Dividend Stock: हर शेयर पर मिलेगा ₹60 का डिविडेंड, 24 अगस्त से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर

पर्सनल केयर सेक्टर की कंपनी जिलेट इंडिया लिमिटेड के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 60 रुपये का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 24 अगस्त है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

Gillette India का मालिकाना हक अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनी प्रॉक्टर एंड गैंबल (P&G) के पास है। फाइनल डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। इस डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी 31 अगस्त को कंपनी की सालाना आम ​बैठक में ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 30 सितंबर 2026 तक कर दिया जाएगा।

इससे पहले जिलेट इंडिया वित्त वर्ष 2026 के लिए 120 रुपये का अंतरिम और 60 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है। वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी ने 65 रुपये का अंतरिम और 47 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। जिलेट इंडिया साल 2001 से डिविडेंड दे रही है।

Gillette India का शेयर एक साल में 28 प्रतिशत कमजोर

कंपनी के शेयर की वर्तमान कीमत BSE पर 7678.85 रुपये है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कीमत एक साल में 28 प्रतिशत नीचे आई है। कंपनी का मार्केट कैप 25000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।जिलेट इंडिया में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 10,799.95 रुपये और एडजस्टेड लो 7,236.20 रुपये है।

NMDC ने आयरन ओर की कीमतों में किया बदलाव, सोमवार को शेयर पर रहेगी नजर

कंपनी की वित्तीय सेहत

​जिलेट इंडिया का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 9.44 प्रतिशत बढ़कर 159.45 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 145.69 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू लगभग 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 783.02 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 706.72 करोड़ रुपये था। खर्च 574.22 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 517.97 करोड़ रुपये के थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

99.9% निवेशक यहां करते हैं गलती! 2 करोड़ से 10 करोड़ का सफर कैसे होगा आसान, जानें एक्सपर्ट की रणनीति

हर निवेशक चाहता है कि उसका पैसा समय के साथ तेजी से बढ़े। आम धारणा है कि नियमित निवेश करते रहें, बाजार में टिके रहें और कंपाउंडिंग को अपना काम करने दें। लेकिन जैसे-जैसे पोर्टफोलियो बड़ा होता है, कहानी बदलने लगती है। फाइनेंशियल एडवाइजर कपिल जैन ने 45 साल के एक ऐसे निवेशक का उदाहरण दिया, जिसके पास 2 करोड़ रुपये हैं और वह 10 साल में इसे 10 करोड़ करना चाहता है। उनके मुताबिक, लक्ष्य हासिल करना संभव है, लेकिन रास्ते में निवेश की रणनीति बदलना बेहद जरूरी है।

शुरुआत में SIP बनाती है रफ्तार

जैन के अनुसार, शुरुआती दौर में नियमित निवेश और बाजार की ग्रोथ से पोर्टफोलियो तेजी से बढ़ सकता है। लेकिन जब रकम करोड़ों में पहुंचने लगती है, तब बाजार की छोटी गिरावट भी बड़ा नुकसान दिखाने लगती है। यही वजह है कि शुरुआत में काम करने वाली रणनीति को पूरी यात्रा में जारी रखना समझदारी नहीं हो सकती।

5 करोड़ पर 25% गिरावट का मतलब?

मान लीजिए पोर्टफोलियो 5 करोड़ रुपये का है और बाजार 25 फीसदी गिर जाता है। रकम के हिसाब से करीब 1.25 करोड़ रुपये की गिरावट आ सकती है। यानी अब नुकसान की भरपाई सिर्फ कुछ महीनों की SIP से नहीं होगी। बड़े कॉर्पस के साथ बाजार का हर उतार-चढ़ाव ज्यादा बड़ा असर डालता है।

10 करोड़ के करीब पहुंचते ही असली चुनौती

अगर पोर्टफोलियो 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और बाजार 25 फीसदी गिरा, तो करीब 2.5 करोड़ रुपये की वैल्यू कम हो सकती है। इसीलिए जैन का कहना है कि बड़े पोर्टफोलियो के साथ सिर्फ रिटर्न के पीछे भागना सही रणनीति नहीं है। इस चरण में कमाए हुए पैसे को बचाना भी उतना ही जरूरी है।

