40 एकड़ की जमीन पर बने Centre of Excellence में है 3 क्रिकेट ग्राउंड 40 नेट पिच, 16 हजार Sq Ft का जिम (Video)

बीते कुछ दिनों में बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अच्छी खबरों में नहीं रहा है। जिन खिलाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट बांटे जाते हैं वह मैदान पर आकर अनफिट हो जाते हैं। लेकिन 9 अगस्त को  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2 साल पूरे किए और क्रिकेटर्स को दी जाने वाली तमाम सुविधाएं ही इसकी उपलब्धि है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 3 बड़े क्रिकेट ग्राउंड है जिसमें अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मैच हो चुके हैं। 40 नेट पिच और 33 सेंटर विकेट्स हैं। 8 लेन का इनडोर प्रेक्टिस एरिया है और 16 हजार Sq Ft का जिम है।इसका वीडियो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अपलोड किया।

बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मीडिया से बातचीत में सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, ‘‘उन्होंने बीसीसीआई की शीर्ष परिषद के सभी सदस्यों को साथ लिया और दृढ़ निर्णय किया कि इस परिसर का निर्माण युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। हमें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी की पुरानी और अस्थायी व्यवस्था से आगे बढ़ने की जरूरत थी।’’ काम शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए शाह कई बार व्यक्तिगत रूप से यहां आए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई बड़ी परियोजना शुरू करनी होती है तो कई नियमों का पालन करना पड़ता है। इसके अलावा जमीन को नियमित कराना भी जरूरी था। इन सभी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए जय कई मौकों पर खुद यहां आए।’’ यह सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि 40 एकड़ की यह जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी और कई लोग इसे वापस लेना चाहते थे। इसलिए 14 फरवरी 2022 को काम शुरू होने से पहले हर चीज को मंजूरी दिलाना जरूरी था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ बदलाव का दौर चुनौतीपूर्ण था। उस समय रोजर बिन्नी अध्यक्ष थे और हमने वीवीएस लक्ष्मण की भी मदद ली, जो उस समय इस पूरी योजना का हिस्सा बन चुके थे।’’

लक्ष्मण ने भी उस लंबे सफर को याद किया, जिसके लिए वह हैदराबाद से बेंगलुरु आए थे। उन्होंने बताया कि 2021 में जय शाह और तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने उनसे संपर्क किया था। उस समय राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने जा रहे थे और बोर्ड राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में निरंतरता बनाए रखना चाहता था।

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘मेरे लिए यह कठिन फैसला था। लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर मेरा हमेशा मानना रहा है कि जिन पूर्व खिलाड़ियों को इस महान खेल से लाभ मिला है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे खेल के लिए अपना योगदान वापस दें। इसी सोच के साथ मैं दिसंबर 2021 में बेंगलुरु आ गया।’’ पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने पूरी परियोजना के दौरान शाह के मार्गदर्शन को याद करते हुए कहा, ‘‘करीब दो साल के भीतर पूरा बुनियादी ढांचा तैयार होकर काम करने लगा। इसका बड़ा श्रेय जय शाह को जाता है। वह उस समय बीसीसीआई सचिव थे और मैंने खुद देखा कि वह आर्किटेक्ट और L&T की टीम के साथ होने वाली हमारी विभिन्न बैठकों में कितनी दिलचस्पी लेते थे। उनका प्रयास रहता था कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हर पहलू का ध्यान रखा जाए।’’

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘यह देखकर अच्छा लगता है कि जो दृष्टिकोण था, उसे हकीकत में बदला गया। मेरा मानना है कि सभी नेतृत्व करने वालों के पास विजन होता है, लेकिन वह विजन तभी सार्थक होता है जब उसे वास्तविकता में बदला जाए। हमने नवंबर 2024 में उस विजन को वास्तविकता के रूप में देखा।’

Motorola Edge 70 Neo की पहली झलक लीक, 200MP कैमरे के साथ 4 कलर में आएगा फोन!

