Stocks to Watch: 9 लिस्टिंग्स और Sensex की एक्सपायरी; Groww, ITC और Fortis समेत 22 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की बढ़ोतरी और आगे भी इसमें हाइक के आसार के बाद अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक दिखी। वहीं गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 27.00 प्वाइंट्स यानी 0.12% की गिरावट के साथ 23,240.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज उठा-पटक दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 16 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 332.63 प्वाइंट्स यानी 0.45% की बढ़त के साथ 74,336.45 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.00 प्वाइंट्स यानी 0.43% के उछाल के साथ 23,217.60 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Tempsens Instruments India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 14.2% बढ़कर ₹15.2 करोड़ और रेवेन्यू 33.4% उछलकर ₹118.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Infosys

इन्फोसिस ने मध्य भारत में अपनी स्थिति और मजबूत करने के लिए इंदौर डेवलपमेंट सेंटर (DC) के विस्तार का ऐलान किया है। इसमें एआई, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और अगली पीढ़ी की डिजिटल सर्विसेज की बढ़ी हुई कैपिबिलिटीज होंगी।।

Alembic Pharmaceuticals

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने गुजरात के वडोदरा में एलेम्बिक फार्मा की बॉयोइक्विवैलेंस फैसिलिटी की जांच के बाद एक EIR (एस्टेब्लिशमेंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट (EIR) जारी किया है।

Highway Infrastructure

हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी से ₹220.66 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इसमें गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए यूजर फीस वसूलना, टोल प्लाजा को चलाने और चार पेट्रोल-कम-सेफ्टी गाड़ियां लगाने का काम है।

Mazagon Dock Shipbuilders

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने महाराष्ट्र के दिघी में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग इंडस्ट्रियल क्लस्टर में एंकर शिपयार्ड के तौर पर शामिल होने के लिए नेशनल शिपबिल्डिंग एंड हेवी इंडस्ट्रीज पार्क महाराष्ट्र (NSHIPML) के साथ एक एमओयू किया है। इस शिपयार्ड की सालाना जहाज निर्माण क्षमता कम से कम 1.2 मिलियन ग्रॉस टनेज होने का अनुमान है।

GR Infraprojects

जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने एनटीपीसी के मौदा सुपर थर्मल पावर स्टेशन पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाने के ईपीसी पैकेज प्रोजेक्ट के लिए एनटीपीसी को कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का नोटिस जारी किया है।

Fortis Healthcare

फोर्टिस हेल्थकेयर ने नई दिल्ली के अशोक विहार में 400 से अधिक बेड वाले सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हेल्थकेयर सर्विसेज देने के लिए सेठ सुंदर लाल जैन चैरिटेबल आई हॉस्पिटल के साथ डेफिनिटिव एग्रीमेंट किए हैं। अस्पताल के तीन से चार साल में काम शुरू करने की उम्मीद है।

Venus Pipes and Tubes

वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए 18 निवेशकों को प्रति शेयर ₹1,670 के भाव पर ₹372 करोड़ में 22.27 लाख इक्विटी शेयर जारी करने का फैसला किया है।

Gujarat Narmada Valley Fertilizers & Chemicals

गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स ने संजीव कुमार को 9 सितंबर से पांच साल के लिए कंपनी का एमडी नियुक्त किया है।

ITC

आईटीसी ने दो ब्रांड्स- क्लासिक कनेक्ट और गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार की कीमतें बढ़ा दी हैं। सीएनबीसी-टीवी18 के सूत्रों के अनुसार क्लासिक कनेक्ट के 20 के पैक की कीमत ₹390 से बढ़ाकर ₹428 तो गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार के 10 के पैक की कीमत ₹79 से बढ़ाकर ₹89 कर दी है।

Billionbrains Garage Ventures (Groww)

वेंचर कैपिटल फर्म पीक XV पार्टनर्स के इन्वेस्टमेंट फंड पीक XV पार्टनर्स इंवेस्टमेंट्स VI-1 ने ग्रो में अपनी 1.46% हिस्सेदारी (9.17 करोड़ इक्विटी शेयर) ₹1,756.2 करोड़ में प्रति शेयर ₹191.49 के भाव पर बेच दी। यह Groww की पैरेंट कंपनी में पीक XV पार्टनर्स की 15.68% हिस्सेदारी का एक हिस्सा था।

