Market Outlook: 7 अगस्त को समाप्त हुए पिछले कारोबारी हफ्ते निफ्टी 50 की तुलना में ब्रोडर मार्केट यानी मिडकैप और स्मॉलकैप के इंडेक्सेज में अधिक तेजी आई। निफ्टी 50 पिछले कारोबारी हफ्ते 0.8% मजबूत हुआ तो निफ्टी मिडकैप में 0.9% और निफ्टी स्मॉलकैप में 2.7% की बढ़त आई। हालांकि उतार-चढ़ाव के बावजूद अर्निंग्स सेशन के दौरान इंडिविजुअल स्टॉक्स में तेजी से निफ्टी को सपोर्ट मिला। पिछले कारोबारी हफ्ते सेंसेक्स (Sensex) 404.53 प्वाइंट्स यानी 0.51% की बढ़त के साथ 78,499.17 तो निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 187.05 प्वाइंट्स यानी 0.76% के उछाल के साथ 24,570.65 पर बंद हुआ था।
बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में ₹7 लाख करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी हुई। विदेशी निवेशकों का रुझान पॉजिटिव बना रहा और लगातार दूसरे हफ्ते नेट खरीदारी की। पिछले कारोबारी हफ्ते उन्होंने ₹2,887.69 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की तो डीआईआई ने ₹7,767.37 करोड़ की नेट खरीदारी की।
सेक्टरवाइज पिछले कारोबारी हफ्ते सेक्टरवाइज मिला-जुला माहौल रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे अधिक 5% की तेजी आईतो जुलाई में अच्छी बिक्री के चलते निफ्टी ऑटो 3% मजबूत हुआ। अच्छे नतीजों पर निफ्टी आईटी में 2.7% की तेजी आई तो निफ्टी एफएमसीजी 0.6% और निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.5% मजबूत हुआ। दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया में सबसे अधिक 4% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी कैपिटल मार्केट्स में 2% और निफ्टी रियल्टी में 1.7% की गिरावट आई।
Nifty के Midcap और Smallcap इंडेक्सेज को किन स्टॉक्स से सपोर्ट
केईआई इंडस्ट्रीज, जुबिलेंट फूडवर्क्स, एक्साइड इंडस्ट्रीज, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, एपीएल अपोलो ट्यूब्स, पेटीएम और गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के सपोर्ट से निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में लगभग 1% की बढ़त हुई। हालांकि ब्लू स्टार, बीएसई, यूपीएल, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, ऑयल इंडिया और वोल्टास में गिरावट से इसे झटका लगा। वहीं दूसरी तरफ न्यूलैंड लेबोरेटरीज, देवयानी इंटरनेशनल, एथर एनर्जी, टाटा टेक्नोलॉजीज, वेल्सपन कॉर्प, पाइन लैब्स, अर्बन कंपनी और रेडिंगटन के शेयरों में 10-20% की बढ़ोतरी हुई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इनके दम पर ढाई फीसदी से अधिक मजबूत हुआ। हालांकि इसे नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस, नारायण हृदयालय, इन्वेंटुरस नॉलेज सॉल्यूशंस, स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी और क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण में गिरावट से झटका भी लगा।
किस तरफ बढ़ रहा मार्केट?
एंजेल वन के इक्विटी एंड डेरिवेटिव्स टेक्निकल एनालिस्ट हितेश राठी का कहना है कि निफ्टी के लिए अभी 24450–24350 सपोर्ट लेवल की तरह काम कर रहा है। इसके बाद 24 हजार का लेवल मनोवैज्ञानिक तौर पर सपोर्ट है। वहीं ऊपर की तरफ निफ्टी को 24650-24750 के लेवल पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है, जिसके बाद 24800-24850 पर रेजिस्टेंस है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज का डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदीश शाह का कहना है कि तीन कारोबारी दिनों से निफ्टी 24400 और 24700 के बीच कंसालिडेट हो रहा है और डेली बेसिस पर यह लोअर हाई और हायर लो बना रहा है। नंदीश के मुताबिक मुख्य रुझान अभी भी बुलिश है क्योंकि यह सभी अहम मूविंग एवरेजेज के ऊपर बना हुआ है। नंदीश के मुताबिक ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 24,770 और 25,000 अहम रेजिस्टेंस लेवल्स हैं तो नीचे की तरफ 24,430–23,380 सपोर्ट जोन है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की खरीदारी का सिलसिला अगस्त में भी जारी है। विदेशी निवेशकों ने अगस्त के पहले सप्ताह में भारतीय शेयरों में ₹12,921 करोड़ का निवेश किया। बेहतर होती मैक्रो इकोनॉमिक स्थिति, अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की स्थिरता की वजह से FPI के लिए भारतीय बाजार आकर्षक बना हुआ है।
इससे पहले जुलाई में FPI ने भारतीय शेयरों में ₹20,200 करोड़ का निवेश किया था। इसके पहले लगातार 4 महीने सेलिंग की थी। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने जून में ₹49,340 करोड़, मई में ₹32,963 करोड़, अप्रैल में ₹60,847 करोड़ और मार्च में रिकॉर्ड ₹1.17 लाख करोड़ की बिकवाली की थी।
इससे पहले फरवरी में उन्होंने भारतीय शेयरों में ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था। हालांकि, हालिया खरीदारी के बावजूद साल 2026 में विदेशी निवेशक अब तक भारतीय शेयर बाजार में ₹2.41 लाख करोड़ की बिक्री कर चुके हैं। साल 2025 में उन्होंने ₹1.66 लाख करोड़ की सेलिंग की थी।
एक्सपर्ट्स का क्या है कहना
