Bonus Share: हर 2 शेयरों पर 1 नया शेयर मिलेगा फ्री, 20 अगस्त रिकॉर्ड डेट

वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनी ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स बोनस शेयर देने जा रही है। कंपनी के शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 2 शेयरों पर 1 नया शेयर बोनस के तौर पर मिलेगा। रिकॉर्ड डेट 20 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे बोनस शेयर के हकदार होंगे। कंपनी पहली बार बोनस शेयर देगी।

शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी 51,99,637 तक फुली पेड अप बोनस इक्विटी शेयर बांटने वाली है। इनके अलॉटमेंट की तारीख 21 अगस्त है। इनमें ट्रेडिंग 24 अगस्त से की जा सकेगी। कंपनी अक्टूबर 2023 में BSE SME पर लिस्ट हुई थी। इसका IPO 50 करोड़ रुपये का रहा था।

ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा प्रबंधन) समाधान देती है। इसके बिजनेस वर्टिकल में बिल्ड ओन ऑपरेट ट्रांसफर (BOOT) मॉडल, EPC मॉडल और मुख्य उपकरणों की सप्लाई शामिल है। कंपनी वेस्ट मैनेजमेंट में EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) सेवाएं, कमीशनिंग सेवाएं, वेस्ट मैनेजमेंट सेक्टर में कंसल्टिंग और एडवाइजरी सेवाएं; वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग, निर्माण और मैनेजमेंट; लेबोरेटरी सेवाएं और अन्य सेवाएं देती है।

Organic Recycling का शेयर एक साल में 12 प्रतिशत कमजोर

ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 241.05 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 15.07 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का शेयर एक साल में 12 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर की BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 315 रुपये और एडजस्टेड लो 206 रुपये है।

SBI Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 10% बढ़ा, NII में 15% का इजाफा; NPA घटा

कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का जनवरी-मार्च 2026 ​तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 31 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 2.34 करोड़ रुपये और प्रति शेयर कमाई 2.70 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 43.76 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 4 करोड़ रुपये और प्रति शेयर कमाई 4.65 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘3 साल हो गए, जमीन नहीं मिली…’, आधी रात को ऋषभ पंत ने CM धामी से लगाई खास गुहार

Rishabh Pant: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि, इस बार वजह उनकी बल्लेबाजी या फिर शानदार प्रदर्शन नहीं बल्कि शुक्रवार आधी रात को किया गया उनका सोशल मीडिया पोस्ट है, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सिधे जमीन खरीदने की गुहार लगा दी। जिसके बाद उनका पोस्ट तुरंत वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगी।

पंत, जो अभी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम के साथ श्रीलंका में हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट में धामी को टैग करते हुए यह अनुरोध किया। 28 वर्षीय पंत ने कहा कि वे पिछले तीन सालों से उत्तराखंड में उपयुक्त जमीन खोजने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें ऐसी कोई प्रॉपर्टी नहीं मिल पाई जो उनकी जरूरतों को पूरा कर सके।

इससे भी अहम बात यह है कि पंत ने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सालों तक भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद वे अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहते हैं और राज्य में रहकर उसके विकास में योगदान देना चाहते हैं।

उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए लिखा, “नमस्ते सर, आप कैसे हैं? उत्तराखंड का स्थानीय होने के नाते, मुझे यहां आए हुए काफी समय हो गया है। मैं दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन मुझे यहां रहने के लिए कोई अच्छी और बड़ी जगह नहीं मिल पा रही है। मुझे अपना उत्तराखंड बहुत पसंद है। मेरी आपसे विनम्र विनती है कि जमीन लेने में मेरी मदद करें, क्योंकि आजकल साफ-सुथरी जमीन मिलना बहुत मुश्किल हो गया है। एक जमीन तो मुझे तब मिलनी चाहिए थी जब मैं राज्य का प्रचार-प्रसार कर रहा था, लेकिन अब मैं सब कुछ छोड़कर अपने मूल स्थान पर वापस आकर उत्तराखंड के विकास में योगदान देना चाहता हूं और अपने पहाड़ी लोगों के बीच रहना चाहता हूं। कृपया इस मामले पर ध्यान दें। 3 साल हो गए हैं और मुझे अभी तक कोई जमीन नहीं मिली है। आपके जवाब का इंतजार है, सर।”

X पर पोस्ट करने के बाद पंत ने साफ किया कि वह जमीन मुफ्त में नहीं मांग रहे थे, बल्कि सरकार से तय दरों पर उसे खरीदना चाहते थे।

