Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल खरीदने से पहले जान लें आज की कीमत, दिल्ली-NCR समेत प्रमुख शहरों के ताजा रेट यहां देखें

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 05 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Kia Sorento में पहली बार Real-Time Generative AI और भी धांसू फीचर्स, जानिए कीमत

Kia Sorento में पहली बार Real-Time Generative AI और भी धांसू फीचर्स, जानिए कीमत

Kia Sorento 1

kia sorento launched : किआ इंडिया ने भारत के प्रीमियम थ्री-रो SUV सेगमेंट में कदम रखते हुए अपनी ग्लोबल SUV Kia Sorento को भारत में लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹27.99 लाख रखी गई है। वहीं, इसका Hybrid मॉडल ₹29.99 लाख की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध होगा।

Kia Sorento के साथ कंपनी ने भारत में पहली बार Hybrid पावरट्रेन पेश किया है। इसके अलावा, भारत-स्पेक Sorento में Kia AI Assistant भी पेश किया गया है, जिसमें रियल-टाइम Generative AI की क्षमता है। कंपनी के मुताबिक, यह तकनीक पहली बार वैश्विक स्तर पर Sorento में पेश की गई है। Kia Sorento की आधिकारिक डिलीवरी 4 सितंबर 2026 से देशभर में शुरू हो गई है।

 

भारत में पहली बार Hybrid पावरट्रेन

 

Kia Sorento को Hybrid और Diesel, दो पावरट्रेन विकल्पों के साथ पेश किया गया है। Hybrid मॉडल में Smartstream 1.6 Turbo GDI Hybrid इंजन मिलता है। इस इंजन से 180 PS की पावर और 265 Nm का टॉर्क मिलता है। इसके साथ 65 PS का इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है, जो 264 Nm का टॉर्क पैदा करता है। Hybrid पावरट्रेन को 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जोड़ा गया है।

 

दूसरा विकल्प Smartstream 2.2 Diesel इंजन है, जो 193 PS की पावर और 442 Nm का टॉर्क देता है। इसे 8-स्पीड Dual Clutch Transmission (8DCT) के साथ जोड़ा गया है। दोनों पावरट्रेन में Eco, Normal, Smart और Sport ड्राइव मोड दिए गए हैं।

 

Hybrid के साथ AWD का भी विकल्प

 

Kia Sorento अपने सेगमेंट की पहली SUV है जिसमें Hybrid पावरट्रेन के साथ All-Wheel Drive (AWD) का विकल्प दिया गया है। Hybrid और Diesel दोनों पावरट्रेन AWD के साथ उपलब्ध हैं। इनमें Snow, Sand और Mud जैसे Terrain Modes दिए गए हैं, जो अलग-अलग परिस्थितियों में बेहतर ट्रैक्शन और टॉर्क डिस्ट्रीब्यूशन में मदद करते हैं।

 

4,815 mm लंबी और 1,900 mm चौड़ी SUV

 

Sorento को Kia के ग्लोबल N3 प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। इसकी लंबाई 4,815 mm, चौड़ाई 1,900 mm, व्हीलबेस 2,815 mm और रूफ रेल्स के साथ ऊंचाई 1,785 mm है। कंपनी के अनुसार, यह अपने सेगमेंट की सबसे लंबी और चौड़ी SUV है। इसका बड़ा आकार तीनों रो में ज्यादा जगह उपलब्ध कराने में मदद करता है। SUV के फ्रंट में Kia Digital Tiger Face, Crystal Cube LED Projection Headlamps और Star Map LED DRLs दिए गए हैं। पीछे Star Map LED Tail Lamps मिलते हैं। इसके अलावा SUV में Satin Chrome फिनिश वाली फ्रंट और रियर स्किड प्लेट, Satin Chrome बेल्टलाइन और इंटीग्रेटेड रियर स्पॉयलर भी दिया गया है। Sorento में 18-इंच Sporty Crystal Cut Alloy Wheels और 19-इंच Premium Crystal Cut Alloy Wheels का विकल्प मिलता है।

 

प्रीमियम केबिन में 12.3-इंच के दो डिस्प्ले

 

Kia Sorento के केबिन को प्रीमियम और टेक्नोलॉजी से लैस बनाया गया है। इसमें Panoramic Curved Display Panel मिलता है, जिसमें 31.24 cm यानी 12.3-इंच HD Touchscreen Navigation Cockpit और 12.3-इंच HD Digital Instrument Cluster शामिल हैं। इसके साथ Windshield Head-Up Display और Advanced Digital IRVM दिया गया है। SUV में Smoky Black & Grey और टॉप HTX वेरिएंट में Black & Olive Brown इंटीरियर थीम का विकल्प मिलता है। इसमें Dual Pane Panoramic Sunroof और 64-कलर Ambient Mood Lighting भी दी गई है।

