Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Netweb Share Price: विदेशी ब्रोकरेज BofA Securities ने पहली बार डेटा सेंटर कंपनी Netweb Technologies पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने शेयर को ‘Buy’ रेटिंग दी है। साथ ही ₹5,000 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 14% की संभावित तेजी दिखाता है।

AI से मिल सकता है बड़ा फायदा

BofA का मानना है कि भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। इसका फायदा Netweb Technologies को मिल सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी इस मौके का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है।

रिपोर्ट के मुताबिक, Netweb की सबसे बड़ी ताकत NVIDIA के साथ 15 साल पुरानी साझेदारी है। कंपनी की सुपरकंप्यूटिंग में अच्छी पकड़ है। सरकारी ग्राहकों के साथ भी उसके लंबे समय से मजबूत रिश्ते हैं। यही बातें उसे दूसरी कंपनियों से अलग बनाती हैं।

आगे भी तेज ग्रोथ की उम्मीद

Netweb ने पिछले कुछ सालों में सुपरकंप्यूटिंग बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है। FY20 में उसका मार्केट शेयर सिर्फ 2% था। FY26 तक यह बढ़कर 9% हो गया।

BofA का कहना है कि जैसे-जैसे कंपनी का कारोबार बढ़ेगा, उसकी कमाई भी तेजी से बढ़ सकती है। ज्यादा बिक्री होने से लागत पर बेहतर नियंत्रण रहेगा। इससे कंपनी ऊंची महंगाई के दौर में भी अपनी मुनाफेदारी बनाए रख सकती है। ब्रोकरेज ने FY26 से FY29 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में 40% CAGR की उम्मीद जताई है।

Netweb Technologies का शेयर मंगलवार को 0.11% की गिरावट के साथ 4,395.10 पर बंद हुआ। इस साल अब तक यह शेयर 40% से ज्यादा चढ़ चुका है।

Netweb का बिजनेस क्या है?

Netweb Technologies हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC), AI सर्वर, सुपरकंप्यूटर, डेटा सेंटर और डेटा स्टोरेज सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी है। कंपनी सरकार, रक्षा क्षेत्र, रिसर्च संस्थानों, IIT-IISc जैसे शैक्षणिक संस्थानों और बड़ी कंपनियों को एडवांस कंप्यूटिंग सिस्टम उपलब्ध कराती है।

यह ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से सर्वर, स्टोरेज, क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है। कंपनी का फोकस भारत में तेजी से बढ़ रहे AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर बाजार का फायदा उठाने पर है।

ISM 2.0 : सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का रास्ता साफ, चिप मैन्युफैक्चरिंग,डिजाइन और स्किल डेवलपमेंट पर होगा फोकस

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Saatvik Green Energy Share Price: गिरते बाजार में 5% दौड़ा शेयर, लगा सकता है आगे 45% की और छलांग, मोतीलाल ओसवाल बुलिश

Saatvik Green Energy Share Price: सोलार मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी सात्विक ग्रीन एनर्जी (Saatvik Green Energy) के शेयर मंगलवार , 14 जुलाई को 5 फीसदी की छलांग लगाते नजर आए। शेयर में यह तेजी घरेलू इक्विटी मार्केट में तेज गिरावट के बीच देखने को मिली। सुबह 11.33 बजे के आसपास जहां शेयर 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी दिखा रहा था वहीं निफ्टी 50 इंडेक्स 75 अंक गिरकर 24150 के नीचे ट्रेड कर रहा था।

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने स्टॉक पर Buy रेटिंग के साथ कवरेज शुरु की है और शेयर पर 565 रुपये प्रति शेयर का टारगेट दिया है, जो मौजूदा लेवल से 26 फीसदी की बढ़त दिखाता है। वहीं  अपने बुल केस के लिए, मोतीलाल ओसवाल ने फाइनेंशियल ईयर 2028 तक ₹652 का प्राइस टारगेट रखा है, जिसका मतलब है कि स्टॉक के पिछले क्लोजिंग लेवल से 45% की संभावित बढ़त हो सकती है।

