यशस्वी जायसवाल को सस्ते में छोड़ने पर संजय मांजरेकर ने ट्वीट कर दिखाई नाराजगी

भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने युवा खिलाड़ियों वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल से जुड़े अनुशासनहीनता के मामलों से निपटने के तरीके को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की आलोचना की है।उन्होंने कहा कि यह दोनों संस्थाएं नरम रवैया अपना रही हैं जिससे खिलाड़ियों को अनुशासनहीनता के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

मांजरेकर ने एक्स पर लिखा, ‘‘आईसीसी और बीसीसीआई, वैभव ने हाल ही में भारत ​​ए के लिए और अब जायसवाल ने (अनुशासनहीनता दिखाई है)। अगर आप उनका इस तरह के व्यवहार में बचाव करते रहेंगे तो आप उन्हें ऐसा व्यवहार दोहराने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। यह खेल के लिए अच्छा नहीं है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उनके भविष्य के लिए भी अच्छा नहीं है।’’

कोलंबो में दूसरे टेस्ट के पहले दिन मैदान पर हुई कहासुनी के लिए जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। दोनों को एक-एक डिमेरिट अंक भी दिया गया।भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में फर्नांडो ने जायसवाल को आउट किया जिसके बाद दोनों में कहासुनी हो गई थी।जून में 15 वर्षीय बल्लेबाज सूर्यवंशी भारत ए की तरफ से खेलते हुए श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी के साथ तीखी बहस में उलझ गए थे और हाथापाई की नौबत तक आ गई थी।

हालांकि इससे पहले भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी कहा था कि यशस्वी जायसवाल को अशिता फर्नाडो के इतने करीब नहीं जाना चाहिए। सितांशु कोटक ने कहा, “मुझे लगता है कि गेंदबाज़ ने कुछ कहा और यह जोश-जोश में हुआ। ज़ाहिर है, यशस्वी को उनके इतना करीब नहीं जाना चाहिए था, लेकिन जोश-जोश में ऐसा हो जाता है।”

श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ी कोच रयान वैन नीकेर्क की राय भी कुछ ऐसी ही थी। उन्हें लगा कि यह कड़े मुकाबले वाले दिन का हिस्सा था और उन्होंने इसे “भावनाओं के उबाल” का नतीजा बताया। “देखिए, टेस्ट क्रिकेट मुश्किल होता है, है ना? जब आप भारत जैसी टीम के खिलाफ खेल रहे हों, तो आप बस पीछे हटकर गेंदबाजी नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि हमारी तरफ से, हमें हर समय चुनौती पेश करनी होगी और कुछ न कुछ करने की कोशिश करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा,”इसलिए, मेरे नजरिए से, मैंने गेंदबाजों से आगे बढ़कर कुछ करने को कहा है। शायद तीखी बातें भावनाओं के उबाल का नतीजा हैं। मैं इसे मैच रेफरी पर छोड़ता हूं कि वे इसे कैसे देखते हैं।”

Ceigall India Share Price: गुजरात-महाराष्ट्र में ₹609 करोड़ का मिला REC पावर प्रोजेक्ट, शेयर 4% चढ़ा

Ceigall India Share Price: इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज कंपनी Ceigall India के शेयर 26 अगस्त को एनएसई पर 4% से ज्यादा की छलांग लगाते नजर आए। दरअसल, REC पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी (RECPDCL) की ओर से दिए गए एक बड़े इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी (L-1) बनी है ।

सिविल इंजीनियरिंग कंपनी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए 35 साल की अवधि तक सालाना ट्रांसमिशन चार्ज ₹6,086.70 मिलियन (यानी ₹608.67 करोड़) होगा।Ceigall India के शेयरों में लगातार चार दिनों से बढ़त देखी जा रही है और इस दौरान इनमें लगभग 9% की बढ़ोतरी हुई है।

