Nepal Flood : नेपाल बाढ़ की चपेट में कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों का ग्रुप, 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर पर थे, 743 लोग तिब्बत, सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने दिया बड़ा अपडेट

Nepal Flood : नेपाल बाढ़ की चपेट में कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों का ग्रुप, 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर पर थे, 743 लोग तिब्बत, सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने दिया बड़ा अपडेट

nepal flood

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने  भारी तबाही मचाई। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर तिब्बत के ग्यिरोंग में आई भयावह फ्लैश फ्लड को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने अपने ग्रुप को लेकर जानकारी दी। एक्स पर ट्‍वीट कर बताया गया कि उनके कैलाश यात्रा समूहों में से एक समूह बाढ़ की चपेट में आ गया।

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सद्गुरु ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब समूह के सदस्य वापस लौट रहे थे और इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद थे। उनके मुताबिक, बाढ़ के दौरान इमिग्रेशन कार्यालय की इमारत और आसपास का काफी हिस्सा पानी में डूब गया।

उन्होंने कहा कि इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद लोगों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है। उनकी टीम अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित इलाके तक पहुंचने की कोशिश कर रही है और जोखिम के बावजूद राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए तैयार है।

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सद्गुरु ने बताया कि उनके Sojourn में शामिल 21 समूहों में से 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। वहीं, 743 लोग इस समय तिब्बत में, 148 लोग नेपाल में और 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर पर थे। इसके अलावा नेपाल के तिमुरे में उनके 3 स्वयंसेवक मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उनकी टीम अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित स्थान तक पहुंचने तथा बचाव अभियान में सहयोग करने के लिए तैयार है।

भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। प्रभावित लोग +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किया है।

सोने और चांदी पर घट सकती है इंपोर्ट ड्यूटी, सरकार प्रस्ताव पर कर रही विचार

सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी जल्द घट सकती है। सरकार इस बारे में विचार कर रही है। सरकार को ऐसा लग रहा है अनऑफिशियल चैनल से सोने और चांदी के इंपोर्ट की वजह ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी हो सकती है। हालांकि, अभी इस बारे में अंतिम फैसला होना बाकी है। तीन सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है।

इंपोर्ट ड्यूटी घटाने से सोने की स्मगलिंग में आ सकती है कमी

सरकार से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि सरकार में एक वर्ग इस पर विचार कर रहा है कि क्या इंपोर्ट ड्यूटी घटाने से सोने की स्मगलिंग पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और फॉर्मल चैनल से सोने के आयात को बढ़ावा मिलेगा। बुलियन ट्रेडर्स के प्रतिनिधियों और ज्वेलर्स पहले से इंपोर्ट ड्यूटी को 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी करने की मांग कर रहे हैं।

सरकार ने इस साल मई में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया था

सरकार ने 13 मई, 2026 को इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया था। सरकार का मानना था कि ड्यूटी बढ़ाने से सोने और चांदी के इंपोर्ट में कमी आएगी। इससे विदेश मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा। दरअसल, भारत सोने की अपनी जरूरत का ज्यादातर हिस्सा आयात से पूरी करता है। इस पर सरकार को डॉलर खर्च करने पड़ते हैं।

इंडस्ट्री के प्रतिनिधि इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की कर रहे हैं मांग

इस बारे में कमेंट के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी घटाने से कानूनी तरीके से आयातित गोल्ड और स्मगलिंग से लाए गए गोल्ड की कॉस्ट के बीच का फर्क कम हो सकता है। इससे स्मगलिंग में दिलचस्पी कम हो सकती है।

भारत सालाना 700-800 टन सोने का आयात करता है

भारत दुनिया में सोने का सबसे ज्यादा इंपोर्ट करने वाले देशों में शामिल है। हर साल भारत करीब 700-800 टन सोने का इंपोर्ट करता है। भारत यूएई, थाइलैंड और सिंगापुर जैसे देशों को गोल्ड ज्वेलरी का एक्सपोर्ट भी करता है। इस साल इंपोर्ट ड्यूटी से पहले अप्रैल में गोल्ड का आयात साल दर साल आधार पर करीब 82 फीसदी बढ़ा था।

