Stocks to Watch: 16 स्टॉक्स, Nifty की एक्सपायरी को Paytm, Milky Mist, Baazar Style समेत ये फोकस में

Stocks to Watch: कच्चे तेल में उबाल और अधिकतर एशियाई बाजारों में बिकवाली के दबावों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 74.50 प्वाइंट्स यानी 0.31% की गिरावट के साथ 24,300 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज उठा-पटक दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 17 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 281.09 प्वाइंट्स यानी 0.36% की गिरावट के साथ 77,728.16 और निफ्टी 78.35 प्वाइंट्स यानी 0.32% की फिसलन के साथ 24,287.65 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Indo-MIM

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर इंडो-एमआईएम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 31.6% बढ़कर ₹240.1 करोड़ और रेवेन्यू 9.4% उछलकर ₹1,218.7 करोड़ पर पहुंच गया।

One 97 Communications (Paytm)

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के अनुसार विजय शेखर शर्मा की पैरेंट और प्रमोटर कंपनी रेसिलिएंट एसेट मैनेजमेंट बीवी प्रति शेयर ₹1535 के फ्लोर प्राइस पर पेटीएम में 4.98% तक की हिस्सेदारी बेच सकती है।

SPR Auto Technologies

एसपीआर ऑटो टेक्नोलॉजीज ने 17 अगस्त को अपना QIP इश्यू लॉन्च किया, जिसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹4,438.20 तय किया गया है। सूत्रों के हवाले से CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी इसके जरिए लगभग ₹1,000 करोड़ जुटा सकती है।

Netweb Technologies India

नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया का क्यूआईपी इश्यू 17 अगस्त को प्रति शेयर ₹4,885.90 के फ्लोर प्राइस पर खुला। सूत्रों के हवाले से CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक इसके जरिए कंपनी लगभग ₹1,200 करोड़ जुटा सकती है।

Jyoti CNC Automation

ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन को राजकोट में मौजूद अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में अगले पांच वर्षों में ₹1,020.65 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत मंज़ूरी मिल गई है। इस स्कीम के तहत कंपनी निवेश पर 25% तक के कैपेक्स इंसेंटिव के लिए एलिजिबल होगी।

Manipal Health Enterprises

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज ने बेंगलुरु के डोड्डानेकुंडी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित किंडर हॉस्पिटल के पूरे बिजनेस ऑपरेशन और एसेट्स को ₹130 करोड़ में खरीदने के लिए किंडोरामा हेल्थकेयर के साथ एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट साइन किया है।

Highway Infrastructure

हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को तमिलनाडु में ‘पालयम फी प्लाजा’ के ऑपरेशंस के लिए ₹80.17 करोड़ का LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला है। यह LOA (लेटर ऑफ अवार्ड) NHAI ने जारी किया था।

Embassy Office Parks REIT

अमेरिका की प्राइवेट इन्वेस्टमेंट फर्म बेन कैपिटल ने अपनी सहयोगी कंपनी APAC Company XXIII के जरिए एम्बेसी ऑफिस पार्क्स REIT के 2.67 करोड़ यूनिट्स ₹435.05 के भाव और 2.67 करोड़ यूनिट्स ₹435.01 के भाव पर बेच दिए। इसने कुल मिलाकर 5.63% होल्डिंग ₹2,325.28 करोड़ में बेचे हैं।

Baazar Style Retail

क्युपिड के प्रमोटर आदित्य कुमार हलवासिया ने बाजार स्टाइल रिटेल के प्रमोटर्स- भगवान प्रसाद, सिद्धार्थ सुराना और श्रेयांस सुराना से 45 लाख शेयर (5.91% हिस्सेदारी) ₹162.9 करोड़ में प्रति शेयर ₹362 के भाव पर खरीदे।

LEAP India

सिंगापुर सरकार ने लीप इंडिया के 22.15 लाख शेयर (0.5% हिस्सेदारी) ₹34.39 करोड़ में प्रति शेयर ₹155.28 के भाव पर खरीद लिए।

RPP Infra Projects

दिवा प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के अतिरिक्त 8.51 लाख शेयर (1.7% हिस्सेदारी) ₹4.99 करोड़ में प्रति शेयर ₹58.67 के भाव पर खरीदे। वहीं प्रमोटर यगावी एन ए ने 8.95 लाख शेयर (1.8% हिस्सेदारी) ₹5.25 करोड़ में ₹58.68 के भाव पर बेच दी।

Ponni Sugars (Erode)

प्रमोटर शेषशायी पेपर एंड बोर्ड्स ने पोन्नी शुगर्स (इरोड) के 2.9 लाख शेयर (3.37% हिस्सेदारी) ₹10.15 करोड़ में प्रति शेयर ₹350 के भाव पर खरीदे। वहीं इन्वेस्टर अत्यंत कैपिटल इंडिया फंड I ने 3.13 लाख शेयर (3.6% हिस्सेदारी) ₹10.96 करोड़ में प्रति शेयर ₹349.85 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक अत्यंत कैपिटल इंडिया फंड की कंपनी में 9.46% हिस्सेदारी थी।

Kesar India

मिनर्वा वेंचर्स फंड ने नागपुर की रियल एस्टेट डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन कंपनी केसर इंडिया इंडिया के 11.78 लाख शेयर (3.76% होल्डिंग) फोर्ब्स ईएमएफ से ₹149.01 करोड़ में प्रकि शेयर ₹1,265 के भाव पर खरीदे। जून 2026 तक केसर इंडिया में मिनर्वा वेंचर्स फंड की 3.51% और फोर्ब्स ईएमएफ की 4.25% हिस्सेदारी थी।

VISA Chrome

एसेट्स केयर एंड रीकंस्ट्रक्शन एंटरप्राइज ने वीजा क्रोम के 78.93 लाख शेयर ₹30 करोड़ में बेचे। वहीं महा इंवेस्टमेंट फंड पीसीसी-ओनिक्स स्ट्रैटेजी ने 78.94 लाख शेयर ₹30 करोड़ में यानी प्रति शेयर ₹38 के भाव पर खरीदे।

Milky Mist Dairy Food

आईपीओ को 59 गुना बोली मिलने के बाद मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे। इसके शेयर ₹140 के भाव में जारी हुए हैं।

Sham Foam

आईपीओ को 2.40 गुना बोली मिलने के बाद शैम फोम के शेयर ₹130 के भाव पर जारी हुए और अब इसकी बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