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के महीनों में FPI का रुख बदलने के पीछे अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और रुपये की स्थिरता जैसे कारक प्रमुख हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बेहतर ग्रोथ और महंगाई संबंधी अनुमान से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म ट्रैक के को-फाउंडर और CEO वेदांत गुप्ते का कहना है कि भारतीय शेयरों में विदेशी हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम होने के कारण आगे विदेशी निवेश के लिए पर्याप्त गुंजाइश बनी हुई है। हाल की खरीदारी का एक बड़ा हिस्सा सेकेंडरी मार्केट के जरिए आया है। यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी केवल IPO तक सीमित नहीं है, बल्कि लिस्टेड भारतीय कंपनियों में भी बढ़ रही है।
जियोजीत इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार का मानना है कि FPI की खरीदारी में एक महत्वपूर्ण रुझान यह है कि वे ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भारतीय डेट या बॉन्ड बाजार में भी बनी हुई है। अगस्त में अब तक उन्होंने बॉन्ड बाजार में जनरल रूट के तहत ₹622 करोड़ का निवेश किया है।
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The BYD Sealion 7 and Kia EV6 are premium EV offerings, roughly priced between Rs 50-70 lakh. They’ve both got modern designs, premium cabins and punchy performance. They are also fully imported as completely built units (CBU) and rival cars like the Hyundai Ioniq 5 and BMW iX1. In this story, we compare the performance, range and regen of the respective top-spec variants of both cars.
BYD Sealion 7 vs Kia EV6: Specifications, price
The Sealion 7 is bigger, has more performance and is less expensive
BYD Sealion 7 Performance AWD vs Kia EV6 GT Line AWD: Specifications, price
Sealion 7 Performance AWD
EV6 GT Line AWD
Battery Size (kWh)
82.56
84
Power (hp)
530
325
Torque (Nm)
690
605
Claimed Range (km)
542 (NEDC)
663 (ARAI)
Kerb weight (kg)
2,340
NA
Power-to-weight*
226.49
NA
Torque-to-weight^
294.87
NA
Price (in Rs lakh)
Rs 55.9 lakh
Rs 65.97 lakh
*Power-to-weight is hp per tonne
^Torque-to-weight is Nm per tonne
The BYD Sealion 7 is bigger in every dimension – length, width, height and even wheelbase, but the Kia gets a bigger 84kWh NMC battery (versus an 82.56kWh LFP battery in the Sealion 7). In terms of performance, the Sealion 7 makes 205hp and 85Nm more than the EV6. And while the EV6 is available in an AWD setup only, the Sealion 7 is available in a RWD layout with less performance. The big difference is how they are priced, and the price difference between the top-spec trims of these cars is roughly Rs 10 lakh.
BYD Sealion 7 vs Kia EV6: Performance tests
With 205hp and 85Nm more, the Sealion 7 is quicker in all our tests
BYD Sealion 7 Performance AWD vs Kia EV6 GT Line AWD: Performance tests
BYD Sealion 7
Kia EV6
Winner
0-100kph (sec)
4.43
5.16
Sealion 7
20-80kph (sec)
2.48
2.77
Sealion 7
40-100kph (sec)
2.91
3.49
Sealion 7
With the difference in performance between these two, it was a little easier to predict the outcome. In all the performance tests, the Sealion 7 was faster. It completed the 0-100kph run in 4.43s and is 0.73s faster than the EV6. Again, 20-80kph and 40-100kph runs are 0.29s and 0.58s faster than the EV6, respectively.
BYD Sealion 7 vs Kia EV6: Regen and range tests
Kia EV6 has stronger regen modes and offers better range overall
BYD Sealion 7 Performance AWD vs Kia EV6 GT Line AWD: Regen and range
Regen mode
BYD Sealion 7
Kia EV6
Winner
One-pedal
NA
NA
–
High
236.44m / 18.13s
105.49m / 7.6s
Kia EV6
Medium
–
146.75m / 10.95s
Kia EV6
Low
421.22m / 32.16s
365.88m / 26.85s
Kia EV6
The BYD gets two regen modes – Standard and High, whereas the EV6 gets four, including the option of a single pedal driving mode. In all the modes, the EV6 showed stronger regenerative braking than the Sealion 7. In their respective highest regen mode, the Sealion 7 takes more than twice as long to slow down from 80-20kph when compared to the Kia EV6.
In our real-world range tests, we found the Kia to be more efficient than the BYD. In the city, the EV6 delivered an efficiency of 5.18km/kWh versus 4.90km/kWh for the Sealion 7. Thanks to the stronger regen modes in the EV6, you can expect a real-world range of 435km in the city, whereas with the Sealion 7 you can expect 405km – about 30km less than the EV6.
On the highway, the difference is even wider – the EV6 becomes more efficient (6.67km/kWh), and the Sealion 7 becomes even less efficient (4.17km/kWh) than in the city. One can expect a real-world range of 344km with the Sealion 7, whereas the EV6 will go 216km further!
