Birla Group Stocks: 9% टूटा शेयर, जून तिमाही में घाटा बढ़ा तो स्टॉक मार्केट में भी दिखी आंच

Aditya Birla Fashion Share Price: बिड़ला ग्रुप की आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के शेयरों में आज बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि यह 9% से अधिक टूट गया। कंपनी के शेयरों पर यह दबाव इसकी जून तिमाही के कारोबारी के चलते आया। जून तिमाही में कंपनी का घाटा रेवेन्यू में उछाल के बावजूद बढ़ा तो शेयरों को लेकर निवेशकों का रुझान बेयरेश हो गया और वे धड़ाधड़ इसे बेचने लगे। बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया और अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.21% की गिरावट के साथ ₹61.28 पर है। इंट्रा-डे में यह 9.16% फिसलकर ₹57.51 तक आ गया था।

Aditya Birla Fashion के लिए कैसी रही जून तिमाही

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का नेट लॉस ₹212 करोड़ से बढ़कर ₹215.2 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹2,025.6 करोड़ पर पहुंच गया तो ईबीआईटीडीए भी 5% बढ़कर ₹117.1 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि जून तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन 6.10% से 5.78% पर आ गया।

आदित्य बिड़ला फैशन का कहना है कि जून तिमाही में पैंटालून्स (Pantaloons) से इसकी ग्रोथ को सपोर्ट मिला। TMRW के लगातार विस्तार औ लग्जरी बिजनेस में तेजी से यह मजबूत हुई। हालांकि हाई डायरेक्ट और अदर कॉस्ट्स के चलते इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहा। साथ ही फाइनेंस की अधिक कॉस्ट और डेप्रिसिएशन के चलते भी मुनाफे पर दबाव आया।

अपने नेटवर्क के विस्तार के चलते प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव के बावजूद पेंटालून्स की रेवेन्यू ग्रोथ जून तिमाही में हेल्दी रही। TMRW का कारोबार जून तिमाही में भी बढ़ती रही और घाटा इसका कम हुआ। साथ ही लग्जरी और अन्य सेगमेंट से इसका रेवेन्यू 30% बढ़ा लेकिन मार्जिन में तेज गिरावट आई तो एथनिक सेगमेंट की ग्रोथ सुस्त रही जिस पर शादियों के छोटे सीजन का झटका दिखा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के शेयरों ने निवेशकों को काफी झटका दिया है। पिछले साल 22 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹94.95 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से यह 6 महीने में यह 43.56% फिसलकर 30 मार्च 2026 को ₹53.59 के भाव पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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भारतीय बॉक्सर ने PM को बताया पाकिस्तानी बॉक्सर को नरेंद्र नाम से है नफरत (Video)

राष्ट्रमंडल खेलों में झंडा गाढ़ के आए भारतीय बॉक्सर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सम्मान समारोह में मिले तो एक दिलचस्प किस्सा सुनाया जिसको सुनकर सब हंसने लगे। रजत पदक विजेता बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने कहा कि उनकी पाकिस्तानी प्रतिद्वंदी से मुलाकात हुई और उन्होंने बताया कि वह नरेंद्र नाम से बहुत नफरत करता था क्योंकि उसका (बॉक्सर का) नाम  नरेंद्र  था, उसके कोच का नाम नरेंद्र था यहां तक की प्रधानमंत्री तक का नाम नरेंद्र था।

हालांकि यह किस्सा 2015 विश्व मिलिट्री गेम्स का है जब नरेंद्र बेरवाल के कोच नरेंद्र राणा थे। इन खेलों में बेरवाल के प्रतिद्वंदी पाकिस्तानी बॉक्सर थे। बेरवाल पहला राउंंड 4-1 से और दूसरा राउंड 3-2 से जीते थे। लेकिन दोनों के सिर पर चोट लग गई थी। यह बात पाकिस्तानी प्रतिद्वंदी ने बेरवाल को टांके लगने के दौरान बताई थी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में भारत के कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल विजेताओं से मुलाकात की और ग्लासगो गेम्स में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई दी। भारत ने मेडल तालिका में चौथा स्थान हासिल किया, जिसमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और नौ ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे।

