Asian Games के लिए इन दो शहरों ने भारतीय निशानेबाजों के लिए शुरु किया आखिरी प्रशिक्षण

 

नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने आइची-नागोया में होने वाले 2026 एशियाई खेलों से पहले भारतीय निशानेबाजी टीम के लिए आखिरी प्रशिक्षण शिविर की घोषणा की है। राइफल और पिस्टल निशानेबाज 5 से 14 सितंबर तक भोपाल में एमपी स्टेट शूटिंग अकादमी में ट्रेनिंग करेंगे, जबकि शॉटगन टीम नई दिल्ली में करणी सिंह शूटिंग रेंज में ट्रेनिंग करेगी। स्कीट शिविर चार से 14 सितंबर तक और ट्रैप कैंप 10 से 18 सितंबर तक चलेगा।

एशियाई खेलों में निशानेबाजी प्रतियोगिता 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक जापान में आइची प्रीफेक्चुरल जनरल शूटिंग रेंज में होंगे। एनआरएआई के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि ये कैंप निशानेबाजों को खेलों की तैयारी का आखिरी मौका देंगे। उन्होंने कहा, “ये तैयारी शिविर पोडियम तक पहुंचने के हमारे सफर में एक अहम कदम हैं। हमें अपने एथलीटों पर पूरा भरोसा है और हम उन्हें देश का नाम रोशन करने के लिए ज़रूरी वर्ल्ड-क्लास संसाधन उपलब्ध कराने के अपने वादे पर कायम हैं।”

एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार ने कहा कि इन दो जगहों से निशानेबाजों को अपने-अपने इवेंट के हिसाब से बनी सुविधाओं में ट्रेनिंग करने का मौका मिलेगा।उन्होंने कहा, “भोपाल और नई दिल्ली में एक साथ इन कैंपों का आयोजन यह पक्का करता है कि हमारे एथलीट अपने-अपने इवेंट के हिसाब से सबसे अच्छे माहौल में ट्रेनिंग कर सकें। एडमिनिस्ट्रेटिव टीम ने लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्ट स्टाफ के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए बहुत मेहनत की है, जिससे टीम अपनी आखिरी तैयारियों पर पूरी तरह ध्यान दे सके।” एनआरएआई के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर पियरे ब्यूचैम्प ने कहा , “इस अहम चरण में, हमारा ध्यान मात्रा से हटकर सटीकता, मानसिक तैयारी और तकनीकी सुधार पर केंद्रित हो जाता है। इन आखिरी कैंपों का स्ट्रक्चर हमारी स्पोर्ट्स साइंस और कोचिंग टीमों को हर एथलीट के परफॉर्मेंस मेट्रिक्स पर बारीकी से नज़र रखने और यह पक्का करने की सुविधा देता है कि एशियाई खेलों में रेंज पर उतरते समय वे अपनी बेहतरीन फॉर्म में हों।”

कुमार मंगलम बिड़ला का नया धमाका! लॉन्च किया अल्ट्रावोल्ट वायर और केबल का बिजनेस, जानिए क्या है ग्रुप का बड़ा प्लान

Aditya Birla Group Wires and Cables Launch: आदित्य बिड़ला ग्रुप ने भारतीय वायर और केबल मार्केट में धमाकेदार एंट्री मारी है। ग्रुप ने ‘अल्ट्रावोल्ट’ ब्रांड नाम से अपने नए वायर और केबल बिजनेस को लॉन्च किया है। इसके लिए बिड़ला ग्रुप ने शुरुआती तौर पर ₹1800 करोड़ के भारी-भरकम निवेश का ऐलान किया है।

इस नए बिजनेस को समूह की प्रमुख कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट के तहत शुरू किया गया है। कैपेसिटी के मामले में लॉन्च होते ही ‘अल्ट्रावोल्ट’ देश के वायर सेगमेंट में दूसरा सबसे बड़ा प्लेयर बन गया है। कंपनी का लक्ष्य अगले 5 सालों के भीतर इस सेक्टर के टॉप 2 खिलाड़ियों में शामिल होना है।