टैरिफ-आधारित ग्लोबल कॉम्पिटिटिव बिडिंग और ई-रिवर्स ऑक्शन के ज़रिए मिले इस प्रोजेक्ट में लकाडिया फेज़-II (7.5 GW), जाम खंभालिया फेज़-II (5.5 GW) और जामनगर फेज़-I (1 GW) से बिजली पहुंचाने (इवैक्यूएशन) के लिए एक कॉमन ट्रांसमिशन सिस्टम बनाना शामिल है।

फाइलिंग के अनुसार, इसके दायरे में 765/400 kV का एयर-इंसुलेटेड सबस्टेशन (AIS) और गुजरात व महाराष्ट्र में लगभग 300 km लंबी ट्रांसमिशन लाइनें बनाना शामिल है।

प्रोजेक्ट को पूरा करने की अवधि 36 महीने है, जबकि ऑपरेशनल अवधि तय कमीशनिंग तारीख से 35 साल होगी। यह प्रोजेक्ट RECPDCL (एक घरेलू कंपनी) ने टैरिफ-आधारित कॉम्पिटिटिव बिडिंग फ्रेमवर्क के तहत ट्रांसमिशन सर्विस प्रोवाइडर चुनने की प्रक्रिया के हिस्से के तौर पर दिया था।

कंपनी ने कहा कि यह कॉन्ट्रैक्ट ‘रिलेटेड-पार्टी ट्रांज़ैक्शन’ (आपसी हितों से जुड़े लेन-देन) के दायरे में नहीं आता है और न तो प्रमोटर, न ही प्रमोटर ग्रुप और न ही ग्रुप की कंपनियों का प्रोजेक्ट देने वाली कंपनी में कोई हित है।

इस ट्रांसमिशन सिस्टम का मकसद पहचाने गए बिजली उत्पादन क्षेत्रों से बिजली पहुंचाने में मदद करना और इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करना है।

बुधवार को Ceigall India के शेयर इंट्राडे में 6.5% तक बढ़कर ₹345.35 पर पहुंच गए। दोपहर 2.14 बजे तक स्टॉक लगभग 5% की बढ़त के साथ ₹340.75 पर ट्रेड कर रहा था। पिछले महीने इसमें 0.74% की बढ़त हुई है और इस साल अब तक यह लगभग 25% ऊपर है।

सीगल इंडिया को फ्रंटियर हाईवे का ऑर्डर मिला

25 अगस्त, 2026 की कंपनी एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, सीगल इंडिया को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) से अरुणाचल प्रदेश में फ्रंटियर हाईवे के एक हिस्से के लिए ₹704.70 करोड़ का सड़क निर्माण ऑर्डर मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट की कीमत में GST शामिल नहीं है।

यह प्रोजेक्ट सुशी इंफ्रा एंड माइनिंग के साथ एक जॉइंट वेंचर के ज़रिए पूरा किया जाएगा, जिसमें सीगल इंडिया की 74% हिस्सेदारी होगी, जबकि सुशी इंफ्रा के पास बाकी 26% हिस्सेदारी होगी। इस कॉन्ट्रैक्ट में NH-913 के लाडा-सारली सेक्शन के 82.4 किलोमीटर लंबे हिस्से (km 85.60 से km 168.00 तक) का निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) आधार पर किया जाएगा।

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इस ऑस्ट्रेलियाई पेसर ने छीन लिया जसप्रीत बुमराह के नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज का ताज

Jasprit Bumrah

बांग्लादेश के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप श्रृंखला के दूसरे मैच में 10 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क अपने करियर में पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज बन गए हैं।

इस 36 वर्षीय बाएं हाथ के गेंदबाज ने पहली पारी में 12 रन देकर छह और दूसरी पारी में 39 रन देकर चार विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पारी और 51 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे उन्होंने न्यूजीलैंड के मैट हेनरी और भारत के जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़कर नंबर एक स्थान हासिल कर दिया। वह इन दोनों तेज गेंदबाजों से 10 रेटिंग अंक आगे हैं।

स्टार्क इससे पहले एक बार दूसरे स्थान पर पहुंचे थे। उन्होंने पिछले साल ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट के बाद पहली बार दूसरा स्थान हासिल किया था।