बॉक्सिंग भारत के लिए सबसे ज़्यादा मेडल दिलाने वाला खेल बनकर उभरा, जिसमें टीम ने 10 मेडल जीते, जिनमें सात गोल्ड शामिल थे। राष्ट्रमंडल खेल में यह भारत का अब तक का सबसे अच्छा बॉक्सिंग प्रदर्शन था, जिसमें भारतीय महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात में से पाँच गोल्ड मेडल जीते।

श्री मोदी ने मेडल विजेताओं से बातचीत की और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उनकी कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने देश से सभी खेलों में एथलीटों का समर्थन जारी रखने का आग्रह किया और एक ऐसा खेल कल्चर बनाने के महत्व पर जोर दिया जो अधिक युवाओं को खेल अपनाने के लिए प्रेरित करे।

“जो खेलेगा वो खिलेगा” खेल के महत्व और भारत के युवाओं की अधिक भागीदारी के बारे में श्री मोदी के लगातार दिए जाने वाले संदेशों में से एक रहा है। प्रधानमंत्री ने पहले भी भारत के बदलते खेल संस्कृति और युवा खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर पैदा करने की आवश्यकता के बारे में बात करते हुए इस वाक्यांश का इस्तेमाल किया है।

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Hitachi Energy Share Price: पावर इंडिया (Power India) की हिताची एनर्जी के लिए जून तिमाही धमाकेदार रही। जून तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद कई एनालिस्ट्स ने हिताची एनर्जी को अपग्रेड किया है। इसने शेयरों में ऐसा जोश भरा कि यह 10% से अधिक उछल पड़ा। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया, जिससे इसके भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 10.40% की बढ़त के साथ ₹35,967.25 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 10.77% उछलकर ₹36,089.65 (Power India Share Price) तक पहुंच गया था। आगे की बात करें तो हिताची एनर्जी के शेयरों को कवर करने वाले 20 एनालिस्ट्स में से 12 ने इसे खरीदारी, 5 ने होल्ड और 3 ने सेल रेटिंग दी है।

कैसी रही जून तिमाही

जून तिमाही में हिताची एनर्जी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 69% बढ़कर ₹2,493 करोड़ और ईबीआईटीडीए 135% उछलकर ₹363 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 10.4% से 14.5% पर पहुंच गया। इसके अलावा कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग अब ₹32,222 करोड़ के हाइएस्ट लेवल पर है और इसमें सालाना आधार पर 10% की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही कंपनी को जून तिमाही में 165 MW / 330 MWh बीईएसएस प्रोजेक्ट के लिए अपना पहला बीईएसएस ऑर्डर मिला। इसके अलावा ₹1700 करोड़ के HVDC ऑर्डर को छोड़कर कंपनी का ऑर्डर इनफ्लो सालाना आधार पर 26% बढ़कर ₹5,096 करोड़ पर पहुंच गया। इसे इंडस्ट्रियल्स, डेटा सेंटर और रिन्यूएबल सेक्टर की ग्रोथ से सपोर्ट मिला।

Hitachi Energy के शेयरों पर क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

एक्सिस कैपिटल ने इसकी रेटिंग को रिड्यूस से अपग्रेड कर ऐड कर दिया है और टारगेट प्राइस ₹32,470 से बढ़ाकर ₹35,159 कर दिया है।

प्रभुदास लीलाधर ने इसकी रेटिंग को रिड्यूस से अपग्रेड कर होल्ड और टारगेट प्राइस को ₹30,768 से बढ़ाकर ₹34,026 कर दिया है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने इसे अपग्रेड कर खरीदारी की रेटिंग दी है। साथ ही ब्रोकरेज फर्म ने इसका टारगेट ₹37,800 से बढ़ाकर ₹40,000 कर दिया है।

मैक्वेरी ने ₹38,500 के टारगेट प्राइस के साथ इसकी आउटपरफॉर्म रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वह भारत में ग्रिड विस्तार पर खर्च को लेकर पॉजिटिव है और इसका हिताची एनर्जी को फायदा मिलेगा।

सिटी ने इसका टारगेट प्राइस ₹46,700 पर फिक्स किया है जोकि इसके शेयरों के लिए हाइएस्ट टारगेट में शुमार है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बेस ऑर्डर इनफ्लो ग्रोथ, नए सेगमेंट में मार्जिन का ट्रेंड, नई कैपेसिटा का चालू होना और HVDC ऑर्डर विन पर नजर रहेगी।

