Gold Price Today: गांधी जयंती पर सोना फिसला, दिल्ली में ₹136940 पर आया 22 कैरेट; चांदी भी पड़ी फीकी

2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के मौके पर देश में सोने की कीमत में गिरावट है। शुक्रवार की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड 149400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई में कीमत 149230 रुपये प्रति 10 ग्राम है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 500 रुपये बढ़ी। इस सप्ताह सोने की कीमत में 2,800 रुपये या लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,165.29 डॉलर प्रति औंस पर है। ​अमेरिका में महंगाई के आंकड़े कमजोर रहे हैं। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से अक्टूबर में बेंचमार्क ब्याज दरें बढ़ाए जाने की उम्मीदें घटीं और वैश्विक बाजार में सोने में तेजी आई। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 149400 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 136940 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 136790 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 149230 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 149230 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 136790 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 149230 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 136790 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली136940149400
मुंबई136790149230
अहमदाबाद136840149280
चेन्नई136790149230
कोलकाता136790149230
हैदराबाद136790149230
जयपुर136940149400
भोपाल136840149280
लखनऊ136940149400
चंडीगढ़136940149400

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रॉयटर्स के मुताबिक, HSBC ने 2026 और 2027 के लिए सोने की औसत कीमत का अनुमान घटाकर क्रमशः 4,490 डॉलर प्रति औंस और 4,825 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। बैंक का कहना है कि सोने की कीमत पर निकट भविष्य में और दबाव पड़ सकता है। HSBC को उम्मीद है कि कीमतें गिरने पर, खासकर 4,000 डॉलर के आसपास या उससे नीचे जाने पर, केंद्रीय बैंक फिर से सोना खरीदना शुरू कर देंगे।

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट है। 2 अक्टूबर की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 60.51 डॉलर प्रति औंस है। इस साल जनवरी में देश के अंदर चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थी।

FD Monthly Income: ₹10 लाख की FD से हर महीने कितनी कमाई होगी? समझिए ब्याज का पूरा कैलकुलेशन

FD Monthly Income: अगर आपके पास ₹10 लाख की एकमुश्त रकम है और आप इससे हर महीने एक तय इनकम चाहते हैं, तो FD एक विकल्प हो सकती है। इसमें आपकी मूल रकम बैंक में जमा रहती है और उस पर ब्याज मिलता है।

लेकिन सवाल है कि ₹10 लाख की FD से हर महीने कितनी इनकम होगी? इसका जवाब ब्याज दर पर निर्भर करता है। दर जितनी ज्यादा होगी, हर महीने मिलने वाला ब्याज भी उतना ही ज्यादा होगा।

बैंक FD की ब्याज दरें किस रेंज में हैं?

FD की दरें बैंक और अवधि के हिसाब से बदलती हैं। बड़े बैंकों में कई अवधियों पर ब्याज दर करीब 6% से 6.5% के आसपास है। वहीं कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक चुनिंदा अवधि में इससे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं।

उदाहरण के लिए, SBI और HDFC Bank की कुछ FD अवधियों में दर करीब 6% से 6.5% के आसपास है। दूसरी तरफ AU Small Finance Bank और Jana Small Finance Bank जैसी संस्थाओं की कुछ अवधियों में दर 7% से 8% तक पहुंच रही है।

₹10 लाख की FD पर कितनी इनकम?

मान लीजिए आपको 6% ब्याज मिल रहा है। ऐसे में ₹10 लाख पर सालाना करीब ₹60,000 ब्याज बनेगा। यानी मासिक भुगतान के हिसाब से करीब ₹5,000 की इनकम होगी।

अगर ब्याज दर 7% है, तो सालाना ब्याज ₹70,000 होगा। इस हिसाब से हर महीने करीब ₹5,833 मिलेंगे। वहीं 8% ब्याज पर सालाना ₹80,000 और करीब ₹6,667 महीने की इनकम बनेगी।

FD पर ब्याजसालाना ब्याज
मंथली इनकम

6%₹60,000₹5,000
6.50%₹65,000₹5,417
7%₹70,000₹5,833
7.50%₹75,000₹6,250
8%₹80,000₹6,667