BYD Sealion 7 vs Kia EV6: Verdict
The BYD Sealion 7 is priced from Rs 49.9 lakh for the RWD variant to Rs 55.9 lakh for the top-spec AWD variant, and is the more affordable option here, while also being the more powerful EV. The Kia EV6 GT-Line AWD is the more expensive pick and costs Rs 65.97 lakh. If budget isn’t an issue, the Kia EV6 will be a better all-rounder. It has better range, faster charging speeds and multiple regenerative braking modes, including single-pedal driving that makes city driving that much easier.
Autocar India’s testing standards
Before we conduct our performance tests, we check and maintain tyre pressures per the manufacturer’s recommendations and ensure the car is charged to 100 percent. The car is then tested in a controlled environment with two people on board, and the data is collected via highly accurate GPS-based timing equipment.
For our real-world range test, we begin with each car’s battery fully charged and tyre pressures set as per the manufacturer’s recommendations. We drive the cars on a fixed loop covering both city and highway stretches while maintaining set average speeds. We then calculate the range based on the percentage of charge consumed. The AC is set to 22deg C in auto mode, and features such as the music system, lights and ventilated seats are used as needed, just as a regular user would. This approach ensures consistency and gives a clear idea of what to expect in daily use.
To test regenerative braking, we pre-select a level of regen braking, completely lift off the throttle pedal and allow the car to decelerate till under 20kph. This procedure is then repeated for as many levels of regenerative braking the EV packs in. The deceleration rate, distance covered and time taken to go from 80kph to 20kph are recorded on a GPS-based Vbox system.
Deepak Nitrite Share Price: दिग्गज केमिकल कंपनी दीपक नाइट्राइट के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में में कंपनी ने ऑपरेटिंग लेवल पर धमाकेदार परफॉरमेंस दिखाया और इसका ईबीआईटीडीए ढाई गुना से अधिक बढ़ गया। शेयरों की बात करें तो अपनी 6 अगस्त की रिपोर्ट में घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने इसकी सेल रेटिंग को बरकरार रखा है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 7 अगस्त को बीएसई पर यह 2.62% की बढ़त के साथ ₹1,795.50 पर बंद हुआ है।
किस भाव तक टूट सकता है Deepak Nitrite का शेयर
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का कहना है कि दीपक नाइट्राइट का ऑपरेटिंग परफॉरमेंस कम बेस के चलते जून तिमाही में सालाना आधार पर उम्मीद से बेहतर रहा। जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का ईबीआईटीडीए कंसालिडेटेड लेवल पर 2.8 गुना बढ़कर ₹189.6 करोड़ से ₹540.2 करोड़ और मार्जिन 10.0% से 21.0% पर पहुंच गया। इसके ईबीआईटीडीए को फोनॉलिक सेगमेंट में सालाना आधार पर 3.5 गुना और एडवांस्ड इंटरमीडिएट्स सेगमेंट में 89% की ईबीआईटी ग्रोथ से सपोर्ट मिला। इसे बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ऑपरेटिंग लेवरेज के साथ-साथ बेहतर फिनॉल और बेंजीन स्प्रेड्स से सपोर्ट मिला।
आगे को लेकर ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इंडस्ट्री के सामने आने वाली शॉर्ट-टर्म चुनौतियों और बदलते जियोपॉलिटिकल हालात कंपनी की परफॉर्मेंस पर असर डाल सकते हैं, लेकिन इसका कुल असर सीमित रहेगा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक लगातार प्रोसेस में सुधार, बैकवर्ड इंटीग्रेशन से मिलने वाले फायदे, मैन्युफैक्चरिंग की बेहतर क्षमता, लागत को सही ढंग से कंट्रोल करना, घरेलू और एक्सपोर्ट मार्केट में ग्राहकों की बढ़ती इंक्वायरी और नए प्रोडक्ट्स का कमर्शियलाइजेशन से इसे सपोर्ट मिलेगा।
जून तिमाही के बेहतर मार्जिन को ध्यान में रखते हुए ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2026-28 में इसके रेवेन्यू के 13%, शुद्ध मुनाफे के 24% और ईबीआईटीडीए के 22% के सीएजीआर से बढ़ने का अनुमान लगाया है। हालांकि वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित कमाई के मुकाबले कंपनी ने इसका भाव 24 गुना पर फिक्स किया है, जिससे इसका टारगेट प्राइस ₹1500 बन रहा है। ब्रोकरेज फर्म ने इसे फिर से सेल रेटिंग दी है।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल
दीपक नाइट्राइट के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 24 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1,904.50 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 6 महीने में यह 32.77% टूटकर 30 मार्च 2026 को ₹1,280.40 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