बुमराह इस तरह से मौजूदा दौर में केवल दो महीने तक शीर्ष स्थान पर काबिज रहे लेकिन वह कुल 697 दिन तक नंबर एक गेंदबाज रहे जो किसी भी भारतीय गेंदबाज का रिकॉर्ड है। इस मामले में वह सर्वकालिक सूची में 14वें स्थान पर हैं। बुमराह चोट के कारण वे श्रीलंका के खिलाफ चल रही श्रृंखला से बाहर हो गए थे।

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को भी काफी फायदा हुआ है। लीड्स में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी और 103 रन की जीत में आठ विकेट लेने के कारण वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

इस मैच में आठ विकेट लेने वाले जोश टोंग रैंकिंग में 16 पायदान ऊपर 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं। गॉल में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत में 10 विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रैंकिंग में 28 पायदान ऊपर अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 48वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

श्रीलंका के गेंदबाज असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या दोनों पांच पायदान ऊपर क्रमशः 15वें और 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर नाथन लियोन (दो स्थान ऊपर 10वें), पाकिस्तान के अली उस्मान (30 स्थान ऊपर 67वें), इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (छह स्थान ऊपर संयुक्त 38वें), भारत के प्रसिद्ध कृष्णा (दो स्थान ऊपर 53वें) और बांग्लादेश के शोरिफुल इस्लाम (17 स्थान ऊपर 57वें स्थान पर) भी आगे बढ़ने में सफल रहे।

बल्लेबाजी रैंकिंग में हैरी ब्रूक ने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत करनी है। वह अपने साथी खिलाड़ी जो रूट से 24 रेटिंग अंक आगे हो गए हैं। भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत छह पायदान ऊपर सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन (नौ स्थान ऊपर 21वें), श्रीलंका के धनंजय डी सिल्वा (दो स्थान ऊपर 22वें), सोनल दिनुशा (49 स्थान ऊपर 54वें), पाकिस्तान के अब्दुल्ला शफीक (सात स्थान ऊपर संयुक्त 27वें), भारत के केएल राहुल (पांच स्थान ऊपर 30वें) और देवदत्त पडिक्कल (59वें स्थान पर) ने भी अपनी बल्लेबाजी रैंकिंग में सुधार किया है।

NEET PG 2026 Admit Card: 30 अगस्त को परीक्षा से पहले जारी हुए नीट पीजी के एडमिट कार्ड, जानें कैसे डाउनलोड करें अपना हॉल टिकट

NEET PG 2026 Admit Card: नीट पीजी 2026 के लिए पंजीकृत उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड का इंतजार कर रहे थे। इन छात्रों का इंतजार खत्म करते हुए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्टग्रेजुएट (NEET PG) 2026 का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। पंजीकृत उम्मीदवार अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके आधिकारिक वेबसाइट nbe.edu.in से नीट पीजी परीक्षा का हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।

नीट पीजी 2026, एमडी, एमएस और पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा प्रोग्राम में एडमिशन के लिए होता है। नीट पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त को एक ही शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगा। एडमिट कार्ड में कैंडिडेट की जरूरी डिटेल्स होंगी, जैसे उनका नाम, रोल नंबर, एप्लीकेशन नंबर, जन्म तिथि, फोटो, एग्जाम की तारीख और समय, रिपोर्टिंग टाइम, एग्जाम सेंटर की डिटेल्स और एग्जाम के दिन की गाइडलाइंस।

नीट पीजी 2026: पेपर पैटर्न

पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में होगा। नीट पीजी 2026 प्रश्न पत्र में 180 मल्टीपल-चॉइस सवाल (MCQs) होंगे। यह परीक्षा 3 घंटे 30 मिनट की होगी। क्वेश्चन पेपर में एमबीबीएस करिकुलम के विषय होंगे।

नीट पीजी 2026: मार्किंग स्कीम

उम्मीदवारों को हर सही जवाब के लिए चार मार्क्स दिए जाएंगे, जबकि हर गलत जवाब के लिए एक मार्क्स काटा जाएगा। बिना जवाब वाले सवालों के लिए कोई मार्क्स नहीं दिए जाएंगे या काटे नहीं जाएंगे।