ये आंकड़े ₹10 लाख की रकम पर साधारण सालाना ब्याज के आधार पर हैं। वास्तविक भुगतान बैंक की FD स्कीम और ब्याज भुगतान के विकल्प के मुताबिक अलग हो सकता है।

हर महीने ब्याज चाहिए तो ऐसी FD चुनें

अगर आपका मकसद हर महीने खर्च के लिए रकम लेना है, तो ऐसी FD देखनी होगी जिसमें ब्याज का नियमित भुगतान मिलता हो। बैंक के विकल्प के हिसाब से ब्याज मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना लिया जा सकता है।

वहीं क्युमुलेटिव FD में ब्याज बीच में नहीं मिलता। वह FD की मूल रकम के साथ जुड़ता रहता है और मैच्योरिटी पर मिलता है। इसलिए मंथली इनकम के लिए नियमित ब्याज भुगतान वाली FD ज्यादा सही है।

₹10 लाख की मूल रकम का क्या होगा?

अगर आप सिर्फ FD का ब्याज निकालते हैं, तो मूल ₹10 लाख FD में बना रह सकता है। यानी ब्याज को हर महीने इनकम के तौर पर लिया जा सकता है और मूल रकम को मैच्योरिटी तक रखा जा सकता है।

हालांकि, FD समय से पहले तोड़ने पर बैंक के नियम लागू होते हैं। ऐसे में ब्याज की रकम पर असर पड़ सकता है। इसलिए FD करने से पहले प्रीमैच्योर विड्रॉल की शर्त देखना जरूरी है।

FD के ब्याज पर टैक्स भी लगेगा

FD से मिलने वाला ब्याज आपकी टैक्सेबल इनकम में शामिल होता है। इसलिए ₹5,833 या ₹6,667 महीने की रकम को टैक्स के बाद मिलने वाली इनकम नहीं माना जा सकता।

आपकी कुल आय और लागू इनकम टैक्स नियमों के हिसाब से टैक्स देनदारी तय होगी। इसलिए FD चुनते समय ब्याज दर के साथ टैक्स के बाद बचने वाली रकम भी देखनी चाहिए।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

खत्म हुआ मार्केट में गिरावट का दौर! इस कारण मैक्वेरी को है भरोसा, लगाया इन सेक्टर पर दांव

Market Outlook: मैक्वेरी कैपिटल के एमडी और भारत में इक्विटी हेड संदीप भाटिया का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार फिलहाल अपनी रेंज के निचले स्तर पर हैं। इसके अलावा उनका यह भी मानना है कि मार्केट को झटका देने वाली जितनी भी खबरें हैं, और जो भी दबाव है, उसका खराब दौर अब निश्चित रूप से पीछे छूट चुका है। संदीप के मुताबिक कच्चे तेल के भाव और अमेरिकी टैरिफ का रिस्क बना हुआ है तो भारत और अमेरिका में ब्याज दरें अभी भी मार्केट के लिए एक चुनौती बनी हुई हैं। इसके अलावा भारत को अभी तक हार्डवेयर और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े थीम में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी का पूरा फायदा नहीं मिला है। इन चिंताओं के बावजूद उनका मानना है कि भारतीय कंपनियों के सितंबर 2026 तिमाही के रिजल्ट उम्मीद से बेहतर रह सकते हैं।

बैंकिंग सेक्टर

किस सेक्टर के कंपनियों के कारोबारी नतीजे धमाकेदार रह सकते हैं, इसे लेकर संदीप ने कोई अनुमान तो नहीं बताया लेकिन यह जरूर कहा कि बैंकिंग सेक्टर में आउटलुक सुधर रहा है। बैंकिंग सेक्टर उन सेक्टर्स में शुमार है, जिनमें सबसे अधिक दबाव दिखा है लेकिन अब संदीप को उम्मीद है कि अगले दो साल में बैंकों के मार्जिन में सुधार होगा और उनके शेयरों की वैल्यूएशन फिर से बढ़ सकती है, हालांकि नियर टर्म में कमाई पर कुछ दबाव रह सकता है। उनका कहना है कि साल 2027 और साल 2028 में यानी अगले दो वर्षों में बैंकों की कमाई अच्छी रहेगी।

