क्रूड, बॉन्ड यील्ड की डबल राहत से क्या होगी आज निफ्टी वीकली एक्सपायरी परफेक्ट, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी एक पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि एशियाई बाजारों में टेक्नोलॉजी-आधारित तेजी और वॉल स्ट्रीट पर रात भर हुई जबरदस्त बढ़त से बाजार का मूड बेहतर हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत में प्रगति की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी हालिया ऊंचे स्तरों से भारी गिरावट आई है, हालांकि ब्रेंट क्रूड अभी भी $100 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 23,499 पर ट्रेड कर रहा था, जो 59 अंक या 0.25 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। भारतीय बाज़ार लगातार चौथे दिन रिकवरी जारी रखने के बाद मंगलवार के सेशन में प्रवेश कर रहे हैं। सोमवार को सेंसेक्स 564.03 अंक या 0.76 प्रतिशत बढ़कर 74,858.99 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 67.90 अंक या 0.29 प्रतिशत बढ़कर 23,414.30 पर पहुंच गया।

ग्लोबल माहौल में भी सुधार हुआ है; अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में ज़बरदस्त तेज़ी आई है, ट्रेजरी यील्ड हालिया ऊंचे स्तरों से नीचे आई है और कच्चे तेल की कीमतें इस महीने की शुरुआत में देखे गए स्तरों से काफी नीचे हैं।

सोमवार को कैसी रही सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

सोमवार को बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए।  सेंसेक्स में 564 अंकों की बढ़त हुई और निफ्टी ने लगातार चौथे सेशन में अपनी बढ़त का सिलसिला जारी रखा। इस तेज़ी को कच्चे तेल की कीमतों में कमी, विदेशी फंड के नए इनफ्लो और ग्लोबल इक्विटी बाज़ारों में बढ़त का समर्थन मिला।

30-शेयर वाला BSE सेंसेक्स 564.03 अंक या 0.76% बढ़कर 74,858.99 पर बंद हुआ, जो एक हफ़्ते से ज़्यादा समय में इसका सबसे ऊंचा स्तर है। सेशन के दौरान, इंडेक्स 692.44 अंक या 0.93% तक चढ़कर 74,987.40 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया।

50-शेयर वाला NSE निफ्टी भी लगातार चौथे सेशन में बढ़ा और 67.90 अंक या 0.29% की बढ़त के साथ 23,414.30 पर बंद हुआ।

एशियाई बाज़ारों में तेज़ी, टेक शेयरों ने बढ़त को आगे बढ़ाया

मंगलवार को एशियाई शेयरों में तेज़ी आई, जिसमें टेक्नोलॉजी शेयरों ने मुख्य भूमिका निभाई। तेल की कम कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। एशिया में टेक्नोलॉजी शेयरों में यह तेज़ी, अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों में रात भर हुई ज़बरदस्त खरीदारी के बाद देखी गई।

शुरुआती कारोबार में जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज़्यादा चढ़ा। दक्षिण कोरिया का टेक-हैवी बाज़ार लगभग 2 प्रतिशत उछला, जबकि ताइवान के शेयरों में 1.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। चीन का ब्लू-चिप इंडेक्स 0.75 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग 0.4 प्रतिशत बढ़ा। छुट्टी के कारण जापानी बाज़ार बंद रहे।

ब्रेंट क्रूड $100 के करीब

कई दिनों की गिरावट के बाद मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़त हुई, लेकिन यह अपने हालिया उच्चतम स्तर से काफी नीचे बना रहा। निवेशक इस हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत से जुड़ी गतिविधियों का इंतज़ार कर रहे थे। नवंबर के लिए ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 0.22 प्रतिशत बढ़कर $100.57 प्रति बैरल हो गया, जबकि WTI का नवंबर कॉन्ट्रैक्ट 0.14 प्रतिशत बढ़कर $92.49 पर पहुंच गया।

इंडेक्स पर क्या होगी रणनीति

सेंसेक्स के आउटलुक पर बात करते हुए चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड में टेक्निकल रिसर्च के VP सचिन गुप्ता ने कहा, “सेंसेक्स के साइडवेज रहने की संभावना है, जिसमें 74,000–74,450 का लेवल मुख्य सपोर्ट ज़ोन और 75,000–75,500 का लेवल मुख्य रेजिस्टेंस एरिया होगा। 75,000 के ऊपर लगातार खरीदारी से शॉर्ट-टर्म प्राइस स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है, जबकि 74,000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ट्रेडर्स को मुख्य OI लेवल पर नज़र रखनी चाहिए और नई डायरेक्शनल पोजीशन लेने से पहले किसी निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन का इंतजार करना चाहिए।”

चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के अनुसार, डेली कैंडल एक बुलिश कैंडल बनी है, जिसमें नीचे की तरफ छोटी शैडो और ऊपर की तरफ औसत शैडो है। यह पूरे सेशन के दौरान लगातार खरीदारी की दिलचस्पी को दिखाता है, हालांकि दिन के हाई के पास कुछ प्रॉफिट बुकिंग भी देखी गई।

टेलर ने आगे कहा, “टेक्निकल नज़रिए से देखें तो रिकवरी से शॉर्ट-टर्म स्टेबिलिटी बनी हुई है और निफ्टी 23,250–23,320 के इमीडिएट सपोर्ट ज़ोन के ऊपर बना हुआ है। RSI सुधरकर 37.54 हो गया है, जबकि RSI एवरेज 32.54 है, जो ओवरसोल्ड लेवल से मोमेंटम में सुधार का संकेत देता है, हालांकि इंडिकेटर अभी भी 50 के मार्क से नीचे है। 23,000 का लेवल बड़े स्ट्रक्चर के लिए अहम/निर्णायक लेवल बना हुआ है। इमीडिएट रेजिस्टेंस 23,480–23,550 पर है। ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि पुट OI का कंसंट्रेशन 23,300–23,400 के आसपास है, जबकि कॉल OI का कंसंट्रेशन 23,400–23,500 के आसपास है। 0.94 का PCR एक तरह से बैलेंस्ड ऑप्शन सेटअप का संकेत देता है, जबकि इंडिया VIX गिरकर 11.22 हो गया है, जो कम वोलैटिलिटी को दिखाता है।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा पॉजिटिव शुरुआत के संकेत, यूएस, एशिया बाजारों में तेजी