 

6 और 7-सीटर दोनों विकल्प

 

Kia Sorento को 6-सीटर और 7-सीटर कॉन्फिगरेशन में पेश किया गया है। पहली रो में 10-Way Power Driver और Co-Passenger Seats, Lumbar Adjustment, Relaxation Power Seats, Driver Seat Ergo Function और Integrated Memory System जैसे फीचर्स दिए गए हैं। Sorento की खासियत यह है कि इसमें पहली रो के अलावा दूसरी रो में भी Ventilated Seats मिलती हैं। सीटों में 3-स्टेप कूलिंग फंक्शन दिया गया है। 6-सीटर मॉडल में दूसरी रो में Captain Seats मिलती हैं, जबकि 7-सीटर मॉडल में 60:40 स्प्लिट रियर सीटें दी गई हैं। दोनों में Slide, Recline और Walk-in फंक्शन मिलता है।

 इसके अलावा 4-Way Power Boss Mode, Wing Type Headrests, तीसरी रो में 50:50 Split-Folding Seats और दूसरी-तीसरी रो के लिए Rear AC Vents दिए गए हैं।

 

Kia Sorento में पहली बार Real-Time Generative AI

 

Kia Sorento का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी अपडेट इसका Kia AI Assistant है। भारत-स्पेक Sorento में यह तकनीक पहली बार वैश्विक स्तर पर पेश की गई है। Kia AI Assistant रियल-टाइम सर्च पर आधारित जानकारी उपलब्ध कराता है। यह सामान्य बातचीत को समझने के साथ Follow-up Questions का जवाब भी दे सकता है। “Hey Kia” Wake Word के जरिए इसे हैंड्स-फ्री इस्तेमाल किया जा सकता है। यह चुनिंदा वाहन फंक्शंस, जैसे Air Conditioning और Windows को भी कंट्रोल कर सकता है।

 

इसके अलावा Sorento में:

  •  
  • Remote Vehicle Immobilization
  • Kia Connect 2.0 के 85+ कनेक्टेड कार फीचर्स
  • 30 कंट्रोलर्स के लिए OTA Software Updates
  • Digital Key 2.0
  • Wireless Android Auto
  • Wireless Apple CarPlay

 

जैसे फीचर्स मिलते हैं।

 

Disney, Marvel और Pixar थीम से कर सकेंगे कार को पर्सनलाइज

 

Kia ने पहली बार भारत में Personalized Display Themes भी पेश किए हैं। Sorento के Cluster और Infotainment सिस्टम में Disney, Marvel और Pixar पर आधारित कुल 9 थीम मिलेंगी। इन थीम के जरिए ग्राहक डैशबोर्ड के रंग, एनिमेशन और स्क्रीन लेआउट को अपनी पसंद के अनुसार बदल सकेंगे। दिसंबर 2026 से Kia Connect Store भी Sorento के लिए शुरू किया जाएगा। इसके जरिए ग्राहक चुनिंदा Feature-on-Demand सेवाओं को खरीद सकेंगे।

 

30 ADAS फीचर्स और 10 एयरबैग तक

 

सेफ्टी के मामले में भी Sorento को काफी एडवांस बनाया गया है। SUV में ADAS Level 2+ के 30 फीचर्स दिए गए हैं।

 

इनमें:

 

  • Forward Collision Warning
  • Forward Collision-Avoidance Assist
  • Lane Keeping Assist
  • Lane Following Assist
  • Highway Driving Assist
  • Smart Cruise Control
  • Blind Spot Collision Avoidance
  • Rear Cross Traffic Collision Avoidance
  • Safe Exit Warning
  • Remote Smart Parking Assist

 

जैसे फीचर्स शामिल हैं।

 

Kia का Robust 26 Standard Safety Package भी मिलता है। इसमें 7 एयरबैग स्टैंडर्ड हैं, जबकि टॉप वेरिएंट में अतिरिक्त Rear Side और Centre Side Airbags के साथ कुल 10 एयरबैग तक मिलते हैं।

 

इसके अलावा 360-डिग्री कैमरा, Blind View Monitor, 12 पार्किंग सेंसर, पांच रडार और Dynamic Guidelines वाला रियर कैमरा भी दिया गया है।

 

भारत में बनी, भारतीय ग्राहकों के हिसाब से तैयार

 