सोने के ज्यादा आयात से विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ता है दबाव

सोने का आयात बढ़ने से देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। साथ ही करेंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) में भी इजाफा होता है। इसका सीधा असर डॉलर के मुकाबले रुपये के एक्सचेंज रेट पर पड़ता है। इस साल मई के मध्य तक डॉलर के मुकाबले रुपया 6 फीसदी कमजोर हो चुका था।

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इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद देश में बढ़ी है सोने की स्मगलिंग 

इस साल मई में सोने का आयात करीब 34 फीसदी बढ़ा। इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के पहले दो महीनों में इंपोर्ट पर देखने को मिला। जून और जुलाई में यह सिर्फ 5.5 फीसदी बढ़कर 6.13 अरब डॉलर रहा। लेकिन, इंडस्ट्री के एक सूत्र ने बताया कि ड्यूटी बढ़ने से सोने की स्मगलिंग काफी बढ़ी है।

Mercedes-Benz reveals long-wheelbase GLE L in China

Mercedes-Benz reveals long-wheelbase GLE L in China
Mercedes-Benz reveals long-wheelbase GLE L in China

Mercedes-Benz has revealed the long-wheelbase version of the GLE SUV, called the GLE L, at the 2026 Chengdu Auto Show in China. Currently built in China, the Mercedes-Benz GLE L has a 120mm longer wheelbase than the standard-wheelbase model and is offered with two turbo-petrol engine options. 

  1. Engine options include 2.0L 4-cyl turbo-petrol and 3.0L 6-cyl turbo-petrol mills
  2. Gets a boss mode feature that tilts the front passenger seat by 10.91 degrees
  3. Also features new rear seat entertainment screens and a China-specific AI assistant

Mercedes-Benz GLE L: All you need to know

Gets a new boss mode and rear entertainment screens 

What’s new is a boss mode feature, which tilts the front passenger seat by 10.91 degrees for enhanced rear-seat comfort. Mercedes states that this feature is derived from the more opulent Maybach GLS. The GLE L also gets new rear seat entertainment screens and an indigenous AI assistant.

Offers two turbo-petrol engines, which are the same as the standard-wheelbase model

Mercedes-Benz will offer the GLE L in two trim levels: 350 L 4Matic and 450 L 4Matic, with the same turbo-petrol engine options as the standard-wheelbase model. The ‘350’ has a 2.0-litre four-cylinder turbo-petrol engine producing 258hp and 400Nm, while the ‘450’ has a 3.0-litre inline-six turbo-petrol engine that produces 381hp and 560Nm. Both the engines are available with a 45V mild-hybrid assist and are mated to a 9-speed automatic transmission that sends power to all four wheels (AWD). 

Notably, the standard-wheelbase GLE is also offered in a ‘580’ version with a 537hp, 4-litre twin-turbo V8, a plug-in-hybrid ‘450e’, and two diesel versions: 350d and 450d. 

Everything else is similar to the standard-wheelbase model

Save for the additional wheelbase and redesigned alloy wheels, there is no difference in how the Mercedes-Benz GLE LWB looks compared to the standard-wheelbase model. It continues with a gloss-black grille with a chrome surround and a plethora of tristar elements, and the same dual-barrel headlights with tristar-shaped LED DRLs. The rear design is also identical, with wraparound taillights sporting triangular LED elements, joined by a black trim and dual exhaust tips.

The interior design of the China-spec GLE L is identical to the standard-wheelbase SUV. It features three 12.3-inch screens on the dashboard, one each for the instrumentation, infotainment and front passenger entertainment, and a 3-spoke steering wheel with touch-enabled buttons and physical rocker and roller toggles.

There is no word from Mercedes-Benz about the long-wheelbase GLE’s India launch. The manufacturer offers the E-Class and the V-Class in their respective long-wheelbase avatars in the country. Moreover, there is a growing interest in long-wheelbase cars in the luxury segment, which could make the GLE L an interesting proposition in India. Interestingly, the GLE’s prime rival, the BMW X5, is slated to launch in India in 2027 in a long-wheelbase avatar. 