3 सालों में बिड़ला ग्रुप का चौथा बड़ा दांव

आदित्य बिड़ला ग्रुप का पिछले 3 सालों में यह चौथा नया बिजनेस दांव है। सीमेंट, रेडी-मिक्स कंक्रीट और बिल्डिंग प्रोडक्ट्स के बाद अब वायर और केबल सेगमेंट में कदम रखकर अल्ट्राटेक अपने ‘बिल्डिंग सॉल्यूशंस’ पोर्टफोलियो को और मजबूत कर रहा है। इसके लिए गुजरात के भरूच में एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया गया है।

‘डाटा सेंटर और अर्बनाइजेशन से आएगा बूम’

आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने इस लॉन्चिंग पर कहा कि वायर और केबल भारत के विकास के नए चरण के केंद्र में हैं। चेयरमैन ने कहा, ‘केबल और वायर सेगमेंट भारतीय अर्थव्यवस्था के तीन बड़े ट्रेंड्स अर्बनाइजेशन, इलेक्ट्रिफिकेशन और डिजिटाइजेशन के मुहाने पर खड़ा है। अगले दशक में 10 करोड़ से ज्यादा नए घर, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और तेजी से बढ़ते डाटा सेंटर्स इस सेक्टर में बड़ा बूम लाने वाले हैं। नए बिजनेस बनाना अब हमारे ग्रुप के DNA का अहम हिस्सा बन चुका है।’

देश के 500 जिलों और 1 लाख रिटेलर्स तक पहुंचेगा नेटवर्क

कंपनी ने लॉन्च के साथ ही देशव्यापी डिस्ट्रीब्यूशन का तगड़ा प्लान बनाया है। शुरुआत में ही 500 से ज्यादा जिलों और 6,000 से अधिक पिन कोड्स तक नेटवर्क फैलाया जाएगा। 1 लाख से अधिक रिटेलर्स तक पहुंच बनाने और अल्ट्राटेक बिल्डिंग सॉल्यूशंस के 5,000 से ज्यादा आउटलेट्स के जरिए बिक्री बढ़ाने का लक्ष्य है।

अल्ट्रावोल्ट के डायरेक्टर दिलीप गौड़ के अनुसार, देश भर में 20 से अधिक वेयरहाउस का नेटवर्क बनाया गया है, जिससे होम बिल्डर्स, ठेकेदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स को तुरंत सप्लाई दी जा सकेगी।

घरों के साथ-साथ इंडस्ट्रियल और कमर्शियल केबल्स भी शामिल

अल्ट्रावोल्ट के सीईओ श्रीराम रंगराजन ने बताया कि कंपनी उपभोक्ता-केंद्रित एप्रोच के साथ काम करेगी। शुरुआती पोर्टफोलियो में होम वायर्स, फ्लेक्सिबल वायर्स, रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर एप्लीकेशन्स के लिए केबल्स शामिल हैं। भविष्य में कंपनी का इरादा अन्य इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज के सेगमेंट में भी विस्तार करने का है।

ESDS Software Solution: लिस्टिंग के दिन डबल से भी ज्यादा हुआ IPO निवेशकों का पैसा, अब क्या स्ट्रैटेजी- बाय, सेल या होल्ड?

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के IPO में शेयर पाने वाले निवेशक इस वक्त सातवें आसमान पर हैं। कारण है कि लिस्टिंग के दिन ही उनका पैसा डबल से भी ज्यादा हो गया है। 4 सितंबर को कंपनी का शेयर BSE पर करीब 74 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 746.30 रुपये और NSE पर 76.4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 757 रुपये पर लिस्ट हुआ। इसके बाद इसमें 20 प्रतिशत का उछाल आया और BSE पर 895.55 रुपये व NSE पर 908.40 रुपये पर अपर सर्किट लगा। इस तरह शेयर फाइनल इश्यू प्राइस 429 रुपये प्रति शेयर से 111.75 प्रतिशत तक ऊपर पहुंच गया है।

