FII DII Data: क्या रिटेल निवेशकों ने घबराकर बेच दिए शेयर? FII और DII ने मार्केट क्रैश में की ₹2753 करोड़ की खरीदारी

FII DII Data: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दिखी। इसके बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी। एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 9 जुलाई को FIIs ने 1,962.80 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भी खरीदारी के मूड में रहे और उन्होंने 790.16 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यानी दोनों ने मिलकर 2,753 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। ऐसे में बाजार की तेज गिरावट यह संकेत देती है कि अन्य निवेशक वर्गों, खासकर रिटेल निवेशकों की ओर से घबराहट में बिकवाली हुई होगी।

FII-DII ने कितना खरीदा, कितना बेचा

बुधवार के कारोबारी सत्र में FIIs ने कुल 17,463.95 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 15,501.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, DIIs ने 19,165.13 करोड़ रुपये की खरीदारी और 18,374.97 करोड़ रुपये की बिकवाली की।

एक दिन पहले यानी 8 जुलाई को भी FIIs ने 393.19 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। हालांकि, उस दिन DIIs 383.43 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर नेट सेलर रहे थे।

इस हफ्ते कैसा रहा FII-DII का रुख?

इस सप्ताह अब तक FIIs लगातार चारों कारोबारी सत्र में खरीदार रहे हैं। वहीं, DIIs ने भी चार में से तीन सत्रों में खरीदारी की है। इससे साफ है कि बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद संस्थागत निवेशकों का भरोसा अभी बना हुआ है।

तारीखFII नेट फ्लोDII नेट फ्लो
9 जुलाई 2026₹1,962.80 करोड़₹790.16 करोड़
8 जुलाई 2026₹393.19 करोड़-₹383.43 करोड़
7 जुलाई 2026₹243.03 करोड़₹3,791.42 करोड़
6 जुलाई 2026₹1,355.33 करोड़-₹1,953.89 करोड़

भारी गिरावट के बावजूद जारी रही खरीदारी

विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बावजूद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुआ शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। इससे वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ गया।

शेयर बाजार कितना गिरा

BSE Sensex 1,677 अंक टूटकर 76,504 पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 517 अंक गिरकर 23,882 पर आ गया। इसके साथ ही निफ्टी 23,900 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।

बाजार में लगभग हर सेक्टर में बिकवाली रही। Nifty 50 के 50 में से 46 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। Nifty PSU Bank और Nifty Chemicals सबसे ज्यादा टूटने वाले सेक्टर रहे। वहीं, Nifty Bank 1,458 अंक गिरकर 56,743 और Nifty Midcap 963 अंक टूटकर 61,323 पर बंद हुआ।

रुपये पर भी बढ़ा दबाव

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती का असर रुपये पर भी दिखा। भारतीय रुपया 59 पैसे कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 95.55 पर बंद हुआ। अमेरिका के ईरान पर नए हमलों और Hormuz Strait में बढ़े तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

FII DII Data: विदेशी निवेशकों की लगातार तीसरे दिन खरीदारी, क्या अब आने वाली है बड़ी तेजी?

FII DII Data: फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII) ने मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी जारी रखी। एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, FIIs ने 393.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (DII) 383.43 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर नेट सेलर रहे।

सोमवार को भी FIIs ने 243.03 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। उस दिन DIIs ने 3,791.42 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। इससे पहले 3 जुलाई को FIIs ने चार दिन की लगातार बिकवाली के बाद वापसी करते हुए 1,355.33 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। उसी दिन DIIs ने 1,953.89 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

बाजार में रही कमजोरी

हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीदारी के बावजूद मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। BSE Sensex 104 अंक टूटकर 78,181 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 32 अंक गिरकर 24,399 पर बंद हुआ। इसके साथ ही निफ्टी चार दिनों की लगातार तेजी के बाद 24,400 के स्तर से नीचे फिसल गया।

Nifty Bank 91 अंक गिरकर 58,201 पर बंद हुआ। वहीं Nifty Midcap 186 अंक टूटकर 62,285 पर आ गया। कारोबार के दौरान यह अपने ऊपरी स्तर से 300 अंकों से ज्यादा फिसल गया।

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किन वजहों से गिरा बाजार?

बाजार पर हैवीवेट शेयरों में कमजोरी, मिडकैप शेयरों में मुनाफावसूली और डिफेंस व रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का दबाव रहा। हालांकि, आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।

इस बीच, वैश्विक जोखिम कम होने और Hormuz Strait से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने से सप्लाई बाधित होने की चिंता घटी। इसका असर रुपये पर भी दिखा। भारतीय रुपया 48 पैसे मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 94.95 के स्तर पर बंद हुआ।

क्या अब गिरावट का दौर खत्म?

मार्केट के जानकार FII की लगातार तीन दिनों की खरीदारी को पॉजिटिव संकेत मान रहे हैं। Quant Mutual Fund के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर संदीप टंडन का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार का सबसे मुश्किल दौर अब पीछे छूट चुका है।

संदीप टंडन के मुताबिक, विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी से भारतीय बाजार को मजबूती मिलेगी और यह दूसरे वैश्विक बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उनका मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, यूटिलिटीज और चुनिंदा एनर्जी कंपनियां आने वाले समय में निवेश के लिए सबसे आकर्षक सेक्टर बने रहेंगे।

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