‘एक ही रणनीति हमेशा काम नहीं करती’

कपिल जैन के मुताबिक निवेशक अक्सर सबसे बड़ी गलती यही करते हैं कि पोर्टफोलियो छोटा हो या बड़ा, रणनीति वही रखते हैं। उनका सुझाव है कि समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा, रीबैलेंसिंग और सही एसेट एलोकेशन पर ध्यान देना चाहिए। आखिरकार, 2 करोड़ से 10 करोड़ तक पहुंचना सिर्फ कंपाउंडिंग का खेल नहीं है; जैसे-जैसे पैसा बढ़ता है, उसे संभालने का तरीका भी बदलना पड़ता है।

Dog Surgery Viral Video: 26 साल के करोड़पति ने ‘कुत्ता’ बनने के लिए उड़ाए 220 करोड़? वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल

Ardee Industries IPO 139 गुना सब्सक्राइब हुआ, अब 12 अगस्त को लिस्टिंग पर मुनाफा होगा या घाटा?

मेनबोर्ड सेंगमेंट में आरडी इंडस्ट्रीज का ₹425.87 करोड़ का IPO 138.83 गुना के बंपर सब्स​क्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। अब 10 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने और 12 अगस्त को कंपनी की NSE और BSE पर लिस्टिंग का इंतजार है। शेयरों के अच्छी बढ़त में शुरुआत करने का संकेत है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 28.30 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। हालांकि ऐसा जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट से मिलने वाले संकेत हर बार सच हो जाएं।

आरडी इंडस्ट्रीज का मुख्य फोकस इस्तेमाल के बाद बेकार हो चुके एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स और नॉन-फेरस स्क्रैप की टिकाऊ रिकवरी और रीसाइक्लिंग पर है। कंपनी की प्रोडक्ट रेंज में हाई-प्योरिटी लेड (सीसा) और खास तरह के लेड अलॉय शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर लेड कैल्शियम, लेड सिल्वर, लेड टिन, लेड एंटीमनी, लेड कैडमियम अलॉय। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल एनर्जी स्टोरेज, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोटिव और केमिकल जैसे अहम सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी एक्सपोर्ट भी करती है।

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.26 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 266.75 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 47.77 गुना भरा। IPO में ₹320 करोड़ के 6.04 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹105.87 करोड़ के 2 करोड़ शेयरों को OFS (ऑफर फॉर सेल) के तहत बिक्री के लिए रखा गया। Ardee Industries IPO के लिए प्राइस बैंड ₹50-₹53 प्रति शेयर रहा। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹127.76 करोड़ जुटाए।

Ardee Industries की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 57 प्रतिशत बढ़कर ₹1,168.88 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹743.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 155 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹84.68 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹33.27 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान आरडी इंडस्ट्रीज पर ₹182.75 करोड़ की उधारी थी।

Dhoot Transmission IPO: एंकर इनवेस्टर्स से मिले ₹918 करोड़, 10 अगस्त से खुलेगा इश्यू; ग्रे मार्केट में अभी से भागा शेयर

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

आरडी इंडस्ट्रीज का इरादा IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज को पूरी तरह या कुछ हद तक चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करने का है। इस IPO के लिए रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mrunal Thakur: मृणाल ठाकुर ने 10 साल छोटे यशस्वी जायसवाल संग डेटिंग की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ‘जेन जेड से…’

Mrunal Thakur: मृणाल ठाकुर ने उस वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कहा गया था कि वह क्रिकेटर यशस्वी जयसवाल को डेट कर रही हैं। 34 वर्षीय मृणाल को 24 वर्षीय यशस्वी से तब जोड़ा गया जब उन्हें मुंबई के बांद्रा पश्चिम में एक ही कैफे से बाहर निकलते देखा गया। यह क्लिप तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई और प्रशंसकों ने अटकलें लगाना शुरू कर दिया। हालांकि, मृणाल ने अब अफवाहों पर विराम लगा दिया है।