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का 720 करोड़ रुपये का IPO 1 सितंबर को बंद हुआ था। इसे कुल 142.88 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 274.97 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.87 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 41.68 गुना भरा था।

कंपनी AI-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर-एज-अ-सर्विस (IaaS), मैनेज्ड सर्विसेज और सॉफ्टवेयर-एज-अ-सर्विस (SaaS) जैसी एंड-टू-एंड सर्विसेज देती है।

ESDS Software Solution पर ब्रोकरेज की राय

स्वास्तिका इन्वेस्टस्मार्ट में वेल्थ हेड शिवानी न्याति का कहना है, ‘हमारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर-सिक्योरिटी और डिजिटलाइजेशन की मांग बढ़ रही है। यह ESDS के लिए लंबे समय में ग्रोथ का एक अच्छा मौका दे रही है। इसके चलते लिस्टिंग के बाद भी मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए सकारात्मक नजरिया बना हुआ है।’

आगे कहा, “लिस्टिंग के दिन हुए गेन को देखते हुए कुछ समय के लिए मुनाफावसूली हो सकती है क्योंकि वैल्यूएशन, फंडामेंटल से आगे निकल गए हैं। जिन्हें शेयर अलॉट हुए हुए हैं, वे मौजूदा स्तरों पर कुछ हद तक मुनाफा बुक करने और बाकी होल्डिंग पर ₹650–680 के आसपास स्टॉप लॉस लगाने पर विचार कर सकते हैं। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिले हैं, उनके लिए बेहतर होगा कि वे फ्रेश एंट्री के बारे में सोचने से पहले ₹600–650 की ओर गिरावट का इंतजार करें।”

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफ़िसर डॉ. रवि सिंह का कहना है कि लंबे समय के लिए निवेश करने वालों को कंपनी का बिजनेस अभी भी काम का लग सकता है। इसकी वजह है कि आने वाले सालों में क्लाउड, डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग से कंपनी की ग्रोथ को बढ़ावा मिल सकता है। जिन निवेशकों को शेयर मिले हैं, वे थोड़ा मुनाफा बुक कर सकते हैं और बाकी शेयर लंबे समय के लिए होल्ड कर सकते हैं। वहीं जिन्हें IPO में शेयर नहीं मिले, वे कीमत कम होने पर इन्हें खरीद सकते हैं।

NSE IPO की संभावित डेट आते ही रॉकेट बने IFCI और New India Assurance Company के शेयर

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जयशंकर बोले-भारत यूक्रेन जंग खत्म कराने में मदद को तैयार:कहा- जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता करेंगे; ब्लैक सी में नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है। जयशंकर ने यह बात गुरुवार को कीव दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। वे यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ मौजूद थे। जयशंकर ने ब्लैक सी में भारतीयों समेत सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए। ब्लैक सी दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। रूस और यूक्रेन से गेहूं, मक्का और सूरजमुखी तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचता है। जयशंकर के यूक्रेन दौरे की तस्वीरें… यूक्रेन बोला- रूसी हमलों के बीच जयशंकर का दौरा अहम यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने जयशंकर के कीव दौरे को अहम बताया। उन्होंने कहा कि रूसी हमलों के बीच भारतीय विदेश मंत्री की यह यात्रा खास मायने रखती है। सिबिहा ने कहा कि रूस लगातार यूक्रेनी शहरों, बंदरगाहों और नागरिक जहाजों को निशाना बना रहा है। दोनों नेताओं ने ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने और इससे जुड़ी वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस रुख का भी स्वागत किया, जिसमें भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए युद्ध खत्म करने की बात कहता रहा है। दोनों देश अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक कराने पर भी सहमत हुए। दोनों नेताओं के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में भारत-यूक्रेन के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई। जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यूक्रेन के बाद वे पोलैंड जाएंगे, जहां उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के साथ भारत के रिश्तों को और मजबूत करना है। इस दौरान क्षेत्रीय हालात और आपसी हितों से जुड़े दूसरे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

भारत की जगह चीन से महंगी बिजली खरीद रहा बांग्लादेश:दोगुनी कीमत चुका रहा, फैसले के लेकर देश में विरोध

