Stcoks to Watch: शुक्रवार 10 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: शुक्रवार, 10 जुलाई के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। तिमाही नतीजे, जून सेल्स, नए प्रोजेक्ट, बड़ी साझेदारियां और अहम कॉरपोरेट अपडेट के चलते इनमें तेज हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं आज किन 13 शेयरों पर बाजार की खास नजर रहेगी।

Tata Consultancy Services

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान के मुताबिक रहा। तिमाही में रेवेन्यू 2.2% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रहा। मार्च तिमाही में यह 70,698 करोड़ रुपये था।

Mahindra & Mahindra

ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra की कुल बिक्री जून 2026 में सालाना आधार पर 32.5% बढ़कर 1.04 लाख यूनिट रही। पिछले साल जून में कंपनी ने 78,142 यूनिट बेची थीं।

Anand Rathi Wealth

वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी Anand Rathi Wealth का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 73.6% बढ़कर 163 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 322 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, EBITDA 15% घटकर 109 करोड़ रुपये रह गया। EBITDA मार्जिन भी 46.6% से घटकर 33.7% पर आ गया।

Torrent Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Torrent Pharmaceuticals ने Semalix Injection Disposable Pen के कुछ बैच स्वेच्छा से वापस मंगाने का फैसला किया है। यह कदम Dr. Reddy’s Laboratories की रिकॉल नोटिस के बाद उठाया गया है। कंपनी प्रोडक्ट की तकनीकी जांच कराएगी।

Power Grid Corporation

सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी Power Grid Corporation को Bhadla-III, Ramgarh PS और Kanpur (PG) इंटरस्टेट ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी इसे BOOT मॉडल के तहत विकसित करेगी। यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) के जरिए मिला है।

Havells India

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल कंपनी Havells India ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) कारोबार में एंट्री की है। कंपनी ने नॉर्वे की एनर्जी स्टोरेज कंपनी Pixii AS के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।

Pace Digitek

इलेक्ट्रिकल और पावर सॉल्यूशंस कंपनी Pace Digitek की सब्सिडियरी Lineage Power ने Onward Solar Power और Kalpa Power के साथ MoU किया है। इसके तहत कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) की सप्लाई करेगी।

Great Eastern Shipping

शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping ने 2015 में बने LR2 टैंकर ‘Jag Laxman’ की डिलीवरी ले ली है। इसकी क्षमता करीब 1,09,990 डेडवेट टन (DWT) है। इस खरीद का पूरा भुगतान कंपनी ने अपनी आंतरिक नकदी से किया है।

Muthoot Microfin

माइक्रोफाइनेंस कंपनी Muthoot Microfin का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जून तिमाही में सालाना आधार पर 18% बढ़ा। कंपनी ने इसका श्रेय मजबूत लोन वितरण और बेहतर कलेक्शन एफिशिएंसी को दिया है।

CONCOR & GAIL

सरकारी लॉजिस्टिक्स कंपनी Container Corporation of India (CONCOR) और सरकारी गैस कंपनी GAIL (India) ने 15 साल का समझौता किया है। दोनों अहमदाबाद के Khodiyar Inland Container Depot (ICD) में LNG डिस्पेंसिंग स्टेशन स्थापित करेंगे।

Vikram Solar

सोलर कंपनी Vikram Solar ने Evervolt Solar Tech के साथ 130 मेगावाट क्षमता के सोलर सेल की सप्लाई का समझौता किया है। इस डील से कंपनी की ऑर्डर बुक और सोलर कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

AWL Agri Business

FMCG कंपनी AWL Agri Business ने अपने Regenerative Mustard Programme का विस्तार करने का ऐलान किया है। कंपनी के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत सरसों की उपज में 30% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Vijaya Diagnostic

डायग्नोस्टिक सर्विसेज कंपनी Vijaya Diagnostic ने Narasimha Raju K.A. को नया मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 9 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Defence Stock: 40% तक क्रैश हो सकता है ये डिफेंस स्टॉक, कोटक ने दी तुरंत बेचने की सलाह

Defence Stock: डिफेंस और इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी Solar Industries India के शेयर गुरुवार को शुरुआती बढ़त के बाद 3% ज्यादा गिरकर बंद हुए। कारोबार के दौरान यह दिन के हाई लेवल से 6% तक टूट गया था। इसकी वजह Kotak Institutional Equities की नई रिपोर्ट रही। ब्रोकरेज ने पहली बार कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Sell’ रेटिंग दी है।

Kotak ने शेयर के लिए 10,300 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। यह गुरुवार के बंद भाव के मुकाबले करीब 40.8% की संभावित गिरावट दिखाता है।

कंपनी की खूबियां भी गिनाईं

Kotak ने माना कि Solar Industries देश की सबसे बड़ी निजी इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी है। साथ ही यह देश की सबसे तेजी से बढ़ती डिफेंस कंपनियों में भी शामिल है।

कंपनी सिर्फ विस्फोटक ही नहीं बनाती। इसके पोर्टफोलियो में इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव, हाई-एनर्जी मैटेरियल, पिनाका रॉकेट सिस्टम, लोइटरिंग म्यूनिशन और गोला-बारूद जैसे कई डिफेंस प्रोडक्ट भी शामिल हैं।

ग्रोथ को लेकर क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच कंपनी का PAT (टैक्स के बाद मुनाफा) सालाना औसतन 28% (CAGR) की दर से बढ़ सकता है।

इसके पीछे कई वजहें हैं। डिफेंस कारोबार में करीब 35% CAGR की ग्रोथ का अनुमान है। वहीं, 10 देशों में फैले अंतरराष्ट्रीय कारोबार से 26% CAGR की उम्मीद है। इसके अलावा बिजनेस मिक्स बेहतर होने से कंपनी के मार्जिन में भी सुधार हो सकता है।

फिर ‘Sell’ रेटिंग क्यों दी?

इतनी मजबूत ग्रोथ का अनुमान होने के बावजूद Kotak ने शेयर खरीदने की सलाह नहीं दी। उनसे इसका कारण भी बताया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की मौजूदा कीमत में भविष्य की ग्रोथ पहले ही शामिल हो चुकी है। अभी Solar Industries का शेयर वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित मुनाफे के करीब 55 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में मौजूदा स्तर पर निवेशकों को जोखिम के मुकाबले आकर्षक रिटर्न मिलने की संभावना कम दिखती है।

कौन-कौन से जोखिम हैं?

Kotak ने कंपनी के सामने कुछ अहम चुनौतियों का भी जिक्र किया है। माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मांग में उतार-चढ़ाव का असर कारोबार पर पड़ सकता है। सरकारी डिफेंस ऑर्डर एक साथ और अनियमित तरीके से मिलते हैं, इसलिए कमाई में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है।

इसके अलावा एक्सप्लोसिव कारोबार से जुड़े नियामकीय नियम, MALE UAV और काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसी नई डिफेंस टेक्नोलॉजी में विस्तार से जुड़े जोखिम भी मौजूद हैं।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि कंपनी के करीब 35% रेवेन्यू विदेशी बाजारों से आते हैं। वहीं, डिफेंस ऑर्डर बुक का भी बड़ा हिस्सा निर्यात पर निर्भर है। ऐसे में किसी भी भू-राजनीतिक तनाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है।

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयरों का हाल

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयर गुरुवार को 3.26% की गिरावट के साथ 17,385 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में इसने 31.79% का रिटर्न दिया है। वहीं, 5 साल के दौरान इसने 980% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.57 लाख करोड़ रुपये है।

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शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने से पहले जान लें टैक्स के नियम, नहीं तो मुनाफा हो जाएगा कम

म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीमों में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ रही है। यह स्कीम शेयर बाजारों में लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाती हैं। कई लोग सीधे शेयरों में निवेश करने से बचते हैं। वे म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीम में निवेश करना सुरक्षित मानते हैं। अगर आप म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम या सीधे शेयरों में पैसे लगाते हैं तो प्रॉफिट बुक करने से पहले आपको टैक्स के नियमों को जरूर जान लेना चाहिए।

टैक्स की वजह से एसेट से रिटर्न घट जाता है

एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्स की वजह से किसी एसेट से रियल रिटर्न घट जाता है। यह बात म्यूचुअल फंड्स की यूनिट और शेयरों पर भी लागू होती है। इसलिए इनवेस्टर्स को म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स या शेयर बेचने से पहले मुनाफे पर लगने वाले टैक्स के नियमों को ठीक तरह से समझ लेना चाहिए। कई बार इनवेस्टर्स टैक्स के नियमों को जाने बगैर शेयर और म्यूचुअल फंड्स बेच देते हैं, जिससे उनका रियल रिटर्न घट जाता है।

सिक्योरिटी रखने के समय से तय होता है टैक्स

शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के शेयर या म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीम की यूनिट्स बेचने पर मुनाफे के अमाउंट पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस (STCG) टैक्स लगता है या लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) टैक्स लगता है। अगर कोई इनवेस्टर्स किसी कंपनी के शेयर को खरीदने के 12 महीने के अंदर बेच देता है तो प्रॉफिट पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लगता है। अगर वह इन्हें 12 महीने के बाद बेचता है तो मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस लगता है। यह नियम म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीम पर भी लागू होती है।

12 महीने से पहले बेचने पर 20 फीसदी टैक्स

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स का रेट 20 फीसदी है। इसे एक उदाहरण से आसानी से समझ सकते हैं। मान लीजिए आप किसी कंपनी के शेयर को 12 महीने से पहले बेच देते हैं, जिससे आपको 1000 रुपये प्रॉफिट होता है। इस पर आपको 20 फीसदी के रेट से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स चुकाना होगा। इस तरह आपको 1000 रुपये के प्रॉपिट पर 200 रुपये टैक्स देना होगा। इससे आपका रियल प्रॉफिट घटकर 800 रुपये रह जाएगा।

12 महीनों के बाद बेचने पर 12.5 फीसदी टैक्स

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स का रेट 12.5 फीसदी है। मान लीजिए आपको किसी कंपनी का शेयर बेचने पर 1000 रुपये प्रॉफिट होता है। आपने इन शेयरों को खरीदने के 2 साल बाद बेचा है। आपको 1000 रुपये के प्रॉफिट पर 12.5 फीसदी टैक्स चुकाना होगा। इसका मतलब है कि आपको 1000 रुपये के प्रॉफिट पर 125 रुपये टैक्स चुकाना होगा। इससे आपका रियल रिटर्न घटकर 875 रुपये रह जाएगा। म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीम की यूनिट्स को बेचने पर भी यही नियम लाग होता है।

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1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स-फ्री

एक खास बात यह समझ लेना जरूरी है कि एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस को टैक्स से छूट मिलती है। इसका मतलब है कि अगर एक वित्त वर्ष में शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम की यूनिट्स बेचने पर आपको 1.25 लाख रुपये तक प्रॉफिट होता है तो आपको कोई लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स नहीं चुकाना होगा।

कंडोम बनाने वाली इस कंपनी के शेयरों को लगे पंख, एक महीने में 43% चढ़ा

क्यूपिड के शेयरों में 9 जुलाई को बाजार खुलते ही पंख लग गए। 8 जुलाई को भी इस शेयर में अच्छी तेजी दिखी थी। इससे यह 52 हफ्ते की नई ऊंचाई पर पहुंच गया था। लेकिन, हाई प्राइस पर प्रॉफिट बुकिंग की वजह से यह शेयर करीब 12 फीसदी गिर गया था। यह कंपनी पुरुष और महिलाओं के कंडोम सहित हेल्थकेयर और पर्सनल प्रोडक्ट्स बनाती है।

एक महीने में 43 फीसदी उछला शेयर 

Cupid का शेयर एक समय 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया। 12 बजे यह शेयर 5.95 83 फीसदी चढ़कर 208.71 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में इस शेयर का प्रदर्शन जबर्दस्त रहा है। इसने निवेशकों को 859 फीसदी रिटर्न दिया है। एक महीने में यह शेयर करीब 43 फीसदी चढ़ा है। छह महीनों में यह शेयर 146 फीसदी चढ़ा है।

110 देशों में प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करती है कंपनी 

क्यूपिड मुंबई की कंपनी है। यह 110 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करती है। हाल में कंपनी ने जून तिमाही में अपने बिजनेस का अपडेट दिया है। उसने कहा है कि जून तिमाही में रेवेन्यू 150 करोड़ रुपये से ज्यादा रह सकता है। इससे जून तिमाही कंपनी के बिजनेस के लिहाज से अब तक की सबसे अच्छी तिमाही साबित हो सकती है।

एक साल में निवेशकों का पैसा 9 गुना

बीते एक साल में कंपनी के शेयरों के रिटर्न ने निवेशकों को मालामाल किया है। 9 जुलाई, 2025 को कंपनी का शेयर 21.62 रुपये पर था। 9 जुलाई, 2026 को इस शेयर का प्राइस 208 रुपये पर पहुंच गया। इस तरह एक साल में इसने निवेशकों का पैसा करीब 9 गुना कर दिया है। इस शेयर का प्रदर्शन ऐसा तब है जब बीते एक साल में भारतीय शेयर बाजारों का रिटर्न काफी कम रहा है।

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शेयर बाजारों में अच्छी रिकवरी

9 जुलाई को शेयर बाजारों में अच्छी रिकवरी दिखी। सुबह में निफ्टी और सेंसेक्स मजबूत खुले। फिर अच्छी खरीदारी से दोनों सूचकांक 0.75 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। 12:15 बजे निफ्टी 0.76 फीसदी यानी 180 अंक चढ़कर 24,059 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.75 फीसदी यानी 576 अंक के उछाल के साथ 77,074 पर था। बैंक निफ्टी में 0.93 फीसदी की तेजी आई। मिडकैप इंडेक्स में 1.71 फीसदी का उछाल था। 8 जुलाई को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई थी। निफ्टी और सेंसेक्स 2 फीसदी से ज्यादा फिसले थे।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

FII DII Data: क्या रिटेल निवेशकों ने घबराकर बेच दिए शेयर? FII और DII ने मार्केट क्रैश में की ₹2753 करोड़ की खरीदारी

FII DII Data: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दिखी। इसके बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी। एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 9 जुलाई को FIIs ने 1,962.80 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भी खरीदारी के मूड में रहे और उन्होंने 790.16 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यानी दोनों ने मिलकर 2,753 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। ऐसे में बाजार की तेज गिरावट यह संकेत देती है कि अन्य निवेशक वर्गों, खासकर रिटेल निवेशकों की ओर से घबराहट में बिकवाली हुई होगी।

FII-DII ने कितना खरीदा, कितना बेचा

बुधवार के कारोबारी सत्र में FIIs ने कुल 17,463.95 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 15,501.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, DIIs ने 19,165.13 करोड़ रुपये की खरीदारी और 18,374.97 करोड़ रुपये की बिकवाली की।

एक दिन पहले यानी 8 जुलाई को भी FIIs ने 393.19 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। हालांकि, उस दिन DIIs 383.43 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर नेट सेलर रहे थे।

इस हफ्ते कैसा रहा FII-DII का रुख?

इस सप्ताह अब तक FIIs लगातार चारों कारोबारी सत्र में खरीदार रहे हैं। वहीं, DIIs ने भी चार में से तीन सत्रों में खरीदारी की है। इससे साफ है कि बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद संस्थागत निवेशकों का भरोसा अभी बना हुआ है।

तारीखFII नेट फ्लोDII नेट फ्लो
9 जुलाई 2026₹1,962.80 करोड़₹790.16 करोड़
8 जुलाई 2026₹393.19 करोड़-₹383.43 करोड़
7 जुलाई 2026₹243.03 करोड़₹3,791.42 करोड़
6 जुलाई 2026₹1,355.33 करोड़-₹1,953.89 करोड़

भारी गिरावट के बावजूद जारी रही खरीदारी

विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बावजूद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुआ शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। इससे वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ गया।

शेयर बाजार कितना गिरा

BSE Sensex 1,677 अंक टूटकर 76,504 पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 517 अंक गिरकर 23,882 पर आ गया। इसके साथ ही निफ्टी 23,900 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।

बाजार में लगभग हर सेक्टर में बिकवाली रही। Nifty 50 के 50 में से 46 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। Nifty PSU Bank और Nifty Chemicals सबसे ज्यादा टूटने वाले सेक्टर रहे। वहीं, Nifty Bank 1,458 अंक गिरकर 56,743 और Nifty Midcap 963 अंक टूटकर 61,323 पर बंद हुआ।

रुपये पर भी बढ़ा दबाव

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती का असर रुपये पर भी दिखा। भारतीय रुपया 59 पैसे कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 95.55 पर बंद हुआ। अमेरिका के ईरान पर नए हमलों और Hormuz Strait में बढ़े तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा।

Stocks to Watch: 9 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

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Stocks to Watch: 9 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: गुरुवार, 9 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर एक्शन में रह सकते हैं। कहीं बड़ी साझेदारी हुई है, तो कहीं तिमाही नतीजे, बिक्री के आंकड़े, नए ऑर्डर और मैनेजमेंट से जुड़े अपडेट आए हैं। वहीं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भी कुछ सेक्टरों पर देखने को मिल सकता है। ऐसे में इन 16 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

TVS Motor

ऑटो कंपनी TVS Motor Company Ltd ने सरकारी तेल कंपनी Indian Oil Corporation (IOC) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। दोनों कंपनियां देशभर में LPG सिलेंडर की लास्ट-माइल डिलीवरी को मजबूत करेंगी। इसके लिए टिकाऊ कमर्शियल मोबिलिटी सॉल्यूशंस का इस्तेमाल किया जाएगा।

NALCO

सरकारी एल्युमीनियम कंपनी NALCO ने सरकारी कंपनी NLC India Ltd के साथ जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है। दोनों मिलकर ओडिशा के अंगुल में 1,080 मेगावाट (4×270 MW) का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट बनाएंगे।

Oil Marketing Companies

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयरों पर नजर रहेगी। इसकी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर फिर हमला कर सकता है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका है।

Mahindra & Mahindra

ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra ने अपने गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है। कंपनी 10 जुलाई 2026 से SUV पोर्टफोलियो की कीमतों में औसतन 2.7% और कमर्शियल व्हीकल रेंज में 2% की बढ़ोतरी करेगी।

Tata Consultancy Services

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) 9 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी करेगी। निवेशकों की नजर कंपनी की कमाई और मैनेजमेंट की गाइडेंस पर रहेगी।

Phoenix Mills

रियल एस्टेट कंपनी Phoenix Mills ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी के मौजूदा मॉल पोर्टफोलियो में रिटेल कंजम्प्शन सालाना आधार पर 32% बढ़कर 4,727 करोड़ रुपये पहुंच गया। बेहतर ग्राहक मांग, प्रीमियम स्टोर्स और टेनेंट मिक्स में सुधार से कंपनी की ज्यादातर प्रॉपर्टीज में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज हुई।

SBI

सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) ने अपनी FCNR(B) डिपॉजिट स्कीम के जरिए सिर्फ एक महीने में 1.5 अरब डॉलर (करीब 12,500 करोड़ रुपये) जुटा लिए हैं। बैंक NRI ग्राहकों को 5.25% से 6% तक ब्याज दे रहा है। साथ ही जमा राशि के आधार पर 9 गुना तक लोन की सुविधा भी दे रहा है।

Axis Bank

प्राइवेट बैंक Axis Bank के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एन. एस. विश्वनाथन की दोबारा नियुक्ति को RBI ने मंजूरी दे दी है। उनका नया कार्यकाल 27 अक्टूबर 2026 से 26 अक्टूबर 2029 तक रहेगा। अब इस प्रस्ताव पर 31 जुलाई की AGM में शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

Canara Bank

सरकारी बैंक Canara Bank के डिजिटल बैंकिंग विंग के चीफ जनरल मैनेजर महेश एम. पाई ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बैंकिंग सेक्टर में बेहतर अवसर मिलने का हवाला दिया है। उनका इस्तीफा सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद प्रभावी होगा।

SML Isuzu

कमर्शियल व्हीकल कंपनी SML Isuzu की जून बिक्री सालाना आधार पर 5% बढ़कर 1,896 यूनिट रही। कंपनी का प्रोडक्शन भी बढ़ा है। हालांकि, एक्सपोर्ट 64 यूनिट से घटकर 34 यूनिट रह गया।

Graphite India

ग्रेफाइट उत्पाद बनाने वाली कंपनी Graphite India ने जर्मनी में अपना कारोबार बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने रूस-यूक्रेन युद्ध से बने मुश्किल हालात का हवाला दिया है। जर्मनी का यह कारोबार करीब 105 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर का है।

S H Kelkar

फ्लेवर और फ्रेगरेंस कंपनी S H Kelkar का पहली तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 13.7% बढ़कर 660 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, कंपनी का नेट डेट बढ़कर 864 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी का कहना है कि यह बढ़ोतरी विस्तार और क्षमता बढ़ाने के लिए किए गए निवेश की वजह से हुई है।

IRB Infrastructure Developers

इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी IRB Infrastructure Developers Ltd की टोल कलेक्शन में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जून 2026 में कंपनी का ग्रॉस टोल कलेक्शन 28% बढ़कर 808 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी महीने यह 631 करोड़ रुपये था।

Aditya Infotech

वीडियो सिक्योरिटी और सर्विलांस प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Aditya Infotech Ltd के खिलाफ मध्यस्थता (Arbitration) की प्रक्रिया शुरू हुई है। Avathon Inc. और SparkCognition India Pvt. Ltd. ने न्यूयॉर्क स्थित International Chamber of Commerce (ICC) में कंपनी के खिलाफ मामला दायर किया है।

Crompton Greaves Consumer Electricals

इलेक्ट्रिकल कंपनी Crompton Greaves Consumer Electricals Ltd को नया ऑर्डर मिला है। MSEDCL ने मौजूदा रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत अतिरिक्त आवंटन किया है। इससे ऑर्डर की कुल वैल्यू बढ़कर 64.99 करोड़ रुपये (GST छोड़कर) हो गई है।

HFCL

टेलीकॉम और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी HFCL Ltd ने अपने इंटीग्रेटेड ऑप्टिकल कनेक्टिविटी पोर्टफोलियो के लिए नया ब्रांड लॉन्च किया है। कंपनी ने इसका नाम OptiQ AI रखा है। यह अब उसके पूरे ऑप्टिकल कनेक्टिविटी बिजनेस की यूनिफाइड ब्रांड पहचान होगी।

शेयर बाजारों की 9 जुलाई को कैसी रहेगी चाल? Nifty के लिए ये सबसे अहम लेवल होंगे

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₹65 की नौकरी से ₹20000 करोड़ की कंपनी तक, गणित में फेल स्टूडेंट ने ऐसे खड़ा किया आइसक्रीस साम्राज्य

RG Chandramogan Success Story: आरजी चंद्रमोगन के पास न तो कॉलेज की डिग्री थी और न ही कोई बड़ी विरासत। लेकिन उनके पास एक चीज थी, कुछ बड़ा करने का जज्बा। 65 रुपये महीने की नौकरी से शुरुआत करने वाले इस शख्स ने बाद में आइसक्रीम बेचनी शुरू की।

उसी कारोबार को आगे बढ़ाकर Hatsun Agro Products जैसी कंपनी खड़ी कर दी। आज यह भारत की सबसे बड़ी निजी डेयरी कंपनियों में शामिल है, जिसकी बाजार में वैल्यू करीब 20,000 करोड़ रुपये है।

एक असफल बिजनेस ने बदली सोच

चंद्रमोगन तमिलनाडु के साधारण परिवार में पैदा हुए। बचपन में देखा कि गांव का सबसे सम्मानित व्यक्ति एक कारोबारी था। तभी से उन्होंने भी बिजनेस करने का सपना देख लिया।

साल 1956 में उनके पिता चेन्नई आ गए और सेंट्रल स्टेशन के पास एक किराना दुकान खोली। लेकिन 1968 तक कारोबार पूरी तरह ठप हो गया। परिवार को खाली हाथ गांव लौटना पड़ा। यहीं से चंद्रमोगन ने पहली बार समझा कि बिजनेस में सफलता जितनी बड़ी होती है, जोखिम भी उतना ही बड़ा होता है।

गणित में फेल हुए, कॉलेज छोड़ना पड़ा

पढ़ाई भी उनके लिए आसान नहीं रही। उन्होंने पलायमकोट्टई के सेंट जेवियर्स कॉलेज में प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स में दाखिला लिया, लेकिन गणित में फेल हो गए। इसके बाद पढ़ाई छूट गई।

बेटे के भविष्य की चिंता में उनके पिता ने विलुप्पुरम के एक लकड़ी गोदाम में उनकी नौकरी लगवा दी। वहां उन्हें सिर्फ 65 रुपये महीने की तनख्वाह मिलती थी। करीब एक साल तक उन्होंने वहां ऑर्डर संभाले, सामान उठाया और मेहनत की। लेकिन उन्हें एहसास हो गया कि पूरी जिंदगी 65 रुपये की नौकरी करके नहीं बिताई जा सकती।

पिता ने बेच दी पुश्तैनी जमीन

एक साल बाद चंद्रमोगन चेन्नई लौट आए। इस बार उन्होंने तय कर लिया था कि अब नौकरी नहीं, अपना कारोबार करेंगे।

उनके पिता ने भी बड़ा फैसला लिया। उन्होंने 13,000 रुपये जुटाने के लिए परिवार की पुश्तैनी जमीन बेच दी। यही रकम चंद्रमोगन के पहले बिजनेस की पूंजी बनी।

250 वर्गफुट से शुरू किया कारोबार

साल 1970 में उन्होंने चेन्नई के रायापुरम इलाके में 250 वर्गफुट की छोटी-सी जगह किराए पर ली। एक साधारण आइस बनाने वाली मशीन खरीदी और चार कर्मचारियों के साथ काम शुरू कर दिया। फैक्ट्री में रोज करीब 10,000 आइसक्रीम बन सकती थीं। उन्होंने अपने ब्रांड का नाम ‘Arun’ रखा।

शुरुआत में मुनाफा बहुत कम था। कई बार चंद्रमोगन खुद ठेले पर आइसक्रीम बेचने निकल जाते थे। उस समय उनका मकसद सिर्फ कारोबार को जिंदा रखना था।

आइसक्रीम से डेयरी बिजनेस तक

करीब 10 साल तक उन्होंने सिर्फ आइसक्रीम का कारोबार किया। लेकिन इसी दौरान उन्हें एक बड़ी बात समझ आई। उन्होंने देखा कि आइसक्रीम का कारोबार मौसम पर निर्भर है, जबकि दूध हर घर की रोजमर्रा की जरूरत है। उस समय भारत का डेयरी बाजार काफी बिखरा हुआ था। चंद्रमोगन को इसमें बड़ा मौका नजर आया।

1980 के दशक में उन्होंने दूध प्रोसेसिंग का काम शुरू किया। धीरे-धीरे कंपनी ने दूध, दही, घी और मक्खन जैसे उत्पाद भी बेचने शुरू कर दिए। अब Arun सिर्फ आइसक्रीम का नहीं, बल्कि डेयरी उत्पादों का बड़ा ब्रांड बन चुका था।

उन्होंने जल्दबाजी में विस्तार नहीं किया। पहले किसानों का मजबूत नेटवर्क बनाया, सप्लाई चेन तैयार की और रिटेल नेटवर्क खड़ा किया। यही रणनीति आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

आज 20,000 करोड़ की कंपनी

आज Hatsun Agro Products शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी है। जुलाई 2026 तक इसका मार्केट कैप 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच चुका है। Forbes के मुताबिक, आरजी चंद्रमोगन की नेटवर्थ करीब 1.6 अरब डॉलर है। उन्हें 2018 में भारतीय डेयरी उद्योग में योगदान के लिए Indian Dairy Association का प्रतिष्ठित Patronage Award भी दिया गया।

चंद्रमोगन की कहानी सिर्फ एक सफल कारोबारी बनने की नहीं है। यह उस इंसान की कहानी है, जो गणित में फेल हुआ लेकिन कारोबार के इम्तिहान में अव्वल नंबरों से पास होकर दिखा दिया।

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GIFT Nifty Today: क्रैश के बाद 9 जुलाई को मार्केट में होगी रिकवरी? GIFT Nifty ने दिए तेजी के संकेत

GIFT Nifty Today: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तीन महीने की सबसे बड़ी गिरावट के बाद गुरुवार के लिए राहत के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty शाम 6:30 बजे 119 अंक यानी 0.48% की बढ़त के साथ 23,992 पर कारोबार कर रहा था। इससे संकेत मिलता है कि 9 जुलाई को घरेलू बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हो सकती है।

बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ हुआ शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और दुनिया भर के शेयर बाजारों में बिकवाली देखने को मिली।

इसी दबाव में निफ्टी 50 2.12% टूटकर 23,882.05 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 2.15% गिरकर 76,503.60 पर आ गया। यह दोनों इंडेक्स का तीन महीने में सबसे खराब कारोबारी सत्र रहा।

ग्लोबल मार्केट पर भी दिखा असर

ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स भी दबाव में आ गए। S&P 500 Futures करीब 0.8% गिर गए। वहीं ब्रेंट क्रूड करीब 5% उछलकर 78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। हालांकि, सोने की कीमतों में गिरावट आई और डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

निफ्टी के लिए अहम स्तर कौन से?

Religare Broking के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा के मुताबिक, निफ्टी अब 24,000-24,150 के अहम सपोर्ट जोन के नीचे फिसल चुका है। इससे निकट अवधि की तकनीकी तस्वीर कमजोर हुई है।

उन्होंने कहा कि अब 23,650-23,800 का स्तर अगला मजबूत सपोर्ट होगा। वहीं, अगर बाजार में रिकवरी आती है तो 24,150-24,300 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

उनका कहना है कि India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि अगले कुछ दिनों तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में फिलहाल सतर्क रहने, चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और सख्त जोखिम प्रबंधन अपनाने की जरूरत है।

Bajaj Broking ने क्या कहा?

Bajaj Broking के मुताबिक, निफ्टी ने बुधवार को बड़ा बेयरिश कैंडल बनाया। साथ ही हाल की पूरी तेजी भी गंवा दी। कारोबार के दौरान इंडेक्स 24,250 के सपोर्ट के नीचे फिसल गया और दिन में 23,800 तक पहुंच गया।

ब्रोकरेज का कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे बंद होता है, तो अगले कुछ सत्रों में यह 23,500-23,600 तक फिसल सकता है। हालांकि, अगर 23,800 का स्तर बचा रहता है, तो निफ्टी 23,800 से 24,350 के दायरे में कुछ समय तक कारोबार कर सकता है। फिलहाल 24,350 के नीचे बाजार का रुख कमजोर बना हुआ है।

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शेयर बाजारों की 9 जुलाई को कैसी रहेगी चाल? Nifty के लिए ये सबसे अहम लेवल होंगे

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में 8 जुलाई को बीते तीन महीनों में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इस खबर से सेंसेक्स 2.15 फीसदी यानी 1677 अंक गिरकर 76,503 पर बंद हुआ। निफ्टी 2.12 फीसदी यानी 516 अंक फिसलकर 23,882 पर क्लोज हुआ। सवाल है कि 9 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल?

निफ्टी 24000-24150 के सपोर्ट जोन से नीचे

रेलिगेयर ब्रोकिंग में एसवीपी अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी 24000-24,150 के अपने सपोर्ट जोन से नीचे आ गया है। यह अपने प्रमुख मूविंग एवरेजेज से भी नीचे हैं। इससे शॉर्ट टर्म में इसका टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर लगता है। उन्होंने कहा, “अगला सपोर्ट 23,650-23,800 जोन में है। तेजी की स्थिति में निफ्टी को 24,150-24,300 जोन में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा।”

इंडिया वीआईएक्स में 26 फीसदी उछाल

उन्होंने कहा कि इंडिया वीआईएक्स में 26 फीसदी उछाल आया है। यह इस बात का संकेत है कि आगे मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव दिख सकता है। उधर, एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 23,780-23,750 जोन में है। इस लेवल से गिरने के बाद निफ्टी 23,600 के लेवल तक जा सकता है। तेजी की स्थिति में इसके लिए 24.020-24,050 पर रेसिस्टेंस है।

23800 के सपोर्ट लेवल पर होंगी नजरें

एलकेपी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि यह देखना अहम होगा कि निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल को तोड़ता है या नहीं। अगर यह इस लेवल को निर्णायक रूप से तोड़ देता है तो करेक्शन का फेज जारी रह सकता है। इस लेवल से ऊपर बने रहने पर शॉर्ट टर्म में अच्छी रिकवरी दिख सकती है। ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें 9 जुलाई को निफ्टी के लेवल पर होंगी। इस बीच, गिफ्टी निफ्टी में रिकवरी दिखी है। इसका मतलब है कि 9 जुलाई को बाजार में कारोबार की शुरुआत पॉजिटिव रह सकती है।

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बाजार का सेंटिमेंट काफी कमजोर

बुधवार को बाजार के करीब सभी सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला। सबसे ज्यादा गिरावट एफएमसीजी, फाइनेंशियल और बैंकिंग शेयरों पर दिखा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट आई। इससे यह संकेत मिलता है कि अचानक बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हो गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी बाजार में सावधानी बरतना जरूरी है।