Ardee Industries IPO: 139 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद अलॉटमेंट आज, शेयर मिले या नहीं ऐसे करें चेक

आरडी इंडस्ट्रीज का IPO 138.83 गुना के बंपर सब्स​क्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। इसका साइज ₹425.87 करोड़ था। अब आज, 10 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग 12 अगस्त को NSE और BSE पर होगी। जिन लोगों ने Ardee Industries IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

Kfin Technologies की वेबसाइट से

  • https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं।
  • IPO में Ardee Industries सिलेक्ट करें।
  • अब एप्लीकेशन नंबर, PAN और डीमैट अकाउंट में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

BSE से कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Ardee Industries IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.26 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 266.75 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 47.77 गुना भरा। IPO में ₹320 करोड़ के 6.04 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹105.87 करोड़ के 2 करोड़ शेयरों को OFS (ऑफर फॉर सेल) के तहत बिक्री के लिए रखा गया।

कैसी रह सकती है लिस्टिंग

Ardee Industries के शेयर अच्छी बढ़त में शुरुआत कर सकते हैं। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 30.19 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट से मिलने वाले संकेत हर बार सच हो जाएं।

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आरडी इंडस्ट्रीज का मुख्य फोकस इस्तेमाल के बाद बेकार हो चुके एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स और नॉन-फेरस स्क्रैप की टिकाऊ रिकवरी और रीसाइक्लिंग पर है। कंपनी की प्रोडक्ट रेंज में हाई-प्योरिटी लेड (सीसा) और खास तरह के लेड अलॉय शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर लेड कैल्शियम, लेड सिल्वर, लेड टिन, लेड एंटीमनी, लेड कैडमियम अलॉय। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल एनर्जी स्टोरेज, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोटिव और केमिकल जैसे अहम सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी एक्सपोर्ट भी करती है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

आरडी इंडस्ट्रीज का इरादा IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज को चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करने का है। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹127.76 करोड़ जुटाए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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Market news : GIFT Nifty से मिल रहे संकेतों को देखते हुए लगता है कि 10 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ खुल सकते हैं। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ 24,660 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

शुक्रवार को सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए थे। ऑटो और IT शेयरों में अच्छी बढ़त के बावजूद बाजार पर फाइनेंशियल शेयरों में आई गिरावट का असर ज्यादा रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 455.59 अंक या 0.58 प्रतिशत गिरकर 78,499.17 पर और निफ्टी 65.35 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ। निफ्टी ऑटो और IT इंडेक्स में 1.84 प्रतिशत और 1.42 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि प्राइवेट बैंकों के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी करीब 40 अंक यानी 0.16 फीसदी की बढ़त के साथ 24,680 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 2.09 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स में 1.04 फीसदी की तेजी दिख रही है। हैंग सेंग में 0.80 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। ताइवानी बाजार में 1.89 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। कोस्पी में 0.69 फीसदी की मजबूती दिख रही है। शांघाई कंपोजिट में भी 0.59 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में बढ़त देखने को मिली। S&P रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 151.83 अंक या 0.28% बढ़कर 54,036.93 पर पहुंच गया। S&P 500 इंडेक्स में 47.68 अंक या 0.62% की बढ़त हुई और यह 7,757.64 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 342.26 अंक या 1.30% बढ़कर 26,690.62 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुरुआती कारोबार में दुनिया की अधिकांश बड़ी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में थोड़ी बढ़त देखने को मिल रही थी। ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलने के लिए किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं। जोखिम के प्रति संवेदनशील मुद्राओं का प्रदर्शन कमजोर नजर आ रहा है। डॉलर इंडेक्स 99.63 के लेवल पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 4.66% और 4.20% पर ऊपर ट्रेड कर रही है।

एशियाई करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला रुख नजर आ रहा है। इंडोनेशियाई रुपिया (+0.15%),फिलीपींस पेसो (+0.21%),थाई बाहत (+0.17%), ताइवान डॉलर (+0.16%),चीनी रेनमिनबी (+0.06%) और मलेशियाई रिंगित (+0.06%) मजबूत दिख रहे हैं। जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन (-0.50%),जापानी येन (-0.18%)और सिंगापुर डॉलर (-0.09%) कमजोर कारोबार कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज्यादा गिरावट नजर आ रही है।