Motorola Edge 70 Neo के लॉन्च से पहले ही इसके नए लीक हुए रेंडर सामने आए हैं। इन तस्वीरों से आने वाले स्मार्टफोन की पहली झलक मिलती है और पता चलता है कि Motorola इस डिवाइस के लिए कई डिजाइन और कलर ऑप्शन तैयार कर रहा है। यह हैंडसेट पहले ही भारत में कंपनी के Android 17 टेस्टिंग प्रोग्राम में देखा जा चुका है, जिससे संकेत मिलता है कि इसका आधिकारिक लॉन्च जल्द ही हो सकता है। हालांकि, Motorola ने अभी तक Edge 70 Neo की पुष्टि नहीं की है और न ही इसके स्पेसिफिकेशन, कीमत या उपलब्धता के बारे में कोई जानकारी दी है।

Motorola Edge 70 Neo के लीक से 200MP कैमरे का संकेत मिला है

‘द मैक ऑब्जर्वर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉन्च से पहले Motorola Edge 70 Neo के लीक हुए रेंडर सामने आए हैं, जिनमें इसका डिजाइन और चार कलर ऑप्शन दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में पतले बेजल और बीच में पंच-होल कैमरे वाली फ्लैट डिस्प्ले दिख रही है, जबकि पिछले हिस्से में तीन लेंस और 200MP की ब्रांडिंग वाला उभरा हुआ स्क्वायर कैमरा मॉड्यूल है। इसके अलावा, बैक पैनल के बीच में Motorola का मशहूर बैटविंग लोगो है।

लीक हुए चार रेंडर्स में कथित Motorola Edge 70 Neo को dark green, light blue, olive green और pale pink कलर में दिखाया गया है। इसके रियर पैनल का टेक्सचर अलग-अलग लग रहा है, और Pink कलर वाले मॉडल में एक खास पैटर्न है। हालांकि, Motorola ने कलर्स के आधिकारिक नामों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन कंपनी आमतौर पर अपने स्मार्टफोन के कलर के लिए Pantone ब्रांडिंग का इस्तेमाल करती है।

खबरों के मुताबिक, भारत में Motorola के Android 17 बीटा टेस्टिंग प्रोग्राम के जरिए Motorola Edge 70 Neo का नाम पहले ही सामने आ चुका है। कंपनी की टेस्टिंग एक्टिविटी में इसके दिखने से यह संकेत मिला था कि Motorola इस अनअनाउंसड हैंडसेट को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है।

इससे पहले सामने आई कुछ रिपोर्ट्स में Motorola Edge 70 Neo को Motorola Edge 2026 से जोड़ा गया था, जिसे जून में नॉर्थ अमेरिका में लॉन्च किया गया था। हालांकि, नए रेंडर्स में दिख रही कैमरा ब्रांडिंग से पता चलता है कि दोनों मॉडल्स के फाइनल स्पेसिफिकेशन्स अलग-अलग हो सकते हैं।

बता दें कि Motorola Edge 70 Neo कंपनी की बढ़ती हुई Edge 70 सीरीज का नया मॉडल हो सकता है। Motorola ने भारत में इस सीरीज का स्टैंडर्ड Edge 70 दिसंबर 2025 में लॉन्च किया था। इसके बाद मार्च 2026 में Edge 70 Fusion और Edge 70 Fusion+ पेश किए गए।

इसके बाद अप्रैल में Edge 70 Pro ने एंट्री की, जबकि Edge 70 Pro+ और Edge 70 Max को क्रमशः जून और जुलाई 2026 में लॉन्च किया गया।

हालांकि, खास बात यह है कि Edge 70 Fusion+ को भारत में लॉन्च नहीं किया गया था। अगर Edge 70 Neo भारत में आता है, तो यह सीरीज में एक और नया विकल्प जोड़ देगा।

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2026 MotoGP: Raul Fernandez dominates British GP for maiden win of the season

Raul Fernandez celebrates British GP win

Raul Fernandez put a disappointing Saturday behind him by leading every lap and winning Sunday’s British Grand Prix at Silverstone, claiming his first Grand Prix victory of the season and becoming the 12th different winner in the last 12 British GPs. The Trackhouse rider crossed the line 2.5 seconds clear of championship leader Jorge Martin, with Martin’s Aprilia teammate Marco Bezzecchi completing an all-Aprilia podium in third.