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: Nifty की एक्सपायरी; तीन लिस्टिंग और Pine Labs, Lenskart, Waaree Energies समेत 16 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 56.60 प्वाइंट्स यानी 0.24% की बढ़त के साथ 23,496.00 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 21 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 564.03 प्वाइंट्स यानी 0.76% की बढ़त के साथ 74,858.99 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 67.90 प्वाइंट्स यानी 0.29% के उछाल के साथ 23,414.30 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Lumino Industries Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर लुमिनो इंडस्ट्रीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32.4% बढ़कर ₹40.2 करोड़ और रेवेन्यू 19.3% चढ़कर ₹521.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Augmont Enterprises Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ऑगमोंट एंटरप्राइजेज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 15.3% गिरकर ₹57.7 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 30.2% चढ़कर ₹18,945.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Symbiotec Pharmalab Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सिंबॉयोटेक फार्मालैब का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 53% गिरकर ₹14.1 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 7.4% चढ़कर ₹218.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Pine labs

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक मास्टरकार्ड एशिया/पैसिफिक ब्लॉक डील के जरिए पाइन लैब्स में अपनी 4.3% हिस्सेदारी यानी 4.97 करोड़ शेयर बेच सकती है। इसके लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹179.5 तय किया गया है।

Waaree Energies

वारी एनर्जीज को एक अहम सोलर डेवलपर से 2 GW सोलर मॉड्यूल की सप्लाई का ऑर्डर मिला है।

Garden Reach Shipbuilders & Engineers

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स के बोर्ड ने रायचक में एक ग्रीनफील्ड शिपयार्ड बनाने के लिए ₹2,896 करोड़ के कैपिटल बजट को मंजूरी दी है। इसका मकसद नेवल और कमर्शियल दोनों सेगमेंट में कंपनी की जहाज बनाने की क्षमता को बढ़ाना है।

Pace Digitek

पेस डिजीटेक की सब्सिडियरी लिनिएज पावर को एनटीपीसी जीई पावर सर्विसेज से बाढ़ STPP (NTPC स्टेज I और II) में BESS प्रोजेक्ट के लिए ₹488.46 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Share India Securities

शेयर इंडिया सिक्योरिटीज के बोर्ड ने कन्वर्टिबल वारंट के प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए ₹200 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके अलावा बोर्ड ने एक नई सब्सिडियरी बनाने और इसमें ₹120 करोड़ तक के इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दी है।

Reliable Data Services

रिलायबल डेटा सर्विसेज के बोर्ड ने आने वाले कई प्रोजेक्ट्स, मौजूदा प्रोजेक्ट्स को अपग्रेड/विस्तार करने और कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹200 करोड़ तक फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Lenskart Solutions

अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के मालिकाना हक वाले प्लैटिनम जैस्मीन ए 2018 ट्रस्ट ने लेंसकार्ट के 3.5 करोड़ इक्विटी शेयर (2.01% होल्डिंग) ₹2,390.57 करोड़ में प्रति शेयर ₹683.02 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक ADIA के पास प्लैटिनम जैस्मीन ए 2018 ट्रस्ट के जरिए लेंसकार्ट में 9.77% इक्विटी हिस्सेदारी थी।

Anupam Rasayan India

360 ONE एसेट मैनेजमेंट के 360 ONE पाइप फंड ने अनुपम रसायन इंडिया के 9 लाख शेयर (0.79% होल्डिंग) ₹104.85 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,165 के भाव पर हासिल किए। वहीं दूसरी तरफ आशापुरा कमोडिटीज ने 15.02 लाख शेयर (1.3% हिस्सेदारी) ₹175.02 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,165.16 के भाव पर बेच दिए।

CP Capital

सिद्धार्थ ओबेरॉय की प्रूडेंट इक्विटी ने सीपी कैपिटल के 1.11 लाख शेयर (0.61% हिस्सेदारी) ₹1.66 करोड़ में प्रति शेयर ₹149.09 ने बेची।

Mazda

अमेरिका के क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल ने मजदा के 1.12 लाख शेयर (0.56% होल्डिंग) ₹2.89 करोड़ में प्रति शेयर ₹256.58 के भाव पर बेच दिए। इससे पहले शुक्रवार को भी क्रॉल रेनॉल्ड्स ने मजदा में 0.74% हिस्सेदारी बेची थी। जून 2026 तक इसकी कंपनी में 7.23% हिस्सेदारी थी।

Vama Wovenfab, Quanto Agroworld, Shakti Polytarp

वाना वुवनफैब, क्वांटो एग्रोवर्ल्ड और शक्ति पॉलीट्रैप के शेयरों की आज बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखेगा गोरखपुर के टेराकोटा का जलवा, ODOP से बदली शिल्पियों की किस्मत

अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखेगा गोरखपुर के टेराकोटा का जलवा, ODOP से बदली शिल्पियों की किस्मत

Gorakhpur Terracotta Craft: गोरखपुर की तमाम विशिष्टताओं में से एक माटी का हस्तशिल्प ‘टेराकोटा’ वैश्विक पटल पर एक बार फिर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने जा रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण में गोरखपुर के टेराकोटा उत्पादों के चार विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। इस अंतरराष्ट्रीय मंच के माध्यम से स्थानीय टेराकोटा शिल्पियों और कारोबारियों को सीधे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निर्यातकों और बड़े व्यापारिक घरानों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल होने के बाद से इस पारंपारिक शिल्प को नया जीवन मिला है, जिससे शिल्पियों और कारोबारियों के जीवन में आर्थिक समृद्धि और सामाजिक सम्मान का नया दौर शुरू हुआ है।