Kia Sorento का उत्पादन भारत में Kia India की अनंतपुर, आंध्र प्रदेश स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में किया गया है। कंपनी ने भारतीय सड़कों और ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें कई बदलाव किए हैं। इनमें India-specific grille detailing, Acoustic Windshield और Black High Glossy Bridge Type Roof Rails शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि Acoustic Windshield, Door Trim Insulator और अन्य इंजीनियरिंग सुधारों की वजह से Sorento में बेहद शांत केबिन और बेहतर NVH प्रदर्शन मिलता है।

 

ये प्रमुख फीचर्स भी मिलेंगे

 

Kia Sorento में कई प्रीमियम और सेगमेंट-फर्स्ट फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

 

  • Smart Power Tailgate with Anti-Pinch
  • Dual Pane Panoramic Sunroof
  • Bose Premium Sound System with 12 Speakers
  • Smart Dashcam with Front & Rear Camera
  • Remote Smart Parking Assist
  • 220V Power Outlet
  • Digital IRVM
  • Head-Up Display
  • Wireless Smartphone Charger
  • Dual-Zone Automatic Climate Control
  • Tyre Pressure Monitoring System
  • Electronic Parking Brake with Auto Hold
  • Front और Rear Seat Side Airbags
  • Driver Knee Airbag
  • All-Wheel Disc Brakes
  • ISOFIX
  • Rear Occupant Alert
     

Kia Sorento की कीमत और वेरिएंट

 

Kia Sorento को तीन मुख्य ट्रिम्स और उनके Option Pack के साथ पेश किया गया है। Diesel 7-Seater की शुरुआती कीमत ₹27.99 लाख है, जबकि Hybrid 7-Seater की शुरुआती कीमत ₹29.49 लाख है। टॉप वेरिएंट में कीमत करीब ₹40.19 लाख एक्स-शोरूम तक जाती है।

 

प्रमुख कीमतें

  • पावरट्रेन सीटिंग शुरुआती कीमत टॉप कीमत
  • 2.2 Diesel 8DCT 7-सीटर ₹27.99 लाख ₹38.69 लाख
  • 2.2 Diesel 8DCT 6-सीटर ₹32.69 लाख ₹38.89 लाख
  • 1.6 Turbo Hybrid 6AT 7-सीटर ₹29.49 लाख ₹40.19 लाख
  • 1.6 Turbo Hybrid 6AT 6-सीटर ₹34.19 लाख ₹40.39 लाख
  • आठ एक्सटीरियर कलर का विकल्प

 

Kia Sorento को आठ मोनो-टोन एक्सटीरियर कलर में पेश किया गया है:

 

  • Glacier White Pearl
  • Gravity Gray
  • Imperial Blue
  • Magma Red
  • Pewter Olive
  • Ivory Silver Gloss
  • Aurora Black Pearl
  • Matte Dark Gun Metal

 

इसके अलावा पहली बार Kia India लाइन-अप में Black Line Trim भी पेश किया गया है। इसमें Kia और Sorento बैज, 19-इंच Premium Crystal Cut Alloy Wheels, Fender Garnish और Beltline सहित कई एक्सटीरियर एलिमेंट्स को ब्लैक फिनिश दी गई है।

 

4.8 मिलियन से ज्यादा ग्राहकों का भरोसा

 

Kia Sorento पिछले 24 वर्षों और चार पीढ़ियों के दौरान 132 देशों में 4.8 मिलियन से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच चुकी है। यही वजह है कि यह Kia की सबसे सफल ग्लोबल SUV नेमप्लेट में शामिल है। भारत में नई Sorento के साथ Kia ने पहली बार प्रीमियम थ्री-रो SUV सेगमेंट में कदम रखा है। Hybrid पावरट्रेन, AWD, ADAS Level 2+, 10 एयरबैग तक और Real-Time Generative AI वाला Kia AI Assistant इसे इस सेगमेंट की एक टेक्नोलॉजी-फोकस्ड SUV बनाते हैं।

सरकारी गौशाला के पीछे चल रहा था करोड़ों का काला कारोबार: आईटीसी के नाम पर बन रही थीं नकली सिगरेट, ऐसे खुला राज

सरकारी गौशाला के पीछे चल रहा था करोड़ों का काला कारोबार: आईटीसी के नाम पर बन रही थीं नकली सिगरेट, ऐसे खुला राज