  1. Fernandez becomes the 12th different Silverstone winner in a row
  2. Ai Ogura crashes out from second in the standings
  3. Martin extends championship lead to 31 points over Bezzecchi

Fernandez untouchable from lights to flag

Fernandez made amends for a sprint-race error a day earlier with a flawless launch from second on the grid, snatching the holeshot ahead of Bezzecchi as polesitter Martin got caught up battling fellow Aprilia rider Ai Ogura through the opening corners. Marc Marquez capitalised to move into third before Martin fought his way back past the Ducati rider soon after. The battle behind allowed Fernandez to immediately build a healthy advantage, with the Spaniard setting a new lap record just a few laps into the race.

Mid-race drama as four riders crash in quick succession

The fight behind the leader turned chaotic soon after. Enea Bastianini, Iker Lecuona and Cal Crutchlow all crashed out across Laps 6 and 7. A lap later, Francesco Bagnaia also went down, eliminating the factory Ducati rider from contention.

On Lap 9, Martin passed teammate Bezzecchi to move into second, while Alex Marquez had worked his way up to third. One of the defining moments of the race and potentially the championship came a few laps later when Ogura crashed out while running fifth. The incident marked the Japanese rider’s first race retirement of the season and dropped him from second in the championship standings.

At the front, Fernandez was in a class of his own. With five laps remaining, he held a lead of more than four seconds over Martin, although the gap narrowed slightly in the closing laps. Martin was never close enough to mount a challenge, and Fernandez eventually took the chequered flag 2.5 seconds clear. Bezzecchi completed an all-Aprilia podium in third, marking a return to the podium in his first race back since surgery.

Alex Marquez finished fourth as the leading Ducati rider, ahead of Pedro Acosta and Fabio Di Giannantonio. Marc Marquez could only manage seventh after struggling with tyre wear throughout the race, while Brad Binder claimed eighth for a second consecutive top-10 finish. Luca Marini finished ninth, with Diogo Moreira completing the top ten.

Championship standings

Martin’s second-place finish extends his championship lead to 31 points over Bezzecchi, who moves up to second in the standings following Ogura’s crash. Marc Marquez now sits fourth, 40 points behind Martin after a difficult weekend, while Fernandez’s maiden win of the season reduces his deficit to 56 points with ten rounds remaining.

चीन में 150 kmph की रफ्तार से टकराया डॉल्फिन तूफान:शंघाई में 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश, 10 लाख लोग सुरक्षित जगह पहुंचाए गए

चीन के पूर्वी हिस्से से रविवार को करीब 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान टकराया है। इसके असर से पूर्वी और मध्य चीन में तेज बारिश हो रही है। शंघाई में 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। चीनी अधिकारियों के मुताबिक, तूफान के कारण पिछले कुछ दिनों में 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। साथ ही, 1,500 से ज्यादा इमरजेंसी शेल्टर बनाए गए। चीन के नेशनल मेटियोरोलॉजिकल सेंटर (NMC) ने सोमवार सुबह टाइफून अलर्ट को घटाकर सबसे निचले स्तर के ब्लू अलर्ट पर कर दिया। हालांकि, झेजियांग के कुछ हिस्सों में फ्लैश फ्लड का सबसे गंभीर अलर्ट अभी भी जारी है। कई जगह लैंडफॉल की भी खबरें सामने आई हैं। 943 उड़ाने रद्द की गई, लोकल ट्रेन भी बंद शंघाई में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर के दो प्रमुख एयरपोर्ट पर सोमवार को 943 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दक्षिण-पश्चिम चीन के चेंगदू से रविवार को शंघाई जा रही एक फ्लाइट बारिश के कारण शंघाई में लैंड नहीं कर सकी। विमान को कुछ देर शंघाई के ऊपर चक्कर लगाने के बाद बीजिंग डायवर्ट कर दिया गया। वहां उतरने के बाद विमान रात में चेंगदू लौट गया। इसके अलावा लोकल ट्रेन समेत कई आम लोगों के लिए परिवहन सेवाएं भी बंद रहीं। झेजियांग के निंगबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार दोपहर से उड़ानें फिर शुरू कर दी गईं। हालांकि, एयरपोर्ट ने कहा कि तूफान का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है या उन्हें रद्द करना पड़ सकता है। बीजिंग में बारिश का रेड अलर्ट जारी चीन की राजधानी बीजिंग भी अलर्ट पर है। शहर के पांच जिलों में सोमवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया। कुछ इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बताया गया। बीजिंग के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। लोगों को जरूरी काम के अलावा बाहर न निकलने और आउटडोर गतिविधियां रोकने की सलाह दी गई है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान अब उत्तर-पश्चिम दिशा में 15 से 20 kmph की रफ्तार से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, डॉल्फिन का क्लाउड सिस्टम करीब 1,300 km तक फैला है। चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।