मृणाल ने यशस्वी के साथ अपनी क्लिप के कमेंट बॉक्स में लिखा, “भाई आराम से… मुझे एक साथ कहां दिखाओ? कैसे यार, आप लोग इतने पढ़े-लिखे लोग ऐसे अफवाओ को सच मानने लगते हैं?” उन्होंने कहा, “देश में क्या कुछ नहीं हो रहा है। जेन जेड से कुछ सीखिए और सही मुद्दों पर वीडियो बनाइए और ज्यादा व्यूज मिलेंगे।”

हालांकि यह कमेंट अब वीडियो के नीचे दिखाई नहीं दे रही है, फ्री प्रेस जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में इसका स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इस बीच, मृणाल के प्रशंसक भी उनका समर्थन करने के लिए सामने आए। एक शख्स ने लिखा, “क्या झूठी खबर चला रहे हो ।” किसी और ने कहा, “वह मेरा प्यार है।” एक अन्य लिखा था, “भाई एमएलटीबी एक रेस्टोरेंट में जा भी नहीं सकता क्या कोई उसी दिन पे।” किसी ने लिखा, “कुछ भी।”

इससे पहले, 2025 में मृणाल ठाकुर का नाम एक्टर धनुष के साथ जोड़ा गया था। खबरों में यह भी दावा किया गया था कि दोनों स्टार्स 2026 में शादी करने वाले हैं। हालांकि, दोनों एक्टर्स और उनके करीबी लोगों ने इन अटकलों को पूरी तरह से गलत बताया।

कौन हैं क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल?

यशस्वी ने भारत के सबसे होनहार युवा क्रिकेट स्टार्स में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ यादगार शतक के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद से ही वे सभी फॉर्मेट्स में रेगुलर खिलाड़ी बन गए हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज यशस्वी, जो घरेलू क्रिकेट में मुंबई और IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं, आखिरी बार भारत-अफगानिस्तान ODI सीरीज में नजर आए थे। थोड़े ब्रेक के बाद, उनके श्रीलंका के खिलाफ भारत की आने वाली टेस्ट सीरीज में वापसी करने की उम्मीद है।

Siddhant Chaturvedi: सिद्धांत चतुर्वेदी ने खरीदा 12.63 करोड़ रुपये का अपार्टमेंट, कुछ वीक पहले भी 13.91 करोड़ की प्रॉर्पटी में कर चुके हैं इनवेस्ट

Siddhant Chaturvedi: खबरों के मुताबिक सिद्धांत चतुर्वेदी ने मुंबई में अपनी प्रॉपर्टी के कलेक्शन में एक और लग्ज़री अपार्टमेंट शामिल किया है। यह खरीदारी उन्होंने अपनी मां के साथ एक और महंगी चीज़ खरीदने के कुछ हफ़्ते बाद ही की है।

रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म ‘लियासेस फोरस’ (Liases Foras) को मिले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, सिद्धांत और उनकी मां मीनल लक्ष्मण चतुर्वेदी ने मुंबई के विले पार्ले वेस्ट में 12.63 करोड़ रुपये में एक अपार्टमेंट खरीदा है। यह डील 31 जुलाई, 2026 को रजिस्टर हुई थी।

यह अपार्टमेंट विले पार्ले वेस्ट में 10 N S रोड पर स्थित ‘नमो कृष्णा’ नाम की एक रिहायशी इमारत की सातवीं मंज़िल पर है। इस घर का RERA कारपेट एरिया 1,640.63 स्क्वायर फ़ीट है, जबकि इसका कुल एरिया 1,804.67 स्क्वायर फ़ीट है। इस प्रॉपर्टी के साथ ऑटोमैटिक रोबोटिक कार पार्किंग की सुविधा भी मिलती है। सिद्धांत और मीनल ने यह अपार्टमेंट रेलकॉन इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड से खरीदा और स्टैम्प ड्यूटी के तौर पर 75.76 लाख रुपये का भुगतान किया।

इस हालिया खरीद की दिलचस्प बात यह है कि ‘गली बॉय’ एक्टर ने कुछ हफ़्ते पहले ही इसी इमारत में एक और अपार्टमेंट खरीदा था। 19 जून, 2026 को एक्टर और उनकी माँ ने 13.91 करोड़ रुपये में छठी मंज़िल पर एक अपार्टमेंट खरीदा। इस प्रॉपर्टी का कारपेट एरिया 2,173.87 स्क्वायर फ़ीट और बिल्ट-अप एरिया 222.24 स्क्वायर मीटर है। इसे सुचिता रमेश देवरा से ‘एग्रीमेंट फ़ॉर सेल’ (बिक्री के समझौते) के ज़रिए खरीदा गया था।