नीट पीजी 2026: एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के स्टेप्स

कैंडिडेट्स नीचे दिए गए स्टेप्स की मदद से नीट पीजी 2026 एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:

  • ऑफिशियल वेबसाइट natboard.edu.in पर जाएं।
  • होमपेज पर, नीट पीजी एग्जामिनेशन सेक्शन चुनें।
  • नीट पीजी एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें। एक नई विंडो खुलेगी।
  • अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड के साथ अपनी लॉगिन डिटेल्स डालें और सबमिट करें।
  • नीट पीजी परीक्षा हॉल टिकट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  • सभी डिटेल्स वेरिफाई करें और एडमिट कार्ड डाउनलोड करें।

कैंडिडेट्स को परीक्षा केंद्र पर नीट पीजी 2026 एडमिट कार्ड की एक प्रिंटेड कॉपी, एक वैध मूल फोटो पहचान पत्र साथ ले जाना होगा।

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रोजर फेडरर ने अंतरराष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट में वापसी के सवाल पर क्या कहा

Roger Federer

रोजर फ़ेडरर इस हफ़्ते यूएस ओपन में लौट रहे हैं। स्विस टेनिस स्टार मंगलवार को फ़्लशिंग मीडोज़ में एक मैत्री मैच के लिए लौट रहे हैं। इस मैच में उनके साथ ओलंपिक चैंपियन आंद्रे अगासी और यूएस ओपन विजेता एंडी रॉडिक और जॉन मैकेनरो भी शामिल होंगे।

2022 में रिटायर होने से पहले 2019 में यूएस ओपन में आखिरी बार खेलने वाले 45 साल के फ़ेडरर की न्यूयॉर्क में यह वापसी सुखद होगी। लेकिन उन्होंने साफ़ किया कि आर्थर ऐश स्टेडियम में यह सिर्फ़ एक दोस्ताना मैच है।

प्रोफ़ेशनल गेम में वापसी के बारे में पूछे जाने पर फ़ेडरर ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं।” “पूछने के लिए धन्यवाद। मुझे पक्का नहीं था कि यह सवाल पूछा जाएगा, लेकिन मुझे खुशी है कि आपने पूछा ताकि अगर किसी को ऐसा लगा हो, तो मैं साफ़ कर सकूँ। वैसे भी, आपको डोपिंग पूल में शामिल होना पड़ता है। इसमें बहुत सारी रुकावटें हैं। मैं बहुत व्यस्त हूँ।

“मुझे एग्ज़िबिशन मैच खेलने के लिए भी मुश्किल से समय मिल पाता है, तो टूर के बारे में सोचिए, और शरीर अब साथ नहीं देता। लेकिन मैं जैसा महसूस कर रहा हूँ, उससे बहुत खुश हूँ। अब मैं बस एक फ़ैन हूँ और मैच देखने का मज़ा ले रहा हूँ।”

फेडरर ने 24 वर्षों में 1500 से अधिक मैच खेले हैं, हालांकि पिछले तीन साल उनके टेनिस जीवन के लिये काफी संघर्षपूर्ण साबित हुये। फेडरर ने 2003 में सिर्फ 21 साल की उम्र में विंबलडन के रूप में अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था जबकि आखिरी बार उन्होंने 2021 के फ्रेंच ओपन में हिस्सा लिया था, जहां वह तीसरे राउंड की जीत के बाद रिटायर हो गए थे। इसके बाद से वह लगातार कोर्ट में वापसी का प्रयास कर रहे थे।

