Sensex और Nifty, लगातार दूसरे दिन इंट्रा-डे के निचले स्तर पर बंद, ₹3.69 लाख करोड़ स्वाहा

Sensex-Nifty closes red: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर संकेतों के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में शुरुआती कारोबार की अधिकतर रौनक गायब हो गई। लगातार दूसरे कारोबारी दिन आज सेंसेक्स और निफ्टी इंट्रा-डे के निचले स्तर पर बंद हुए हैं। सेंसेक्स डे-हाई से आज 761 प्वाइंट्स नीचे आ गया तो निफ्टी भी फिसलकर 20100 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव दिखा और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 लाल बंद हुए।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज सरकारी बैंकों और मेटल कंपनियों ने तोड़ दिया, जिनके निफ्टी इंडेक्स करीब 1-1% टूट गए। निफ्टी ऑटो और निफ्टी आईटी में भी आधे फीसदी से थोड़ी कम गिरावट रही। निफ्टी फार्मा ने मार्केट को संभालने की काफी कोशिश की और इसका निफ्टी इंडेक्स आधे फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ है। बिकवाली के इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 27 अगस्त को सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 539.35 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 76,933.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.90 प्वाइंट्स यानी 0.48% की फिसलन के साथ 24,090.85 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 330.75 प्वाइंट्स चढ़कर 77,986.84 तक पहुंचा था जिससे यह फिर 761.38 प्वाइंट्स गिरकर 76,933.59 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी 44.05 प्वाइंट्स उछलकर 24,378.60 तक पहुंचा था जिससे यह 106.60 प्वाइंट्स टूटकर 24,090.85 तक आ गया और इन्हीं पर बंद हुआ।

निवेशकों के ₹3.69 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 26 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,95,23,276.02 करोड़ था। आज यानी 27 अगस्त 2026 को यह घटकर ₹4,91,54,107.21 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,69,168.81 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 6 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ 6 ही आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज कोटक बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और टेक महिंद्रा सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ इंफोसिस, एयरटेल और एलएंडटी में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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157 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4526 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1824 शेयर आज मजबूत हुए तो 2491 में गिरावट रही जबकि 211 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 157 शेयर एक साल के हाई और 80 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 44 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इन चार वजहों से आज मार्केट में कोहराम

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Govt cracks down on E20 contamination: Petrol sales stopped at 2,573 pumps

Govt cracks down on E20 contamination: Petrol sales stopped at 2,573 pumps
E20 contamination crack down

The Ministry of Petroleum and Natural Gas has launched a massive quality-control campaign across India’s retail fuel network and, as of August 25, 2026, stopped petrol sales at 2,573 non-compliant outlets, according to highly placed ministry sources. Indian Oil Corporation (IOCL) leads with 1,257 halted pumps, followed by Hindustan Petroleum (HPCL) at 915 and Bharat Petroleum (BPCL) at 401.

The trigger was a letter from the Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) to the ministry on July 28, leaked soon after, flagging alarmingly high levels of chloride contamination in E20 fuel samples tested across the country. SIAM withdrew the letter within days, saying the figures “needed further verification”, but the damage was done. A subsequent Reuters investigation into carmakers’ internal testing data kept the contamination question firmly in the public eye and has forced the government to react.

To restore consumer confidence and tackle contaminants and water in the supply chain, the government has mandated water-ingress testing of underground tanks 8 to 12 times a day, a rigorous regime already underway at 88,995 dealerships. A sweeping audit prioritising older retail outlets has covered 84,687 fuel stations; field teams are checking tank integrity during rainfall, and automation systems with monitoring probes are active at 85,649 outlets, with malfunctioning units being repaired on priority.

Oil-marketing companies (OMCs) have conducted 7,296 sulphur tests and 1,079 chloride tests on ethanol-carrying tankers, along with 151 chloride tests on their own storage tanks. 