FII और DII फंड फ्लो

7 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹480 करोड़ के शेयर खरीदे। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने लगातार तीसरे दिन भी खरीदारी जारी रखते हुए ₹235 करोड़ के शेयर खरीदे।

Gold Rate Today: सावन के दूसरे सोमवार को सोना हुआ सस्ता, 10 बड़े शहरों में इतनी रह गई कीमत

देश में सावन मास के दूसरे सोमवार यानि कि 10 अगस्त को सोने की कीमत में गिरावट है। राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड की कीमत गिरकर 152540 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। मुंबई में कीमत घटकर 152340 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। अन्य शहरों में भी ​सोने का भाव गिरा है। बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 8180 रुपये तक ​बढ़ी। वहीं 22 कैरेट गोल्ड 7600 रुपये तक महंगा हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,336.02 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 152540 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 139840 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 139640 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 152340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 151630 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 139000 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 152340 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 139640 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली139840152540
मुंबई139640152340
अहमदाबाद139740152440
चेन्नई138990151630
कोलकाता139640152340
हैदराबाद139640152340
जयपुर139840152540
भोपाल139740152440
लखनऊ139840152540
चंडीगढ़139840152540

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चांदी की कीमत

सोने की तरह चांदी की कीमत में भी गिरावट दिख रही है। 10 अगस्त की सुबह कीमत 244900 रुपये प्रति किलोग्राम है। बीते सप्ताह में चांदी का भाव 10000 रुपये ​बढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 63.29 डॉलर प्रति औंस पर है।

Retirement Planning: क्या रिटायरमेंट के बाद आपकी बचत 30 साल तक साथ दे पाएगी? पूरा कैलकुलेशन समझिए

Retirement Planning: पहले रिटायरमेंट का मतलब थोड़ा आसान था। 58-60 साल की उम्र में नौकरी छोड़ी और अगले 10-15 साल तक बचत के सहारे जिंदगी चल गई। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।

आज भारतीय पहले से कहीं ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं। 1960 में औसत उम्र सिर्फ 41 साल थी। अब यह 70 साल से ऊपर पहुंच चुकी है। इसका मतलब है कि 60 साल में रिटायर होने वाला व्यक्ति 85-90 साल तक जी सकता है। यानी रिटायरमेंट अब 10 साल नहीं, 25-30 साल का सफर बन चुका है।

यही वजह है कि अब सिर्फ बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाना काफी नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या वही पैसा पूरे रिटायरमेंट में आपका साथ देगा?

क्या 1 करोड़ रुपये काफी होंगे?

मान लीजिए आपके पास रिटायरमेंट के समय 1 करोड़ रुपये हैं। इस पर हर साल 8% रिटर्न मिलता है। आप पहले साल 3.5 लाख रुपये निकालते हैं और हर साल महंगाई के हिसाब से निकासी 5% बढ़ाते हैं।

ऐसे में 30 साल बाद भी आपका फंड खत्म नहीं होता। उल्टा यह करीब 3.37 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। वजह यह है कि शुरुआती वर्षों में निवेश का रिटर्न निकाली गई रकम से ज्यादा रहता है। इसलिए बाकी पैसा लगातार बढ़ता रहता है।

सालशुरुआत में फंडसालाना निकासीसाल के अंत में फंड
1₹1.00 करोड़₹3.50 लाख₹1.05 करोड़
5₹1.19 करोड़₹4.25 लाख₹1.24 करोड़
10₹1.48 करोड़₹5.43 लाख₹1.54 करोड़
15₹1.82 करोड़₹6.93 लाख₹1.90 करोड़
20₹2.23 करोड़₹8.84 लाख₹2.33 करोड़
25₹2.71 करोड़₹11.29 लाख₹2.82 करोड़
30₹3.25 करोड़₹14.41 लाख₹3.37 करोड़

सबसे बड़ा खतरा क्या है?

