GIFT Nifty Today: क्रैश के बाद 9 जुलाई को मार्केट में होगी रिकवरी? GIFT Nifty ने दिए तेजी के संकेत

GIFT Nifty Today: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तीन महीने की सबसे बड़ी गिरावट के बाद गुरुवार के लिए राहत के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty शाम 6:30 बजे 119 अंक यानी 0.48% की बढ़त के साथ 23,992 पर कारोबार कर रहा था। इससे संकेत मिलता है कि 9 जुलाई को घरेलू बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हो सकती है।

बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ हुआ शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और दुनिया भर के शेयर बाजारों में बिकवाली देखने को मिली।

इसी दबाव में निफ्टी 50 2.12% टूटकर 23,882.05 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 2.15% गिरकर 76,503.60 पर आ गया। यह दोनों इंडेक्स का तीन महीने में सबसे खराब कारोबारी सत्र रहा।

ग्लोबल मार्केट पर भी दिखा असर

ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स भी दबाव में आ गए। S&P 500 Futures करीब 0.8% गिर गए। वहीं ब्रेंट क्रूड करीब 5% उछलकर 78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। हालांकि, सोने की कीमतों में गिरावट आई और डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

निफ्टी के लिए अहम स्तर कौन से?

Religare Broking के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा के मुताबिक, निफ्टी अब 24,000-24,150 के अहम सपोर्ट जोन के नीचे फिसल चुका है। इससे निकट अवधि की तकनीकी तस्वीर कमजोर हुई है।

उन्होंने कहा कि अब 23,650-23,800 का स्तर अगला मजबूत सपोर्ट होगा। वहीं, अगर बाजार में रिकवरी आती है तो 24,150-24,300 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

उनका कहना है कि India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि अगले कुछ दिनों तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में फिलहाल सतर्क रहने, चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और सख्त जोखिम प्रबंधन अपनाने की जरूरत है।

Bajaj Broking ने क्या कहा?

Bajaj Broking के मुताबिक, निफ्टी ने बुधवार को बड़ा बेयरिश कैंडल बनाया। साथ ही हाल की पूरी तेजी भी गंवा दी। कारोबार के दौरान इंडेक्स 24,250 के सपोर्ट के नीचे फिसल गया और दिन में 23,800 तक पहुंच गया।

ब्रोकरेज का कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे बंद होता है, तो अगले कुछ सत्रों में यह 23,500-23,600 तक फिसल सकता है। हालांकि, अगर 23,800 का स्तर बचा रहता है, तो निफ्टी 23,800 से 24,350 के दायरे में कुछ समय तक कारोबार कर सकता है। फिलहाल 24,350 के नीचे बाजार का रुख कमजोर बना हुआ है।

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दक्षिण कोरिया सहित जापान, हांगकांग, चीन के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट, गिफ्ट निफ्टी भी गिरा

गिफ्ट निफ्टी 26 जून को गिरकर बंद हुआ। टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली का असर बड़े एशियाई बाजारों पर पड़ा। अमेरिका बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव बढ़ा है। इसका असर 26 जून को दक्षिण कोरिया सहित दूसरे एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। भारतीय शेयर बाजार मुहर्रम की छुट्टी की वजह से 26 जून को बंद रहे। इस बीच, गिफ्ट निफ्टी 0.18 फीसदी यानी 44 अंक गिरकर 24,071 पर बंद हुआ।

टेक्नोलॉजी और AI शेयरों पर दबाव

आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखा। यह माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शानदार तिमाही नतीजों पर भारी पड़ा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख पर भी इनवेस्टर्स की नजरें बनी हुई हैं। उधर, क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट को इकोनॉमी के लिए पॉजिटिव माना जा रहा है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा कम हुआ है।

प्रमुख एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट 

26 जून को एशियाई शेयर बाजारों पर दबाव दिखा। इसकी वजह टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली थी। जापान का निक्केई 4.63 फीसदी क्रैश कर गया। स्ट्रेट टाइम्स में 0.52 फीसदी कमजोरी दिखी। हैंगसेंग 1.79 फीसदी फिसला। कोस्पी 6.17 फीसदी क्रैश कर गया। शंघाई कंपोजिट में भी 2.31 फीसदी की गिरावट आई। दूसरे एशियाई बाजारों में भी दबाव देखने को मिला।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी हफ्ते में दूसरी बार क्रैश

दक्षिण कोरिया का बाजार एक समय 9 फीसदी तक फिसल गया था। इस वजह से 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोक दी गई। इस हफ्ते दूसरी बार कोरिया के प्रमुख सूचकांक कोस्पी में बड़ी गिरावट आई। हालांकि, कारोबार के अंत में यह 6.2 फीसदी गिरकर बंद हुआ। सबसे ज्यादा गिरावट सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK Hynix के शेयरों में आई। ये दोनों चिप बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनियां हैं, जिनकी कोस्पी में करीब 60 फीसदी वेटेज है।

यूएस में टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव का असर दूसरे बाजारों पर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी शेयर बाजारों में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में बड़ी गिरावट ने दूसरे बाजारों के टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर भी दबाव बढ़ाया है। 25 जून को भी नैस्डेक में गिरावट देखने को मिली। 26 जून को प्री-मार्केट ट्रेडिंग में माइक्रोन का शेयर करीब 5 फीसदी फिसला। इंटेल और माइक्रो डिवाइसेज के शेयरों में भी 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई।

दक्षिण कोरिया का बाजार इस साल सबसे ज्यादा चढ़ा है

इस साल दुनिया के बड़े शेयर बाजारों में आई तेजी की बड़ी वजह टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में निवेशकी की दिलचस्पी रही है। दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली है। कुछ शेयरों की कीमतें दो गुनी और तीन गुनी तक हो गई हैं। इसकी वजह सेमीकंडक्टर और चिप बनाने वाली कंपनियों में विदेशी निवेशकों की खरीदारी है। अब इन कंपनियों के शेयरों में तेजी जारी रहने को लेकर संदेह जताया जा रहा है।