आज के दौर में जब हेयरकट के साथ प्रीमियम सैलून, हेयर स्पा और महंगे हेयर ट्रीटमेंट आम हो गए हैं, वहीं इंटरनेट पर एक छोटे से डिजिटल प्रयोग ने लोगों को पुराने दिनों की याद दिला दी है। टेक प्रोफेशनल यश भारद्वाज ने एक ऐसा अनोखा प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसने सोशल मीडिया यूजर्स के बीच पुरानी यादों का पिटारा खोल दिया। यह पहल उस दौर की झलक दिखाती है, जब मोहल्ले की छोटी-सी नाई की दुकान सिर्फ बाल कटवाने की जगह नहीं होती थी, बल्कि वहां बैठकर गाने सुनना और आसपास के लोगों से बातचीत करना भी अनुभव का हिस्सा हुआ करता था। आज की तेज रफ्तार जिंदगी के बीच 90s की ऐसी यादों को डिजिटल अंदाज में दोबारा सामने लाने की कोशिश लोगों को काफी पसंद आ रही है।
आखिर इस वेबसाइट में ऐसा क्या खास है, जिसने इंटरनेट यूजर्स को पुराने जमाने में पहुंचा दिया? यही वजह है कि यह अनोखा प्रयोग तेजी से चर्चा में आ गया है।
Yash Bhardwaj ने बनाया Salon.wtf
डेवलपर यश भारद्वाज ने इस प्रोजेक्ट को Salon.wtf नाम दिया है। वेबसाइट पर ऐसे गानों का संग्रह उपलब्ध है, जो पुराने भारतीय बार्बरशॉप की याद दिलाते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने प्रोजेक्ट को साझा करते हुए लिखा कि यह वेबसाइट उस दौर की याद दिलाती है, जब लोग महंगे सैलून के बजाय ‘सैलून’ या मोहल्ले की नाई की दुकान पर जाते थे और करीब ₹20 में साधारण हेयरकट के साथ ऐसे गाने सुनते थे, जो माहौल को खास बना देते थे।
इंटरनेट यूजर्स बोले- ‘इसने तो पुराना जमाना याद दिला दिया’
वेबसाइट सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसकी चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने कहा कि यह प्रोजेक्ट उन्हें ऐसे समय में वापस ले गया, जब इंटरनेट और प्रीमियम सैलून रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा नहीं थे। एक यूजर ने इसे इंटरनेट पर इंसानी रचनात्मकता का शानदार उदाहरण बताया और कहा कि ऐसी चीजें इंटरनेट की असली खूबसूरती दिखाती हैं।
वेबसाइट में गाने इस्तेमाल करने पर उठा कॉपीराइट सवाल
प्रोजेक्ट को लेकर सिर्फ तारीफ ही नहीं हुई, बल्कि इसके कानूनी पहलू पर भी सवाल उठे। एक यूजर ने, जो खुद कुछ इसी तरह के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था, भारद्वाज से पूछा कि ऑनलाइन संगीत इस्तेमाल करते समय कॉपीराइट से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस पर भारद्वाज ने बताया कि वेबसाइट अपने सर्वर पर गाने स्टोर नहीं करती।
‘गाने मेरे सर्वर पर नहीं हैं’
भारद्वाज के अनुसार, वेबसाइट YouTube की मौजूदा प्लेबैक व्यवस्था का इस्तेमाल करती है। उन्होंने बताया कि वीडियो और frame को वेबसाइट के इंटरफेस में छिपाकर केवल ऑडियो अनुभव रखा गया है। उनके मुताबिक, गाने YouTube के माध्यम से ही चल रहे हैं और उन्होंने मूल प्लेयर को अपने तरीके से पेश किया है। हालांकि, किसी वेबसाइट का इस तरह का संगीत उपयोग वास्तव में कानूनी रूप से अनुमत है या नहीं, यह संबंधित प्लेटफॉर्म की शर्तों और लागू कॉपीराइट कानूनों पर निर्भर कर सकता है।
Paytm के संस्थापक भी हुए पुराने दिनों के फैन
वेबसाइट की लोकप्रियता बढ़ने के साथ यह पोस्ट Paytm के संस्थापक विजय शेखर शर्मा तक भी पहुंच गई। उन्होंने X पर इस प्रोजेक्ट को साझा किया और इसकी तारीफ की। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को भारत की पुरानी मोहल्ला बार्बरशॉप और उस दौर के संगीत से जुड़ी यादों को फिर से जीवंत करने वाली कोशिश के तौर पर सराहा।
I made a website that plays bangers from indian barbershops
before you became fancy and started visiting salons. you once went to a ‘saloon’. ₹20 haircuts. simple hairstyles with music that could fix your soul. https://t.co/j3E8VfwiUUpic.twitter.com/LAsgeEfPAX
Salon.wtf की खासियत सिर्फ पुराने गाने नहीं हैं। इसकी लोकप्रियता इस बात को दिखाती है कि तकनीक के जरिए पुरानी यादों को किस तरह नए अंदाज में पेश किया जा सकता है। जहां आज लोग हेयरकट के लिए चमकदार सैलून और डिजिटल अपॉइंटमेंट पसंद करते हैं, वहीं यह छोटा-सा इंटरनेट प्रोजेक्ट लोगों को उस दौर में वापस ले जा रहा है, जब ₹20 का हेयरकट, रेडियो पर बजता गाना और मोहल्ले की नाई की दुकान ही एक अलग तरह का अनुभव हुआ करता था।
सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह कुल मिलाकर 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को सबसे अधिक फायदा हुआ। बीते सप्ताह सेंसेक्स 404.53 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी 187.05 अंक या 0.76 प्रतिशत के लाभ में रहा। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और लार्सन एंड टुब्रो के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई।
वहीं भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में कुल मिलाकर 1.23 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। सप्ताह के दौरान भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप 63,922.03 करोड़ रुपये बढ़कर 10,11,721.84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 32,816.4 करोड़ रुपये बढ़कर 18,01,925.19 करोड़ रुपये, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का 31,875.35 करोड़ रुपये बढ़कर 8,87,770.13 करोड़ रुपये और लार्सन एंड टुब्रो का मार्केट कैप 14,637.76 करोड़ रुपये बढ़कर 5,56,482.45 करोड़ रुपये हो गया।
बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान
इस रुख के उलट LIC के मार्केट कैप में 40,543.23 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह घटकर 4,96,891.82 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 37,168.96 करोड़ रुपये घटकर 6,73,648.55 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 24,183.16 करोड़ रुपये घटकर 11,27,967.47 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 9,507.67 करोड़ रुपये घटकर 10,20,370.63 करोड़ रुपये, भारती एयरटेल का 7,581.65 करोड़ रुपये घटकर 12,22,423.98 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 4,793.16 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 4,88,808.97 करोड़ रुपये पर आ गया।
बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।
नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 12 अगस्त को NSE और BSE पर Ardee Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। 14 अगस्त को NSE और BSE पर LEAP India और Technocraft Ventures लिस्ट होने वाली हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Jharkhand Students Protest: झारखंड सरकार भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 16वें दिन भी जारी छात्रों के आंदोलन के बीच रविवार (9 अगस्त) को प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के साथ फिर बातचीत करेगी। सरकार और छात्र संगठनों के बीच शुक्रवार रात और शनिवार को दिनभर हुई बैठकों के बावजूद गतिरोध दूर नहीं हो सका। इसके बाद रविवार को एक और दौर की बातचीत करने का फैसला लिया गया। इस बीच, रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में करीब एक सप्ताह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की हालत शनिवार देर रात करीब तीन बजे अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसका ब्लड शुगर लेवल 53 दर्ज किया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के साथ शुक्रवार रात बातचीत की थी। इसके बाद शनिवार को सरकार ने विभिन्न छात्र संगठनों के साथ चार दौर की बातचीत की जिनमें कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई, झारखंड छात्र मोर्चा और आदिवासी छात्र संघ शामिल हैं। ये बैठकें बेनतीजा रहने के बाद सरकार ने रविवार दोपहर करीब 12 बजे छात्र प्रतिनिधियों के साथ छठे दौर की बातचीत करने का फैसला किया।
राजनीतिक चालबाजी का आरोप
इस फैसले के तुरंत बाद जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने सरकार पर राजनीतिक चालबाजी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच फूट डालना और उनकी मुख्य मांगों से लोगों का ध्यान भटकाना है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के नेता रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे संगठनों के साथ बातचीत कर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिनकी मौजूदा आंदोलन में कोई भूमिका नहीं रही।
पासवान ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पत्रकारों से कहा, “यह सरकार की राजनीतिक चाल है। वह छात्रों में विभाजन पैदा करने और लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। लेकिन उसे पता होना चाहिए कि सभी छात्र एकजुट हैं।” पासवान ने दावा किया कि जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने शुक्रवार रात पांच सदस्यीय सरकारी समिति के सामने अपनी सभी मांगें रख दी थीं।
हालांकि, शनिवार को मंत्रियों दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य कुमार, चामरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव वाली समिति ने एनएसयूआई, झारखंड छात्र मोर्चा और आदिवासी छात्र संघ सहित विभिन्न छात्र संगठनों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इस दौरानलउनसे उनकी मांगों का डिटेल्स मांगा।
सरकार बातचीत जारी रखेगी
सरकार ने हालांकि कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई। वह प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की चिंताओं पर विचार कर रही है। रविवार को फिर बातचीत करने का फैसला शनिवार शाम सरकारी समिति और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच चार घंटे की बैठक के बाद लिया गया। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि समिति ने मुख्यमंत्री को छात्र प्रतिनिधिमंडलों की ओर से उठाई गई मांगों और चिंताओं से अवगत कराया। मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में व्यापक सुधार की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ सरकार बातचीत जारी रखेगी।
छात्र मोर्चा ने रखी 5 मांगें
झारखंड छात्र मोर्चा ने पांच मांगें रखी हैं, जिनमें 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रद्द करना शामिल है। वहीं एनएसयूआई ने छह मांगें रखीं, जिनमें संदेह के घेरे में आने वाली सभी जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं की 90 दिनों के भीतर सीआईडी जांच और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की तर्ज पर झारखंड परीक्षा एजेंसी की स्थापना शामिल है। आदिवासी छात्र संघ के नेता कार्तिक उरांव ने भर्ती परीक्षाओं में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को अनिवार्य योग्यता वाले विषयों के रूप में शामिल करने तथा जिन परीक्षाओं में अनियमितताएं पाई गई हैं, उन्हें रद्द करने की मांग की।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार के संबंध में अभ्यर्थियों से सुझाव लेने के लिए सरकार ने एक ईमेल आईडी जारी की है। बातचीत जारी रहने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार के रविवार तक मांगें पूरी नहीं करने पर 10 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने की भी घोषणा की है।