ब्रोकरेज ने कहा कि सात्विक ग्रीन भारत की सोलर मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में तेज़ी से हो रही ग्रोथ से फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है, जिसे इसकी चल रही कैपेसिटी बढ़ाने और बैकवर्ड इंटीग्रेशन योजनाओं से सपोर्ट मिला है।

FY26 के आखिर तक, कंपनी के पास 4.8 GW की सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी थी। यह सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग में भी एंट्री करते हुए 4 GW की मॉड्यूल कैपेसिटी और जोड़ रही है।

मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि कंपनी की मॉड्यूल बनाने की कैपेसिटी FY27 तक बढ़कर 8.8 GW हो जाएगी, जबकि सेल बनाने की कैपेसिटी FY27 में 2.4 GW और FY28 में 6 GW तक पहुंचने का अनुमान है।

कंपनी FY29 तक 6 GW की प्रस्तावित कैपेसिटी के साथ इंगोट और वेफर सेगमेंट में भी एंट्री करने की योजना बना रही है, जिससे उसकी बैकवर्ड इंटीग्रेशन स्ट्रैटेजी और मजबूत होगी।

ब्रोकरेज को अगले दो सालों में अच्छी कमाई की उम्मीद है। इसका अनुमान है कि FY26 और FY28 के बीच रेवेन्यू, EBITDA और एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (APAT) क्रमशः 38%, 55% और 44% की कंपाउंड सालाना दर से बढ़ेंगे।

यह ग्रोथ ज़्यादा मॉड्यूल बिक्री से होने की उम्मीद है, जिसके FY26 में 3.1 GW से बढ़कर FY27 में 3.8 GW और FY28 में 4.9 GW होने का अनुमान है। डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (DCR) मॉड्यूल का बड़ा हिस्सा, जो FY28 तक बिक्री का लगभग 56% होने की उम्मीद है, से भी रियलाइज़ेशन में सुधार होने की संभावना है।

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि सात्विक ग्रीन ने FY25 और FY26 दोनों में 84% का इंडस्ट्री-लीडिंग कैपेसिटी यूटिलाइज़ेशन फैक्टर (CUF) बनाए रखा है, जो नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को तेज़ी से बढ़ाने की इसकी क्षमता को दिखाता है।

वैल्यूएशन के आधार पर ब्रोकरेज ने कहा कि स्टॉक FY28 के अनुमानित EV/EBITDA के 6.9 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जबकि वारी एनर्जीज़ के लिए यह 9.2 गुना और प्रीमियर एनर्जीज़ के लिए 10.4 गुना है।

हालांकि मोतीलाल ओसवाल सात्विक ग्रीन को इसके छोटे स्केल, सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग में ऑपरेटिंग ट्रैक रिकॉर्ड की कमी और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग पर ज़्यादा निर्भरता के कारण FY28 के EV/EBITDA मल्टीपल के 8 गुना कम पर वैल्यू देता है, लेकिन उसका मानना ​​है कि मौजूदा वैल्यूएशन एक आकर्षक इन्वेस्टमेंट का मौका देता है।

Waaree Energies Share Price: यूबीएस ने रेटिंग में किया बदलाव, टारगेट प्राइस में भी की 30% की कटौती, जानें क्या हैं इसकी वजह

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : निफ्टी के 24000 के ऊपर टिके रहने तक हर गिरावट में करें खरीदारी, आईटी और ऑटो सेक्टर के ये दो शेयर कर सकते हैं कमाल

Market Trend : मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच,14 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले और निफ्टी 24,100 के नीचे कारोबार कर रहा है। 9.50 बजे के आसपास सेंसेक्स 462.88 अंक या 0.60 प्रतिशत गिरकर 77,153.52 पर और निफ्टी 118.00 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 24,093.00 पर कारोबार कर रहा है। लगभग 908 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। वहीं, 1363 शेयरों में गिरावट आई है और 165 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में हिंडाल्को,ONGC,TCS,इंफोसिस और विप्रो शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में HCL टेक,श्रीराम फाइनेंस,इंटरग्लोब एविएशन,बजाज फाइनेंस और L&T शामिल हैं।