नोमुरा ने खरीदारी की रेटिंग और ₹40,030 के टारगेट प्राइस के साथ हिताची एनर्जी की कवरेज शुरू की है। कंपनी का कहना है कि कई स्ट्रक्चरल थीम के एक साथ आने से कंपनी के लिए मजबूत ग्रोथ की संभावनाएं बनी हैं। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि ग्रिड ऑटोमेशन के लिए लाइफसाइकल सर्विस ऑर्डर्स, ट्रांसपोर्ट इंफ्रा का विस्तार, डेटा सेंटर्स में कई गुना बढ़ोतरी, एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस और ग्रिड इंटीग्रेशन के लिए हर साल एक HVDC प्रोजेक्ट ऑर्डर हासिल करने के लक्ष्य से इसे फायदा मिल सकता है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी पुराने हो रहे HVDC स्टेशनों के अपग्रेड से मिलने वाले मौकों का लॉन्ग-टर्म में फायदा उठाने के लिए मजबूत स्थिति में है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

हिताची एनर्जी के शेयरों ने फटाफट कम समय में ही निवेशकों की तगड़ी कमाई कराई है। 16 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹16,104.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से पांच महीने में 140.93% उछलकर 1 जून 2026 को यह ₹38,800.00 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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Electric Air Taxi: 2028 तक खत्म हो जाएगा ट्रैफिक जाम का झंझट! भारत के आसमान में उड़ेंगी इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी और कारें, जानें सभी डिटेल्स

Electric Air Taxi in india News: भारत में आने वाले कुछ सालों में हवाई सफर का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के मुताबिक, भारत का लक्ष्य 2028 तक इलेक्ट्रिक एयर टैक्सियों और कारों को आसमान में उड़ान भरते देखना है। इसके लिए अगले साल से इन अत्याधुनिक विमानों की टेस्टिंग और ट्रायल को और तेज किया जाएगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि भारत 2028 तक देश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी की उड़ान शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। उम्मीद है कि इस नई टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग अगले साल तेज हो जाएगी।

हाल ही में बेंगलुरु में सरला एविएशन के नए हेडक्वार्टर के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए नायडू ने कहा कि इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग एयरक्राफ्ट बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली जैसे भीड़-भाड़ वाले महानगरों के लिए आवाजाही का एक नया विकल्प बन सकते हैं। ANI के मुताबिक नायडू ने कहा, “हम चाहते हैं कि 2028 तक ये मशीनें भारत में उड़ान भरें। इनकी बहुत ज्यादा जरूरत है, न सिर्फ बेंगलुरु में, बल्कि मुंबई और दिल्ली में भी…।”

15 मिनट में नोएडा से गुरुग्राम

कल्पना कीजिए कि आप अपने मोबाइल से टैक्सी बुक करते हैं। लेकिन यह टैक्सी सड़क पर आने के बजाय किसी बिल्डिंग की छत पर बने खास वर्टिपैड पर आपका इंतजार कर रही है। आप लिफ्ट से ऊपर पहुंचते हैं, एक ऐसे इलेक्ट्रिक विमान में बैठते हैं जो देखने में किसी बड़े ड्रोन जैसा लगता है। कुछ ही सेकंड में वह सीधे आसमान में उड़ जाता है।

सड़क के जाम में फंसने के बजाय यह एयर टैक्सी शहर के ऊपर से उड़ते हुए आपको एयरपोर्ट तक पहुंचा देती है। दावा है कि भविष्य में ऐसी यात्रा के जरिए एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि एयर टैक्सी शुरू होने के बाद नोएडा से गुरुग्राम पहुंचने में सिर्फ 10 से 15 मिनट लगेंगे।

मंत्री ने क्या कहा?

मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरला एविएशन अगले साल पूरी तरह से टेस्टिंग के दौर में आ जाएगी। जबकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) टेस्टिंग, सुरक्षा और नियमों पर इंडस्ट्री के साथ काम करना जारी रखेंगे। नायडू ने यह भी कहा कि DGCA ने सरला एविएशन को डिजाइन ऑर्गनाइजेशन अप्रूवल दिया है, जो कंपनी के eVTOL एयरक्राफ्ट के डेवलपमेंट में एक रेगुलेटरी कदम है। मंत्री ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि अगले साल हम पूरी तरह से टेस्टिंग के दौर में होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “2028 तक हम इसे हकीकत बनाने की योजना बना रहे हैं।”

क्या होती है इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी?

इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी को टेक्नीकल भाषा में eVTOL यानी Electric Vertical Take-Off and Landing Aircraft कहा जाता है। इन टैक्सी की खासियत यह है कि इन्हें हेलीकॉप्टर की तरह रनवे की जरूरत नहीं होती। ये डायरेक्ट जमीन या वर्टिपैड से ऊपर उड़ सकते हैं। साथ ही उसी तरह नीचे उतर भी सकते हैं।

Electric Air Taxi

इनके डिजाइन में फ्लाइट और हेलीकॉप्टर दोनों की झलक दिखाई देती है। इनमें कई रोटर या इलेक्ट्रिक फैन लगाए जाते हैं, जो विमान के पंखों या उसके बाहरी हिस्सों पर लगे होते हैं। हेलीकॉप्टर की तरह eVTOL भी लंबवत उड़ान भर सकता है। लेकिन इसमें एक बड़े रोटर की जगह कई छोटे रोटर या फैन इस्तेमाल किए जाते हैं।

बैटरी और इलेक्ट्रिक तकनीक ने खोला रास्ता

eVTOL टेक्नोलॉजी का विचार नया नहीं है। इस दिशा में कई दशकों से काम हो रहा है। लेकिन हाल के सालों में बैटरी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी में हुई प्रगति ने इसे कमर्शियल इस्तेमाल के करीब पहुंचा दिया है। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी बड़े पैमाने पर सफल होती हैं तो शहरों में सड़क ट्रैफिक का कुछ हिस्सा आसमान में शिफ्ट किया जा सकता है।

जॉर्जिया टेक के वर्टिकल लिफ्ट रिसर्च सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की निदेशक मर्लिन स्मिथ के मुताबिक, बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण गंभीर समस्या बन चुके हैं। ऐसे में परिवहन के मौजूदा तरीकों पर दोबारा विचार करने की जरूरत है।

किन कामों में इस्तेमाल हो सकती हैं eVTOL?

शुरुआत में इलेक्ट्रिक एयर कारों का इस्तेमाल लोगों को कम और मध्यम दूरी तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। कई eVTOL कंपनियां एयरलाइंस के साथ मिलकर एयर-टैक्सी सर्विस शुरू करने की दिशा में काम कर रही हैं। लेकिन इनका इस्तेमाल सिर्फ यात्रियों को लाने-ले जाने तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में इनका उपयोग कई क्षेत्रों में किया जा सकता है, जैसे-

  • मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में एयर टैक्सी का इस्तेमाल हो सकेगा।
  • आग बुझाने और फायरफाइटिंग में भी ये काम करेगा।
  • इसके अलावा डिफेंस सेक्टर में, खेती और कृषि कार्यों में, पर्यटन क्षेत्र में, शहरों के बीच एयर टैक्सी सेवा का लाभ उठाया जा सकेगा।

कौन-कौन सी कंपनियां दौड़ में हैं?

अमेरिका में Archer, BETA Technologies और Joby जैसी कंपनियां इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी विकसित करने और उन्हें कमर्शियल सर्विस में लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। इनमें से कुछ कंपनियां अंतिम FAA सुरक्षा मंजूरी के करीब पहुंच चुकी हैं। हालांकि, आम यात्रियों के लिए एयर टैक्सी की नियमित बुकिंग कब से शुरू होगी, इसकी कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं है। फिर भी इस उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का दौर लोगों की उम्मीद से काफी करीब है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह टेक्नोलॉजी?