इस नई खरीद के साथ, सिद्धांत और उनकी मां ने दो महीने से भी कम समय में एक ही बिल्डिंग में दो अपार्टमेंट पर 26.5 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च कर दिए हैं। सिद्धांत चतुर्वेदी ने सबसे पहले अमेज़न प्राइम वीडियो सीरीज़ ‘इनसाइड एज’ (2017–19) में एक टीनएज क्रिकेटर का रोल निभाया था।

इसके बाद उन्होंने म्यूज़िकल ड्रामा ‘गली बॉय’ (2019) में एक स्ट्रीट रैपर के सपोर्टिंग रोल के साथ फ़िल्मों में कदम रखा। अगले कुछ सालों में, चतुर्वेदी ने लीड रोल करने शुरू किए। कमर्शियल तौर पर कुछ मुश्किल दौर के बाद, उन्हें रोमांटिक ड्रामा ‘गहराइयां’ (2022) और ‘खो गए हम कहां’ (2023) जैसी स्ट्रीमिंग फ़िल्मों से सफलता मिली।

SIP अमाउंट हर साल सिर्फ 1000 रुपये बढ़ाने से पैसा अतिरिक्त 1.18 करोड़ रुपये बढ़ जाता है, यहां समझें पूरा कैलकुलेशन

सिर्फ 1000 रुपये के निवेश से क्या हो जाएगा? क्या आप भी ऐसा सोचते हैं? अगर हां तो यह रिपोर्ट आपके लिए है। अगर आप अपने सिप अमाउंट को हर साल 1,000 रुपये बढ़ाते हैं तो बहुत बड़ा फर्क पड़ता है। मंथली सिप को हर साल सिर्फ 1,000 रुपये बढ़ाने से 25 साल में आप अतिरिक्त 1.18 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं।

हर साल सिप अमाउंट को थोड़ा बढ़ाना मुश्किल नहीं 

कई लोग सिप के अमाउंट को बढ़ाते नहीं हैं। कई सालों तक वे सिप के जरिए एक ही अमाउंट का निवेश करते रहते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सिप के अमाउंट को हर साल बढ़ाया जाए तो लंबी अवधि में बहुत बड़ा फर्क दिख सकता है। आपका पैसा अनुमान के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ता है। हर साल सिप अमाउंट को थोड़ा बढ़ाना मुश्किल नहीं है।

सिर्फ 1000 रुपये सिप अमाउंट बढ़ाने से बड़ा फर्क

व्हाइटओक कैपिटल ने एक दिलचस्प एनालिसिस पेश किया है। इसमें बताया गया है कि हर साल सिप अमाउंट सिर्फ 1,000 रुपये बढ़ाने से लंबी अवधि में बहुत बड़ा फंड तैयार होता है। इसमें कंपाउंडिंग के पावर का बड़ा हाथ है। जो इनवेस्टर्स पावर ऑफ कंपाउंडिंग को समझते हैं, उनके लिए इसे समझना आसान होता है।

25 साल में अतिरिक्त 1.18 करोड़ का फंड तैयार

इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। अगर आप हर महीने 10,000 रुपये के सिप से निवेश करते हैं 25 साल में आपका पैसा बढ़कर 2.30 करोड़ रुपये हो जाता है। अगर आप सिप अमाउंट को हर साल 1,000 रुपये बढ़ाते हैं तो 25 साल में आपका पैसा बढ़कर 3.49 करोड़ रुपये हो जाता है। इसका मतलब है कि सिप अमाउंट को सिर्फ 1,000 रुपये बढ़ाने से आपका पैसा अतिरिक्त 1.18 करोड़ रुपये बढ़ जाता है।