आइसा ने अलग मंच बनाया
इस बीच, अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) ने शनिवार को स्टेडियम में अपना अलग मंच बनाया। हालांकि, उसके नेताओं ने कहा कि इसे अलग आंदोलन नहीं माना जाना चाहिए। आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, जिन पर शुक्रवार को बिरसा चौक के पास विधानसभा मार्च के दौरान स्याही फेंकी गई थी। इसके बाद थोड़ी देर के लिए प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने 14वीं जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर नारे लगाए।
संगठन की रांची इकाई के प्रमुख विजय कुमार ने कहा कि उसके सदस्य 10 अगस्त के मार्च में शामिल होंगे। लेकिन अखिल भारतीय छात्र संघ के बैनर के बिना। आंदोलन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने भी प्रदर्शन किया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास के पास अवरोधक तोड़ने की कोशिश के दौरान उनकी पुलिस से झड़प हुई थी।
विधानसभा मार्च निकालने की घोषणा
उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अजय आर्यन ने बताया कि मार्च के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के करीब आठ से 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 11 अगस्त को अलग विधानसभा मार्च निकालने की घोषणा की है। जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व परीक्षा पैनल अध्यक्ष एल. खियांग्ते से 28 जुलाई के बाद से चार बार पूछताछ की जा चुकी है।
सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे झारखंड के छात्र अपने गुस्से को हिंसा या अपशब्दों के बजाय रचनात्मक अंदाज में आवाज दे रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर कहीं सरकारी नौकरियों का फर्जी ‘रेट कार्ड’ लगा है। कहीं व्यंग्यात्मक पोस्टर हैं तो कहीं ‘रश्मिरथी’ की पंक्तियां गूंज रही हैं। रांची के बीचोंबीच स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 500 रुपये के नोट जैसी दिखने वाली गड्डियों से लदा एक तराजू सरकारी नौकरियों के नकली रेट कार्ड के पास रखा है। वहीं कुछ दूरी पर छात्र रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कृति रश्मिरथी की पंक्तियां सुनाते नजर आते हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच इस कविता का ‘कृष्ण की चेतावनी’ खंड सबसे अधिक लोकप्रिय है। इसके जरिए महाभारत के प्रसंग को मौजूदा भर्ती आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र खासकर ये पंक्तियां सुनाते नजर आते हैं, “वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी, पत्थर, पांडव आए कुछ और निखर।” छात्र इन पंक्तियों के जरिए पांडवों के वर्षों के संघर्ष की तुलना सरकारी भर्तियों और नियुक्तियों को लेकर अनिश्चितता के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की अपनी तैयारी से कर रहे हैं।
‘नौकरी बिक्री केंद्र’
कुछ छात्रों ने व्यंग्यात्मक ‘नौकरी बिक्री केंद्र’ बनाया है, जिसमें सहायक शिक्षक के पद की कीमत 15 लाख रुपये, पुलिस उपाधीक्षक की 1.2 करोड़ रुपये, प्रखंड विकास अधिकारी की 90 लाख रुपये और अंचल अधिकारी की एक करोड़ रुपये बताई गई है। कुछ पोस्टर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तस्वीर के साथ काल्पनिक ‘मुख्यमंत्री सीट बेचो योजना’ का जिक्र किया गया है। यहां व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा है, “पेमेंट करो आराम से, नौकरी पाओ सम्मान से।”
प्रदर्शनकारी छात्र विवेक ने सफेद टी-शर्ट पर स्याही से लिखा है, “व्यवस्था ने हमें निराश किया है।” एक अन्य स्थान पर एक छात्रा झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के दिवंगत संस्थापक शिबू सोरेन के बड़े पोस्टर के सामने सिर झुकाकर उनके बेटे एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों के साथ ‘अन्याय करने वालों के खिलाफ कार्रवाई’ की अपील करती नजर आई।
Kirloskar Pneumatic Company का स्टॉक, स्प्लिट होने जा रहा है। कंपनी का 2 रुपये फेस वैल्यू वाला 1 शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 2 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 18 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके शेयर स्प्लिट हो जांएगे। शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 1440.80 रुपये है।
इससे पहले किर्लोस्कर न्यूमैटिक कंपनी का स्टॉक साल 2018 में स्प्लिट हुआ था। उस वक्त 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूटा था। कंपनी की शुरुआत 1958 में हुई थी। यह कंपनी कई तरह के प्रोडक्ट बनाती है, जैसे कि एयर, रेफ्रिजरेशन, गैस कंप्रेसर व सिस्टम्स; वेपर एब्जॉर्प्शन चिलर और इंडस्ट्रियल गियरबॉक्स। यह स्टील, सीमेंट, कोल्ड चेन, फूड और बेवरेजेज, फार्मास्यूटिकल्स, रेलवे, डिफेंस और मरीन जैसे कई उद्योगों को अपनी सेवाएं देती है। ऑयल और गैस सेक्टर में भी इसकी अहम मौजूदगी है।
Kirloskar Pneumatic का शेयर 6 महीनों में 25 प्रतिशत चढ़ा
इसका मार्केट कैप 9300 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का बीएसई पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 2,197.75 रुपये और एडजस्टेड लो 955 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 25 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 38 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में कीमत 133 प्रतिशत मजबूत हुई है।