आज सबसे बड़ा जोखिम लॉन्गेविटी रिस्क है। यानी आपकी बचत खत्म हो जाए, लेकिन जिंदगी बाकी रहे।

एक सर्वे के मुताबिक, औसत भारतीय ने रिटायरमेंट के लिए सिर्फ 28 लाख रुपये जोड़े हैं। जबकि आराम से रिटायर होने के लिए उसे करीब 1 करोड़ रुपये चाहिए। यानी जरूरत और बचत के बीच बड़ा अंतर है, औसतन करीब 72 लाख का।

महंगाई और इलाज का खर्च

रिटायरमेंट में सबसे बड़ा दुश्मन महंगाई है। आज 50,000 रुपये महीने का खर्च है, तो 30 साल बाद यही खर्च 2 लाख रुपये से भी ज्यादा हो सकता है।

इसके ऊपर मेडिकल खर्च तेजी से बढ़ रहा है। उम्र बढ़ने के साथ दवाइयां, टेस्ट और अस्पताल का खर्च भी बढ़ता जाता है। इसलिए रिटायरमेंट का बड़ा हिस्सा इलाज पर खर्च हो सकता है।

जल्दी शुरुआत करना जरूरी

रिटायरमेंट की प्लानिंग जितनी जल्दी शुरू करेंगे, उतना बेहतर रहेगा। कंपाउंडिंग को ज्यादा समय मिलेगा और छोटी-छोटी बचत भी बड़ा फंड बन सकती है।

अब रिटायरमेंट को सिर्फ नौकरी खत्म होने का दिन मत समझिए। यह 25-30 साल की लंबी वित्तीय यात्रा है। अगर इस सफर को आराम से बिताना है, तो तैयारी भी समय रहते शुरू करनी होगी।

इन 5 बातों का भी ध्यान रखें

  • रिटायरमेंट की तैयारी जितनी जल्दी शुरू करेंगे, उतना कम बोझ पड़ेगा।
  • अपना सारा पैसा एक ही जगह मत लगाइए। अलग-अलग विकल्पों में बांटकर निवेश करें।
  • हर साल महंगाई को ध्यान में रखकर अपने निवेश और खर्च का हिसाब जरूर देखें।
  • इलाज का खर्च तेजी से बढ़ता है। इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिकल इमरजेंसी के लिए अलग पैसा रखें।
  • रिटायरमेंट के बाद हर महीने नियमित आमदनी कैसे आएगी, इसकी योजना पहले से बना लें। SWP, SCSS और दूसरे विकल्प इसमें मदद कर सकते हैं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Rashifal Today: आज के दिन कैसा बीतेगा आपका पूरा दिन, जानें अपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म की तारीख का हमारे जीवन पर खास प्रभाव माना जाता है। हर मूलांक के लिए दिन की परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। किसी के लिए आज पैसा कमाने के नए मौके बन सकते हैं, तो किसी को खर्च और निवेश के मामले में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो अगर आपका जन्म किसी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है तो आज आर्थिक मामलों में स्थिति अच्छी रह सकती है। भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाओं पर काम करने का समय है। अपने बजट और निवेश की दोबारा समीक्षा करें। गैर-जरूरी चीजों पर पैसा खर्च करने से बचें और बचत को प्राथमिकता दें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज नए आर्थिक विकल्प सामने आ सकते हैं। तकनीक और नए आइडिया से जुड़े क्षेत्रों में अवसर मिलने की संभावना है। हालांकि किसी भी योजना में जल्दबाजी न करें। पैसा लगाने से पहले उसके फायदे और नुकसान को अच्छी तरह समझना जरूरी होगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अच्छा मौका है। आज लंबे समय की वित्तीय योजना पर ध्यान दें। बजट, बचत और निवेश की समीक्षा करने से आपको अपनी कमजोरियां समझने में मदद मिलेगी। बेवजह के खर्च से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज धन से जुड़े नए अवसर मिल सकते हैं। खासकर तकनीक, रचनात्मक काम या नए प्रोजेक्ट से लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि तुरंत कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। किसी भी निवेश को करने से पहले भविष्य के लक्ष्य जरूर ध्यान में रखें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आर्थिक मामलों में आज का दिन आपको अपने बजट को व्यवस्थित करने का मौका देगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है और किसी भी खरीदारी से पहले अच्छी तरह विचार करें। आपको कोई नई आर्थिक संभावना भी मिल सकती है, लेकिन उसका फायदा उठाने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें। सही योजना के साथ आगे बढ़ने पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक फैसलों में संयम रखना होगा। खर्च और निवेश को लेकर जल्दबाजी न करें। अपने आने वाले समय के लक्ष्यों पर ध्यान दें और उसी हिसाब से पैसों की योजना बनाएं। आज सही बजट तैयार करना भविष्य में आर्थिक परेशानी से बचा सकता है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज अपनी मेहनत का आर्थिक फायदा मिल सकता है। नौकरी करने वालों को वेतन बढ़ने या पदोन्नति की खबर मिल सकती है। कारोबार में किसी पुराने संपर्क से फायदा हो सकता है। हालांकि परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए आज बड़ी खरीदारी टालना बेहतर रहेगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज नए विचार कमाई का जरिया बन सकते हैं। नौकरी के साथ कोई अतिरिक्त प्रोजेक्ट या फ्रीलांस काम आर्थिक लाभ दे सकता है। पुराने निवेश से भी फायदा मिलने की संभावना है। तकनीक या क्रिप्टो से जुड़े निवेश हैं तो उनकी स्थिति एक बार जरूर जांच लें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में भावनाओं से फैसला लेने से बचना चाहिए। खर्च या निवेश करने से पहले किसी जानकार की सलाह लेना बेहतर होगा। पुराने कर्ज की रकम लौटाने की स्थिति बन सकती है। आमदनी सामान्य रह सकती है, लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बचत और लंबे समय के निवेश पर ध्यान दें।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