ऐसे आसानी से समझें यहां पूरा कैलकुलेशन 

इस उदाहरण में आप मंथली 10,000 रुपये के SIP से निवेश शुरू करते हैं। हर साल आप सिप अमाउंट को 1,000 रुपये बढ़ा देते हैं। इसका मतलब है कि पहले साल आप हर महीने 10,000 रुपये इनवेस्ट करते हैं। दूसरे साल आप हर महीने 11,000 रुपये इनवेस्ट करते हैं। तीसरे साल आप हर महीने 12,000 रुपये इनवेस्ट करते हैं। इस तरह आपका सिप अमाउंट हर साल बढ़ता रहता है। 25वें साल यह बढ़कर 34,000 रुपये हो जाता है।

top up sip calculator

ऐसे तेजी से बढ़ने लगता है आपका पैसा

कुछ साल बाद आपका पैसा तेजी से बढ़ने लगता है। पांच साल बाद दोनों स्ट्रेटेजी यानी फिक्स्ड सिप अमाउंट और बढ़ता सिप अमाउंट से निवेश के बीच का फर्क सिर्फ 1.25 लाख रुपये रहता है। उसके बाद यह फर्क तेजी से बढ़ता है। 10 साल में अतिरिक्त पैसा बढ़कर 7.38 लाख रुपये हो जाता है। 15 साल में यह 22.59 लाख रुपये हो जाता है। 20 साल बाद यह 53.47 लाख रुपये हो जाता है। 25 साल बाद यह फर्क 1.18 करोड़ रुपये हो जाता है।

हर साल सिप अमाउंट बढ़ाने की सलाह दे रहे एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहले इनवेस्टर्स को वे सिप से हर महीने अनुशासित तरीके से निवेश करने की सलाह देते थे। वे अब निवेशकों को हर साल सिप अमाउंट बढ़ाने की सलाह देते हैं। नौकरी करने वाले लोगों के लिए हर साल सिप अमाउंट बढ़ाना आसान होता है। दूसरे लोग भी कोशिश करने पर सिप अमाउंट हर साल बढ़ा सकते हैं। हर साल सिप अमाउंट 1,000 रुपये बढ़ाना मुश्किल नहीं है।

Dhoot Transmission IPO: एंकर इनवेस्टर्स से मिले ₹918 करोड़, 10 अगस्त से खुलेगा इश्यू; ग्रे मार्केट में अभी से भागा शेयर

धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड का ₹3,066.89 करोड़ का IPO 10 अगस्त को खुलने जा रहा है। इससे पहले एंकर बुक में कंपनी ने ₹918.3 करोड़ जुटाए हैं। BSE की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक सर्कुलर के अनुसार, कंपनी ने 72 एंकर इनवेस्टर्स को ₹871 प्रति शेयर के भाव पर 1.05 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर अलॉट किए। घरेलू म्यूचुअल फंड्स का हिस्सा सबसे बड़ा रहा। 12 फंड हाउसेज ने 46 स्कीमों के जरिए निवेश किया। उन्हें 64.59 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए।

एंकर बुक में कई घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया। इनमें SBI म्यूचुअल फंड (MF), ICICI प्रूडेंशियल MF, HDFC MF, ICICI प्रूडेंशियल AMC, निप्पॉन इंडिया MF, फ्रैंकलिन टेंप्लेटन, टाटा MF, इनवेस्को MF, HSBC MF, PGIM इंडिया MF, सुंदरम MF, व्हाइटओक, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, ब्लैकरॉक, एक्सिस MF, मिरे एसेट, अमंडी फंड्स, आलियांज ग्लोबल इनवेस्टर्स, गवर्नमेंट पेंशन फंड, SBI लाइफ इंश्योरेंस, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, बजाज आलियांस लाइफ इंश्योरेंस, HDFC लाइफ इंश्योरेंस और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस जैसे नाम शामिल हैं।

धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स (E&E) कंपनियों में से एक है। यह कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई का काम करती है। कंपनी के पास कई तरह के प्रोडक्ट्स हैं, जिनमें वायरिंग हार्नेस, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, बैटरी पैक, टर्मिनल, कनेक्टर, केबल और पावर सप्लाई कॉर्ड शामिल हैं। ये प्रोडक्ट्स इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) दोनों तरह के प्लेटफॉर्म के लिए उपलब्ध हैं। कंपनी के प्रोडक्ट टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल, ऑफ-रोड व्हीकल, अर्थ मूवर, खेती के उपकरण, मेडिकल डिवाइस और घरेलू उपकरणों के लिए इस्तेमाल होते हैं।