इन स्टॉक्स पर भी फोकस

एक्स-डिविडेंड: ECOS (इंडिया) मोबिलिटी एंड हॉस्पिटैलिटी, एलिक्सिर कैपिटल, इंडिया जिलेटिन एंड केमिकल्स, महानगर गैस, NGL फाइन केम, रॉसेल इंडिया, रूट मोबाइल, रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL), सोधानी एकेडमी ऑफ फिनटेक इनेबलर्स, शेषासाई टेक्नोलॉजीज, सन टीवी नेटवर्क, सिर्मा SGS टेक्नोलॉजी, फोर्ब्स प्रिसिजन टूल्स एंड मशीन पार्ट्स, वसुंधरा रसायन

इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की एक्स-डेट: सिटियस ट्रांसनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट

कैपिटल रिडक्शन की एक्स-डेट: आशुतोष पेपर मिल्स

बाय बैक की एक्स-डेट: इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट

स्प्लिट की एक्स-डेट: किर्लोस्कर न्यूमैटिक कंपनी

F&O Ban: बंधन बैंक, एलआईसी, मणप्पुरम फाइनेंस और SAIL

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gujarat Cotex: खाने के तेल और रियल एस्टेट में एंट्री की तैयारी, बोर्ड के सामने रखे जाएंगे दो नए बिजनेस प्रस्ताव

Gujarat Cotex: मल्टी-बिजनेस कंपनी गुजरात कॉटेक्स लिमिटेड खाने के तेल, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एंट्री की तैयारी कर रही है। कंपनी ने दो नए बिजनेस वर्टिकल ‘प्रभात ऑयल्स’ और ‘प्रभात इंफ्राटेक’ शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। इन दोनों प्रस्तावों पर कंपनी के बोर्ड की अगली बैठक में फैसला होगा। मंजूरी मिलने के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

‘प्रभात ऑयल्स’ से खाने के तेल कारोबार पर फोकस

Gujarat Cotex खाने वाले और रिफाइंड तेल के कारोबार में नए मौके तलाशना चाहती है। इसके लिए ‘प्रभात ऑयल्स’ नाम से अलग बिजनेस डिवीजन बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

यह डिवीजन ट्रेडिंग, प्रोसेसिंग, रिफाइनिंग, जॉब वर्क और इससे जुड़े दूसरे काम कर सकेगा। कंपनी का कहना है कि इस कारोबार में ‘प्रभात’ ब्रांड की पहचान और प्रमोटर ग्रुप के अनुभव का फायदा मिलेगा। इसका मकसद खाने के तेल के बाजार में मजबूत मौजूदगी बनाना और लंबे समय की ग्रोथ का आधार तैयार करना है।

‘प्रभात इंफ्राटेक’ से रियल एस्टेट में कदम

Gujarat Cotex रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी नए अवसर तलाशना चाहती है। इसके लिए ‘प्रभात इंफ्राटेक’ नाम से नया वर्टिकल शुरू करने का प्रस्ताव है।

यह डिवीजन सूरत और आसपास के इलाकों में रिहायशी, कमर्शियल और अपार्टमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकता है। इसके अलावा धोलेरा स्मार्ट सिटी जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में भी संभावनाएं तलाशने की योजना है। कंपनी का कहना है कि हर प्रोजेक्ट का आकलन कमर्शियल पहलू, रणनीतिक जरूरत और लंबे समय में वैल्यू बनाने की क्षमता के आधार पर किया जाएगा।

नए रेवेन्यू स्रोत बनाने की कोशिश

गुजरात कॉटेक्स का मानना है कि इन दोनों वर्टिकल से नए रेवेन्यू के मौके बन सकते हैं। साथ ही ‘प्रभात’ ब्रांड की पहचान और प्रमोटर ग्रुप के तजुर्बे का भी फायदा मिलेगा। कंपनी इन कारोबारों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम करेगी।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

Gujarat Cotex के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेशकुमार जयंतकुमार पारेख ने कहा कि ‘प्रभात ऑयल्स’ और ‘प्रभात इंफ्राटेक’ कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ रणनीति का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक, खाने के तेल के कारोबार में ट्रेडिंग से लेकर रिफाइनिंग तक विस्तार की अच्छी संभावना है। वहीं, रियल एस्टेट में कंपनी ऐसे प्रोजेक्ट्स चुनना चाहती है, जहां लंबे समय तक वैल्यू क्रिएशन की गुंजाइश हो।

कंपनी ने साफ किया है कि दोनों प्रस्ताव बोर्ड की मंजूरी और जरूरी कानूनी व रेगुलेटरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही लागू होंगे। मंजूरी मिलने पर इन बिजनेस वर्टिकल को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

Paytm Block Deal: विजय शेखर शर्मा की प्रमोटर कंपनी बेच सकती है 5% तक हिस्सेदारी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Russia-Ukraine War: यूक्रेन में लक्ष्मी मित्तल के स्टील प्लांट पर रूस का मिसाइल अटैक! 2 की मौत, ब्लास्ट-फर्नेस तबाह

Russian Attack on ArcelorMittal Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। भारतीय मूल के अरबपति लक्ष्मी मित्तल के स्वामित्व वाले ‘आर्सेलरमित्तल’ (ArcelorMittal) के यूक्रेन स्थित विशाल स्टील प्लांट पर रूस ने भीषण मिसाइल हमला किया है। यह हमला यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रिह (Kryvyi Rih) में स्थित प्लांट पर हुआ, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 14 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

रॉयटर्स के अनुसार, इस हमले से देश के सबसे बड़े स्टील प्लांट की पावर-जनरेशन और ब्लास्ट-फर्नेस इकाइयों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे प्लांट का उत्पादन आंशिक रूप से रोकना पड़ा है।

ब्लास्ट-फर्नेस और पावर यूनिट तबाह, उत्पादन ठप

कंपनी ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर जारी एक बयान में पुष्टि की कि रात के समय हुए इस मिसाइल हमले ने प्लांट के मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया। आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह ने कहा कि पावर जनरेशन और ब्लास्ट-फर्नेस सेक्टर की प्रमुख सुविधाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके कारण विनिर्माण प्रक्रियाओं को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है।

यह प्लांट यूक्रेन के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक परिसरों में से एक है। ऊर्जा आपूर्ति और ब्लास्ट-फर्नेस को नुकसान पहुंचने से देश के स्टील उद्योग को बड़ा झटका लगा है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की का गृहनगर बना निशाना, दागे 62 मिसाइलें