पंत ने आगे लिखा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए यह एक शानदार तोहफा होगा, लेकिन अगर आप मुझे इजाजत दें तो मैं इसे सरकार से उनकी तय दरों पर खरीदना चाहूंगा, ताकि कम से कम मैं अपने राज्य में अपना पहला घर बना सकूं। कृपया इसमें मदद करें। सच कहूं तो मुझे नहीं पता था कि इसके लिए क्या करना होगा।”

पंत की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और उनकी इस अनोखी अपील ने लोगों का खासा ध्यान खींचा।

पंत अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहते हैं

बता दें कि पंत का जन्म उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की में हुआ था और उन्होंने वहीं से अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत की थी, जिसके बाद वे प्रोफेशनल तौर पर क्रिकेट खेलने के लिए दिल्ली चले गए। आगे चलकर उन्होंने सभी फॉर्मेट में भारत के बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई।

हालांकि, पंत घरेलू क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते रहते हैं, लेकिन उत्तराखंड के साथ उनका जुड़ाव हमेशा मजबूत रहा है। उनकी हालिया पोस्ट से पता चलता है कि वे भविष्य में इस राज्य को अपना घर बनाना चाहते हैं और इसके विकास में योगदान देना चाहते हैं।

उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है जब पंत 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के लिए उत्तराखंड में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले व्यक्ति बन गए हैं। खबरों के अनुसार, उन्होंने 23.84 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स भरा है।

इन आंकड़ों की घोषणा उत्तराखंड के इनकम टैक्स चीफ कमिश्नर ने 24 जुलाई को इनकम टैक्स डे के मौके पर एक कार्यक्रम में की थी। बता दें कि पंत लगातार दूसरे साल राज्य में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले व्यक्तियों की लिस्ट में सबसे ऊपर रहे।

ABP Live की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, पंत का टैक्स योगदान पिछले फाइनेंशियल ईयर की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। पिछले साल उन्होंने लगभग 10.5 करोड़ रुपये का एडवांस टैक्स भरा था।

27 करोड़ रुपये की IPL डील से लेकर बड़े-बड़े एंडोर्समेंट तक

पंत का भारी-भरकम टैक्स पेमेंट कई सोर्स से हुई उनकी कमाई को दिखाता है, जिसमें BCCI कॉन्ट्रैक्ट, IPL सैलरी, मैच फीस और एंडोर्समेंट डील शामिल हैं।

बता दें कि पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, जिससे वह लीग के सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक बन गए। हालांकि, जिस अवधि की बात की जा रही है, उस दौरान पंत BCCI के Grade A कॉन्ट्रैक्ट में भी थे और उन्हें सालाना 5 करोड़ रुपये रिटेनरशिप के तौर पर मिलते थे। लेकिन, बाद में उन्हें Grade B में कर दिया गया, जिसके बाद उनकी सालाना रिटेनरशिप घटकर 3 करोड़ रुपये हो गई।

उनकी कमर्शियल कमाई भी उनकी इनकम में काफी योगदान देती है। पंत के एंडोर्समेंट एसोसिएशन Adidas, Dream11, SG, Thums Up, Cadbury, boAt, Noise, Zomato, JSW Cement और MakeMyTrip के साथ हैं।

धामी ने दिया आश्वासन

इस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने पंत को आश्वासन दिया है कि मामले में संबंधित लोगों को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने पंत को एक्स पर जवाब देते हुए लिखा, “प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखंड के गौरव हैं। आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है। आपके द्वारा उठाए गए विषय के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। वे शीघ्र ही आपसे संपर्क कर नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे।”

IPOs This Week: 10 अगस्त से शुरू हफ्ते में Milky Mist, Shiprocket समेत 8 नए इश्यू, 8 कंपनियां होंगी लिस्ट

10 अगस्त से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से काफी अच्छा रहने वाला है। 8 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 5 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 4 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से 2 मेनबोर्ड हैं। जहां तक नई लिस्ट होने जा रही कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 8 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

Dhoot Transmission IPO: ₹3,066.89 करोड़ का इश्यू 10 अगस्त को खुलने जा रहा है। इसमें 12 अगस्त तक ₹829-₹871 प्रति शेयर के भाव पर 17 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। इश्यू बंद होने के बाद कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Molbio Diagnostics IPO: यह 10 अगस्त को खुलेगा और 12 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ₹939.70 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड ₹768-₹807 प्रति शेयर है। लॉट साइज 18 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 अगस्त को होने वाली है।

Milky Mist Dairy Food IPO: कंपनी ₹1,553 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 11 अगस्त को खुलने वाला है। इसमें ₹133-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 107 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। IPO 13 अगस्त को बंद होगा। उसके बाद कंपनी NSE और BSE पर 18 अगस्त को लिस्ट हो सकती है।