बांग्लादेश भारत से मिलने वाली सस्ती बिजली के बावजूद चीन से महंगी बिजली खरीद रहा है। ढाका के पास अमीनबाजार में लग रहे वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट से 42 MW बिजली 25 टका यानी करीब 19.25 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदी जाएगी। इसके लिए 25 साल का करार हुआ है। भारत से बांग्लादेश को करीब 11 टका यानी 8.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। चीन से मिलने वाली बिजली की कीमत भारत से दोगुने से भी ज्यादा है। 2 सितंबर को बीजिंग में हुए इस समझौते का बांग्लादेश में विरोध हो रहा है। बांग्लादेश ने भारत के 1 पैसे के चार्ज पर आपत्ति जताई थी भारत के केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) ने सीमा-पार बिजली लेनदेन और ग्रिड से जुड़े खर्च के लिए 1 पैसे प्रति यूनिट शुल्क प्रस्तावित किया था। बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) ने इसका विरोध किया। इसके बाद भारत ने शुल्क को घटाकर आधा पैसा प्रति यूनिट करने की बात कही। चीन के प्रोजेक्ट से कचरे की समस्या भी होगी कम अमीनबाजार का प्रोजेक्ट सिर्फ बिजली बनाने के लिए नहीं है। इसमें ढाका के कचरे का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। करीब 2.3 करोड़ आबादी वाले ढाका में रोजाना 8 हजार मीट्रिक टन कचरा निकलता है। वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट से कचरे की समस्या कम करने के साथ बिजली भी पैदा होगी। बांग्लादेश इस समय बिजली की कमी और पावर कट की समस्या से जूझ रहा है। देश के सामने विदेशी मुद्रा का संकट भी है। बांग्लादेश के पावर सेक्टर में चीन का दखल बढ़ रहा चीन बांग्लादेश के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी भूमिका बढ़ा रहा है। वह तीस्ता नदी पर हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समेत बिजली से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। अमीनबाजार का वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट भी इसी बढ़ती भागीदारी का हिस्सा है। चीन की योजना बांग्लादेश के रास्ते म्यांमार तक भी ऊर्जा पहुंच बढ़ाने की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक ढाका के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट से म्यांमार को बिजली सप्लाई करने की तैयारी है। इस तरह अमीनबाजार प्रोजेक्ट का इस्तेमाल बांग्लादेश की बिजली जरूरत के साथ क्षेत्रीय ऊर्जा कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भी किया जाएगा। ———————– ये खबर भी पढ़ें… रूस-यूक्रेन ने ब्लैक सी में 300 जहाजों पर हमले किए:दुनिया में गेहूं-मक्का महंगा होने का खतरा; रूस का अनाज निर्यात 71% घटा रूस-यूक्रेन युद्ध में ब्लैक सी अब जंग का बड़ा मोर्चा बन गया है। पिछले करीब डेढ़ महीने में दोनों देशों ने 300 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया है। पूरी खबर पढ़ें…

Stock to Buy: यह स्टॉक इस साल 227 फीसदी भागा है, जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

Stock to Buy: अगर आप किसी ऐसे शेयर की तलाश में है जिसमें कम समय में जोरदार रिटर्न देने की क्षमता हो तो आप वेलस्पन कॉर्प के बारे में सोच सकते हैं। 3 सितंबर को बाजार खुलते ही इस शेयर में उछाल देखने को मिला। यह स्टॉक ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया।

जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने वेलस्पन के शेयर को कवर करना शुरू किया है। उसने इस पर ‘buy’ रेटिंग यानी इसे खरीदने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 3,250 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि 2 सितंबर के 2,524 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से यह शेयर करीब 29 फीसदी चढ़ सकता है।