गोरखपुर के टेराकोटा के चार स्टॉल 

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार गोरखपुर के टेराकोटा के चार स्टॉल आकर्षण का प्रमुख केंद्र होंगे। ट्रेड शो में आने वाले विदेशी प्रतिनिधियों और बड़े कॉरपोरेट खरीदारों के सामने इन उत्पादों की सीधी ब्रांडिंग से निर्यात की संभावनाओं के नए द्वार खुलने की भी पूरी उम्मीद है। उद्योग विभाग ने जिन शिल्पियों और कारोबारियों को यूपीआईटीएस में स्टाल लगाने के लिए चयनित किया है, उनमें मेसर्स अतरंगी कलाकारी के बैनर तले टेराकोटा ज्वेलरी व होम डेकोरेशन प्रोडक्ट बनाने वाली दीपिका सिंह, रीतिका कृतिका क्रिएशन से सुनीता मौर्या, गिफ्ट सिटी से कमलेश तिवारी और मेसर्स रोशनी एक उम्मीद ट्रस्ट की कोमल मद्देशिया शामिल हैं।

 

उद्योग उपायुक्त उज्ज्वल सिंह का कहना है कि इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगने वाले टेराकोटा के स्टाल न केवल गोरखपुर के शिल्पियों की मेहनत और हुनर का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि यह साबित करेंगे कि यदि पारंपरिक हुनर को सही नीति, तकनीक और बाजार का सहारा मिले तो मिट्टी भी सोना उगल सकती है। यूपीआईटीएस में मिलने वाला अवसर गोरखपुर के टेराकोटा के निर्यात की दिशा में भी काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।

योगी सरकार ने की ब्रांडिंग तो खूब बढ़ा कारोबार

भटहट ब्लॉक के औरंगाबाद गांव को टेराकोटा शिल्प का मूल गांव माना जाता है। औरंगाबाद और इसके आसपास के गांवों में पीढ़ियों से टेराकोटा का काम किया जाता रहा है। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री ने एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना शुरू की और टेराकोटा को गोरखपुर का ओडीओपी उत्पाद घोषित किया गया। इसके तहत शिल्पकारों को विद्युत चालित चाक, पगमिल, अनुदान पर ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी तो दूसरी तरफ योगी सरकार ने बड़े-बड़े मंचों से टेराकोटा की ब्रांडिंग की। परिणामस्वरूप इसकी मांग में लगातार वृद्धि होती गई।

कारोबार में वृद्धि होने से टेराकोटा शिल्पकारों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है। कच्ची झोपड़ियों में काम करने वाले कई शिल्पियों ने पक्के वर्कशॉप और पक्के मकान बना लिए हैं। नई पीढ़ी, जो कभी मिट्टी के इस काम से दूरी बना रही थी, अब आधुनिक डिजाइनिंग सीखकर अपने पुश्तैनी कारोबार में सक्रिय रूप से हाथ बंटा रही है।

US नागरिकों को निशाना बनाने वाले फर्जी कॉल सेंटर का ED ने किया भंडाफोड़, पटियाला-पुणे में रात तक चल रहा था पूरा नेटवर्क

(रिपोर्ट- शंकर आनंद) 

केंद्रीय जांच एजेंसी ED यानी प्रवर्तन निदेशालय के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत पटियाला, चंडीगढ़ और पुणे में तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान US नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी और जबरन वसूली करने वाले संगठित फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इस मामले में ईडी की तफ्तीश में सामने आया है कि ये कॉल सेंटर कॉरपोरेट कंपनियों की तरह संचालित किए जा रहे थे। इनमें बाकायदा कंप्यूटर, हेडसेट, डायलर और VoIP सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोप है कि नेटवर्क के मास्टरमाइंड गुजरात के अहमदाबाद से इन कॉल सेंटरों को रिमोट तरीके से नियंत्रित कर रहे थे।

पटियाला के दो कॉल सेंटरों में 194 कर्मचारी

ED के मुताबिक, पटियाला के अर्बन एस्टेट फेज-II में DM Web Solutions के नाम से चल रहे दो कॉल सेंटरों में कुल 194 लोग काम कर रहे थे। इन कॉल सेंटरों का संचालन और नियंत्रण अहमदाबाद के हर्षिल रावल और रवि रामी तथा उनके सहयोगियों के हाथ में था। वहीं, पुणे के हिंजवड़ी फेज-II स्थित Gera’s Imperial Complex में चल रहे कॉल सेंटर में 22 लोग काम कर रहे थे। इसे अहमदाबाद के विपुल कोटाडिया और उसके सहयोगियों द्वारा संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

नागालैंड, मिजोरम और मणिपुर से युवाओं की भर्ती

जांच में पता चला कि कॉल सेंटरों में काम करने वाले कई कर्मचारियों की पहचान स्थानीय नेटवर्क के जरिए की गई थी। इनमें बड़ी संख्या में नागालैंड, मिजोरम और मणिपुर जैसे पूर्वोत्तर राज्यों से आए लोग शामिल थे। ईडी के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर कर्मचारी निम्न आय वर्ग और बेरोजगार पृष्ठभूमि से थे। उन्हें करीब 30 हजार से 50 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता था। इसके अलावा पीड़ितों से सफलतापूर्वक रकम वसूलने पर इंसेंटिव भी दिया जाता था।