नेपाल में कुदरत के कहर के बीच पीएम मोदी ने बालेन शाह से बात कर दिया मदद का भरोसा

नेपाल में कुदरत के कहर के बीच पीएम मोदी ने बालेन शाह से बात कर दिया मदद का भरोसा

Modi Balen Shah Telephonic Conversation

Modi Balen Shah Telephonic Conversation on Flood Tragedy: नेपाल में कुदरत का भयानक कहर जारी है। भीषण बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। संकट की इस कठिन घड़ी में भारत अपने पड़ोसी मित्र देश नेपाल की ओर पूरी मजबूती से मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से टेलीफोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

नेपाल में भीषण बारिश और बाढ़ के कारण मची तबाही के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर एकजुटता व्यक्त की है। पीएम मोदी ने इस प्राकृतिक आपदा में लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया और नेपाल को संकट की इस घड़ी में हरसंभव सहायता प्रदान करने का भरोसा दिया। उल्लेखनीय है कि नेपाल में भीषण बाढ़ के चलते 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि 400 पर्यटक लापता हैं। इनमें 133 भारतीय भी शामिल हैं।


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नेपाल के साथ खड़ा है भारत : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बातचीत में इस बात को रेखांकित किया कि भारत और नेपाल के बीच सिर्फ सीमाएं नहीं, बल्कि गहरी सांस्कृतिक और भाईचारे की भावना जुड़ी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को आश्वस्त किया कि भारत सरकार संकट के इस समय में नेपाल को राहत सामग्री, बचाव कार्य और किसी भी प्रकार की आपातकालीन सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है।


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राहत और बचाव में मदद का आश्वासन

नेपाल के कई हिस्से भारी बारिश और उफनती नदियों के कारण पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत नेपाल की जरूरतों के आधार पर तुरंत मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजने के लिए तत्पर है। गौरतलब है कि जब भी पड़ोसी देशों पर ऐसी प्राकृतिक आपदा आती है, तो भारत 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी प्रथम) की नीति के तहत सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाता है।

Stock Market Holiday: रक्षाबंधन पर खुलेगा या बंद रहेगा शेयर बाजार? ट्रेडर्स के लिए ये है बड़ा अपडेट

Raksha Bandhan Stock Market Holiday 2026: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अगर आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। 28 अगस्त को देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या इस दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कारोबार होगा या छुट्टी रहेगी।

बीएसई और एनएसई के ऑफिशियल ट्रेडिंग हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन शेयर बाजार पूरी तरह खुला रहेगा। इस दिन इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करंसी सेगमेंट में सामान्य दिनों की तरह ही ट्रेडिंग होगी।

MCX और कमोडिटी मार्केट का क्या है शेड्यूल?

इक्विटी मार्केट के साथ-साथ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर भी रक्षाबंधन के दिन काम-काज सामान्य रूप से जारी रहेगा। कमोडिटी एक्सचेंज में सुबह और शाम दोनों सेशंस में रेगुलर ट्रेडिंग होगी। चूंकि यह ट्रेडिंग या रेगुलर सेटलमेंट हॉलिडे नहीं है, इसलिए रोलिंग सेटलमेंट साइकिल पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।

बैंकों की छुट्टी का पड़ सकता है असर

हालांकि शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट खुले रहेंगे, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार 28 अगस्त को कई राज्यों और शहरों (जैसे- लखनऊ, कानपुर, अहमदाबाद, जयपुर आदि) में बैंक बंद रहेंगे।

ऐसे में अगर आप इस दिन ट्रेडिंग के लिए बैंक ट्रांसफर या फंड्स ऐड/विड्रॉ करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने स्थानीय बैंक की वर्किंग स्थिति और डिजिटल बैंकिंग ऑप्शन्स की जांच पहले से कर लें।

2026 में शेयर बाजार की अगली छुट्टियां कब हैं?

