LPG Price 26 August 2026: दिल्ली से बिहार तक 14.2 किलो LPG कितने रुपये की? बुकिंग से पहले यहां चेक करें रेट

LPG Price 26 August 2026: 27 अगस्त 2026, गुरूवार को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum ने घरेलू गैस के नए रेट जारी कर दिए हैं। 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमतें पहले जैसी ही हैं। यानी घरेलू LPG सस्ती होने का इंतजार कर रहे लोगों को इस बार भी राहत नहीं मिली। शहर के हिसाब से LPG सिलेंडर की कीमत अलग-अलग है। स्थानीय टैक्स, ढुलाई और दूसरे खर्चों की वजह से अलग-अलग जगहों पर गैस के दाम में अंतर रहता है।

दिल्ली में LPG सिलेंडर ₹942

जून में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹942 है। मुंबई में ₹941.50, कोलकाता में ₹968 और चेन्नई में ₹957.50 का रेट है।

प्रमुख शहरों में घरेलू LPG के दाम

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00

कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता

घरेलू LPG की कीमत में लोगों को राहत नहीं मिली, लेकिन 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में इस महीने की शुरुआत में बड़ी कटौती हुई थी। अलग-अलग शहरों में इसकी कीमत करीब ₹194 से ₹200 तक कम हुई। इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कारोबारियों को फायदा हुआ।

अमेरिका से बढ़ रहा LPG आयात

भारत अब LPG के लिए अमेरिका से ज्यादा गैस खरीद रहा है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के कारण LPG सप्लाई के स्रोत में बदलाव देखने को मिल रहा है। Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में भारत ने अमेरिका से करीब 0.89 मिलियन टन LPG आयात की। अगस्त में अब तक करीब 0.62 मिलियन टन LPG अमेरिका से आई है। अगस्त के कुल LPG आयात में अमेरिकी गैस की हिस्सेदारी करीब 73% बताई गई है।

वहीं, UAE और कतर से LPG की सप्लाई कम हुई है। अगस्त में UAE से करीब 1.40 लाख टन और कतर से करीब 60 हजार टन LPG आई। जुलाई और अगस्त दोनों महीनों में सऊदी अरब से LPG आयात नहीं हुआ।

घर बैठे ऐसे चेक करें LPG का रेट

अगर आप Indane Gas इस्तेमाल करते हैं, तो Indian Oil की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य और जिले के अनुसार LPG की कीमत देख सकते हैं। Bharat Gas ग्राहक ebharatgas.com के ‘Quick Book & Pay’ विकल्प से रेट चेक कर सकते हैं। HP Gas ग्राहक HP Pay ऐप पर कीमत देख सकते हैं। इसके अलावा UMANG ऐप से भी LPG की कीमत और रिफिल की जानकारी मिल सकती है।

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Stocks to Watch: Sensex की मंथली एक्सपायरी; Groww, IRB Infra और Vedanta समेत ये 18 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 34.00 प्वाइंट्स यानी 0.14% की गिरावट के साथ 24,362.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स और बैंकेक्स समेत बीएसई के सभी इंडेक्सेज के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 26 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 183.15 प्वाइंट्स यानी 0.24% की गिरावट के साथ 77,472.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 126.80 प्वाइंट्स यानी 0.52% की फिसलन के साथ 24,207.75 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Juniper Green Energy Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जुनिपर ग्रीन एनर्जी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर 54.2% बढ़कर ₹33.5 करोड़ और रेवेन्यू 81.2% उछलकर ₹291.2 करोड़ पर पहुंच गया।

ICICI Prudential AMC

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन होल्डिंग्स की योजना ICICI प्रूडेंशियल एएमसी में 2% हिस्सेदारी ₹3,121 करोड़ में बेचने की है। हालांकि यह मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की शर्तों को पूरा करने के लिए है। जून 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से अभी कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 87.6% है जिसमें प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन की हिस्सेदारी 34.59% है।

Foseco India

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक मॉर्गनाइट क्रूसिबल और मॉर्गन टेरासेन बीवी ब्लॉक डील्स के जरिए फोसेको इंडिया में अपनी पूरी 15.27% हिस्सेदारी बेच सकती है। ₹664.4 करोड़ के इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹5,773.63 तय किया गया है।

Aye Finance

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक अल्फा वेव इंडिया I एलपी ब्लॉक डील के जरिए आय फाइनेंस में अपनी पूरी 7.8% हिस्सेदारी बेच सकती है। ₹320.4 करोड़ के इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹167 तय किया गया है।

Fino Payments Bank

आरबीआई ने फिनो पेमेंट्स बैंक के अंतरिम सीईओ के तौर पर केतन मर्चेंट का कार्यकाल तीन महीने और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। वह 27 अगस्त 2026 से तीन महीने या रेगुलर एमडी-सीईओ की नियुक्ति तक, जो भी पहले हो, तक जिम्मेदारी संभालेंगे।

IRB Infrastructure Developers

आईआरबी इंफ्रा के बोर्ड ने प्रस्तावित प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए IRB InvIT Fund की यूनिट्स में ₹351 करोड़ तक के निवेश को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने 5.4 करोड़ अतिरिक्त यूनिट्स को ₹65 के भाव पर खरीदने का प्रस्ताव रखा है। IRB InvIT Fund मार्केट में लिस्टेड इंफ्रा इंवेस्टमेंट ट्रस्ट आईआरबी इंफ्रा ट्रस्ट से दो प्रोजेक्ट SPV खरीदने के लिए फंड जुटा रहा है।

Bharat Electronics Ltd (BEL)

भारत इलेट्रॉनिक्स को 10 अगस्त से ₹730 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर मिले हैं।