IPO में ₹1,400 करोड़ के नए शेयर

धूत ट्रांसमिशन के IPO में ₹1,400 करोड़ के 1.61 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,666.89 करोड़ के 1.91 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर्स- BC एशिया इनवेस्टमेंट्स XV लिमिटेड और मंगलम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। BC एशिया इनवेस्टमेंट्स XV लिमिटेड, प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल की एक एंटिटी है। प्राइस बैंड ₹829-₹871 प्रति शेयर और लॉट साइज 17 शेयर है। IPO के 12 अगस्त को बंद होने के बाद अलॉटमेंट 13 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

IPOs This Week: 10 अगस्त से शुरू हफ्ते में Milky Mist, Shiprocket समेत 8 नए इश्यू, 8 कंपनियां होंगी लिस्ट

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने IPO में नए शेयर जारी कर जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अपना और अपनी सब्सिडियरी कंपनियों का कर्ज चुकाने, हरियाणा के झज्जर और तमिलनाडु के होसुर में वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने, पहले से न पता अधिग्रहणों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च करेगी। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ग्रे मार्केट में धूत ट्रांसमिशन का शेयर अभी से 28.36 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Dhoot Transmission की वित्तीय सेहत

धूत ट्रांसमिशन का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 31 प्रतिशत बढ़कर ₹4,563.70 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹3,472.24 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹396.84 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹353.89 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹841.39 करोड़ की उधारी थी। इस IPO के​ लिए एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया), SBI कैपिटल मार्केट्स और 360 ONE WAM बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LU BTech AI admission 2026: लखनऊ यूनिवर्सिटी में 12वीं के नंबरों के आधार पर बीटेक की इस ब्रांच में मिल रहा प्रवेश, जानें आवेदन की लास्ट डेट

LU BTech AI admission 2026: बीटेक की सीएसई ब्रांच में प्रवेश लेने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए बड़ा और अहम अपडेट है। यूपी की इस प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ने बीटेक सीएसई में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की है, वो भी 12वीं के नंबरों के आधार पर। यह उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में सीधे या लेट्रल एंट्री के जरिए प्रवेश शुरू किया है। यह मौका उन छात्रों के लिए खास है जो यूपीटीएसी (UPTAC) काउंसलिंग के बाद खाली बची सीटों पर एडमिशन लेना चाहते हैं। इस प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा बनने के इच्छुक छात्र अब 12 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय पहले सभी आवेदन स्वीकार करेगा, फिर खाली सीटों के अनुसार मेरिट लिस्ट जारी करेगा।

डायरेक्ट और लेटरल एंट्री दोनों से मिलेगा दाखिला

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि बीटेक फर्स्ट ईयर, एमसीए फर्स्ट ईयर और बीटेक लेटरल एंट्री के माध्यम से सेकेंड ईयर में सीधे प्रवेश दिए जाएंगे। आवेदन फॉर्म विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, जहां से छात्र इसे डाउनलोड कर सकते हैं।

आवेदन शुल्क और जमा करने की प्रक्रिया

एप्लीकेशन फॉर्म भरने के बाद छात्रों को 1600 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट बनवाना होगा। यह ड्राफ्ट विश्वविद्यालय के फाइनेंस कंट्रोलर के नाम से बनाया जाएगा। एप्लीकेशन फॉर्म और जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ इसे फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी के डीन ऑफिस में जमा करना होगा। इसके बाद विश्वविद्यालय मेरिट लिस्ट जारी करेगा और उसी के आधार पर एडमिशन प्रोसेस पूरा किया जाएगा।

बीटेक की इन ब्रांच में मिलेगा एडमिशन

लखनऊ विश्वविद्यालय निम्नलिखित बीटेक कोर्स में डायरेक्ट एडमिशन दे रहा है:

सिविल इंजीनियरिंग

कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग

कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

मैकेनिकल इंजीनियरिंग

इसके अलावा दो साल के एमसीए कोर्स में भी एडमिशन दिया जाएगा।

प्रति सेमेस्टर फीस

विश्वविद्यालय द्वारा तय फीस इस प्रकार है:

बीटेक : 60,180 रुपये प्रति सेमेस्टर

एमसीए : 56,180 रुपये प्रति सेमेस्टर

कौन कर सकता है आवेदन?

