Nifty Outlook for 6 July: 24600 तक जाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए अहम लेवल्स

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को निफ्टी ने बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। बाजार गैप-अप खुला, लेकिन पूरे दिन 24,370-24,380 के दायरे में फंसा रहा। इसी स्तर पर बिकवाली हावी रही और बाजार आगे नहीं बढ़ सका। निफ्टी 95 अंक यानी 0.39% की बढ़त के साथ 24,271 पर बंद हुआ।

पूरे हफ्ते कैसा रहा बाजार?

शुक्रवार की तेजी के साथ निफ्टी ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। इस वजह से इंडेक्स पिछले 10 हफ्तों के सबसे ऊंचे वीकली क्लोजिंग पर बंद हुआ।

हफ्ते की शुरुआत कमजोर रही थी। शुरुआती दिनों में बाजार पर बिकवाली का दबाव था। लेकिन अहम सपोर्ट लेवल से शानदार वापसी हुई। इसके बाद लगातार तीन दिन तेजी देखने को मिली। पूरे हफ्ते में निफ्टी करीब 0.90% चढ़ा।

सेक्टर का हाल कैसा रहा

इस हफ्ते निफ्टी रियल्टी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर में अच्छी तेजी देखने को मिली। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे कमजोर सेक्टर रहा। निफ्टी एनर्जी इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में क्या हुआ?

हालिया तेजी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने ‘बेयरिश एंगल्फिंग’ कैंडल बनाई। इसे निकट अवधि की कमजोरी का संकेत माना जाता है। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया और लगभग सपाट बंद हुआ।

हालांकि, अच्छी बात यह है कि दोनों इंडेक्स अब भी अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि का तेजी का ट्रेंड अभी कायम है।

अगले हफ्ते के अहम फैक्टर

अगले हफ्ते बाजार की नजर कई अहम फैक्टर्स पर रहेगी। वैश्विक संकेत अगर सकारात्मक रहे तो तेजी बनी रह सकती है। इसके अलावा कंपनियों के जून तिमाही के बिजनेस अपडेट भी शेयरों में हलचल बढ़ा सकते हैं।

निवेशक मानसून की प्रगति पर भी नजर रखेंगे। जून में बारिश सामान्य से 40% कम रही थी। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जुलाई में सामान्य का 94% बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं, पूरे 2026 के मानसून का अनुमान घटाकर 90% कर दिया गया है। इसकी वजह एल नीनो को बताया गया है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का मानना है कि बाजार में चल रही कंसोलिडेशन जल्द खत्म हो सकती है। इसके बाद निफ्टी में नई तेजी देखने को मिल सकती है। उनके मुताबिक, अगले हफ्ते निफ्टी 24,600 तक पहुंच सकता है। वहीं, 24,050 का स्तर अहम सपोर्ट रहेगा।

Centrum Finverse के निलेश जैन का कहना है कि निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर मजबूती से टिक गया है। यही इसका 100-डे मूविंग एवरेज भी है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तो यह धीरे-धीरे 24,550 तक जा सकता है।

LKP Securities के रूपक डे भी बाजार को लेकर सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि निफ्टी पहले 24,500 तक जा सकता है और उसके बाद इससे ऊपर भी निकल सकता है। उन्होंने 24,200 को पहला और 24,000 को मजबूत सपोर्ट बताया है।

बैंक निफ्टी पर राय

बैंक निफ्टी पूरे हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। जून में आई तेज तेजी के बाद अब इंडेक्स में कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। बुधवार को अच्छी तेजी आई थी, लेकिन बाकी दिनों में कारोबार सुस्त रहा। पूरे हफ्ते में बैंक निफ्टी 0.41% गिरकर 58,000 के नीचे बंद हुआ।

Angel One के राजेश भोसले का कहना है कि बैंक निफ्टी फिलहाल समय के हिसाब से करेक्शन के दौर में है। हालांकि, बड़ी तस्वीर अब भी सकारात्मक है क्योंकि इंडेक्स अप्रैल के ब्रेकआउट लेवल 57,500 के ऊपर बना हुआ है।

उनका मानना है कि 57,000-56,500 का दायरा मजबूत सपोर्ट देगा। वहीं, अगर बैंक निफ्टी 58,500-58,800 के ऊपर टिकता है, तो तेजी का अगला चरण शुरू हो सकता है।

Dividend Stocks: टाइटन से नेस्ले तक… इस हफ्ते 45 कंपनियां देंगी ₹75 तक का डिविडेंड, चेक करें पूरी लिस्ट

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dividend Stocks: टाइटन से नेस्ले तक… इस हफ्ते 45 कंपनियां देंगी ₹75 तक का डिविडेंड, चेक करें पूरी लिस्ट

Dividend Stocks: अगले हफ्ते यानी 6 से 10 जुलाई के बीच शेयर बाजार में कई कंपनियों के कॉरपोरेट एक्शन पर निवेशकों की नजर रहेगी। कई बड़ी कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड (Ex-Dividend) पर ट्रेड करेंगे। अगर आप डिविडेंड का फायदा उठाना चाहते हैं, तो एक्स-डेट से पहले शेयर खरीदना होगा। तभी आप कंपनी की ओर से घोषित डिविडेंड पाने के हकदार होंगे।

सिर्फ डिविडेंड ही नहीं, अगले हफ्ते कुछ कंपनियों के शेयर बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट के लिए भी एक्स-डेट पर ट्रेड करेंगे। ऐसे में यह हफ्ता निवेशकों के लिए काफी अहम रहने वाला है।

6 जुलाई को किन शेयरों पर रहेगा फोकस?