चीन में 150 kmph की रफ्तार से टकराया डॉल्फिन तूफान:शंघाई में 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश, 10 लाख लोग सुरक्षित जगह पहुंचाए गए

जापान में तबाही मचाने के बाद डॉल्फिन तूफान अब चीन पहुंच गया है। रविवार देर रात इसने पूर्वी चीन के तटीय इलाकों में दस्तक दी। उस समय इसकी रफ्तार करीब 150 किमी प्रति घंटे थी। इसके बाद कई शहरों में तेज बारिश शुरू हो गई। सबसे ज्यादा असर शंघाई में दिखा, जहां पिछले 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। चीनी अधिकारियों के मुताबिक, खतरे को देखते हुए 10 लाख से ज्यादा लोगों को पहले ही सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था। चीनी मीडिया SCMP के मुताबिक अब तूफान कमजोर पड़ रहा है। इसलिए चीन की मौसम एजेंसी ने चेतावनी का स्तर घटा दिया है। हालांकि, लगातार बारिश की वजह से बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। कुछ जगहों पर पहाड़ों से मिट्टी और चट्टानें खिसकने की घटनाएं भी हुई हैं। टाइफून की तस्वीरें… 943 उड़ाने रद्द की गई, लोकल ट्रेन भी बंद शंघाई में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर के दो प्रमुख एयरपोर्ट पर सोमवार को 943 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दक्षिण-पश्चिम चीन के चेंगदू से रविवार को शंघाई जा रही एक फ्लाइट बारिश के कारण शंघाई में लैंड नहीं कर सकी। विमान को कुछ देर शंघाई के ऊपर चक्कर लगाने के बाद बीजिंग डायवर्ट कर दिया गया। वहां उतरने के बाद विमान रात में चेंगदू लौट गया। इसके अलावा लोकल ट्रेन समेत कई आम लोगों के लिए परिवहन सेवाएं भी बंद रहीं। झेजियांग के निंगबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार दोपहर से उड़ानें फिर शुरू कर दी गईं। हालांकि, एयरपोर्ट ने कहा कि तूफान का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है या उन्हें रद्द करना पड़ सकता है। बीजिंग में बारिश का रेड अलर्ट जारी चीन की राजधानी बीजिंग भी अलर्ट पर है। शहर के पांच जिलों में सोमवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया। कुछ इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बताया गया। बीजिंग के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। लोगों को जरूरी काम के अलावा बाहर न निकलने और आउटडोर गतिविधियां रोकने की सलाह दी गई है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान अब उत्तर-पश्चिम दिशा में 15 से 20 kmph की रफ्तार से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, डॉल्फिन का क्लाउड सिस्टम करीब 1,300 km तक फैला है। चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।

Amara Raja Q1 Results: अमारा राजा का मुनाफा 15% बढ़ा, EV बैटरी कारोबार पर बड़ा दांव