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि रूसी सेना नागरिक और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बना रही है। जेलेंस्की के मुताबिक, पिछले केवल एक हफ्ते में ही रूस ने यूक्रेन के शहरों पर 1,550 से अधिक अटैक ड्रोन, करीब 1,560 गाइडेड एरियल बम और 62 मिसाइलें दागी हैं। क्रिवी रिह के अलावा कीव और अन्य शहरों में हुए हमलों में भी कई नागरिक घायल हुए हैं और इमारतों में आग लग गई।

रूस ने कीव और क्रिवी रिह के सैन्य-औद्योगिक ठिकानों को बनाया निशाना

रूसी रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए अपनी दलील दी कि उसने क्रिवी रिह के मेटलर्जिकल प्लांट और कीव में स्थित सैन्य-औद्योगिक सुविधाओं को ही निशाना बनाया था। इसके साथ ही मॉस्को ने दावा किया कि उसने अपनी सीमा की ओर आ रहे 822 यूक्रेनी ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है।

जवाब में यूक्रेन का रूस पर भीषण ड्रोन हमला

यूक्रेन ने भी रूस के अंदर गहराई तक जाकर लंबी दूरी के ड्रोनों से करारा पलटवार किया है। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, युद्ध की शुरुआत के बाद से यूक्रेन द्वारा किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला था, जिसमें 83 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई। पोडॉल्स्क में रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेलर ‘वाइल्डबेरीज’ (Wildberries) के एक बड़े गोदाम पर ड्रोन गिरा, जिससे वहां धुएं का विशाल गुबार उठता देखा गया।

बेलगोरोड शहर के पास एक बस पर हुए ड्रोन हमले में 1 व्यक्ति की मौत हुई, जबकि रोस्तोव (Rostov) क्षेत्र में यूक्रेन ने रूस की मिसाइल ईंधन उत्पादन इकाई को निशाना बनाने का दावा किया।

नाटो क्षेत्र में घुसा संदिग्ध रूसी ड्रोन, स्पेनिश लड़ाकू विमान ने मार गिराया

युद्ध का यह तनाव अब नाटो (NATO) देशों की सीमा तक पहुंच गया है। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मोलदोवा की दिशा से एक ड्रोन रोमानियाई हवाई क्षेत्र में घुस आया।

नाटो के एयर-पुलिसिंग मिशन पर तैनात स्पेनिश वायुसेना के F-18 फाइटर जेट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस ड्रोन को मार गिराया। नाटो प्रवक्ता के अनुसार यह एक संदिग्ध रूसी ड्रोन था। चालू वर्ष में रोमानियाई सीमा पर इस तरह की यह चौथी घटना है।

फ्रंटलाइन पर युद्ध की गति धीमी पड़ने और शांति वार्ताओं के अधर में लटके होने के कारण, अब रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे के ऊर्जा, औद्योगिक और आर्थिक ठिकानों को मिसाइल व ड्रोनों से नष्ट करने की रणनीति अपना रहे हैं। लक्ष्मी मित्तल के प्लांट पर हुआ यह हमला इस बात का प्रमाण है कि यह युद्ध अब वैश्विक और क्षेत्रीय व्यापार परिसंपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है।

Gold Silver Price: सोने -चांदी में तेजी कायम, जानिए आखिर क्यों अहम हैं ग्लोबल संकेत?

Gold Silver Price:  हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। निवेशक ब्याज दरों की उम्मीदों, बॉन्ड यील्ड, डॉलर और चल रहे जियोपॉलिटिकल जोखिमों पर नजर रखे हुए थे। COMEX पर सोना $4,451.30 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले बंद भाव $4,440 प्रति औंस से $14 या 0.32% ज़्यादा था। इस मेटल ने दिन के दौरान $4,473.20 प्रति औंस का उच्चतम और $4,422.30 प्रति औंस का निचला स्तर छुआ।

चांदी में ज़्यादा तेजी देखी गई। COMEX पर चांदी $65.845 प्रति औंस पर थी, जो पिछले बंद भाव $65.060 प्रति औंस से $0.737 या 1.13% ज़्यादा थी। सेशन के दौरान इसकी कीमत $64.850 और $66.395 प्रति औंस के बीच रही।

क्यों हो रहा है सोने की कीमतों में बदलाव ?

हाल के हफ़्तों में कमजोर अमेरिकी आर्थिक डेटा और कम बॉन्ड यील्ड से सोने को सहारा मिला है। बाजार अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों, डॉलर में उतार-चढ़ाव और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रमों पर भी नज़र रखे हुए है।

ईरान संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई में रुकावट के कारण महंगाई का जोखिम बना हुआ है। तेल की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ाकर सेंट्रल बैंकों के लिए हालात मुश्किल बना सकती हैं।मार्केट अपडेट के अनुसार, पिछले हफ़्ते सोने में 0.8% की बढ़त भी हुई थी।

टाटा म्यूचुअल फंड ने सोने पर अपने अगस्त 2026 के ‘हाउस व्यू’ में कहा कि ब्याज दरों, डॉलर और बॉन्ड यील्ड का आकलन करने के कारण निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फंड ने सोने पर मध्यम से लंबी अवधि का सकारात्मक नज़रिया बनाए रखा और सेंट्रल बैंक की खरीदारी, निवेश की मांग और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन को इसके लिए संरचनात्मक आधार बताया।

चांदी की कीमतों में तेज़ी की वजह क्या?

कीमती धातुओं में आई आम तेजी से चांदी को भी फ़ायदा हुआ है, लेकिन औद्योगिक इस्तेमाल के कारण इसकी मांग का पैटर्न सोने से अलग है।

टाटा म्यूचुअल फंड ने कहा कि चांदी के लिए निकट भविष्य का नजरिया वैश्विक आर्थिक स्थितियों और औद्योगिक मांग पर निर्भर करेगा। फंड ने कहा कि सोलर इंस्टॉलेशन में कमी और सप्लाई की तंगी में ढील से कीमतों में ठहराव और ज़्यादा उतार-चढ़ाव का दौर आ सकता है। साथ ही, फंड हाउस को उम्मीद है कि इलेक्ट्रॉनिक्स, AI-संबंधित हार्डवेयर, रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और सोलर पावर में इस्तेमाल से लंबी अवधि की मांग को फ़ायदा होगा। निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

सोने के लिए, मुख्य बातें हैं – US में ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, बॉन्ड यील्ड, डॉलर और जियोपॉलिटिकल जोखिम। डॉलर का कमजोर होना और यील्ड का कम होना आम तौर पर सोने के लिए अच्छा होता है क्योंकि इससे यह मेटल निवेशकों के लिए ज़्यादा आकर्षक बन जाता है।