रक्षाबंधन के बाद अब शेयर बाजार में अगली आधिकारिक छुट्टी सितंबर महीने में होगी। आने वाले महीनों की प्रमुख हॉलिडे लिस्ट इस प्रकार है:

  • 14 सितंबर: गणेश चतुर्थी
  • 2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती
  • 20 अक्टूबर: दशहरा
  • 10 नवंबर: दिवाली (बलिप्रतिपदा)
  • 24 नवंबर: प्रकाश गुरुपर्व (श्री गुरु नानक देव जयंती)
  • 25 दिसंबर: क्रिसमस

(नोट: दीपावली के दिन 8 नवंबर को शेयर बाजार में एक घंटे के लिए पारंपरिक ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सेशन का आयोजन किया जाएगा।)

रक्षाबंधन के दिन यानी 28 अगस्त को शेयर बाजार में किसी भी तरह की बंदी नहीं है। निवेशक सुबह 9:15 बजे से शाम 3:30 बजे तक अपनी ट्रेडिंग सामान्य रूप से कर सकते हैं। हालांकि, बैंक हॉलिडे की वजह से फंड ट्रांसफर से जुड़े काम पहले से प्लान कर लें।

कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन के बाद श्रीलंका ने खुद को पारी की हार से बचाया

INDvsSL कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन ना बचाने के बाद श्रीलंका ने मैच को अंतिम दिन तक खींच लिया है। श्रीलंका ने आज सुबह 290 रनों पर सिमट जाने के बाद फॉलोऑन बचाने के लिए 14 रन पीछे रह गई। इसके बाद चौथे दिन स्टंप्स तक 6 विकेट खोकर 229 रन बना गई। श्रीलंका कुल 213 रनों से पीछे थी लेकिन उसने सुनिश्चित किया कि घरेलू दर्शकों के सामने पारी की हार ना मिले।

पहली पारी में 290 रन पर सिमटने वाली श्रीलंका के लिए स्टंप तक सोनल दिनुशा सात रन और केशारा नुवांथा तीन रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।भारतीय गेंदबाजों में मानव सुथार ने दो जबकि प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा ने एक एक विकेट झटका।

श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। उदारा एक गैरजिम्मेदार शॉट खेलकर जल्द रवाना हो गए। मिशारा भी 32 रन पर आउट हो गए। इसके बाद पसिंदू और कमिंडू ने श्रीलंकाई पारी को संभाला अंत में फॉर्म में आए कमिंडू की विकेट प्रसिद्ध कृष्णा ने चटकाया और 115 रनों की साझेदारी पर विराम लगाया।

चायकाल तक श्रीलंका 190 रनों पर 3 विकेट खोकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी लेकिन 9 रनों के भीतर 3 विकेटों से भारत को जीत की सुगंध आने लग गई। अपना दूसरा ही टेस्ट खेल रहे पसिंदु सूर्यबंदारा पहली पारी की तरह दूसरी पारी में भी शतक के पास पहुंचकर आउट हो गए। 82 रन बनाने वाले पसिंदू इस बार 92 रनों पर स्टंप्स आउट हुए। 

Which variant of the MG Hector Tomahawk EV should you buy?

Which variant of the MG Hector Tomahawk EV should you buy?
MG Hector Tomahawk EV

The MG Hector Tomahawk EV is a three-row SUV available in Excite, Exclusive and Essence trims. All three use the same battery pack and electric motor, with the main differences being the features and seating layouts on offer. If you’re considering the Hector Tomahawk EV, here’s a detailed look at which variant makes the most sense.

MG Hector Tomahawk EV: Prices, powertrain specs

TrimBaaS price (Rs)Non-BaaS price (Rs)Difference (Rs)
Excite 7 seater13.99 lakh + 4.9 per km*19.5 lakh5.51 lakh
Exclusive 7 seater15.99 lakh + 4.9 per km*22 lakh6.01 lakh
Essence 5 seater16.99 lakh + 4.9 per km*23 lakh6.01 lakh
Essence 7 seater17.49 lakh + 4.9 per km*23.5 lakh6.01 lakh

*Battery rental fee.