Amara Raja Q1 Results: ऑटोमोटिव बैटरी बनाने वाली कंपनी Amara Raja Energy & Mobility ने जून तिमाही में अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 15.8% बढ़कर 191 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 165 करोड़ रुपये था।

कंपनी की रेवेन्यू 24% बढ़कर 4,214.5 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 3,401 करोड़ रुपये थी।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी बेहतर

तिमाही में अमारा राजा का EBITDA 11.7% बढ़कर 405.9 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल यह 363.5 करोड़ रुपये था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 10.7% से घटकर 9.6% रह गया। यानी कमाई बढ़ी, लेकिन मार्जिन पर थोड़ा दबाव रहा।

बैटरी कारोबार से सबसे ज्यादा कमाई

अमारा राजा की सबसे ज्यादा कमाई लीड-एसिड बैटरी और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स से हुई। इस कारोबार की रेवेन्यू 3,279.79 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,005.24 करोड़ रुपये हो गई।

वहीं, न्यू एनर्जी बिजनेस की रेवेन्यू 121.29 करोड़ रुपये से बढ़कर 209.30 करोड़ रुपये रही। इस कारोबार का घाटा भी 35.20 करोड़ रुपये से घटकर 22.05 करोड़ रुपये रह गया। यानी नए कारोबार में भी सुधार दिखा।

EV बैटरी कारोबार में बढ़ाया निवेश

अमारा राजा ने तिमाही के दौरान अपनी सब्सिडियरी Amara Raja Advanced Cell Technologies (ARACT) में करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके बाद इस कंपनी में कुल निवेश बढ़कर 1,650.01 करोड़ रुपये हो गया।

EV बैटरी सेल पर क्या है प्लान?

पिछले महीने कंपनी ने कहा था कि भारत में बनने वाली उसकी पहली EV बैटरी सेल शुरुआत में चीन की बैटरी सेल जितनी सस्ती नहीं होगी। लेकिन कंपनी का मानना है कि स्थानीय उत्पादन बढ़ेगा और सरकार लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगी। , इसके बाद ग्राहक भारत में बनी बैटरी के लिए अतिरिक्त कीमत चुकाने को तैयार होंगे।

कंपनी अपनी पहली 2170 सिलेंड्रिकल बैटरी सेल लॉन्च करने जा रही है। इसे सबसे पहले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए तैयार किया गया है। इसका इस्तेमाल ड्रोन और पावर टूल्स में भी किया जा सकेगा। फिलहाल कई EV कंपनियां इन बैटरी सेल का परीक्षण कर रही हैं। कंपनी का कहना है कि ग्राहकों को इन्हें अपनाने में थोड़ा समय लग सकता है।

Amara Raja शेयरों का हाल

नतीजों के बाद Amara Raja Energy & Mobility के शेयर दबाव में दिखे। कंपनी का शेयर 3.74% की गिरावट के साथ 896.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने से स्टॉक तकरीबन फ्लैट है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें 6% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 17.05 हजार करोड़ रुपये है।

Hindustan Copper Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 163% बढ़ा, रेवेन्यू में 81% का उछाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मीराबाई चानू ने PM को बताया, क्यों गोल्ड जीतने के बाद छलक आए थे आंसू (Video)

Mirabai Chanu

Mirabai Chanu

 

जब प्रधानमंत्री ने मीराबाई से उनसे सम्मान समारोह में भावुक होने का कारण पूछा तो मीराबाई ने पेरिस ओलंपिक में खाली हाथ आने को कारण बताया। राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान  मीराबाई ने कुल 190 किलोग्राम, स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंव जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाया और स्वर्ण पदक जीता। मीरबाई चानू ने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था।

पदक मंच पर सबसे ऊंचे स्थान पर खड़े होकर राष्ट्रगान गाते समय उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उनके बालों में तिरंगे के रंग की रिबन भी सजी हुई थी।मीराबाई ने तब  पत्रकारों से बातचीत में सबसे पहले कहा था, ‘‘जल्दी-जल्दी करो, मैंने दो दिन से कुछ खाया नहीं है। ’’