चांदी की कीमतों में ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है क्योंकि इसकी कीमत तय करने में इंडस्ट्रियल डिमांड की बड़ी भूमिका होती है।

टाटा म्यूचुअल फंड ने मध्यम से लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशकों को धीरे-धीरे निवेश करने (स्टैगर्ड इन्वेस्टमेंट) का तरीका अपनाने का सुझाव दिया है। अलग-अलग कीमती मेटल्स में निवेश के लिए, यह सोने में ज़्यादा निवेश करने को प्राथमिकता देता है क्योंकि इसमें सुरक्षात्मक गुण होते हैं, साथ ही चांदी में लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावना भी होती है।

फंड हाउस ने 70:30 के गोल्ड-टू-सिल्वर एलोकेशन को एक बड़े रणनीतिक ढांचे के तौर पर बताया है, न कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग कॉल के तौर पर। निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कीमती मेटल्स की ग्लोबल कीमतें घरेलू कीमतों से अलग हो सकती हैं क्योंकि भारतीय कीमतें करेंसी में उतार-चढ़ाव, इंपोर्ट से जुड़ी लागत, टैक्स और स्थानीय बाज़ार की स्थितियों से प्रभावित होती हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dividend Stocks: RVNL और HUDCO समेत 4 सरकारी कंपनियां दे रहीं डिविडेंड का तोहफा, जानिए रिकॉर्ड डेट समेत पूरी डिटेल

Dividend Stocks: अगले हफ्ते डिविडेंड पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। HUDCO, NBCC, RVNL और Mazagon Dock Shipbuilders समेत चार सरकारी कंपनियां 17 से 20 अगस्त के बीच एक्स-डिविडेंड होने जा रही हैं। इन चारों कंपनियों ने जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे भी जारी किए हैं। कहीं मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी हुई है तो कहीं रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

HUDCO

सरकारी हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी HUDCO 17 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ने ₹1.50 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है।

इस सरकारी कंपनी का जून तिमाही में नेट प्रॉफिट 35% बढ़कर ₹851 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 26.6% बढ़कर ₹3,717 करोड़ पहुंच गया। बेहतर लोन ग्रोथ और मजबूत एसेट क्वालिटी ने कंपनी के नतीजों को सहारा दिया।

NBCC

सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC (India) भी 17 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ₹0.15 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड दे रही है।

NBCC का जून तिमाही में नेट प्रॉफिट 17.2% बढ़कर ₹154.83 करोड़ रहा। हालांकि, रेवेन्यू 5.6% घटकर ₹2,259.53 करोड़ पर आ गया। इसके बावजूद कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक आगे के कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

RVNL

सरकारी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RVNL 18 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी ने ₹0.71 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

इस सरकारी कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 18.5% बढ़कर ₹159 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹4,321 करोड़ पहुंच गया। EBITDA में भी मजबूत बढ़त दर्ज हुई, जिससे ऑपरेटिंग प्रदर्शन बेहतर रहा।

Mazagon Dock Shipbuilders

सरकारी डिफेंस शिपबिल्डिंग कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders 20 अगस्त को एक्स-डिविडेंड होगी। कंपनी अपने शेयरधारकों को ₹4.62 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देगी।

जून तिमाही में मझगांव डॉक का नेट प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹549.41 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹2,942.70 करोड़ हो गया। EBITDA में करीब 48% की बढ़त और बेहतर मार्जिन ने तिमाही प्रदर्शन को मजबूत बनाया।

एक नजर में पूरी लिस्ट

कंपनीडिविडेंडEx-Date
HUDCO₹1.5017 अगस्त
NBCC₹0.1517 अगस्त
RVNL₹0.7118 अगस्त
Mazagon Dock₹4.6220 अगस्त

डिविडेंड पाने के लिए क्या करना होगा?

डिविडेंड का फायदा लेने के लिए निवेशकों के पास Ex-Date से पहले संबंधित कंपनी के शेयर डीमैट खाते में होने चाहिए। भारत में T+1 सेटलमेंट नियम लागू है, इसलिए एक्स-डेट वाले दिन शेयर खरीदने पर डिविडेंड का लाभ नहीं मिलेगा। आपको एक दिन पहले ही शेयर खरीदना होगा।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹45 का डिविडेंड, 27 अगस्त रिकॉर्ड डेट; कीमत 6 महीनों में 20% चढ़ी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket IPO Allotment Date: करीब 100 गुना सब्सक्राइब हुआ, जानिए लेटेस्ट GMP और अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Shiprocket IPO: ई-कॉमर्स एनएबलमेंट प्लेटफॉर्म Shiprocket के IPO को करीब 100 गुना का जोरदार सब्सक्रिप्शन मिला। यह आईपीओ 12 से 14 अगस्त तक खुला था। शिपरॉकेट ने अपने 92-97 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था। Shiprocket IPO का अलॉटमेंट 17 अगस्त को फाइनल होने की संभावना है। इसके बाद कंपनी के शेयर 19 अगस्त को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

IPO का आकार कितना है?

Shiprocket का IPO ₹1,617.48 करोड़ का है। इसमें ₹885.50 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए। वहीं ₹731.98 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए।

OFS में Tribe Capital, Moore Strategic Ventures, Lightrock, गौतम कपूर, साहिल गोयल, विशेष खुराना और Agility International Investment जैसे मौजूदा निवेशकों ने हिस्सेदारी बेची।

शिपरॉकेट पैसे का इस्तेमाल कहां करेगी?

कंपनी IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मार्केटिंग बढ़ाने, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, कुछ कर्ज चुकाने और संभावित अधिग्रहण जैसे कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

Temasek और Zomato के निवेश वाली Shiprocket अब सिर्फ शिपिंग कंपनी नहीं रह गई है। यह D2C ब्रांड्स और MSMEs को घरेलू शिपिंग, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग, फुलफिलमेंट, विज्ञापन, कैपिटल सॉल्यूशंस और हाइपरलोकल डिलीवरी जैसी सेवाएं देती है।

ग्रे मार्केट में कैसा है माहौल?