The MG Hector Tomahawk EV, like all MG EVs sold in India (excluding the M9 and the Cyberster), is available with a Battery-as-a-Service (BaaS) scheme that lowers the upfront cost. Notably, buyers opting for BaaS have to pay a battery rental fee of Rs 4.9 per kilometre. For the Hector Tomahawk EV, the scheme reduces the upfront price by up to Rs 6.01 lakh.

All trims feature a 69.2kWh battery pack, which powers a 204hp, 310Nm electric motor mounted on the front axle. The sprint from 0-100kph takes 8.2 seconds. On the Modified Indian Driving Cycle (MIDC), the SUV can go up to 517km on a single charge. As per MG, it takes about 35 minutes to charge the battery from 30 percent to 80 percent with a 90kW DC fast charger. With a 7.4kW AC unit, the carmaker claims a charging time of about 12.5 hours for a 10 percent to 100 percent top-up.

MG Hector Tomahawk EV: Features

Excite

Rs 19.5 lakh

  • Six airbags
  • Electronic stability program (ESP)
  • Traction control system (TCS)
  • Hill hold control
  • ABS and EBD
  • All four disc brakes
  • Electronic parking brake with auto hold
  • TPMS
  • Front and rear defogger
  • Rear wiper and washer
  • Three-point seatbelts for all seats
  • Reverse parking camera
  • 8.8-inch driver’s display
  • 12.8-inch touchscreen
  • Wireless Android Auto, Apple CarPlay
  • AI voice assistant
  • OTA updates
  • Six speakers
  • Steering-mounted controls
  • Leatherette seat upholstery
  • Pro Pet mode
  • Eco, Normal, Sports, Custom drive modes
  • Powered adjustment for front seats
  • Push button start/stop system
  • Powered ORVMs with auto fold and integrated turn indicators 
  • Tilt and telescopic adjustment for steering wheel
  • Cruise control
  • Slide function for second-row seats (7-seater version)
  • Second and third row AC vents
  • 60:40 split seats in the second row with recline function
  • 50:50 split seats in the third row (7-seater version)
  • Front armrest with storage for the driver
  • Type-A and fast charging Type-C ports at the front
  • Fast charging Type-C, Type-A ports in the second row
  • Height-adjustable headrests 
  • LED projector headlights, LED tail lamps
  • LED daytime running lights (DRLs)
  • Illuminated MG logo at the front
  • 18-inch alloy wheels
  • Roof rails

Exclusive

Rs 22 lakh

In addition to Excite

  • 360-degree camera with Transparent Chassis view
  • Rain-sensing wipers
  • Ambient lighting (blue colour only)
  • Panoramic sunroof
  • Ventilated seats at the front
  • 50W wireless charger with cooling
  • Chrome-finish on select exterior trims
  • Automatic headlights
  • Powered tailgate

Essence

Rs 23 lakh-23.5 lakh

In addition to Exclusive

  • Level 2 ADAS
  • Adaptive cruise control
  • Front parking sensors
  • Auto-dimming IRVM
  • Memory function for the driver’s seat
  • Rear window sunshade
  • 15.6-inch touchscreen
  • 10-speaker Infinity sound system
  • Multi-colour ambient lights (256 colours)
  • Rear parcel tray (5-seater version only)
  • Vehicle to load (V2L), vehicle to vehicle (V2V) charging support
  • Vehicle to home (V2H) charging support
  • Red-coloured brake callipers

Which variant of the MG Hector Tomahawk EV should you buy?

The mid-spec Exclusive trim, priced at Rs 22 lakh, ex-showroom, is the one we recommend for the MG Hector Tomahawk EV. Compared to the base Excite, it adds front ventilated seats, a 50W wireless charger with cooling and a powered tailgate, features that should appeal to buyers of such an EV. With the BaaS option, the upfront cost can be reduced by Rs 6.1 lakh (as on August 26, 2026), making for a significant initial saving. Buyers who want the five-seat version will have to choose the top-spec Essence trim, as it is the only one available with this seating configuration. 

What’s good is that there is no difference in performance or range across the lineup. All trims use the same 69.2kWh battery pack and 204hp electric motor, while the MIDC-rated range remains identical at 517km.