मारुति सुजुकी 4 बायोगैस प्लांट बनाएगी, ₹561 करोड़ के निवेश से किसानों को भी फायदा होगा

Maruti Suzuki Biogas Plant: देश की सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल कंपनी मारुति सुजुकी अब बायोगैस पर बड़ा दांव लगाने जा रही है। कंपनी 561 करोड़ रुपये के निवेश से पहले चरण में 4 बायोगैस प्लांट लगाएगी। इसका मकसद अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में स्वच्छ और रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ाना है।

खारखोदा प्लांट से होगी शुरुआत

पहले चरण में हरियाणा के खारखोदा प्लांट में 10 टन प्रतिदिन (10 TPD) क्षमता का बायोगैस प्लांट लगाया जाएगा। इसके FY27 में शुरू होने की उम्मीद है। पूरी क्षमता पर पहुंचने के बाद यह प्लांट फैक्ट्री की करीब 20% गैस जरूरत पूरी करेगा।

कंपनी ने मानेसर प्लांट में भी बायोगैस क्षमता 0.2 TPD से बढ़ाकर 0.7 TPD कर दी है। यहां से हर साल करीब 3.6 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर बायोगैस बनने की उम्मीद है। इस प्लांट में खाने का बचा हुआ कचरा, नेपियर घास और धान का पुआल इस्तेमाल होता है। जरूरत पड़ने पर गोबर भी मिलाया जा सकता है।

FY31 तक बड़ा लक्ष्य

मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर. सी. भार्गव ने कहा कि पहले चरण में चार बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे। इसके बाद तकनीक और अनुभव के आधार पर इस क्षेत्र में और बड़ा निवेश किया जाएगा।

कंपनी का लक्ष्य FY31 तक हर दिन 20 टन से ज्यादा बायोगैस का इस्तेमाल करना है। कंपनी ने हंसलपुर प्लांट में भी प्राकृतिक गैस की जगह करीब 10% ऊर्जा जरूरत बायोगैस से पूरी करनी शुरू कर दी है।

किसानों को भी होगा फायदा

आर. सी. भार्गव का कहना है कि भारत को नेट जीरो लक्ष्य हासिल करने के लिए कई तरह की तकनीकों की जरूरत होगी। बायोगैस स्थानीय संसाधनों से बनाई जा सकती है। इससे आयातित CNG पर निर्भरता कम होगी। साथ ही यह पूरी तरह स्वच्छ ईंधन है।

उन्होंने कहा कि बायोगैस बनाने के बाद बचने वाली जैविक खाद खेतों की उपज बढ़ाने में मदद करेगी। इससे मिट्टी की गुणवत्ता भी सुधरेगी। फसल जलाने की जरूरत कम होगी। प्रदूषण घटेगा। किसानों की आय बढ़ेगी। खेती में मशीनों का इस्तेमाल भी बढ़ेगा।

सरकार भी दे रही है बढ़ावा

Maruti Suzuki पिछले दो साल से भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), पूसा के साथ इस क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी का कहना है कि शुरुआती नतीजे उत्साहजनक रहे हैं।