बीटेक फर्स्ट ईयर : मान्यता प्राप्त बोर्ड से फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषयों के साथ 12वीं पास होना जरूरी है।

एमसीए : बीसीए, बीएससी (कंप्यूटर साइंस/आईटी), बीटेक (सीएसई/आईटी) या समकक्ष डिग्री वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं। अन्य ग्रेजुएट छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास 10+2 या ग्रेजुएशन लेवल पर मैथ्स विषय हो और मिनिमम 50% अंक (एससी/एसटी के लिए 45%) हों।

बीटेक लेटरल एंट्री

इंजीनियरिंग डिप्लोमा, संबंधित डी.वोक. कोर्स या मैथ्स के साथ बीएससी डिग्री वाले छात्र निर्धारित न्यूनतम अंकों के साथ आवेदन कर सकते हैं।

जरूरी डॉक्यूमेंट्स

आवेदन के साथ हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट व सर्टिफिकेट लगाना अनिवार्य है। एमसीए छात्रों को ग्रेजुएशन की मार्कशीट और सर्टिफिकेट तथा लेटरल एंट्री छात्रों को डिप्लोमा की मार्कशीट संलग्न करनी होगी। आरक्षण का लाभ लेने वाले छात्रों को 1 अप्रैल 2026 के बाद जारी जाति प्रमाणपत्र देना होगा। सभी डॉक्यूमेंट्स पर छात्रों के स्वयं के हस्ताक्षर होना जरूरी है।

Silver Price Today: चांदी फिर हुई महंगी! ₹2.40 लाख के करीब पहुंचा भाव, जानें आपके शहर का रेट

Silver Price Today: अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में चांदी की कीमतों के लगातार ऊपर-नीचे होने से भारत पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। दरअसल, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सुबह तक चांदी का वायदा भाव 0.15% बढ़कर यानी 338 रुपये तेजी के साथ 2,31,804 रुपये प्रति किलो हो गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,31,466 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी 63.80 डॉलर प्रति औंस हो गई।

बुलियन्स के अनुसार, चांदी की कीमत 2,32,620 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक, चांदी 2,40,000 रुपये प्रति किलो पर है। उधर दिल्ली के सर्राफा बाजार की बात करें, तो यहां पर चांदी की कीमत 2,34,800 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) है। चूंकि शनिवार और रविवार को बाजार बंद है, इसलिए दोनों दिन यही भाव मान्य रहेगा।

अब अगर आप ऐसे में सिल्वर में निवेश करना चाहते हैं, तो आपको अपने शहर के ताजा भाव जानने होंगे:

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव (10 ग्राम, 100 ग्राम, प्रति किलो)

शहर10 ग्राम चांदी100 ग्राम चांदी1 किलो चांदी
दिल्ली₹2,400₹24,000₹2,40,000
मुंबई₹2,400₹24,000₹2,40,000
कोलकाता₹2,400₹24,000₹2,40,000
चेन्नई₹2,400₹24,000₹2,40,000
पटना₹2,400₹24,000₹2,40,000
लखनऊ₹2,400₹24,000₹2,40,000
मेरठ₹2,400₹24,000₹2,40,000
अयोध्या₹2,400₹24,000₹2,40,000
कानपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
गाजियाबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000
नोएडा₹2,400₹24,000₹2,40,000
गुरुग्राम₹2,400₹24,000₹2,40,000
चंडीगढ़₹2,400₹24,000₹2,40,000
जयपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
लुधियाना₹2,400₹24,000₹2,40,000
गुवाहाटी₹2,400₹24,000₹2,40,000
इंदौर₹2,400₹24,000₹2,40,000
अहमदाबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000
वडोदरा₹2,400₹24,000₹2,40,000
सूरत₹2,400₹24,000₹2,40,000
पुणे₹2,400₹24,000₹2,40,000
नागपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
नासिक₹2,400₹24,000₹2,40,000
बैंगलोर₹2,400₹24,000₹2,40,000
भुवनेश्वर₹2,400₹24,000₹2,40,000
रायपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
हैदराबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000

पिछले दिन कैसा रहा चांदी का भाव?

कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते विदेशी बाजारों में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली, जिसका सकारात्मक असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को पिछले कारोबारी सत्र में जोरदार बढ़त के बाद चांदी की कीमत 2,34,800 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पर स्थिर रही। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी की कीमत 4 फीसदी से ज्यादा उछलकर 64.17 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

पिछले दिन क्या रहा चांदी का वायदा भाव

वैश्विक बाजारों में मजबूत रुख के बीच घरेलू वायदा बाजार में भी चांदी की कीमतों में शुक्रवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबारियों की ओर से नए सौदे बढ़ाए जाने से चांदी वायदा 2.43 फीसदी उछल गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी की कीमत 5,496 रुपये बढ़कर 2,31,332 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। यह पिछले बंद भाव के मुकाबले 2.43 फीसदी की बढ़त है।

इसी तरह, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमत मजबूत रही। न्यूयॉर्क में चांदी 3.44 फीसदी की तेजी के साथ 61.66 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

बाजार एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घरेलू बाजार में चांदी की मजबूत मांग और तेजी के संकेतों को देखते हुए कारोबारियों ने नए सौदों की खरीदारी बढ़ाई, जिससे वायदा कीमतों को सपोर्ट मिला।

यह भी पढ़ें: Gold Price Today: सोने में तेजी बरकरार, 24 और 22 कैरेट दोनों का बढ़ा भाव; वैश्विक कीमत में इस हफ्ते 7% से ज्यादा उछाल

Audi Q6 e-tron, next-gen Q5, Q7 India-bound in 2027

Audi upcoming launches in 2027

Audi India head Balbir Singh Dhillon recently confirmed 3 new launches in the next 12 months, but we have dug around a bit, and there’s a whole line-up of other models in bound as well. Apart from the new-gen Q3, the A5 and the flagship Q9, Audi will also be bringing the next-gen Q5 and Q7 in 2027. There will also be an EV making a comeback in Audi’s lineup in the form of the Q6 e-tron, and the big news is that all of these models will be locally assembled in India. Essentially, Audi’s entire Q-range will be thoroughly revamped in India by the end of next year. 

Audi Q6 e-tron

Estimated price: Rs 85 lakh; launch: Mid-2027 

The Q6 e-tron will be Audi’s first EV to be assembled here. The electric SUV was the first to be based on the Volkswagen Group’s 800V Premium Platform Electric (PPE) architecture, co-developed with Porsche.

It’ll be offered in SUV and Sportback body styles and is likely to have a 100kWh battery (an 83kWh unit is offered overseas) with a single 306hp rear-mounted motor, offering 641km of WLTP range (656km for the aero-efficient Sportback). The EV also introduced Audi’s latest curved display that comprises an 11.9-inch digital instrument cluster, a 14.5-inch central touchscreen, and an optional 10.9-inch touchscreen display for the front passenger.

Next-gen Audi Q5

Estimated price: Rs 75 lakh; launch: October 2027 

The third-gen Q5 will arrive to take on the Mercedes GLC and BMW X3. Sharing Audi’s latest PPC architecture with the A5, it gets sharper styling than its predecessor, much improved aerodynamics and a thoroughly modern cabin featuring a curved 11.9-inch digital driver’s display and 14.5-inch touchscreen, along with an optional passenger display. 

It is expected to use Audi’s localised 2.0 turbo-petrol in a higher 265hp state of tune, paired with a 7-speed dual-clutch automatic and Quattro AWD.  There is no word on whether Audi will bring the Sportback or the 367hp SQ5, but the India-EU FTA could create potential for a launch.

Audi Q7 

Estimated price: Rs 1.2 crore; launch: December 2027 

While the recently revealed Q9 is now Audi’s flagship SUV, the Q7 still has big cachet in India. The third-gen model brings in a brawnier form, which harks back to the original Q7. A three-row, seven-seat layout will be standard, and there will also be the option of a six-seat configuration with captain chairs in the middle row.

Cabin space and quality have been upped. The Q7 will sport Audi’s new triple-screen dash layout. While markets abroad get a mild-hybrid diesel, in India, it is expected to retain the 3.0 V6 turbo-petrol.