US ETFs: बच्चे की विदेश में पढ़ाई के लिए अमेरिकी ETFs क्यों हैं बेस्ट? जानिए सही करेंसी में बचत का फॉर्मूला

US ETFs for Overseas Education: बच्चों को विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज (US, UK या यूरोप) में पढ़ाना आज कई भारतीय माता-पिता का सपना है। इसके लिए अधिकांश पेरेंट्स सालों पहले से भारतीय म्यूचुअल फंड्स में SIP शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रुपए में की गई आपकी बचत डॉलर में बढ़ते कॉलेज फीस के खर्च के सामने कम पड़ सकती है?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब आपका वित्तीय लक्ष्य डॉलर या विदेशी मुद्रा में है, तो निवेश भी उसी करेंसी में होना चाहिए। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि विदेश में पढ़ाई के लिए US ETFs में सीधा निवेश क्यों सबसे समझदारी भरा विकल्प है।

रुपए में बचत क्यों पड़ सकती है कम?

अगर आपका लक्ष्य डॉलर में है, तो सिर्फ रुपए में कंपाउंडिंग करना मुश्किल हो सकता है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:

1- ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी: विदेशी यूनिवर्सिटीज की फीस हर साल 5% से 8% की दर से बढ़ती है।

2- रुपए की कमजोरी: ऐतिहासिक रूप से भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले हर साल औसतन 4% से 5% टूटता है।

एक उदाहरण से समझे तो जैसे आज किसी अमेरिकी यूनिवर्सिटी की 4 साल की फीस $2,00,000 है, तो अगले 10 साल बाद रुपए के अवमूल्यन और महंगाई को मिलाकर यह बिल ₹3.5 करोड़ से भी अधिक का हो सकता है।

भारतीय इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स के बजाय Direct US ETFs क्यों बेहतर?

पहले पेरेंट्स भारतीय फंड हाउसेज के ‘फंड ऑफ फंड्स’ के जरिए विदेश में निवेश करते थे। लेकिन अब Direct US-listed ETFs एक बेहतर विकल्प बन गए हैं:

SEBI ओवरसीज कैप की सीमा नहीं: भारतीय म्यूचुअल फंड्स पर SEBI द्वारा लगाई गई विदेशी निवेश की लिमिट (करीब $7 बिलियन) बार-बार पूरी हो जाती है, जिससे फंड्स को अपनी SIP बार-बार रोकनी पड़ती है।

LRS के जरिए सीधा निवेश: RBI की लिब्रलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत हर भारतीय नागरिक (नाबालिग सहित) को हर साल $2,50,000 तक विदेश भेजने और सीधे US ETFs में निवेश करने की पूरी छूट मिलती है।

कम एक्सपेंस रेशियो: डायरेक्ट US ETFs (जैसे- Vanguard या iShares) का एक्सपेंस रेशियो बेहद कम (0.03% से 0.09%) होता है, जबकि घरेलू इंटरनेशनल फंड्स में यह 1.25% से 1.75% तक हो सकता है।

ऐतिहासिक रिटर्न का गणित

अगर पिछले 10 वर्षों का ट्रैक रिकॉर्ड देखें, तो S&P 500, Nasdaq 100 और ग्लोबल इक्विटीज के 60/20/20 पोर्टफोलियो ने डॉलर (USD) टर्म में 13% से 14% वार्षिक रिटर्न दिया है। जब इसमें रुपए की 4-5% सालाना गिरावट को जोड़ दिया जाता है, तो भारतीय निवेशकों के लिए यह सालाना रिटर्न रुपए के टर्म में 17% से 19% के करीब बैठता है। यानी डॉलर में निवेश करना फायदे वाला सौदा रहा है।

निवेश शुरू करने से पहले इन 3 बातों का रखें ध्यान

अमेरिकी ETFs में ऐप या ब्रोकरेज के जरिए निवेश करते समय इन व्यावहारिक पहलुओं को न भूलें:

Micro-SIP से बचें: हर महीने ₹1,000 या ₹2,000 जैसी छोटी SIP पर बैंक वायर चार्ज और फॉरेक्स स्प्रेड का खर्च भारी पड़ सकता है। इसलिए पैसे को रुपए में इकट्ठा करें और हर 3 या 6 महीने में एक बार में रेमिटेंस करें।

TCS के नियम: एक वित्त वर्ष में ₹10 लाख तक के रेमिटेंस पर अतिरिक्त टीसीएस नहीं लगता। ₹10 लाख से ऊपर 20% TCS कटता है, जिसे आप अपने वार्षिक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में एडजस्ट या रिफंड क्लेम कर सकते हैं।

Schedule FA रिपोर्टिंग: विदेश में शेयर या ETF खरीदते ही ITR-2 या ITR-3 भरते समय Schedule FA में उसका ब्योरा देना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर ‘ब्लैक मनी एक्ट’ के तहत भारी जुर्माना लग सकता है।

टारगेट तक पहुंचने की सही रणनीति

जैसे-जैसे आपके बच्चे के कॉलेज एडमिशन का समय करीब आए, आपको अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित मोड में शिफ्ट करना चाहिए:

Build Phase (शुरुआती 5-10 साल): इक्विटी ETFs (जैसे S&P 500 / Nasdaq) में आक्रामक तरीके से निवेश करें।

Protect Phase (3-4 साल पहले): जब एडमिशन में 3-4 साल बचें, तो धीरे-धीरे इक्विटी से पैसा निकालकर US डेट/बॉन्ड फंड्स में शिफ्ट करें।

Deploy Phase (आखिरी 1-2 साल): फीस भुगतान से 1-2 साल पहले फंड को USD कैश या लिक्विड बकेट में रखें, ताकि शेयर बाजार में किसी तात्कालिक गिरावट से आपकी फीस का बजट प्रभावित न हो।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bajaj to unveil revamped Classic Pulsar range on August 12

Bajaj to unveil revamped Classic Pulsar range on August 12

Bajaj Auto has confirmed a product announcement for August 12 in Pune. While the company has not revealed what it will unveil, the event is widely expected to mark the debut of the revamped Classic Pulsar range that Autocar India had exclusively reported on earlier this year.

  1. Bajaj has announced a new Pulsar event for August 12
  2. Refreshed Classic Pulsar range is expected to make its debut
  3. Teaser silhouette also appears to hint at an updated Pulsar N160

August 12 debut confirmed

Bajaj Auto has sent out media invitations for an event scheduled on August 12. The invite carries the tagline “Pulsar. Definitely Daring.” and is accompanied by a teaser image of a motorcycle, although the company has stopped short of revealing the model.