Sham Foam IPO: यह 11 अगस्त को खुल रहा है। साइज ₹40.48 करोड़ है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹130 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,000 शेयर है। IPO की क्लोजिंग 13 अगस्त को होगी। उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 18 अगस्त को होने की उम्मीद है।

Fascinate Textiles IPO: ₹66.98 करोड़ का इश्यू 11 अगस्त को खुलेगा और 13 अगस्त को बंद होगा। बोली ₹148-₹156 प्रति शेयर के भाव पर लगा सकते हैं। लॉट साइज 800 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 18 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

Behari Lal Engineering IPO: ₹302 करोड़ का पब्लिक इश्यू 12 अगस्त को खुलेगा। प्राइस बैंड ₹271-₹285 प्रति शेयर है। लॉट साइज 52 शेयर है। IPO में 14 अगस्त तक बोली लगाई जा सकेगी। कंपनी के NSE और BSE पर 19 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Pramodini Medicare IPO: कंपनी का इरादा ₹69.04 करोड़ जुटाने का है। इश्यू 12 अगस्त को खुलेगा और 14 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹110-₹118 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 19 अगस्त को लिस्ट होने वाले हैं।

Shiprocket IPO: ₹1,617.48 करोड़ का इश्यू भी 12 अगस्त को ओपन होगा। बोली लगाने के लिए 14 अगस्त तक मौका रहेगा। प्राइस बैंड ₹92-₹97 प्रति शेयर और लॉट साइज 154 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 19 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

पहले से खुले IPO

LAPL Automotive IPO: ₹32.40 करोड़ का इश्यू 6 अगस्त को खुला था और 10 अगस्त को बंद होगा। यह अभी तक 31.41 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹88-₹94 प्रति शेयर और लॉट साइज 1200 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 13 अगस्त को होगी।

LEAP India IPO: इसका साइज ₹2,480 करोड़ है। यह 7 अगस्त को खुला था। अभी तक 28 प्रतिशत भरा है। इसमें 11 अगस्त तक ₹151-₹159 प्रति शेयर के भाव पर और 94 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 14 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Technocraft Ventures IPO: इस इश्यू की ओपनिंग भी 7 अगस्त को हुई थी और क्लोजिंग 11 अगस्त को होगी। कंपनी ₹251.88 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू अभी तक 2.59 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹200-₹212 प्रति शेयर और लॉट साइज 70 शेयर है। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 14 अगस्त को होने वाली है।

Optimystix Entertainment IPO: यह 7 अगस्त को खुला था और 11 अगस्त को बंद होगा। कंपनी 107.88 करोड़ रुपये तक जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड 165-174 रुपये प्रति शेयर है। इस पब्लिक इश्यू को अभी तक 73 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। IPO बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 14 अगस्त को होने की उम्मीद है।

AGS Health IPO: ₹4800 करोड़ के इश्यू के लिए अपडेटेड ड्राफ्ट जमा, रहेंगे ₹1800 करोड़ के नए शेयर

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 10 अगस्त को NSE SME पर Anawil Wire & Engineering के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। 11 अगस्त को BSE SME पर Aegeus Technologies की लिस्टिंग होने वाली है। 12 अगस्त को NSE और BSE पर Ardee Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। इसी दिन BSE SME पर G.V. Electricals की लिस्टिंग हो सकती है। 13 अगस्त को BSE SME पर LAPL Automotive के लिस्ट होने की उम्मीद है। 14 अगस्त को NSE और BSE पर LEAP India और Technocraft Ventures लिस्ट होने वाली हैं। इसी दिन NSE SME पर Optimystix Entertainment के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

14 महीने तक किसी को नहीं हुआ शक, दो कंपनियों में चुपचाप करता रहा नौकरी; लेकिन मर्जर ने ऐसा फंसाया कि अब समझ नहीं आ रहा क्या करे!

एक टेक प्रोफेशनल करीब 14 महीने से दो कंपनियों में एक साथ रिमोट जॉब कर रहा था और अब तक उसकी यह ‘डबल जॉब’ वाली व्यवस्था बिना किसी बड़ी परेशानी के चल रही थी। दोनों कंपनियां अलग थीं, काम का तरीका और टेक्नोलॉजी स्टैक भी अलग था, इसलिए उसे लगता था कि दोनों नौकरियों का राज आसानी से छिपा रहेगा। लेकिन अचानक एक ऐसा मोड़ आया, जिसने उसकी पूरी प्लानिंग हिला दी। उसे पता चला कि उसकी दोनों कंपनियां अब मर्ज होने जा रही हैं।