The intensity of the crackdown reflects a government under pressure to protect the integrity of its green-energy transition. The rollout of E20 (petrol blended with 20 percent ethanol) was accelerated ahead of its original schedule. Since April 1, E20 has been the only petrol available at Indian pumps, leaving motorists with no option of buying the earlier E10 blend.

Automakers’ extensive fuel-testing drive

The move to ensure that the prescribed standards are met at the forecourts is a direct response to growing opposition from motorists and anxiety among the country’s leading vehicle manufacturers.

For motorists, the transition to E20 has brought tangible financial losses arising from lower fuel efficiency and potential mechanical risks. In a widely publicised dispute, a consumer court in Raipur recently directed Maruti Suzuki to replace a Grand Vitara over an E20-related engine complaint, underlining the legal and warranty vulnerabilities facing carmakers. Concerns over mileage loss, accelerated component wear and the compatibility of pre-2023 vehicles have simmered for months.

Behind closed doors, the anxiety ran deeper. While brands like Toyota, Maruti Suzuki and Hero MotoCorp publicly backed the government’s green mandate, a Reuters review of leaked internal communications revealed that Maruti Suzuki, Tata Motors and Mahindra & Mahindra had privately flagged severe contamination in E20 petrol. Over the course of a year, the three carmakers quietly conducted the most extensive fuel-testing drive since the national rollout, collecting and analysing over 250 samples from petrol pumps across 21 states and Union territories.

Leaked report rings alarm bells 

The industry findings, compiled by SIAM and reviewed by Reuters, painted a starkly different picture from official compliance narratives. Against the government’s permissible chloride limit of 3 parts per million (ppm) or 3mg/kg, automaker testing found alarming levels across 18 states: Rajasthan recorded 6 to 570ppm — 190 times the limit; Delhi-NCR ranged from 1.4 to 420ppm and Madhya Pradesh from 4.1 to 550ppm. Karnataka and Kerala, by contrast, stayed well within the safe zone at 1 to 2.2ppm.

Water content spiked to 13,000ppm in Andhra Pradesh and 12,500ppm in Uttar Pradesh, which is more than four times the official permissible limit of 3,000ppm.

In modern engines, these deviations can be damaging. Organic chloride is highly corrosive, and modern precision fuel injectors are engineered to tolerate just 1-3ppm to align with international standards. In a leaked July email, a senior Mahindra executive warned that organic chloride was the root cause of rapid vehicle failures, capable of destroying fuel systems and engines in as little as 200km. Mahindra has since described interpretations drawn from the email as baseless, calling the industry data limited and preliminary. 

Skoda Auto India brand director Ashish Gupta, in a recent interaction with Autocar Professional, acknowledged a genuine issue with EPC (Electronic Power Control) and fuel pump failures in certain parts of the country, particularly in Punjab. He added that while fuel-sample testing has not shown a definitive chemical difference, engineers suspect high chloride or high sulphur levels, which can clog the fuel-pump filters.

The regulatory gap

To be fair, BIS standards currently lack a formally mandated statutory threshold for inorganic chlorides in finished ethanol-blended petrol (like E20). However, the petroleum ministry and OMCs enforce internal procurement guidelines, capping the limit at 3ppm for ethanol manufacturers. Setting BIS standards that make chloride limits mandatory is urgently needed, as the main culprit for vehicle damage is not E20 petrol but the chloride levels in it.

With inputs from Shahkar Abidi 

श्रीलंका का अंगद, भारतीय टीम के सामने जमाया 2 टेस्ट में तीसरा शतक

Sonal Dinusha

INDvsSL 2 टेस्ट की 3 पारियों में 3 शतक लगाने वाले सोनल दिनूशा ने भारतीय गेंदबाजों के सामने अंगद का पैर जमा लिया और 2 टेस्ट में तीन शतक लगा डाले। कोलंबो टेस्ट में भारतीय गेंदबाजो के सामने दोनों पारियों में उन्होंने शतक जमाया पहली पारी में उन्होंने 102 रन बनाए। आज 7 रनों के सांयकाल निजी स्कोर पर खेलने उतरे सोनल दिनूशा ने पहले सत्र में अर्धशतक और तीसरे सत्र में शतक जमा लिया।