भारत जैसे तेजी से बढ़ते शहरीकरण और भारी ट्रैफिक वाले देश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी भविष्य के परिवहन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। खासतौर पर भारी ट्रैफिक जाम का सामने करने वाली दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में एयरपोर्ट और शहर के दूसरे हिस्सों के बीच तेज कनेक्टिविटी के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

Electric Air TaxiS

अगर तकनीक, सुरक्षा, लागत और इससे जुड़े अथॉरिटी की मंजूरी से जुड़ी चुनौतियां समय पर दूर होती हैं, तो 2028 के आसपास भारत में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का सपना हकीकत में बदलता दिखाई दे सकता है। यानी आने वाले समय में सड़क पर कैब बुक करने के साथ-साथ मोबाइल से आसमान में उड़ने वाली टैक्सी भी बुक करने का विकल्प मिल सकता है।

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Amruta Khanvilkar: अमृता खानविलकर ने हिमांशु मल्होत्रा ​​के साथ तलाक की अफवाहों पर लीगल एक्शन लेने की कही बात

Amruta Khanvilkar: एक्ट्रेस अमृता खानविलकर ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह अपनी पर्सनल लाइफ और एक्टर हिमांशु मल्होत्रा ​​के साथ अपनी शादी से जुड़ी खबरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी। एक्ट्रेस की “लीगल टीम” की ओर से एक बयान जारी कर सोशल मीडिया पर डाला गया है, जिसमें सभी को एक्ट्रेस के बारे में “बेबुनियाद” बातें छापने या फैलाने से बचने की चेतावनी दी गई है।

यह बयान तब आया है जब ऐसी खबरें फैलने लगीं कि अमृता और हिमांशु एक साल से ज़्यादा समय से अलग-अलग रह रहे हैं। बयान में कहा गया है- “आधिकारिक कानूनी बयान – 10 अगस्त 2026 से लागू।” हमारे ध्यान में आया है कि कुछ ऑनलाइन, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म अमृता खानविलकर और उनकी निजी जिंदगी के बारे में ऐसी सामग्री फैला रहे हैं, जो बेबुनियाद और मानहानि करने वाली है, और या उनकी निजता का उल्लंघन करती है।”

एक्ट्रेस ने आगे कहा- “हालांकि अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान किया जाता है, लेकिन अमृता खानविलकर के बारे में मानहानि करने वाले बयान, अफवाहें, बिना पुष्टि वाले आरोप या गुमराह करने वाली जानकारी प्रकाशित करने, फैलाने या शेयर करने के लिए इस आजादी का कोई भी गलत इस्तेमाल गंभीरता से लिया जाएगा।”

“जहां भी उपलब्ध सबूतों से पुष्टि होती है, वहां ऐसे कंटेंट को बनाने, पब्लिश करने, फैलाने या शेयर करने के लिए ज़िम्मेदार व्यक्तियों, संस्थाओं या संगठनों के खिलाफ़ लागू कानून के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उचित कानूनी कार्रवाई के लिए ऐसे सभी मामलों पर नज़र रखी जा रही है और उनका रिकॉर्ड रखा जा रहा है – लीगल टीम, अमृता खानविलकर।”

अमृता और हिमांशु की बात करें तो, दोनों की पहली मुलाकात 2004 में ‘इंडियाज बेस्ट सिनेस्टार्स की खोज’ के सेट पर हुई थी। कुछ समय तक डेटिंग करने के बाद, उन्होंने जनवरी 2015 में शादी कर ली। उसी साल बाद में, यह कपल ‘नच बलिए 7’ में एक साथ नज़र आया।

अमृता हाल ही में ‘टास्करी द स्मगलर्स वेब’ और ‘तू या मैं’ में नजर आई थीं। हिमांशु ‘फूंक’, ‘हिम्मतवाला’ और ‘राज़ी’ में अपने काम के लिए जाने जाते हैं। टेलीविज़न पर, वह ‘भागोंवाली – बांटें अपनी तकदीर’, ‘लव मैरिज या अरेंज्ड मैरिज’ और ‘चीकू की मम्मी दूर केई’ जैसे शो का हिस्सा रहे हैं।

Raymond Realty में जबरदस्त सेलिंग, Q1 में मुनाफा घटने के बाद शेयर 10% फिसला

रेमंड रियल्टी लिमिटेड (RRL) के शेयर में 10 अगस्त को 10.5 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। बीएसई पर शेयर 617.10 रुपये के लो तक गया। कंपनी ने शुक्रवार, 7 अगस्त को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए थे। उन पर बाजार आज प्रतिक्रिया दे रहा है। कंपनी का मुनाफा घटने से शेयर में बिकवाली का दबाव है। रेमंड रियल्टी का जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 13.43 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले मुनाफा 16.50 करोड़ रुपये था।