इसी बीच केंद्र सरकार ने 6 अगस्त को GOBARdhan योजना को मंजूरी दी है। 23,731 करोड़ रुपये की यह योजना FY27 से FY36 तक चलेगी। इसका मकसद गोबर, कृषि अवशेष, जैविक कचरे और दूसरे बायोमास से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाना है। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण इलाकों में आय के नए अवसर भी बनेंगे।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक 40% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने दांव लगाने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PoK के तीसरे चरण की वोटिंग टली:लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच फैसला; शहबाज की पार्टी PML-N ने अब तक 24 सीटें जीतीं

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 10 अगस्त सोमवार को होने वाली वोटिंग टल गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार हो रहे प्रदर्शन के चलते यह चुनाव अनिश्चितकाल के लिए टाल दिए गए हैं। इससे पहले दो चरणों में शहबाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने कुल 24 सीटें जीतीं। इसके बाद PML-N का PoK में सरकार बनाना तय था। दावा- पहले चरण के चुनाव के दौरान 19 लोगों की मौत PoK में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान हिंसा भड़क गई। अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 19 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। चुनावी धांधली के आरोपों और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच कई मतदान केंद्रों पर झड़पें भी हुईं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के समर्थकों का आरोप है कि रावलकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 19 लोगों की जान गई। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मृतकों के नाम भी जारी किए हैं। भारत ने PoK में हो रहे चुनावों को मानने से इनकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान इन चुनावों के जरिए PoK पर अपने अवैध कब्जे को छिपाने और वहां हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें…
12 शरणार्थी सीटों पर सबसे ज्यादा विवाद PoK विधानसभा में कुल 45 निर्वाचित सीटें हैं। इनमें 12 सीटें भारतीय प्रशासित जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान आकर बसे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं। यही 12 सीटें पूरे विवाद की जड़ हैं। सरकार कहती है कि ये सीटें ऐतिहासिक और संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा हैं। JAAC का कहना है कि जो लोग पाकिस्तान के दूसरे शहरों में रहते हैं, उन्हें PoK की सरकार बनाने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि इन 12 सीटों की वजह से स्थानीय मतदाताओं की राय का असर कम हो जाता है और अक्सर केंद्र की सत्ता में बैठी पार्टी को फायदा मिलता है। JAAC का कहना है कि इन 12 सीटों का फायदा PML-N और PPP जैसी पार्टियां उठाती हैं। भारत ने चुनाव को दिखावटी बताया भारत लंबे समय से PoK में होने वाले चुनावों को खारिज करता रहा है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान को उस इलाके में कोई राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का अधिकार नहीं है, जिसे भारत अपना हिस्सा मानता है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने PoK चुनाव को पाकिस्तान के अवैध कब्जे को सही दिखाने की कोशिश बताते हुए इसे दिखावटी एक्सरसाइज कहा है। भारत ने यह भी आरोप लगाया है कि पाकिस्तान चुनावों के जरिए अपने कब्जे को छिपाने और इलाके में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है।

खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों से परेशान BCCI? CoE में बढ़ी इंजर्ड प्लेयर की भीड़

बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कई खिलाड़ी चोट से उबर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, IPL के दौरान फ्रेंचाइजी और पैसों से जुड़ा दबाव खिलाड़ियों पर ज्यादा काम का बोझ डाल रहा है, जिससे चोटों की संख्या बढ़ी है। इस समय कम से कम 10 इंटरनेशलन खिलाड़ी छोटी या गंभीर चोटों के कारण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिहैब कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि कई बड़े खिलाड़ी IPL के दौरान चोटिल होने के बावजूद खेलते रहे। लगातार ज्यादा क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों के शरीर पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर उम्रदराज खिलाड़ियों में चोट से वापसी का समय तय करना मुश्किल हो जाता है।

चोट के बाद भी खेलते हैं आईपीएल

सूत्र के अनुसार, IPL में टीम और पैसों से जुड़े दबाव के कारण कुछ खिलाड़ी चोट के बावजूद मैदान पर उतरते हैं, जिसके बाद उन्हें इलाज और फिटनेस के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि, टीम और CoE के फिजियो खिलाड़ियों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दे रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ती चोटों से सेलेक्टर्सु, कोच और कप्तान के सामने भी मुश्किलें बढ़ रही हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों के साथ-साथ उनके खेलने के कार्यक्रम को लेकर भी दबाव बढ़ रहा है।