ऐसा प्रदर्शन करके सोनल दिनूशा ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। किसी भी दो टेस्ट में तीन शतक जमाने वाले वह दूसरे बल्लेबाज बने। ऐसा पहले भारत के खिलाफ 1997 में अरविंद डिसिल्वा ने किया था।साल 2022 के बाद यह पहली बार है जब भारत के खिलाफ किसी बल्लेबाज ने दोनों पारियों में शतक लगाया हो।

सोनल दिनूशा ने 2 टेस्ट की सीरीज में न्यूनतम स्कोर 84 रनों का रहा है। यह ही वह पारी थी जब वह शतक नहीं लगा सके। सोनल दिनूशा ने गॉल टेस्ट की पहली पारी में भी शतक लगाकर भारतीय टीम को फॉलोऑन नहीं देने दिया था हालांकि कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में उनका यह प्रयास विफल गया।सोनल दिनूशा पहली बार भारत के सामने खेल रहे हैं और वह 3 टेस्ट शतक लगा चुके हैं। ट्रेविस हेड को इतने शतक लगाने के लिए भारत के खिलाफ 4 सीरीज खेलनी पड़ी थी।

सोनल दिनूशा ने कोलंबो टेस्ट मैच के चौथे दिन भी अपना शतक पूरा किया और पांचवे दिन भी यह बताता है कि उनकी फिटनेस किस स्तर की है। अपने इस प्रदर्शन  के कारण वह इस भारत बनाम श्रीलंका सीरीज के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बन कर उभरे हैं। दो पारियों में दो शतक लगाने के कारण वह मैन ऑफ द मैच के हकदार बन गए हैं।

Hyundai to debut new compact electric SUV by Q4 FY27

Hyundai to debut new compact electric SUV by Q4 FY27
Hyundai to debut new compact electric SUV by Q4 FY27

Hyundai has announced a new compact electric SUV for India at its 2026 CEO Investor Day. The new EV will be designed and manufactured in India and is slated to debut in the country by the last quarter of FY 2027 (by March 2027). Jose Munoz, President and CEO of Hyundai Motor Company, said, “A brand-new compact SUV is coming, designed and localised in India.” 

  1. A ‘next-gen infotainment’ and Level-2 ADAS are confirmed features
  2. Will be built on the E-GMP (K) platform and manufactured in Tamil Nadu
  3. Will compete with the Tata Nexon EV and Mahindra XUV 3XO EV

Upcoming Hyundai compact EV: All we know so far

It will be built on the E-GMP (K) platform and will be a rival to the Nexon EV

The upcoming EV, codenamed HE1i, was first announced at Hyundai’s Investor Day 2025. Later, we got to know it will be a born-electric vehicle built on the E-GMP (K) platform, which also underpins the Inster EV offered abroad. It will be manufactured at Hyundai’s Sriperumbudur facility in Tamil Nadu.

The HE1i EV will use localised Exide-sourced batteries and will be offered in two versions: standard range and long range, the exact specifications of which are unknown. For context, the Euro-spec Inster is offered with a 42kWh battery with 300km WLTP-claimed range and a long-range 49kWh battery with 355km claimed range.

Image source: @joonsun_erin on Instagram

The new compact EV is confirmed to have a “next-generation infotainment system”, which could be the Pleos Connect infotainment system also expected on the upcoming third-generation Creta, and “Level 2 assisted driving technology”. 

The upcoming Hyundai compact EV will be positioned as a rival to the Tata Nexon EV, Mahindra XUV 3XO EV and Kia Syros EV. Being a localised offering, it could have a lower price tag than the Syros EV, which is currently the most expensive option in the segment. 