Max Healthcare Institute

मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट की सब्सिडियरी आल्प्स हॉस्पिटल को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस (DGGI), मुंबई से एक शो-कॉज-कम-डिमांड नोटिस मिला है। इसमें ₹165.7 करोड़ के जीएसटी की मांग की गई है, जिसमें ₹110.47 करोड़ का जुर्माना भी शामिल है।

Vedanta

वेदांता की पैरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज ने वह वेदांता, वेदांता एल्युमीनियम या वेदांता ग्रुप की किसी अन्य कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की चर्चाओं को खारिज कर दिया और कहा कि फिलहाल कोई भी हिस्सेदारी बेचने की ऐसी कोई योजना नहीं है।

Physicswallah

लाइटस्पीड अपॉर्चुनिटी फंड II LP ने फिजिक्सवाला के अपने पूरे 4.67 करोड़ शेयर (1.61% हिस्सेदारी) ₹549.73 करोड़ में प्रति शेयर ₹117.72 के भाव पर बेच दिए। इस ब्लॉक डील के तहत ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, सोसिएट जेनरल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस, विरिडियन एशिया अपॉर्चुनिटीज मास्टर फंड, सफ्रा सारासिन फंड मैनेजमेंट SA, घिसालो मास्टर फंड, मेडिओलानम इंटरनेशनल फंड्स, न्यूयॉर्क स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम, OP-इंडिया फंड और टाटा AIA लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने शेयर बेचे हैं।

Rubicon Research

जनरल अटलांटिक सिंगापुर ने रुबिकॉन रिसर्च के 1.38 करोड़ शेयर (8.37% हिस्सेदारी) ₹2,291.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹1660 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक कंपनी में 35.83% हिस्सेदारी वाले विदेशी प्रमोटर जनरल अटलांटिक ने ब्लॉक डील के जरिए 10 घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स- कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, नोमुरा इंडिया इन्वेस्टमेंट फंड मदर फंड, एचडीएफसी एएमसी, ICICI प्रूडेंशियल AMC, SBI म्यूचुअल फंड, VEMF-A LP, एक्सिस MF, TIMF होल्डिंग्स, एरंडा इन्वेस्टमेंट्स और PI अपॉर्चुनिटीज AIF V LLP को बेचे हैं।

Billionbrains Garage Ventures (Groww)

रिबिट कैपिटल V ने ग्रो के 6.31 करोड़ इक्विटी शेयर ₹196 के भाव पर ₹1,238.1 करोड़ में तो रिबिट केमैन GW होल्डिंग्स V ने 4.99 करोड़ शेयर ₹196.06 के भाव पर ₹979.16 करोड़ में बेच दिए। इन दोनों कंपनियों ने मिलकर कुल 11.31 करोड़ शेयर (1.8% हिस्सेदारी) 2,217.3 करोड़ रुपये में बेचे। जून 2026 तक रिबिट केमैन GW होल्डिंग्स V के पास ग्रो में 4.46% और रिबिट कैपिटल V LP की 5.64% हिस्सेदारी थी।

Welspun Corp

प्रति शेयर ₹2,275.30 के भाव पर प्रमोटर वेल्सपन इन्वेस्टमेंट्स एंड कमर्शियल्स ने वेल्सपन कॉर्प के 60 लाख शेयर (2.27% हिस्सेदारी) ₹1,365.2 करोड़ तो वेल्सपन कॉर्प के एमडी और सीईओ विपुल माथुर ने 3 लाख शेयर (0.11% हिस्सेदारी) ₹68.3 करोड़ में बेच दिए। दोनो ने कुल मिलाकर 2.38% हिस्सेदारी बेची। वहीं कैपिटल ग्रुप ने 14 स्कीमों के जरिए ₹1,088.6 करोड़ में 1.81% हिस्सेदारी के बराबर वेल्सपन कॉर्प के 47.84 लाख शेयर और खरीदे तो एबरडीन ग्रुप ने छह स्कीमों के जरिए ₹150.76 करोड़ में 6.62 लाख शेयर (0.25% हिस्सेदारी) खरीदे। इसके अलावा क्वांट म्यूचुअल फंड, क्वांट स्मॉल कैप फंड, एडलवाइस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने भी शेयर खरीदे हैं।

Viyash Scientific

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म द कार्लाइल ग्रुप की कंपनियों- सीए हुल इन्वेस्टमेंट्स और सीए हार्बर इन्वेस्टमेंट्स ने वियश साइंटिफिक के 4.75 करोड़ शेयर (10.88% हिस्सेदारी) अलग-अलग भाव पर ₹1,259.4 करोड़ में बेच दिए। जून 2026 तक कार्लाइल ग्रुप की कंपनी में 61.31% हिस्सेदारी थी। कार्लाइल ने जो शेयर बेचे हैं, उसमें 1.08 करोड़ शेयर छह निवेशकों- कोटक महिंद्रा AMC, बंधन MF, एडलवाइस MF, पनवीरा इंडिया इनोवेशन फंड, एस गुप्ता होम्स और आगम इन्वेस्टमेंट्स ने खरीदे हैं।

Gaja Alternative Asset Management

इनवेस्को म्यूचुअल फंड ने लिस्टिंग के दिन गजा कैपिटल के अतिरिक्त 85.95 लाख शेयर (6.09% हिस्सेदारी) ₹157.8 करोड़ में खरीद लिए। IPO बंद होने के बाद लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार इनवेस्को इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज फंड की कंपनी में 1.71% हिस्सेदारी थी, और अब लिस्टिंग के दिन खरीदारी के बाद उसकी कुल हिस्सेदारी 7.8% हो गई।

Avenue Supermarts (DMart)

कैपिटल ग्रुप की अमेरिकन फंड्स इंश्योरेंस सीरीज ग्लोबल ग्रोथ एंड इनकम फंड ने डीमार्ट के एवेन्यू सुपरमार्ट्स के 67.64 लाख शेयर (1.03% हिस्सेदारी) ₹2,537.12 करोड़ में प्रति शेयर ₹3,750.58 के भाव पर बेच दिए।