Investorgain के मुताबिक, रविवार को Shiprocket का GMP ₹32 रहा। यह इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 33% प्रीमियम दिखाता है। हालांकि, 13 अगस्त को यह ₹36.50 था, यानी इसमें हल्की नरमी आई है। लिस्टिंग तक GMP में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

NSE अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • NSE की IPO Bid Details वेबसाइट खोलें।
  • Equity & SME IPO बिड डिटेल्स चुनें।
  • Symbol में SHIPROCKET चुनें।
  • PAN या एप्लिकेश नंबर दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।

KFin Technologies पर अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • KFin Technologies का IPO स्टेटस पोर्टल खोलें।
  • Shiprocket Ltd चुनें।
  • डीमैट नंबर, एप्लिकेशन नंबर या PAN में से कोई एक दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।

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Share Market New Rule: सिर्फ 3 दिनों के लिए शेयर दें किराए पर, बिना बेचे कमाई, खास स्टॉक्स के लिए आए रहा नया सिस्टम

Share Market New Rule: देश का पहला क्लियरिंग कॉरपोरेशन और एनएसई (NSE) की सब्सिडरी एनएसई क्लियरिंग लिमिटेड 17 अगस्त से सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) स्कीम के तहत कम समय वाले कॉन्ट्रैक्ट शुरू करेगा। इसके तहत महज तीन दिन के सेटलमेंट साइकिल के साथ स्टॉक-लेंडिंग ट्रांजैक्शन हो सकेगा। एनएसई क्लियरिंग ने इससे जुड़ा सर्कुलर 14 अगस्त को जारी किया जिसके मुताबिक नए कॉन्ट्रैक्ट R3 सीरीज के तहत शुरू किए जाएंगे और हर दिन उपलब्ध होंगे। ये कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ उन स्टॉक्स के लिए उपलब्ध होंगे जो इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में ट्रेडिंग के लिए एलिजिबल हैं यानी कि जो F&O सेगमेंट का हिस्सा हैं।

क्या है नियम

नए स्ट्रक्चर के तहत ट्रांजैक्शन वाले दिन यानी T Day पर किए गए SLB ट्रांजैक्शन का पहला हिस्सा T+1 दिन पर यानी अगले दिन सेटल होगा, जबकि उससे जुड़ा रिवर्स हिस्सा T+3 दिन पर सेटल होगा इसमें सेटलमेंट की छुट्टियां शामिल नहीं होंगी। अभी के एसएलबी कॉन्ट्रैक्ट्स के उलट AGM (एनुअल जनरल मीटिंग) या EGM (एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग) होने पर R3 कॉन्ट्रैक्ट्स को समय से पहले बंद नहीं किया जाएगा। साथ ही कम समय वाले इन कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए रीपेमेंट, रिकॉल और रोलओवर की सुविधाएं नहीं मिलेगी। मार्केट खुले रहने के दौरान यानी मार्केट टाइमिंग्स में क्लियरिंग और सेटलमेंट, रिस्क मैनेजमेंट और कॉरपोरेट एक्शन से जुड़े बाकी सभी नियम वैसे ही रहेंगे जैसे मौजूदा एसएलबी कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए हैं।

R3 सीरीज के आने से मार्केट पार्टिसिपेंट्स को सिक्योरिटीज लेंडिंग ट्रांजैक्शन के लिए कम होल्डिंग पीरियड मिलता है, जबकि SLB कॉन्ट्रैक्ट्स का समय ज्यादा होता है यानी कि अगर किसी ट्रेडर को किसी शेयर को शॉर्ट करने के लिए केवल कुछ दिनों के लिए शेयर चाहिए, तो R3 कॉन्ट्रैक्ट उसके लिए लंबी अवधि वाले SLB कॉन्ट्रैक्ट की तुलना में अधिक बेहतर हो सकता है। इससे ट्रेडर्स और निवेशकों को शॉर्ट-टर्म बॉरोइंग और लेंडिंग की जरूरतों को मैनेज करने में अधिक फ्लेक्सिबिलिटी मिल सकती है। इस प्रकार R3 कम अवधि वाला नया SLBM कॉन्ट्रैक्ट है, जिसमें शेयर T+3 पर वापस होंगे।

क्या है SLBM?

सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग मैकेनिज्म (SLBM) एक ऐसा सिस्टम है जिसके तहत निवेशक अपनी सिक्योरिटीज जैसे कि शेयर को एक तय समय के लिए दूसरे मार्केट पार्टिसिपेंट्स को उधार दे सकता है। इसके बदले में उन्हें लेंडिंग फीस मिलती है। यह सिस्टम उन निवेशकों के लिए बहुत काम का है जो अपनी सिक्योरिटीज से अतिरिक्त कमाई करना चाहते हैं, और उन ट्रेडर्स के लिए भी जिन्हें शॉर्ट-सेलिंग को लेकर शेयर उधार लेने की जरूरत होती है। इसके तहत उधार लेने वाला सिक्योरिटीज का इस्तेमाल करने के बदले उधार देने वाले को लेंडिंग फीस देता है। एक्सचेंज और क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ट्रांजैक्शन को मैच करने और कोलेटरल, सेटलमेंट व अन्य रिस्क को मैनेज करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर देते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Independence Day 2026: 1 करोड़ युवाओं की AI ट्रेनिंग, 6 करोड़ लखपति दीदी… लाल किले से हुए वो 7 ऐलान जो बदल देंगे आपकी जिंदगी

Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए बड़े ऐलान किए हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI), शिक्षा, खेल, सिविल डिफेंस, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, परमाणु ऊर्जा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी प्रमुख योजनाओं और लक्ष्यों की जानकारी शेयर की है। इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाए जाने से देश में करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल सकती है।

आइए आपको विस्तार से उन 7 प्रमुख ऐलानों के बारे में बताते हैं जो आपकी जिंदगी पर असर डालने जा रहे हैं-

1. 1 करोड़ युवाओं की AI ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले एक साल में देश के 1 करोड़ युवाओं को AI (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) स्किल्स में प्रशिक्षित किया जाएगा। तेजी से बढ़ती तकनीक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस कदम से भारत के युवा AI की दुनिया में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने में सक्षम बनेंगे।

2. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क बनाने की घोषणा की गई। कोचिंग संस्थानों के भारी वित्तीय बोझ से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत देने के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), उपलब्ध प्रतिभाओं और शिक्षकों को एक साथ लाकर यह पूरा ढांचा तैयार किया जाएगा।

3. 5-15 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट

गांवों, शहरों और स्कूलों में 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की खेल प्रतिभा की पहचान करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। चुने गए बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। जिन ओलंपिक खेलों में भारत वर्तमान में भाग या क्वालीफाई नहीं करता है, उन पर विशेष जोर दिया जाएगा।