Hastinapur fake cigarette factory

हस्तिनापुर विधानसभा के खादर क्षेत्र में सरकारी गौशाला के पास पुराना स्कूल भवन और इसी की आड़ में चल रहा था करोड़ों के नकली सिगरेट का काला कारोबार। पुलिस ने दूधली खादर में एक ऐसी फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है, जहां नामी ब्रांड के नाम पर धड़ल्ले से नकली सिगरेट तैयार की जा रही थीं। छापेमारी में पुलिस के हाथ करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की तैयार नकली सिगरेट और इतनी ही कीमत का कच्चा माल पकड़ा है। वहीं पुलिस ने सिगरेट बनाने वाली मशीनें भी बरामद की हैं।

 

पुरानी सरकारी गौशाला की आड़ में फैक्टरी के अंदर देश की प्रमुख सिगरेट कंपनी आईटीसी के नाम से कई ब्रांड की नकली सिगरेट तैयार की जा रही थीं। पुलिस ने मौके से चार कर्मचारियों को पकड़ा है, जबकि फैक्टरी संचालक दिल्ली निवासी रवि किशोर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

 

कंपनी की सूचना ने खोली फैक्टरी की पोल

नकली सिगरेट की इस फैक्टरी की सूचना पुलिस मुखबिर ने नही बल्कि आईटीसी सिगरेट कंपनी द्वारा दी गई। कंपनी के मैनेजर रेशू मिश्रा ने पुलिस को बताया था कि हस्तिनापुर से करीब आठ किलोमीटर दूर खादर इलाके में बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट बनाई जा रही हैं।

 

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने फैक्टरी पर दबिश दी। अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। मशीनों पर सिगरेट तैयार की जा रही थीं और चार कर्मचारी मौके पर काम करते मिले। पूछताछ में पता चला कि रात्रि मैं गिनती के कर्मचारी काम करते है जबकि दिन के समय यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी सिगरेट बनाते है। 

 

बड़े ब्रांड, लेकिन माल पूरा नकली

फैक्टरी में किसी छोटे-मोटे ब्रांड की नहीं, बल्कि बाजार में खूब बिकने वाले नामों की नकल की जा रही थी। यहां गोल्ड फ्लेक, क्लासिक, विल्स नेवी कट, इंडिया किंग्स, इंसिग्निया, सैसर्स, प्लेयर्स और ब्रिस्टल के नाम से नकली सिगरेट तैयार की जा रही थीं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि सिगरेट बनाने का कच्चा माल कंबोडिया से और तंबाकू राजस्थान से मंगाया जाता था। फैक्टरी में तैयार माल को यूपी के बाजार के अलावा हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली तक भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

 

छह महीने से चल रहा था पूरा खेल

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि रवि किशोर पिछले करीब छह महीने से दूधली खादर में पुराने स्कूल भवन के पास इस फैक्टरी को संचालित कर रहा था। सरकारी गौशाला के बिल्कुल पास बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट का उत्पादन चल रहा था, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसकी भनक तक नहीं लगी। छापेमारी में मिली मशीनों, तैयार सिगरेट और भारी मात्रा में कच्चे माल ने साफ कर दिया कि यह कोई छोटा-मोटा सेटअप नहीं था, बल्कि बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा था।

 

करोड़ों के नेटवर्क की तलाश में पुलिस

फैक्टरी से बरामद माल की कीमत पुलिस ने करोड़ों रुपये में आंकी है। अब जांच का दायरा फैक्टरी से बाहर निकलकर पूरे नेटवर्क तक पहुंच रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कच्चा माल कौन उपलब्ध कराता था, तैयार सिगरेट किन लोगों के जरिए बाजार तक पहुंचती थीं और इस कारोबार में रवि किशोर के साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

 

साथ ही अलग-अलग राज्यों तक फैले सप्लाई नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि नकली सिगरेट का यह कारोबार अकेले इस फैक्टरी तक सीमित नहीं हो सकता। फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

Petrol- Diesel Price Today: 4 सितंबर को कितने बदले पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें अपने शहर का नया रेट

Petrol- Diesel Price Today: भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने या फिर घटने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। पेट्रोल और डीजल की किमतें बढ़ने से रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित करते हैं।भारत में हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतें बदलती हैं। देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) इन दरों को जारी करती हैं। इन दरों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में होने वाले बदलाव का असर पड़ता है। वहीं पेट्रोल-डीजल के रेट में होने वाला हर छोटे और बड़े बदलाव पर लोगों की नजर होती है

बता दें आज 4 सितंबर के दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दोनों ईंधनों के दाम पुराने स्तर पर ही बने हुए हैं। आइए जानते हैं आपके शहर में कितने में मिल रहा है पेट्रोल और डीजल

आपके शहर पेट्रोल-डीजल के नए रेट

ये रहे 04 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.31 और डीजल ₹97.97 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.78 और डीजल ₹99.56 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹97.92 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

कैसे तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  • पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
  • भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
  • केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
  • कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
  • बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

SMS से कैसे चेक करें अपने शहर की कीमत?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो इस आसान प्रक्रिया से जान सकते हैं:

  • Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
  • BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
  • HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

केन्या के राष्ट्रपति ने टाटा केमिकल्स को कामकाज बंद करने का दिया आदेश, 100 साल पुराने कारोबार पर लगाया ब्रेक!