6 जुलाई को चार कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे। DCM Shriram International अपने निवेशकों को 0.40 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। DJ Mediaprint & Logistics ने 0.15 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

वहीं, Pilani Investment and Industries Corporation 9 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देगी। Sundaram Finance ने 24 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

7 जुलाई को इन कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड

7 जुलाई को पांच कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड पर ट्रेड करेंगे। Cera Sanitaryware ने 75 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है। Dodla Dairy और Sun Pharmaceutical Industries दोनों 5-5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देंगी।

वहीं, JSW Steel ने 7.10 रुपये प्रति शेयर और LKP Securities ने 0.20 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

8 जुलाई को किन स्टॉक्स में मिलेगा डिविडेंड?

8 जुलाई को छह कंपनियां एक्स-डिविडेंड होंगी। इनमें Bliss GVS Pharma 1 रुपये, Hannah Joseph Hospital 2 रुपये, Kesar Terminals & Infrastructure 1.25 रुपये और Morarka Finance 1.50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देगी।

वहीं, Mphasis ने 62 रुपये प्रति शेयर और United Spirits ने 11 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।

9 जुलाई को इन शेयरों पर रहेगी नजर

9 जुलाई को चार कंपनियां एक्स-डिविडेंड होंगी। Harsha Engineers International 1.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। RPG Life Sciences ने 24 रुपये प्रति शेयर, Sheela Foam ने 1 रुपये प्रति शेयर और Titan Company ने 15 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।

10 जुलाई को सबसे ज्यादा कंपनियां

10 जुलाई इस हफ्ते का सबसे व्यस्त दिन रहेगा। इस दिन 25 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड पर ट्रेड करेंगे। इनमें Apollo Tyres, Axis Bank, Birlasoft, CAMS, D-Link (India), Dr Reddy’s Laboratories, Geojit Financial, Hindalco, JK Cement, JSW Cement, Mahindra Logistics, Nestle India और Sobha जैसी कंपनियां शामिल हैं।

इन कंपनियों में D-Link (India) ने 20 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड और 7.50 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है। Nestle India अपने निवेशकों को 5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल और 2 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड देगी।

इसके अलावा Axis Bank 1 रुपये, Hindalco Industries 5 रुपये, JK Cement 20 रुपये, Apollo Tyres 2.50 रुपये और Dr Reddy’s Laboratories 8 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देगी।

बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट भी होंगे

अगले हफ्ते चार कंपनियों में बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट भी होने वाला है। Gujarat Inject Kerala का शेयर 8 जुलाई को 10 रुपये फेस वैल्यू से 1 रुपये फेस वैल्यू में स्टॉक स्प्लिट होगा। Goldiam International 10 जुलाई को 1:3 बोनस इश्यू के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेगी।

वहीं, Hindusthan Insulators & Industries ने 2:1 बोनस इश्यू का ऐलान किया है। Mangalam Worldwide का शेयर भी 10 जुलाई को 10 रुपये फेस वैल्यू से 1 रुपये फेस वैल्यू में स्टॉक स्प्लिट होगा।

निवेशकों के लिए क्या है जरूरी?

अगर आप डिविडेंड, बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट का फायदा उठाना चाहते हैं, तो संबंधित कंपनी के शेयर एक्स-डेट से पहले खरीदने होंगे। साथ ही, कंपनी की ओर से तय रिकॉर्ड डेट का भी ध्यान रखना जरूरी है। रिकॉर्ड डेट पर जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वही डिविडेंड, बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट का लाभ पाने के पात्र होंगे।

IT Stocks: चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने आईटी कंपनियों की रेटिंग-टारगेट घटाए, कहा- रिकवरी में लग सकता है वक्त

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Stocks: चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने आईटी कंपनियों की रेटिंग-टारगेट घटाए, कहा- रिकवरी में लग सकता है वक्त

IT Stocks: ब्रोकरेज फर्म Choice Institutional Equities का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक और कमजोर तिमाही साबित हो सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मांग में सुधार नहीं दिख रहा। उल्टा हालात और बिगड़े हैं। इससे साफ है कि जिस रिकवरी की उम्मीद थी, वह अब और आगे खिसक गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है। कंपनियां नए फैसले लेने में समय लगा रही हैं। AI की वजह से प्रोडक्टिविटी बढ़ी है, लेकिन इसका असर रेवेन्यू पर दबाव के रूप में दिख रहा है। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। इन सब वजहों से कंपनियां गैरजरूरी (Discretionary) खर्च कम कर रही हैं। इसका असर पूरे आईटी सेक्टर की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