फाइनेंशियल सेक्टर

संदीप भाटिया को फाइनेंशियल सेविंग्स में बड़ा मौका दिख रहा है। उनका अनुमान है कि देश की वित्तीय बचत $50 हजार करोड़ से अधिक है, जोकि और बढ़ सकता है। संदीप का मानना है कि एमसीएक्स, बीएसई और एनएसई को इस रुझान से फायदा हो सकता है।

कंज्यूमर और ऑटो सेक्टर

संदीप भाटिया को उम्मीद है कि कंज्यूमर-ड्यूरेबल कंजम्प्शन से अच्छे नतीजे देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने हुंडई इंडिया, मारुति सुजुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी ऑटो कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा कि फेस्टिवल सीजन के दौरान गाड़ियों की बिक्री जबरदस्त रही है।

पावर और एनर्जी सेक्टर

संदीप भाटिया की पावर और एनर्जी स्पेस में दिलचस्पी बनी हुई है। रिन्यूएबल एनर्जी स्पेस में उन्हें क्लीन मैक्स एंवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस तो पावर इक्विपमेंट और ट्रांसमिशन कंपनियों में हिताची एनर्जी इंडिया पसंद है। उनका कहना है कि यह मौका सिर्फ एआई से जुड़ी बिजली की मांग की वजह से नहीं बन रहा है, बल्कि देश में मजबूत इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ से भी इसे बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आईटी सेक्टर

वैल्यूएशन आकर्षक होने के बावजूद संदीप आईटी सेक्टर को लेकर सतर्क हैं और अभी इस सेक्टर में निवेश करने से बच रहे हैं। संदीप का मानना है कि जब तक एआई के असर को लेकर अधिक स्पष्टता नहीं आती, तब तक दबाव बना रहेगा।

इंश्योरेंस सेक्टर

संदीप भाटिया का कहना है कि इंश्योरेंस सेक्टर के लिए नियमों में बदलाव बड़ी चिंता बनी हुई है। फिलहाल वह पॉलिसीबाजार की पीबी फिनटेक को लेकर सतर्क हैं और इस सेक्टर पर कोई फैसला लेने से पहले बीमा नियामक IRDA की ड्राफ्ट सिफारिशों के फाइनल होने का इंतजार करना चाहते हैं।

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RBI Policy Big Update: जल्द महंगी होगी आपकी EMI? ब्रोकरेज फर्म्स का दावा- अक्टूबर में रेपो रेट बढ़ा सकता है रिजर्व बैंक

RBI Policy Repo Rate Hike: कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, जिद्दी खुदरा महंगाई और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के कड़े रुख के बीच भारतीय रिजर्व बैंक के सामने एक जटिल आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई है। वित्तीय बाजारों में अगले एक साल के भीतर ब्याज दरों में 125 बेसिस पॉइंट्स यानी 1.25% तक की बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि, दुनिया की दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों और ग्लोबल इकोनॉमिक डेस्क के बीच इस बात को लेकर तीखे मतभेद हैं कि रिजर्व बैंक ब्याज दरें कितनी तेजी से और किस हद तक बढ़ाएगा।

आक्रामक रुख: बैंक ऑफ अमेरिका, एचएसबीसी और मॉर्गन स्टेनली

दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स BofA, HSBC और Morgan Stanley का मानना है कि आरबीआई को महंगाई और लिक्विडिटी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए जल्द से जल्द ब्याज दरें बढ़ानी होंगी।

बैंक ऑफ अमेरिका (BofA): BofA ने अपनी पिछली समयसीमा को पहले खिसकाते हुए अनुमान जताया है कि आरबीआई अक्टूबर में ही रेपो रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है। BofA का मानना है कि इस पूरे चक्र में कुल 100 bps (1%) की बढ़ोतरी होगी और टर्मिनल रेपो रेट बढ़कर 6.25% तक पहुंच जाएगा।

मॉर्गन स्टेनली: मॉर्गन स्टेनली को भी अक्टूबर में 25 bps की बढ़ोतरी की उम्मीद है। उसका अनुमान है कि अप्रैल 2027 तक रेपो रेट बढ़कर 6.25% के स्तर पर आ जाएगा ताकि बाहरी आर्थिक स्थिरता बनी रहे।