पिछले कुछ वर्षों में, फेडरर ने पुरुष एकल टेनिस में कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। फेडरर ने 20 ग्रैंड स्लैम जीते हैं और 103 करियर एटीपी खिताब हासिल किए हैं। 2018 में फेडरर को 36 साल की उम्र में सबसे उम्रदराज होने के बावजूद विश्व नंबर 1 बनने का गौरव हासिल हुआ। स्विस आइकन ने अपने करियर में 223 युगल मैच खेले हैं। फेडरर ने 2018 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में अपना आखिरी ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था. इसके बाद वह 2019 के विंबलडन के फाइनल में पहुंचे थे, जहां एक रोमांचक मुकाबले में नोवाक जोकोविच ने उन्हें शिकस्त दी थी।

Tempsens में लिस्टिंग पर हो जाएगा पैसा डबल! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Tempsens Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर ऐसे शानदार संकेत मिल रहे हैं कि आईपीओ निवेशकों का पैला लिस्टिंग पर ही डबल हो जाएगा। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹300 यानी 100% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को पैसा डबल हो सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹300 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Tempsens चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Tempsens चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Tempsens IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

भारत की डिजिटल ताकत का नया मुकाम! इन 11 देशों में पहुंचा भारत का डिजिटल पेमेंट

भारत का UPI पिछले कुछ सालों में लोगों की रोज की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। चाय की दुकान से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, कुछ सेकंड में पेमेंट करने की सुविधा ने डिजिटल पेमेंट को काफी आसान बना दिया है। अब इसकी पहुंच सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे दूसरे देशों में भी बढ़ रही है। ऐसे में विदेश जाने वाले भारतीयों के लिए भी UPI एक सुविधाजनक पेमेंट ऑप्शन बनता जा रहा है।

UPI की बढ़ती पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसके बढ़ते इस्तेमाल से लगाया जा सकता है। जुलाई 2026 में इसके जरिए बड़े लेवल पर ट्रांजैक्शन हुए और अब इसकी इंटरनेशनल पहुंच 11 देशों तक हो गई है। ग्रीस और मालदीव के जुड़ने के बाद यह विस्तार और खास हो गया है।

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1. दुनियाभर में बढ़ी UPI की पहचान

पिछले करीब एक दशक में UPI का इस्तेमाल लगभग 12,000 गुना बढ़ा है। अब यह भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का एक जरुरी भाग बन चुका है। इसकी पॉपुलैरिटी सिर्फ भारत तक नहीं है, बल्कि दूसरे देशों में भी लोग इसे पेमेंट के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में दुनियाभर में हुए रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन में UPI की हिस्सेदारी करीब 49% थी।

2. 11 देशों तक पहुंचा UPI

UPI अब भारत के अलावा 11 देशों में क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट की फैसिलिटी दे रहा है। भूटान, नेपाल, सिंगापुर, UAE और फ्रांस के साथ श्रीलंका, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव भी इस लिस्ट में शामिल हैं। ग्रीस और मालदीव UPI से जुड़ने वाले सबसे नए देश हैं। इससे विदेश जाने वाले भारतीयों के लिए डिजिटल पेमेंट का एक आसान ऑप्शन बढ़ा है।

3. UPI में जुड़े नए फीचर्स

2020 से 2022 के बीच UPI में कई नए बदलाव किए गए। UPI AutoPay की मदद से EMI और दूसरे नियमित पेमेंट आसान हुए, जबकि UPI 123PAY से फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों को भी डिजिटल पेमेंट की सुविधा मिली। इसी दौरान UPI Lite आया और बाद में क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने का ऑप्शन भी दिया गया। इस दौरान भूटान में UPI की इंटरनेशनल शुरुआत भी हुई।

4. इजी और सिक्योर पेमेंट

2024 में UPI Circle जैसे फीचर की शुरुआत हुई, जिससे कोई भी लिमिट के अंदर दूसरे व्यक्ति को अपने UPI अकाउंट से पेमेंट करने की परमिशन दे सकता है। टैक्स पेमेंट और UPI से जुड़े दूसरे ट्रांजैक्शन की लिमिट में भी बदलाव किए गए। इसके बाद 2025 में ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और फेस बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन जैसे ऑप्शन जोड़े गए। इन चेंज का मकसद UPI को लोगों के लिए ज्यादा आसान, सुविधाजनक और सिक्योर बनाना है।