ऐसे चलता था US नागरिकों को ठगने का पूरा खेल

जांच में फर्जी कॉल सेंटर के काम करने का पूरा तरीका सामने आया है। सबसे पहले मास्टरमाइंड कथित तौर पर अमेरिकी नागरिकों का डेटा हासिल करते थे। इसके बाद सिस्टम के जरिए बड़े पैमाने पर स्पैम ई-मेल या कंप्यूटर पर पॉप-अप अलर्ट भेजे जाते थे। इन फर्जी अलर्ट में पीड़ितों को बताया जाता था कि उनके कंप्यूटर में वायरस है, बैंक अकाउंट खतरे में है या उनकी पहचान और कानूनी स्थिति से जुड़ी कोई गंभीर समस्या है। इसके साथ एक फर्जी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर दिया जाता था। पीड़ित जब उस नंबर पर फोन करता था तो कॉल सेंटर में उसे अलग-अलग स्तर के कर्मचारियों के पास भेजा जाता था।

Opener से Banker और फिर Closer

इस फर्जीवाड़े को तीन चरणों में अंजाम दिया जाता था, उसे हम इस तरह से समझ सकते हैं:-

  • पहला चरण:- Opener/Dialler.. शुरुआत में Opener पीड़ित से बात करता था। वह खुद को Amazon, Microsoft, PayPal जैसी कंपनियों के टेक्निकल सपोर्ट कर्मचारी के तौर पर पेश कर सकता था। उसका मकसद पीड़ित का भरोसा हासिल करना और उसकी चिंता का स्तर समझना होता था।
  • दूसरा चरण- Banker: इसके बाद Banker की भूमिका आती थी। वह कथित तौर पर पीड़ित के बैंक अकाउंट, उपलब्ध रकम और चल-अचल संपत्तियों के बारे में जानकारी हासिल करता था, ताकि पैसे वसूलने का तरीका तय किया जा सके।
  • तीसरा चरण- Closer:- इसके बाद कॉल Closer को ट्रांसफर की जाती थी। Closer पीड़ित पर दबाव बनाने के लिए खुद को अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसी, बैंक के फ्रॉड डिविजन या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर पेश करता था। पीड़ित को तत्काल भुगतान नहीं करने पर कानूनी या आर्थिक नुकसान की धमकी दी जाती थी।

Gift Card, कैश और गोल्ड के जरिए वसूली

ED की जांच में सामने आया कि पीड़ितों से रकम हासिल करने के लिए पारंपरिक बैंकिंग चैनल के बजाय अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था। पीड़ितों को Apple और Google Play जैसे गिफ्ट कार्ड खरीदने, कैश भेजने या सोना खरीदने के लिए मजबूर किया जाता था। कुछ मामलों में अमेरिका में मौजूद कूरियर के जरिए पीड़ितों से कैश या गोल्ड कलेक्ट करने की व्यवस्था भी की जाती थी। इसके बाद रकम को क्रिप्टोकरेंसी, हवाला और अन्य माध्यमों के जरिए भारत सहित दूसरे देशों में ट्रांसफर कर कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग की जाती थी।

Cloud के जरिए रिमोट कंट्रोल

ED के अनुसार, पटियाला और पुणे के कॉल सेंटरों में लगे कंप्यूटरों को मास्टरमाइंड Cloud के जरिए रिमोट तरीके से नियंत्रित करते थे। टारगेट का नाम और संपर्क विवरण भी कर्मचारियों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाता था। कॉल-ब्लास्ट की शुरुआती प्रक्रिया भी मास्टरमाइंड द्वारा नियंत्रित सिस्टम और IT सपोर्ट टीम के जरिए संचालित की जाती थी। इसके बाद Opener, Banker और Closer की पूरी प्रक्रिया के जरिए पीड़ित से रकम वसूलने का काम होता था।

गुजरात के अहमदाबाद से होता था रकम का प्रोसेसिंग और लेयरिंग

जांच में सामने आया कि कथित तौर पर हर्षिल रावल और रवि रामी पीड़ितों से हासिल रकम के आगे के ट्रांसफर और प्रोसेसिंग की व्यवस्था करते थे। ED के मुताबिक, अपराध से हासिल रकम को विभिन्न माध्यमों से भारतीय मुद्रा में बदला जाता था। इसके बाद इस पैसे का इस्तेमाल चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया जाता था या रकम को क्रिप्टो/बिटकॉइन के रूप में रखा जाता था। कुछ रकम देश के बाहर भी रखे जाने की जानकारी जांच में सामने आई है।

Digital Evidence से सामने आई पूरी चेन

ED की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं। इन साक्ष्यों से कथित तौर पर हवाला ऑपरेटरों, अंगड़िया फर्मों और अमेरिका में पीड़ितों से वसूली गई रकम के कलेक्शन में शामिल लोगों की भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, डिजिटल एविडेंस से भारत के अलग-अलग हिस्सों में संचालित फर्जी कॉल सेंटरों के बीच एक संगठित नेटवर्क की जानकारी मिली है।

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तेजी से बदल रही है इनवेस्टमेंट की दुनिया, 2034 तक 436 अरब डॉलर का होगा वेल्थ मैनेजमेंट मार्केट

इंडिया का वेल्थ-मैनेजमेंट मार्केट 2034 तक बढ़कर दोगुना तक हो जाने की उम्मीद है। 2025 में यह मार्केट करीब 171 अरब डॉलर का था। इसका मतलब कि इसका आकार 2034 तक 436 अरब डॉलर तक का हो जाएगा। इसकी वजह लोगों की बढ़ती इनकम, फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में सेविंग्स का शिफ्ट होना और कैपिटल मार्केट में बढ़ता पार्टिसिपेशन है। एमके वेल्थ मैनेजमेंट ने अपनी रिपोर्ट में यह कहा है।

वेल्थ-मैनेजमेंट मार्केट 10% सीएजीआर से बढ़ेगा

इस रिपोर्ट के मुताबिक, वेल्थ-मैनेजमेंट मार्केट की ग्रोथ अगले 8 साल में 10.6 फीसदी सीएजीआर रहेगी। इस दौरान इनवेस्टर्स की दिलचस्पी इंडिविजुअल इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स से हटकर एसेट ऐलोकेशन, डायवर्सिफिकेशन, टैक्सेशन और सक्सेशन प्लानिंग में बढ़ेगी। पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड्स जैसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में निवेश में परिवारों की दिलचस्पी बढ़ी है।