Hyundai confirms next-gen Creta and i10 for India

Hyundai expects electrified vehicles to account for 50 percent of India sales by 2030. Currently, it sells two EVs in the country: the Creta Electric and Ioniq 5, and the upcoming compact eSUV will give the carmaker a share in the more accessible segment of India’s EV market.

Alpha OTT release: सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर दस्तक देने जा रही ‘ऐल्फा’, जानें कब और कहां देख सकेंगे फिल्म

Alpha OTT release: आलिया भट्ट और शरवरी की फिल्म ‘ऐल्फा’ आखिरकार OTT पर आ रही है, जिससे फ़ैन्स को घर बैठे इस एक्शन-पैक्ड स्पाई थ्रिलर को देखने का एक और मौका मिलेगा। YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला-प्रधान फ़िल्म, ‘ऐल्फा’ सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के बाद नेटफ़्लिक्स पर प्रीमियर होगी। शिव रवैल के निर्देशन में बनी ‘ऐल्फा’ 3 जुलाई, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इसमें आलिया और शरवरी ने दो ऐसी जासूसों की भूमिका निभाई थी जो एक बड़े और अहम मिशन में फंसी हुई थीं। यह मिशन बड़ी स्पाई फ़्रैंचाइज़ी से जुड़ा हुआ था। हालांकि, बॉक्स ऑफ़िस पर फ़िल्म का प्रदर्शन औसत रहा और कहानी को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।

कहां और कब देखें

नेटफ्लिक्स ने 27 अगस्त को कन्फर्म किया कि यह एक्शन फ़िल्म 28 अगस्त से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी। प्लेटफ़ॉर्म पर लिखे कैप्शन में कहा गया, “ऐल्फा गैंग में शामिल होने के लिए तैयार हो जाइए। 28 अगस्त को रिलीज़ हो रही ‘ऐल्फा’ को नेटफ्लिक्स पर देखें!”

कहानी क्या है?

शिव रवैल की डायरेक्ट की हुई फ़िल्म ‘ऐल्फा’ में आलिया भट्ट और शरवरी, YRF स्पाई यूनिवर्स के केंद्र में हैं। आलिया ने सीता का रोल किया है, जो एक काबिल R&AW एजेंट है और जिसे ‘ऐल्फा’ सोल्जर बनने की ट्रेनिंग दी गई है। वहीं, शरवरी ने दुर्गा कौल का रोल किया है, जो सीता की जुड़वां बहन है, लेकिन उससे अलग हो गई है।

बॉबी देओल फ़िल्म के विलेन, कर्नल फतेह सिंह लखावत का रोल निभा रहे हैं। ‘ऐल्फा’ नाम के एक ताकतवर सीरम पर उनके एक्सपेरिमेंट से ही कहानी शुरू होती है। सीता को किडनैप कर लिया जाता है और उनकी देखरेख में बड़ी होती है, और आखिर में एक सुपर-सोल्जर बन जाती है।

फ़िल्म की कहानी का ऑफिशियल सारांश कुछ इस तरह है: “बदले की आग में जल रही एक लड़की अपने रास्ते में आने वाले हर किसी को खत्म कर देती है, जब तक कि उसकी यात्रा उसे अपनी ज़िंदगी के छिपे हुए सच का पता नहीं लगा देती। वह निडर और बेबाक है, और किसी भी हद तक जा सकती है, रास्ते में आने वाले किसी भी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा सकती है।”इस फ़िल्म में अनिल कपूर भी हैं और इसमें ‘वॉर’ फ़्रैंचाइज़ी के ऋतिक रोशन के किरदार ‘कबीर’ की एक छोटी सी भूमिका (कैमियो) भी है।

बॉक्स ऑफ़िस पर प्रदर्शन

YRF स्पाई यूनिवर्स की एक बड़ी फ़िल्म होने के बावजूद, ‘ऐल्फा’ का बॉक्स ऑफ़िस पर प्रदर्शन औसत रहा। लगभग ₹100 करोड़ के बजट में बनी इस फ़िल्म ने भारत में करीब ₹58.86 करोड़ की नेट कमाई की।