हाल ही में कंपनी ने किर्लोस्कर साउथ ईस्ट एशिया कंपनी लिमिटेड में कुल वोटिंग पावर के 99.49 प्रतिशत हिस्से की खरीद पूरी की है। अब किर्लोस्कर साउथ ईस्ट एशिया कंपनी लिमिटेड, Kirloskar Pneumatic Company Limited की सब्सिडियरी है।
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में किर्लोस्कर न्यूमैटिक कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 300.30 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 34.10 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,759.20 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 258.40 करोड़ रुपये रहा।
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सीमेंस एनर्जी इंडिया के शेयर में आगे 15 प्रतिशत तक की तेजी आने की गुंजाइश है। ऐसी उम्मीद मोतीलाल ओसवाल और नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के टारगेट प्राइस से मिली है। मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। वहीं टारगेट प्राइस 3,950 रुपये से बढ़ाकर 4,100 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। नुवामा ने ‘बाय’ रेटिंग और 4,200 रुपये प्रति शेयर का टारगेट बरकरार रखा है। यह टारगेट शेयर के BSE पर मौजूदा भाव 3648.75 रुपये से 15 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी के तिमाही नतीजे जारी होने के बाद ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है।
सीमेंस एनर्जी इंडिया का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 67.8 प्रतिशत बढ़कर 440.9 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 39.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2485.6 करोड़ रुपये रहा। कुल खर्च 1949.5 करोड़ रुपये के रहे। कंपनी अक्टूबर-दिसंबर को वित्त वर्ष के तौर पर फॉलो करती है। जून 2026 तिमाही में कंपनी का EBITDA एक साल पहले से 72.1 प्रतिशत बढ़कर 585.7 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेटिंग मार्जिन बेहतर होकर 23.6 प्रतिशत हो गया।
30 जून 2026 तक सीमेंस एनर्जी इंडिया का ऑर्डर बैकलॉग 19,331 करोड़ रुपये का था। कंपनी का पावर ट्रांसमिशन बिजनेस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 41.98 प्रतिशत बढ़कर 1,386.3 करोड़ रुपये हो गया। पावर जेनरेशन सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 36.02 प्रतिशत बढ़कर 1,099.3 करोड़ रुपये हो गया।
मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि सीमेंस एनर्जी इंडिया के जून तिमाही के नतीजे हर मामले में अनुमानों से बेहतर रहे। रेवेन्यू में बढ़ोतरी पावर ट्रांसमिशन और पावर जेनरेशन, दोनों सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ की वजह से हुई। पावर ट्रांसमिशन सेगमेंट के लिए EBIT मार्जिन में भी सुधार हुआ और पावर जेनरेशन के लिए यह अच्छा बना रहा। कुल ऑर्डर इनफ्लो सालाना आधार पर 3 प्रतिशत बढ़कर 34 अरब रुपये हो गया, जिससे कुल ऑर्डर बुक 193 अरब रुपये पर पहुंच गई।
पावर ट्रांसमिशन के लिए इनफ्लो में सालाना आधार पर 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और आंकड़ा 24 अरब रुपये पर पहुंच गया। पावर जेनरेशन इनफ्लो सालाना आधार पर 10 प्रतिशत घटकर 10 अरब रुपये रह गया। ब्रोकरेज ने उम्मीद जताई है कि सीमेंस एनर्जी को रिन्यूएबल्स, डेटा सेंटर और स्टीम टर्बाइन जैसे क्षेत्रों में घरेलू और एक्सपोर्ट-बेस्ड मौकों से फायदा मिलता रहेगा।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का कहना है कि सीमेंस एनर्जी के मामले में अगले 12-24 महीनों में मौजूदा पुराने ऑर्डरों (बैकलॉग) को समय पर पूरा किया जाना और कलवा/ग्रीनफील्ड ट्रांसफॉर्मर व स्विचगियर क्षमता शुरू किया जाना वे महत्वपूर्ण चीजें होंगी, जिन पर नजर रखनी चाहिए। बेहतर काम-काज और मार्जिन के कारण नुवामान ने FY26E और FY27E के EPS अनुमानों को क्रमशः 12 प्रतिशत और 3 प्रतिशत बढ़ाया है।
Siemens Energy का मार्केट कैप बढ़कर लगभग 1.30 लाख करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 33 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 43 प्रतिशत मजबूत हुआ है।
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The DucatiMultistrada is one of the most successful modern motorcycles to have raced up the famed Pikes Peak hill climb, having taken 7 wins over the years. Motorcycle racing was banned at the Peak after Ducati star Carlin Dunne tragically lost his life in a crash just metres before the finish line in 2019, but Ducati still has a tribute to this race in the form of the Multistrada V4 Pikes Peak.
Effectively, this motorcycle goes back to the Multistrada’s roots of being a tall, sporty road-biased motorcycle. The primary sporty element comes in the shift from a 19-inch front on the standard Multistrada V4 to a 17-inch unit here. But there’s a whole lot more that you get for the (considerable) extra cash over the Multi V4 S than just a smaller front wheel. That includes a new Race Mode and Öhlins EC 2.0 semi-active suspension, just like you would have found on the previous-gen Panigale V4 S. It even gets a single-sided swingarm, forged aluminium wheels and a road-legal titanium Akrapovič end-can.