निफ्टी व्यू

बाजार की चाल पर बात करते हुए manasjaiswal.com के Technical Analyst मानस जायसवाल ने कहा कि कल गिरावट के साथ हुई ओपनिंग के बाद निफ्टी बैंक निफ्टी दोनों ने ही 20 डे मूविंग एवरेज पे सपोर्ट लिया और वहां पर बाइंग इंटरेस्ट देखने को मिला है। ऐसे में बाजार की ओवरऑल ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव लग रहा है। निफ्टी जब तक 24,000 के ऊपर ट्रेड करता रहेगा तब तक हर गिरावट में खरीदारी करेंगे और 24,500 के आपको टारगेट सेट करके चलना चाहिए।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी की जहां तक बात है,ये जब तक 57,400 के ऊपर ट्रेड करता रहेगा,यहां पर भी पॉजिटिव ट्रेंड बना रहेगा। उम्मीद कि यहां पर आउट परफॉर्मेंस देखने को मिलेगा और बहुत ही जल्द ही यह इंडेक्स 58,900 को ब्रेक करके 59,000 की तरफ जाने की कोशिश करेगा। दोनों ही इंडाइससेस के ट्रेंड पॉजिटिव है और डिप पर खरीदारी करने की राय रहेगी।

मानस जायसवाल के पसंदीदा शेयर

मानस जायसवाल की पहली रिकमेंडेशन बजाज ऑटो है, जहां पर इंट्राडे चार्ट पर इनवर्स पैटर्न का ब्रेकआउट देखने को मिला है। बजाज ऑटो में 10,240 रुपए के स्टॉप लॉस से खरीदारी करने की राय रहेगी। इसमें 10,700 तक के टारगेट्स पॉसिबल है।

इनकी दूसरा रेमेंडेशन टाटा एलेक्सी है। अब ऐसा लग रहा है कि इस स्टॉक ने 3600 रुपए के आसपास एक बॉटम बना लिया है। इसमें हायर टॉप फायर बॉटम्स का कंफर्मेशन है। स्टॉक 10 डे मूविंग एवरेज के ऊपर निकला है। टाटा एलेक्सी में 3765 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी करेंगे। इसमें 3975 रुपए तक के टारगेट्स पॉसिबल है।

 

Market view : बाजार में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम, आज इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी का मुनाफा 20% बढ़ा, गाइडेंस बरकरार; डिविडेंड का ऐलान

HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी HCL Technologies (HCLTech) ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। प्रॉफिट, रेवेन्यू और मार्जिन तीनों उम्मीद से ज्यादा रहे।

कंपनी ने FY27 के लिए अपना गाइडेंस भी बरकरार रखा है। कंपनी को अब भी पूरे वित्त वर्ष में कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% रहने की उम्मीद है।

प्रॉफिट और रेवेन्यू में अच्छी बढ़त

जून तिमाही में HCLTech का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 20.3% बढ़कर ₹4,624 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,844 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ पहुंच गया।

डॉलर के लिहाज से कंपनी का रेवेन्यू 3.65 अरब डॉलर रहा। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू तिमाही आधार पर 0.5% घटा। लेकिन यह भी बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में भी सुधार

HCLTech का EBIT ₹5,831 करोड़ रहा। वहीं, EBIT मार्जिन बढ़कर 16.86% हो गया, जो मार्च तिमाही में 16.5% था।

आईटी और बिजनेस सर्विसेज से रेवेन्यू बढ़कर ₹26,049 करोड़ हो गया। इंजीनियरिंग और R&D सर्विसेज का रेवेन्यू ₹5,690 करोड़ रहा। वहीं, HCL Software का रेवेन्यू बढ़कर ₹2,840 करोड़ पहुंच गया।

AI कारोबार में तेज बढ़त

HCLTech ने बताया कि उसका Advanced AI कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इस सेगमेंट का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 10.6% और सालाना आधार पर 62.1% बढ़ा।