फ़िल्म ने विदेशी बाज़ारों से लगभग ₹29.05 करोड़ कमाए, जिससे इसकी कुल वर्ल्डवाइड कमाई ₹99.10 करोड़ हो गई। यह 2026 की आठवीं सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फ़िल्म के तौर पर सिनेमाघरों से उतरी और YRF स्पाई यूनिवर्स की सबसे कम कमाई करने वाली फ़िल्म बनी हुई है।

YRF स्पाई यूनिवर्स से कनेक्शन

‘ऐल्फा’, YRF स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फ़िल्म है। इस यूनिवर्स की शुरुआत 2012 में सलमान खान की फ़िल्म ‘एक था टाइगर’ से हुई थी। इसके बाद इस फ़्रैंचाइज़ी में ‘टाइगर ज़िंदा है’ (2017), ‘वॉर’ (2019), ‘पठान’ (2023), ‘टाइगर 3’ (2023) और ‘वॉर 2’ (2025) जैसी फ़िल्में आईं।

IPO Allotment Alert: 105x सब्सक्रिप्शन वाले आईपीओ का आज होगा अलॉटमेंट, 40% है GMP! ऐसे चेक करें स्टेटस

Augmont Enterprises IPO Allotment: बुलियन और गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ऑपरेट करने वाली कंपनी ऑगमोंट एंटरप्राइज के ₹825 करोड़ के आईपीओ का आज, 27 अगस्त को अलॉटमेंट होना है। इस इश्यू को निवेशकों से बंपर रिस्पांस मिला था और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक यह आईपीओ कुल 105.78 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

कैसा रहा सब्सक्रिप्शन?

कंपनी के ऑफर पर मौजूद 77.15 लाख (77,15,999) शेयरों के मुकाबले कुल 81.61 करोड़ (81,61,83,836) शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई थीं:

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): इस कैटेगरी में सबसे तगड़ा रिस्पॉन्स देखने को मिला और यह हिस्सा 226.96 गुना भरा।

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): एनआईआई कैटेगरी में आईपीओ 121.47 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशक: रिटेल निवेशकों का हिस्सा 30.98 गुना भरा है।

अलॉटमेंट, रिफंड और लिस्टिंग की तारीखें

अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 27 अगस्त 2026

रिफंड और शेयर क्रेडिट की तारीख: 28 अगस्त 2026

शेयर लिस्टिंग की तारीख: 31 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

कैसी रहा है वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 53.3% बढ़कर ₹348.3 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹227.2 करोड़ था। कंपनी का कुल राजस्व 42.2% बढ़कर ₹94,186.2 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹620 करोड़ में से ₹465 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए करेगी, जो इसके विशाल बुलियन ट्रेडिंग बिजनेस के संचालन के लिए बेहद जरूरी है।

GMP से 40% लिस्टिंग गेन का संकेत

ग्रे मार्केट प्रीमियम पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त को ऑगमोंट एंटरप्राइज के शेयर ₹315 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहे हैं। ₹788 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर ग्रे मार्केट में ₹1,103 पर लिस्ट होने का इशारा दे रहा है, जो करीब 39.97% (करीब 40%) के लिस्टिंग गेन को दर्शाता है।

इन 3 तरीकों से आसानी से चेक करें स्टेटस

अगर आपने भी इस आईपीओ में बोली लगाई है, तो आप अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होते ही रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) या बीएसई/एनएसई की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:

1. रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) के जरिए स्टेटस देखें:

  • सबसे पहले रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट 
  • ड्रॉपडाउन सूची में से Augmont Enterprises IPO चुनें।
  • खोज विकल्प चुनें (PAN नंबर, Application Number या DP ID/Client ID)।
  • आवश्यक विवरण दर्ज करें और स्टेटस देखने के लिए Submit बटन पर क्लिक करें।