एचएसबीसी का लिक्विडिटी पर जोर: एचएसबीसी ने बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त नकदी पर गंभीर चिंता जताई है। FCNR(B) डिपॉजिट जैसे स्पेशल विंडोज के जरिए भारी विदेशी मुद्रा प्रवाह से बैंकिंग सिस्टम में करीब ₹15 लाख करोड़ का लिक्विडिटी सरप्लस जमा हो गया है। एचएसबीसी का कहना है कि वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आरबीआई को रेपो रेट बढ़ाने के साथ-साथ इस बहु-ट्रिलियन रुपये के सरप्लस को सिस्टम से बाहर निकालना होगा।

एक्सिस बैंक और एचएसबीसी का विश्लेषण: आरबीआई पहले से ही वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR), ओपन मार्केट ऑपरेशन्स (OMO) सेल्स और फॉरेक्स इंटरवेंशन का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन इतनी बड़ी नकदी को बिना संभाले छोड़ने से महंगाई भड़कने का खतरा बना रहेगा।

नोमुरा का सीमित बढ़ोतरी का अनुमान

दूसरी ओर, जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा बाजार में चल रही इतनी आक्रामक बढ़ोतरी की संभावनाओं को खारिज करती है। नोमुरा का तर्क है कि भारत की कोर महंगाई दर ऐतिहासिक ऊंचाइयों से घटकर अब लगभग 3% के आसपास आ गई है और मजदूरी-कीमतों का कोई व्यापक दबाव नहीं दिख रहा है।

घरेलू वृद्धि की गति धीमी होने के संकेत को देखते हुए, नोमुरा का मानना है कि आरबीआई बहुत आक्रामक कदम नहीं उठाएगा। नोमुरा के अनुसार, आरबीआई अक्टूबर और दिसंबर में 25-25 bps की दो छोटी बढ़ोतरी करके रेपो रेट को 5.75% तक ले जाएगा, जिसके बाद 2027 की शुरुआत से ही मौद्रिक सख्ती का दबाव कम होने लगेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Gold Price Today : MCX पर सोने-चांदी में दिख रही तेजी, जानिए इनमें आज क्या हो कमाई की रणनीति

Silver Gold Price Today : घरेलू बाजार में सोने-चांदी में आज बढ़त के साथ कारोबार होता दिख रहा है। 11.25 बजे के आसपास एमसीएक्स पर गोल्ड का अक्टूबर वायदा 1,018 रुपए यानी 0.70 फीसदी की बढ़त के साथ 147,250 रुपए पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी का दिसंबर वायदा 915 रुपए यानी 0.41 फीसदी की तेजी के साथ 226,365 रुपए पर नजर आ रहा था। अमेरिका और ईरान के बीच जारी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के चलते आज भारत के रिटेल मार्केट में सोने की कीमत बढ़ गई है।

उधर बुधवार को इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में गिरावट आई और मंथली लॉस की ओर बढ़ता दिख रहा है। ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों का असर मार्केट सेंटीमेंट पर पड़ा है। साथ ही,इन्वेस्टर्स फेडरल रिजर्व के अगले पॉलिसी फैसले के बारे में अंदाजा लगाने के लिए US के महंगाई के आंकड़ों पर नजरें बनाए हुए हैं। इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 0.2% गिरकर $4,170.63 प्रति औंस पर आ गया और इस महीने अब तक इसमें 6% से ज़्यादा की गिरावट आई है।

Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज का कहना है कि MCX पर अक्टूबर का गोल्ड फ्यूचर्स 29 सितंबर को ₹1,46,247 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ,जो ₹557 या 0.38% कम था। 28 सितंबर को इस कॉन्ट्रैक्ट में 2.7% की गिरावट आई थी। मंगलवार के कारोबार में दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट का गोल्ड लगभग ₹1,48,766 पर था। दिसंबर का सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट लगभग ₹2,25,945 पर था,जिसमें 0.91% की गिरावट आई थी। यह गिरावट काफी तेज़ रही है। सोना सितंबर के मध्य में लगभग ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम से गिरकर लगभग ₹1.46 लाख पर आ गया है।