म्यूचुअल फंड्स इंडस्ट्री का एयूएम 80 लाख करोड़ पहुंचा

कैपिटल मार्केट्स में लोगों का निवेश बढ़ने में SIP जैसे प्रोडक्ट्स का भी बड़ा हाथ है। बाजार में उपलब्ध कुल फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में म्यूचुअल फंड्स की ज्यादा हिस्सेदारी है। एमके वेल्थ के मुताबिक, FY26 में म्यूचुअल फंड्स का तिमाही एवरेज एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 77.98 लाख करोड़ रुपये रहा। वेल्थ मैनेजमेंट मार्केट में हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) के अलावा अब दूसरे लोग भी निवेश कर रहे हैं।

वेल्थ मैनेजमेंट मार्केट में HNI की हिस्सेदारी 63 फीसदी

एक अनुमान के मुताबिक, अभी वेल्थ मैनेजमेंट मार्केट में HNI की हिस्सेदारी 62.8 फीसदी है। एमके वेल्थ का कहना है कि अब अमीर लोगों, फैमिली ऑफिस और इंस्टीट्यूशनल से भी डिमांड आ रही है। इनवेस्टर बेस बढ़ने से बाजार में ज्यादा कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट्स के आने की उम्मीद है। इनवेस्टर्स पीएमएस, AIF सहित कई प्रोडक्ट्स पर विचार कर रहे हैं। वे डायवर्सिफिकेशन में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

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डायवर्सिफिकेशन के लिए विदेश में इनवेस्ट करना चाहते हैं लोग

एमके वेल्थ को उम्मीद है कि इनवेस्टर्स डायवर्सिफिकेशन के लिए विदेश में इनवेस्ट करना चाहते हैं। आने वाले समय में यह ट्रेंड बढ़ेगा और वेल्थ मैनेजमेंट का जरूरी हिस्सा बन जाएगा। इसकी वजह यह है कि ग्लोबल मार्केट्स तक इंडियन इनवेस्टर्स की पहुंच बढ़ रही है। खासकर एचएनआई और फैमिली ऑफिसेज विदेश में निवेश के मौके तलाश रहे हैं। गिफ्ट आईएफएससी विदेश में निवेश के बड़े प्लेटफॉर्म के रूप में उभर रहा है।

iPhone 18 Pro खरीदने उमड़ी भीड़, किसी ने बेचा सोना तो कोई पहुंचा पंजाब से नोएडा!

iPhone 18 Pro खरीदने के लिए लगी लंबी लाइन, पत्नी या मंगेतर को गिफ्ट देने के लिए लोग खड़े है Store के बाहर दिख रहा है जबरदस्त क्रेज, बेच रहे है सोना ले रहे है लोन पर भूल नहीं रहे iPhone खरीदना।

नए फोन के लिए कई खरीदार Apple Store खुलने से पहले ही पहुंच रहे है। iPhone 18 Pro की बिक्री शुरू होते ही इसे खरीदने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे है। कई खरीदार सुबह होते-होते स्टोर के बाहर लंबी लाइन लग गई। नोएडा के DLF मॉल ऑफ इंडिया Apple Store पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां नए फोन के इंतजार में लोग सुबह से खड़े नजर आए। इस भीड़ में कुछ लोग अपने लिए तो कुछ अपने खास लोगों को गिफ्ट देने के लिए फोन खरीदने पहुंचे थे।

गिफ्ट देने के लिए बेच दिया सोना

दिल्ली से आया एक व्यक्ति अपनी पत्नी को iPhone 18 Pro तोहफे में देने के लिए नोएडा के Apple Store पहुंचा था। उसने बताया कि उसकी पत्नी ने पहले कभी iPhone इस्तेमाल नहीं किया है, लेकिन वह उसे नया फोन देकर अपग्रेड करना चाहता है। उसकी पत्नी को खास तौर पर बरगंडी रंग का फोन पसंद था। जब उससे पूछा गया कि उसने इतना महंगा फोन अभी खरीदने का फैसला क्यों किया, तो उसने कहा कि इस समय उसके पास पैसे हैं, इसलिए वह यह खरीदारी कर रहा है। उसने यह भी बताया कि फोन के लिए पैसे जुटाने के लिए उसने अपना सोना बेच दिया।

शादी से पहले मंगेतर के लिए खास सरप्राइज

iPhone 18 Pro खरीदने के लिए एक और खरीदार पंजाब से नोएडा आया था। गुरदिता सिंह अपने दोस्त के साथ सुबह करीब 6 बजे ही Apple Store के बाहर पहुंच गए थे। उनके दोस्त ने बताया कि सिंह की जल्द शादी होने वाली है और वह अपनी मंगेतर को iPhone 18 Pro गिफ्ट में देना चाहते हैं। खास बात यह है कि वह अपने लिए भी iPhone 18 Pro Max खरीदने वाले थे। दोनों फोन की कुल कीमत 3.5 लाख रुपये से ज्यादा बताई गई। खरीदारी के बाद उनका पंजाब लौटने का प्लान था और इसके लिए उनकी सुबह 11 बजे की ट्रेन भी थी।

कीमत की परवाह नहीं, फोन का अलग क्रेज

स्टोर के बाहर एक कपल भी दो iPhone 18 Pro खरीदने का इंतजार कर रहा था। महिला ने कहा कि फोन की कीमत बढ़ने के बावजूद जिन लोगों को iPhone चाहिए, वे इसके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने को तैयार हैं। इस कपल की iPhone Duo खरीदने की भी योजना थी, लेकिन वे इसे नोएडा से खरीदने के बजाय हांगकांग से मंगवाने की तैयारी में थे। उनका एक दोस्त हांगकांग में रहता है, जो अक्टूबर में भारत लौटने वाला था और उसके जरिए फोन लाने की उम्मीद थी। हरियाणा से आए एक अन्य खरीदार विशाल ने भी कहा कि बढ़ी हुई कीमत उनके लिए परेशानी की बात नहीं है और वे इसे मैनेज कर लेंगे।