4. आधुनिक चुनौतियों के लिए वाइब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क

युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए देश में एक वाइब्रेंट सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा) नेटवर्क तैयार किया जाएगा। आधुनिक समय में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित न रहकर रिफाइनरी, बैंकिंग सेक्टर, डेटा सेंटर और फैक्ट्रियों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रभावित कर सकते हैं। पिछली शताब्दी के पुराने ढर्रे के स्थान पर नागरिकों को आधुनिक प्रणालियों से परिचित कराया जाएगा और एक बड़ा स्वैच्छिक बल तैयार किया जाएगा।

5. 6 करोड़ लखपति दीदी का नया लक्ष्य

देश के विकास में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का पिछला लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। अतिरिक्त 3 करोड़ लखपति दीदी बनने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा।

6. आत्मनिर्भरता के लिए और सेमीकंडक्टर प्लांट्स

भारत में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट्स शुरू हो चुके हैं और उनसे उत्पादन का निर्यात भी शुरू हो गया है। आने वाले 7-8 वर्षों में देश में 5 से 8 और नए सेमीकंडक्टर प्लांट्स स्थापित किए जाएंगे, जो विकसित भारत के निर्माण में सहायक होंगे।

7. 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता

चिप्स, AI और डेटा सेंटरों की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं के मद्देनजर ऊर्जा सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया गया है। भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत इसी दशक में 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की योजना है। साथ ही फास्ट ब्रिडर टेक्नोलॉजी में मिली सफलता को परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया।

Saptadhara Explained: ‘सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी ने बताया विकसित भारत का 7-सूत्रीय रोडमैप

Saptadhara Explained: सात धाराओं के पवित्र हिंदू विचार से लेकर विकसित भारत के लिए सात-सूत्रीय रोडमैप तक: ‘सप्तधारा’ का क्या अर्थ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2026 पर इसका जिक्र क्यों किया? दरअसल, ‘सप्तधारा’ शब्द असल में ‘सप्त’ (यानी सात) और ‘धारा’ (यानी बहाव या प्रवाह) से मिलकर बना है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इसे विकास के एक फ्रेमवर्क के तौर पर इस्तेमाल किए जाने से बहुत पहले से ही, सात पवित्र धाराओं का यह विचार हिंदू धार्मिक परंपराओं में मौजूद था।

बता दें कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने जो घोषणा की, उसका आधार यही सांस्कृतिक और सभ्यतागत सोच थी। उन्होंने एक नई “सप्तधारा” — यानी ताकत की सात धाराएं — की बात की, जो 2047 तक ‘विकसित भारत’ की ओर भारत के सफर को आगे बढ़ाएंगी।

प्रधानमंत्री ने सबसे पहले ‘सप्त सिंधु’ यानी सात नदियों की पुरानी अवधारणा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कभी भारत अपनी ताकत के लिए सप्त सिंधु के कारण जाना जाता था और तर्क दिया कि अब एक विकसित भारत को ताकत की नई धाराओं की जरूरत है।

तो, सप्तधारा का हिंदू मूल क्या है, और इस शब्द को नीति के संदर्भ में नया अर्थ कैसे मिला है?

हिंदू परंपरा में ‘सप्तधारा’ का क्या अर्थ है?

सबसे बुनियादी स्तर पर, सप्तधारा का अर्थ है ‘सात धाराएं’। हिंदू धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में सात की संख्या का विशेष महत्व है—चाहे वह सात ऋषि (सप्तर्षि) हों, सात पवित्र नदियां हों या हिंदू ब्रह्मांड विज्ञान में वर्णित सात लोक हों।

पद्म पुराण में एक विशिष्ट ‘सप्तधारा-तीर्थ’ का भी वर्णन मिलता है।

संबंधित अध्याय के अनुवाद के अनुसार, सप्तधारा को एक महत्वपूर्ण पवित्र स्थान माना जाता था और यह ऋषियों से जुड़ा हुआ था। इस ग्रंथ में पवित्र जल की सात धाराओं का जिक्र मिलता है, जिन्हें गंगा के सात शुभ रूपों से जोड़ा गया है। इस स्थान का संबंध पांडवों से भी बताया गया है।

पद्म पुराण में सप्तधारा का उल्लेख खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सात धाराओं में बहने वाले पवित्र जल को गंगा की पवित्रता, तीर्थ यात्रा और पूर्वजों से जुड़े धार्मिक कर्मकांडों से जोड़ा गया है।

सप्तधारा या सप्तसरोवर नामक स्थानों से जुड़ी अन्य हिंदू परंपराएं भी हैं। उदाहरण के लिए, हरिद्वार में एक स्थानीय मान्यता है कि गंगा सात धाराओं में विभाजित हो गई थी ताकि सप्तऋषि (सात प्राचीन ऋषि) बिना किसी व्यवधान के अपनी तपस्या कर सकें।

दूसरे शब्दों में, “सात धाराएं” कोई नई गढ़ी गई उपमा नहीं है। लंबे समय से यह पवित्र प्रवाह, समृद्धि, निरंतरता और किसी शक्तिशाली चीज के विभिन्न दिशाओं में फैलने का प्रतीक रही है।

सप्तधारा और सप्त सिंधु: क्या है इनका संबंध?

पीएम मोदी के भाषण को समझने के लिए यह कड़ी ज्यादा महत्वपूर्ण है।

‘सप्त सिंधु’ का शाब्दिक अर्थ है “सात नदियां” और यह शुरुआती वैदिक काल से जुड़ा एक प्राचीन भौगोलिक और सांस्कृतिक शब्द है।

पीएम मोदी ने अपनी ‘सप्तधारा’ को पौराणिक ‘सप्तधारा-तीर्थ’ की हूबहू नकल के तौर पर पेश नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने अपने आज के विचार को समझाने के लिए पुरानी ‘सप्त सिंधु’ की अवधारणा का इस्तेमाल एक पुल की तरह किया।

सात ही क्यों?