Based on Autocar India’s earlier exclusive, the event is expected to see the debut of Bajaj’s all-new Classic Pulsar range. The company had confirmed to us that the iconic lineup would receive a comprehensive overhaul in 2026, making this one of the biggest updates to the brand in recent years.

Interestingly, the silhouette in the teaser appears to resemble the Pulsar N160, suggesting that the motorcycle could also receive updates and form part of the August 12 announcement.

What to expect from the new Classic Pulsars

As Autocar India had exclusively reported earlier, the next-generation Classic Pulsar range is expected to move to a new platform while retaining the familiar styling cues that have made the motorcycles instantly recognisable. The refreshed lineup is expected to be led by the Pulsar 125 and Pulsar 150, with updates likely to include revised styling, new features and under-the-skin changes.

While Bajaj has not confirmed the exact models that will be unveiled, the August 12 event is shaping up to be a significant one for the Pulsar brand. Alongside the expected arrival of the new-generation Classic Pulsars, the teaser also hints that the Pulsar N160 could receive an update.

Vinnie Takair: कौन हैं विनी टकायर? डेनिश सिंगर के साथ लंदन के कैसीनो में आर्यन खान हुए स्पॉट

Vinnie Takair: शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की लंदन में हाल की एक आउटिंग सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। शाहरुख खान, गौरी खान, आर्यन, सुहाना खान और अबराम खान समेत पूरा खान परिवार कुछ समय से लंदन में छुट्टियां मना रहा है। सुहाना और गौरी के साथ शाहरुख खान के हाल ही में देखे जाने के बाद, अब आर्यन खान को देर रात बाहर घूमते हुए देखा गया।

पिछले साल नेटफ्लिक्स की पॉपुलर सीरीज ‘द बार्ड्स ऑफ बॉलीवुड’ से डायरेक्टर के तौर पर डेब्यू करने वाले स्टार किड को एक मिस्टीरियस महिला के साथ देखा गया। लंदन के एक कसीनो से निकलते हुए दोनों के वीडियोज चर्चा का विषय बन गए हैं और लोग उनके डेटिंग की अफवाहों पर बातें कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियोज में आर्यन को उस मिस्टीरियस महिला के साथ देखा जा सकता है, जब वह एक फैन के साथ फोटो खिंचवाने के लिए रुके थे। इंटरनेट पर उस मिस्टीरियस महिला की पहचान करने में ज़्यादा समय नहीं लगा। वह डेनिश सिंगर Vinnie Takair हैं, जो आर्यन के साथ लंदन के एक कसीनो से निकल रही थीं। कसीनो के बाहर अपनी कार का इंतजार करते समय आर्यन और विनी दोनों ने एक जैसे काले कपड़े पहने हुए थे।

दिलचस्प बात यह है कि विनी इंस्टाग्राम पर अपनी लंदन यात्रा की तस्वीरें पोस्ट कर रही हैं। लेकिन उनमें से किसी में भी आर्यन नज़र नहीं आए। फिर भी, उनके ध्यान रखने वाले फ़ॉलोअर्स ने यह देख लिया कि वह और आर्यन इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फ़ॉलो करते हैं। इसके अलावा, ऐसा लगता है कि उनके कुछ कॉमन दोस्त भी हैं, जिससे लोगों को लगता है कि वे एक-दूसरे को कुछ समय से जानते हैं।

इससे पहले, ऐसी अफ़वाहें थीं कि आर्यन ब्राज़ीलियाई मॉडल और एक्ट्रेस लारिसा बोनेसी को डेट कर रहे हैं। लारिसा उनके लक्ज़री स्ट्रीटवियर ब्रांड ‘D’YAVOL X’ के प्रमोशन कैंपेन में भी नज़र आई थीं। उन्होंने मुंबई में आर्यन की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म के प्रीमियर में भी हिस्सा लिया था।

विनी टकैयर एक डेनिश म्यूज़िक आर्टिस्ट हैं। इंस्टाग्राम पर उनके लगभग 11,000 फ़ॉलोअर्स हैं, जहां वह अपने म्यूज़िक और यात्राओं के बारे में अपडेट शेयर करती रहती हैं। अपनी इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल में उन्होंने कोपेनहेगन और मुंबई को अपने दो शहर बताया है। उन्होंने कई बार मुंबई में परफ़ॉर्म किया है और अपने गानों के म्यूज़िक वीडियो भी शेयर किए हैं, जैसे ‘शाइनिंग लाइट्स’, ‘मेबी आई लव यू’ और ‘ट्रो मिग’।

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपने करियर के साथ-साथ, आर्यन एक एंटरप्रेन्योर के तौर पर भी अपने काम को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि लंदन में अपने परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के अलावा, यह युवा फ़िल्ममेकर अपने प्रीमियम ब्रांड ‘D’YAVOL Spirits’ को प्रमोट करने की तैयारी कर रहे हैं। यह एक प्रीमियम अल्कोहल ब्रांड है जिसे उन्होंने अपने पिता शाहरुख़ के साथ मिलकर बनाया है। इसे UK के मार्केट में लॉन्च किया जाएगा।

Market Trend : अगर 24410 का रेजिस्टेंस पार हुआ तो 24500 के पार जाएगा निफ्टी, इन दो शेयरों में बन सकता है मोटा पैसा

Market Trend : 30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। IT शेयरों में आई बढ़त का असर रियल्टी,कैपिटल गुड्स,हेल्थकेयर और कुछ बड़े शेयरों में आई कमजोरी से संतुलित हो गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन कमजोर रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे गिरे।

आज बाजार में क्या हो रणनीति?