लार्जकैप और मिडकैप पर अनुमान

ब्रोकरेज का मानना है कि बड़ी आईटी कंपनियों की कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) ग्रोथ तिमाही आधार पर सपाट रह सकती है। कुछ कंपनियों में हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है।

वहीं, मिडकैप आईटी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसकी वजह नए डील्स का शुरू होना और बाजार हिस्सेदारी बढ़ना है।

कमाई के अनुमान में कटौती

Choice Institutional Equities का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही की ग्रोथ पूरे साल के गाइडेंस के हिसाब से कमजोर दिख रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कई कंपनियां अपने गाइडेंस में बदलाव कर सकती हैं। कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

इसी वजह से ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए पूरे आईटी सेक्टर की कमाई के अनुमान में 0.1% से 16.7% तक की कटौती की है। साथ ही, कई कंपनियों के टारगेट प्राइस और वैल्यूएशन में भी 0% से 21.6% तक की कमी की गई है। इसकी वजह कमजोर मांग, AI की वजह से रेवेन्यू पर दबाव और बढ़ता एग्जीक्यूशन रिस्क है।

क्या अब आईटी शेयरों में खरीदारी का मौका है?

ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी शेयरों में पहले ही अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है। इसलिए अब नीचे जाने की गुंजाइश सीमित दिखती है। हालांकि, सेक्टर में दोबारा तेज तेजी तभी आएगी, जब मांग में सुधार दिखे। कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ तेज हो। साथ ही, GenAI से सिर्फ लागत घटाने के बजाय कमाई बढ़ने के भी साफ संकेत मिलें।

HCLTech : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने HCLTech की रेटिंग ‘Add’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी है। हालांकि, टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से घटाकर 1,410 रुपये कर दिया गया है।

Mphasis : इसकी रेटिंग ‘Buy’ से घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 2,520 रुपये रखा गया है।

Persistent Systems : ब्रोकरेज ने Persistent Systems की रेटिंग घटाकर ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 5,010 रुपये तय किया गया है।

Tech Mahindra : महिंद्रा ग्रुप की आईटी कंपनी की रेटिंग भी घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। ब्रोकरेज ने शेयर का नया टारगेट प्राइस 1,600 रुपये रखा है।

Zensar Technologies : ब्रोकरेज ने Zensar Technologies की रेटिंग भी ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 560 रुपये तय किया गया है।

TCS : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने टाटा ग्रुप की आईटी TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 2,625 रुपये कर दिया गया है।

Infosys : इस आईटी कंपनी पर भी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी गई है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटाकर 1,360 रुपये कर दिया है।

Happiest Minds : इस पर ब्रोकिंग फर्म ने ‘Buy’ रेटिंग कायम रखी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 440 रुपये कर दिया गया है।

Coforge : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने Coforge पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का टारगेट प्राइस 1,900 रुपये पर कायम रखा गया है।

Wipro : ब्रोकरेज ने Wipro पर ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 185 रुपये कर दिया गया है।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 43% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 43% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Stocks to Buy: ब्रोकरेज हाउसेज ने 10 शेयरों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनके लिए 14% से 43% तक के संभावित अपसाइड का अनुमान लगाया गया है। मजबूत बिजनेस आउटलुक, कमाई में सुधार और ग्रोथ की उम्मीद के दम पर इन शेयरों को लेकर ब्रोकरेज का नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

DLF

ब्रोकरेज Motilal Oswal ने DLF पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 775 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। निवेशकों को यहां करीब 14% तक का रिटर्न मिल सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि कमर्शियल पोर्टफोलियो से मिलने वाली नियमित आय अगले पांच साल तक ग्रोथ का बड़ा आधार रहेगी। रेजिडेंशियल लॉन्च और मजबूत कलेक्शन से कैश फ्लो भी बेहतर रहेगा।

Hindustan Zinc

Emkay Global ने Hindustan Zinc पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 625 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर में 17% से ज्यादा की बढ़त की संभावना जताई गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि डिमर्जर के बाद कंपनी समूह की वित्तीय और परिचालन मजबूती का अहम आधार बनेगी। रेवेन्यू और EBITDA में इसका सबसे बड़ा योगदान रहने की उम्मीद है।

Dixon Technologies

Investec ने Dixon Technologies पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 14,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यानी शेयर में करीब 17% तक का उछाल आ सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि Vivo के साथ प्रस्तावित जॉइंट वेंचर को मंजूरी मिलने से पहले भी मोबाइल फोन का वॉल्यूम मजबूत रहेगा। एक्सपोर्ट, बैकवर्ड इंटीग्रेशन और नए बिजनेस से भी कमाई बढ़ने की उम्मीद है।

Coforge

ब्रोकरेज फर्म Bank of America ने Coforge पर पहली बार कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने 1,725 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। इस हिसाब से शेयर में करीब 18% तक की बढ़त देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज का मानना है कि बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, सरकारी और ट्रैवल सेक्टर से मजबूत ऑर्डर मिल रहे हैं। इससे वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी की ऑर्गेनिक रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Lodha Developers