Multistrada V4 Comfort – 8/10
All of these changes are aimed at sharpening the Multi’s handling capabilities, which leaves the question – how much of an adventure bike is still in there? To find an answer, I pulled out Google Maps and picked a few random roads that I’d been eyeing over the years, but never had the opportunity to explore. The idea was to end up at the fabulous roads around Tahmini ghat, which is closer to Pune, and I’d chalked out a round-trip that came up to about 350km.
The Pikes Peak gets carbon parts, different ergos and reduced wind protection
The first quest would be the hour-long escape from the mayhem of Monday morning Mumbai. Ducatis are usually the worst bikes for being stuck in jammed traffic, but the V4-engined Multi is different. As with its lesser V4 siblings, the Pikes Peak uses twin radiators that are housed on the sides, and the bodywork neatly ducts the hot air blast away from the rider. Also, as with all Ducatis, the cooling system does a remarkable job of keeping the operating temperature below 106 degrees even when stationary.
Specifications
Values
Engine Displacement
1158 cc
Max Engine Power
170 hp @ 10,750 rpm
Max Engine Torque
124 Nm @ 9000 rpm
Number of Gears
6
So, unless you’re stuck in a nasty bad jam where the clutch can get painful, this bike is surprisingly pleasant to manage in traffic. Of course, that’s a fairly relative statement, considering that this is a big, tall, 240-plus-kilo motorcycle.
However, after an hour or so, there’s no escaping the heat radiating off the rear cylinder bank that’s right under your thighs. I noticed that this was an issue in 36-degree afternoon heat on the highway, but not so much when the temperatures dropped in the hilly regions around Lonavala. Despite this, the Multi was far happier when it broke free from the clutches of the city.
Multistrada V4 Performance and suspension setup – 9/10
What truly blew me away on the Pikes Peak was the sheer range of its ability to change character. Like with the other V4 models, this one also has many different riding modes, a boat-load of electronic assists and minutely adjustable electronic suspension modes. However, the difference between ‘full chill’ and ‘full attack’ mode on this bike is truly breathtaking. After a couple of hours of quick and perfectly pleasant highway riding, the Multi and I soon found ourselves staring at miles of completely broken rural roads without a soul on them.
There’s no way I’d ever want to bring a sporty Italian exotic to a place like this, but putting the engine into Low Power mode (115hp instead of 170hp) and diving deep into the suspension setting menus to slack off the damping and preload completely changed the bike.
Specifications
Values
Wheelbase
1595 mm
Seat height
840-860 mm
Kerb Weight
227 kg
Fuel Tank Size
22 L
With ADV seating comfort and the 170mm of suspension travel soaking in the terrain quite well, I had no concerns with simply riding through these non-stop broken road conditions. The bike was unbothered to the point that I could ride it at a gentle pace and enjoy the spectacular beauty of rural Maharashtra in the monsoon. However, I must also make it clear that while the Pikes Peak can tolerate this sort of punishment, it doesn’t thrive on it. Think of this as a surprisingly comfortable road-tourer rather than a true ADV.
Race-bred electronics and superbike-spec suspension are what make the Pikes Peak experience unique.
Multistrada V4 Ride and Handling – 10/10
A big Tiger or GS would have surely been more capable in these conditions, but the Pikes Peak would have simply blown away any ADV on the roads that came next. After ages of enduring gravel and shattered tarmac, we finally arrived at Tahmini to be greeted by some of the finest riding roads in the country.
It uses the standard V4 engine with conventional spring valves
A few button presses later, the Multi was now in Race mode, and the difference was startling. The bike suddenly felt tight, taut and taller, thanks to increased preload at the rear. This was no longer a cushy tourer and had suddenly turned into quite a fearsome beast that demanded respect. The raucous intake bark as the V4 engine snarled past 6,000rpm was almost as intoxicating as the way it built speed. While you could get the same sort of performance on a ‘normal’ Multi V4 that uses the same engine, the immense braking and incredible suspension composure of the Pikes Peak was something else.
Pikes Peak gets a single-sided swingarm, forged wheels and an Akrapovič end-can
I was now riding a sport bike, and it cornered and braked with such ferocity that it was easy to get carried away. I had to remind myself that this was a public road and we were going far too fast for good health! Slap on a sticky set of tyres, and this bike could genuinely embarrass a swarm of sport bike riders on the racetrack. After an awesomely exhilarating time on the ghat, there was no doubt that the Pikes Peak spirit is truly alive in this bike, and it most certainly isn’t just a branding exercise to charge a heap of money.
Multistrada V4 Price and Verdict – 8/10
Nevertheless, a heap of money is exactly what you have to pay to own this motorcycle. At Rs 36.9 lakh (ex-showroom), the Pikes Peak is exorbitantly expensive, and you still have to pay more for extras like heated grips, tyre pressure monitoring and keyless functionality for the fuel tank. At the end of the day, this is the connoisseur’s version of what is already a connoisseur’s adventure motorcycle. You’ve got to really want this particularly unique combination of all-road sport bike skills. After all, you can get either phenomenally capable super ADVs or proper super bikes for far less money.
The sheer range of its ability to change character is what is truly incredible.
I struggle to convince myself that it’s worth the price, but I’m also infinitely grateful that such a thing even exists and that we have the option to own one in India. If you’re among the precious few with the desire and funds to own such a bike, all I’d like to say is go for it!