हर मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका और मिडिल ईस्ट में ऑयल एंड गैस इंफ्रास्ट्रक्चर में स्पेंडिंग कई साल के अपसाइकिल में है। वेलस्पन इसका फायदा उठाने की स्थिति में है, क्योंकि दोनों ही क्षेत्रों में कंपनी मैन्युफैक्चरिंग में मौजूद है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि FY26-FY29 के बीच कंपनी का वॉल्यूम सीएजीआर 17 फीसदी, EBITDA सीएजीआरऔर और ईपीएस सीएजीआर 32-33 फीसदी रहेगा।

अमेरिका और सऊदी अरब में कपैसिटी में 50% इजाफा

वेलस्पन कॉर्प अमेरिका और सऊदी अरब में अपनी कपैसिटी 50 फीसदी बढ़ा रही है। इससे कंपनी की अर्निंग्स ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा कंपनी के कुल रेवेन्यू में ज्यादा मार्जिन वाले विदेशी बिजनेस की हिस्सेदारी बढ़ रही है। कंपनी की ऑर्डरबुक 42,100 करोड़ रुपये की है, जो इसके FY26 के रेवेन्यू का करीब 2.5 गुना है।

रिटर्न ऑन इक्विटी भी बढ़ने की उम्मीद

कंपनी का नेट कैश पोजीशन FY26 के अंत में 1,400 करोड़ रुपये था, जिसके बढ़कर FY29 तक 3,900 करोड़ रुपये पहुंच जाने की उम्मीद है। जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि FY24-26 के दौरान कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 21 फीसदी रहा। FY27-29 के दौरान इसके बढ़कर 22-23 फीसदी पहुंच जाने की उम्मीद है।

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इस साल 227 फीसदी चढ़ा है शेयर 

Welspun Corp का शेयर 3 सितंबर को 11:15 बजे 3.69 फीसदी चढ़कर 2,617 रुपये पर चल रहा था। इस शेयर में इस साल जबर्दस्त तेजी देखने को मिली है। 2026 में यह शेयर अब तक 227 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस दौरान शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों का रिटर्न निगेटिव रहा है।

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Stocks to Watch: 3 सितंबर को इन 13 शेयरों पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: कई कंपनियों से जुड़े अहम बड़े अपडेट सामने आए हैं। इनमें हिस्सेदारी खरीद, नए प्रोजेक्ट, ब्लॉक डील, फंड जुटाने और मैनेजमेंट बदलाव जैसी खबरें शामिल हैं। इन खबरों का असर 3 सितंबर को इन कंपनियों के शेयरों में देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं गुरुवार को किन 13 शेयरों पर नजर रहेगी।

ICICI Bank

प्राइवेट बैंक ICICI Bank ने अपनी सब्सिडियरी ICICI Prudential Life Insurance में 2% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। इसके लिए बैंक ने करीब ₹1,470 करोड़ खर्च किए। अब कंपनी में ICICI Bank की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 52.8% हो गई है। बैंक ने 22 जुलाई से 2 सितंबर के बीच कई चरणों में करीब 2.90 करोड़ शेयर खरीदे।

Power Grid Corporation of India

सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी Power Grid Corporation को राजस्थान REZ से ₹3,244.33 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को राजस्थान के बाड़मेर से बिजली ट्रांसमिशन सिस्टम बनाने का लेटर ऑफ इंटेंट मिला है। यह प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी से पैदा होने वाली बिजली को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने से जुड़ा है।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho में SoftBank ब्लॉक डील के जरिए करीब 7 करोड़ शेयर बेच सकती है। यह कंपनी की 1.5% हिस्सेदारी के बराबर है। इस डील का आकार करीब ₹1,435 करोड़ हो सकता है। शेयरों के लिए ₹205 का फ्लोर प्राइस तय किया गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से 3.12% तक कम है।

HUDCO

सरकारी फाइनेंस कंपनी HUDCO ने बिहार सरकार के साथ ₹25,000 करोड़ तक की फंडिंग के लिए समझौता किया है। यह पैसा पांच साल में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए दिया जाएगा। इसमें जमीन खरीदने और इंडस्ट्रियल पार्क बनाने पर खर्च शामिल है।

AXISCADES Technologies

इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी AXISCADES Technologies ₹200 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी का बोर्ड शनिवार को नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स यानी NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर विचार करेगा।