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24370-24410 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24468-24491/24543 पर है। इसके लिए पहला बेस 24210-24266 पर और बड़ा बेस 24138-24171 पर है। कल बेस-1 पर गिरावट में खरीदारी की सलाह थी,24336 लक्ष्य हासिल हुआ। FIIs की कैश खरीदारी देखने को मिली है। DIIs की कैश में बिकवाली देखने को मिली है।

इंडेक्स में शॉर्ट कवरिंग हुई है। नेट शॉर्ट घटकर 1.86 लाख पर रहे हैं। US हैंडओवर अच्छा रहा। लेकिन सॉफ्टवेयर शेयर टूटे,चिप शेयरों में उछाल आया। निफ्टी IT ने कल 200 DEMA छुआ,आज हल्की मुनाफावसूली संभव है। कच्चा तेल 89 डॉलर के करीब ठीक-ठाक स्थित में है। 24500-24600 पर कॉल राइटिंग हुई है। 24300-24200 पर पुट राइटिंग दिखी है। बेस-1 तक गिरावट में किसी भी स्थिति में खरीदारी की रणनीति रहेगी। रजिस्टेंस-1 पर 200 DEMA और कॉल राइटर्स हैं। अगर रेजिस्टेंस-1 पार हुआ तो निफ्टी रेजिस्टेंस-2 तक जाएगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 57381-57542 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 57709-57889/58078 पर है। इसके लिए पहला बेस 56610-56833 पर और बड़ा बेस 56434-56506 पर है। यह कल बताए गए दायरे में ही रहा,गिरावट पर खरीदारी की रणनीति कारगर रही। रेजिस्टेंस-1 तक की तेजी भी देखने को मिली।

57000 पर कॉल और पुट राइटर्स की सबसे मजबूत पोजिशन है। ऑप्शन पोजिशनिंग से फिलहाल कंसोलिडेशन के संकेत मिल रहे हैं। बेस-1 तक गिरावट में खरीदारी की रणनीति बेहतर रहेगी। रेजिस्टेंस-1 के आसपास मुनाफावसूली की सलाह होगी। 57542 के ऊपर टिकते ही ब्रेकआउट के संकेत मिलेंगे। 57542 के ऊपर रेजिस्टेंस-2 तक स्विंग की उम्मीद है।

Trading Plan: 24200–24100 का सपोर्ट बने रहने तक निफ्टी में गिरावट पर करें खरीदारी, ऊपर की और 24500-24600 का टारेगट मुमकिन

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। मानस जायसवाल की नायका (NYKAA) में 330 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 342 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। इनकी हैवेल्स (HAVELLS) में भी 1239 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 1300 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : आज बाजार के लिए ग्बोबल और घरेलू संकेत अच्छे हैं। गिफ्टी निफ्टी करीब 70 अंक ऊपर कारोबार कर रहा है। FIIs ने कैश और वायदा में मिलाकर करीब 4700 करोड़ की खरीदारी की है। इंडेक्स में दो दिनों में करीब 19000 नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट कवर किए गए हैं। क्रूड में भी नरमी है। यह 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन के बाद भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। IT शेयरों में आई तेजी का असर रियल्टी,कैपिटल गुड्स,हेल्थकेयर और कुछ बड़े शेयरों में आई कमजोरी से संतुलित हो गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन मुख्य इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे बंद हुए।

विदेशी निवेशकों के रुझान पर एक नजर

30 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs)ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,623 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे। इससे घरेलू बाजार में उनका भरोसा बना रहने का संकेत मिलता है। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार पांच सेशन से चली आ रही खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर बन गए,क्योंकि उन्होंने ₹1,864 करोड़ के शेयर बेचे।

कमोडिटी न्यूज

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से कुछ जहाज निकलने की खबरों से क्रूड में थोड़ी नरमी आई है। ब्रेंट 89 डॉलर के पास पहुंच गया है। इधर US में दरें ना बढ़ने से सोना 4100 डॉलर के पार चला गया है। चांदी भी 2.5 फीसदी उछली है।

चिप शेयरों में दिखी जोरदार तेजी

अमेरिका में कल चिप शेयरों में जोरदार रिबाउंड दिखा। मैक्रॉन,वेस्टर्न डिजिटल,सैनडिस्क और SK HYNIX ADR में 15 से 26% तक का उछाल आया। वहीं सॉफ्टवेयर कंपनियों पर दबाव दिखा। Accenture और Cognizant पांच से छह परसेंट फिसले। इंफोसिस का ADR भी 5% नीचे आय।

Market cues : निफ्टी 24500-24600 पर स्थित अगले रेजिस्टेंस की और बढ़ने को तैयार, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

एशियाई बाजारों में रौनक

चिप शेयरों में जोरदार खरीदारी से एशियाई बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। निक्केई 5% तो कॉस्पी 16% दौड़ा है। कॉस्पी में सैमसंग 20% तो SK HYNIX 30% तक दौड़े हैं। उधर अमेरिकी बाजारों में भी कल शानदार तेजी दिखी। नैस्डैक करीब तीन परसेंट उछला। वहीं, डाओ जोंस भी तेजी के साथ बंद हुआ।

टाटा स्टील का Q1 मुनाफा 12% बढ़ा, 24% बढ़ा वेदांता का मुनाफा,मार्जिन में सुधार

पहली तिमाही में टाटा स्टील के नतीजे अनुमान के करीब रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में 12 परसेंट तो आय में 14 परसेंट की बढ़ोतरी देखने को मिली है। मार्जिन में भी एक फीसदी की बढ़त हुई है। करीब 33,900 करोड़ के कैपेक्स को बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। वहीं वेदांता का मुनाफा 24% बढ़ा है। मार्जिन में भी सुधार दिखा है।

10% बढ़ा LIC हाउसिंग का मुनाफा, टोरेंट फार्मा का मुनाफा बढ़ा

पहली तिमाही में LIC हाउसिंग फाइनेंस का मुनाफा 10% बढ़ा है। हालांकि इसकी ब्याज से होने वाली कमाई करीब एक परसेंट बढ़ी है। दूसरी ओर टोरेंट फार्मा का मुनाफा 3% बढ़ा है। इसके मार्जिन में भी सुधार दिखा है।

अनुमान से कमजोर रहे स्विगी के नतीजे, फूड डिलिवरी,इंस्टामार्ट ग्रोथ कमजोर

स्विगी के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। पहली तिमाही में कंपनी का घाटा कम हुआ है। इसकी आय में 37 फीसदी का उछाल दिखा है। लेकिन फूड डिलिवरी का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू और इंस्टामार्ट का नेट ऑर्डर वैल्यू अनुमान से कम रहा है।

निफ्टी की चार कंपनियों के नतीजे आज

नतीजों के लिहाज से आज बेहद अहम दिन है। आज निफ्टी की चार कंपनियों,ITC, MARUTI,सन फार्मा और बजाज फिनसर्व के रिजल्ट आएंगे। ITC का मुनाफा 12% घट सकता है ,मार्जिन पर भी दबाव संभव है। सिगरेट की वॉल्यूम ग्रोथ निगेटिव हो सकती है। वहीं डिक्सन,गेल,ABB समेत वायदा की 9 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