उन्होंने आगे कहा कि यूएस फेड के हालिया बयानों से कुछ राहत मिली है। न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स ने कहा है कि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की कोई जल्दबाजी नहीं है। नतीजतन, बाज़ार ने अक्टूबर में दरों की बढ़ोतरी की संभावना को पहले के लगभग 70% से घटाकर लगभग 50% कर दिया है। भारतीय निवेशकों के लिए सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव ज़्यादा रहने की संभावना है। रुपया भी अहम होगा क्योंकि करेंसी की कमजोरी घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों को सहारा दे सकती है।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं Kedia Advisory के अजय केडिया। आज इनकी गोल्ड और सिल्वर में खरीदारी की सलाह है। गोल्ड में इनकी 147000 रुपए के आसपास, 146000 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 150000 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं,सिल्वर में इनकी 224000 रुपए के आसपास, 222000 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 228000 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

 

Silver Price Today: चांदी की कीमतें हुई सस्ती, खरीदारी से पहले जानें आज 10 प्रमुख शहरों के ताजा रेट

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: MCX पर सोना ₹1.47 लाख के नीचे फिसला, चांदी ₹2.25 लाख पर पहुंची

Gold Silver Price Today: मंगलवार, 29 सितंबर को सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा। MCX पर अक्टूबर का गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 0.21% गिरकर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। सोने की कीमतें सात हफ़्ते के निचले स्तर के आस-पास ट्रेड कर रही हैं क्योंकि बाजार को उम्मीद है कि US फ़ेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखेगा।

वहीं चांदी में भी जबरदस्त बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। MCX पर सिल्वर फ़्यूचर्स लगभग ₹2,25,220 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहे हैं, जो पिछले हफ़्ते के मुकाबले करीब 6.29% कम है।

क्या होनी चाहिए अब रणनीति

रिद्धि-सिद्धि बुलियन्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी के अनुसार, बाज़ार में फ़ेड द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की संभावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि CME फ़ेडवॉच के अनुसार, अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 72.5% है, जो पिछले हफ़्ते 57.6% थी।

US ट्रेज़री यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से सोने पर दबाव है, जबकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई की चिंताएं बढ़ रही हैं। कोठारी ने कहा कि US-ईरान के बीच जारी तनाव और तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई और यील्ड को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

लेमन (Lemonn) के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने में थोड़ी रिकवरी हो रही है, लेकिन यह सात हफ़्ते के निचले स्तर के आस-पास ही बना हुआ है क्योंकि US में ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की उम्मीदों के कारण यील्ड ऊंची बनी हुई है।

गर्ग के अनुसार, स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग $4,130 प्रति औंस थी, जबकि डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट लगभग ₹96 प्रति US डॉलर था। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और US यील्ड सोने और अन्य MCX कमोडिटीज़ के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं।

गर्ग ने कहा कि आने वाले US आर्थिक डेटा – जिसमें कंज्यूमर कॉन्फिडेंस, जॉब ओपनिंग्स, ADP एम्प्लॉयमेंट डेटा, PCE महंगाई और नॉन-फार्म पेरोल्स शामिल हैं – से फ़ेड की ब्याज दर की चाल और सोने में अगले कदम के बारे में और संकेत मिल सकते हैं।

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, सितंबर में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट (करेक्शन) आई है और MCX पर सोना ₹1.5 लाख प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गया है। यादव ने इस गिरावट के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, US की सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों, डॉलर के मजबूत होने, US ट्रेज़री यील्ड में बढ़ोतरी और भारतीय रुपये में कमजोरी को जिम्मेदार बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि सोने को सपोर्ट करने वाले लंबे समय के कारण अभी भी बने हुए हैं, जिनमें सेंट्रल बैंक की खरीदारी, ग्लोबल डिमांड और गोल्ड ETF के ज़रिए इन्वेस्टमेंट शामिल है।

कम समय के लिए, चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट (टेक्निकल रिसर्च) आमिर मकदा ने कहा कि सोने के लिए मुख्य MCX सपोर्ट लेवल ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम और ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम हैं, जबकि रेजिस्टेंस लेवल ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम है।