इसके बाद सबसे बड़ा डर यह है कि कंपनियों के सिस्टम और कर्मचारी रिकॉर्ड आपस में जुड़ते ही उसकी पहचान दोनों जगह सामने आ सकती है। खास बात यह है कि वह दोनों संस्थानों के कर्मचारियों के संपर्क में भी रहता है और दोनों कंपनियों की Slack डायरेक्टरी में उसका नाम मौजूद है। अब वह सोच रहा है कि नौकरी छोड़े या जोखिम लेकर इंतजार करे।

14 महीने तक आराम से चल रही थी दोहरी नौकरी

रेडिट पर शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, टेक कर्मचारी करीब 14 महीने से दो कंपनियों में एक साथ काम कर रहा था। दोनों नौकरियां पूरी तरह रिमोट थीं और दोनों में अलग-अलग टेक्नोलॉजी स्टैक इस्तेमाल होते थे।

उसका मानना था कि दोनों कंपनियों के कामकाज और टीमों के बीच इतना अंतर है कि किसी को उसके दूसरे रोजगार के बारे में पता चलने की संभावना बेहद कम है। इसी भरोसे के साथ वह दोनों नौकरियां संभालता रहा।

छोटी कंपनी को चुना था, ताकि न हो कोई टकराव

कर्मचारी के मुताबिक, उसकी एक कंपनी मिड-साइज SaaS कंपनी थी, जबकि दूसरी उसी सेक्टर में काम करने वाली अपेक्षाकृत छोटी कंपनी थी। उसने दूसरी कंपनी को इसलिए चुना था क्योंकि उसे लगता था कि छोटी कंपनी होने के कारण दोनों संस्थानों के बीच भविष्य में किसी तरह का कारोबारी संपर्क होने की संभावना काफी कम है। लेकिन जिस चीज को उसने सबसे कम संभावित माना था, वही आखिरकार उसके सामने आ गई।

CEO का एक ईमेल और बदल गया पूरा खेल

मुश्किल तब शुरू हुई जब उसे पहली कंपनी के CEO की ओर से ईमेल मिला। ईमेल में बताया गया था कि उसकी कंपनी दूसरी कंपनी का अधिग्रहण करने जा रही है। यानी जिस कंपनी में वह दूसरी नौकरी कर रहा था, अब वही उसकी पहली कंपनी के कॉरपोरेट दायरे में आने वाली थी। इसके बाद कर्मचारी को सबसे बड़ा डर अपने दोनों रोजगार रिकॉर्ड के आपस में जुड़ने का सताने लगा।

Slack डायरेक्टरी बनी सबसे बड़ी चिंता

टेक प्रोफेशनल ने बताया कि वह दोनों कंपनियों के कर्मचारियों के साथ नियमित रूप से बातचीत करता है। ऐसे में मर्जर के बाद उसके लिए छिपे रहना और मुश्किल हो सकता है। दोनों कंपनियों की Slack डायरेक्टरी में उसका नाम मौजूद है। हालांकि दूसरी कंपनी में उसने अपने नाम का थोड़ा अलग फॉर्मेट इस्तेमाल किया था, लेकिन उसे खुद भी शक है कि सिस्टम और कर्मचारी डेटाबेस के एकीकरण के बाद यह अंतर उसे बचाने के लिए काफी नहीं होगा।

असली डर

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोनों कंपनियों का इंटीग्रेशन कितनी जल्दी शुरू होगा। कर्मचारी को अंदाजा नहीं था कि पूरी प्रक्रिया में कई महीने लगेंगे या सिस्टम और कर्मचारी रिकॉर्ड का एकीकरण शुरुआत में ही शुरू हो जाएगा। अगर दोनों कंपनियों के HR सिस्टम, डायरेक्टरी और डेटाबेस जल्दी आपस में जुड़ गए, तो एक ही व्यक्ति का दो जगह कर्मचारी के तौर पर मौजूद होना आसानी से सामने आ सकता है।

नौकरी छोड़ दे या जोखिम लेकर इंतजार करे?

यहीं से कर्मचारी की सबसे बड़ी दुविधा शुरू हुई। उसके सामने दो रास्ते थे दूसरी नौकरी से खुद इस्तीफा दे दे या फिर कुछ समय तक दोनों नौकरियां जारी रखकर हालात पर नजर रखे। पहला विकल्प उसे तुरंत संभावित जोखिम से बाहर निकाल सकता था। वहीं दूसरा विकल्प ज्यादा अनिश्चित था, लेकिन इसमें वह मर्जर की दिशा देखकर आगे फैसला लेने की उम्मीद कर रहा था।