Kanohar Electricals

ग्रो म्यूचुअल फंड ने ₹35.2 करोड़ में प्रति शेयर ₹740.38 के भाव पर पावर ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के 4.75 लाख शेयर (0.6% हिस्सेदारी) ₹35.2 करोड़ में खरीदे।

Glass Wall Systems India

प्राइवेट इक्विटी फर्म फर्स्ट ब्रिज इंडिया ग्रोथ फंड की प्रमोटेड फर्स्ट ब्रिज इंडिया ग्रोथ फंड ने लिस्टिंग के दिन ग्लास वाल सिस्टम्स के अतिरिक्त 6.03 लाख शेयर (0.68% हिस्सेदारी) ₹12 करोड़ में प्रति शेयर ₹198.75 के भाव पर खरीदे। लिस्टिंग के पहले इस फंड के पास कंपनी में 2.19% हिस्सेदारी थी। ऑथम इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने प्रति शेयर ₹193.12 के भाव पर पर ₹19.13 करोड़ में 10 लाख शेयर, सीएसआईएम इंडिया अपॉर्च्यूनिटीज फंड 1 ने ₹194.31 के भाव पर ₹10.2 करोड़ में 5.25 लाख शेयर और एसआई इंवेस्टमेंट्स ब्रोकिंग ने ₹203.81 के भाव पर ₹10.19 करोड़ में 5 लाख शेयर खरीदे।

मेनबोर्ड लिस्टिंग: 6 स्टॉक्स

मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस (Manipal Payment & Identity Solutions), रेंटोमोजो (Rentomojo), एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया (Asset Reconstruction Company India), स्टीम हाउस इंडिया (Steamhouse India), करमतारा इंजीनियरिंग (Karamtara Engineering) और एलसीसी प्रोजेक्ट्स (LCC Projects) के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

एसएमई लिस्टिंग: 3 स्टॉक्स

आज विनोद टेक्सवर्ल्ड (Vinod Texworld) की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी तो इंफ्राक्स रिन्यूएबल (Infrax Renewable) और एमटेक एस्टर्स (Amtech Esters) के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: स्काईवेज एयर सर्विसेज, ओडिशा मिनरल्स डेवलपमेंट कंपनी

एक्स-डिविडेंड: एक्यूटस केमिकल्स, अग्रवाल इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन, एशियन एनर्जी सर्विसेज, ऑसम एंटरप्राइज, बाल फार्मा, भारत रसायन, क्राफ्टरूट रिटेल, एस्टर इंडस्ट्रीज, एक्सेल इंडस्ट्रीज, फिल्ट्रा कंसल्टेंट्स एंड इंजीनियर्स, गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स, हिमतसिंगका साइड, एचपीएल इलेक्ट्रिक एंड पावर, इंडो एमाइन्स, इंटरनेशनल कन्वेयर्स, इरकॉन इंटरनेशनल, केसीपी शुगर एंड इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन, लैंडमार्क कार्स, मेघना इन्फ्राकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसटीसी, ओरिएंट सेराटेक, पटेल इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स, प्रीमियर पॉलीफिल्म, रॉसेल टेकसिस, रूबी मिल्स, सनसेरा इंजीनियरिंग, श्री जगदंबा पॉलिमर्स, स्टार पेपर मिल्स, सनटेक रियल्टी, तमिलनाडु पेट्रोप्रोडक्ट्स, तमिलनाडु न्यूज़प्रिंट एंड पेपर्स, वेल्थ फर्स्ट पोर्टफोलियो मैनेजर्स

F&O बैन: आज बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘ब्याज दरें जल्द कम करें…’ फेड की दर वृद्धि के बाद ट्रंप ने 1% या उससे कम रेट की मांग की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बार फिर ब्याज दरों में कटौती की मांग की है। खास बात यह है कि ट्रंप की यह मांग ऐसे समय आई है, जब फेडरल रिजर्व ने 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। हालांकि, इस बार ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वार्श पर सीधे निशाना साधने से परहेज किया है। अब चलिए जानते हैं ट्रंप ने आखिर ब्याज दरों में कटौती की मांग क्यों की, और फेड ने इसके उलट दरें बढ़ाने का फैसला क्यों लिया?

गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, “हम दुनिया के लगभग हर देश का ‘बोझ उठा’ रहे हैं, और ऐसा अब और नहीं चल सकता। यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के लिए ब्याज दरें कम करें, और जल्द करें!”