भारतीय परंपराओं में ‘सात’ का बहुत गहरा महत्व है। सप्तऋषि (सात ऋषि) और सप्तसिंधु (सात नदियां) जैसी अवधारणाएं हैं। साथ ही हिंदू ब्रह्मांड विज्ञान, रीति-रिवाजों और साहित्य में भी सात के समूहों का कई बार जिक्र मिलता है।

इसलिए, यह संख्या पूर्णता और विविधता को दिखाने के लिए एक बेहतरीन प्रतीक है: अलग-अलग धाराएं मिलकर एक बड़ा प्रवाह बनाती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर इसी तरह इस विचार का इस्तेमाल किया। उनकी ‘सप्तधारा’ कोई एक योजना या नया मंत्रालय नहीं है। बल्कि, यह सात हिस्सों वाला एक रणनीतिक ढांचा है। इसमें वे क्षेत्र शामिल हैं जो भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लिए जरूरी आर्थिक, तकनीकी, बुनियादी ढांचे से जुड़ी, सैन्य, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक मजबूती दे सकते हैं।

PM मोदी की सात ‘सप्तधाराएं’ क्या हैं?

  1. मैन्युफैक्चरिंग पावर: पहली धारा मैन्युफैक्चरिंग है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को मैन्युफैक्चरिंग की पूरी वैल्यू चेन में अपनी ताकत बढ़ानी होगी। इसमें पार्ट्स और कंपोनेंट्स बनाने से लेकर डिजाइन और तैयार उत्पादों तक हर स्तर शामिल है। साथ ही भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का एक भरोसेमंद हिस्सा बनना होगा। उन्होंने तीन जरूरतों पर ज़ोर दिया: लागत, क्वालिटी और स्केल।

उन्होंने कहा, “मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम कर रहे मेरे भाइयों और बहनों के लिए, यह एक बड़ मौका है। इस मौके को हाथ से न जाने दें। और इसके लिए, हमें लागत, क्वालिटी और स्केल के मामले में ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को पूरा करना होगा। हमारी फैक्ट्रियां कॉम्पिटिटिव होनी चाहिए। हमारे प्रोडक्ट यूजर-फ्रेंडली होने चाहिए।”

इसका बड़ा लक्ष्य यह है कि भारत सिर्फ दुनिया की बड़ी कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार न रहे, बल्कि दुनिया के लिए एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बने।

  1. खेती और फ़ूड प्रोसेसिंग: दूसरा क्षेत्र खेती और फूड प्रोसेसिंग का है। यहां जोर सिर्फ खेती से होने वाले उत्पादन को बढ़ाने पर नहीं, बल्कि खेत से ग्लोबल मार्केट तक पहुंचने पर है। पीएम मोदी ने मोटे अनाज (मिलेट्स), मसालों, फलों और सब्जियों जैसे उत्पादों का जिक्र किया और कहा कि भारत के पारंपरिक खाद्य उत्पाद ग्लोबल ब्रांड बनने चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे किसान केमिकल-मुक्त खेती को बढ़ावा देंगे। दुनिया में इन उत्पादों की मांग बढ़ रही है। और अगर हमारे कृषि उत्पाद हर तरह से ग्लोबल मानकों पर खरे उतरते हैं, तो हम आसानी से दुनिया भर के बाजारों तक पहुंच पाएंगे।”

इसका मकसद खेती से होने वाले उत्पादन में प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट के जरिए वैल्यू जोड़ना है, न कि किसानों को मुख्य रूप से कच्चे माल (रॉ-कमोडिटी) के स्तर पर ही छोड़ देना।

  1. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन: तीसरी धारा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की है। पीएम मोदी ने UPI और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भारत के अनुभव का जिक्र किया और कहा कि देश को अब टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अगली बड़ी छलांग लगानी चाहिए।

उन्होंने खास तौर पर डेटा सेंटर, रोबोटिक्स, उभरती हुई टेक्नोलॉजी और अगली पीढ़ी के कम्युनिकेशन (जिसमें ‘मेड-इन-इंडिया 6G’ भी शामिल है) जैसे क्षेत्रों का जिक्र किया। इसका मुख्य संदेश यह है कि भारत उभरती हुई टेक्नोलॉजी का सिर्फ एक बड़ा उपभोक्ता बनकर नहीं रह सकता। बल्कि उसे इनका डेवलपर और निर्यातक भी बनना होगा।

उन्होंने कहा, “मेड-इन-इंडिया दुनिया के हर कोने तक पहुंचना चाहिए। यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए और हमें इस दिशा में अपनी कोशिशें तेज करनी चाहिए। इस दिशा में हमारे प्रयास कम नहीं होने चाहिए।”

  1. गति शक्ति: चौथी धारा है ‘गति शक्ति’ – यानी रफ्तार और कनेक्टिविटी की ताकत। इसमें हाई-स्पीड रेल, हाईवे, अंदरूनी जलमार्ग, एयरपोर्ट, बंदरगाह और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स शामिल हैं।

इसका मकसद पूरे भारत में लोगों और सामान को लाने-ले जाने में लगने वाले समय और खर्च को कम करना है। मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट पर आधारित अर्थव्यवस्था के लिए, इंफ्रास्ट्रक्चर सिर्फ निर्माण का काम नहीं है। यह भारत की कॉम्पिटिटिवनेस (प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता) का हिस्सा बन जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमें एयरपोर्ट्स की जरूरत है। हमें मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सिस्टम की जरूरत है। हमें अपने बंदरगाहों को सिर्फ सामान चढ़ाने और उतारने की जगह के तौर पर नहीं देखना चाहिए। दुनिया भर से जहाजों का वहां आकर रुकना ही काफी नहीं है। हमें अपने बंदरगाहों को ‘पोर्ट-लेड डेवलपमेंट’ (बंदरगाह-आधारित विकास) और ग्रोथ की दिशा में आगे ले जाना होगा।”

इसलिए, पीएम मोदी ने बिना रुकावट वाली कनेक्टिविटी को देश के बड़े आर्थिक लक्ष्यों से जोड़ा।

  1. रक्षा शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा: पांचवां क्षेत्र डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भरता है। पीएम मोदी ने कहा कि आज की अनिश्चित दुनिया में रणनीतिक आत्मनिर्भरता और भी जरूरी हो गई है।

उन्होंने उस जोखिम का जिक्र किया जो तब पैदा होती है जब जरूरी चीजों – जैसे एनर्जी, फर्टिलाइजर, दवाइयां और टेक्नोलॉजी – की सप्लाई पर जियोपॉलिटिकल तनाव का असर पड़ सकता है। वहीं, इसका समाधान है घरेलू डिफेंस प्रोडक्शन को मजबूत करना और ड्रोन व काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसी टेक्नोलॉजी विकसित करना, ताकि भारत को एक ग्लोबल डिफेंस सप्लायर बनाया जा सके।

उन्होंने कहा, “हमें डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनना होगा। अगली जनरेशन की डिफेंस टेक्नोलॉजी विकसित करके, हमें ग्लोबल सप्लायर बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना होगा।”