Tata company out in Kenyan: केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने कहा है कि ‘टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals)’ को काजियाडो काउंटी के लेक मगाडी में अपने खनन कामकाज तत्काल बंद करने का आदेश दिया है। Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूटो ने गुरुवार (3 सितंबर) को कहा, “उन्होंने भारत की टाटा केमिकल्स (TTCH.NS) को केन्या में अपना कामकाज रोकने का आदेश दिया है, क्योंकि कंपनी की मौजूदगी से देश को कोई फायदा नहीं हुआ।” रूटो ने कहा कि सरकार टाटा केमिकल्स का कामकाज संभालने के लिए दो नई कंपनियां लाएगी।

इस फैसले के साथ इलाके में टाटा केमिकल्स और उससे पहले की कंपनियों की करीब 100 साल से चली आ रही खनिज गतिविधियों (मिनरल निकालने के काम) पर विराम लग गया है। दक्षिणी केन्या में विकास कार्यों के दौरे के दौरान रुटो ने कंपनी पर आरोप लगाया कि कंपनी ने दशकों तक इलाके में मौजूद सोडा ऐश के विशाल प्राकृतिक भंडार का इस्तेमाल करने के बावजूद कोई ठोस आर्थिक विकास, रोजगार या स्थानीय औद्योगिक ढांचा नहीं बनाया।

क्या है पूरा विवाद?

राष्ट्रपति रूटो ने कंपनी पर आरोप लगाया कि इतने लंबे समय तक प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करने के बावजूद काजियाडो एरिया में स्थानीय लोगों के लिए पर्याप्त रोजगार, उद्योग और आर्थिक विकास का आधार तैयार नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कच्चा माल विदेश क्यों भेजा जाता रहे और स्थानीय समुदाय को उसका पर्याप्त लाभ क्यों न मिले।

‘उन्होंने यहां कुछ नहीं बनाया’

Reuters के मुताबिक, दक्षिणी केन्या के विकास दौरे के दौरान काजियाडो में लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रूटो ने टाटा के पुराने कारोबार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कंपनी को करीब 100 साल तक कॉन्ट्रेक्ट मिला। लेकिन उसने काजियाडो में कोई बड़ी फैक्ट्री नहीं लगाई। रुटो ने जोर देकर कहा कि भविष्य में माइनिंग लाइसेंस के लिए निवेशकों को कच्चे सोडा ऐश को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात करने के बजाय स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट बनाने की शर्त माननी होगी।

रूटो ने कथित तौर पर कहा, “उस टाटा कंपनी के पास 100 साल का कॉन्ट्रैक्ट था। उन्होंने काजियाडो में कुछ नहीं बनाया। उन्होंने काजियाडो में कोई फैक्ट्री नहीं बनाई। हमने कहा है कि हम एक नई कंपनी लाएंगे और उन्हें यहां काजियाडो में कांच की एक बड़ी कंपनी और केमिकल बनाने वाली एक और कंपनी लगानी चाहिए। क्या हम दूसरे लोगों के गुलाम हैं?”

टाटा के खिलाफ कार्रवाई की वजह क्या बताई गई?

राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब केन्या के खनन मंत्रालय ने पहले ही टाटा के खनन संचालन पर रोक लगा दी थी। 28 जुलाई को खनन मामलों के कैबिनेट सचिव हसन जोहो ने कंपनी के संचालन को निलंबित किया था। अधिकारियों की ओर से इसके पीछे कई कथित नियामकीय उल्लंघनों का हवाला दिया गया, जिनमें स्थानीय खरीद संबंधी कानूनों का पालन न करना, निर्यात से जुड़े रिकॉर्ड में कथित गड़बड़िया और काउंटी के भूमि करों का कथित रूप से भुगतान न करना शामिल हैं।