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में ब्याज दरें 1% या उससे कम होनी चाहिए, क्योंकि देश की क्रेडिट रेटिंग बहुत अच्छी है और निवेश तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कम लागत पर उधार लेना सही ठहराया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन देशों के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा है, उनके साथ व्यापार बंद करने से हर साल कम से कम 1.5 ट्रिलियन डॉलर कमाए जा सकते हैं। दरअसल, उनका तर्क था कि व्यापार घाटा असल में नुकसान ही है।

उन्होंने ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट में लिखा, “अमेरिका में ब्याज दरें 1% या उससे कम होनी चाहिए, क्योंकि हमारी क्रेडिट रेटिंग दुनिया में सबसे अच्छी है — और इसमें कोई शक नहीं है। हमारे देश में नए निवेश तेजी से बढ़ रहे हैं! अगर हम उन सभी देशों के साथ व्यापार बंद कर दें जिनके साथ हमारा व्यापार घाटा है — और ऐसे ज्यादातर देश हैं — तो हम हर साल कम से कम 1.5 ट्रिलियन डॉलर कमा सकते हैं। ‘Deficit’ शब्द असल में ‘Loss’ के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक फैंसी शब्द है।”

बता दें कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की। वहीं, इस फैसले के साथ फेड ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस मांग को नजरअंदाज कर दिया जिसमें उन्होंने ब्याज दरें घटाने की मांग की थी। सेंट्रल बैंक के प्रमुख केविन वार्श ने कहा कि महंगाई अभी भी काफी ज्यादा है और लंबे समय से ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।

फेड की फेडरल ओपन मार्केट कमिटी ने सर्वसम्मति से ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 3.75 से 4.00% के बीच करने के लिए वोट किया। कमिटी का कहना है कि दरें बढ़ने से महंगाई को उसके 2% के लक्ष्य तक जल्द वापस लाने में मदद मिलेगी।

ट्रंप द्वारा नियुक्त किए गए फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वॉर्श ने कहा कि यह फैसला “गंभीर” था, लेकिन इसे लेना जरूरी था।

उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “साफ बात यह है कि महंगाई बहुत ज्यादा है और काफी समय से ऐसी ही बनी हुई है।”

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Federal Reserve आज 0.25% बढ़ा सकता है इंटरेस्ट रेट, इसका भारतीय शेयर बाजारों पर पड़ेगा बड़ा असर

अमेरिकी केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। अगर फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो यह जुलाई 2023 के बाद रेट में पहली वृद्धि होगी। रायटर्स के पोल में शामिल ज्यादातर इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि फेडरल रिजर्व मार्च तक कम से कम एक बार या ज्यादा बार इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। सवाल है कि अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो इसका भारतीय शेयर बाजारों पर क्या असर पड़ेगा?

आज रात 12 बजे तक आएगा फेड का फैसला

फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट को लेकर फैसले का पता आज यानी 16 सितंबर को भारतीय समय के मुताबिक रात 11:30-12 बजे तक चल जाएगा। अगर फेड ने इंटरेस्ट रेट बढ़ाया तो डॉलर में मजबूती आएगी। इससे रुपये पर दबाव बढ़ेगा। बॉन्ड यील्ड बढ़ेगी और शेयर बाजारों में ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखेगा। शेयर बाजारों पर पहले से काफी उतार-चढ़ाव दिख रहा है। बाजार का सेंटिमेंट पहले से कमजोर है।

इंटरेस्ट रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ने की पूरी संभावना

एनरिच मनी के फाउंडर और सीईओ पोनमुदी आर ने कहा कि आज इंटरेस्ट रेट बढ़ने की संभावना काफी ज्यादा है। ऐसे में यह देखना काफी अहम होगा कि फेड आगे किस तरह का गाइडेंस देता है। उन्होंने कहा कि भारतीय शेयर बाजार फेड के रेट बढ़ाने के फैसले को बर्दाश्त कर सकते हैं। लेकिन, इस बात को लेकर काफी अनिश्चितता है कि इंटरेस्ट रेट को लेकर फेड का रुख आगे कैसा रहेगा।

फेडरल रिजर्व के आगे के गाइडेंस पर होगी नजरें 

उन्होंने कहा, “इंटरेस्ट रेट में 25 बीपीएस की वृद्धि को लेकर ज्यादा चिंता नहीं है। इसका असर बाजार पर पहले से पड़ता दिख रहा है। भारतीय बाजार के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण फेड का आगे का गाइडेंस है। इसके बाद यह देखना अहम होगा कि फेड के ऐलान के बाद अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड की दिशा कैसी रहती है।”