कुल इनकम 535.71 करोड़ रुपये रही, जो जून 2025 तिमाही में 391.86 करोड़ रुपये रही थी। कुल खर्च 520.54 करोड़ रुपये के हो गए, जो जून 2025 तिमाही में 370.41 करोड़ रुपये के थे। रेमंड रियल्टी ने जून 2026 तिमाही में 700 करोड़ रुपये की सेल्स बुकिंग दर्ज की, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा 306 करोड़ रुपये था।

जून 2026 तिमाही में कंपनी का EBITDA (अर्निंग्स बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन) दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 61.2 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 29.8 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन बेहतर होकर 11.6 प्रतिशत हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 7.8 प्रतिशत था।

जुलाई 2025 में डीमर्ज होकर लिस्ट हुई थी Raymond Realty

रेमंड रियल्टी, रेमंड लिमिटेड से अलग होकर लिस्ट हुआ रियल्टी बिजनेस है। कंपनी के शेयर 1 जुलाई 2025 को शेयर बाजार में लिस्ट हुए। डीमर्जर के तहत रिकॉर्ड डेट 14 मई 2025 तक जिन शेयरहोल्डर्स के पास रेमंड के शेयर थे, उन्हें उनके पास मौजूद हर एक शेयर पर रेमंड रियल्टी का एक शेयर दिया गया। इससे पहले रेमंड समूह ने लाइफस्टाइल और फैशन कारोबार को अलग किया था। इसके बाद रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटेड नामक एक अलग लिस्टेड एंटिटी सामने आई। इस डीमर्जर के हिस्से के रूप में, रेमंड लिमिटेड के शेयरधारकों को उनके पास मौजूद रेमंड के हर 5 शेयरों पर रेमंड लाइफस्टाइल के 4 शेयर मिले थे।

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शेयर 6 महीनों में 30 प्रतिशत मजबूत

कंपनी का मार्केट कैप 4100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह 6 महीनों में लगभग 30 प्रतिशत बढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.93 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

विदेशी डिग्री का क्रेज खत्म,घर लौटे 52 लाख चीनी छात्र:कम हुआ विदेश जाने का रुझान; पिछले साल 94% छात्र स्वदेश लौटे

चीन में विदेश जाकर पढ़ाई करने का चलन तेजी से कम हो रहा है। माता-पिता मानते हैं कि देश के अपने विश्वविद्यालय अब पहले से बेहतर हो गए हैं। इसलिए भारी खर्च करके विदेश जाने का फायदा कम दिखता है। इसी वजह से 2019 में जहां 7 लाख छात्र विदेश पढ़ने गए थे, 2025 में यह संख्या घटकर करीब 5.7 लाख रह गई। दूसरी ओर विदेश से पढ़ाई पूरी करके चीन लौटने वालों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 2025 में विदेश में रुकने के बजाय करीब 94% छात्र वापस लौट आए। 10 साल में कुल 52 लाख ग्रेजुएट लौट चुके हैं। न्यू ओरिएंटल के आंकड़ों के मुताबिक, विदेश से लौटने वाले छात्रों की शुरुआती सैलरी औसतन करीब 1.80 लाख रुपए प्रति महीना है। वहीं, देश में ही पढ़ाई करने वालों की औसत सैलरी करीब 1 लाख रुपए है। हालांकि हालात ऐसे हैं कि कई विदेश-पढ़े युवाओं को इससे भी कम कमाई मिल रही है और गुजारे के लिए डिलीवरी जैसे काम करने पड़ रहे हैं। विदेशी डिग्री का फायदा घटा,कंपनियों का नजरिया बदला कई कंपनियां अब विदेशी डिग्री को पहले जैसी तरजीह नहीं देतीं। विदेश की पढ़ाई के कोर्स की समय सीमों कम होना और आसान दाखिले के कारण कुछ एचआर इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाते हैं। जैसे चीन में पोस्ट ग्रेजुएशन तीन साल का होता है। वहीं ब्रिटेन और अमेरिका में एक साल का। सरकारी नौकरियों में भी विदेश से पढ़े युवाओं के लिए मुश्किलें बढ़ी हैं। शिक्षा पर खर्च बढ़ा तो परिवारों ने बजट घटाया विदेश में पढ़ाई का खर्च तेजी से बढ़ा है। सर्वे के मुताबिक, 2025 में विदेश पढ़ाई का औसत खर्च बढ़कर 85 लाख रुपए हो गया है। यह 2023 के मुकाबले करीब 20% ज्यादा है। इसलिए जो छात्र अब भी बाहर जा रहे हैं, वे ऐसे देश चुन रहे हैं जहां पैसा वसूल हो सके। चीन की यूनिवर्सिटीज मजबूत, फीस कम चीन के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में सुधार हुआ है। वर्ल्ड रैंकिंग में पेकिंग और त्सिंगहुआ यूनिवर्सिटी अब 13वें और 14वें नंबर पर हैं। देश के ‘985’ और ‘211’ समूह के कॉलेज कई विदेशी संस्थानों से बेहतर माने जा रहे हैं। सरकारी यूनिवर्सिटी की सालाना फीस विदेशों के से बहुत कम है।