Silver Price Today: दूसरे दिन चांदी और भी हुई सस्ती, खरीदारी से पहले जानें आज 10 प्रमुख शहरों के ताजा रेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Ideas: कल की भारी गिरावट के बाद आज फिर बिकवाली का तूफान, जानिए कमजोर बाजार में भी कहां हो सकती है कमाई

Stock Market Crash : कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच,भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सभी सेक्टर में बिकवाली के कारण निफ्टी 22600 के करीब आ गया है। फिलहाल सेंसेक्स 506 अंक या 0.70 प्रतिशत गिरकर 72,265 के आसपास और निफ्टी 146 अंक यानी 0.64 प्रतिशत गिरकर 22,634 के आसपास कारोबार कर रहा है। निफ्टी 5 महीने के निचले लेवल पर पहुंच गया है। बैंक निफ्टी ने 54000 का लेवल तोड़ दिया है। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी प्रेशर है। महाराष्ट्र में सूखे के बाद दरें बढ़ने की आशंका के साथ-साथ US ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल में उछाल ने सेंटिमेंट खराब किए हैं। इंडिया VIX 200 DEMA के ऊपर है।

अमेरिका में टैरिफ राहत से फार्मा में जोश है। डॉ रेड्डीज करीब 2 परसेंट मजबूत हुआ है। वहीं सिप्ला भी चढ़ा है। दोनों निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। भारत समेत 20 देशों के लिए स्पेसियलिटी ट्रग्स, इंग्रीडिएंट्स और ड्रग कंपोनेंट पर अब जीरो टैरिफ लगेगा। फार्मा और हेल्थ केयर को छोड़कर सभी सेक्टर लाल निशान में हैं। बैंक और फाइनेंस शेयरों में भारी गिरावट आई है। IT,एनर्जी और FMCG में भी बिकवाली है।

दिग्गज रिलायंस 52 हफ्तों के निचले लेवल पर पहुंच गया है। HDFC बैंक भी 52 वीक LOW के करीब है। इसके अलावा HUL, TATA कंज्यूमर, जियो फाइनेंस, टाटा मोटर्स PV में भी कमजोरी गहराई है।

ऐसे में जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि ब्रेंट क्रूड के भाव $106 से ऊपर और US 10-साल के बॉन्ड यील्ड के 5.23% पर होने के कारण ग्लोबल मैक्रो हालात इक्विटी मार्केट के लिए अभी भी अच्छे नहीं हैं। US में उभरते मैक्रो हालात तेज ग्रोथ और बढ़ती महंगाई की ओर इशारा कर रहे हैं। AI पर भारी खर्च से ग्रोथ बढ़ रही है और उम्मीद से बेहतर ग्रोथ के कारण महंगाई भी ऊंची बनी रहेगी,जिससे फेड को एक और बार ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं। इसके चलते US बॉन्ड यील्ड भी बढ़ रहे हैं।

चूंकि क्रूड की बढ़ी हुई कीमतें ग्राहकों पर नहीं डाली गई हैं,इसलिए FY27 में भारत पर फिस्कल दबाव बढ़ेगा। इसलिए,अगर क्रूड की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं,तो फिस्कल दबाव का असर FY27 में भारत की GDP ग्रोथ और कॉर्पोरेट अर्निंग्स ग्रोथ पर पड़ सकता है। यह चिंता भी मार्केट पर असर डाल रही है।

लार्ज-कैप ग्रोथ स्टॉक्स के आकर्षक वैल्यूएशन लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए खरीदारी के मौके दे रहे हैं

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि ग्लोबल बाजार में सावधानी का माहौल है। वॉल स्ट्रीट में कमज़ोर कारोबार के बाद एशियाई बाज़ार भी ज़्यादातर सुस्त हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और US बॉन्ड यील्ड बाजार के मूड पर दबाव बना रहे हैं। निवेशक इस हफ्ते आने वाले आर्थिक डेटा और कॉर्पोरेट गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।