विदेशी फंडों के निवेश पर पड़ सकता है असर

उन्होंने कहा, “अगर फेड यह संकेत देता है कि इनफ्लेशन आगे हाई लेवल पर बना रहेगा और आगे भी इंटरेस्ट रेट बढ़ने के आसार हैं तो बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर में मजबूती का असर विदेशी फंडों के निवेश पर पड़ेगा। इसका मतलब है कि भारतीय बाजारों को लेकर विदेशी निवेशकों की बेरुखी जारी रह सकती है।” उन्होंने कहा कि इसका ज्यादा असर हाई-बीटा और रेट सेंसेटिव सेक्टर्स पर दिखेगा।

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अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल से बढ़ेगा दबाव

भारत की इकोनॉमी मजबूत बनी हुई है। लेकिन विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। क्रूड ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। रुपया भी फिर से दबाव में दिख रहा है। अगर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड नीचे नहीं आती है तो इससे भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड 5 फीसदी पर पहुंच गई है। यील्ड और बढ़ती है तो इससे भारतीय बाजारों पर दबाव बढ़ेगा।

Nifty से ज्यादा Gold ETF में गिरावट, दो वजहों से 4 % तक आया नीचे

Gold ETF Big Fall: गोल्ड और सिल्वर के ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स) में आज बिकवाली का तेज दबाव दिखा और यह 4% तक टूट गया। इसमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वार्श (Kevin Warsh) की हॉकिश यानी सख्त कमेंट्स से झटका लगा, जिससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ीं तो सोने-चांदी के ईटीएफ की चमक फीकी पड़ी। यह बिकवाली वैश्विक मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में आई तेजी के मुताबिक ही है। इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में सोमवार को भी गिरावट जारी रही।

शुक्रवार को सोने में 3% से अधिक की गिरावट आई, जो जून की शुरुआत के बाद इसकी सबसे बड़ी गिरावट थी। सिंगापुर में कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड 0.7% गिरकर प्रति औंस $4,422.75 प्रति औंस तो सिल्लर भी 0.4% गिरकर $66.12 प्रति औंस पर आ गया। इसका असर घरेलू बूलियन मार्केट में भी दिखा और MCX Gold प्रति 10 ग्राम 1.14% गिरकर ₹1,54,496 और MCX Silver Futures करीब 1.28% गिरकर ₹2,39,341 प्रति किग्रा पर आ गया।

Gold ETF की तुलना में Silver ETF में अधिक गिरावट

आज 31 अगस्त तो गोल्ड ईटीएफ की तुलना में सिल्वर ईटीएफ में अधिक गिरावट रही। एसबीआई सिल्वर ईटीएफ (SBI Silver ETF) 4.05% गिरकर ₹226.55 पर आ गया, तो निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ (Nippon India Silver ETF- Silver BeES) 4.06% गिरकर ₹221.07 पर आ गया। टाटा सिल्वर ईटीएफ (Tata Silver ETF) भी 3.98% गिरकर ₹22.44 और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ (ICICI Prudential Silver ETF) भी 3.87% गिरकर ₹231.21 पर आ गया।

गोल्ड ईटीएफ में भी भारी गिरावट रही। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ (ICICI Prudential Gold ETF) 3.59% गिरकर ₹130.75, एसबीआई गोल्ड ईटीएफ (SBI Gold ETF) 3.50% टूटकर ₹130.30 और निप्पॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीईएसएस (Nippon India ETF Gold BeES) 3.48% गिरकर ₹126.30 पर आ गया। वहीं टाटा गोल्ड ईटीएफ (Tata Gold ETF) 3.19% गिरकर ₹14.87 पर आ गया।

क्या है US Fed का रुझान

फेडरल रिजर्व की सालाना जैक्सन होल कॉन्फ्रेंस में केविन वॉर्श ने कहा कि वह महंगाई को केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य पर वापस लाने के लिए प्रतिबंध है। इसके बाद सोना-चांदी धड़ाम हो गया क्योंकि इससे अमेरिकी मौद्रिक नीतियों के सख्त होने की उम्मीदें बढ़ गई। ट्रेडर्स का मानना है कि सितंबर में नीतिगत बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 50% से अधिक है। आमतौर पर ऊंची ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड का असर सोने और चांदी जैसी बिना यील्ड वाली एसेट्स पर पड़ता है।