Motilal Oswal Financial Services

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Motilal Oswal Financial Services का बोर्ड सोमवार को फंड जुटाने पर विचार करेगा। कंपनी NCDs जारी करके पूंजी जुटाने की योजना पर चर्चा करेगी।

Jindal Worldwide

टेक्सटाइल कंपनी Jindal Worldwide ने अमित अग्रवाल को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने का फैसला किया है। उनका कार्यकाल अगले तीन साल का होगा। इस फैसले से कंपनी के मैनेजमेंट में निरंतरता बनी रहेगी।

NHPC

सरकारी पावर कंपनी NHPC को BGS-SGS-SOMA JV के साथ चल रहे विवाद में आर्बिट्रल अवॉर्ड मिला है। यह मामला 2,000 मेगावाट के सुबानसिरि लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

Hexaware Technologies

आईटी कंपनी Hexaware Technologies में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव होने जा रहा है। श्रीकृष्ण रामकार्तिकेयन 28 अक्टूबर 2026 से CEO और होल-टाइम डायरेक्टर का पद छोड़ देंगे। उनकी जगह विवेक जेटली CEO बनेंगे। रामकार्तिकेयन कंपनी से सीनियर एडवाइजर के तौर पर जुड़े रहेंगे।

Page Industries

गारमेंट कंपनी Page Industries को UAE डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था से जुड़े विवाद में दुबई की अदालत से नोटिस मिला है। Yellow Flower Trading LLC ने कंपनी पर AED 113.55 मिलियन का दावा किया है। इसमें 10 अक्टूबर 2025 से सालाना 9% ब्याज भी मांगा गया है। कंपनी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है।

Aster DM Quality Care

हेल्थकेयर कंपनी Aster DM Quality Care में करीब ₹350 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है। TPG से जुड़ी Centella Mauritius ने 46.1 लाख शेयर बेचे हैं। यह कंपनी की 0.53% हिस्सेदारी के बराबर है। Union (Mauritius) Holdings ने NSE पर औसतन ₹760 प्रति शेयर के भाव से यह हिस्सेदारी खरीदी।

Pine Labs

फिनटेक कंपनी Pine Labs में ₹550 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है। Alpha Wave Ventures ने 3.55 करोड़ शेयर बेचे हैं। यह कंपनी की 3.1% हिस्सेदारी के बराबर है। ICICI Prudential Life Insurance, Societe Generale और Goldman Sachs समेत कई निवेशकों ने शेयर खरीदे हैं।

FACT

सरकारी फर्टिलाइजर कंपनी FACT पर भारत सरकार के बकाया कर्ज को लेकर ₹438.20 करोड़ का पेनल ब्याज लगाया गया है। इसमें ₹389.51 करोड़ का ब्याज 31 मार्च 2026 तक की अवधि का है। बाकी ₹48.69 करोड़ FY27 से जुड़ा है। यह पेनल ब्याज 1 अप्रैल 2018 से लागू माना गया है।

GDP Growth: सरकार ने 2.6% GDP ग्रोथ के दावे को खारिज किया, 7.8% को सटीक बताया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HUDCO Share: सरकारी कंपनी ने बिहार को ₹25000 करोड़ की फंडिंग का दिया ऑफर, इंडस्ट्रियल पार्क पर होगा खर्च

HUDCO Share: सरकारी कंपनी Housing and Urban Development Corporation Ltd (HUDCO) ने बिहार सरकार के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इसके तहत HUDCO राज्य में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए ₹25,000 करोड़ तक की फाइनेंशियल मदद देगी।

पांच साल में मिलेगी फंडिंग

यह रकम एक साथ जारी नहीं होगी। अगले पांच साल में जरूरत के हिसाब से अलग-अलग चरणों में फंड दिया जाएगा।

इस पैसे का इस्तेमाल बिहार में इंडस्ट्रियल पार्क बनाने में होगा। इसमें जमीन खरीदना और उद्योगों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना शामिल है।