ITR Filing 2026 Deadline: 31 जुलाई से पहले ऐसे भरें आयकर रिटर्न, पेनल्टी से बचें

income tax

अगर आपने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपना आयकर रिटर्न (ITR) अभी तक दाखिल नहीं किया है, तो तुरंत सावधान हो जाएं! व्यक्तिगत करदाताओं और वेतनभोगियों के लिए बिना  किसी लेट फीस के ITR फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है।

 

अंतिम समय में इनकम टैक्स पोर्टल पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से सर्वर स्लो होने या पेमेंट अटकने की समस्या हो सकती है। यदि आप 31 जुलाई की समय सीमा चूक जाते हैं, तो आपको  भारी लेट फीस, ब्याज और कई वित्तीय नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।
 

धारा 234F के तहत पेनल्टी (Late Fee Slabs) 

आयकर कानून की धारा 234F के अनुसार, नियत तारीख के बाद रिटर्न (Belated Return) दाखिल करने पर निम्नलिखित जुर्माना लागू होता है:

 

कुल वार्षिक आय (Total Income) 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने पर लेट फीस

2.5 लाख तक रुपए (मूल छूट सीमा) कोई पेनल्टी नहीं

2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक 1,000 रुपए अधिकतम लेट फीस

5 लाख रुपए से अधिक 5,000 रुपए लेट फीस

 

समय पर ITR न भरने के 4 बड़े नुकसान

1. धारा 234A के तहत ब्याज : यदि आपका कोई टैक्स बकाया है, तो समय सीमा समाप्त होने के बाद आपको बकाए टैक्स पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज देना होगा। 
 

2. नुकसान (Losses) को कैरी फॉरवर्ड न कर पाना : शेयर बाजार, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) या बिजनेस से हुए नुकसान को अगले वर्षों के मुनाफे से एडजस्ट (Carry Forward) करने का विकल्प समाप्त हो जाता है।
 

3. ओल्ड टैक्स रिजीम का विकल्प बंद: यदि आप पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनना चाहते थे, तो समय सीमा बीत जाने के बाद आप केवल न्यू टैक्स  रिजीम (New Tax Regime) के तहत ही बेलैटेड रिटर्न भर पाएंगे।

4. रिफंड में देरी : यदि आपका TDS कटा है और आप रिफंड के हकदार हैं, तो देर से फाइल करने पर आपका रिफंड अटक सकता है या उसमें काफी देरी हो सकती है।

 

पोर्टल पर ऑनलाइन ITR फाइल करने की चरणबद्ध प्रक्रिया

समय सीमा समाप्त होने से पहले घर बैठे आधिकारिक पोर्टल (incometax.gov.in) पर आसानी से ITR फाइल करने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें:
 

1.ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें: PAN और पासवर्ड तैयार रखें।

आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं। अपनी यूजर आईडी (PAN) और पासवर्ड का उपयोग करके लॉगिन करें।
 

2.File Income Tax Return चुनें:

लॉगिन के बाद मुख्य डैशबोर्ड पर e-File > Income Tax Returns > File Income Tax Return विकल्प पर क्लिक करें।
 

3.आकलन वर्ष (Assessment Year) का चयन करें:

आकलन वर्ष में AY 2026-27 का चयन करें। इसके बाद ऑनलाइन फाइलिंग (Online Mode) चुनें और 'Start New Filing' पर क्लिक करें।
 

4.करदाता स्थिति एवं सही ITR फॉर्म का चुनाव करें:

अपनी स्थिति Individual चुनें। यदि आपकी केवल वेतन, एक मकान संपत्ति या ब्याज से आय है, तो ITR-1 (Sahaj) चुनें।
 

5.AIS और Form 26AS से आंकड़ों का मिलान करें:

अपने फॉर्म 16, AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS के आंकड़ों की जांच करें। यदि कोई टैक्स बकाया दिखता है, तो e-Pay Tax  के माध्यम से तुरंत भुगतान करें।
 

6.समीक्षा करें और e-Verify पूरा करें:

अपनी सभी जानकारियों की दोबारा समीक्षा करके Submit पर क्लिक करें। इसके बाद अपने आधार OTP या नेट बैंकिंग का उपयोग करके e-Verification प्रक्रिया तुरंत पूरी  करें (बिना ई-वेरिफिकेशन के ITR अमान्य माना जाता है)।
 

ITR सबमिट करने से पहले अंतिम चेकलिस्ट 

– AIS/TIS की जांच: अपने पोर्टल पर जाकर AIS जरूर डाउनलोड करें और उसमें दर्ज ब्याज, डिविडेंड या शेयर ट्रेडिंग की जानकारी अपने रिकॉर्ड से मिलाएं।

– बैंक खाता वैलिडेट करें: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता पोर्टल पर पूर्व-सत्यापित (Pre-validated) है ताकि रिफंड सीधे आपके खाते में आ सके।

– ई-वेरिफिकेशन न भूलें: ITR फाइल करने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य है।

सलाह: यदि पोर्टल पर अत्यधिक लोड के कारण तकनीकी समस्या आए, तो स्क्रीनशॉट लेकर रखें और थोड़ा रुककर पुनः प्रयास करें। 31 जुलाई की मध्यरात्रि से पहले अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें। 

 

आयकर रिटर्न (ITR) भरते समय सही फॉर्म चुनना सबसे महत्वपूर्ण चरण है। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को 'Defective Return' (धारा  139(9)) करार दे सकता है। 

व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals) के लिए ITR-1 (Sahaj) और ITR-2 सबसे आम फॉर्म हैं। 

ITR-1 (Sahaj) और ITR-2 में मुख्य अंतर 

विषय ITR-1 (Sahaj) ITR-2

पात्रता (Eligibility) केवल भारत के निवासी (Resident Individuals) निवासी (Resident), अनिवासी (NRI) और HUF

कुल आय सीमा ₹50 लाख तक ₹50 लाख से अधिक (कोई सीमा नहीं)

मकान संपत्ति (House Property) केवल 1 मकान संपत्ति से आय 1 से अधिक मकान संपत्तियों से आय

कैपिटल गेन्स (शेयर, MF, प्रॉपर्टी) केवल Section 112A के तहत ₹1.25 लाख तक LTCG सभी प्रकार के Capital Gains (STCG/LTCG,  प्रॉपर्टी, सोना आदि)

विदेशी संपत्ति / आय (Foreign Assets) अनुमति नहीं है विदेश में संपत्ति, शेयर (RSUs/ESOPs) या आय होने पर अनिवार्य

कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 तक ₹5,000 से अधिक होने पर

डायरेक्टर / अनलिस्टेड शेयर कंपनी में डायरेक्टर या अनलिस्टेड शेयरधारक फाइल नहीं कर सकते कंपनी के डायरेक्टर या अनलिस्टेड शेयरधारक फाइल कर सकते हैं

आपके लिए कौन सा फॉर्म सही है?