Motilal Oswal ने Lodha Developers पर ‘Buy’ रेटिंग दोहराई है। ब्रोकरेज ने 1,285 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। यह शेयर करीब 21% तक का रिटर्न दे सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि नए प्रोजेक्ट लॉन्च, मजबूत एक्सीक्यूशन और लगातार बिजनेस विस्तार से कंपनी अपनी बढ़त बनाए रखेगी। ऑपरेटिंग कैश फ्लो और रेंटल कारोबार का विस्तार भी कमाई को सहारा देगा।

Bharti Airtel

Nomura ने Bharti Airtel को टेलीकॉम सेक्टर में अपनी टॉप पसंद बताया है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस 2,220 रुपये से बढ़ाकर 2,355 रुपये कर दिया है। ‘Buy’ रेटिंग भी बरकरार रखी गई है। इस हिसाब से शेयर में करीब 24% तक का अपसाइड मिल सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि 5G रोलआउट अब लगभग पूरा हो चुका है। इससे पूंजीगत खर्च कम होगा। फ्री कैश फ्लो बढ़ेगा और आने वाले वर्षों में कर्ज भी तेजी से घट सकता है।

MCX

Jefferies ने MCX पर पहली बार कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने 3,600 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। ब्रोकरेज को शेयर में करीब 28% तक की छलांग की उम्मीद है।

ब्रोकरेज का मानना है कि भारत का कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजार अभी शुरुआती दौर में है। कम पैठ की वजह से आने वाले वर्षों में MCX के लिए ग्रोथ की बड़ी गुंजाइश है।

United Spirits

Antique ने United Spirits पर ‘Buy’ रेटिंग दोहराई है। ब्रोकरेज ने 1,791 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव से शेयर करीब 29% तक चढ़ सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि तमिलनाडु में डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में बदलाव का फायदा कंपनी को मिलेगा। इससे राष्ट्रीय ब्रांडों की पहुंच बढ़ेगी। प्रीमियम पोर्टफोलियो की बिक्री को भी सहारा मिलेगा।

RBL Bank

ब्रोकरेज Nuvama ने RBL Bank पर ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने 470 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। इस टारगेट के आधार पर शेयर में करीब 30% की तेजी देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक कॉरपोरेट लोन, माइक्रोफाइनेंस और क्रेडिट कार्ड कारोबार की चुनौतियों से काफी हद तक उबर चुका है। Emirates NBD के 26,000 करोड़ रुपये के निवेश से बैंक की पूंजी स्थिति भी मजबूत हुई है।

Jubilant Ingrevia

ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने Jubilant Ingrevia पर ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 975 रुपये रखा है। मौजूदा भाव 680.95 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 43% तक की बढ़त देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 कंपनी के लिए टर्नअराउंड वाला साल साबित हो सकता है। भरूच प्लांट में EBITDA बेहतर होने की उम्मीद है। 6.6 करोड़ डॉलर के कर्ज को कम करने की योजना से बैलेंस शीट मजबूत होगी और वित्तीय जोखिम घटेगा।

Stocks to Watch: सोमवार 6 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 23 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हेल्थकेयर और छोटी एनबीएफसी स्टॉक्स में निवेश से होगा फायदा, एक्सपर्ट प्रंशात खेमका की सलाह

शेयर बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव हो रहा है। व्हाइटओक कैपिटल ग्रुप के फाउंडर प्रशात खेमका का कहना है कि इनवेस्टर्स को अभी अच्छी क्वालिटी वाली कंपनियों के शेयरों पर फोकस करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि व्हाइटओक खुद लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में ऐलोकेशन बदलने की जगह सिर्फ उन बिजनेसेज की पहचान पर फोकस करती है, जिनका प्रदर्शन लगातार बेहतर रह सकता है।

लंबे समय तक चढ़ने के बाद अब एआई स्टॉक्स पर दबाव

उनका मानना है कि अलग-अलग मार्केटकैप वाले शेयरों का प्रदर्शन साइकिल में अलग-अलग समय पर अच्छा रहता है। इसलिए उन शेयरों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है जिनमें हमेशा बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चढ़ने के बाद अब AI से जुड़े शेयरों पर दबाव दिख रहा है।

एआई शेयरों में निवेश घटने पर भारत का फायदा

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में आर्टफिशियल इंटेलिजेंस शेयरों को लेकर सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। फिर भी, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह ट्रेंड जारी रहेगा। भारत को तब फायदा हुआ है, जब दुनिया में इनवेस्टर्स ने एआई से जुड़ी कंपनियों में अपने निवेश घटाए हैं। हाल में दक्षिण कोरिया के बाजारों में बड़ी गिरावट दिखी। इसमें चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट का बड़ा हाथ था।

लंबी अवधि के लिहाज से टेक्नोलॉजी सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव

खेमका ने कहा कि लंबी अवधि के लिहाज से टेक्नोलॉजी सेक्टर पर अभी भी उनका आउटलुक पॉजिटिव है। उन्होंने कहा कि कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च करना जारी रखेंगी और इनका महत्व कम करने की जगह AI इंडस्ट्री के स्वरूप में बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर एग्जिक्यूशन वाली कुछ मिडकैप कंपनियां खुद को लार्जकैप कंपनियों के मुकाबले जल्द बदलने में कामयाब होंगी।