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन पर्व कब है और इसका शुभ मुहूर्त कब है? महंत रोहित शास्त्री से जानें किस समय राखी बांधने से बचें

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी सुरक्षा के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं। भाई अपनी बहनों का ध्यान रखने और उनकी सुरक्षा करने का वचन देते हैं। हिंदू धर्म में इस पर्व को काफी उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। रक्षा बंधन का पर्व हर साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं स्टेट अवॉर्डी महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि रक्षाबंधन का पावन पर्व इस वर्ष 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

कब से लग रही सावन पूर्णिमा तिथि

महंत रोहित शास्त्री के अनुसार, श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त, गुरुवार को सुबह 09:09 बजे प्रारंभ होकर 28 अगस्त, शुक्रवार को सुबह 09:49 बजे समाप्त होगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय-व्यापिनी पूर्णिमा है, इसलिए रक्षाबंधन का पर्व इसी दिन मनाया जाएगा।

राहुकाल में नहीं बाधें रखी

महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि राहुकाल सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। अतः इस इस बहनों का भाई का राखी बांधना अशुभ होगा। इस अवधि को छोड़कर पूरे दिन राखी बांध सकते हैं।

रक्षा बंधन में नहीं होगा चंद्रग्रहण का भेद

महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि इस दिन चंद्रग्रहण अवश्य है, लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में रहने वाले लोगों के लिए इससे संबंधित किसी प्रकार की विशेष धार्मिक या सामाजिक नियम करने की आवश्यकता नहीं है। मंदिरों के कपाट बंद करने अथवा पूजा-पाठ रोकने जैसी कोई आवश्यकता नहीं होगी। जब ग्रहण भारत में दिखाई ही नहीं देगा, तो सूतक आदि को लेकर अनावश्यक भय या तनाव पालना उचित नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि गर्भवती महिलाओं को घबराने अथवा किसी प्रकार के नियमों का पालन करने की जरूरत नहीं है। गर्भवती महिलाएं अपनी सामान्य दिनचर्या जारी रखें और बेवजह की पाबंदियों से स्वयं को परेशान न करें।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन आस्था के साथ विवेक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी आवश्यक है। किसी भी प्राकृतिक खगोलीय घटना को लेकर डर, भ्रम या अफवाह फैलाने के बजाय सही जानकारी को समझना और दूसरों तक पहुंचाना बेहतर है। अतः इस दिन लोग सामान्य रूप से अपना कार्य करें। गर्भवती महिलाएं निश्चिंत रहें, मंदिरों के कपाट सामान्य रूप से खुले रहें और चंद्रग्रहण को लेकर किसी प्रकार का अनावश्यक भय या भ्रम न रखा जाए।

पूरे दिन मना सकते हैं रक्षा बंधन का पर्व

महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि 28 अगस्त को सूर्योदय व्यापिनी तिथि पूरे दिन है, इसलिए रक्षा बंधन का पर्व पूरे दिन मनाया जा सकेगा। पूर्णिमा तिथि के सुबह 9.49 बजे तक ही रहने का कोई प्रभाव नहीं होगा।

पूर्णिमा व्रत को लेकर भी दूर किया भ्रम

श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं स्टेट अवॉर्डी महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने सावन पूर्णिमा के व्रत को लेकर भी भ्रम दूर किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग पूर्णिमा तिथि पर रात के समय पूजा करते हैं वे 27 अगस्त को व्रत करेंगे, जबकि दिन में पूर्णिमा व्रत की पूजा करने वाले श्रद्धालु 28 अगस्त 2026 को उपवास करेंगे।

राखी बांधने की पारंपरिक विधि

  • बहन सर्वप्रथम भाई को तिलक लगाए, आरती करें और अक्षत अर्पित करें।
  • इसके बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधे और उसका पूजन करे।
  • भाई को मिठाई खिलाएं।
  • इसके पश्चात भाई बहन के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।
  • भाई अपनी बहन को उपहार भेंट करें।
  • यह संपूर्ण प्रक्रिया व्रत अथवा उपवास रखकर संपन्न करना श्रेष्ठ माना गया है।

अगर पास में न हो भाई, तो क्या करें?