इसके अलावा कंपनी ने जून तिमाही में 2.41 अरब डॉलर का नया ऑर्डर (TCV) हासिल किया, जो पहली तिमाही का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

कर्मचारियों की संख्या घटी

जून तिमाही में HCLTech के कर्मचारियों की संख्या 3,292 घटकर 2,23,889 रह गई। वहीं, एट्रिशन रेट बढ़कर 12.7% हो गई, जो मार्च तिमाही में 12.5% थी।

₹12 प्रति शेयर डिविडेंड

HCLTech के बोर्ड ने FY27 के लिए ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। इसकी रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई तय की गई है। डिविडेंड का भुगतान 27 जुलाई को किया जाएगा। कंपनी ने 1 जुलाई को नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद Jaspersoft के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।

नतीजों से पहले सोमवार को HCLTech का शेयर 5.15% की तेजी के साथ ₹1,224 पर बंद हुआ। हालांकि, इस साल अब तक शेयर करीब 25% गिर चुका है।

ICICI Prudential AMC Q1 Results: मुनाफा 23% बढ़ा, AUM ₹11 लाख करोड़ के पार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Motors PV Share Price: टाटा की कंपनी पर मैक्वेरी बुलिश, टारगेट प्राइस बढ़ाया; जानिए कितनी तेजी आने की उम्मीद

Tata Motors PV Share Price: टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles के शेयरों को लेकर विदेशी ब्रोकरेज Macquarie ने पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज ने सोमवार को शेयर की रेटिंग ‘Neutral’ से बढ़ाकर ‘Outperform’ कर दी। साथ ही टारगेट प्राइस ₹367 से बढ़ाकर ₹381 कर दिया है। मौजूदा स्तर के मुकाबले इसमें करीब 13% तक की तेजी की संभावना जताई गई है।

क्यों बढ़ी उम्मीद?

Macquarie का मानना है कि टाटा मोटर्स के लिए आने वाला समय बेहतर रह सकता है। कंपनी के नए SUV मॉडल्स लॉन्च होने वाले हैं, जिससे पैसेंजर व्हीकल कारोबार को फायदा मिल सकता है।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि Jaguar Land Rover (JLR) का मार्जिन आने वाली तिमाहियों में धीरे-धीरे सुधर सकता है। इसके अलावा मौजूदा वैल्यूएशन भी आकर्षक है, जिससे शेयर में गिरावट का जोखिम सीमित दिखता है।

भारत के कारोबार से भी उम्मीद

Macquarie के मुताबिक, भारत में टाटा मोटर्स का पैसेंजर व्हीकल बिजनेस भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। नए मॉडल्स की वजह से कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ने और कमाई में सुधार आने की उम्मीद है।

जून तिमाही में बढ़ा प्रोडक्शन

हाल ही में SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में Punch और Nexon जैसे मॉडल्स का उत्पादन और घरेलू बिक्री बढ़ी है। इससे साफ है कि कंपनी की लोकप्रिय SUV की मांग बनी हुई है।

FY31 तक बड़े लक्ष्य

हाल ही में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कंपनी की AGM में कहा था कि FY31 तक 6 नई कारें और 20 से ज्यादा प्रोडक्ट अपग्रेड लॉन्च किए जाएंगे।

कंपनी का लक्ष्य FY31 तक सालाना 12 लाख से ज्यादा गाड़ी बेचना है। इसके साथ ही 20% मार्केट शेयर और डबल डिजिट EBITDA मार्जिन हासिल करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

Tata Motors Passenger Vehicles को कवर करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 13 ने Buy की रेटिंग दी है। वहीं 10 ने Hold और 9 ने Sell की रेटिंग दी है।

टाटा मोटर्स का शेयर सोमवार को 1.64% बढ़कर 343.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, 1 साल में स्टॉक 15.87% गिरा है।