टाटा का बयान

हालांकि, टाटा केमिकल्स का कहना है कि उसने केन्या के नियमों का पालन किया है। कंपनी का यह भी दावा है कि वह लेक मगाडी के आसपास रहने वाली करीब 30,000 स्थानीय आबादी को स्वास्थ्य और पानी जैसी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराती है। जुलाई के आखिर में टाटा ने कहा था कि केन्या सरकार ने उसकी यूनिट टाटा केमिकल लिमिटेड को मगाडी सोडा फैक्ट्री में कामकाज रोकने और सोडा ऐश का एक्सपोर्ट बंद करने का आदेश दिया है।

टाटा ने 2005 में संभाला था कारोबार

लेक मगाडी में सोडा ऐश का खनन कोई नया कारोबार नहीं है। टाटा केमिकल्स ने 2005 में ऐतिहासिक Magadi Soda Company का अधिग्रहण किया था। इसके बाद से टाटा ग्रुप इस क्षेत्र में सोडा ऐश और उससे जुड़े खनिज कारोबार से जुड़ा रहा है। सोडा ऐश का इस्तेमाल मुख्य रूप से कांच, रसायन और अन्य औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। अब रूटो सरकार चाहती है कि केन्या अपने प्राकृतिक संसाधनों का सिर्फ निर्यात न करे। बल्कि केन्या के भीतर ही उनका वैल्यू एडिशन और औद्योगिक उत्पादन हो।

विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

राष्ट्रपति रूटो के इस फैसले के बाद केन्या में राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। विपक्षी डेमोक्रेसी फॉर सिटिजन्स पार्टी (DCP) के नेताओं ने सरकार पर राज्य प्रायोजित आर्थिक तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। विपक्ष का दावा है कि टाटा के संचालन पर रोक लगाने से 1 लाख से ज्यादा लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। इससे सैकड़ों प्रत्यक्ष नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।

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विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि इस कार्रवाई के पीछे कोई दूसरा राजनीतिक मकसद हो सकता है। उनका दावा है कि लेक मगाडी एरिया में मौजूद संभावित लिथियम भंडार और तेल संसाधनों पर नए कारोबारी और राजनीतिक सहयोगियों को मौका देने के लिए मौजूदा कंपनी पर दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि केन्याई सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।

Adani Power Share: मोतीलाल ओसवाल ने Buy रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की, बुल केस में ₹305 का टारगेट दिया

Adani Power Share: ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अदाणी ग्रुप की पावर कंपनी Adani Power पर कवरेज शुरू करते हुए इसे ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹250 का टारगेट प्राइस रखा है। यह पिछले बंद भाव से करीब 20% ज्यादा है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, बुल केस में यह 46.8% तक भी उछल सकता है। गुरुवार को अदाणी पावर 207.50 रुपये पर तकरीबन फ्लैट बंद हुआ। 2026 में अब तक शेयर करीब 40% चढ़ चुका है।

मोतीलाल ओसवाल ने कंपनी की मजबूत ग्रोथ योजनाओं को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। Adani Power FY32 तक अपनी बिजली उत्पादन क्षमता 2.3 गुना बढ़ाकर 42 GW करना चाहती है। FY27 में 1.3 GW, FY28 में 1.6 GW और FY29 में 3.2 GW नई क्षमता जोड़ने का अनुमान है।

थर्मल पावर में तगड़ी पकड़

Adani Power भारत की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर कंपनी है। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी की उत्पादन क्षमता 18 GW थी। भारत की कुल कोयला और लिग्नाइट वाली बिजली क्षमता में कंपनी की हिस्सेदारी 8% है। निजी क्षेत्र में यह हिस्सेदारी करीब 24% है।

कंपनी की 95% ऑपरेशनल क्षमता लंबे और मध्यम अवधि के पावर परचेज एग्रीमेंट यानी PPA से जुड़ी है। कंपनी बिजली वितरण कंपनियों यानी DISCOMs को बिजली बेचती है। साथ ही वह मर्चेंट मार्केट में भी बिजली की बिक्री करती है।

मोतीलाल ओसवाल क्यों है बुलिश?

ब्रोकरेज का मानना है कि Adani Power ने संकट में फंसे कई बिजली प्लांटों का अधिग्रहण कर उन्हें सफलतापूर्वक चलाया है। कंपनी की एक और बड़ी ताकत उसकी पूंजी खर्च रणनीति है।

मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, कंपनी ने औसतन ₹3.5 करोड़ प्रति MW की लागत पर बिजली क्षमता का अधिग्रहण किया है। वहीं नया थर्मल पावर प्लांट बनाने में करीब ₹12 करोड़ प्रति MW खर्च आता है। कंपनी के न्यूक्लियर एनर्जी में उतरने की संभावना को भी ब्रोकरेज ने भविष्य के लिए एक अतिरिक्त अवसर माना है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि मौजूदा कैपेक्स साइकिल पूरी होने के बाद कंपनी का EBITDA करीब ₹80,000 करोड़ तक पहुंच सकता है।