यदि भाई-बहन एक स्थान पर उपस्थित न हो सकें, तो बहन भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को राखी बांधकर पूजा करें और भाई की मंगलकामना करें। भाई भी राखी को भगवान से स्पर्श कर रक्षा का संकल्प ले सकता है। श्रद्धापूर्वक किया गया यह प्रतीकात्मक राखी बंधन भी धार्मिक दृष्टि से फलदायी माना जाता है।

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HDFC Bank में CEO पद को लेकर हलचल बढ़ी, RBI गवर्नर से मिले चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank CEO Appointment: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। अब इसमें दो महीने से थोड़ा ज्यादा समय बचा है। इसी बीच बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने पिछले हफ्ते RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की है।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सबसे अहम बात जगदीशन के अगले कार्यकाल को लेकर हुई। RBI यह समझना चाहता है कि बैंक बोर्ड जगदीशन को दोबारा एमडी और सीईओ बनाने के पक्ष में है या नहीं।

बोर्ड में जगदीशन के नाम पर कितनी सहमति?

RBI यह भी जानना चाहता था कि राजीव कुमार के चेयरमैन बनने के बाद बोर्ड में किसी दूसरे नाम पर भी चर्चा हुई है या नहीं। एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि अभी तक HDFC Bank बोर्ड ने एमडी और सीईओ की नियुक्ति को लेकर RBI को कोई सिफारिश नहीं भेजी है।

RBI अब जल्द फैसला चाहता है

राजीव कुमार 30 जून 2026 को HDFC Bank के बोर्ड में शामिल हुए थे। इसके बाद से RBI अधिकारियों के साथ उनकी यह चौथी औपचारिक बातचीत बताई जा रही है।

शुरुआत में RBI ने बोर्ड को कुछ समय दिया। इसकी वजह यह थी कि राजीव कुमार ने 15 जुलाई को औपचारिक रूप से चेयरमैन का पद संभाला था। अब उन्हें पद संभाले करीब एक महीना हो चुका है। ऐसे में RBI चाहता है कि बैंक के नेतृत्व को लेकर तस्वीर जल्द साफ हो।

आमतौर पर छह महीने पहले शुरू हो जाती है प्रक्रिया

बैंकों में आम तौर पर एमडी और सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से करीब छह महीने पहले दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बोर्ड अपनी सिफारिश RBI को भेजता है।

अगर नया सीईओ चुनना हो, तो पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम आम तौर पर कार्यकाल खत्म होने से कम से कम चार महीने पहले RBI को भेजे जाते हैं।

HDFC Bank का मामला इसलिए अलग दिख रहा है। जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने में अब करीब दो महीने बचे हैं। लेकिन बोर्ड ने अभी तक RBI को कोई नाम नहीं भेजा है।

जगदीशन के सामने क्या संभावनाएं?

पहले की रिपोर्टों के मुताबिक, इस पद को लेकर चार संभावनाएं हैं। जगदीशन को फिर से तीन साल का कार्यकाल मिल सकता है। उन्हें इससे छोटा कार्यकाल भी दिया जा सकता है। बैंक बोर्ड किसी दूसरे आंतरिक उम्मीदवार का नाम भी भेज सकता है।

इसके अलावा किसी बाहरी उम्मीदवार के नाम पर भी विचार हो सकता है। यानी फिलहाल यह तय नहीं है कि अक्टूबर के बाद HDFC Bank की कमान किसके हाथ में होगी।

AT-1 बॉन्ड मामले पर भी बात

RBI गवर्नर और राजीव कुमार की बातचीत सिर्फ सीईओ की नियुक्ति तक सीमित नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, AT-1 बॉन्ड की मिस-सेलिंग से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई।

कुछ नाराज बॉन्डधारक इस मामले को लेकर बहरीन में कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। RBI इस मामले को लेकर भी बैंक की स्थिति समझना चाहता है।