Standard Engineering Technology

अमांसा होल्डिंग ने स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी के अतिरिक्त 11.58 लाख शेयर ₹37.59 करोड़ में प्रति शेयर ₹324.60 के भाव पर बेच दिए।

TCC Concept

गोल्डमैन सैक्स एशिया स्ट्रैटेजिक ने टीसीसी कॉन्सेप्ट के 4.04 लाख शेयर ₹10.46 करोड़ में प्रति शेयर ₹258.48 के भाव पर बेच दिए।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

एक्स-डिविडेंड: PFC (पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन), पीएंडजी (प्रॉक्टर एंड गैंबल) हेल्थ, थॉमस कुक (इंडिया), DOMS इंडस्ट्रीज, यश हाईवोल्टेज, मानक्सिया कोटेड मेटल्स एंड इंडस्ट्रीज

एक्स-राइट्स: एनसीएल रिसर्च एंड फाइनेंशियल सर्विसेज

F&O बैन: आज SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ITR Filing Deadline: 31 अगस्त की ITR डेडलाइन छूटने पर क्या होगा? फिर कैसे भर सकते हैं रिटर्न, कितना देना पड़ेगा जुर्माना

अगर आपने अभी तक ITR दाखिल नहीं की है, तो आपके पास सिर्फ कुछ दिन बचे हैं। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए कुछ टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है। समय पर रिटर्न दाखिल करने से लेट फीस और बकाया टैक्स पर लगने वाले ब्याज से बच सकते हैं।

अगर 31 अगस्त तक रिटर्न नहीं भर पाए, तो भी मामला खत्म नहीं होगा। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड ITR दाखिल कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी पड़ सकती है। साथ ही, कुछ मामलों में टैक्स लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी छूट सकता है।

31 अगस्त की डेडलाइन उन कुछ टैक्सपेयर्स पर लागू होती है, जिन्हें ITR-3, ITR-4, ITR-5 या ITR-7 दाखिल करना है। इसमें ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से आय है, लेकिन उनके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है।

31 अगस्त की डेडलाइन छूट गई तो क्या होगा?

डेडलाइन निकल जाने का मतलब यह नहीं है कि अब ITR नहीं भर सकते। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, अगर उससे पहले आपका असेसमेंट पूरा हो जाता है, तो उसके बाद रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकता।

देरी से ITR भरने पर लेट फीस भी लगती है। अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख से ज्यादा है, तो ₹5,000 तक की लेट फीस लग सकती है। वहीं ₹5 लाख तक की कुल आय वालों के लिए यह फीस ₹1,000 है।

अगर आपका टैक्स भी बकाया है, तो उस पर 1% प्रति महीने या महीने के किसी हिस्से के लिए ब्याज लग सकता है। यह ब्याज इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234A के तहत लगता है।

क्या देर से ITR भरने पर रिफंड मिलेगा?

हां, सिर्फ डेडलाइन चूकने से आपका टैक्स रिफंड खत्म नहीं हो जाता। अगर आपको रिफंड मिलना है, तो आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल करके उसे क्लेम कर सकते हैं।

लेकिन रिटर्न दाखिल करने के बाद उसे वेरिफाई करना जरूरी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ई-वेरिफिकेशन के लिए 30 दिन का समय दिया है। रिटर्न वेरिफाई होने के बाद ही रिफंड की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

नुकसान को आगे एडजस्ट करने में दिक्कत

डेडलाइन के बाद ITR भरने का एक बड़ा नुकसान हो सकता है। यह लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने से जुड़ा है। मान लीजिए आपको बिजनेस, शेयर बाजार या F&O ट्रेडिंग में नुकसान हुआ है। आप इस नुकसान को आने वाले वर्षों की कमाई से एडजस्ट करके टैक्स बचा सकते हैं। लेकिन अगर आपने ITR समय पर दाखिल नहीं किया, तो कुछ तरह के नुकसान को आगे ले जाने का फायदा नहीं मिल सकता।

यानी सिर्फ लेट फीस का मामला नहीं है। देर से ITR भरने पर भविष्य में टैक्स बचाने का मौका भी जा सकता है।

ITR में गलती हो गई तो क्या करें?

अगर ITR दाखिल करने के बाद आपको कोई गलती दिखती है या कोई जानकारी छूट गई है, तो आप धारा 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आम तौर पर रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च 2027 तक दाखिल की जा सकती है। हालांकि, अगर उससे पहले असेसमेंट पूरा हो जाता है, तो यह सुविधा खत्म हो सकती है। रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर पुरानी रिटर्न की जगह नई रिटर्न मानी जाती है। इसे भी दोबारा वेरिफाई करना पड़ता है।