लॉन्च डे पर छुट्टी लेकर पहुंचे खरीदार

Apple Store के बाहर लगी लाइन में सिर्फ बिजनेस करने वाले लोग ही नहीं, बल्कि स्टूडेंट और ऑफिस में काम करने वाले लोग भी शामिल थे। कुछ खरीदार ऐसे भी थे, जिन्होंने नए iPhone की बिक्री के पहले दिन स्टोर पहुंचने के लिए काम से छुट्टी तक ली। लेकिन लाइन में खड़े सभी लोगों को फोन खरीदने का मौका नहीं मिला। जिन कस्टमर ने पहले से प्री-ऑर्डर नहीं किया था, उन्हें उस दिन डिवाइस खरीदने की परमिशन नहीं दी गई।

नए iPhone को लेकर लोगों की पसंद और उसे पाने का उत्साह हर बार अलग देखने को मिलता है। इस बार भी लॉन्च के साथ खरीदारों के बीच काफी उत्सुकता नजर आई। हालांकि, महंगे फोन की खरीदारी से पहले बजट और अपनी जरूरत को ध्यान में रखना भी जरूरी है।

Stocks to Watch: 9 लिस्टिंग्स और Sensex की एक्सपायरी; Groww, ITC और Fortis समेत 22 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की बढ़ोतरी और आगे भी इसमें हाइक के आसार के बाद अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक दिखी। वहीं गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 27.00 प्वाइंट्स यानी 0.12% की गिरावट के साथ 23,240.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज उठा-पटक दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 16 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 332.63 प्वाइंट्स यानी 0.45% की बढ़त के साथ 74,336.45 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.00 प्वाइंट्स यानी 0.43% के उछाल के साथ 23,217.60 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Tempsens Instruments India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 14.2% बढ़कर ₹15.2 करोड़ और रेवेन्यू 33.4% उछलकर ₹118.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Infosys

इन्फोसिस ने मध्य भारत में अपनी स्थिति और मजबूत करने के लिए इंदौर डेवलपमेंट सेंटर (DC) के विस्तार का ऐलान किया है। इसमें एआई, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और अगली पीढ़ी की डिजिटल सर्विसेज की बढ़ी हुई कैपिबिलिटीज होंगी।।

Alembic Pharmaceuticals

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने गुजरात के वडोदरा में एलेम्बिक फार्मा की बॉयोइक्विवैलेंस फैसिलिटी की जांच के बाद एक EIR (एस्टेब्लिशमेंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट (EIR) जारी किया है।

Highway Infrastructure

हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी से ₹220.66 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इसमें गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए यूजर फीस वसूलना, टोल प्लाजा को चलाने और चार पेट्रोल-कम-सेफ्टी गाड़ियां लगाने का काम है।

Mazagon Dock Shipbuilders

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने महाराष्ट्र के दिघी में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग इंडस्ट्रियल क्लस्टर में एंकर शिपयार्ड के तौर पर शामिल होने के लिए नेशनल शिपबिल्डिंग एंड हेवी इंडस्ट्रीज पार्क महाराष्ट्र (NSHIPML) के साथ एक एमओयू किया है। इस शिपयार्ड की सालाना जहाज निर्माण क्षमता कम से कम 1.2 मिलियन ग्रॉस टनेज होने का अनुमान है।

GR Infraprojects

जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने एनटीपीसी के मौदा सुपर थर्मल पावर स्टेशन पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाने के ईपीसी पैकेज प्रोजेक्ट के लिए एनटीपीसी को कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का नोटिस जारी किया है।

Fortis Healthcare

फोर्टिस हेल्थकेयर ने नई दिल्ली के अशोक विहार में 400 से अधिक बेड वाले सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हेल्थकेयर सर्विसेज देने के लिए सेठ सुंदर लाल जैन चैरिटेबल आई हॉस्पिटल के साथ डेफिनिटिव एग्रीमेंट किए हैं। अस्पताल के तीन से चार साल में काम शुरू करने की उम्मीद है।

Venus Pipes and Tubes

वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए 18 निवेशकों को प्रति शेयर ₹1,670 के भाव पर ₹372 करोड़ में 22.27 लाख इक्विटी शेयर जारी करने का फैसला किया है।

Gujarat Narmada Valley Fertilizers & Chemicals

गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स ने संजीव कुमार को 9 सितंबर से पांच साल के लिए कंपनी का एमडी नियुक्त किया है।

ITC

आईटीसी ने दो ब्रांड्स- क्लासिक कनेक्ट और गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार की कीमतें बढ़ा दी हैं। सीएनबीसी-टीवी18 के सूत्रों के अनुसार क्लासिक कनेक्ट के 20 के पैक की कीमत ₹390 से बढ़ाकर ₹428 तो गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार के 10 के पैक की कीमत ₹79 से बढ़ाकर ₹89 कर दी है।

Billionbrains Garage Ventures (Groww)

वेंचर कैपिटल फर्म पीक XV पार्टनर्स के इन्वेस्टमेंट फंड पीक XV पार्टनर्स इंवेस्टमेंट्स VI-1 ने ग्रो में अपनी 1.46% हिस्सेदारी (9.17 करोड़ इक्विटी शेयर) ₹1,756.2 करोड़ में प्रति शेयर ₹191.49 के भाव पर बेच दी। यह Groww की पैरेंट कंपनी में पीक XV पार्टनर्स की 15.68% हिस्सेदारी का एक हिस्सा था।

Kanohar Electricals

ग्रो म्यूचुअल फंड ने ₹35.2 करोड़ में प्रति शेयर ₹740.38 के भाव पर पावर ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के 4.75 लाख शेयर (0.6% हिस्सेदारी) ₹35.2 करोड़ में खरीदे।

