
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने UAE से भगोड़े ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को भारत वापस लाने में कामयाबी हासिल की है। शाह ने इसे नशीले पदार्थों के खिलाफ मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति में एक नया मील का पत्थर बताया। ALSO READ: सत्ता की भूख में सनातन राष्ट्र के टुकड़े किए, हिंदू बाहुल्य सिंध भी पाकिस्तान को दे दिया, विभाजन विभीषिका दिवस पर योगी की हुंकार
अमित शाह ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पता लगा रही है और एक कठोर दृष्टिकोण के साथ उनके पूरे पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को नष्ट कर रही है।
उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए, एनसीबी ने यूएई से भगोड़े ड्रग सरगना वीरेंद्र सिंह बसोया की वापसी सुनिश्चित की है। 'ऊपर से नीचे' और 'नीचे से ऊपर' के दृष्टिकोण से अपराधी का पता लगाकर, हमारी एजेंसियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रग तस्कर चाहे कहीं भी छिप जाएं, वे भारतीय कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते। ALSO READ: Census 2027: पहली बार जाति भी पूछेगी सरकार, बैंक अकाउंट से कोविड वैक्सीन तक होंगे ये 40 सवाल
Modi govt is relentlessly tracking down drug traffickers hiding abroad and destroying their entire ecosystem with a ruthless approach.
Creating a new milestone in the policy of zero tolerance against narcotics, the NCB secured the return of fugitive drug kingpin Virender Singh…
— Amit Shah (@AmitShah) August 14, 2026
कौन है ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया?
ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को यूएई से दिल्ली लाया जा चुका है। वह दिल्ली, गुजरात और पंजाब से बरामद की गई 13 हजार करोड़ की ड्रग्स बरामदगी मामले में आरोपी है। उसे इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड भी माना जा रहा है। गिरफ्तारी से पहले ही बसोया दुबई भाग गया। इसके बाद, एनसीबी में भी उसके खिलाफ केस दर्ज किया था।
वीरेंद्र के भाई रविंदर बसोया को भी पुलिस ने अक्टूबर 2024 में ड्रग तस्करी मामले में गिरफ्तार किया था। उसकी कार से करीब 1.096 किलो ड्रग्स बरामद हुई थी। वीरेंद्र के बेटे ऋषभ बसोया का नाम भी इस नेटवर्क में सामने आया है। वीरेंद्र को जून 2026 में इंटरपोल के नोटिस के आधार पर यूएई में गिरफ्तार किया गया था।