लेकिन एक बात ध्यान रखें। देर से ITR भरने की वजह से जो टैक्स लाभ पहले ही खो चुके हैं, रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने से वे वापस नहीं मिलते। इसमें कुछ तरह के लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी शामिल है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Rashifal Today: किस मूलांक के लोगों का आज का दिन होगा अच्छा, किसे रहना होगा सावधान? जानें आपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। 27 अगस्त 2026 का दिन आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने का संकेत दे रहा है। आज कई मूलांक वाले लोगों को अपने खर्च, बचत और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देना होगा। किसी भी तरह का बड़ा आर्थिक फैसला लेने से पहले अपनी स्थिति को समझना जरूरी रहेगा। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लोगों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आपको पैसों के मामले में सावधानी बरतनी होगी। अचानक होने वाले खर्च से बचें और अपने बजट का पालन करें। भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लंबी अवधि की योजना पर ध्यान दें। सोच-समझकर लिए गए फैसले आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में आज का दिन महत्वपूर्ण रहेगा। बेवजह खर्च करने से बचें और अपने वित्तीय लक्ष्यों पर ध्यान दें। अगर आप खर्चों पर नियंत्रण रखते हैं तो भविष्य के लिए अच्छी बचत कर सकते हैं। पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी सोच और योजना बनाने की क्षमता बेहतर रहेगी। नौकरी और निवेश से जुड़े नए अवसरों पर नजर रखें। बाजार या आर्थिक स्थिति में होने वाले बदलाव आपके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। बजट को जरूरत के अनुसार बदलने के लिए तैयार रहें और पूरी जानकारी के बाद फैसला लें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। ऐसे में भावनाओं में आकर पैसा खर्च करने से बचें। जरूरी जरूरतों को प्राथमिकता दें और बजट में कुछ रकम अचानक आने वाले खर्चों के लिए रखें। सही योजना से आप आर्थिक दबाव को आसानी से संभाल पाएंगे।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति को व्यवस्थित करने के लिए दिन अच्छा है। अपने खर्चों पर नजर रखें और जरूरी व गैर-जरूरी खर्चों के बीच अंतर समझें। आज नए आर्थिक अवसरों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी निवेश या खर्च से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में व्यवस्थित तरीके से काम करना जरूरी है। अपने खर्चों की समीक्षा करें और देखें कि कहां बचत की जा सकती है। गैर-जरूरी खर्च कम करने से आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। छोटी-छोटी बचत आगे चलकर आपके लिए बड़ा फायदा दे सकती है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिरता पर खास ध्यान देना होगा। महंगी या गैर-जरूरी चीजों पर पैसा खर्च करने से बचें। कर्ज और निवेश से जुड़े फैसले अपनी आर्थिक क्षमता को ध्यान में रखकर ही लें। मजबूत वित्तीय आधार बनाने के लिए आज सावधानी से कदम उठाना बेहतर रहेगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। लंबी अवधि की योजनाओं पर ध्यान दें और अपने बजट व निवेश की समीक्षा करें। अचानक होने वाले खर्चों से बचना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। भविष्य के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर फैसला लेने से आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े नए अवसर सामने आ सकते हैं। हालांकि, किसी भी आकर्षक मौके को देखकर तुरंत फैसला न लें। अपने बजट और निवेश योजनाओं की समीक्षा करने का यह सही समय है। भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए सोच-समझकर बदलाव करना आपके लिए लाभदायक हो सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

नेपाल में तबाही, पानी बिहार क्यों पहुंचेगा:36 फाटक खोले, त्रिशूली-भोटेकोशी का पानी किन जिलों तक पहुंचेगा, समझिए पूरा कनेक्शन

बिहार से करीब 300 किलोमीटर दूर नेपाल में तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने तबाही मचा दी है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के पानी ने रसुवा, टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके को तहस-नहस कर दिया है। गांव के गांव बह गए, बाजार तबाह हो गए, पुल टूट गए और सड़कें कट गईं। नेपाल में आई तबाही पर बिहार सरकार अलर्ट है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से गृह मंत्री अमित शाह ने बात की है और NDRF की टीम को सीमावर्ती जिलों में तैनात कर दिया है। नेपाल में आई तबाही से बिहार को खतरा क्यों, क्या यहां भी तबाही मचेगी, समझेंगे; बूझे की नाही में…। सवाल-1: नेपाल के रसुवा में बाढ़ और तबाही कैसे आई है? जवाबः 26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिले में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में अचानक बहुत तेज पानी आया। पानी तिब्बत की तरफ से आया और कुछ ही समय में घर, सड़क, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बहा ले गया। उस समय रसुवा में ऐसी भारी स्थानीय बारिश की सूचना नहीं थी, इसलिए सामान्य बारिश से आई बाढ़ की संभावना कम मानी जा रही है। कैसे हुआ? कितना नुकसान? नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 95 लोगों के मौत की खबर है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 500 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं। सवाल-2: भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आई तबाही से बिहार को खतरा क्यों? जवाबः नेपाल में आई तबाही से बिहार के खतरों को समझने के लिए भोट कोशी और त्रिशूली नदियों के तंत्रों को समझना होगा… त्रिशूली नदी के पानी से 5 जिलों को खतरा रसुवा नेपाल का उत्तरी, हिमालयी जिला है और चीन के तिब्बत से लगा है। टिमुरे/रसुवागढ़ी और स्याब्रुबेसी इसी क्षेत्र में हैं। यहां की नदियां ऊंचे हिमालय से निकलकर बहुत तेज ढाल वाले एरिया में नीचे उतरती हैं। इसी क्षेत्र में त्रिशूली नदी का डिस्चार्ज अचानक बढ़ता है तो पानी तेजी से नीचे आता है। भोटेकोशी से कोसी इलाके में खतरा भोटेकोशी नेपाल के उत्तरी हिस्से में चीन-तिब्बत सीमा से निकलने वाली हिमालयी नदी है। यह सिंधुपालचोक क्षेत्र से होकर बहती है। हालांकि, अबकी बार 2008 वाले हालात नहीं सवाल-3: कितना नुकसान हो सकता है, बिहार सरकार क्या कर रही है? जवाबः अभी नुकसान का आकलन करना जल्दीबाजी होगी। गंडक और कोसी बेसिन की नदियों में पानी बढ़ना चालू है। लेकिन गति सामान्य है। CM सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। डिप्टी CM और जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि लोग सतर्क रहें, घबराएं नहीं। अगले 24 घंटे अलर्ट रहने की जरूरत है। समस्या पहले से बड़ी है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। गंडक नदी पर दबाव बढ़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से बाढ़ राहत के लिए अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई है। राहत एवं बचाव के लिए जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। सरकार अलर्ट, बोली-डरे नहीं सवाल-4ः नेपाल की नदियों से बिहार में क्यों आती है बाढ़? जवाबः नेपाल बिहार से करीब 400 फीट ऊंचाई (समुंद्र तल से) पर स्थित है। नेपाल में भारी बारिश होती है तो पानी ऊपर से नीचे की तरफ नेचुरल ग्रेविटी के कारण आता है। नेपाल में कोई बड़ा डैम नहीं है। जिससे पानी को कंट्रोल किया जा सके। नेपाल हिमालय पर बसा है। इसका करीब 75% हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र है। कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, महानंदा और अधवारा नदियों का समूह यहां से निकलता है। नेपाल में बारिश होने पर पानी इन्हीं नदियों के रास्ते गंगा नदी तक पहुंचता है। 129 साल से चल रही हाई डैम बनाने की बात उत्तर बिहार को बाढ़ से मुक्ति दिलाने के लिए 1897 से ही भारत और नेपाल की सरकारों के बीच सप्तकोशी नदी पर बांध की बात चल रही है। इसे लेकर आजादी से पहले और बाद में दोनों देशों की सरकारों के बीच कई बार वार्ताएं हुईं। आखिरकार 1991 में दोनों देशों के बीच इसे लेकर एक समझौता भी हुआ। 2004 में इस प्रस्तावित बांध की संभावनाओं को तलाशने के लिए नेपाल के धरान में एक संयुक्त परियोजना कार्यालय भी बना है। मगर 129 साल से अधिक समय बीतने के बावजूद आज तक नेपाल के बराह क्षेत्र से 1.6 किमी उत्तर की दिशा में प्रस्तावित इस बांध के निर्माण को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। 21 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक की। इसके बाद वित्त मंत्री ने कोसी-मेची परियोजना के पहले चरण की राशि जारी करने और दूसरे चरण की तकनीकी मंजूरी देने का निर्देश जल शक्ति मंत्रालय को दिया है। CM सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए कोसी नदी पर उच्च बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जल्द बनेगी। JDU नेता संजय झा ने बताया, ‘नेपाल में हाई डैम का निर्माण एकमात्र समाधान है, जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) 2028 तक बन जाएगी।’