प्रधानमंत्री मोदी ने जब इसका कारण पूछा तो मीराबाई ने कहा , ‘सर, वह खुशी के आंसू थे। रोने का कारण पेरिस ओलंपिक में विफलता था। इसके बाद चोटों का एक लंबा सिलसिला चला। इस दौरान परिवार में भी काफी कुछ चला लेकिन पदक मंच पर जब राष्ट्रगान बजा तो मेरे आंसू बह निकले।

टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई के लिए वह दिन बेहद भावुक रहा। अपनी मां और कोच विजय शर्मा के समर्थन का जिक्र करते हुए वह एक बार फिर भावुक हो गईं थी।

उन्होंने कहा था, ‘‘उन्होंने हर अच्छे-बुरे समय में मेरा साथ दिया है। परिवार और दोस्तों की उम्मीदों का मुझ पर काफी दबाव था। भारत के लिए तीसरा स्वर्ण पदक जीतकर बहुत खुशी  है। मैं इन खेलों में खुद पर ज्यादा जोर नहीं डालना चाहती थी, लेकिन मेरा पहला प्रयास असफल रहा। कोच और मैंने पहले से तय किया था कि मैं दोनों स्पर्धाओं में केवल दो-दो प्रयास ही करूंगी। ’’

3 Reasons to buy the Mahindra XUV 3XO and 2 reasons not to

Mahindra XUV 3XO front quarter tracking

Introduced in 2024, the XUV 3XO debuted as Mahindra’s replacement for the XUV 300 in the compact SUV segment. In fact, this SUV was the first Mahindra model to have the ‘XO’ lettering in its name, a naming convention later adopted for the XUV 7XO. The XUV 3XO comes with a radical exterior, a premium interior and is powered by potent engine options. If you’re considering buying the XUV 3XO, we’ve listed reasons to go for it along with its limitations, so you can decide to look elsewhere.

Reasons to buy the Mahindra XUV 3XO

Upmarket Interior quality

Though its interior may lack panache when compared to rivals, quality and feel, on the other hand, are up there at the top. Top-end versions come with soft-touch leatherette material on the dashboard and door trims, and the perforated leatherette seats feel quite upmarket. Even cabin bits like the leather-wrapped steering wheel, window switches, and wiper and light stalks look like they belong in a pricier car.

Strong engines

The Mahindra XUV 3XO is offered with three engine choices. There’s a 1.2-litre turbo-petrol engine producing 111hp and 200Nm, a 1.2-litre direct-injection turbo-petrol unit developing 131hp and 230Nm, and a 1.5-litre turbo-diesel churning 117hp and 300Nm. The latter two options are the most powerful in their respective segments. A six-speed manual is standard on all engines, while the turbo-petrol can also be paired to a 6-speed torque converter automatic, and the diesel can be mated with a 6-speed AMT.

The XUV 3XO feels at its best when paired with the direct-injection turbo-petrol. With 131hp on tap, power is quickly accessible, and the mid-range punch is pleasing. Its 230Nm torque figure (250Nm in overboost) is way ahead of its rivals and performance is on par with pricier SUVs. Refinement levels are remarkable for a three-cylinder engine and noise levels are kept in check. 

Like the petrol, the diesel mill is refined as well, while turbo-lag is well contained at low speeds. Performance feels effortless when getting to cruising speeds. While power isn’t instantaneous, the engine itself feels responsive throughout the power band, and the 300Nm torque comes in handy especially on the highway.

Long feature list 

High-end trims of the Mahindra XUV 3XO come equipped with features to the brim. These include dual 10.25-inch screens for the infotainment and digital driver’s display, wireless Apple CarPlay and Android Auto, a panoramic sunroof, 7-speaker Harman Kardon audio system, dual-zone climate control (segment-only), connected car tech, wireless phone charger, drive and steering modes. 

As far as safety is concerned, top-spec versions come with level 2 ADAS, a 360-degree camera, front parking sensors, an auto-dimming IRVM, an electronic parking brake with auto hold, and blind-spot detection.