2. BSE की वेबसाइट से अलॉटमेंट चेक करने का तरीका:

  • BSE के ऑफिशियल अलॉटमेंट पेज
  • ‘Issue Type’ में Equity का विकल्प चुनें।
  • ‘Issue Name’ की सूची से Augmont Enterprises सिलेक्ट करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • ‘I am not a robot’ पर टिक करें और Search पर क्लिक करें।

3. NSE की वेबसाइट के जरिए:

  • NSE के आईपीओ बिड वेरिफिकेशन पोर्टल पर जाएं।
  • ‘Equity & SME IPO’ का चयन करें।
  • ऑगमोंट एंटरप्राइज का चुनाव कर आवश्यक एप्लीकेशन डिटेल्स भरकर स्टेटस जांचें।

TCS ने Q1 में दी कम वेरिएबल पे, मिड से सीनियर लेवल तक के कर्मचारियों के लिए 60-70% रही दर

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) के लिए मिड से लेकर सीनियर लेवल तक के कर्मचारियों के तिमाही वेरिएबल पेआउट में कटौती की है। मनीकंट्रोल को मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया है कि कंपनी ने Q1 में औसतन 60-70 प्रतिशत वेरिएबल पे दी है। यह फैसला ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव और आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) पर लगातार हो रहे निवेश के बीच लिया गया है। Q1 में वेरिएबल पेआउट पिछली दो तिमाहियों में दिए गए 80 प्रतिशत तक के औसत तिमाही बोनस से कम रहा।

हालांकि, अगर सालाना आधार पर देखें तो इस जून तिमाही वेरिएबल पेआउट ज्यादा रहा। कंपनी ने जून 2025 तिमाही तक लगभग 2 साल तक मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों को 20-40 प्रतिशत का वेरिएबल पेआउट दिया था। एक सीनियर कर्मचारी ने मनीकंट्रोल को बताया, “इस तिमाही में मेरे वेरिएबल पे में 30-35 प्रतिशत की कटौती की गई। यह पिछली तिमाही से कम है। हमें 100 प्रतिशत वेरिएबल पे मिले हुए 3 साल से अधिक समय हो गया है।”

क्या जूनियर लेवल के कर्मचारी भी प्रभावित?

वेरिएबल पे में कटौती का असर मिड से लेकर सीनियर लेवल तक के कर्मचारियों पर पड़ा है। जूनियर बैंड के कर्मचारियों को अपने तिमाही बोनस का 100 प्रतिशत मिलता रहा है। ये कर्मचारी TCS की वर्कफोर्स का बड़ा हिस्सा हैं। इस वक्त IT सर्विसेज इंडस्ट्री मुश्किल डिमांड वाले माहौल और AI की वजह से कीमतों में कमी के दबाव से जूझ रही है। देश की एक और बड़ी IT कंपनी इंफोसिस ने भी Q1 के लिए अपनी औसत वेरिएबल पे को घटाकर 70 प्रतिशत कर दिया है। पिछले साल इसी अवधि में यह 80 प्रतिशत थी।

ऑफिस में अटेंडेंस से जुड़ी है वेरिएबल पे

TCS में जिन कर्मचारियों की ऑफिस में अटेंडेंस 60 प्रतिशत से कम है, वे तिमाही बोनस के पात्र नहीं हैं। TCS की पॉलिसी में हफ्ते में 5 दिन ऑफिस से काम करना जरूरी है। कंपनी चाहती है कि कर्मचारियों की ऑफिस में कम से कम 85 प्रतिशत अटेंडेंस हो, ताकि वे पूरा तिमाही वेरिएबल पे पाने के पात्र हो सकें। जिन कर्मचारियों की ऑफिस से काम करने की अटेंडेंस 75-85 प्रतिशत होती है, उन्हें उनकी वेरिएबल पे का 75 प्रतिशत तक मिलता है। वहीं जिनकी अटेंडेंस 60-75 प्रतिशत होती है, उन्हें उनकी वेरिएबल पे का केवल 50 प्रतिशत ही मिलता।