  1. ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी:

छठी धारा दो क्षेत्रों को मिलाती है: ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी

ग्रीन हिस्से में रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और एनर्जी स्टोरेज शामिल हैं। ब्लू हिस्सा भारत की तटरेखा, महासागरों, मछली पालन, समुद्री गतिविधियों और तटीय पर्यटन पर केंद्रित है। इसका बड़ा मकसद आर्थिक विकास को एनर्जी ट्रांजिशन के साथ जोड़ना और साथ ही भारत की समुद्री क्षमता का इस्तेमाल करना है।

  1. भारत की सॉफ्ट पावर: सातवीं और आखिरी धारा ‘सॉफ्ट पावर’ है।

यहीं पर मोदी की ‘सप्तधारा’ पारंपरिक आर्थिक पैमानों से आगे निकल जाती है। उन्होंने योग, हस्तशिल्प, डिजिटल कंटेंट और पर्यटन जैसे क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का सांस्कृतिक प्रभाव खुद एक आर्थिक और भू-राजनीतिक संपत्ति बन सकता है।

इसका मकसद भारत के उत्पादों, संस्कृति, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज़ और विचारों को दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाना है।

पीएम मोदी ने कहा, “हम अपनी क्षमताओं को दुनिया तक ले जा सकते हैं। चाहे वह हस्तशिल्प हो, संस्कृति हो, हमारी फिल्में हों, हमारी क्रिएटिव दुनिया हो, VFX, एनिमेशन, गेमिंग या डिजिटल कंटेंट हो – भारत क्रिएटिव दुनिया में अपनी ताकत दिखा सकता है। हमें इसे एक ग्लोबल क्षमता के तौर पर विकसित करना होगा।”

उन्होंने आगे कहा: “भारत के पास वन संपदा का विशाल भंडार है। हमारे यहां 100 से ज्यादा नेशनल पार्क हैं। इसमें बहुत संभावनाएं हैं, लेकिन हम विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में पीछे रहे हैं। हमारे पास अपनी सॉफ्ट पावर के जरिए दुनिया भर के पर्यटकों को भारत की ओर आकर्षित करने का मौका है। हमें दुनिया के सामने अपनी क्षमताओं को दिखाना होगा।”

सप्तधारा के पीछे की सोच क्या है?

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सप्तधारा’ की घोषणा को ‘विकसित भारत 2047’ के बड़े लक्ष्य से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 से 7 साल बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि जो काम पिछले पांच से सात दशकों में नहीं हो पाए, उन्हें अब आने वाले पांच से सात सालों में पूरा करना होगा। उन्होंने इस पहल को “रिफॉर्म एक्सप्रेस” (सुधार की गति बढ़ाने वाला कदम) भी कहा और सिस्टम, सोच और काम करने की रफ्तार में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।

इस वजह से ‘सप्तधारा’ सिर्फ सरकार की एक अलग योजना नहीं रह जाती, बल्कि सरकार के विकास के एजेंडे के अगले चरण के लिए एक रणनीतिक रूपरेखा बन जाती है।

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Horizon Industrial Parks IPO: एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹1168 करोड़, जानिए इश्यू के बारे में जरूरी बातें

Horizon Industrial Parks IPO: हराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स ने आईपीओ से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 1,167.8 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कुल 54 इनवेस्टर्स ने कंपनी में निवेश किया है। इनमें मॉर्गन स्टेनली, मिलेनियम मैनेजमेंट, सिटीग्रुप ग्लोबल जैसे बड़े इनवेस्टर्स शामिल हैं। कंपनी का 2,600 करोड़ रुपये का आईपीओ 17 अगस्त को खुलेगा। इसमें 19 अगस्त तक अप्लाई किया जा सकता है।

इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल नहीं होगा

Horizon Industrial Parks के आईपीओ में कंपनी इनवेस्टर्स को सिर्फ नए शेयर एलॉट करेगी। इसका मतलब है कि इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। कंपनी ने आईपीओ में प्रति शेयर 57-60 रुपये प्राइस बैंड तय किया है। हराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स में ब्लैकस्टोन की तीन सहयोगी कंपनियों का निवेश है। इससे कपनी में ब्लैकस्टोन की कुल हिस्सेदारी 88.74 फीसदी तक पहुंच जाती है।

कंपनी वेयरहाउसेज और कोल्ड स्टोरेज जैसी सेवाएं देती है

हराइजन ने आईपीओ से मिले 2,250 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल वह सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। यह देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्रियल एंड लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर और ऑपरेटर है। यह ग्रेड A वेयरहाउसेज, इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज और इन-सिटी सेंटर्स ऑफर करती है।

10 शहरों में 45 एसेट्स ऑपरेट करती है कंपनी 

कंपनी के सेवाओं में कोल्ड स्टोरेज, एनर्जी सॉल्यूशंस, ऑन साइट स्टॉफ एकॉमोडेशन, रैकिंग और मैटेरियल हैंडलिंग इक्विपमेंट शामिल हैं। कंपनी देश के 10 शहरों में 45 एसेट्स ऑपरेट करती है। इनमें दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और नागपुर शामिल हैं।

24 अगस्त को शेयर बीएसई और एनएसई में लिस्ट होंगे

कंपनी शेयरों का एलॉटमेंट 20 अगस्त को फाइनल कर देगी। 21 अगस्त को इनवेस्टर्स के डीमैट अकाउंट में आ जाएंगे। 24 अगस्त को कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई में लिस्ट हो जाएंगे। मार्च 2026 में कंपनी पर कुल 6,884.3 करोड़ रुपये का कर्ज था। FY26 में कंपनी का लॉस बढ़कर 203.6 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, रेवेन्यू 77.1 फीसदी बढ़कर 691.4 करोड़ रुपये हो गया।

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अगले हफ्ते इन दो कंपनियों के आईपीओ भी आएंगे

अगला हफ्ता आईपीओ के लिहाज से व्यस्त रहेगा। हराइजन के अलावा ललिता ज्वेलरी मार्ट और शंकेष ज्वेलर्स अगले हफ्ते आईपीओ पेश करेंगे। ललिता का आईपीओ 17 अगस्त को खुल जाएगा। यह 19 अगस्त को बंद होगा। 1,700 करोड़ रुपये के आईपीओ में कंपनी 1200 करोड़ रुपये नए शेयर इश्यू करेगी। ऑफर फॉर सेल के जरिए 500 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जाएंगे।