरंजन के लिए इंफोटेनमेंट सिस्टम शामिल हैं।

IRCTC इस ट्रेन में ग्रुप बुकिंग की सुविधा भी देता है। यानी कॉर्पोरेट मीटिंग, शादी या किसी अन्य कार्यक्रम के लिए यात्री पूरी AC चेयर कार कोच भी बुक कर सकते हैं। एक कोच में 78 सीटें होती हैं।

Sprite के साथ हुई नई ब्रांडिंग डील से इस सर्विस में एक नया कमर्शियल पहलू जुड़ गया है, जिससे यह देश की पहली ऐसी ट्रेन बन गई है जो विज्ञापन व्यवस्था के तहत आधिकारिक तौर पर किसी कमर्शियल ब्रांड का नाम इस्तेमाल कर रही है।

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Lamborghini Revuelto SV teased ahead of global debut tomorrow

Lamborghini Revuelto SV teased ahead of global debut tomorrow
Lamborghini Revuelto SV teaser

Lamborghini has teased the upcoming Revuelto SV, which is due for its global debut on August 14, 2026, at the Monterey Car Week. This comes just a week after the brand released images of a camouflaged test mule of its V12 supercar belting around Hockenheimring in Germany. Upon its arrival, the Revuelto SV will become the latest in the line of Lamborghini’s SV line-up that includes the erstwhile Aventador SV. The ‘SV’ stands for Super Veloce, which roughly translates to ‘Super Speed’.

  • Exterior features more aggressive intakes and specialised aero
  • Interior to come with version-specific detailing and trim
  • Hybrid powertrain to offer more power

Lamborghini Revuelto SV: What we know so far

Exterior

Lamborghini Revuelto SV teaser front bumper
Lamborghini’s latest teaser shows the front bumper of the Revuelto SV in greater detail.

Much of the Revuelto SV’s performance enhancement measures on the outside over the standard model are quite discernible. The fascia looks even sportier as the heavily revised bumper features new carbon-fibre elements plus a larger and more aggressive front splitter and intakes.

Lamborghini Revuelto SV teaser front quarter
Test mule of the Lamborghini Revuelto SV at Hockenheimring, Germany.

Lamborghini has also added a large fixed wing at the back, while a specially designed underbody and active flaps are also likely additions to enhance the Revuelto SV’s aerodynamic performance on the track. Similarly, lightweight carbon-fibre wheels and race-spec brakes are expected to be part of the package as well, along with unique paint options and exterior detailing exclusive to the SV.

Interior

Lamborghini Revuelto SV teaser interior
Test mule of the Lamborghini Revuelto SV at Hockenheimring, Germany.

The first teaser campaign from the brand provides us a glimpse into the Lamborghini Revuelto SV’s interior. Noticeable in the interior image is a heavy-duty roll cage, exposed metal surfaces and a bare-bones rear-cabin section. Other details that are visible here include a leather & carbon fibre-trimmed steering wheel with a red centre marker and carbon-fibre shift paddles. The bucket seats are also likely to be carbon-fibre units, whilst the shrouding for the digital driver’s display uses the same weight-saving material. The Revuelto SV’s interior could feature plenty of Alcantara/suede, depending on how a customer specs it. One can also expect to see ‘SV’ branding and other edition-specific detailing on this interior.

Powertrain and performance

Powering the Lamborghini Revuelto SV will be the familiar 6.5-litre naturally aspirated V12, along with three electric motors and a compact lithium-ion battery pack. Lamborghini is likely to have reworked the 8-speed dual-clutch transmission for quicker shifts, and the combined output from the hybrid powertrain is expected to go up as well.

Lamborghini Revuelto SV teaser
Test mule of the Lamborghini Revuelto SV at Hockenheimring, Germany.

Lamborghini recently set a lap record of 1:41.6 at the Hockenheimring track, with the brand claiming this to be the fastest lap ever recorded at this facility by a production car. The standard Revuelto offers 1,015hp and 725Nm of torque, allowing it to hit a top speed of over 350kph and accelerate from 0-100kph in a claimed 2.5 seconds. The SV is likely to be even faster, with retuned suspension and sharper steering also expected for improved handling on the track.