हेल्थकेयर, एनबीएफसी स्टॉक्स में दिख रहे मौके

उन्होंने हेल्थकेयर को व्हाइटओक का पंसदीदा सेक्टर बताया। उन्होंने कहा कि फार्मा, हॉस्पिटल्स और डायगोस्टिक्स में कई लिस्टेड कंपनियां हैं। इस सेक्टर में काफी डायवर्सिटी है, जिससे सुपर रिटर्न देने की क्षमता वाली कंपनियों की पहचान की जा सकती है। कुछ एनबीएफसी में भी निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं। खासकर छोटी एनबीएफसी ठीक लग रही हैं, जो कम इनकम वाले ग्राहकों पर फोकस करती हैं।

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प्राइवेट डिफेंस कंपनियों के स्टॉक्स भी अट्रैक्टिव

खेमका ने कहा कि अनसेक्योर्ड लोन को लेकर बढ़ती चिंता और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से कई एनबीएफसी कंपनियों के शेयरों में करेक्शन दिखा है। कुछ एनबीएफसी की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव दिख रही है। इंडस्ट्रियल्स में उन्होंने प्राइवेट सेक्टर की डिफेंस कंपनियों, कुछ कैपिटल गुड्स और मशीनरी बिजनेसेज को अट्रैक्टिव बताया।

Happy Steels IPO: 9 जुलाई को खुलेगा हैपी स्टील्स का आईपीओ, जानिए इश्यू के बारे में सबसे जरूरी बातें

Happy Steels IPO: हैपी स्टील्स का आईपीओ 9 जुलाई को खुल जाएगा। यह पंजाब की कंपनी है, जो प्रिसिजन ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी आईपीओ में 37.88 लाख नए शेयर इश्यू करेगी। इसका मतलब है कि इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) नहीं होगा। अगले हफ्ता आईपीओ के लिहाज से काफी व्यस्तता वाला होगा। अगले हफ्ते 3 आईपीओ आने वाले हैं। इनमें से एक मेनबोर्ड सेगमेंट का आईपीओ होगा।

Happy Steels ने 62-66 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस आधार पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 94 करोड़ रुपये होगी। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी इस इश्यू से 25 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू 8 जुलाई को खुल जाएगा। यह इश्यू 11 जुलाई को बंद होगा।

कंपनी एक्सल्स, लॉन्ग स्पिलिन शॉफ्ट्स और स्पिंडल्स की सप्लाई ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) को करती है। यह घरेलू कंपनियों के साथ ही विदेश कंपनियों को भी अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। कंपनी से आईपीओ से आए पैसे में से 13.15 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने मौजूदा प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने के लिए करेगी। इसके लिए वह नई मशीनें खरीदने वाली है।

हैपी स्टील्स आईपीओ से आए पैसे में से 4.98 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल वह सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। इस साल मार्च के अंत में कटिंग प्रोसेस के लिए कंपनी की उत्पादन क्षमता सालाना 8,640 मीट्रिक टन की थी। फोर्जिंग प्रोसेस की इसकी क्षमता 7,776 मीट्रिक टन थी।

वित्त वर्ष 2025-26 में हैपी स्टील्स ने 7.1 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। यह एक साल पहले के 2.3 करोड़ रुपये के उसके मुनाफे के तीन गुना से ज्यादा है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 15.2 फीसदी बढ़कर 94.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले रेवेन्यू 82.1 करोड़ रुपये था।

हैपी स्टील्स के शेयर 16 जुलाई को एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे। कंपनी ने शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज और मास्टर कैपिटल सर्विसेज को बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स नियुक्त किया है। कंपनी का आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब शेयर बाजारों में रिकवरी दिखी है। इस हफ्ते शेयर बाजारों में लगातार तीन दिन तेजी दिखी। इससे बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है और निवेशकों का हौसला बढ़ा है।

IPOs This Week: 6 जुलाई से शुरू हफ्ते में खुलेंगे ₹717 करोड़ के 3 नए इश्यू, 10 कंपनियां होंगी लिस्ट

6 जुलाई से शुरू हफ्ते में देश के IPO मार्केट में हलचल बनी रहेगी। इसका कारण है कि 3 नए पब्लिक इश्यू खुलने वाले हैं। इनमें से एक मेनबोर्ड सेगमेंट से है। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले एक IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। लेकिन यह SME है। जहां तक शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली नई कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 10 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 2 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Kusumgar IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹650 करोड़ का इश्यू 8 जुलाई को खुलेगा और 10 जुलाई को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹398-₹419 प्रति शेयर और लॉट साइज 35 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 जुलाई को हो सकती है।

Devson Catalyst IPO: यह 9 जुलाई को ओपन होगा। इसमें ₹112-₹118 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 1200 शेयरों के लॉट में 13 जुलाई तक पैसे लगा सकते हैं। कंपनी ₹42.34 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 16 जुलाई को होने की उम्मीद है।

Happy Steels IPO: यह भी 9 जुलाई को खुलेगा और 13 जुलाई को बंद होगा। इश्यू का साइज ₹25 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹62-₹66 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2,000 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 16 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