UPI की बढ़ती पहुंच से साफ है कि भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम अब देश की बॉर्डर से आगे भी पहचान बना रहा है। नए देशों और नए फीचर्स के जुड़ने से लोगों के लिए पेमेंट करना आसान और कनविनिएंट हो रहा है। आने वाले समय में UPI की पहुंच और बढ़ने की उम्मीद है।

कर्नल सोफिया मामले में मंत्री विजय शाह के बचाव में क्यों सरकार?, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

कर्नल सोफिया मामले में मंत्री विजय शाह के बचाव में क्यों सरकार?, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले कैबिनेट मंत्री विजय शाह के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी नहीं जाने के सरकार के फैसले को लेकर प्रदेश में सियासी पारा गर्मा गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इससे सेना का अपमान बताकर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। 

 

जीतू पटवारी ने की सरकार को बर्खास्त करने की मांग- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में संवैधानिक एवं न्यायिक व्यवस्था की गरिमा की रक्षा और प्रदेश सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि “आज मैं यह पत्र राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नहीं, भारतीय सेना, संविधान और न्याय की गरिमा में विश्वास रखने वाले एक नागरिक के रूप में लिख रहा हूँ! मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने देश की जांबाज बेटी और भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी कर जिस मर्यादा को तार-तार किया, वह एक व्यक्ति ही नहीं, देश की सेना का भी अपमान था”। 

 

उन्होंने आगे लिखा कि “लेकिन, आज प्रश्न उससे भी गंभीर हो गया है! मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विजय शाह के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति नहीं देने का निर्णय एक बड़ेबोल मंत्री को राजनीतिक संरक्षण देने के साथ, उस व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है, जिसमें सत्ता अपने राजनीतिक व्यक्ति को जवाबदेही से बचाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया के सामने दीवार बनकर खड़ी हो रही है! सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT ने अभियोजन की स्वीकृति की मांग की है। ऐसे में सरकार का रुख देश के सामने एक गंभीर संवैधानिक प्रश्न खड़ा करता है, क्या सत्ता में बैठे व्यक्ति कानून से ऊपर हैं।“

 

उन्होंने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर भारतीय सेना, सैनिकों और उनकी शहादत के सम्मान को राष्ट्र के सर्वोच्च गौरव से जोड़ा है! यदि वे अपने ही शब्दों की गरिमा बनाए रखना चाहते हैं, तो उन्हें इस मामले में तत्काल और स्पष्ट हस्तक्षेप करना चाहिए! मेरा यह भी मानना है कि मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल का असंवैधानिक निर्णय प्रधानमंत्री की राजनीतिक सहमति के बिना संभव नहीं था। यदि ऐसा नहीं है, तो प्रधानमंत्री को स्वयं आगे आकर देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि वे विजय शाह को संरक्षण देने वाले इस निर्णय से “असहमत हैं।” इसलिए, आज देश प्रधानमंत्री से भी जवाब चाहता है! यह आपराधिक घटनाक्रम उस कथित 'डबल इंजन सरकार' के अहंकार को उजागर करता है, जिसमें एक मंत्री के राजनीतिक संरक्षण के लिए लोकतांत्रिक, संवैधानिक और न्यायिक मर्यादाओं को चुनौती देने तक की स्थिति पैदा हो रही है! विजय शाह ने पहले सेना का अपमान किया! अब उन्हें बचाने की कोशिश उस अपमान और अपराध को संस्थागत संरक्षण देने जैसी है! मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास का यह एक अत्यंत शर्मनाक अध्याय है, जहां सवाल अब केवल विजय शाह के आचरण का नहीं, मुख्यमंत्री और पूरे मंत्रिमंडल की संवैधानिक एवं नैतिक जवाबदेही का है! इसलिए, मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित अब पूरे मंत्रिमंडल को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए!