Welspun Corp में ₹1433 करोड़ की ब्लॉक डील, प्रमोटर ग्रुप और CEO ने बेची 2.4% हिस्सेदारी

पाइप और स्टील मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Welspun Corp में बुधवार यानी 26 अगस्त को बड़ी ब्लॉक डील हुई। NSE पर करीब ₹1,433 करोड़ के शेयरों की खरीद-बिक्री हुई। इस डील में प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Welspun Investments and Commercials और कंपनी के MD और CEO विपुल माथुर ने मिलकर करीब 63 लाख शेयर बेचे।

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, ये शेयर औसतन ₹2,275.30 प्रति शेयर के भाव पर बिके। कुल शेयर कंपनी की करीब 2.4% हिस्सेदारी के बराबर हैं।

Capital Group ने खरीदे ज्यादातर शेयर

इस ब्लॉक डील में Capital Group की तीन कंपनियां बड़ी खरीदार बनकर सामने आईं। तीनों ने मिलकर करीब 42.3 लाख शेयर खरीदे। यह Welspun Corp की करीब 1.64% हिस्सेदारी है।

Euro Pacific Growth Fund सबसे बड़ा खरीदार रहा। उसने करीब 29.5 लाख शेयर खरीदे। यह कंपनी की करीब 1.12% हिस्सेदारी है। इस खरीद के लिए फंड ने करीब ₹670.3 करोड़ खर्च किए।

New World Fund ने करीब 8.4 लाख शेयर खरीदे। यह करीब 0.32% हिस्सेदारी है। इसके लिए करीब ₹191.51 करोड़ खर्च किए गए। Capital Group Europacific Growth Trust ने करीब 4.4 लाख शेयर खरीदे। इसकी हिस्सेदारी करीब 0.2% है और डील की वैल्यू करीब ₹100.9 करोड़ रही।

इन तीनों फंड ने मिलकर करीब ₹963 करोड़ के शेयर खरीदे। बाकी करीब 20.7 लाख शेयर किसने खरीदे, इसकी जानकारी फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों में नहीं है।

कंपनी को नहीं मिलेगा डील का पैसा

यह डील सेकेंडरी शेयर सेल है। यानी इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं कर रही है। शेयर मौजूदा शेयरधारकों ने बेचे हैं। इसलिए डील से मिला पैसा Welspun Corp के खाते में नहीं जाएगा। यह रकम Welspun Investments and Commercials और विपुल माथुर को मिलेगी।

2026 में बढ़ी ब्लॉक डील

Welspun Corp की यह डील इस साल भारतीय बाजार में बढ़ी सेकेंडरी शेयर सेल्स की बड़ी तस्वीर का हिस्सा है। Prime Database के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक प्रमोटर्स, फाउंडर्स और प्राइवेट इक्विटी निवेशकों ने 9,616 ब्लॉक और बल्क डील के जरिए करीब ₹3.63 लाख करोड़ के शेयर बेचे हैं।

इस दौरान घरेलू म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों ने बाजार में आई इस सप्लाई का कुछ हिस्सा खरीदा है। वहीं विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों को लेकर अभी भी सावधानी बरत रहे हैं।

Welspun Corp का शेयर बुधवार को NSE पर 1.49% गिरकर ₹2,310.50 पर बंद हुआ।

पैकेजिंग कंपनी 1:1 बोनस शेयर का देगी, ₹3 डिविडेंड का डिविडेंड; जानिए पूरी डिटेल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आस्था स्पिनटेक्स ने डिविडेंड के लिए 9 सितंबर को तय की रिकॉर्ड डेट, 1:1 बोनस पर 16 सितंबर को फैसला

गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने शेयरधारकों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। कंपनी ने FY26 के डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट तय की है। वहीं 1:1 बोनस शेयर के प्रस्ताव पर 16 सितंबर को होने वाली AGM में शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