पहले से खुले पब्लिक इश्यू

IC Electricals IPO: ₹47.91 करोड़ का इश्यू 3 जुलाई को खुला था। अब तक यह 7.18 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹94-₹99 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। 7 जुलाई को इश्यू की क्लोजिंग के बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE SME पर 10 जुलाई को हो सकती है।

Parle Products IPO: पारले-जी बनाने वाली कंपनी का आएगा आईपीओ, ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा के वैल्यूएशन पर नजर : सूत्र

लिस्ट होने वाली कंपनियां

नए शुरू हो रहे सप्ताह में 6 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर Aastha Spintex की लिस्टिंग हो सकती है। इसी दिन BSE SME पर Adon Agro Commodities के शेयर लिस्ट होने की उम्मीद है। इसके बाद 7 जुलाई को BSE SME पर Kratikal Tech, Seemax Resources, Atharva Polyplast और Sampark India Logistics के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। NSE SME पर Vinit Mobile और Teja Engineering Industries की लिस्टिंग होने वाली है। 8 जुलाई को NSE और BSE पर Knack Packaging की लिस्टिंग हो सकती है। 10 जुलाई को NSE SME पर IC Electricals के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Income Tax Return: अगर आपके फॉर्म 16 में टैक्स जीरो है तो भी न करें ये भूल! इन 4 बड़े फायदों के लिए जरूर फाइल करें ITR

नौकरीपेशा लोगों के बीच अक्सर यह आम धारणा होती है कि अगर उनके फॉर्म 16 में कोई टैक्स नहीं कटा है या फिर कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती है तो उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की कोई जरूरत नहीं है। टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक फॉर्म 16 में टैक्स लायबिलिटी निल होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको आईटीआर दाखिल करने से छूट मिल गई है। ऐसा न करना आपको भारी पड़ सकता है।

फॉर्म 16 नहीं है आपकी वित्तीय स्थिति की पूरी तस्वीर

King Stubb & Kasiva, Advocates and Attorneys के पार्टनर आदित्य भट्टाचार्य का कहना है कि एक आम गलतफहमी यह है कि अगर फॉर्म 16 में कोई टीडीएस या देय टैक्स नहीं है तो आईटीआर फाइल करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, फॉर्म 16 सिर्फ इंप्लॉयर द्वारा भुगतान किए गए वेतन और काटे गए टैक्स (अगर कोई है तो) का एक रिकॉर्ड है। यह किसी व्यक्ति की पूरी वित्तीय तस्वीर को नहीं दर्शाता है। आईटीआर फाइल करने की अनिवार्यता इनकम टैक्स एक्ट के प्रावधानों, आपकी कुल आय और वित्तीय वर्ष के दौरान किए गए वित्तीय लेनदेन पर निर्भर करती है।

इन 4 बड़े फायदों के लिए जरूर फाइल करें ITR

भले ही आपके फॉर्म 16 में टैक्स जीरो दिख रहा हो लेकिन नीचे दी गई स्थितियों और फायदों के लिए आपको आईटीआर जरूर दाखिल करना चाहिए-

1- टैक्स रिफंड का दावा करने के लिए

कई बार ऐसा होता है कि बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के ब्याज पर टीडीएस काट लेते हैं या फिर नौकरी बदलने की स्थिति में पिछला इंप्लॉयर नौकरी छोड़ने से पहले टैक्स काट लेता है। भले ही वित्तीय वर्ष के अंत में आपकी कुल अंतिम टैक्स देनदारी शून्य ही क्यों न हो, लेकिन इस कटे हुए एक्स्ट्रा टैक्स को वापस पाने का एकमात्र जरिया आईटीआर है। बिना रिटर्न फाइल किए आप रिफंड क्लेम नहीं कर सकते।

2- वित्तीय घाटे को आगे बढ़ाने के लिए

अगर आप शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी से कोई कैपिटल लॉस उठाते हैं तो नियमों के तहत आप इस घाटे को भविष्य के मुनाफे के साथ एडजस्ट कर सकते हैं। यह लाभ आपको तभी मिलेगा जब आप निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आईटीआर दाखिल करेंगे। डेडलाइन चूकने का मतलब है कि आप इस मूल्यवान टैक्स लाभ को हमेशा के लिए खो देंगे।

3- इन विशेष सरकारी शर्तों/नियमों को पूरा करने के लिए

टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार भले ही आपका अंतिम टैक्स शून्य हो लेकिन अगर आप वित्तीय वर्ष में निम्नलिखित में से किसी भी शर्त के दायरे में आते हैं तो आपके लिए आईटीआर फाइल करना कानूनी रूप से अनिवार्य हो जाता है:

  • एक या अधिक सेविंग्स बैंक अकाउंट्स में 50 लाख रुपये से अधिक जमा करना।
  • एक या अधिक करंट अकाउंट्स (चालू खातों) में 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक जमा करना।
  • अपने या किसी अन्य व्यक्ति के लिए विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये से अधिक खर्च करना।
  • एक वित्तीय वर्ष में 1 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल चुकाना।
  • अगर आप भारत के निवासी हैं और विदेशों में संपत्ति रखते हैं, किसी विदेशी संस्था में वित्तीय हित रखते हैं, विदेशी बैंक खाते में हस्ताक्षर करने का अधिकार रखते हैं या विदेशी संपत्तियों के लाभार्थी हैं।
  • वर्ष के दौरान कुल टीडीएस (TDS) या टीसीएस (TCS) 25000 रुपये या उससे अधिक हो (वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 50000 रुपये है)।
  • ऐसे प्रोफेशनल्स जिनकी कुल प्राप्तियां 10 लाख रुपये से अधिक हैं, भले ही उनकी टैक्स योग्य आय बुनियादी छूट सीमा से कम ही क्यों न हो।

4- लोन और वीजा के लिए पुख्ता इनकम प्रूफ

‘दिनेश आर्जव एंड एसोसिएट्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स’ की पार्टनर और एनआरआई टैक्स एक्सपर्ट प्रियल गोयल जैन कहती हैं कि कंप्लायंस के नजरिए से परे आपका आईटीआर चुपचाप आपके लिए दूसरी जगहों पर भी बहुत काम करता है। बैंक और वीजा कार्यालय अक्सर आय के प्रमाण के रूप में इसी दस्तावेज को मांगते हैं। इसलिए रिकॉर्ड में आईटीआर का होना बेहद फायदेमंद है, भले ही तकनीकी रूप से आपके लिए इसे फाइल करना जरूरी न रहा हो।

ऐसे में फॉर्म 16 में जीरो टैक्स देखकर आईटीआर न भरने की धारणा नुकसानदेह हो सकती है। ‘AQUILAW’ की लीड कंसलटेंट (टैक्स) – IDT डिंपल जोगानी के मुताबिक, फाइलिंग की आवश्यकता को नजरअंदाज करने से टैक्सपेयर्स न सिर्फ अपना रिफंड खो सकते हैं बल्कि नुकसान को कैरी फारवर्ड करने का मौका भी गंवा सकते हैं। अगर आयकर विभाग बाद में यह पाता है कि आपके लिए फाइलिंग अनिवार्य थी तो आपको स्पष्टीकरण के लिए नोटिस भी मिल सकता है। मामले के तथ्यों के आधार पर लेट फाइलिंग फीस, ब्याज या अन्य परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने अब ऐसी गलतफहमियों की गुंजाइश को खत्म कर दिया है। इंप्लॉयर, बैंकों, म्यूचुअल फंडों, स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य वित्तीय संस्थानों से मिलने वाली जानकारी अब टैक्सपेयर के एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) में दिखाई देती है। इसके जरिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके द्वारा किए गए वित्तीय लेनदेन की तुलना आपके रिटर्न में घोषित आय से आसानी से कर लेता है।

एक्सपर्ट्स की सलाह: सिर्फ फॉर्म 16 पर न रहें निर्भर

जैसे-जैसे टैक्स फाइलिंग का सीजन तेज हो रहा है विशेषज्ञ टैक्सपेयर्स को सलाह देते हैं कि वे ‘जीरो टीडीएस’ को ‘जीरो कंप्लायंस’ समझने की भूल न करें। सिर्फ फॉर्म 16 पर निर्भर रहने की बजाय, व्यक्तियों को अपनी आय के सभी स्रोतों की समीक्षा करनी चाहिए। अपने फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) की जांच करनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे आईटीआर फाइल करने की शर्तों के दायरे में आते हैं या नहीं।

स्टॉक मार्केट में  लगातार तीसरे दिन तेजी, क्या अगले हफ्ते 24600 पार कर जाएगा Nifty?

यह हफ्ता शेयर बाजार के लिए अच्छा रहा। 3 जुलाई को लगातार तीसरे दिन बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स चढ़कर बंद हुए। हालांकि, बैंक निफ्टी और मिडकैप इंडेक्स में कमजोरी दिखी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। सवाल है कि क्या निफ्टी अगले हफ्ते 24,600 का लेवल पार कर जाएगा?

लंबे कंसॉलिडेशन के बाद 24200 के ऊपर ब्रेकआउट

Nifty ने लंबे समय के कंसॉलिडेशन के बाद 24,200 के ऊपर ब्रेकआउट किया है। उधर, India VIX गिरकर करीब 5 महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। मोमेंटम इंडियाकेटर्स में भी शुक्रवार को इम्प्रूवमेंट दिखा। हालांकि, शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए 24,400 के लेवल पर रेसिस्टेंस है। यह इसका 200-डे EMA भी है। अगर निफ्टी इस रेसिस्टेंस को तोड़ देता है तो इसे 24,600 पर रेसिस्टेंस मिलेगा।

कारोबार के अंतिम घंटों में मुनाफावसूली से कम हुई बढ़त

शुक्रवार को निफ्टी 200 अंक चढ़कर खुला। लेकिन, कारोबार के अंतिम घटों में मुनाफावसूली देखने को मिली। इससे सुबह में 24,376 तक जाने के बावजूद यह 24,300 के लेवल के नीचे आ गया। आखिर में यह 24,271 पर क्लोज हुआ। डेली चार्ट पर इसने बेयरिश कैंडल बनाया है। हालांकि, बुलिश गैप बना हुआ है। तकनीकी रूप से यह रेसिस्टेंस लेवल के ऊपर अपसाइड ब्रेकआउट के लिहाज से स्ट्रेंथ की कमी का संकेत है।