 

विजय शाह का बचाव क्यों कर रही सरकार?- मोहन सरकार में सीनियर मंत्री विजय शाह आदिवासी वर्ग से आते है और उनकी आदिवासी वोट बैंक पर मजबूत पकड़ है। बालाघाट में 25 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के बाद सरकार पूरी तरह बैकफुट पर है। हरसूद से भाजपा विधायक विजय शाह आदिवासी वर्ग में गोंड जाति से आते है। प्रदेश में 21.5 फीसदी वोट बैंक रखने वाले आदिवासी वर्ग के लिए 47 विधानसभा सीट आरक्षित भी है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के परिणाम बताते है कि आदिवासी वोटर पूरी तरह भाजपा के साथ है। दिसंबर 2023 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो तो प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 47 विधानसभा सीटों पर भाजपा ने 24 सीटों पर जीत हासिल की है वहीं कांग्रेस ने 22 सीटों पर जीत हासिल की है।

 

खंडवा की हरसूद विधानसभा सीट से ढाई दशक से विधायक चुने जा रहे विजय शाह के मालवा-निमाड़ के आदिवाली बाहुल्य इलाके में गहरी पैठ है। खासकर निमाड़ के आदिवासियों के बीच उन्हें आज भी राजा के तौर पर माना जाता है। ऐसे में भाजपा के इस बात का डर है कि अगर विजय शाह पर केस चलाने की अनुमति दी जाती है उनको मंत्रिमंडल से भी बाहर करना होगा। इससे आदिवासी वर्ग में गलत मैसेज जाएगा और इसका नुकसान उसको चुनाव में उठाने पड़ेगा। भाजपा को शंका है कि विजय शाह के इस्तीफा का सीधा असर निमाड़ की 10 विधानसभा सीटों पर पड़ेगा, और भाजपा को आने वाले वक्त पर इन सीटों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा सकता है। 

क्या है पूरा मामला?-मध्यप्रदेश के आदिवासी नेता और मोहन सरकार कैबिनेट मंत्री विजय शाह से जुडा यह पूरा मामला मई 2025 का है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन की जानकारी मीडिया को देने वाली सैन्य अधिकारियों की टीम में कर्नल सोफिया कुरैशी भी शामिल थीं। 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे उनके धर्म और पहलगाम हमले के आतंकियों के समुदाय से जोड़कर देखा गया। इस पूरे मामले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने टिप्पणी को बेहद आपत्तिजनक माना था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

 

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित की। SIT ने जांच पूरी करने के बाद विजय शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(a) के तहत अभियोजन की अनुमति मांगी। यही अनुमति लंबे समय से राज्य सरकार के पास लंबित है। जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को अभियोजन स्वीकृति पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी फैसला नहीं हुआ। मई में सुप्रीम कोर्ट ने फिर सरकार के रुख पर नाराजगी जताई और आदेश के पालन के लिए समय दिया। जुलाई की स्थिति रिपोर्ट में भी सरकार की ओर से जरूरी दस्तावेज दाखिल नहीं किए जाने की बात सामने आई थी।

 

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त को होनी है। वहीं इससे पहले गत मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्री विजय शाह पर केस चलाने के लिए सरकार के स्तर पर अभियोजन स्वीकृति देने के प्रस्ताव  की चर्चा थी लेकिन कैबिनेट बैठक मे यह प्रस्ताव नहीं आया है। 

 

Asian Games में नीरज चोपड़ा करेंगे 55 भारतीय एथलीटों की अगुवाई

Neeraj Chopra

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करेंगे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय जैवलिन थ्रोअर के साथ रोहित यादव भी होंगे, जिन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में जीत हासिल करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट 87.68 मीटर किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो भारतीयों को चुना गया है। आइची-नागोया 2026 के लिए चुनी गई भारत की एथलेटिक्स टीम के 16 खिलाड़ी हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में मेडलिस्ट रहे थे।

नीरज के अलावा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी उन खिताबों को बचाने के लिए वापसी करेंगे जो उन्होंने तीन साल पहले व्यक्तिगत इवेंट्स में जीते थे।राजेश रमेश, जो हांगझोऊ में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, वे भी वापसी करने वाले चैंपियंस में शामिल हैं।