Skipper Share Price: T&D प्रोजेक्ट्स के लिए मिला ₹1,305 करोड़ का ऑर्डर, शेयर 3% चढ़ा

Skipper  Share Price: कैपिटल गुड्स कंपनी Skipper के शेयरों में 27 अगस्त को 3 फीसदी से ज़्यादा की तेजी देखने को मिली। शेयरों में यह बढ़त कंपनी को मिले ऑर्डर के बाद आई। दरअसल, कंपनी ने घोषणा की कि उसे ₹1,305 करोड़ के कई ऑर्डर मिले हैं। 27 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसे ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट्स के लिए कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिले हैं।

इन प्रोजेक्ट्स में नॉर्थ अमेरिकन मार्केट में T&D प्रोजेक्ट्स के लिए ट्रांसमिशन टावर और मोनोपोल की सप्लाई शामिल है। कंपनी ने यह भी कहा कि उसे एक घरेलू डेवलपर से दो 765 kV ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट्स मिले हैं।

ऑर्डर मिलने पर Skipper Limited के डायरेक्टर शरण बंसल ने कहा, “हम अपने एक्सपोर्ट बिज़नेस में आई नई तेज़ी से बहुत उत्साहित हैं, क्योंकि विकसित बाज़ारों से मिलने वाले ऑर्डर हमारी उम्मीदों के मुताबिक बढ़ रहे हैं। इन ऑर्डर्स की विविधता हमारे T&D पोर्टफोलियो को और मज़बूत बनाती है और अलग-अलग जगहों पर जटिल पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर हमारी स्थिति को और मज़बूत करती है।”

इससे पहले, CNBC-TV18 से बात करते हुए शरण बंसल ने कहा था कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही में सिंगल-डिजिट ग्रोथ के बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए 15% रेवेन्यू ग्रोथ और 30% प्रॉफिट ग्रोथ का अपना मौजूदा गाइडेंस बनाए रखा है, और कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में एक्सपोर्ट शिपमेंट सामान्य हो जाएंगे।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पहली तिमाही में कमज़ोर परफॉर्मेंस का मुख्य कारण जियोपॉलिटिकल घटनाक्रमों के कारण एक्सपोर्ट शिपमेंट में आई रुकावट थी। उन्होंने कहा कि कंपनी मार्जिन में बढ़ोतरी देख रही है।

3% से ज़्यादा बढ़ने के बाद कंपनी के शेयरों में थोड़ी नरमी आई है। पिछले एक साल के कारोबार में इनमें 6% से ज़्यादा की बढ़त हुई है। लगातार दो दिन गिरावट के बाद स्टॉक अब बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। पिछले 10 सेशन में से 7 बार स्टॉक बढ़त के साथ बंद हुआ है। ₹560 की स्टॉक कीमत ₹593 प्रति शेयर के 52-हफ़्ते के हाई से थोड़ी ही कम है।

GK Energy Share Price: ₹454.5 करोड़ के सोलर प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, शेयर 5% चढ़ा

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बाढ़ के बीच में भी नेपाल की क्रिकेट टीम ने मैच जीतकर जनता को ढांढस बंधाई

नेपाल में बाढ़ ने मुश्किल हालत पैदा कर दी है लेकिन इसके बावजूद टीम ने अपने घरवालों की चिंता के बीच मलेशिया से खेले गए अभ्यास मैच में जीत अर्जित कर पूरे देश का मनोबल बढ़ाने का काम किया है। गौरतलब है कि नेपाल में आई बाढ़ के कारण कुल 177 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

मैच की बात करें तो नेपाल ने दूसरे अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मैच में मलेशिया पर 27 रनों से जीत अर्जित की। पहले बल्लेबाजी करने उतरी नेपाल का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और उसने 41.4 ओवरों में 170 रन बनाए। मलेशिया भी नेपाल के खिलाफ बल्ले से औसत खेल भी नहीं खेल पाई और 40.1 ओवर में 143 रन बनाकर आउट हो गई।