आज के लिए इंडेक्स में ट्रेडिंग रणनीति

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 22941-23022 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 23117-23178-23267 पर है। इसके लिए पहला बेस 22698-22731 पर और बड़ा बेस 22610-22666 पर है। ग्लोबल हैंडओवर कमजोर है,कच्चा तेल और बॉन्ड यील्ड अभी ऊंचे स्तरों पर हैं। FIIs की कैश में जोरदार बिकवाली जारी है, नेट शॉर्ट 3.2 लाख पर हैं। आज एक्सपायरी के दिन FII का नेट शॉर्ट सबसे ऊंचे स्तर पर है। रेजिस्टेंस-1 के नीचे उछाल पर बिकवाली की रणनीति की सलाह होगी। रेजिस्टेंस-1 पार कर टिकने पर रेजिस्टेंस-2 तक तेजी की गुंजाइश है। एक्सपायरी को देखते उछाल पर बिकवाली में शुरुआती लक्ष्य बेस-1 होगा बेस-1 पर शॉर्ट को चेक करें,अगर पुट राइटर्स दिखें तो मुनाफा बांधे। अगर बेस-1 टिका तो एक्सपायरी 22750-22850 के बीच रह सकती है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 54789-55040 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 55289-55517 पर है। इसके लिए पहला बेस 54010-54188 पर और बड़ा बेस 53710-53881 पर है। कल बैंक निफ्टी में जोरदार गिरावट रही। अब 54000 पर पुट राइटर्स हावी हैं। 54800-55000 जोन में कॉल सेलर एक्टिव हैं। रेजिस्टेंस-1 के नीचे बिकवाली और उछाल में बिकवाली की रणनीति होगी। बेस-1 अहम है,अगर टिका तो पिछले क्लोज की ओर हल्का पुलबैक संभव है। सिर्फ 55040 के ऊपर ही शॉर्ट कवरिंग की उम्मीद है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Finberg Management की मधु बंसल। इनकी SPLPETRO में 865 रुपए के आसपास, 852 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 957 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं,Supriya Lifescience में इनकी 984 रुपए के आसपास, 959 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1078 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बाजार पर मैक्रो का ट्रिपल अटैक!क्या बचेगा निफ्टी का 52-हफ्ते का निचला स्तर? जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सपाट या सतर्क रुख के साथ खुलने की संभावना है। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद GIFT निफ्टी में बहुत कम हलचल दिख रही है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, FII की लगातार बिकवाली, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं और कमजोर ग्लोबल इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट पर असर पड़ रहा है।

सुबह 7:45 बजे GIFT निफ्टी 5 अंक या 0.02 फीसदी गिरकर 22,819 पर ट्रेड कर रहा था। सोमवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 1,124.02 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर आ गया, जबकि निफ्टी 360.25 अंक या 1.56 प्रतिशत गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ।

भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए बाहरी माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $106 प्रति बैरल से ऊपर चली गई क्योंकि US-ईरान शांति प्रयासों में जल्द किसी समाधान की उम्मीद कम हो गई है। वहीं, एशियाई इक्विटी मार्केट में गिरावट आई और US स्टॉक-इंडेक्स फ्यूचर्स भी नीचे ट्रेड कर रहे थे। वॉल स्ट्रीट भी रात भर भारी गिरावट के साथ बंद हुआ क्योंकि तेल की ऊंची कीमतों और ट्रेजरी यील्ड ने महंगाई और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की चाल को लेकर चिंताएं बढ़ा दीं।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली एक बड़ी बाधा बनी रही। FII लगातार तीसरे सेशन में नेट सेलर रहे और 28 सितंबर को 5,300 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी बेची। DII ने इस आउटफ्लो को संतुलित करते हुए लगभग 5,189 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।

तेल और बॉन्ड यील्ड के दबाव से एशियाई बाजारों में गिरावट

मंगलवार को एशियाई इक्विटी मार्केट में गिरावट देखी गई क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों ने ट्रेजरी यील्ड को कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.5 प्रतिशत गिर गया, जिसमें जापानी और दक्षिण कोरियाई शेयरों में गिरावट देखी गई। हांगकांग का हैंग सेंग 0.4 प्रतिशत गिर गया, जबकि शंघाई कंपोजिट में बहुत कम बदलाव हुआ। ऑस्ट्रेलियाई इक्विटी मार्केट भी मोटे तौर पर सपाट रहा। US इक्विटी फ्यूचर्स में सुस्ती रही; Nasdaq 100 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत और S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत नीचे रहे।