1. आपको ITR-1 (Sahaj) चुनना चाहिए यदि:
 

आपकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख तक है। 

आपकी आय का मुख्य स्रोत वेतन (Salary), पेंशन (Pension) या ब्याज/डिविडेंड (Other Sources) है। 

आपके पास केवल 1 मकान संपत्ति (Single House Property) है। 

आपकी कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 या उससे कम है। 

आपने शेयर या म्यूचुअल फंड बेचे हैं, लेकिन आपका कुल लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (Section 112A u/s) ₹1.25 लाख के अंदर है और कोई अन्य कैपिटल गेन  या लॉस नहीं है। 

2. आपको ITR-2 चुनना चाहिए यदि: 

आपकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख से अधिक है। 

आपने शेयर, म्यूचुअल फंड, जमीन, मकान या सोना बेचा है और आपको Short-Term Capital Gain (STCG) या अधिक LTCG हुआ है। 

आपके पास 2 या उससे अधिक मकान हैं जिनसे किराया या आय आती है। 

आपकी विदेशी आय है या विदेश में कोई बैंक खाता/कंपनी शेयर (जैसे MNCs से मिले US Stocks/ESOPs) हैं। 

आपकी कृषि आय ₹5,000 से अधिक है। 

आप किसी कंपनी में डायरेक्टर (Director) हैं या आपके पास अनलिस्टेड कंपनियों के शेयर हैं। 

आपका आवासीय दर्जा NRI (Non-Resident Indian) या RNOR है। 

ध्यान दें: बिजनेस या प्रोफेशन से आय (जैसे फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, ट्रेडिंग या बिज़नेस प्रॉफिट) कमाने वाले व्यक्ति ITR-1 या ITR-2 का उपयोग नहीं कर सकते। उनके लिए ITR-3  या ITR-4 लागू होता है। 

 

 

आयकर पोर्टल (Income Tax Portal) से AIS (Annual Information Statement) डाउनलोड करना और उसका Form 16 से मिलान  (Reconciliation) करना आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इससे आपके ITR में किसी प्रकार के मिसमैच की संभावना खत्म हो जाती है।
 

1. AIS कैसे डाउनलोड करें? (Step-by-Step Guide) 
 

1.इ-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें:

आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं। अपने PAN (यूजर ID) और पासवर्ड से लॉगिन करें।

2.Services मेनू में जाएं:

लॉगिन के बाद मुख्य मेनू बार पर Services टैब पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन से Annual Information Statement (AIS) चुनें।

3.AIS पोर्टल पर रिडायरेक्ट हों:

स्क्रीन पर एक पॉप-अप मैसेज आएगा, वहां Proceed पर क्लिक करें। यह आपको एक नए Compliance Portal पर ले जाएगा।

4.असेसमेंट ईयर और फाइल फॉर्मेट चुनें:

Compliance Portal पर AIS टैब पर क्लिक करें। ऊपर से सही असेसमेंट ईयर (जैसे AY 2026-27) चुनें।

5.PDF या Excel में डाउनलोड करें:PDF खोलने के लिए पासवर्ड डालें.

आप पूरे विवरण को PDF या JSON/Excel फॉर्मेट में डाउनलोड करने के लिए Download बटन पर क्लिक करें।
 

PDF खोलने का पासवर्ड Format: 

AIS की PDF फाइल पासवर्ड प्रोटेक्टेड होती है। इसका पासवर्ड आपका PAN (स्मॉल लेटर्स में) + आपकी जन्मतिथि (DDMMYYYY) होता है। 

उदाहरण: यदि आपका PAN ABCDE1234F और DOB 15/08/1990 है, तो पासवर्ड होगा: abcde1234f15081990।

2. Form 16 और AIS का मिलान (Reconciliation) कैसे करें? 

Form 16 आपके एम्प्लॉयर (कंपनी) द्वारा दी गई सैलरी और काटे गए TDS का प्रमाण है, जबकि AIS में आपकी सैलरी के अलावा बैंक ब्याज, डिविडेंड, शेयर ट्रेडिंग आदि की भी  जानकारी होती है। 

दोनों का मिलान करते समय निम्नलिखित बिंदुओं को क्रमानुसार जांचें:

1. ग्रॉस सैलरी (Gross Salary) का मिलान 

Form 16 (Part B): अपनी कुल ग्रॉस सैलरी और एम्प्लॉयर द्वारा काटे गए कुल TDS की जांच करें। 

AIS (Part B – TDS/TCS section): सैलरी कोड (192) के सामने दिख रही रकम और काटे गए TDS का मिलान Form 16 के Part A से  करें। 

ध्यान दें: यदि आपने साल के दौरान नौकरी बदली है, तो दोनों एम्प्लॉयर्स के Form 16 की कुल रकम का जोड़ AIS की कुल सैलरी से मिलना चाहिए। 

2. TDS और Form 26AS से क्रॉस-चेक 

Form 16 में दर्ज कुल TDS कटौती, AIS के TDS/TCS टैब और आपके Form 26AS में दिख रहे टैक्स क्रेडिट से पूरी तरह मैच होनी चाहिए। 

3. अन्य आय (Other Income) की पहचान 

AIS में सैलरी के अलावा कई ऐसी आय दर्ज होती हैं जो Form 16 में नहीं होतीं: 

बैंक ब्याज (Savings/FD Interest): पासबुक और बैंक से मिले इंटरेस्ट सर्टिफिकेट से इसका मिलान करें। 

डिविडेंड (Dividend Income): शेयर या म्यूचुअल फंड से मिले डिविडेंड को क्रॉस-चेक करें। 

कैपिटल गेन्स (Shares/MF Sale): शेयर या प्रॉपर्टी बिक्री से हुई कमाई AIS के SFT Information में दिखती है।
 

यदि AIS में गलत जानकारी या अंतर दिखाई दे तो क्या करें? 
 