यह जीत क्रिकेट से ज्यादा देश के लिए है क्योंकि नेपाल नाजुक हालत से गुजर रहा है।गौरतलब है कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित उत्तरी रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आए भयंकर सैलाब और लैंडस्लाइड में 1500 से अधिक लोग लापता है। वहीं इस आपदा में बड़ी संख्या में भारतीय भी लापता है। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर कई तीर्थ यात्रियों के लापता होने की जानकारी भी सामने आ रही है।

नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की प्रमुख इकाई राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) ने शुरुआती सैटेलाइट आधारित रिसर्च किया है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय उपग्रहों से प्राप्त तस्वीरों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों ने तबाही के पैमाने का आकलन किया और उन घटनाओं को समझने की कोशिश की, जिनके कारण हाल के सालों में हिमालयी क्षेत्र की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक सामने आई।


Rakhi Puja Thali Items: रक्षा बंधन पूजा की थाली में क्यों रखी जाती हैं ये 7 चीजें, जानें क्या हैं ये और इनका महत्व

Rakhi Puja Thali Items: भाई बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षा बंधन कल धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र यानी राखी बांधती हैं। उन्हें तिलक कर आरती उतारती हैं। इस तरह वे अपने भाई पर आने वाले हर खतरे, हर परेशानी से सुरक्षा की कामना करती हैं और उन्हें जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

भाई अपनी बहन की हमेशा देखभाल और सुरक्षा का वचन देते हैं। हर साल सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व कल पूरे जोश और उल्लास के साथ संपन्न होगा। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने से पहले पूजा की थाली को सही तरीके से सजाना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बहुत शुभ माना जाता है।

रक्षाबंधन का मुहूर्त 2026

श्रावण पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ : 27 अगस्त, गुरुवार, सुबह 9:08 बजे से

श्रावण पूर्णिमा तिथि का समापन : 28 अगस्त, शुक्रवार, सुबह 9:48 बजे पर

राखी बांधने का मुहूर्त : सुबह 05:57 बजे से लेकर सुबह 9:48 बजे तक

थाली में ये 7 चीजें जरूर होनी चाहिए

राखी (रक्षासूत्र): भाई की कलाई पर बांधने के लिए राखी थाली की सबसे मुख्य सामग्री है। यह भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और रक्षा के वचन को दर्शाती है।

दीपक : आरती उतारने के लिए देसी घी या तेल का जलता हुआ दीपक थाली में रखें। भाई की आरती उतारकर उसकी लंबी उम्र और बुरी नजर से रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

अक्षत (साबुत चावल): तिलक लगाने के बाद उस पर अक्षत लगाया जाता है। ध्यान रखें कि चावल टूटे हुए न हों। अक्षत अखंड सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है।

रोली या कुमकुम : रक्षाबंधन पर भाई के माथे पर तिलक लगाने के लिए रोली अनिवार्य है। इसे शुभता, विजय और आरोग्य का प्रतीक माना जाता है।

मिठाई : तिलक और आरती के बाद भाई का मुंह मीठा कराने के लिए मिठाई जरूर रखें। इससे रिश्ते में मिठास और स्नेह बना रहता है।

नारियल (श्रीफल): कई परंपराओं में राखी बांधते समय भाई के हाथ में नारियल दिया जाता है। नारियल को सुख-समृद्धि और शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

गंगाजल या थोड़ा पानी : तिलक बनाने (रोली घोलने) के लिए और हाथ धोने के लिए थाली में थोड़ा सा गंगाजल या जल का छोटा पात्र रखें।

Raksha Bandhan Muhurat 2026: सुबह ही खत्म हो रही है पूर्णिमा, फिर भी पूरे दिन बहनें बांध सकेंगी अपने भाइयों को राखी, जानें कैसे