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Independence Day 2026: भारतीय आजादी, साहस और कर्तव्य पर बेस्ड ये 5 किताबें जरूर पढ़नी चाहिए

Independence Day 2026: हर साल अगस्त में भारत स्वतंत्रता दिवस के लिए सज-धज कर तैयार होता है। बालकनियों पर झंडे दिखाई देते हैं, स्कूलों की सभाओं में देशभक्ति के गीत गूंजते हैं और टीवी चैनलों पर भाषणों को दोबारा दिखाया जाता है। लेकिन, आजादी सिर्फ एक सुबह के समारोह से कहीं ज़्यादा की हकदार है।

अगर आप सच में समझना चाहते हैं कि आज़ादी का क्या मतलब है, तो कभी-कभी स्क्रीन बंद कर दें, फ़ोन रख दें और कोई किताब खोलें। सही किताब इतिहास को निजी अनुभव जैसा बना सकती है। इसलिए, इस आज़ादी के दिन, कुछ “ज़रूरी” पढ़ने के दबाव को भूल जाएं। कुछ ऐसा पढ़ें जो आपको थोड़ा बेचैन करे, आपमें गर्व की भावना जगाए और फिर आपको सोचने पर मजबूर करें।

यहां 5 ऐसी किताबें हैं जो आपको चुनौती देती हैं, उकसाती हैं और कभी-कभी ऐसे सवाल आपके सामने रखती हैं, जिनसे आप शायद बचना चाहेंगे।

जवाहरलाल नेहरू की ‘द डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया’

नेहरू की जेल की सज़ा के दौरान लिखी गई यह व्यापक किताब इतिहास, संस्कृति, राजनीति और दर्शन के नज़रिए से भारत को देखती है। यह आज़ादी का कोई मैनुअल नहीं, बल्कि खुद देश के साथ एक बातचीत है।

महात्मा गांधी की ‘द स्टोरी ऑफ़ माई एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथ’

गांधी खुद को एक बेदाग़ हीरो के तौर पर पेश नहीं करते। इसके बजाय, वे अपनी नाकामियों, शक, प्रयोगों और मान्यताओं की पड़ताल करते हैं, जिससे साहस कम वीरतापूर्ण और कहीं ज़्यादा मानवीय लगता है।

बिपन चंद्र की ‘इंडियाज़ स्ट्रगल फ़ॉर इंडिपेंडेंस’

जो लोग सोचते हैं कि आज़ादी सिर्फ़ इसलिए मिली क्योंकि गांधी ने मार्च का नेतृत्व किया, उनके लिए यह किताब एक ज़रूरी सुधार है। यह 1857 से 1947 तक के आंदोलन को लोगों, राजनीति और प्रतिरोध के ज़रिए दिखाती है।

बी.आर. अंबेडकर की ‘एनिहिलेशन ऑफ़ कास्ट’

अंबेडकर हमें एक असहज सच का सामना करने पर मजबूर करते हैं- जब सामाजिक असमानता बनी रहती है, तो राजनीतिक आज़ादी का कोई खास मतलब नहीं रह जाता। समानता के लिए उनकी ज़बरदस्त दलील इस किताब को आज भी उतना ही प्रासंगिक बनाती है।

रामचंद्र गुहा की ‘इंडिया आफ्टर गांधी’

1947 में आज़ादी मिलने से भारत की समस्याएं जादुई रूप से हल नहीं हो गईं। यह किताब उसके बाद के मुश्किल दशकों का ब्यौरा देती है और हमें याद दिलाती है कि लोकतंत्र के लिए धैर्य, असहमति, ज़िम्मेदारी और कोशिश करते रहने के साहस की ज़रूरत होती है।

रामचंद्र गुहा की ‘इंडिया आफ्टर गांधी’

1947 में आज़ादी मिलने से भारत की समस्याएं जादुई रूप से हल नहीं हो गईं। यह किताब उसके बाद के मुश्किल दशकों का ब्यौरा देती है और हमें याद दिलाती है कि लोकतंत्र के लिए धैर्य, असहमति, ज़िम्मेदारी और कोशिश करते रहने के साहस की ज़रूरत होती है।