अगर AIS में कोई ऐसी इनकम दर्ज दिख रही है जो आपकी नहीं है या कोई आंकड़ा दो बार (Duplicate) दर्ज हो गया है, तो आप पोर्टल पर Feedback दे सकते हैं: 

1. AIS Portal पर उस गलत एंट्री/लाइन आइटम पर क्लिक करें। 

2. Optional / Feedback बटन चुनें।

3. उपयुक्त विकल्प चुनें (जैसे: Information is not correct, Income is not taxable, या Information relates to  other PAN/Year)।

4. इसे सबमिट कर दें। सबमिट करने के बाद आपकी TIS (Taxpayer Information Summary) अपने आप अपडेट हो जाएगी।

Suzuki Vision E-Sky prototype spied testing for the first time

Suzuki-Vision-E-Sky-front-quarter

A camouflaged prototype of the Suzuki Vision E-Sky was recently spied testing in Europe, giving as a hint for the first time at what the production model could look like. The Suzuki Vision E-Sky concept was previewed at the Japan Mobility Show last year as the brand’s urban-centric, entry-level born EV. It’s expected to go on sale abroad next year. 

  1. Vision e-Sky concept was previewed with over 270km claimed range 
  2. It measures under 3.4 meters in length, meaning it’s smaller than a S-Presso 
  3. Production-spec model is expected to go on sale globally next year 

Suzuki Vision e-sky prototype spied testing in Europe 

The heavily camouflaged vehicle seems to be an early-stage prototype, which is why it was seen wearing temporary headlamps, whereas the original concept featured LED headlamps with a connecting LED band. What stands out most are its proportions – its tall and upright, but the narrow track width gives it a very compact footprint. For reference, the concept measured 3,395mm in length, 1,475mm in width, and 1,625mm in height; this makes it taller than the Maruti Suzuki S-Presso but its length and width figures fall short of the latter.

Other highlights that can be spotted include traditional pull-type door handles, door-mounted wing mirrors (these were pillar mounted on the concept), aero-optimised alloy wheels and also a large cooling inlet on the bumper. At the back, the test mule featured vertically stacked tail lamps and reflectors on the bumper. Overall, the design seems clean and fuss-free, staying true to the original concept. 

Although these spy shots do not give us a glimpse at the interior, the Vision E-sky concept came with a floating dashboard design with large, dual digital screens and a squircle steering wheel. Given its compact dimensions, however, it is likely that this vehicle will be best suited only for four adults.

Suzuki Vision e-sky specifications  

Suzuki didn’t disclose any specifications during the concept’s debut at the Japan Mobility Show last year, but only hinted that it will offer more than 270km of range. Given its dimension, it can be expected to be powered by a battery ranging between 30-35kWh. 

Suzuki Vision E-Sky concept 

The production version of the Suzuki Vision E-Sky is expected to go on sale globally in 2027. Notably, Maruti Suzuki does have an entry-level, low-cost EV on cards for India. It’s internally codenamed the Y2V and is expected to arrive in the Indian market by 2028 to specifically cater to the entry-level EV segment, and the production version of the Vision E-Sky could very well fit the bill. The Y2V hatchback is part of Maruti Suzuki’s plan to launch six EVs by FY2031, covering different segments from hatchbacks to SUVs. In India, the Y2V could squarely be positioned against the MG Comet EV. 

Image Credit – Motor.es

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 31 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24,300 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही है। आज लगभग 1620 शेयरों में बढ़त हुई, 2408 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त M&M, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, कोल इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में दिखी। जबकि गिरावट वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, HDFC लाइफ, अल्ट्राटेक सीमेंट और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाला इंडेक्स रहा। इसमें 1.6% की तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह आज 2% नीचे गिर कर बंद हुआ है।

ब्रॉडर इंडेक्स ने बेंचमार्क से कमजोर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि यूएस फेड का ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहा। लेकिन महंगाई को कंट्रोल करने पर लगातार जोर दिए जाने की वजह से सख्त रुख (hawkishness) बना रहा। US बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बढ़ते दबाव का संकेत दिया, जिससे ग्लोबल निवेशक सतर्क नजर आए। वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।

इसके चलते घरेलू इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंडेक्स एक दायरे में बना रहा, क्योंकि निवेशक मजबूत घरेलू फंडामेंटल और ग्लोबल चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिखे। इसके बावजूद, FII के बढ़ते निवेश, मज़बूत होते रुपये और Q1FY27 के अच्छे नतीजों ने बाजार का मूड सुधारा और निवेशकों ने गिरावट में चुनिंदा क्वालिटी शेयरों में खरीदारी की।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी का रुख कायम रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 67 अंक ऊपर और सेंसेक्स 274 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली और यह 1.76% से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ। वहीं, दूसरी तरफ रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह 2% टूट कर बंद हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो सुस्त शुरुआत के बाद भी बाजार पूरे दिन 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के ऊपर बना रहा। यह एक काफी अच्छा संकेत है। इसके अलावा, डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर अपट्रेंड जारी रहने का पैटर्न यह संकेत देता है कि मौजूदा लेवल से और तेजी आने की अच्छी संभावना है।

ट्रेंड को फॉलो करने वाले ट्रेडर्स के लिए अब निफ्टी में 24,200 का लेवल एक अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ, यह तेज़ी 24,450-24,500 तक जा सकती है। दूसरी ओर, 24,200 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजेर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे, ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन काट सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी अभी भी एक ‘कंजेशन ज़ोन’ में फंसा हुआ है। इसके साथ ही यह इंडेक्स डेली और आवरली चार्ट पर अहम मूविंग एवरेज के बीच ट्रेड कर रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,500 के लेवल पर मजबूत सपोर्ट है, जो 50-DMA के पास स्थित है, जबकि 57,500 के पास 200-DMA के एक बड़े रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। इंडेक्स में कुछ और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता हैं। ऐसे में लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाना सही रहेगा। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास खरीदारी करने और प्रॉफिट बुक करने या रेजिस्टेंस जोन के पास शॉर्ट पोजीशन लेने की रणनीति अपना सकते हैं।

 

Trading plan : अब निफ्टी में थोड़ा रिस्क, चाहें तो इन लेवल्स पर थोड़ा प्रॉफिट बुक करें

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ईरान से जंग में कूदा सऊदी अरब! इराक में US संग मिलकर तबाह किए कई ठिकाने, कुरान की आयत का दिया हवाला

US Saudi Joint Airstrikes in Iraq: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बहुत बड़ा भू-राजनीतिक मोड़ आया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से अब तक दूरी बनाकर रख रहा सऊदी अरब अब इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल हो गया है। बुधवार को सऊदी ने अमेरिकी वायुसेना के साथ मिलकर पूर्वी इराक में सक्रिय ईरान-समर्थित उग्रवादी गुटों के ठिकानों पर भीषण एयरस्ट्राइक की।

सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इसे ‘आत्मरक्षा’ में की गई सैन्य कार्रवाई बताया है, लेकिन अपनी इस कार्रवाई को सही ठहराने के लिए पवित्र कुरान की एक आयत का हवाला देकर यह साफ कर दिया है कि अगर उसकी संप्रभुता और तेल सुविधाओं पर हमला हुआ, तो वह खामोश नहीं रहेगा।

कुरान की आयत और UN चार्टर का दिया हवाला

हमलों के तुरंत बाद सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बेहद कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने लिखा कि सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने रियाद और पूर्वी प्रांत में स्थित तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाने आ रहे कई ईरानी ड्रोनों को मार गिराया। ये ड्रोन इराक की सरजमीं से दागे गए थे।

सऊदी अरब ने अपनी कार्रवाई को धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय कानून दोनों आधारों पर सही ठहराया। सऊदी मंत्रालय ने कुरान का संदर्भ देते हुए लिखा, ‘अगर कोई आप पर हमला/आक्रमण करे, तो उस पर उसी तरह हमला करो जैसे उसने आप पर हमला किया है।’ इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए सऊदी ने कहा कि हर देश को अपनी रक्षा और आत्मरक्षा का वैध अधिकार है।

अमेरिका और सऊदी का संयुक्त हमला: CENTCOM

अमेरिकी सेंट्रल कमान ने पुष्टि की कि अमेरिकी और सऊदी फाइटर जेट्स ने पूर्वी इराक में ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) द्वारा संचालित उग्रवादी अड्डों, हथियारों के गोदामों और लॉजिस्टिक्स हब को निशाना बनाया।

CENTCOM के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले 72 घंटों में IRGC के इशारे पर सऊदी अरब और अमेरिकी ठिकानों पर किए गए 30 से अधिक हवाई ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है। फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में यह पहली बार है जब सऊदी अरब ने इराक के भीतर किसी उग्रवादी समूह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल होने की बात खुलकर सार्वजनिक रूप से स्वीकार की है।

‘मजबूरी में लिया युद्ध में कूदने का फैसला’

न्यू यॉर्क टाइम्स से बातचीत में गल्फ इंटरनेशनल फोरम के सीनियर फेलो अब्दुलअजीज अल घशियान ने बताया कि सऊदी अरब अब तक संयम बरत रहा था, लेकिन ईरान और उसके समर्थक गुटों ने सऊदी के इस संयम को उसकी ‘कमजोरी या चुप्पी’ समझ लिया।

रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस एयरस्ट्राइक के जरिए सऊदी अरब अपने चारों तरफ मौजूद दुश्मनों को यह कड़ा संदेश देना चाहता है कि सऊदी इंफ्रास्ट्रक्चर या तेल सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

मध्य पूर्व से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट हसन अलहसन का कहना है कि हालांकि सऊदी इस युद्ध को और बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन यह हमला तेहरान के लिए एक सख्त चेतावनी है कि अगर उकसावे की कार्रवाई जारी रही, तो सऊदी को मजबूरी में अमेरिका के साथ मिलकर पूर्ण सैन्य मोर्चा खोलना पड़ेगा।

Kia Syros EV: Born to be electric

Kia Syros EV front quarter tracking

Kia has chosen the Syros to be its second mass market EV for the Indian market. Despite its superb packaging, oddball styling and high initial prices held back the original ICE version against traditional compact SUV rivals. However, EV customers are generally more accepting of avant-garde design, so can the Syros EV find success where the ICE version couldn’t? We drove it in Bengaluru to find out.

Kia Syros EV Exterior Design and Engineering – 7/10

EV has a slimmer intake above the number plate and slightly different lower bumper

A game of spot the difference between the Syros EV and the ICE version would prove challenging for the casual observer, so here is the cheatsheet. Up front, the bumper is ever so slightly different, with a slimmer cooling slot above the number plate and minor tweaks to the body-coloured triangular pods that house the LED fog lamps. Apart from the charging port on the front left fender and the shorter roof rails, the profile is unchanged. Crouch down, though, and you’ll notice the battery pack is visible, like it is on the Hyundai Creta Electric. Kia claims ground clearance is 197mm which is 7mm more than the ICE version. The tri-spoke 17-inch alloys are the same ones that debuted on the ICE car but were discontinued with the facelift. No differences round the back either, save for an EV badge on the tailgate.

Split lighting lifts the otherwise bland rear

If you didn’t like the way the Syros looked, the EV isn’t going to change your mind. It is distinctive, though – like a Japanese kei car only larger, and Korean. Its blanked-off fascia looks appropriate on an EV, and the vertically oriented headlights give it a unique look. The cladding lower down on the bumper carries on to the wheel arches, doors and the rear, adding some muscle. Breaking up the large greenhouse are the pronounced B-pillar and the upward kink in the C-pillar, both of which are neatly done. And while the tailgate looks a bit blank, the split lighting – with L-shaped elements framing the rear windscreen and larger units at the edge of the bumper – looks great when lit up.

Syros EV Interior Space and Comfort – 10/10

Dash layout is identical to the ICE version, but it gets the 3-spoke ‘wheel from the Seltos

Step inside and you start to understand why the Syros EV looks the way it does. Space for passengers, their knick-knacks and luggage is in abundance. With the EV’s drive selector positioned on the steering column, Kia has re-engineered the centre console to liberate a lot more storage. It now has two levels: the top floating portion has a small cubby under the armrest, along with two cupholders with their own sliding cover, while the lower level has a large storage area for a bag or such, another cupholder and a wireless charger. The front door pockets are just as accommodating, with room for a couple of bottles and an umbrella.

New center console has a lot of storage spaces

The front seats are supportive and comfortable, with heating and ventilation along with 4-way power adjustment for the driver. While the dash layout is unchanged, the EV gets the Seltos’ three-spoke steering wheel, but adjustment is still limited to rake and not reach. The EV uses a slightly different colour palette inside: our HTX+ test car gets a smart-looking black-and-off-white theme, the X-Line features a darker black-and-green ambience, while all other trims get an airy light grey and pastel blue theme. While most surfaces are hard plastic, the quality of the materials, fit and finish is top notch.