Glass Wall Systems India

प्राइवेट इक्विटी फर्म फर्स्ट ब्रिज इंडिया ग्रोथ फंड की प्रमोटेड फर्स्ट ब्रिज इंडिया ग्रोथ फंड ने लिस्टिंग के दिन ग्लास वाल सिस्टम्स के अतिरिक्त 6.03 लाख शेयर (0.68% हिस्सेदारी) ₹12 करोड़ में प्रति शेयर ₹198.75 के भाव पर खरीदे। लिस्टिंग के पहले इस फंड के पास कंपनी में 2.19% हिस्सेदारी थी। ऑथम इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने प्रति शेयर ₹193.12 के भाव पर पर ₹19.13 करोड़ में 10 लाख शेयर, सीएसआईएम इंडिया अपॉर्च्यूनिटीज फंड 1 ने ₹194.31 के भाव पर ₹10.2 करोड़ में 5.25 लाख शेयर और एसआई इंवेस्टमेंट्स ब्रोकिंग ने ₹203.81 के भाव पर ₹10.19 करोड़ में 5 लाख शेयर खरीदे।

मेनबोर्ड लिस्टिंग: 6 स्टॉक्स

मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस (Manipal Payment & Identity Solutions), रेंटोमोजो (Rentomojo), एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया (Asset Reconstruction Company India), स्टीम हाउस इंडिया (Steamhouse India), करमतारा इंजीनियरिंग (Karamtara Engineering) और एलसीसी प्रोजेक्ट्स (LCC Projects) के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

एसएमई लिस्टिंग: 3 स्टॉक्स

आज विनोद टेक्सवर्ल्ड (Vinod Texworld) की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी तो इंफ्राक्स रिन्यूएबल (Infrax Renewable) और एमटेक एस्टर्स (Amtech Esters) के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: स्काईवेज एयर सर्विसेज, ओडिशा मिनरल्स डेवलपमेंट कंपनी

एक्स-डिविडेंड: एक्यूटस केमिकल्स, अग्रवाल इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन, एशियन एनर्जी सर्विसेज, ऑसम एंटरप्राइज, बाल फार्मा, भारत रसायन, क्राफ्टरूट रिटेल, एस्टर इंडस्ट्रीज, एक्सेल इंडस्ट्रीज, फिल्ट्रा कंसल्टेंट्स एंड इंजीनियर्स, गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स, हिमतसिंगका साइड, एचपीएल इलेक्ट्रिक एंड पावर, इंडो एमाइन्स, इंटरनेशनल कन्वेयर्स, इरकॉन इंटरनेशनल, केसीपी शुगर एंड इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन, लैंडमार्क कार्स, मेघना इन्फ्राकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसटीसी, ओरिएंट सेराटेक, पटेल इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स, प्रीमियर पॉलीफिल्म, रॉसेल टेकसिस, रूबी मिल्स, सनसेरा इंजीनियरिंग, श्री जगदंबा पॉलिमर्स, स्टार पेपर मिल्स, सनटेक रियल्टी, तमिलनाडु पेट्रोप्रोडक्ट्स, तमिलनाडु न्यूज़प्रिंट एंड पेपर्स, वेल्थ फर्स्ट पोर्टफोलियो मैनेजर्स

F&O बैन: आज बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIFT Nifty falls: US फेड के ब्याज दरों में बढ़त का Sensex-Nifty पर पड़ेगा असर,जानें ग्लोबल मार्केट और गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहे संकेत

GIFT Nifty falls:  गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के हल्की गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT Nifty कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है, क्योंकि US Federal Reserve ने तीन साल से ज़्यादा समय में पहली बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं और संकेत दिया है कि आगे और सख्ती की जा सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और एशिया के कुछ हिस्सों में बढ़त से कुछ सहारा मिल सकता है, लेकिन US यील्ड में बढ़ोतरी और Fed द्वारा और रेट बढ़ाने की उम्मीदों के कारण निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

सुबह 8 बजे GIFT Nifty 23,222 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग से 45 अंक या 0.2 प्रतिशत नीचे था। पिछले सेशन में भारतीय इक्विटी में रिकवरी हुई थी, जिससे दो दिन की गिरावट का सिलसिला थम गया था। Sensex 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 99 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर पहुंचा। IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जो गिरावट के साथ बंद हुआ।

गुरुवार को फोकस Fed के फैसले के असर, US ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर रहेगा। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में नरमी आई है, लेकिन यह अभी भी $104 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

US Fed ने दरें बढ़ाई, और सख्ती के संकेत दिए

Federal Reserve ने बुधवार को तीन साल से ज़्यादा समय में पहली बार अपनी मुख्य ब्याज दर बढ़ाई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच लगातार बनी हुई महंगाई को काबू में करने के लिए यह कदम उठाया गया। Fed ने कहा कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया और संकेत दिया कि महंगाई को तेजी से कम करने के लिए निकट भविष्य में और सख्ती की जा सकती है।

इस फैसले के बाद बाजारों ने एक और रेट बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दी हैं, और दिसंबर तक एक और बढ़ोतरी की संभावना को अब पूरी तरह से मान लिया गया है। शॉर्ट-टर्म US ट्रेजरी यील्ड में उछाल आया क्योंकि निवेशकों ने और सख्ती की संभावना के हिसाब से खुद को ढाला, हालांकि Fed के कदम से लंबे समय वाले बॉन्ड में हालिया बिकवाली को शांत करने में मदद मिली।

भारतीय इक्विटी के लिए, US में ऊंची दरों और यील्ड की संभावना विदेशी पोर्टफोलियो फ्लो के लिए एक संभावित चुनौती बनी हुई है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, तेल की कीमतों और करेंसी पर दबाव के साथ-साथ अलग-अलग इलाकों से मिले-जुले संकेतों की वजह से निवेशकों का मूड सतर्क रहने की संभावना है।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट, US फ्यूचर्स में वापसी