Awarapan 2 Advance Bookings: एडवांस बुकिंग में फिल्म ने पार्ट 1 के लाइफटाइम कलेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ा, धमाकेदार होगी शुरुआत

Awarapan 2 Advance Bookings: हो सकता है कि कई युवा दर्शकों को यह सुनकर हैरानी हो-क्योंकि उन्होंने इमरान हाशमी की फ़िल्म ‘आवारापन’ के बारे में बड़े दर्शकों से हमेशा अच्छी बातें ही सुनी हैं—कि 2007 में रिलीज होने पर यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही थी। विशेष फ़िल्म्स की इस फ़िल्म ने अपनी पूरी अवधि में सिर्फ़ ₹7.7 करोड़ की नेट कमाई की थी।

लेकिन समय के साथ, जैसे-जैसे दर्शकों ने इसे होम मीडिया, केबल और बाद में स्ट्रीमिंग पर देखा, ‘आवारापन’ को एक ‘कल्ट फ़ॉलोइंग’ (खास चाहने वालों का वर्ग) मिली। इसी देर से मिली पहचान और प्यार का फ़ायदा अब इसके सीक्वल को मिल रहा है, जो इस हफ़्ते के आखिर में रिलीज़ होने वाला है। ‘आवारापन 2’ के 2026 में बॉलीवुड की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फ़िल्मों में से एक बनने की उम्मीद है। असल में, फ़िल्म को लेकर इतनी ज़बरदस्त चर्चा है कि यह रिलीज़ से पहले ही पहले पार्ट की कुल कमाई का आंकड़ा पार करने की राह पर है।

आवारापन 2 की एडवांस बुकिंग

आवारापन 2 की एडवांस बुकिंग रिलीज़ से सिर्फ 48 घंटे पहले शुरू हुई, लेकिन बुधवार को ही इसे जबरदस्त शुरुआत मिली। गुरुवार को दोपहर 3 बजे तक, यानी फ़िल्म के रिलीज होने से सिर्फ़ 18 घंटे पहले, आवारापन 2 के रिलीज़ वाले दिन के लिए 1.3 लाख से ज़्यादा टिकट बिक चुके थे। Sacnilk के अनुसार, फिल्म ने अपने ओपनिंग डे के लिए ₹4 करोड़ के टिकट बेचे हैं।

ट्रेड जानकारों का अनुमान है कि फिल्म के ओपनिंग वीकेंड और उसके बाद की कुल एडवांस बुकिंग ₹9 करोड़ ग्रॉस (₹7-8 करोड़ नेट) से ज़्यादा होगी। इसका मतलब है कि रिलीज़ से पहले ही, आवारापन 2 ने अपनी पिछली फ़िल्म की कुल कमाई का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

आवारापन ने ओपनिंग डे पर ₹79 लाख कमाए थे और अपने पहले वीकेंड में ₹2.88 करोड़ की नेट कमाई की थी। महंगाई को ध्यान में रखने के बाद भी, यह आंकड़ा कम था। इसके उलट, उम्मीद है कि आवारापन 2 इमरान हाशमी की सबसे बड़ी ओपनर फ़िल्म होगी और पहले दिन ही ₹20 करोड़ का आंकड़ा छू सकती है।

बॉक्स ऑफ़िस पर ‘आवारापन 2’ का मुक़ाबला सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ से हो रहा है। लेकिन ट्रेड एनालिस्ट का मानना ​​है कि इस मुक़ाबले में ‘आवारापन 2’ ही जीतेगी। ज़्यादातर अनुमानों के मुताबिक़, फ़िल्म की ओपनिंग ज़बरदस्त ₹20 करोड़ नेट की हो सकती है। यहाँ तक कि कम से कम अनुमान भी ₹15-18 करोड़ के आसपास हैं, जो एक मज़बूत आंकड़ा है। मौजूदा हालात को देखते हुए, ‘आवारापन 2’ को अपने ओपनिंग वीकेंड में ही दुनिया भर में ₹100 करोड़ का आँकड़ा पार कर लेना चाहिए, जो कि पहले पार्ट की लाइफ़टाइम कमाई का आठ गुना है। यह एक असाधारण बदलाव है।