Layoff हुआ तो Severance का भी सवाल

कर्मचारी के दिमाग में एक और संभावना आई। मर्जर के दौरान कंपनियां अक्सर restructuring करती हैं और कुछ पदों को खत्म भी किया जा सकते हैं। ऐसे में उसे लगा कि अगर वह इंतजार करता है और उसकी नौकरी restructuring में चली जाती है, तो शायद उसे severance मिल सके। हालांकि वह यह भी समझ रहा था कि इस रणनीति में बड़ा जोखिम है। अगर उससे पहले ही दोनों कंपनियों को उसके डबल एम्प्लॉयमेंट का पता चल गया, तो स्थिति उसके खिलाफ जा सकती है।

तनाव इतना बढ़ा कि सुबह 10 बजे ही खाने लगा Goldfish

अपनी पोस्ट के आखिर में टेक कर्मचारी ने अपनी स्थिति को मजाकिया अंदाज में बताते हुए कहा कि वह सुबह 10 बजे ही अपनी डेस्क पर बैठकर “stress eating goldfish” कर रहा था। उसने Reddit यूजर्स से पूछा कि ऐसी स्थिति में उसे क्या करना चाहिए। पोस्ट सामने आते ही लोगों ने इसे गंभीर सलाह के साथ-साथ मजाकिया नजरिए से भी लेना शुरू कर दिया।

इंटरनेट ने कहा

पोस्ट पर कई यूजर्स ने उसकी स्थिति पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने इसे “suffering from success” वाला मामला बताया। दूसरे ने मजाक करते हुए कहा कि वह दोनों कंपनियों की टीमों का परिचय कराने वाला व्यक्ति बन सकता है। किसी ने तो यहां तक सुझाव दे दिया कि वह अपना कानूनी नाम ही बदल ले। एक अन्य यूजर ने बेहद सीधे अंदाज में सलाह दी दूसरी नौकरी से इस्तीफा देकर भगवान से प्रार्थना करो। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि वे भी ऐसी ही “समस्या” झेलना चाहेंगे।

मर्जर ने खोल दिया Overemployment का सबसे बड़ा जोखिम

इस पूरे मामले की दिलचस्प बात यही है कि करीब 14 महीने तक दो रिमोट नौकरियां करने वाले इस कर्मचारी के लिए सबसे बड़ा खतरा काम का दबाव नहीं, बल्कि कंपनियों का आपस में जुड़ना बन गया। जब तक दोनों संस्थान अलग थे, अलग टेक स्टैक, अलग टीम और अलग सिस्टम ने उसकी दोहरी नौकरी को छिपाए रखा। लेकिन मर्जर के बाद वही अलग-अलग सिस्टम एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं। अब उसकी पूरी चिंता इसी बात पर टिकी है कि यह इंटीग्रेशन कितनी जल्दी होता है और दोनों कंपनियों के रिकॉर्ड कब एक-दूसरे के सामने आते हैं।

KCC: किसान क्रेडिट कार्ड में किसानों को कैसे मिलता है सस्ता लोन? कौन कर सकता है अप्लाई, जानें पूरा प्रोसेस

भारत में खेती और उससे जुड़ी एक्टिविटीज को आर्थिक मजबूती देने के लिए बैंक और फाइनेंशियल इंस्टिट्यूतम तमाम स्कीम चलाते हैं। इनमें सबसे अहम और और पॉपुलर स्कीम है किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना। अगस्त 1998 में पब्लिक सेक्टर्स के बैंकों द्वारा शुरू की गई यह योजना किसानों को खेती-किसानी की जरूरतों के लिए समय पर और कम दरों पर क्रेडिट यानी कि लोन उपलब्ध कराती है। शुरुआत में इसका मुख्य उद्देश्य सिर्फ मौसमी फसलों के खर्चों को पूरा करना था, लेकिन समय के साथ इसका दायरा बढ़ाकर डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन, पशुपालन और मधुमक्खी पालन जैसी एक्टिविटीज तक इसका विस्तार किया गया।

किसान क्रेडिट कार्ड से कैसे मिलता है बेहद सस्ता लोन?

किसान क्रेडिट कार्ड की सबसे बड़ी खासियत इस पर मिलने वाली बेहद कम ब्याज दरें और सरकारी छूट हैं। भारत सरकार की संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के तहत बैंकों को KCC पर अधिकतम 3.00 लाख रुपये तक के कुल लोन पर 7 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से लोन उपलब्ध कराने के लिए सहायता दी जाती है। जो किसान अपने लोन का भुगतान समय पर करते हैं, उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 3 प्रतिशत की अतिरिक्त ब्याज छूट दी जाती है। इस तरह देखें तो समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से सस्ता लोन मिल जाता है। इस ब्याज छूट का कैलकुलेशन लोन मिलने या पैसे विड्रॉल करने की तारीख से से लेकर लोन चुकाने की असल तारीख या बैंक द्वारा तय की गई तारीख (जो भी पहले हो) तक अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए की जाती है।

कौन-कौन कर सकता है अप्लाई?

किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ समाज के हर वर्ग के किसान और पशुपालक उठा सकते हैं। योजना के तहत पात्र आवेदकों की श्रेणियां नीचे दी गई हैं-

व्यक्तिगत/संयुक्त भू-स्वामी: ऐसे किसान जो स्वयं की भूमि पर खेती करते हैं।

पट्टेदार व बटाईदार: पट्टेदार किसान , मौखिक पट्टेदार और साझा कृषक या बटाईदार।

समूह और संस्थाएं: किसानों, पट्टेदारों या बटाईदारों के स्वयं सहायता समूह (SHG) या संयुक्त देयता समूह (JLG)।

दूसरी गतिविधियों से जुड़े किसान: पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, रेशम कीट पालन, मशरूम खेती और अन्य गतिविधियों में लगे व्यक्ति।

सरकार के नियमों के अनुसार, KCC योजना के तहत संशोधित ब्याज सबवेंशन का लाभ उठाने के लिए बैंक खातों को आधार से लिंक करना अनिवार्य है।

KCC लोन की सीमा और उपलब्ध फंड की राशि

KCC के तहत लोन की सीमा किसान की भूमि, फसल के प्रकार और गतिविधियों के आधार पर तय की जाती है। योजना में फंड की सीमा को भी तय किया गया है। फसलों की खेती और कटाई के बाद के खर्चों के लिए अधिकतम 3 लाख रुपये तक की क्रेडिट सीमा तय की गई है। पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, रेशम पालन, मधुमक्खी पालन आदि के लिए वर्किंग कैपिटल के रूप में अधिकतम 2 लाख रुपये तक की सीमा मिलती है। 1 हेक्टेयर तक की जोत वाले सीमांत किसानों के लिए 10000 रुपये से लेकर 50000 रुपये तक की फ्लेक्सी केसीसी दी जाती है। इसमें जमीन के मूल्य से जोड़े बिना खेती के खर्च, घरेलू जरूरतों और छोटे उपकरणों की खरीद के लिए 5 साल की अवधि के लिए लिमिट तय की जाती है।

क्रेडिट लिमिट और लोन की राशि का आकलन कैसे होता है?

KCC लोन की सीमा 5 वर्षों की अवधि के लिए तय की जाती है और यह एक रिवॉल्विंग क्रेडिट लिमिट के रूप में काम करती है। पहले वर्ष की लोन सीमा का निर्धारण इस फॉर्मूले से होता है:

पहले वर्ष की सीमा = (जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा तय फसल का पैमाना × खेती का क्षेत्रफल) + (कटाई बाद/घरेलू जरूरतों के लिए सीमा का 10%) + (फार्म परिसंपत्तियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए सीमा का 20%) + फसल/दुर्घटना बीमा प्रीमियम।

दूसरे से पांचवें साल की सीमा: अगले प्रत्येक वर्ष (2nd, 3rd, 4th और 5th ईयर) के लिए लागत वृद्धि के रूप में सीमा में 10% की बढ़ोतरी की जाती है।

टर्म लोन: भूमि विकास, सिंचाई, कृषि उपकरण खरीदने आदि के लिए 5 साल के समय के लिए टर्म लोन घटक भी इसमें जोड़ा जाता है। 5वें वर्ष की तय अल्पकालिक सीमा और टर्म लोन की कुल राशि मिलाकर कार्ड की मैक्सिमम पर्मिसेबल लिमिट तय होती है।

KCC क्रेडिट की प्रमुख विशेषताएं और इस्तेमाल

किसान क्रेडिट कार्ड योजना सिंगल के तहत किसानों की तमाम जरूरतों को पूरा करती है। अल्पकालिक फसल जरूरतों के तहत इसका फायदा मौसमी फसलों, सब्जियों, फल-फूलों, वृक्षारोपण, मसालों और औषधीय पौधों की खेती के लिए उठाया जा सकता है। उपज की कटाई के बाद के खर्चों और e-NWR (इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीद) के एवज में लोन लेने के लिए। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए फसल ऋण के पुनर्गठन पर पहले वर्ष के लिए ब्याज सबवेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

इसके अलावा केसीसी में छोटे और सीमांत किसानों को फसल कटाई के तुरंत बाद मजबूरी में कम कीमत पर उपज बेचने से रोकने के लिए वेयरहाउसिंग अथॉरिटी से पंजीकृत गोदामों में रखी उपज की रसीद पर 6 महीने तक ब्याज सबवेंशन मिलता है।