DLF The Dahlias: ₹271 करोड़ में बिक गया डीएलएफ का सुपर-लग्जरी पेंटहाउस! गुरुग्राम के ‘द डहेलियाज’ में हुई मेगा डील

DLF The Dahlias Penthouse Sold: देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने गुरुग्राम में स्थित अपने अपकमिंग सुपर-लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट ‘द डहलियाज’ में एक पेंटहाउस ₹271 करोड़ में बेचा है। प्रति वर्ग फुट की दर से देखा जाए तो यह भारतीय रियल एस्टेट इतिहास के सबसे महंगे मकान सौदों में से एक बन गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस अल्ट्रा-लग्जरी पेंटहाउस को इम्पीरियल ऑटो से जुड़े उद्यमी मानव सरदाना ने खरीदा है।

₹1.58 लाख प्रति वर्ग फुट पर हुई डील 

डीएलएफ के इस पेंटहाउस की कीमतें और इसका साइज देखकर हर कोई हैरान है। इस पेंटहाउस का सुपर एरिया 17,200 वर्ग फुट और कारपेट एरिया 10,500 वर्ग फुट है। सुपर एरिया के हिसाब से यह सौदा करीब ₹1.58 लाख प्रति वर्ग फुट में हुआ है। वहीं अगर कारपेट एरिया के आधार पर गणना करें, तो इसकी कीमत ₹2.6 लाख प्रति वर्ग फुट बैठती है।

डीएलएफ ने अक्टूबर 2024 में गुरुग्राम के DLF Phase 5 में 17 एकड़ में फैले इस सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहेलियाज’ को लॉन्च किया था। इस प्रोजेक्ट में कुल 420 अपार्टमेंट और पेंटहाउस शामिल हैं।

₹40,000 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट, 65% यूनिट्स बिकीं

डीएलएफ को ‘द डहेलियाज’ प्रोजेक्ट से ₹40,000 करोड़ से अधिक के कुल रेवेन्यू की उम्मीद है। लॉन्च के बाद से अब तक इस प्रोजेक्ट की 65% से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं। इस प्रोजेक्ट में नॉर्मल अपार्टमेंट की कीमत ₹100 करोड़ से ₹170 करोड़ के बीच है, जबकि पेंटहाउसेज की कीमत इससे भी ज्यादा है।

कोरोना महामारी के बाद से ही देश के प्रमुख 7 बड़े शहरों में लग्जरी और सुपर-लग्जरी अपार्टमेंट्स की मांग में जबरदस्त उछाल आया है, जिसमें गुरुग्राम और मुंबई सबसे आगे बने हुए हैं।

डीएलएफ का बिजनेस आउटलुक और Q1 नतीजे

चालू वित्त वर्ष (FY27) की पहली तिमाही में कोई नया प्रोजेक्ट लॉन्च न होने के कारण डीएलएफ की सेल्स बुकिंग 94% घटकर ₹657 करोड़ रह गई थी। इसके बावजूद कंपनी अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त है। वित्त वर्ष 2025-26 में डीएलएफ ने ₹20,143 करोड़ की सेल्स बुकिंग दर्ज की थी।

चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कंपनी ने ₹20,000 करोड़ के सालाना सेल्स बुकिंग गाइडेंस को हासिल करने का भरोसा जताया है। जून तिमाही में कुल आय घटकर ₹1,605.56 करोड़ रहने के बावजूद डीएलएफ का समेकित शुद्ध लाभ 4% बढ़कर ₹793.90 करोड़ हो गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।