TCS Share Price: टाटा की कंपनी के शेयर 6% उछले, ABB के साथ हुई बड़ी AI डील

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Shadowfax Technologies में हो सकती है ब्लॉक डील, ₹700 करोड़ के शेयर बेचने की तैयारी में Flipkart

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच रही है। इस हिस्सेदारी की कीमत 700-750 करोड़ रुपये हो सकती है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने मनीकंट्रोल को बताया, “फ्लिपकार्ट जुलाई महीने के आखिर में एक बड़ी ब्लॉक डील के तहत शैडोफैक्स में शेयर बेच सकती है। शैडोफैक्स के शेयरहोल्डर्स के​ लिए 6 महीने का लॉक-इन पीरियड जुलाई के आखिर में खत्म हो रहा है।”

शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज जनवरी 2026 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO ₹1,907.27 करोड़ का था। फ्लिपकार्ट ने शैडोफैक्स के IPO में ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत कुछ शेयर बेचे और शैडोफैक्स में अपनी हिस्सेदारी घटाकर लगभग 8 प्रतिशत कर ली। उसके पास अभी भी लगभग 4.26 करोड़ शेयर हैं। शैडोफैक्स के शेयर की कीमत फिलहाल 230 रुपये के आसपास ट्रेड कर रही है।

फ्लिपकार्ट ने पहली बार 2019 में शैडोफैक्स में निवेश किया था और बाद के फंडिंग राउंड में भी इस लॉजिस्टिक्स कंपनी को सपोर्ट किया। आज शैडोफैक्स, फ्लिपकार्ट के मुख्य लास्ट-माइल डिलीवरी पार्टनर्स में से एक है। यह हाइपरलोकल और ई-कॉमर्स शिपमेंट संभालती है, खासकर पीक डिमांड के समय जब कंपनी का अपना लॉजिस्टिक्स नेटवर्क दबाव में होता है। साथ ही यह उन कई कारोबारों के लिए मुख्य डिलीवरी पार्टनर के तौर पर भी काम करती है, जो पूरी तरह से थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पर निर्भर हैं।

पूरी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती फ्लिपकार्ट

सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि फ्लिपकार्ट एक बड़ी ब्लॉक डील के तहत 700-750 करोड़ रुपये के शेयर बेच सकती है। यह डील आने वाले हफ्तों में होने की उम्मीद है। हालांकि फ्लिपकार्ट, शैडोफैक्स में अपनी पूरी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती। मौजूदा 4.26 करोड़ शेयरों में से, फ्लिपकार्ट के लगभग 3.37 करोड़ शेयर बेचने की संभावना है। अगर यह डील हो जाती है, तो फिर फ्लिपकार्ट के पास शैडोफैक्स में लगभग 2 प्रतिशत हिस्सेदारी रह जाएगी। बाकी बचे 89 लाख शेयर फ्लिपकार्ट को अपने पास रखने होंगे क्योंकि वे ‘मिनिमम प्रमोटर कॉन्ट्रीब्यूशन’ का हिस्सा हैं।

मिनिमम प्रमोटर कॉन्ट्रीब्यूशन वह न्यूनतम हिस्सेदारी है, SEBI किसी IPO के बाद लॉक-इन रखने के लिए जरूरी मानता है। ऐसा इसलिए ताकि यह पक्का किया जा सके कि प्रमोटर्स का कंपनी में लंबे समय तक हित बना रहे और पब्लिक इनवेस्टर्स को भरोसा दिलाया जा सके कि मुख्य शेयरधारक लिस्टिंग के तुरंत बाद बाहर नहीं निकल सकते। इन शेयरों पर एक अनिवार्य लॉक-इन पीरियड लागू होता है, जो कि आमतौर पर 18 महीने होता है। इस दौरान इन्हें बेचा नहीं जा सकता।