कहां से मिलेगा KCC और आवेदन की प्रक्रिया

किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने के लिए किसान अलग अलग फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन में आवेदन कर सकते हैं। KCC जारी करने के लिए अधिकृत संस्थानों की बात करें तो इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, ग्रामीण सहकारी बैंक, लघु वित्त बैंक, कंप्यूटरीकृत प्राथमिक कृषि ऋण समितियां शामिल हैं।

केसीसी के लिए आवेदन की प्रक्रिया

किसान अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाकर या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट/पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, भूमि के दस्तावेज (या पट्टेदारी का प्रमाण) और आधार कार्ड लगाना होता है। बैंक द्वारा एलिजिबिलिटी और डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद KCC जारी कर दिया जाता है।

Gold Price Today: सोने में तेजी बरकरार, 24 और 22 कैरेट दोनों का बढ़ा भाव; वैश्विक कीमत में इस हफ्ते 7% से ज्यादा उछाल

Petrol Diesel Price Today: आज पेट्रोल-डीजल कितना महंगा या सस्ता? यहां देखें नए दाम

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 08 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Gold Price Today: सोने में तेजी बरकरार, 24 और 22 कैरेट दोनों का बढ़ा भाव; वैश्विक कीमत में इस हफ्ते 7% से ज्यादा उछाल

देश में सोने की कीमत और बढ़ गई है। 8 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड 150050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। मुंबई और कोलकाता में भाव 149900 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। कमजोर अमेरिकी डॉलर और विदेशी बाजारों में सोने की कीमत में उछाल के कारण देश के अंदर भी सोने के भाव में तेजी है। जुलाई में U.S. नॉन-फार्म पेरोल में 23000 जॉब्स की गिरावट दर्ज की गई। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से प्रमुख ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना कम हो गई है।

बेंचमार्क ब्याज दरों में बढ़ोतरी सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए एक ​नेगेटिव फैक्टर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,336.02 डॉलर प्रति औंस पर है। सोने की वैश्विक कीमत इस सप्ताह में अब तक 7 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ऐसी उम्मीद है कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा। अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से पूरी तरह खुल जाएगा। इस उम्मीद ने महंगाई की चिंताओं को कम किया है। इससे भी अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से बेंचमार्क ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने को लेकर कम हुई है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 150050 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 137560 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 137410 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 149900 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 149990 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 137510 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 149900 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 137410 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली137560150050
मुंबई137410149900
अहमदाबाद137460149950
चेन्नई137490149990
कोलकाता137410149900
हैदराबाद137410149900
जयपुर137560150050
भोपाल137460149950
लखनऊ137560150050
चंडीगढ़137560150050

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चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में 8 अगस्त की सुबह देश के अंदर गिरावट है। चांदी अब 239900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 63.29 डॉलर प्रति औंस है।

Kamika Ekadashi 2026: सावन की पहली एकादशी का व्रत इस दिन होगा, नोट करें सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

Kamika Ekadashi 2026: सावन माह में आने वाले पहले एकादशी व्रत को कामिका एकदशी व्रत के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु का स्मरण करने वाले भक्तों के सारे पाप मिट जाते हैं। पुराणों अनुसार कामिका एकादशी का व्रत हजार गौ दान के बराबर पुण्य देता है। कहते हैं इस दिन तीर्थ स्थानों पर स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है।

हिंदू कैलेंडर के प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी व्रत किया जाता है। इस तरह पूरे साल में 24 एकादशी व्रत का सौभाग्य मिलता है। सावन माह की पहली एकादशी तिथि को लेकर लोगों को भ्रम हो रहा है कि ये 8 अगस्त को किया जाएगा या 9 अगस्त को किया जाएगा। असल में एकादशी तिथि 8 अगस्त को दोपहर से शुरू हो रही है और हिंदू धर्म में अधिकांश व्रत और त्योहार उदयातिथि को देखते हुए मनाए जाते हैं। इसलिए सावन माह की पहली एकादशी तिथि का व्रत 9 अगस्त को किया जाएगा। आइए जानें इसके बारे में

कामिका एकादशी 2026 सही तारीख

पंचांग अनुसार कामिका एकादशी तिथि 8 अगस्त की दोपहर 01:59 से शुरू होकर 9 अगस्त की सुबह 11:04 तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार कामिका एकादशी व्रत 9 अगस्त को रखा जाएगा। वहीं व्रत का पारण 10 अगस्त को किया जाएगा और पारण का समय सुबह 05:47 से 08 बजे तक रहेगा।