25 साल तक के लिए मिल सकता है लोन

HUDCO राज्य सरकार की ओर से तय की गई एक संस्था को ₹25,000 करोड़ तक के टर्म लोन देगी। फंडिंग अलग-अलग चरणों में होगी।

लोन की शर्तें भी लचीली होंगी। मोरेटोरियम की सुविधा मिल सकती है। लोन चुकाने के लिए 25 साल तक का समय दिया जा सकता है। समय से पहले लोन चुकाने का विकल्प भी होगा।

IDA को जिम्मेदारी मिली

बिहार सरकार ने राज्य के Infrastructure Development Authority को इन प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी दी है। यह संस्था इंडस्ट्रियल पार्क के लिए जमीन खरीद और डेवलप कर सकती है।

यहां उद्योगों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा। हर प्रोजेक्ट के लिए अलग समझौता होगा। उसमें फंडिंग की शर्तें और प्रोजेक्ट का दायरा तय किया जाएगा।

तुरंत नहीं मिलेंगे ₹25,000 करोड़

यह MoU ₹25,000 करोड़ तुरंत जारी करने का करार नहीं है। यह सिर्फ फंडिंग के लिए एक फ्रेमवर्क है। जरूरत के हिसाब से पांच साल में फंड जारी होगा। MoU तीन साल तक वैध रहेगा। इसकी हर साल समीक्षा की जाएगी।

बुधवार को HUDCO का शेयर 0.11% की मामूली गिरावट के साथ ₹178.38 पर बंद हुआ।

GDP Growth: सरकार ने 2.6% GDP ग्रोथ के दावे को खारिज किया, 7.8% को सटीक बताया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rhetan TMT की कर्ज लेने की क्षमता ₹300 करोड़ तक बढ़ाने का प्लान, शेयरों में दिखी तेजी

TMT स्टील बार बनाने वाली कंपनी Rhetan TMT ने अपनी उधार लेने की सीमा बढ़ाने की तैयारी की है। कंपनी ने 16 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में उधार लेने की सीमा ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹300 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है।

कारोबार बढ़ाने के लिए बढ़ेगी उधारी की सीमा

कंपनी के मुताबिक, यह प्रस्तावित बढ़ोतरी कारोबार के विस्तार और भविष्य की फंडिंग जरूरतों के लिए की जा रही है। इससे कंपनी को ज्यादा फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी। सामान्य कामकाज के लिए लिए जाने वाले अस्थायी बैंक लोन इस सीमा में शामिल नहीं होंगे।

Rhetan TMT का कहना है कि पिछले पांच साल में उसका प्रॉफिट 140% CAGR से बढ़ा है। उधारी की सीमा बढ़ने से कंपनी को अपनी ग्रोथ योजनाओं के लिए फंड जुटाने में मदद मिल सकती है।

1 MW का कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट शुरू

Rhetan TMT ने गुजरात के काडी स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में 1 MW का कैप्टिव ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट भी शुरू कर दिया है। इससे कंपनी अपनी बिजली जरूरतों का एक हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा करेगी।

कंपनी की कुल लागत में एनर्जी की हिस्सेदारी करीब 20% है। ऐसे में कैप्टिव सोलर पावर से लंबे समय में बिजली खर्च पर बेहतर नियंत्रण और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

हाई-ग्रेड TMT प्रोडक्ट्स पर भी फोकस

कंपनी को Fe500D, Fe550 और Fe550D ग्रेड के लिए BIS सर्टिफिकेशन भी मिल चुका है। इससे कंपनी को इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ज्यादा वैल्यू वाले प्रोजेक्ट्स की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

मैनेजिंग डायरेक्टर शालिन शाह ने कहा कि सोलर पावर प्रोजेक्ट कंपनी की एनर्जी इकोनॉमिक्स को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। कंपनी अब मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, लागत पर नियंत्रण और प्रोडक्ट रेंज मजबूत करने पर फोकस कर रही है।

Rhetan TMT का शेयर बुधवार को 9.94% की तेजी के साथ 21.02 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.67 हजार करोड़ रुपये है।

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