कंपनी का बोर्ड पहले ही बोनस, डिविडेंड और कारोबार को यार्न से फैब्रिक तक ले जाने की योजना को मंजूरी दे चुका है। अब AGM में इन प्रस्तावों पर अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होगी।

9 सितंबर रिकॉर्ड डेट

आस्था स्पिनटेक्स ने FY26 के फाइनल डिविडेंड के लिए बुधवार, 9 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख को कंपनी के रिकॉर्ड में जिन निवेशकों के शेयर होंगे, वे डिविडेंड के लिए पात्र होंगे।

कंपनी के बोर्ड ने ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.10 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि, डिविडेंड का भुगतान शेयरधारकों की AGM में मंजूरी मिलने के बाद ही होगा।

1:1 बोनस शेयर पर भी फैसला

कंपनी की 13वीं AGM 16 सितंबर 2026 को होगी। इसमें 1:1 बोनस शेयर के प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी। इसका मतलब है कि आपके पास कंपनी का एक शेयर है, तो बोनस के तौर पर एक और शेयर मिलेगा।

कंपनी ₹10 फेस वैल्यू वाले पूरी तरह पेड-अप बोनस शेयर जारी करेगी। इसके लिए कंपनी अपने फ्री रिजर्व, सिक्योरिटीज प्रीमियम और कैपिटल रिडेम्पशन रिजर्व से ₹44.14 करोड़ तक की राशि का इस्तेमाल करेगी।

शेयर कैपिटल भी बढ़ेगा

बोनस इश्यू के लिए कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसे ₹45 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ किया जाएगा। इससे कंपनी के पास भविष्य में ज्यादा शेयर जारी करने की गुंजाइश बढ़ेगी।

कंपनी का कहना है कि यह कदम उसके कारोबार को आगे बढ़ाने की योजना का हिस्सा है। कंपनी अब सिर्फ कॉटन यार्न तक सीमित नहीं रहना चाहती।

यार्न से फैब्रिक कारोबार में जाएगी कंपनी

आस्था स्पिनटेक्स ने अपनी थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रेटेजी पेश की है। इसमें वित्तीय प्रदर्शन मजबूत करना, शेयरधारकों को रिवॉर्ड देना और यार्न से फैब्रिक तक कारोबार को बढ़ाना शामिल है।

कंपनी अब ग्रे फैब्रिक और दूसरे वैल्यू-एडेड फैब्रिक प्रोडक्ट्स पर भी फोकस करेगी। इसके लिए अपने ब्रांड के तहत फॉरवर्ड इंटीग्रेशन किया जाएगा। आसान भाषा में कहें तो कंपनी यार्न बनाने के बाद उससे जुड़े अगले कारोबार में भी उतरना चाहती है।

Falcon Yarns का ₹51.46 करोड़ का ऑर्डर बुक

कंपनी की हाल में अधिग्रहित Falcon Yarns Private Limited के पास भी मजबूत ऑर्डर बुक है। अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच पूरा किए जाने वाले ऑर्डर्स की कुल वैल्यू करीब ₹51.46 करोड़ है।

इस ऑर्डर बुक में घरेलू बाजार के 10 से ज्यादा ग्राहकों के 38 ऑर्डर शामिल हैं। इनके तहत करीब 17.35 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। इन ग्राहकों में Fair Deal, Elkins Tradlinks, A M Trading और Ventex Textile शामिल हैं।

पैकेजिंग कंपनी 1:1 बोनस शेयर का देगी, ₹3 डिविडेंड का डिविडेंड; जानिए पूरी डिटेल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

एशियन जूनियर क्लासिकल चेस चैंपियनशिप 2026 में भारत की एतिहासिक डबल जीत

भारत ने एशियन जूनियर क्लासिकल चेस चैंपियनशिप 2026 में यादगार ‘डबल’ जीत हासिल की। यहाँ आईटीसी मराठा शेरेटन में मयंक चक्रवर्ती और प्रतीति बोरदोलोई ने क्रमशः ओपन और गर्ल्स कैटेगरी के खिताब जीते।

टॉप सीड मयंक ने अपनी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए नौ राउंड की ओपन चैंपियनशिप में 7.5 पॉइंट के साथ गोल्ड मेडल जीता। रूस के आर्टेम पिंगिन ने 7 पॉइंट के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि भारत के दक्ष गोयल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6.5 पॉइंट के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।

प्रतीति ने नौ राउंड में 7.5 पॉइंट के साथ गर्ल्स चैंपियनशिप जीतकर भारत के लिए ‘गोल्डन डबल’ पूरा किया। कजाकिस्तान की मारिया खोल्यावको 7 पॉइंट के साथ (आधे पॉइंट से पीछे रहकर) सिल्वर मेडल की हकदार बनीं, जबकि भारत की निवेदिता वी सी ने 6.5 पॉइंट के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया।

मेडल के अलावा, यह चैंपियनशिप कई खिलाड़ियों के लिए बहुत फायदेमंद रही, जिन्होंने प्रतिष्ठित फिडे खिताब और नॉर्म्स हासिल किए। ओपन चैंपियन मयंक चक्रवर्ती, जो पहले से ही जीएम-इलेक्ट (ग्रैंडमास्टर बनने की राह पर) हैं, ने खिताब जीतने वाले अपने प्रदर्शन से एक और ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल किया। ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाले दक्ष गोयल ने फिडे मास्टर खिताब और इंटरनेशनल मास्टर नॉर्म हासिल किया।

गर्ल्स चैंपियन प्रतीति बोरदोलोई को दोहरा फायदा हुआ। गोल्ड मेडल के अलावा, उन्होंने वुमन इंटरनेशनल मास्टर खिताब और वुमन ग्रैंडमास्टर नॉर्म भी हासिल किया।