बुल केस में ₹305 का टारगेट

अगर बिजली की कीमतें और प्लांट लोड फैक्टर अनुमान से बेहतर रहे, तो मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए ₹305 का बुल केस टारगेट रखा है। यह पिछले बंद भाव से करीब 46.8% ज्यादा है।

इसके उलट, कमजोर स्थिति में ब्रोकरेज ने ₹140 का बेयर केस टारगेट बताया है। यह पिछले बंद भाव से करीब 32.6% नीचे है।

जोखिम भी कम नहीं

ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी की आने वाली थर्मल क्षमता में करीब 44% अभी किसी पावर खरीद समझौते से जुड़ी नहीं है। इससे बिजली की मांग और कीमतों को लेकर जोखिम बना हुआ है।

इसके अलावा, बड़े कैपेक्स, प्रोजेक्ट में देरी, लागत बढ़ने और पर्यावरण नियमों का पालन भी अहम जोखिम हैं। कंपनी को बिजली सेक्टर में प्रतिस्पर्धा का भी सामना करना पड़ता है।

फिलहाल Adani Power को कवर करने वाले 10 में से 9 एनालिस्ट्स ने ‘Buy’ रेटिंग दी है। एक एनालिस्ट ने ‘Hold’ रेटिंग रखी है।

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Vande Bharat Update: ‘वंदे भारत’ ट्रेन में बड़े बदलाव की आहट! एग्जीक्यूटिव क्लास से खत्म हो सकता है 180-डिग्री रोटेटिंग सीट का फीचर

Vande Bharat Update: देश की सबसे लोकप्रिय और प्रीमियम ट्रेनों में शामिल ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ के डिजाइन और फीचर्स में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रेलवे के सीनियर इंजीनियरों ने वंदे भारत ट्रेनों के एग्जीक्यूटिव क्लास से 180-डिग्री रोटेटिंग सीट (घूमने वाली सीट) के फीचर को खत्म करने का प्रस्ताव दिया है। इस फीचर को हटाकर सीटों को फिक्स करने और अधिक मजबूत बनाने की सिफारिश की गई है ताकि ट्रेन की ऑपरेशनल दक्षता को बेहतर बनाया जा सके।

क्यों हटाया जा सकता है रोटेटिंग सीट का फीचर?

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीनियर रेलवे इंजीनियरों का तर्क है कि सीटों को घुमाने वाला ये मैकेनिज्म जरूरत से ज्यादा जगह लेता है। इसकी वजह से सीट के कलपुर्जे भी जल्दी घिसते या खराब होते हैं। एक सीनियर रेलवे अधिकारी ने बताया कि मौजूदा वंदे भारत के एग्जीक्यूटिव क्लास में सीटों में रोटेशन और रिक्लाइनिंग दोनों तरह के मैकेनिज्म दिए गए हैं।

इससे यात्री ट्रेन की गति की दिशा में, खिड़की की तरफ या उलटी दिशा में सीट का रुख मोड़ सकते हैं। इस सुविधा के लिए अतिरिक्त मैकेनिकल कंपोनेंट्स, क्लीयरेंस और एक्स्ट्रा जगह की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा इस मैकेनिज्म की वजह से पुर्जे ढीले होने, खराब होने और बार-बार मेंटेनेंस की जरूरत पड़ती है।

प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर्स की बैठक में उठा मुद्दा

इस प्रस्ताव पर हाल ही में आयोजित प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर्स के एक सम्मेलन में चर्चा की गई। इस सम्मेलन में कोच उत्पादन इकाइयों ने एग्जीक्यूटिव क्लास के कोचों से रोटेटिंग सीट फीचर को हटाकर, पारंपरिक शताब्दी और अन्य ट्रेनों की तरह सीटों को पूरी तरह से फिक्स करने का विचार रखा।

रेलवे बोर्ड ने सम्मेलन को जो मिनट्स बनाए हैं उनमें लिखा गया है कि वंदे भारत के एग्जीक्यूटिव क्लास कोचों में सीटों को अधिक मजबूत बनाने के लिए उनके घूमने वाले फीचर को समाप्त किया जा सकता है। रेलवे बोर्ड ने इंटीग्रल कोच फैक्टरी, चेन्नई के प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर को इस सुझाव पर आगे की कार्रवाई शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