कुछ महीनों में बदला बैंक का नेतृत्व

HDFC Bank में पिछले कुछ महीनों में नेतृत्व स्तर पर काफी बदलाव हुए हैं। पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक बोर्ड छोड़ दिया था।

इसके बाद नॉन-एग्जीक्यूटिव बोर्ड सदस्य केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया। करीब तीन महीने की तलाश के बाद राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन चुना गया। उन्हें पहले अतिरिक्त निदेशक बनाया गया था। RBI की मंजूरी के बाद 15 जुलाई को उन्होंने चेयरमैन का पद संभाला।

HDFC Bank का शेयर बुधवार को 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 727.35 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 1 साल में यह 25.28% टूट चुका है।

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चक दे गर्ल्स ने उठाई महिला हॉकी लीग को बचाने के लिए आवाज

हॉकी विश्वकप में अपना सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के करीब खड़ी भारतीय महिला हॉकी टीम ने गुहार लगाई है कि महिला हॉकी लीग को बंद ना किया जाए और उसे चलते रहने दिया जाए। गौरतलब है कि ऐसी खबरें आ रही थी कि यह लीग व्यवसायिक कारणों के चलते बंद की जा सकती है।

गौरतलब है कि भारतीय महिला हॉकी टीम 1974 के बाद विश्वकप के दूसरे दौर में प्रवेश कर चुकी है। हालांकि खिताब जीतने की आशा धूमिल हो चुकी हैं लेकिन टीम ने बड़ी टीमों को बराबरी पर रोका है। पहले मैच में चीन के खिलाफ 2-2 की बराबरी और फिर ऑस्ट्रेलिया से 0-0 की बराबरी। टीम नीदरलैंड्स से भी सिर्फ 2 गोल से हारी।

वहीं टीम ने पहली बार दक्षिण अफ्रीका को ना केवल हराया बल्कि विश्वकप की सबसे बड़ी जीत अर्जित की। यह सब भारत ने तब किया जब दल में 11 युवा खिलाड़ी थे और अपना पहला विश्वकप खेल रहे थे।

मिडफील्डर नेहा ने कहा  “मुझे लगता है कि हमने भारत में लड़कियों को हॉकी स्टिक पकड़ने के लिए प्रेरित करने की पूरी कोशिश की है। लोग अपने बच्चों को अलग-अलग खेल खेलना पसंद करते हैं, लेकिन इससे उन्हें उम्मीद मिलनी चाहिए।”

“पिछले दो सालों में, महिलाओं के लिए HIL से हमें बहुत फायदा हुआ है। जूनियर और सीनियर नेशनल्स में इस लेवल का कॉम्पिटिशन नहीं होता है। महिलाओं के HIL ने हमें बलजीत, साक्षी और रुतुजा जैसे खिलाड़ी दिए हैं, जो इस वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं। आने वाले खिलाड़ियों के लिए भी, हमें इस लीग की ज़रूरत है। इसे बंद नहीं किया जाना चाहिए।”

नवनीत कौर ने कहा “हम पिछले दो साल से HIL खेल रहे हैं और उससे हमें कॉन्फिडेंस मिला है। हमने इंटरनेशनल हॉकी के कुछ सबसे बड़े नामों के साथ खेला है और उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने के बाद, डर और झिझक खत्म हो गई। इससे हमें सेल्फ-बिलीफ मिला। हम अक्सर बात करते हैं कि वे हमारी तरह हैं और हम उन्हें हरा सकते हैं क्योंकि हम उनके साथ खेले हैं।” नवनीत ने टीमों और कॉर्पोरेट हाउस से भी लीग को सपोर्ट करने की अपील की, ऐसे समय में जब इसका भविष्य खतरे में है। हमने सुना है कि कुछ टीमें विमेंस HIL से हट रही हैं, लेकिन ऐसे समय में जब हमारा परफॉर्मेंस ग्राफ ऊपर जा रहा है, हम उनसे रिक्वेस्ट करना चाहते हैं कि वे हमें सपोर्ट करें। यह विमेंस हॉकी और आने वाले प्लेयर्स के लिए एक बड़ा झटका होगा।”