कामिका एकादशी शुभ मुहूर्त 2026

ब्रह्म मुहूर्त – 04:22 AM से 05:04 AM

प्रातः सन्ध्या – 04:43 AM से 05:47 AM

अभिजित मुहूर्त – 12:00 PM से 12:53 PM

विजय मुहूर्त – 02:40 PM से 03:33 PM

गोधूलि मुहूर्त – 07:06 PM से 07:27 PM

सायाह्न सन्ध्या – 07:06 PM से 08:10 PM

अमृत काल – 06:42 AM से 08:09 AM

द्विपुष्कर योग – 11:04 AM से 02:43 PM

इस दिन बन रहे हैं शुभ योग

कामिका एकादशी पर इस बार दो शुभ योगों का संयोग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन सुबह 11 बजकर 4 मिनट से दोपहर 2 बजकर 43 मिनट तक द्विपुष्कर योग रहेगा। वहीं, पूरे दिन हर्षण योग प्रभावी रहेगा और इसका समापन 10 अगस्त को रात 2 बजकर 4 मिनट पर होगा। धार्मिक मान्यता है कि इन शुभ योगों में भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के हर दुख को हर लेते हैं।

कामिका एकादशी का महत्व

धार्मिक मान्यताओं अनुसार कामिका एकादशी का व्रत रखने से सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं। साथ ही पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है। इस दिन तुलसी का पूजन भी जरूर करें। साथ ही भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते भी अवश्य चढ़ाएं, इससे आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। साथ ही मां लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होगी।

कामिका एकादशी व्रत पूजा विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान से निवृत्त होकर पहले व्रत का संकल्प लें और फिर भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करें। भगवान को फल-फूल, तिल, दूध, पंचामृत, तुलसी आदि जरूर अर्पित करें। विष्णु सहस्त्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करें। साथ ही कामिका एकादशी की कथा पढ़ें। दिन भर फलाहारी व्रत रहें और एकादशी के अगले दिन किसी ब्राह्मण को भोजन कराकर अपना व्रत खोलें।

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Rashifal Today: कैसा रहेगा आपका आज का दिन, जानें किन बातों का रखना होगा खास ध्यान

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। यह न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक दृष्टि से सकारात्मक दिन है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। बिना सोचे-समझे खर्च न करें। भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए फैसले आपको आर्थिक स्थिरता देंगे। धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन पैसों के मामलों में आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। भविष्य को ध्यान में रखकर आर्थिक योजना बनाएं। बिना सोचे-समझे या भावनाओं में आकर खर्च करने से बचें। तय बजट के अनुसार चलेंगे तो आगे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य में लाभ देंगे।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपनी आय और खर्च पर ध्यान देने की जरूरत है। फिजूल खर्च से बचें और जरूरी खर्चों की सूची बनाकर आगे बढ़ें। लंबे समय के लिए बचत और निवेश की योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। धैर्य और समझदारी से लिया गया फैसला आर्थिक मजबूती देगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आपको कोई नया आर्थिक अवसर मिल सकता है। अपनी वित्तीय योजना साफ रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। बाजार की गतिविधियों पर नजर रखें और समय के अनुसार सही कदम उठाएं। पुराने खर्चों की समीक्षा करें और जरूरत हो तो बजट में बदलाव करें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। इसलिए अपने बजट का ध्यान रखें। भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें। पैसों से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसला लें। सही योजना से आप भविष्य की आर्थिक परेशानियों से बच सकते हैं।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। अपनी आय और खर्च का सही हिसाब रखें। बचत बढ़ाने की कोशिश करें और बेवजह खर्च न करें। अगर निवेश करना चाहते हैं तो सोच-समझकर करें। नई आर्थिक योजनाएं भविष्य में अच्छा लाभ दे सकती हैं।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने बजट को व्यवस्थित रखने की जरूरत है। जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें और छोटी-छोटी आर्थिक गलतियों से बचें। आय और खर्च का पूरा रिकॉर्ड रखें। सही योजना और अनुशासन से भविष्य में आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक मामलों में अच्छा रहेगा, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। खासकर महंगी और लग्जरी चीजों पर ज्यादा पैसा खर्च करने से बचें। अपने लंबे समय के आर्थिक लक्ष्य तय करें और उसी दिशा में काम करें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक दृष्टि से सकारात्मक दिन है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। बिना सोचे-समझे खर्च न करें। भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए फैसले आपको आर्थिक स्थिरता देंगे। धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आपको पैसों के मामलों में संतुलन बनाए रखना होगा। जल्दबाजी या भावनाओं में आकर कोई बड़ा फैसला न लें। अपने बचत और निवेश की योजनाओं की समीक्षा करें। धैर्य के साथ आगे बढ़ेंगे तो भविष्य में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय तक लाभ मिलेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।