Share Market Crash: IT Sector मे रौनक लेकिन Sensex में 700 अंकों की गिरावट, 4 वजहों से Nifty लाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत खराब रहने की संभावना है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 0.79 फीसदी कमजोरी के साथ 24,045 के आसपास ट्रेड कर रह है। यह एक निगेटिव संकेत है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी रिकवरी जारी रही। अलग-अलग सेक्टर में हुई जबरदस्त खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी,दोनों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के बीच बाजार मजबूती के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। निफ्टी 50 ने इंट्राडे में 24,228.45 का हाई लेवल छुआ। इस तेज़ी में IT शेयरों का अहम योगदान रहा। वहीं,रियल्टी,मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने सेंटीमेंट को और मजबूत किया। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 827.57 अंक या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.39 पर और निफ्टी 244.10 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 24,206.90 पर बंद हुआ।

ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट में टेंशन से ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार चला गया है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर है। इधर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोना $4,100 के नीचे फिसल गया है।

LTM के उम्मीद से बेहतर नतीजे, L&T फाइनेंस का मुनाफा 28% बढ़ा

LTM ने पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की constant currency यानी CC रेवेन्यू ग्रोथ 0.3% रही है। कंपनी के मुनाफे में 9% से ज्यादा की बढ़त रही है। वहीं मार्जिन में भी सुधार दिखा है। ऑर्डर बुक भी मजबूत रही है। दूसरी ओर L&T Finance की प्रॉफिट और ब्याज से होने वाली कमाई यानी NII 28% से ज्यादा बढ़ी है। रिटेल लोन बुक गाइडेंस से कहीं बेहतर रही है।

डीमार्ट: Q1 मुनाफे में 11.3% का उछाल

पहली तिमाही में एवेन्यू सुपरमाट्स के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में 11 परसेंट और रेवेन्यू में 15 परसेंट की ग्रोथ रही है। हालांकि मार्जिन बिल्कुल फ्लैट रहे हैं। मेट्रो शहरों के स्टोर्स की ग्रोथ में दबाव दिखा है।

आज आएंगे HCL TECH के नतीजे

निफ्टी में आज HCL TECH के नतीजे आएंगे। इसकी कॉन्सटेंट करेंसी में 1.1 परसेंट और डॉलर आय में 1.3% गिरावट का अनुमान है। हालांकि मार्जिन 30 Bps बढ़ने की उम्मीद है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO का साइज घटा

SBI फंड्स मैनेजमेंट के IPO का साइज घटा है। इश्यू का साइज 11700 करोड़ रुपए से घटकर 9813 करोड़ रुपए हुआ है। इधर दिग्गजों को प्री-IPO स्टेक बेचकर SBI ने 1655 करोड़ रुपए जुटाए हैं। SBI के OFS का हिस्सा घटकर 6.30% से 4.89% पर आ गया है।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 195 अंक यानी 0.80 फीसदी की गिरावट के साथ 24,040.50 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 1.20 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.20 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। हैंग सेंग में 0.85 फीसदी की तेजी दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 0.82 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है। वहीं, कोस्पी करीब 4.75 फीसदी नीचे है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.71 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

शुक्रवार को S&P 500 में 0.42% की बढ़त हुई और यह 7,575.39 के लेवल पर बंद हुआ। यह 2 जून को बने रिकॉर्ड हाई क्लोज़ से अभी भी 0.45% नीचे है। Nasdaq भी 0.29% की बढ़त के साथ यह 26,281.61 के लेवल पर पहुंच गया। जबकि डाओ जोन्स में 0.29% की बढ़त हुई और यह 52,637.01 के स्तर पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुए टकराव से महंगाई का डर बढ़ गया और सेंट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी बढ़ गई है। जिसके चलते डॉलर अपनी ज़्यादातर प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 101.17 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ये क्रमशः 4.58% और 4.23% पर पहुंच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला कारोबार हुआ,रीजनल बाजारों में सतर्कता का माहौल दिखा। इंडोनेशियाई रुपया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है। जिसमें 0.35% की बढ़त हुई। इसके बाद चीनी रेनमिनबी (+0.22%) और ताइवान डॉलर (+0.19%) का स्थान रहा। दूसरी तरफ,साउथ कोरियन वॉन इस इलाके की सबसे कमजोर करेंसी है,जिसमें 0.34% की गिरावट आई,जबकि जापानी येन 0.25% फिसला है जिससे पता चलता है कि नॉर्थ एशिया की मुख्य करेंसी के मुकाबले डॉलर में हल्की मज़बूती आई है। थाई बात(-0.21%),सिंगापुर डॉलर (-0.17%),मलेशियन रिंगिट (-0.17%) और फिलीपीन पेसो (-0.16%) भी नीचे ट्रेड कर रहे हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs)ने बिकवाली के एक दिन बाद ₹2,603 ​​करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार तीसरे सेशन में खरीदारी जारी रखी और ₹2,019 करोड़ का निवेश किया।

Upcoming IPO: जुलाई के आखिर तक आएंगे 5 बड़े IPO, कंपनियां जुटाएंगी ₹15000 करोड़

Upcoming IPO: पिछले दो महीनों से रफ्तार पकड़ रहा भारत का IPO बाजार अब और गर्म होने वाला है। अगले हफ्ते SBI Funds Management का IPO खुलने के बाद जुलाई के अंत तक 5 और बड़ी कंपनियां शेयर बाजार में दस्तक दे सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये कंपनियां मिलकर करीब ₹15,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं।

कौन-कौन से IPO आएंगे?

जुलाई के अंत तक जिन कंपनियों के IPO आने की उम्मीद है, उनमें शामिल हैं…

  • Caliber Mining & Logistics
  • Milky Mist Dairy Foods
  • Juniper Green Energy
  • Lohia Corp
  • Manipal Health Enterprises

जून और जुलाई में बढ़ी रफ्तार

जून में 7 IPO आए थे, जिनके जरिए कंपनियों ने ₹2,718 करोड़ जुटाए। वहीं जुलाई में अब तक Knack Packaging, Kusumgar और Laser Power & Infra के IPO लॉन्च हो चुके हैं।

अगले हफ्ते SBI Funds Management और Alpine Texworld के IPO भी खुलने वाले हैं।

किस कंपनी का IPO कितना बड़ा होगा?

  • Caliber Mining & Logistics करीब ₹500-600 करोड़ जुटा सकती है। यह देश की शीर्ष 10 कोयला खनन सेवा कंपनियों में शामिल है।
  • Milky Mist Dairy Foods का IPO करीब ₹2,000 करोड़ का हो सकता है। यह तमिलनाडु की प्रमुख डेयरी कंपनी है।
  • Juniper Green Energy करीब ₹1,800 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। पहले इसका IPO ₹3,000 करोड़ का प्रस्तावित था, लेकिन अब इसका आकार घटा दिया गया है।
  • Lohia Corp करीब ₹500 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाएगी। कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल मशीनरी बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
  • Manipal Health Enterprises का IPO सबसे बड़ा हो सकता है। कंपनी करीब ₹9,500 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह Manipal Hospitals चेन का संचालन करती है।

Zepto भी एंट्री कर सकती है

बेंगलुरु की Tonbo Imaging और मध्य प्रदेश की Symbiotec Pharmalab भी जुलाई के आखिरी या अगस्त के पहले हफ्ते में IPO ला सकती हैं। हालांकि, इनके इश्यू का साइज पहले की योजना से छोटा हो सकता है।

इसके अलावा Zepto भी IPO की कतार में शामिल हो सकती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कंपनी पहले के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर बाजार में आ सकती है।

IPO बाजार में क्यों लौटी रौनक?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Jio Platforms और NSE के ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने के बाद प्राइमरी मार्केट में फिर से उत्साह बढ़ा है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बढ़ती खरीदारी से भी IPO बाजार को समर्थन मिल रहा है।

आमतौर पर जुलाई और अगस्त को IPO बाजार के लिए सबसे व्यस्त महीनों में गिना जाता है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में निवेशकों को कई बड़े पब्लिक इश्यू देखने को मिल सकते हैं।

टाटा की TCS 8900 खास इंजीनियरों की टीम बनाएगी, OpenAI और माइक्रोसॉफ्ट को टक्कर देने की तैयारी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।