सिल्वर मेडल जीतने वाली कजाकिस्तान की मारिया खोल्यावको ने वुमन इंटरनेशनल मास्टर नॉर्म हासिल किया, जबकि ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली भारत की निवेदिता वी सी ने भी वुमन इंटरनेशनल मास्टर नॉर्म हासिल किया।

ओवरऑल मेडल टैली में भारत का दबदबा दिखा; मेजबान देश ने क्लासिकल चैंपियनशिप में दांव पर लगे छह में से चार मेडल (दो गोल्ड और दो ब्रॉन्ज़) जीते। रूस और कजाकिस्तान ने बाकी मेडल (एक-एक सिल्वर) आपस में बांटे।

एशियन चेस फेडरेशन के सेक्रेटरी हिशाम अल-ताहेर ने एक शानदार क्लोजिंग सेरेमनी में पुरस्कार प्रदान किए, जिसके साथ चैंपियनशिप का शानदार समापन हुआ।एशियन जूनियर चेस चैंपियनशिप 2026 का आयोजन महाराष्ट्र चेस एसोसिएशन ने ऑल इंडिया चेस फेडरेशन और एशियन चेस फेडरेशन की ओर से किया था।

पैकेजिंग कंपनी 1:1 बोनस शेयर का देगी, ₹3 डिविडेंड का डिविडेंड; जानिए पूरी डिटेल

पैकेजिंग कंपनी Mold-Tek Packaging के बोर्ड ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है। यानी आपके पास कंपनी का जितना शेयर है, उतने ही बोनस शेयर और मिलेंगे। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। कंपनी ने बुधवार यानी 26 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है। बोनस शेयर की रिकॉर्ड डेट बाद में घोषित की जाएगी।

1:1 बोनस शेयर का मतलब क्या है?

अगर आपके पास कंपनी के 100 शेयर हैं, तो बोनस इश्यू के बाद आपके पास 200 शेयर हो जाएंगे। कंपनी कुल 3.32 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। हर शेयर की फेस वैल्यू ₹5 होगी। इसके लिए 31 मार्च 2026 तक मौजूद फ्री रिजर्व और रिटेन अर्निंग्स में से ₹16.61 करोड़ का इस्तेमाल किया जाएगा।

बोनस के बाद कंपनी के कुल शेयर करीब 3.32 करोड़ से बढ़कर 6.65 करोड़ हो जाएंगे। वहीं पेड-अप शेयर कैपिटल भी ₹16.61 करोड़ से बढ़कर ₹33.23 करोड़ हो जाएगा। कंपनी को उम्मीद है कि बोर्ड की मंजूरी के बाद दो महीने के भीतर बोनस इश्यू की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

बोनस से पैसा दोगुना नहीं होता

यहां एक बात समझना जरूरी है। 1:1 बोनस का मतलब ये नहीं है कि निवेशक का पैसा सीधे दोगुना हो जाएगा। मान लीजिए आपके पास 100 शेयर हैं और शेयर की कीमत ₹700 है। आपकी कुल निवेश वैल्यू ₹70,000 हुई। बोनस के बाद शेयरों की संख्या 200 हो जाएगी, लेकिन शेयर की कीमत आम तौर पर एडजस्ट होकर करीब आधी हो जाती है।

यानी बोनस के तुरंत बाद आपकी कुल वैल्यू करीब उतनी ही रहती है। असली फायदा आगे हो सकता है। अगर कंपनी का कारोबार और मुनाफा बढ़ता है, तो ज्यादा शेयर होने का फायदा निवेशक को मिल सकता है।

कंपनी के पास ₹655 करोड़ से ज्यादा रिजर्व

31 मार्च 2026 तक Mold-Tek Packaging के पास कैपिटलाइजेशन के लिए ₹655.12 करोड़ के फ्री रिजर्व और शेयर प्रीमियम उपलब्ध थे। यानी बोनस इश्यू के लिए कंपनी के पास पर्याप्त रिजर्व मौजूद है। कंपनी ने अपने अधिकृत शेयर कैपिटल को भी बढ़ाने का फैसला किया है।

अधिकृत शेयर कैपिटल को ₹20 करोड़ से बढ़ाकर ₹40 करोड़ किया जाएगा। इसके लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। इससे कंपनी के पास भविष्य में ज्यादा शेयर जारी करने की गुंजाइश बढ़ जाएगी।

₹3 का फाइनल डिविडेंड भी मिलेगा

बोनस शेयर के साथ कंपनी ने डिविडेंड की भी घोषणा की है। बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹3 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू ₹5 है। यानी यह डिविडेंड फेस वैल्यू का 60% है।

इस डिविडेंड को AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है। यहां एक बात ध्यान रखें। ₹3 का डिविडेंड मौजूदा शेयरों पर है और यह प्रस्तावित बोनस शेयर से अलग है।

Mold-Tek Packaging के शेयर का हाल

Mold-Tek Packaging के शेयर में बुधवार को 0.26% की बढ़त के साथ 708.65 रुपये बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 23.79% का रिटर्न दिया है। हालांकि, 1 साल में यह 10.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 2.36 हजार करोड़ है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

भारत में नेपाल जैसी तबाही को उफन रहीं 88 झीलें:खतरे में 6 प्रदेश, ग्लेशियल लेक अचानक कैसे फट जाती हैं