सोने-चांदी की चमक पर अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई गहहाने से तेल की कीमतों में उबाल ने और दबाव बनाया। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया जोकि एक महीने से अधिक समय में ईरान के खिलाफ अमेरिका की पहली सैन्य कार्रवाई थी। कच्चे तेल की कीमतों में इस बढ़ोतरी ने महंगाई की चिंताओं को और बढ़ा दिया, जबकि बाजार पहले से ही आने वाले समय में अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर कैलकुलेशन कर रहा था।

Ola Electric के शेयरों में 3% की तेज रिकवरी, लगातार तीसरे साल ₹95.81 करोड़ के इंसेंटिव ने भरा जोश

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver price Today: सोने- चांदी में हाल में आई गिरावट और बढ़ी, यूएस में और रेट बढ़ने की उम्मीद इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर डाल रहा असर

Gold Silver price Today : सोने- चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। डॉलर के मजबूत होने और US में और इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद से सोने की कीमतों में दबाव दिख रहा है क्योंकि यह सभी चीजें इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर डाल रही है, जिससे सोने -चांदी में हाल की गिरावट और बढ़ गई है। COMEX गोल्ड $3,981.50 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो $57.40 या 1.42% कम था, जबकि दिन में यह $3,955.40 प्रति औंस के निचले स्तर पर था। इससे पहले यह मेटल $4,032.50 प्रति औंस पर बंद हुआ था।

COMEX सिल्वर भी फिसला, जो सेशन के दौरान $57.035 प्रति औंस के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 1.38% गिरकर $57.375 प्रति औंस पर आ गया।

मार्केट सेंटिमेंट पर इस उम्मीद का दबाव बना रहा कि US फेडरल रिजर्व महंगाई को कंट्रोल करने के लिए मॉनेटरी पॉलिसी को और सख्त कर सकता है। ट्रेडर अभी इस साल तीन इंटरेस्ट रेट बढ़ने का अनुमान लगा रहे हैं, CME फेडवॉच डेटा सितंबर में बढ़ोतरी की 63% संभावना दिखा रहा है।

मज़बूत U.S. डॉलर ने दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए कीमती मेटल्स को महंगा बनाकर बुलियन की डिमांड को और कम कर दिया।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स पर सबकी नजर बनी रही। ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच तनाव बना रहा, लेकिन डिप्लोमैटिक बातचीत की उम्मीदों ने सोने में कुछ सेफ़-हेवन खरीदारी की दिलचस्पी कम कर दी। ईरानी और US की बातचीत करने वाली टीमों के दोहा में मिलने की उम्मीद है, हालांकि ईरान ने कहा है कि कोई फॉर्मल मीटिंग तय नहीं की गई है।

इन्वेस्टर्स अब इस हफ़्ते के आखिर में आने वाले ADP एम्प्लॉयमेंट नंबर्स और नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों सहित US के ज़रूरी इकोनॉमिक डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं, ताकि फेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा पर और ज़्यादा क्लैरिटी मिल सके।

मार्केट ट्रेंड पर कमेंट करते हुए, रिद्धिसिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि सोने में गिरावट का सिलसिला अब लगातार चार हफ़्तों तक बढ़ गया है और यह जनवरी 2026 के अपने रिकॉर्ड हाई $5,597 प्रति औंस से लगभग 30% नीचे बना हुआ है। उन्होंने कहा कि महंगाई की लगातार चिंताओं और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श की तीखी टिप्पणियों ने सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों को और पक्का कर दिया है। कोठारी के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें $70 प्रति बैरल से ऊपर जाने से भी महंगाई की चिंता बढ़ गई है, जिससे कीमती धातुओं के लिए सपोर्ट कम हो गया है।

कोठारी ने आगे कहा कि सोने के लिए मुख्य सपोर्ट अभी $3,950–$4,000 प्रति औंस की रेंज में दिख रहा है, जबकि चांदी काफी कमजोर हुई है, और हाल के सेशन में COMEX पर लगभग 10% गिरी है।

Gold Silver Price Today: US-ईरान के बीच नए तनाव से बढ़ी महंगाई की चिंता, MCX पर सोने का भाव ₹1.43 पर गिरा, अब क्या हो निवेश रणनीति

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