साबले ने हांगझोऊ में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर साबले को पिछले साल अपने दाहिने घुटने की सर्जरी के बाद चोटों से जूझना पड़ा और वे ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे।

वहीं, दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार शॉट पुट का खिताब जीतने की कोशिश करेंगे; उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023, दोनों में टॉप स्थान हासिल किया था। पारुल चौधरी, जिन्होंने तीन साल पहले 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था, उन्हें 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ के लिए चुना गया है।

ज्योति याराजी ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, लेकिन वे एशियन गेम्स में 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में हिस्सा लेंगी। उन्होंने हांगझोऊ में इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद मुरली श्रीशंकर जापान जा रहे हैं। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता था।

तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफसल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले वे अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें आइची-नागोया के लिए चुना गया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के बावजूद तेज शिर्से को 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शामिल किया गया है।

झगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसमें उसने कुल 29 पदक जीते – छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य। कुल मेडल की संख्या के हिसाब से 2023 के गेम्स में एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा।

एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:-

पुरुषों:-गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4×100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4×400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4×400 मीटर रिले), जय कुमार (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन)

(Image Source : X/Athletics Federation of India)

महिला:– प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4×100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4×100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4×100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4×100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले),

CTET Exam Postponed 2026: सीबीएसई ने टाली सीटेट परीक्षा और फिर से खोली आवेदन विंडो, अब 01 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन

CTET Exam Postponed 2026: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 22वें केंद्रीय शिक्षक अर्हता परीक्षा (CTET) को टाल दिया है। साथ ही, बोर्ड ने सीटेट परीक्षा के लिए आवेदन विंडो फिर से खोल दी है। इससे उन उम्मीदवारों को आवेदन करने का एक और मौका मिल गया है जो पहले पंजीकरण नहीं कर पाए थे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अब 1 सितंबर, 2026 तक आवेदन जमा कर सकते हैं।

सीबीएसई बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, योग्य शिक्षकों के लिए जरूरी शिक्षक अर्हता परीक्षा (TET) क्वालिफिकेशन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए आवेदन विंडो फिर से खोली गई है। बोर्ड ने कहा कि यह अतिरिक्त मौका इसलिए दिया गया है ताकि योग्य शिक्षकों के पास क्वालिफिकेशन की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय हो। सीबीएसई 22वां सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) आयोजित कर रहा है। अब तक सीटेट के कुल 21 संस्करण हो चुके हैं। सीटेट के 21वें संस्करण का रिजल्ट 30 मार्च को घोषित किया गया था।

सीबीएसई ने अपने आधिकारिक नोटिस में कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने योग्य शिक्षकों को तय टीईटी योग्यता हासिल करने की कानूनी जरूरत को पूरा करने के लिए एक सही मौका देने की जरूरत पर जोर दिया है। इसे देखते हुए और उम्मीदवारों के व्यापक हित में, यह तय किया गया है कि 25 अगस्त से 1 सितंबर, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन पोर्टल खोलकर उन सभी योग्य उम्मीदवारों को एक मौका दिया जाए जो पहले की आवेदन विंडो का फायदा नहीं उठा सके थे।” 22वें सीटेट का नोटिफिकेशन 8 मई को जारी किया गया था, और ऑनलाइन आवेदन 11 मई से 10 जून तक लिए गए थे।

सीटेट 2026 परीक्षा कब होगी?

आवेदन विंडो फिर से खुलने के साथ, कैंडिडेट सीटेट परीक्षा की संशोधित तारीख भी जानना चाहते हैं। सीबीएसई ने कहा है कि 1 सितंबर को एप्लीकेशन पोर्टल बंद होने के बाद परीक्षा की बदली हुई तारीख बताई जाएगी। बता दें, यह परीक्षा पहले सितंबर में होने वाली थी।

ICSI CS Toppers 2026: जून सत्र के सीएस प्रोफेशनल रिजल्ट में खुशी अग्रवाल और सानिया समीर खान रहीं नंबर 1, दूसरे और तीसरे स्थान पर भी लड़कियों का कब्जा