Reasons to not buy the Mahindra XUV 3XO

Low boot space

While the XUV 3XO scores well for rear space and practical in-cabin storage spaces, the same can’t be said for the boot space. With a capacity of 295 litres, it has the smallest boot among its core rivals. Additionally, the low floor and high loading lip make it difficult to put things in and out of the boot.

Expensive top-end variants

Top-end versions of the Mahindra XUV 3XO are quite pricey. With prices of the top-most AX7 L trim ranging from Rs 13.32 lakh to Rs 15.04 lakh with turbo-petrol and diesel engines, you’ve entered mid-size SUV territory. At that price point, one may find a larger, more spacious mid-size SUV in mid-spec guise.

सूर्य ग्रहण को लेकर बड़ी खबर, 12 अगस्त को इन देशों में कुछ देर के लिए सूरज हो जाएगा पूरी तरह गायब

आसमान में जल्द ही एक बेहद खास खगोलीय घटना देखने को मिलने वाली है। 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य के सामने आ जाएगा और उसकी रोशनी को ढक देगा। इस नजारे को लेकर दुनिया के कई हिस्सों में लोगों के बीच उत्सुकता है। खास बात यह है कि करीब 1.5 करोड़ लोग उस इलाके में होंगे, जहां सूर्य पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिपा दिखाई देगा। स्पेन, आइसलैंड के साथ ग्रीनलैंड, रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।

वहीं, यूरोप और उत्तरी अफ्रीका के कई इलाकों में इसका आंशिक प्रभाव नजर आएगा। कुछ शहरों में सूर्य का 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ढका रहेगा, जिससे आसमान का नजारा काफी अलग दिखाई देगा। हालांकि, ग्रहण देखने के लिए आंखों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी होगा।

स्पेन में मिलेगा सबसे शानदार नजारा

पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने के लिए उत्तरी और पूर्वी स्पेन को सबसे बेहतर जगहों में माना जा रहा है। लियोन, वलाडोलिड, जारागोजा, तेरुएल और वेलेंसिया पूर्ण ग्रहण के दायरे में आएंगे। पश्चिमी स्पेन में पूर्ण ग्रहण की शुरुआत करीब 18:27 GMT यानी स्थानीय समयानुसार रात 8:27 बजे होगी। अलग-अलग स्थानों के आधार पर पूर्ण ग्रहण करीब 110 सेकंड तक रह सकता है। हालांकि स्पेन की राजधानी मैड्रिड और बार्सिलोना पूर्ण ग्रहण की पट्टी से थोड़ा बाहर रहेंगे। इसके बावजूद वहां रहने वाले लोग सूर्य का 99 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ढका हुआ देख सकेंगे।

यूरोप के कई शहरों में दिखेगा आंशिक ग्रहण

पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा भले ही सीमित इलाकों में दिखे, लेकिन आंशिक ग्रहण का दायरा काफी बड़ा होगा। यूरोप के ज्यादातर हिस्सों में शाम के समय सूर्य आंशिक रूप से ढका नजर आएगा। पेरिस में करीब 92 फीसदी, लंदन में 91 फीसदी और बर्लिन में लगभग 85 फीसदी सूर्य ढका रहेगा। यूरोप के पूर्वी हिस्सों में समस्या यह होगी कि कई जगह सूर्य ग्रहण के अपने अधिकतम स्तर पर पहुंचने से पहले ही सूरज डूब जाएगा। यानी वहां लोग ग्रहण का सबसे गहरा चरण नहीं देख पाएंगे।

उत्तरी अफ्रीका में भी दिखेगा ग्रहण

उत्तरी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भी आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। अल्जीयर्स में करीब 98 फीसदी और कैसाब्लांका में लगभग 87 फीसदी सूर्य ढका नजर आएगा। हालांकि इन दोनों शहरों में भी सूर्य के पूरी तरह अस्त होने के कारण ग्रहण का आखिरी हिस्सा दिखाई नहीं देगा।

अमेरिका और कनाडा में कितना दिखेगा?