सीटें फिक्स होने से बढ़ेगी क्षमता और राजस्व

इंजीनियरों का सुझाव है कि सीटों को फिक्स करने से सीटों को घुमाने के लिए खाली छोड़ी जाने वाली जगह बच जाएगी। पंक्तियों के बीच की जगह को कम करके एग्जीक्यूटिव क्लास कोच में सीटों की एक एक्स्ट्रा पंक्ति जोड़ी जा सकती है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सीटों को फर्श के साथ स्थायी रूप से फिक्स कर दिया जाता है तो उनका स्ट्रक्चर और मजबूत होगा। इससे न सिर्फ यात्रियों की क्षमता बढ़ेगी बल्कि ट्रेन की राजस्व उत्पन्न करने की क्षमता में भी सुधार होगा। अधिकारियों के मुताबिक अगर कई कोचों और ट्रेन सेटों में एक-एक अतिरिक्त पंक्ति जुड़ती है तो इससे रेलवे की कमाई के मामले में बड़ा फायदा हो सकता है।

प्रीमियम सुविधा से मजबूती और रखरखाव पर ध्यान

हालांकि यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है लेकिन अगर इसे मंजूरी मिलती है तो यह वंदे भारत एग्जीक्यूटिव क्लास के डिजाइन में एक बड़ा बदलाव होगा। यह कदम प्रीमियम फ्लेक्सिबिलिटी और सुविधाओं के बजाय ट्रेन की मजबूती, आसान रखरखाव और यात्री क्षमता बढ़ाने की दिशा में बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है।

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भारत की जगह चीन से महंगी बिजली खरीद रहा बांग्लादेश:दोगुनी कीमत चुका रहा, फैसले के लेकर देश में विरोध

बांग्लादेश भारत से मिलने वाली सस्ती बिजली के बावजूद चीन से महंगी बिजली खरीद रहा है। ढाका के पास अमीनबाजार में लग रहे वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट से 42 MW बिजली 25 टका यानी करीब 19.25 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदी जाएगी। इसके लिए 25 साल का करार हुआ है। भारत से बांग्लादेश को करीब 11 टका यानी 8.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। चीन से मिलने वाली बिजली की कीमत भारत से दोगुने से भी ज्यादा है। 2 सितंबर को बीजिंग में हुए इस समझौते का बांग्लादेश में विरोध हो रहा है। बांग्लादेश ने भारत के 1 पैसे के चार्ज पर आपत्ति जताई थी भारत के केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) ने सीमा-पार बिजली लेनदेन और ग्रिड से जुड़े खर्च के लिए 1 पैसे प्रति यूनिट शुल्क प्रस्तावित किया था। बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) ने इसका विरोध किया। इसके बाद भारत ने शुल्क को घटाकर आधा पैसा प्रति यूनिट करने की बात कही। चीन के प्रोजेक्ट से कचरे की समस्या भी होगी कम अमीनबाजार का प्रोजेक्ट सिर्फ बिजली बनाने के लिए नहीं है। इसमें ढाका के कचरे का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। करीब 2.3 करोड़ आबादी वाले ढाका में रोजाना 8 हजार मीट्रिक टन कचरा निकलता है। वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट से कचरे की समस्या कम करने के साथ बिजली भी पैदा होगी। बांग्लादेश इस समय बिजली की कमी और पावर कट की समस्या से जूझ रहा है। देश के सामने विदेशी मुद्रा का संकट भी है। बांग्लादेश के पावर सेक्टर में चीन का दखल बढ़ रहा चीन बांग्लादेश के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी भूमिका बढ़ा रहा है। वह तीस्ता नदी पर हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समेत बिजली से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। अमीनबाजार का वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट भी इसी बढ़ती भागीदारी का हिस्सा है। चीन की योजना बांग्लादेश के रास्ते म्यांमार तक भी ऊर्जा पहुंच बढ़ाने की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक ढाका के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट से म्यांमार को बिजली सप्लाई करने की तैयारी है। इस तरह अमीनबाजार प्रोजेक्ट का इस्तेमाल बांग्लादेश की बिजली जरूरत के साथ क्षेत्रीय ऊर्जा कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भी किया जाएगा। ———————– ये खबर भी पढ़ें… रूस-यूक्रेन ने ब्लैक सी में 300 जहाजों पर हमले किए:दुनिया में गेहूं-मक्का महंगा होने का खतरा; रूस का अनाज निर्यात 71% घटा रूस-यूक्रेन युद्ध में ब्लैक सी अब जंग का बड़ा मोर्चा बन गया है। पिछले करीब डेढ़ महीने में दोनों देशों ने 300 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया है। पूरी खबर पढ़ें…