चोट की वजह से बाहर हुए बुमराह-साई

जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के श्रीलंका दौरे से बाहर होने के बाद BCCI के चयनकर्ताओं के साथ CoE के तालमेल पर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले खबर थी कि दोनों खिलाड़ी दो टेस्ट मैचों में से कम से कम एक मुकाबले में खेल सकते हैं, लेकिन बाद में उन्हें दौरे से बाहर कर दिया गया। भारत के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण फिलहाल दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। मार्च 2025 में नितिन पटेल के जाने के बाद से यहां का स्पोर्ट्स साइंस विभाग अभी तक स्थायी प्रमुख के बिना चल रहा है। इसी बीच BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने रविवार को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दौरा किया और मीडिया से बातचीत की।

लक्ष्मण ने क्या कहा

इस दौरान वीवीएस लक्ष्मण ने सेंटर की टीम और उसकी व्यवस्था का बचाव किया। उन्होंने कहा, “देखिए, CoE सिर्फ एक रिहैब सेंटर नहीं है, बल्कि क्रिकेटरों को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए इसकी भूमिका इससे कहीं बड़ी है। इसलिए, हम (चोटों के लिए) ‘दोष’ शब्द का इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते, क्योंकि जब आप इस शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो आप किसी को बलि का बकरा बना रहे होते हैं।” लक्ष्मण ने कहा, “लेकिन CoE और दोनों टीमों (पुरुष और महिला) के टीम मैनेजमेंट और दोनों टीमों के SSM स्टाफ के बीच शानदार तालमेल है। इसलिए यह बातचीत आसानी से हो रही है।”

‘अब और नहीं झेल सकता’, टॉक्सिक मैनेजर से परेशान ऑस्ट्रेलिया में भारतीय ने छोड़ी नौकरी, वायरल हो रहा पोस्ट

बेहतर नौकरी, अच्छी कमाई और बेहतर जीवन की तलाश में कई भारतीय विदेश जाकर काम करना पसंद करते हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि विदेश में काम के साथ परिवार के लिए भी समय मिलेगा, लेकिन कई बार ज्यादा काम के दबाव से निजी जिंदगी प्रभावित होने लगती है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक भारतीय युवक की स्टोरी काफी वायरल हो रही है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय अंकुर सचदेवा के लिए नौकरी और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस बनाना मुश्किल हो गया। एक बड़े ऑस्ट्रेलियाई बैंक में नौकरी शुरू करने के बाद उन्हें ऑफिस के समय के बाद भी लगातार फोन आते थे और जरूरी काम के नाम पर बार-बार काम करना पड़ता था। मैनेजर के दबाव के कारण उनके पास परिवार के साथ समय बिताने के लिए बहुत कम समय बचता था।

लगातार काम के दबाव के बाद अंकुर सचदेवा ने अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला किया। इसके बाद उन्हें एक नई नौकरी मिली, जहां अब वह मैनेजर के पद पर काम कर रहे हैं। फिलहाल वह ऑस्ट्रेलियाई सरकार के लिए काम कर रहे हैं।

इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा, “मैं वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए ऑस्ट्रेलिया आया था… लेकिन अब मैं इसे और नहीं झेल सकता।” उन्होंने कैप्शन में आगे लिखा, “मैंने आखिरकार अपने टॉक्सिक भारतीय मैनेजर की वजह से इस्तीफा दे दिया।” वीडियो के अंत में उन्होंने बताया कि अब वह एक नई कंपनी में मैनेजर के तौर पर काम कर रहे हैं। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए, सचदेवा ने अपने पिछले वर्कप्लेस के अनुभव को शेयर किया। उन्होंने कहा, “मेरे मैनेजर मेरी जिंदगी मुश्किल बना देते थे।”

अपना काम भी करवाते थे मैनेजर

सचदेवा के मुताबिक, उनके मैनेजर ऑफिस का समय खत्म होने के बाद भी उनसे संपर्क करते थे और तुरंत काम पूरा करने के लिए कहते थे। उन्होंने बताया, “वह मुझे ऑफिस टाइम के बाद भी कॉल करते थे और कहते थे, ‘यह अर्जेंट है, तुम्हें इसे आज ही खत्म करना है।’ वह मुझसे अपना काम भी करवाते थे और लगभग हर काम को ‘अर्जेंट’ बताते थे, इस उम्मीद के साथ कि उसे उसी दिन पूरा किया जाए।” उन्होंने बताया कि ज्यादा काम के कारण उनकी निजी जिंदगी प्रभावित होने लगी थी। नौकरी छोड़ना आसान नहीं था, लेकिन उनका नवजात बच्चा भी था और वह परिवार को ज्यादा समय देना चाहते थे। काम की बढ़ती जिम्मेदारियों के कारण वह परिवार के साथ पर्याप्त समय नहीं बिता पा रहे थे।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार के लिए कर रहे काम