अटलांटिक के दूसरी तरफ स्थिति कुछ अलग होगी। वहां ग्रहण सुबह और दोपहर के समय दिखाई देगा, लेकिन उत्तरी अमेरिका पूर्ण ग्रहण की मुख्य पट्टी से काफी दूर रहेगा। कनाडा के सेंट जॉन्स में करीब 53 फीसदी, मॉन्ट्रियल में 18 फीसदी और टोरंटो में लगभग 8 फीसदी सूर्य ढका दिखाई देगा। अमेरिका में अलास्का के कुछ हिस्सों में करीब 37 फीसदी तक ग्रहण देखा जा सकेगा। वहीं बाकी इलाकों में इसका असर काफी कम रहेगा। उत्तर-पूर्वी मेन में करीब 28 फीसदी, न्यूयॉर्क में लगभग 10 फीसदी और मिडवेस्ट के कई हिस्सों में लगभग नगण्य ग्रहण दिखाई देगा।

अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण कब?

अगर 12 अगस्त का ग्रहण आपके इलाके में दिखाई नहीं देता, तो अगला बड़ा मौका ज्यादा दूर नहीं है। 2 अगस्त 2027 को अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसकी पट्टी दक्षिणी स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और यमन से होकर गुजरेगी। सूर्य ग्रहण के दौरान सीधे सूर्य की ओर देखना आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए इसे देखने के लिए उचित प्रमाणित सोलर-व्यूइंग चश्मे या सुरक्षित उपकरण का इस्तेमाल करना जरूरी है।

Hindustan Copper Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 163% बढ़ा, रेवेन्यू में 81% का उछाल

Hindustan Copper Q1 Results: सरकारी माइनिंग कंपनी Hindustan Copper के शेयर सोमवार, 10 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 163.4% बढ़कर 353 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 134 करोड़ रुपये था।

कंपनी का रेवेन्यू 81.4% बढ़कर 936.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 516.4 करोड़ रुपये थी।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

हिंदुस्तान कॉपर का EBITDA 507.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 212.3 करोड़ रुपये था। यानी ऑपरेटिंग मुनाफा भी दोगुना से ज्यादा बढ़ा।

वहीं, EBITDA मार्जिन 41% से बढ़कर 54% पर पहुंच गया। इससे कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार दिखा।

कॉपर की कीमतों का भी मिला सहारा

वैश्विक बाजार में कॉपर की कीमतें पिछले छह हफ्तों से लगातार बढ़ रही थीं। इसकी वजह सप्लाई का कम होना और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होना रहा।

पिछले हफ्ते कॉपर की कीमत 14,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गई थी। यह जनवरी के आखिर के बाद का सबसे ऊंचा इंट्राडे स्तर था। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में भी कॉपर की कीमतें मजबूत रह सकती हैं।

हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों का हाल

नतीजों के बाद Hindustan Copper के शेयरों में 1% से ज्यादा तेजी देखने को मिली। हालांकि, फिर मुनाफावसूली के के चलते यह लाल निशान में चला गया। दोपहर 2.20 बजे तक स्टॉक 0.48% की गिरावट के साथ 533.50 रुपये पर बंद हुआ।

पिछले 6 महीने में स्टॉक 10.72% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 125% का रिटर्न दिया है। इस सरकारी कंपनी का मार्केट कैप 51.63 हजार करोड़ रुपये है।

हिंदुस्तान कॉपर का बिजनेस क्या है

Hindustan Copper Ltd भारत सरकार के मालिकाना हक वाली खनन कंपनी है। इसका मुख्य कारोबार कॉपर (तांबा) की खोज, खनन, उत्पादन और बिक्री है।

कंपनी कॉपर ओर (अयस्क) निकालने से लेकर उसे प्रोसेस कर कॉन्संट्रेट, कॉपर कैथोड, वायर रॉड और दूसरे कॉपर उत्पाद बनाती है। इसके ग्राहक बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे और रक्षा जैसे कई बड़े उद्योग हैं।

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