बुल्स की ताकत धीरे-धीरे बढ़ने का संकेत

RSI दोबारा 60 के लेवल को हासिल किया है। बुलिश क्रॉसओवर में यह 60.95 तक पहुंच गया है। यह बुलिश मोमेंटम में धीरे-धीरे इम्प्रूवमेंट का संकेत है। इसके अलावा ADX इंडिकेटर पर DI+ ने DI- को क्रॉस किया है। यह इस बात का संकेत है कि धीरे-धीरे बेयर्स के मुकाबले बुल्स की ताकत बढ़ रही है। MACD हिस्टोग्राम भी मजबूती का संकेत दे रहा है, क्योंकि ग्रीन बार्स बढ़ रहे हैं।

इस हफ्ते निफ्टी में 215 अंक का उछाल

इस हफ्ते निफ्टी 215 अंक यानी 0.89 फीसदी चढ़ा है। पिछले दो हफ्तों में डोजी-लाइक फॉर्मेशन के बाद निफ्टी ने दोनों साइड शैडो के साथ लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाया है। यह इस बात का संकेत है कि मार्केट में कंसॉलिडेशन का फेज जल्द खत्म हो सकता है। इसके बाद निफ्टी फिर से अपसाइड मोमेंटम हासिल कर सकात है। ऐसे में अगले हफ्ते 24,600 के टारगेट पर नजरें होंगी। अगला सपोर्ट 24,050 पर है।

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बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी 50 से कमजोर

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी 50 के मुकाबले कमजोर है। शुक्रवार को यह 93 अंक गिरकर 57,938 पर बंद हुआ। हालांकि, यह अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेजेज से ऊपर बना हुआ है। इसका मतलब है कि इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव है। हालांकि, इसमें आगे कंसॉलिडेशन दिख सकता है। डेली चार्ट पर इसने बेयरिश कैंडल बनाया है। बैंक निफ्टी को 58,400-58,500 के जोन में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ा। इस लेवल को तोड़ने के बाद यह 58,900 तक जा सकता है। गिरावट की स्थिति में इसे 57,500-57,400 के जोन में सपोर्ट मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stock Market Rise: लगातार तीसरे दिन हरियाली, सेंसेक्स 262 अंक चढ़ा; निवेशकों की दौलत में ₹94270 करोड़ का इजाफा

शेयर बाजार में शुक्रवार, 3 जुलाई को लगातार तीसरे दिन तेजी रही। आईटी स्टॉक्स में बढ़त और अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के बीच सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए। सेंसेक्स बढ़त में खुलने के बाद पिछली क्लोजिंग से 655 अंक से ज्यादा चढ़कर 78,157.52 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुला और फिर 200 अंक से ज्यादा उछलकर 24,378.15 के हाई तक गया। बाद में सेंसेक्स 261.79 अंकों की तेजी के साथ 77,763.91 पर और निफ्टी 95.15 अंकों की बढ़त के साथ 24,270.85 पर बंद हुआ।

मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 4,80,19,994.09 करोड़ रुपये हो गया। गुरुवार, 2 जुलाई को मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,79,25,723.825 करोड़ रुपये रहा था। यानि कि एक दिन में 94,270.265 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुवार को सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर बंद हुआ था। निफ्टी 169.85 अंक या 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,175.70 पर बंद हुआ था।

इन प्रमुख वजहों से तेजी

अमेरिका में नौकरियों का डेटा उम्मीद से कमजोर रहने से फेडरल रिजर्व द्वारा निकट अवधि में बेंचमार्क ब्याज दरें बढ़ाए जाने को लेकर चिंता कम हुई। इससे उभरते बाजारों में जोखिम लेने की इच्छा बढ़ी। इसके अलावा एशियाई बाजारों में तेजी का भी घरेलू बाजार में सेंटिमेंट बे​हतर होने में हाथ रहा। निक्केई-225 में 1.3 प्रतिशत और सेट कंपोजिट में 1.1 प्रतिशत की तेजी है। जकार्ता कंपोजिट 2 प्रतिशत से ज्यादा उछला है। KOSPI 5.4 प्रतिशत चढ़ा है। हेंगसेंग में भी लगभग 1 प्रतिशत की तेजी है। एक वजह यह भी है कि मार्केट के उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाले India VIX में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह दर्शाता है कि बाजार में अनिश्चितता और जोखिम की आशंका कम हुई है, जो आमतौर पर इक्विटी बाजार के लिए अच्छा माना जाता है।

Waterways Leisure Tourism में और 10% तेजी की लहर, लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट

रुपये की चाल

रुपया शुक्रवार को 14 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.21 (अस्थायी) पर रहा। डॉलर सूचकांक के पिछले 15 महीनों के उच्च स्तर से नीचे आने से घरेलू मुद्रा को बल मिला। रुपया गुरुवार को 19 पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.35 पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।