फेड की घोषणा के बाद उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद US इक्विटीज़ ज़्यादातर गिरावट के साथ बंद हुईं। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 631.33 अंक या 1.21 प्रतिशत गिरकर 51,461.78 पर आ गया, जबकि S&P 500 में 0.44 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,552.14 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ, यह 0.01 प्रतिशत गिरकर 25,978.43 पर रहा।

सप्लाई की चिंता कम होने से ब्रेंट $105 से नीचे आया

गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, जिससे हाल के हफ़्तों में एनर्जी की कीमतों में भारी उछाल के बाद भारतीय बाज़ारों को कुछ राहत मिली। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.2 प्रतिशत गिरकर $104.59 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.1 प्रतिशत गिरकर $101.29 पर आ गया। बुधवार को दोनों बेंचमार्क में लगभग $3 की गिरावट आई थी।

यह गिरावट उन रिपोर्टों के बाद आई जिनमें कहा गया था कि सऊदी अरब ओमान के ज़रिए अतिरिक्त क्रूड कार्गो की पेशकश कर रहा है, जिससे मिडिल ईस्ट में सप्लाई में रुकावट की कुछ चिंताएं कम हुईं।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी निफ्टी के लिए 23,300-23,400 को तुरंत रेजिस्टेंस ज़ोन मानते हैं। अगर यह 23,400 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो 23,500-23,600 की ओर रिकवरी में मदद मिल सकती है, हालांकि वह इलाका एक मज़बूत बाधा बना हुआ है और वहां फिर से बिकवाली हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, फेड ने बढ़ाई ब्याज दरें एशिया बाजार में ते

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

क्रूड की कीमतें बाजार के लिए अभी भी बड़ी चिंता, जानें गिफ्ट निफ्टी से आज कैसे मिल रहे है संकेत

GIFT Nifty Indicator: बुधवार को GIFT Nifty ने भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के लिए सतर्क लेकिन काफी हद तक फ्लैट से पॉजिटिव ओपनिंग का संकेत दिया, जबकि एशियाई इक्विटी में कुछ स्थिरता लौटी। फेडरल रिजर्व के अहम पॉलिसी फैसले से पहले कच्चे तेल की कीमतें कम हुईं और US ट्रेजरी यील्ड 5 प्रतिशत से नीचे आ गई।

सुबह 8:15 बजे GIFT Nifty 37 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 23,239 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि पिछले सेशन में पांच महीने के नए निचले स्तर पर पहुंचने के बाद Nifty मामूली रिकवरी की कोशिश कर सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमत $107 प्रति बैरल से ऊपर बने रहने, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और US फेड के ब्याज दर के फैसले को लेकर अनिश्चितता के कारण बढ़त सीमित रह सकती है।

मंगलवार को भारतीय इक्विटी लगातार दूसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुईं, जिसमें व्यापक बिकवाली देखी गई, जबकि IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जिसने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया। सेशन के दौरान Nifty 23,118.60 के निचले स्तर तक गिर गया, जो पांच महीनों में इसका सबसे निचला स्तर था।

विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार पांचवें सेशन में बिकवाल बने रहे और 15 सितंबर को 2,977 करोड़ रुपये की भारतीय इक्विटी बेची। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,686 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी के साथ इस निकासी को आंशिक रूप से संतुलित किया।

ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से एशियाई बाजारों में स्थिरता

लगातार चार सेशन की गिरावट के बाद बुधवार को एशियाई इक्विटी में मामूली बढ़त देखी गई, क्योंकि फेड के फैसले से पहले ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी रुक गई। जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत शेयरों के MSCI के सबसे व्यापक इंडेक्स में उतार-चढ़ाव के बाद 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि दक्षिण कोरियाई इक्विटी में 0.8 प्रतिशत की तेजी आई। S&P 500 फ्यूचर्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई।

हालिया उछाल के बाद US ट्रेजरी यील्ड में भी नरमी आई। मंगलवार को तीन साल में पहली बार 5 प्रतिशत का स्तर पार करने के बाद, बेंचमार्क 10-वर्षीय यील्ड एशियाई ट्रेडिंग में लगभग 0.8 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.9875 प्रतिशत हो गई।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, लेकिन $107 से ऊपर बनी हुई हैं

US क्रूड इन्वेंट्री में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद एशियाई कारोबार की शुरुआत में तेल की कीमतों में गिरावट आई, हालांकि कीमतें ऊंची बनी रहीं क्योंकि निवेशक पश्चिम एशिया में संघर्ष से उत्पन्न आपूर्ति जोखिमों का आकलन करते रहे। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.86% गिरकर $107.82 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.92% गिरकर $104.86 पर आ गया।

मंगलवार को दोनों बेंचमार्क $3 से ज़्यादा बढ़कर 19 मई के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुए थे। ऐसा तब हुआ जब सऊदी अरब ने रेड सी (लाल सागर) की ओर जाने वाली ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमले के बाद अपने यानबू पोर्ट पर तेल की लोडिंग रोक दी। सऊदी अरब ने यूरोप को तेल की सप्लाई भी कम कर दी।

निफ्टी पर आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि घरेलू बाज़ार के लिए क्रूड ऑयल अभी भी सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है, जबकि फेड के फ़ैसले का उभरते बाज़ारों में कैपिटल फ़्लो पर बड़ा असर पड़ सकता है।

पोनमुडी के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने या सख़्त रुख अपनाने से भारत समेत उभरते बाज़ारों पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि अमेरिकी यील्ड बढ़ने से डॉलर एसेट्स ज़्यादा आकर्षक हो जाते हैं। उन्हें उम्मीद है कि जब तक तेल की वजह से होने वाली महंगाई और फेड की पॉलिसी की दिशा के बारे में ज़्यादा साफ जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक घरेलू बाज़ार में सावधानी का रुख बना रहेगा।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा फ्लैट ओपनिंग के संकेत, एशिया बाजारों में मिलाजुला कारोबार

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