सचदेवा ने कहा, “मैं एक ऐसे दौर में पहुंच गया था, जहां मैं मुश्किल से अपने परिवार के साथ समय बिता पाता था। मैं खासकर अपने नवजात बच्चे के लिए उसके साथ रहना चाहता था।” उन्होंने कहा, “जॉब मार्केट बहुत अच्छा नहीं था, इसलिए मुझे ज्यादा इंटरव्यू कॉल नहीं आ रहे थे। खुशकिस्मती से, आखिरकार मुझे एक कॉल आया और किस्मत से मेरा चयन हो गया। इसके अलावा, यह एक बहुत अच्छी पोस्ट थी, जिससे यह मौका मेरे लिए और भी खास बन गया।” नई नौकरी में चयन होने के बाद सचदेवा ने अपनी पुरानी नौकरी छोड़ दी और अब ऑस्ट्रेलियाई सरकार के लिए काम कर रहे हैं।

यूजर्स ने क्या कहा

उनकी कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा शुरू हो गई। कुछ लोगों ने ऑफिस के बाद काम के दबाव पर बात की, तो कुछ ने पूछा कि मैनेजर बनने के बाद सचदेवा अपनी टीम के साथ कैसा व्यवहार करेंगे। एक यूजर ने लिखा, “भाई, सिर्फ ऑस्ट्रेलिया में ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप में भी यही हाल है। भारत में तो यह पहले से ही हो रहा था और अब भारतीयों ने विदेशों में भी ऐसा करना शुरू कर दिया है।” एक और यूजर ने कहा, “और अब शायद तुम्हारे जूनियर भी ऐसा ही करेंगे। मजाक कर रहा हूँ! तुम्हें शुभकामनाएं। अपनी टीम के लिए एक अच्छा और सपोर्टिव माहौल बनाओ।” दूसरे यूजर ने कहा, “ध्यान रखना कि तुम दूसरे लोगों के साथ ऐसा न करो। इस चेन को तोड़ने वाले बनो। बधाई हो।”

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Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक 40% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने दांव लगाने की सलाह दी

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउस चुनिंदा शेयरों को लेकर बुलिश हैं। Morgan Stanley, HSBC, Motilal Oswal, Nuvama और JM Financial ने पांच कंपनियों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनके मुताबिक, अगले 12 महीनों में ये शेयर करीब 24% से 40% तक का रिटर्न दे सकते हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों पर एक्सपर्ट्स सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance पर Morgan Stanley ने ‘Overweight’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,420 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 1,143 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 24.2% की रिटर्न संभावित तेजी का अनुमान है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मजबूत रिटेल लोन डिस्बर्समेंट और बेहतर लोन ग्रोथ कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

Britannia

FMCG कंपनी Britannia पर Nuvama ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 7,240 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 5,508 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 31.4% उछाल की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया का तनाव प्रमुख जोखिम हैं।

Hindalco Industries

मेटल कंपनी Hindalco Industries पर HSBC ने ‘Buy’ रेटिंग के साथ 1,430 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 1,053.50 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 35.7% की तेजी का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि एल्यूमिनियम की मजबूत वैश्विक मांग और चीन की उत्पादन सीमा कंपनी के लिए सकारात्मक रहेगी।

Time Technoplast

प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Time Technoplast पर Motilal Oswal ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 280 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 205.50 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 36.3% रिटर्न की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि पैकेजिंग और कम्पोजिट सिलेंडर बिजनेस में विस्तार के दम पर लगातार मजबूत रेवेन्यू और मुनाफे की ग्रोथ दर्ज कर सकती है।

Ventive Hospitality

हॉस्पिटैलिटी कंपनी Ventive Hospitality पर JM Financial ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 840 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 603.20 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 40% की संभावित तेजी बनती है। ब्रोकरेज का मानना है कि हालिया लागत का दबाव अस्थायी है और लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

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