Front seats are comfy with heating, ventilation for both and power adjustment for the driver

The back seat remains a highlight, with plenty of room all around. The floor is slightly higher because of the battery pack, which means thigh support isn’t as good as in the ICE version. However, if you slide the bench back and stretch out, this isn’t much of an issue. A benefit of the raised floor is that it is now completely flat. Ventilation for the seat base carries over, but the backrest still misses out, as Kia says it would restrict its recline angle.

Higher floor slightly affects thigh support, but there’s ample room to stretch out

Boot space is identical to the ICE Syros at 390 litres with the seat all the way back, and 465 litres with it slid forward. The rear seats also split-fold – though not completely flat – to carry longer items. There is a 16-litre frunk too, though it is rather narrow.

Kia Syros EV Features and Safety – 9/10

Sitting proud on the dash is what Kia calls the Trinity Panoramic Display, comprising two 12.3-inch screens for the infotainment and driver’s display, with a 5-inch screen in between for the HVAC controls. The driver’s display is logically laid out, easy to read and offers some customisation, while the infotainment is sharp, snappy and has a clean UI. The EV gets a dedicated tab that shows several parameters related to the battery, range and energy consumption. It can also help find the nearest charger, condition the battery before charging, as well as set up charging schedules.

Handy drive mode button to cycle between Eco, Normal and Sport modes

The infotainment also offers wireless Android Auto and Apple CarPlay and, on the top trims, powers a superb Harman Kardon audio system with eight speakers, including one on the dash and a subwoofer in the boot. Sunblinds and rear AC vents are standard, while the massive panoramic sunroof features on all but the bottom two trims. Our second-from-top HTX+ also gets an integrated dashcam.

360-degree camera is sharp, but only available on top X-Line trim

Overall, the Syros EV is very well equipped, but some features are available only on the top X-Line variant, including Level 2 ADAS, ambient lighting, a 360-degree camera and a household-style three-pin socket in the back seat. Restricting features to the top trim isn’t unusual; however, the X-Line can only be had in Aurora Black Pearl or Matte Graphite, which might not be to all tastes.

V2L power outlet under the rear seat

The standard safety suite is robust, including six airbags, all-wheel disc brakes, tyre pressure monitoring and ISOFIX mounts. The ADAS suite is also comprehensive, including adaptive cruise control with stop-and-go, lane keep assist, forward and rear collision avoidance, and a blind-spot camera. At the time of writing, the Syros EV does not yet have an official crash safety rating, but considering the ICE version has a five-star BNCAP rating, a similar result for the EV can be expected.

Kia Syros EV Performance and Refinement – 9/10

The Syros EV is available with the same 42kWh and 51.4kWh NMC battery packs as the Carens Clavis EV and the Hyundai Creta Electric. Here too, they power a single motor on the front axle producing 135hp with the smaller battery and 171hp with the extended-range version. Torque is identical on both at 255Nm.

Borrows the 42 and 51.4kWh battery packs from the Carens Clavis EV

Performance was brisk on our 51.4kWh test car, with the 0-100kph sprint claimed to take 8.1 seconds. There are three drive modes to choose from – Eco, Normal and Sport – with each sharpening throttle response a little more than the last. Initial response in all modes is linear so as not to overwhelm those who aren’t used to the instant torque, but there is a strong shove as you get further into the throttle. Overtaking, then, is quite effortless, even in Eco and Normal, almost never needing a switch to Sport for a quick pass.

Initial acceleration is linear, but there is plenty of shove for quick overtakes

The regen braking modes – selected via the paddle shifters – are also very well calibrated, with a noticeable increase in resistance in each mode and the ability to turn it off completely. Holding the left paddle engages one-pedal driving, which uses regen to bring the car to a full stop. It works quite seamlessly and can be very convenient once you get used to it.

Regen modes are well calibrated and the i-Pedal function is handy in the city

Refinement is good too, with no noticeable motor whine making its way into the cabin. It’s so quiet, in fact, that Kia has added a virtual humming sound to warn pedestrians. Since there is no engine note inside the cabin, you do hear a bit more road noise, but at no point does it become intrusive.

Kia Syros EV Range and Efficiency – 8/10

Claimed MIDC range for the 51.4kWh battery is 526km, while the 42kWh unit claims 443km. Our short drive didn’t allow us to test these claims, but if the real-world range we achieved in the Clavis EV and Creta Electric is anything to go by, the Syros EV Extended Range should comfortably manage around 400km on a single charge. We will verify this when we have the car for longer.

Capable of DC fast charging at up to 100kW

Topping up a depleted battery from 10 to 80 percent is said to take 39 minutes on a 100kW DC fast charger. The same charge using the optional 11kW wallbox charger, is said to take almost five hours for the Extended Range and four hours for the Standard Range.

Kia Syros EV Ride Comfort and Handling – 8/10

The ride on the Syros EV is a touch more absorbent than on its ICE counterpart. Sharp bumps don’t come through to the cabin as abruptly, but there is still an underlying firmness to it. This firmness is there to help body control, but being a tall, narrow car, there is still a fair bit of body roll through the corners. It does feel stable though, and overall grip is strong.

There’s plenty of body roll, but it remains stable through the bends

Steering feel is also good, and it weighs up as speeds rise, which helps with high-speed stability. The four-wheel disc brakes are strong too, bringing the Syros to a confident halt when you drop the anchors. Overall, it isn’t the most entertaining car to drive, but it feels stable and secure at speed while being easy to manoeuvre in tight spaces.

Kia Syros EV Value for Money – 7/10

Introductory prices for the Syros EV start at Rs 13.5 lakh for the 42kWh version and Rs 17 lakh for the 51.4kWh Extended Range. If you want the fully loaded X-Line, that’ll be a cool Rs 20 lakh. To reduce the upfront purchase cost, a BaaS scheme is available with prices starting at Rs 7.99 lakh, and battery rental costing Rs 3.3 per kilometre. To sweeten the deal, Kia is offering a 15-year/unlimited-kilometre HV battery warranty for the first owner, along with an assured buyback value of up to 80 percent after three years.

Its pricing means the Syros EV rivals the Tata Nexon EV and Mahindra XUV 3XO EV, as well as larger EVs like the MG Windsor and Maruti e Vitara. As such, the 42kWh Syros EV makes for a very compelling option, undercutting its rivals in the sub-four-metre EV space. It is easily the most spacious in this segment and is very well equipped even in the lower trims. However, its case weakens with the 51.4kWh Extended Range. It is significantly pricier than its immediate rivals, overlapping with the larger-battery versions of the Windsor and e Vitara. While the Syros EV has its merits and even outdoes them in some areas, buyers might find the allure of a bigger car for the same money too hard to resist.