26 अगस्त की सुबह 9 बजे। तिब्बत से सटे नेपाल के रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में अचानक तेज बाढ़ आ गई। कुछ ही मिनटों में सड़कें, इमारतें, गांव बह गए। सैकड़ों लोग लापता हैं, जिनमें भारत-अमेरिका समेत 26 देशों के नागरिक शामिल हैं। रात 9 बजे तक 95 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, तबाही की वजह ‘ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ यानी GLOF है। करीब एक साल पहले, जुलाई 2025 में भी इसी इलाके में तिब्बत की एक ग्लेशियर झील तापमान बढ़ने से फट गई थी, जिसमें 9 लोगों की जान गई थी। ये एक पैटर्न-सा बनता जा रहा है। GLOF की जद में भारत के भी कई इलाके हैं। 5 गुना बढ़ गईं ग्लेशियर झीलें, खतरे में भारत के 6 प्रदेश IIT रोपड़ और सिडनी की यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने एक साझा स्टडी की। इसी महीने जारी रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में 1990 में सिर्फ 107 ग्लेशियर झीलें थीं। 2024 तक यह संख्या बढ़कर 669 हो गई, यानी 525% की बढ़ोत्तरी। 669 में से 88 झीलों पर नेपाल जैसी ‘ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ का खतरा मंडरा रहा है। 9 झीलों को ‘बेहद ज्यादा खतरनाक’, 18 को ‘ज्यादा खतरनाक’ और 26 को ‘मध्यम खतरनाक’ श्रेणी में रखा गया है। रिसर्चर्स ने दो झीलों पर खास मॉडलिंग की- ब्यास बेसिन की हिमसू झील और सतलुज बेसिन की एक बेनाम झील। अगर ब्यास झील का नेचुरल डैम टूट जाए, तो 1,385 क्यूबिक मीटर प्रति सेकेंड की बाढ़ आएगी। यानी हर सेकेंड करीब 14 लाख लीटर पानी बहेगा। इससे हर सेकेंड ओलंपिक साइज के 6 स्विमिंग पूल भरे जा सकते हैं। इसी तरह सतलुज झील से 3,507 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड पानी का सैलाब आएगा। यानी हर सेकेंड करीब 35 लाख लीटर पानी बहेगा। इससे डैम और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समेत 588 इमारतों को खतरा है। हिमालय का बढ़ता तामपान इस खतरे को और बढ़ा रहा है। जुलाई 2026 में आई IIT खड़गपुर की एक स्टडी बताती है कि ऊंचाई वाले इलाकों का तापमान पिछले 20 सालों में करीब 1 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ चुका है। वैज्ञानिकों की चेतावनी है कि इससे ग्लेशियर पिघलने और नदियों के बहाव में बड़ा बदलाव आ सकता है। ग्लेशियर झीलें अचानक कैसे फट जाती हैं? पहाड़ों पर ऊंचाई पर मौजूद ग्लेशियर जब पिघलते हैं, तो उनका पानी आसपास के निचले इलाके या किसी चट्टानी दीवार के सहारे इकट्ठा होने लगता है। ये धीरे-धीरे एक झील का रूप ले लेता है, जिसे ‘ग्लेशियल लेक’ कहते हैं। ये झील ग्लेशियर के सामने या उसकी निचली सतह पर भी बन सकती है। इन झीलों को बर्फ, पहाड़ का मलबा या चट्टान की एक नैचुरल दीवार यानी ‘डैम’ रोककर रखती है। जब ये दीवार किसी वजह से अचानक टूट जाती है, तो झील में जमा लाखों-करोड़ों क्यूबिक मीटर पानी बहुत तेज रफ्तार से बेकाबू होकर नीचे की तरफ बहता है। इसी को ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड, GLOF या ग्लेशियर की झील फटना कहते हैं। GLOF में पानी के बहाव की रफ्तार आम बारिश से आई बाढ़ के मुकाबले कई गुना ज्यादा होती है, जिससे यह रास्ते में आने वाली हर चीज को बहुत तेजी से काटती-छांटती और बहाती चली जाती है। ग्लेशियर झील 3 वजहों से फट सकती हैं… 1. ग्लोबल वार्मिंग से ग्लेशियर का तेजी से पिघलना 2. बर्फ या चट्टान का झील में गिरना 3. भारी बारिश से झील का ओवरफ्लो होना GLOF की तबाही कैसे रोकी जा सकती है? नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, NDMA और नेशनल GLOF रिस्क मिटिगेशन प्रोग्राम के मुताबिक, क्या नेपाल की बाढ़ से भारत में फौरन कोई खतरा? इसलिए भोटेकोशी में अधिक पानी आने पर उसका पानी सुनकोशी और फिर कोसी नदी तंत्र में शामिल हो सकता है। इससे सुपौल, सहरसा, मधेपुरा और खगड़िया जिले काफी प्रभावित हो सकते हैं। 2008 में नेपाल के कुसहा में कोसी नदी का तटबंध टूट गया था। इसके बाद कोसी नदी अपने नए/प्राकृतिक रास्ते को छोड़कर सैकड़ों साल पुराने पूर्व की ओर वाले रास्ते पर बहने लगी। इससे अचानक नदी का रुख घनी आबादी और नए इलाकों की तरफ मुड़ गया, जिससे बिहार के 34 लाख से अधिक लोग बिना किसी पूर्व चेतावनी के भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए। हालांकि, इस बार रसुवा में लैंडस्लाइड, भूस्खलन या हिम झील टूटने से अचानक नदी में भारी मात्रा में पानी आ गया है। लेकिन नदी ने अपना रास्ता नहीं बदला है। वह अपने तय रास्ते पर बह रही है। इस कारण एक्सपर्ट तटबंध टूटने की संभावना व्यक्त नहीं कर रहे हैं। पानी के भारी दबाव और संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। बिहार के 8 जिलों में हाईअलर्ट जारी किया गया है। ये जिले पश्चिमी चंपारण (बगहा), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर हैं। ———— ये खबरें भी पढ़ें- नेपाल में बाढ़ से तबाही, सैकड़ों लापता, 95 मौतें:पावर प्लांट-पुल बहे; 133 भारतीय लापता, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे नेपाल की बाढ़ से गंडक नदी में अचानक पानी बढ़ा:बैराज के 36 गेट खोले गए, मोतिहारी-गोपालगंज समेत बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट