Dividend Stocks: इस हफ्ते 7 कंपनियों के शेयरधारक होंगे मालामाल, ₹229 तक मिलेगा डिविडेंड

Dividend Stocks: इस हफ्ते यानी 13 से 17 जुलाई के बीच 7 कंपनियां अपने शेयरहोल्डर्स को मोटा डिविडेंड देने वाली हैं। इनमें MRF, Honeywell, Pfizer, Shree Cement जैसे नाम शामिल हैं। अगर रकम के लिहाज से देखा जाए, तो MRF ने सबसे ज्यादा ₹229 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।

डिविडेंड कंपनी अपने मुनाफे का एक हिस्सा शेयरधारकों में बांटती है। लेकिन इसका फायदा सिर्फ उन्हीं निवेशकों को मिलता है, जिनके नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रिकॉर्ड में होते हैं। इसलिए अगर आप डिविडेंड का लाभ लेना चाहते हैं, तो रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर खरीदना जरूरी है।

इस हफ्ते मिलने वाले 7 बड़े डिविडेंड

कंपनीडिविडेंड (प्रति शेयर)रिकॉर्ड डेट
UTI AMC₹4014 जुलाई 2026
TCS₹12 (अंतरिम)15 जुलाई 2026
MRF₹22917 जुलाई 2026
Honeywell Automation India₹11017 जुलाई 2026
Pfizer₹7517 जुलाई 2026
Shree Cement₹7017 जुलाई 2026
Cummins India₹4617 जुलाई 2026

रिकॉर्ड डेट क्यों है जरूरी?

मान लीजिए किसी कंपनी की रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। ऐसे में सिर्फ 17 जुलाई को शेयर खरीदने से डिविडेंड नहीं मिलेगा। आपको एक्स-डिविडेंड डेट से पहले शेयर खरीदना होगा, ताकि रिकॉर्ड डेट तक शेयर आपके डीमैट अकाउंट में आ जाएं। तभी आप डिविडेंड पाने के हकदार होंगे।

सिर्फ डिविडेंड देखकर निवेश न करें

डिविडेंड मिलना अच्छी बात है, लेकिन सिर्फ उसी के आधार पर शेयर खरीदना सही रणनीति नहीं है। निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, मुनाफे, भविष्य की ग्रोथ और वैल्यूएशन को भी जरूर देखें। कई बार डिविडेंड मिलने के बाद शेयर की कीमत उतनी ही या उससे ज्यादा गिर भी सकती है। इसलिए निवेश का फैसला हमेशा पूरी तस्वीर देखकर ही करें।

अन्य कॉर्पोरेट एक्शन पर भी रहेगी नजर

डिविडेंड के अलावा इस हफ्ते कई दूसरी कॉर्पोरेट गतिविधियां भी निवेशकों के लिए अहम रहेंगी। Indian Toners & Developers अपने शेयरों का स्टॉक स्प्लिट करेगी। कंपनी ₹10 फेस वैल्यू वाले एक शेयर को ₹2 फेस वैल्यू के पांच शेयरों में बांटेगी। वहीं Fredun Pharmaceuticals ने 2:1 बोनस शेयर का ऐलान किया है। यानी हर 1 शेयर पर निवेशकों को 2 नए शेयर मिलेंगे।

इसके अलावा Orbit Exports के शेयर बायबैक के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेंगे। Minolta Finance के शेयर राइट्स इश्यू के लिए एक्स-डेट पर जाएंगे। वहीं JB Chemicals & Pharmaceuticals में अमलगमेशन (विलय) से जुड़ा कॉर्पोरेट एक्शन तय है।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 51% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 51% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Stocks to Buy: शेयर बाजार में गिरावट के बीच कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउस चुनिंदा शेयरों पर बुलिश बने हुए हैं। Goldman Sachs, Jefferies, Citi, Motilal Oswal, JM Financial और CD Research ने 10 कंपनियों के शेयर खरीदने की सलाह दी है। इन स्टॉक्स में मौजूदा स्तर से 51% तक की तेजी की संभावना जताई गई है। आइए जानते हैं किन शेयरों पर एक्सपर्ट्स सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

Cohance Lifesciences

Goldman Sachs ने Cohance Lifesciences पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹500 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव से इसमें करीब 10% की तेजी की संभावना है। हालांकि, CDMO कारोबार की रफ्तार उम्मीद से धीमी रहने के चलते ब्रोकरेज ने FY27-29 के अनुमान घटाए हैं।

TCS

Motilal Oswal ने TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,350 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 15% का संभावित रिटर्न दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही पहली से बेहतर रह सकती है, लेकिन मांग में बड़ी तेजी के संकेत अभी साफ नहीं हैं।

Vedanta Aluminium

Motilal Oswal ने पहली बार Vedanta Aluminium पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग और ₹540 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 20% की तेजी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का कहना है कि डीमर्जर के बाद कंपनी भारत की सबसे बड़ी प्योर-प्ले एल्युमिनियम कंपनी बन गई है।

PN Gadgil Jewellers

Motilal Oswal ने PN Gadgil Jewellers पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹700 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 22% की बढ़त का संकेत देता है। पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 41% बढ़ा, जबकि रिटेल कारोबार 56% उछला।

PB Fintech

Jefferies ने PB Fintech पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹1,950 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 23% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद शेयर अपने मजबूत कमाई के अनुमान के मुकाबले सस्ता नजर आ रहा है।

Dr. Reddy’s Laboratories

JM Financial ने Dr. Reddy’s Laboratories पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,561 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 25% का संभावित तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में नए प्रोडक्ट कंपनी की ग्रोथ को सहारा देंगे, हालांकि सेमाग्लूटाइड की सप्लाई में देरी हुई है।

Piramal Pharma

Goldman Sachs ने Piramal Pharma पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹225 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 27% की तेजी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का टर्नअराउंड जारी है और आने वाले वर्षों में मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।

Eternal

Motilal Oswal ने Eternal पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹380 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव ₹290 के मुकाबले इसमें करीब 31% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि फूड डिलीवरी कारोबार में रिकवरी, क्विक कॉमर्स की तेज ग्रोथ और डिस्ट्रिक्ट बिजनेस के विस्तार से कंपनी की कमाई आने वाले समय में मजबूत रह सकती है।

Balaji Amines

CD Research ने Balaji Amines पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹3,327 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव ₹2,409 के मुकाबले इसमें करीब 38% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का कहना है कि स्पेशियलिटी केमिकल्स की मांग, नए प्रोजेक्ट्स के शुरू होने और बेहतर मार्जिन से आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Kalyan Jewellers

Citi ने Kalyan Jewellers पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹725 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 51% का संभावित रिटर्न दिखाता है। पहली तिमाही में कंपनी की बिक्री 38% बढ़ी और नए स्टोर्स के विस्तार की रफ्तार भी बनी रही।

Stocks to Watch: सोमवार 13 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: 13 जुलाई को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, किन लेवल्स पर रहेगी नजर? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछला कारोबारी हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन आखिर में निफ्टी 50 ने शानदार वापसी की। बुधवार की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को खरीदार फिर लौटे और बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ।

शुक्रवार को निफ्टी 244 अंक चढ़कर 24,206 पर बंद हुआ। इंडेक्स 162 अंकों की बढ़त के साथ खुला और पूरे सत्र में बढ़त बनाए रखी। दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद होने से बाजार में फिर से खरीदारी लौटने के संकेत मिले।

किन शेयरों में हलचल दिखी

निफ्टी 50 में Jio Financial Services, HDFC Life Insurance और Adani Enterprises सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Dr. Reddy’s Laboratories, Eternal और Bharti Airtel सबसे ज्यादा गिरने वालों में शामिल रहे।

रियल्टी, PSU बैंक और आईटी सेक्टर ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं FMCG इकलौता प्रमुख सेक्टर रहा, जो मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में रही तेजी

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बड़े शेयरों से बेहतर रहा। Nifty Midcap 100 1.4% चढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। वहीं Nifty Smallcap 100 1.55% की बढ़त के साथ नए 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर बंद हुआ। इससे साफ है कि निवेशकों की दिलचस्पी सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं है।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है। ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का दावा किया है। इससे वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आता है, तो उसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

नागराज शेट्टी (HDFC Securities) : शेट्टी का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बावजूद निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अब भी सकारात्मक है। उनके मुताबिक आने वाले दिनों में निफ्टी 24,500 से 24,600 के स्तर तक जा सकता है। वहीं 24,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

रूपक डे (LKP Securities) : रूपक डे के अनुसार बाजार में तेजी का रुख अभी कायम है। उनके मुताबिक 24,500 पर पहला बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा।

हितेश राठी (Angel One) : हितेश राठी के मुताबिक 24,000 से 23,930 का दायरा पहला सपोर्ट जोन है। इसके नीचे 23,850 से 23,800 का स्तर मजबूत सहारा देगा। वहीं ऊपर की ओर 24,280 से 24,320 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद 24,480 से 24,540 का स्तर अहम रहेगा।

नंदीश शाह (HDFC Securities) : शाह का कहना है कि पूरे हफ्ते निफ्टी अपने 50-डे सिंपल मूविंग एवरेज यानी 23,829 के ऊपर बना रहा। यह निचले स्तरों पर लगातार खरीदारी का संकेत है। उनके मुताबिक 23,805 का स्तर अहम सपोर्ट और 24,530 का स्तर बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

Bank Nifty Outlook

बैंक निफ्टी ने भी हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया। इंडेक्स गैप-अप खुला और दिन के दूसरे हिस्से में खरीदारी बढ़ने से 1.39% की तेजी के साथ 58,046 पर बंद हुआ।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 58,500 से 58,600 का दायरा पहला बड़ा रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स इसके ऊपर टिकता है तो 59,000 और फिर 59,500 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं नीचे की ओर 57,600 से 57,500 का दायरा अहम सपोर्ट रहेगा।

Stocks to Watch: सोमवार 13 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Reliance Industries Q1 Results: जून तिमाही के नतीजे 17 जुलाई को, Jio Financial 16 जुलाई को रिलीज करेगी डेटा

RIL June Quarter Result: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का बोर्ड 17 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। कंपनी ने शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दे दी है। इस अपडेट के बाद 13 जुलाई से शुरू हो रहे सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर ​मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर रहेगी।

17 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17,71,206.33 करोड़ रुपये या 17.71 लाख करोड़ रुपये है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

Jio Financial Services के नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के जून तिमाही के नतीजे 16 जुलाई को जारी होने वाले हैं। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 272 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले यह 316 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 106 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,019 करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्च 2025 तिमाही में यह 493 करोड़ रुपये था।

RIL और Jio Financial के शेयर की चाल

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 1308.85 रुपये पर बंद हुई। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज केा शेयर शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 241.85 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी में 21 अप्रैल 2026 तक प्रमोटर्स के पास 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 27 प्रतिशत नीचे आया है।

टॉप 10 कंपनियों में से 4 का M-Cap ₹92995 करोड़ बढ़ा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा फायदा

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का ड्राफ्ट हो चुका है जमा

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर चुकी है। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। 19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 49वीं सालाना आम बैठक में जानकारी दी थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने IPO के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। उसी दिन इसे सेबी के पास जमा कर दिया गया। जियो प्लेटफॉर्म्स अपने पब्लिक इश्यू के जरिए करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टॉप 10 कंपनियों में से 4 का M-Cap ₹92995 करोड़ बढ़ा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा फायदा

पिछले सप्ताह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर 92,995.48 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक फायदा HDFC Bank और भारती एयरटेल को हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25 प्रतिशत और निफ्टी 63.95 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, भारती एयरटेल और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में 49,294.13 करोड़ रुपये की गिरावट आई।

सप्ताह के दौरान HDFC Bank का मार्केट कैप सबसे अधिक 35,808.09 करोड़ रुपये बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 34,896.92 करोड़ रुपये बढ़कर 11,98,774.22 करोड़ रुपये, LIC का 16,065.50 करोड़ रुपये बढ़कर 5,60,205.05 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) का मार्केट कैप 6,224.97 करोड़ रुपये बढ़कर 17,71,206.33 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इसके उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 12,088.65 करोड़ रुपये घटकर 5,04,997.65 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह L&T का मार्केट कैप 11,040 .23 करोड़ रुपये घटकर 5,42,938.40 करोड़ रुपये, TCS का 8,574.87 करोड़ रुपये घटकर 7,48,600.40 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 7,813.58 करोड़ रुपये घटकर 6,35,327.78 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 6,315.32 करोड़ रुपये घटकर 10,05,379.71 करोड़ रुपये और SBI का मार्केट कैप 3,461.48 करोड़ रुपये घटकर 9,56,430.44 करोड़ रुपये रह गया।

टॉप 10 कंपनियों में RIL अव्वल

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः HDFC Bank, भारती एयरटेल, ICICI Bank, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, LIC, L&T और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज 17 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। HDFC Bank और ICICI Bank के नतीजे 18 जुलाई को सामने आएंगे। TCS बीते सप्ताह 9 जुलाई को नतीजे जारी कर चुकी है।

FPI ने 4 महीनों बाद की वापसी, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15157 करोड़ के भारतीय शेयर

नए सप्ताह में 15 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर Kusumgar की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 16 जुलाई को Laser Power & Infra के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Devson Catalyst और NSE SME पर Happy Steels के शेयरों के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

न म्यूचुअल फंड, न शेयर… 50 लाख कमाने वाला प्रोफेशनल आखिर कहां लगा रहा पैसा

आज के दौर में अच्छी सैलरी मिलने पर ज्यादातर लोग अपनी बचत को शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या SIP के जरिए बढ़ाने की कोशिश करते हैं। इसे लंबे समय में संपत्ति बनाने का सबसे लोकप्रिय तरीका माना जाता है। लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आई एक कहानी ने इस सोच को नई बहस में बदल दिया है। 50 लाख रुपये सालाना कमाने वाले एक प्रोफेशनल ने पारंपरिक निवेश के बजाय अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खुद का कारोबार खड़ा करने में लगाने का फैसला किया। उसकी यह रणनीति अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई है।

कुछ लोग इसे भविष्य के लिए साहसिक और समझदारी भरा कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि शेयर बाजार की कंपाउंडिंग ताकत को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।

आधी सैलरी, आधे कंपनी के शेयर

X पर राम नाम के एक यूजर ने अपने दोस्त की फाइनेंशियल प्लानिंग शेयर की। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त का सालाना CTC 50 लाख रुपये है। इसमें 25 लाख रुपये सैलरी के रूप में मिलते हैं, जबकि बाकी 25 लाख रुपये कंपनी के शेयर हैं, जो चार साल में धीरे-धीरे मिलते हैं।

SIP छोड़ बिजनेस पर लगाया दांव

राम के मुताबिक, उनके दोस्त ने अतिरिक्त पैसे को म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में लगाने के बजाय अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला किया। पिछले साल उसने बैग्स का कारोबार शुरू किया और इस साल पुरुषों के कपड़ों का बिजनेस भी लॉन्च कर दिया।

हालांकि, वह पूरी तरह पारंपरिक निवेश से दूर नहीं है। वह PPF में निवेश करता है और हर साल करीब 1.2 लाख रुपये का LIC प्रीमियम भी भरता है। लेकिन उसका सबसे बड़ा फोकस अपने कारोबार को आगे बढ़ाने पर है।

SIP या अपना बिजनेस?

राम ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि क्या उनका दोस्त शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में मिलने वाले लंबे समय के कंपाउंडिंग रिटर्न से चूक रहा है? या फिर अपना सफल बिजनेस खड़ा करना भविष्य में इससे भी बड़ा फायदा दे सकता है?

यही सवाल सोशल मीडिया पर बहस की वजह बन गया।

लोगों ने क्या दी राय?

कई यूजर्स का मानना था कि निवेश और बिजनेस, दोनों के बीच संतुलन बनाकर चलना सबसे अच्छा तरीका है। उनका कहना था कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहता है, जबकि अपने बिजनेस में फैसलों पर खुद का नियंत्रण होता है।

वहीं कुछ लोगों ने कहा कि अगर किसी को अपने बिजनेस और उसकी संभावनाओं पर भरोसा है, तो अपने काम में निवेश करना ज्यादा समझदारी हो सकती है। उनका मानना है कि जब व्यक्ति खुद अपने कारोबार को संभालता है, तो उसके पास बेहतर फैसले लेने और मुनाफा बढ़ाने का मौका होता है।

4 दोस्तों ने रातभर की शराब पार्टी, भारी नशे के बाद एक की हो गई मौत फिर कोर्ट ने बाकी 3 को सुनाई अजब सजा

FPI ने 4 महीनों बाद की वापसी, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15157 करोड़ के भारतीय शेयर

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार 4 महीने तक बिकवाली करने के बाद जुलाई में बायर नजर आ रहे हैं। इस महीने में अब तक उन्होंने भारतीय शेयरों में 15,157 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध निवेश किया है। बेहतर होते घरेलू व्यापक आर्थिक संकेतकों, रुपये की स्थिरता और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती धारणा से यह रुझान देखने को मिला है। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले FPI ने जून में भारतीय शेयरों से 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मार्च में 1.17 लाख करोड़ रुपये निकाले थे।

इस बिकवाली के दौर से पहले फरवरी में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। साल 2026 में अब तक FPI भारतीय शेयरों से कुल 2.60 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। पिछले साल की समान अवधि में उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी की थी।

एक्सपर्ट्स का क्या है मानना

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मॉर्निंगस्टार इनवेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल मैनेजर (रिसर्च) हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि जुलाई में FPI की वापसी वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति, भू-राजनीतिक तनाव कम होने से ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंता घटने और भारत की मजबूत व्यापक आर्थिक स्थिति पर बढ़े भरोसे का नतीजा है।

जियोजीत इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार का कहना है कि घरेलू व्यापक आर्थिक स्थिति में सुधार और रुपये की स्थिरता ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।सेमीकंडक्टर कारोबार में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में FPI की बिकवाली के कारण निवेश का एक हिस्सा भारत की ओर आया है। इसके साथ ही श्रीवास्तव ने आगाह किया कि भले ही जुलाई में FPI के निवेश की यह मजबूत वापसी उत्साहजनक है, लेकिन आगे उनका रुख वैश्विक परिस्थितियों और भारत की घरेलू आर्थिक वृद्धि की मजबूती पर निर्भर करेगा।

अप्रैल के हाई पर पहुंचने के लिए Nifty को तोड़नी होगी 24500-24550 की दीवार, नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं मोटी कमाई

बॉन्ड मार्केट में कितना निवेश

भारत के डेट या बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेशकों की रुचि बनी हुई है। जुलाई में अब तक FPI ने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत डेट सिक्योरिटीज में 6,625 करोड़ रुपये और जनरल रूट से 3,228 करोड़ रुपये का निवेश किया।

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Gold Price Outlook: सोना अभी खरीदे या थोड़ा और रुकें? एक्सपर्ट्स ने बताया दिवाली तक का ये टारगेट

Gold Price Diwali Target Outlook: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता और महंगाई का डर एक बार फिर बढ़ गया है। इस तनाव के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक एक बार फिर बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,000 प्रति औंस के करीब पहुंच गया है, वहीं घरेलू बाजार में सोने की कीमतें फिलहाल ₹1.40 लाख से ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशक और आम खरीदार असमंजस में हैं कि अभी सोना खरीदना चाहिए या नहीं। आइए समझते हैं कि दिवाली तक सोने की चाल कैसी रह सकती है।

क्या सोने की कीमतों में आएगी बड़ी गिरावट?

बाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने की कीमतों में किसी बड़ी या भारी गिरावट की उम्मीद बहुत कम है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोना मौजूदा स्तरों पर अपना एक मजबूत आधार बना चुका है। अगर यहां से कीमतों में कोई गिरावट आती भी है, तो वह महज 5% तक ही सीमित रहने की संभावना है। घरेलू बाजार में सोने को ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बेहद मजबूत सपोर्ट पर है। इसलिए ग्राहकों को बहुत ज्यादा दाम गिरने की उम्मीद में अपनी खरीदारी को टालना नहीं चाहिए।

क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?

सोने की मौजूदा तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:

भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच गहराते विवाद ने निवेशकों को शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी जगहों से निकालकर सोने की तरफ आकर्षित किया है।

कच्चा तेल और महंगाई: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर में महंगाई की चिंता को दोबारा हवा दे दी है, जिससे हेजिंग के लिए सोने की मांग बढ़ी है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व: अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रही है।

दिवाली तक कहां पहुंच सकता है सोना?

दिवाली पर सोने के भाव को लेकर विश्लेषकों ने दो तरह की संभावनाएं जताई हैं:

पहली स्थिति: अगर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और स्थितियां सामान्य होती हैं, तो घरेलू बाजार में सोने की कीमतें छलांग लगाते हुए ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा सकती हैं।

दूसरी स्थिति: अगर तनाव और अनिश्चितता का माहौल आगे भी बरकरार रहता है, तो सोने के दाम ₹1.35 लाख से ₹1.45 लाख के सीमित दायरे में ही बने रहेंगे।

ग्लोबल टारगेट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को $3,800 पर मजबूत सपोर्ट है, जबकि लंबी अवधि के लिए $5,100 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ज्वैलरी मार्केट में लौटी रौनक, खरीदारी का अच्छा मौका

सोने की कीमतों में आई हालिया मामूली गिरावट ने ज्वैलरी बाजार में ग्राहकों की डिमांड को फिर से जिंदा कर दिया है। जब कीमतें अपने रिकॉर्ड हाई पर थीं, तब बिक्री में भारी गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब इसमें सुधार हो रहा है। अगस्त और सितंबर से शुरू होने वाले आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए सर्राफा कारोबारियों को उम्मीद है कि इस साल दिवाली पर सोने की मांग पिछले साल के मुकाबले बेहतर या उसके बराबर रह सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE दुनिया के 30 से ज्यादा इनवेस्टर्स को इस महीने अपने आईपीओ के बारे में बताएगा

एनएसई इस महीने दुनिया के 30 से ज्यादा बड़े इनवेस्टर्स को अपने आईपीओ के बारे में जानकारी देगी। एक्सचेंज ने पिछले महीने सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए थे। इस साल दो बड़े मेगा आईपीओ बाजार में आने वाले हैं। एनएसई के अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स का भी आईपीओ आने वाला है। ये दोनों ही बड़े आईपीओ होंगे।

एनएसई के आईपीओ के बारे में जानकारी देने वाले सूत्रों ने बताया कि अगले हफ्ते इनवेस्टर मीटिंग्स शुरू हो जाने की उम्मीद है। एक्सचेंज के शेयरों की लिस्टिंग अक्तूबर में हो जाने की उम्मीद है। इस बारे में पूछने पर एनएसई के प्रवक्ता ने कहा कि एक्सचेंज ने रेगुलेटर के पास पेपर फाइल कर दिए हैं। इस वक्त इस बारे में इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती।

रायटर्स ने पिछले महीने अपने सूत्रों और प्राइवेट मार्केट ट्रेड्स के हवाले से बताया था कि एनएसई का आईपीओ 3.3 अरब डॉलर का हो सकता है। एनएसई के मौजूदा शेयरहोल्डर्स आईपीओ में करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। भारत के दूसरे बड़े एक्सचेंज BSE का आईपीओ 2017 में आया था। लिस्टिंग के बाद से बीएसई के शेयर की कीमत 30 गुना से ज्यादा हो गई है।

बीएसई का मुकाबला एनएसई से है। बीते कुछ सालों में बीएसई के प्रदर्शन में सुधार दिखा है। FY26 में इसकी रेवेन्यू ग्रोथ 88 फीसदी रही। एनएसई के रेवेन्यू में इस दौरान 3 फीसदी की गिरावट आई। इसमें डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के सेबी के सख्त नियमों का ब़ड़ा हाथ है। हालांकि, एनएसई का रेवेन्यू बीएसई का करीब छह गुना है।

NSE इनवेस्टर्स को अपने संभावित प्रदर्शन के बारे में बताएगा। वह इनवेस्टर्स को बताएगा कि अगले पांच सालों में कैश इक्विटीज और इक्विटीज फ्यूचर्स की सालाना टर्नओवर ग्रोथ 12 फीसदी रह सकती है। इक्विटी ऑप्शंस की ग्रोथ अगले पांच सालों में सालाना 10 फीसदी रह सकती है। अभी इक्विटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग में एनएसई की हिस्सेदारी 100 फीसदी है। कैश मार्केट में हिस्सेदारी 93 फीसदी है और इक्विटी ऑप्शंस में 75 फीसदी है।

एनएसई ने कहा है कि भारत में शेयर बाजार तक लोगों की पहुंच अभी विकसित देशों के मुकाबले बहुत कम है। इसलिए शेयर ट्रेडिंग का वॉल्यूम बढ़ने की काफी ज्यादा संभावना है। एनएसई को करेंसी डेरिवेटिव्स मार्केट में भी अपनी ग्रोथ 15 फीसदी रहने की उम्मीद है। एनएसई का सीनियर मैनेजमेंट अगले हफ्ते से संस्थागत निवेशकों से मुलाकात का सिलसिला शुरू करेगा। मैनेजमेंट सिंगापुर, मलेशिया, हांगकांग इस महीने के अंत तक रोडशो कर सकता है।

एक साल में ₹1 लाख को बना दिया ₹10 लाख! AI या डिफेंस नहीं, कंडोम बनाने वाली इस कंपनी ने किया कमाल

Cupid Share Price Multibagger Return: शेयर बाजार में पिछले एक साल से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिफेंस सेक्टर के शेयरों की धूम है। लेकिन इन सबके बीच मार्केट का सबसे बड़ा वेल्थ क्रिएटर एक ऐसे बिजनेस से निकलकर आया है जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था।

मेल और फीमेल कंडोम, ल्यूब्रिकेंट्स और डायग्नोस्टिक उत्पाद बनाने वाली स्मॉलकैप कंपनी क्यूपिड लिमिटेड (Cupid Ltd) के शेयरों ने पिछले एक साल में निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न देकर निवेशकों को मालामाल कर दिया है। पिछले एक साल में इस शेयर ने 866% से ज्यादा की तूफानी तेजी दिखाई है। आइए जानते हैं कि कैसे इस स्मॉलकैप शेयर ने बाजार में गदर मचाया है और इसके पीछे की वजह क्या है।

1 साल का जादुई रिटर्न: ₹1 लाख बन गए ₹9.7 लाख

क्यूपिड लिमिटेड के शेयरों की रफ्तार पिछले कुछ महीनों से लगातार तेज है:

1 साल का रिटर्न: एक साल पहले जिन निवेशकों ने इस शेयर में ₹1 लाख लगाए थे, उनकी वैल्यू आज बढ़कर करीब ₹9.7 लाख हो चुकी है।

शॉर्ट टर्म का रिटर्न: पिछले 6 महीने में यह शेयर 145%, पिछले 3 महीने में 128% और महज पिछले एक महीने में 40% से ज्यादा चढ़ चुका है।

मार्केट कैप: 10 जुलाई को क्यूपिड के शेयर ₹212.24 पर बंद हुए, जिससे कंपनी का कुल मार्केट कैप बढ़कर करीब ₹28,500 करोड़ पर पहुंच गया है।

क्यों भाग रहा है शेयर? मुनाफे में आया बंपर उछाल

बाजार में कई स्मॉलकैप शेयर बिना किसी ठोस वजह के सिर्फ हवा में भागते हैं, लेकिन क्यूपिड के साथ ऐसा नहीं है। इस शेयर की तेजी को कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजों का पूरा सपोर्ट मिला है:

सालाना प्रदर्शन (FY26): वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू दोगुने से अधिक बढ़कर ₹391 करोड़ हो गया, जो इससे पिछले साल ₹183 करोड़ था।

नेट प्रॉफिट में उछाल: कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹41 करोड़ से बढ़कर सीधे ₹108 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, ऑपरेटिंग मार्जिन भी सुधरकर 38% हो गया।

मार्च तिमाही के नतीजे: मार्च तिमाही में सालाना आधार पर रेवेन्यू 116% बढ़कर ₹132 करोड़ और नेट प्रॉफिट 214% बढ़कर ₹36 करोड़ से ज्यादा रहा, जो कंपनी के इतिहास की सबसे बेहतरीन तिमाहियों में से एक है।

मैनेजमेंट का भरोसा: रेवेन्यू गाइडेंस में बड़ी बढ़ोतरी

जून तिमाही के लिए कंपनी द्वारा जारी किए गए मजबूत बिजनेस अपडेट ने इस शेयर में रॉकेट जैसी तेजी ला दी है:

Q1 FY27 का अनुमान: मैनेजमेंट को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) में रेवेन्यू ₹150 करोड़ के पार निकल जाएगा।

पूरे साल का टारगेट बढ़ाया: कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस को ₹600 करोड़ से बढ़ाकर ₹660 करोड़ से अधिक कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती मांग, घरेलू प्राइवेट सेक्टर की डिमांड, सरकारी खरीद और PFSCM के साथ हुई रणनीतिक साझेदारी के दम पर कंपनी को आने वाले दिनों में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद है।

सिर्फ कंडोम नहीं, डायग्नोस्टिक्स में भी जलवा

क्यूपिड को भले ही लोग कंडोम बनाने वाली कंपनी के रूप में जानते हैं, लेकिन अब इसका दायरा काफी बड़ा हो चुका है। कंपनी कंडोम और वाटर-बेस्ड ल्यूब्रिकेंट्स के अलावा पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स और इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स (IVD) किट्स भी बनाती है।

क्यूपिड दुनिया की पहली ऐसी कंपनी है जिसे पुरुष और महिला दोनों कंडोम की सप्लाई के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) से प्री-क्वालिफिकेशन मिला हुआ है। इसी वजह से यह कंपनी वैश्विक स्तर पर बड़े-बड़े हेल्थकेयर टेंडर्स में आसानी से हिस्सा ले पाती है।

रिटेल निवेशकों की भीड़, लेकिन वैल्यूएशन बहुत महंगा

कंपनी के शानदार प्रदर्शन को देखकर रिटेल निवेशक इस शेयर पर टूट पड़े हैं। मार्च 2026 तक कंपनी के शेयरधारकों की संख्या बढ़कर 2.09 लाख के पार पहुंच गई है, जो तीन साल पहले महज 26,000 थी। कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 46% है।

एक्सपर्ट नोट- दे रही छप्परफाड़ रिटर्न लेकिन सावधानी है जरूरी

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, क्यूपिड कंपनी के फंडामेंटल्स बेहद मजबूत हैं, लेकिन इस भारी तेजी के कारण शेयर का वैल्यूएशन काफी महंगा हो गया है। क्यूपिड का शेयर फिलहाल अपनी कमाई के मुकाबले 264 के पीई मल्टीपल और बुक वैल्यू के 63 गुना से अधिक पर ट्रेड कर रहा है, जो एफएमसीजी सेक्टर की अन्य कंपनियों से काफी ज्यादा है। इसका मतलब है कि निवेशकों ने भविष्य की बड़ी ग्रोथ को पहले से ही इस कीमत में शामिल कर लिया है, इसलिए नए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।