ब्रेंट क्रूड $106 के पार पहुंचा

मंगलवार को लगातार दूसरे सेशन में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। मिडिल ईस्ट में सप्लाई में रुकावट की चिंताएं, उस क्षेत्र से क्रूड एक्सपोर्ट में सुधार के संकेतों पर भारी पड़ीं। ब्रेंट क्रूड 1.6 प्रतिशत बढ़कर $106.93 प्रति बैरल हो गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.3 प्रतिशत बढ़कर $93.80 पर पहुंच गया।

US-ईरान विवाद में जल्द ही किसी डिप्लोमैटिक समाधान की उम्मीद कम हो गई है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि बातचीत को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के ज़रिए सप्लाई में संभावित रुकावट की चिंताएं बनी हुई हैं।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च VP सचिन गुप्ता ने कहा, “तुरंत सपोर्ट 72,300–72,500 पर है, जबकि 72,900–73,000 मुख्य रेजिस्टेंस ज़ोन के तौर पर काम कर सकता है। ब्रॉडर ट्रेडिंग रेंज 72,300–73,000 है, और कुल मिलाकर रुख साइडवेज से लेकर मंदी (बेयरिश) वाला है। शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में कुछ स्थिरता लाने के लिए 73,000 के ऊपर लगातार रिकवरी की ज़रूरत होगी। कुल मिलाकर, इंडेक्स साइडवेज से लेकर मंदी वाला बना हुआ है, और जब तक मज़बूत रिबाउंड नहीं दिखता, ट्रेडर्स को सावधान रहना चाहिए। 72,900–73,000 के ऊपर लगातार बढ़त कुछ राहत दे सकती है, जबकि 72,300 के नीचे जाने पर गिरावट का दौर और बढ़ सकता है।”

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा, “भारतीय इक्विटी मार्केट पर दबाव बने रहने की उम्मीद है क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और U.S.-ईरान संघर्ष को लेकर लगातार अनिश्चितता मार्केट के सेंटीमेंट पर असर डाल रही है। U.S. प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि U.S. इस संघर्ष में ‘बहुत जल्द’ जीत हासिल करेगा, जबकि अधिकारी संघर्ष को खत्म करने के लिए मध्यस्थों से बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, बातचीत को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ज़रिए संभावित सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बनी हुई हैं।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 28 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,800 के नीचे चला गया। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 1,124.02 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर और निफ्टी 360.25 अंक या 1.56 प्रतिशत गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ। आज लगभग 1214 शेयरों में बढ़त हुई, 2905 शेयरों में गिरावट आई और 166 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल,टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स,टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स,अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में डॉ.रेड्डीज लैब्स और इंफोसिस शामिल रहे।

सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक इंडेक्स 3% और टेलीकॉम इंडेक्स 2% नीचे बंद हुआ। जबकि एनर्जी,इंफ्रा,FMCG,रियल्टी,प्राइवेट बैंक, मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.7 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.8 प्रतिशत गिरा।

बोनान्ज़ा के रिसर्च एनालिस्ट बालाजी राव मुदिली ने कहा कि आज बाजार में भारी गिरावट देखी गई। निफ़्टी 22,780.25 (1.56% नीचे) पर और सेंसेक्स 72,771.21 (1.52% नीचे) पर बंद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के ईरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया,जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया। इससे बाजार पर दबाव बना। साथ ही,बाजार को उम्मीद है कि अक्टूबर की बैठक में अमेरिका में ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। ब्याज दरें बढ़ने की संभावना के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। ये लगभग 3.36% और 5.29% नीचे आए हैं। इंडेक्स के नजरिए से देखें तो सभी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए,जिनमें बैंक,मेटल,रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई।

बॉन्ड यील्ड में तेजी, रुपये में कमज़ोरी, RBI द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती संभावना और बैंकिंग सेक्टर में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटने की उम्मीद के कारण बड़े बैंकों के शेयरों पर भारी दबाव बना हुआ है। आज बैंक-निफ्टी में 1.99% की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि बाजार के एक अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल को तोड़ने के साथ ही मंदड़ियों का दबदबा बना रहा। यह ग्लोबल मैक्रो हालात बिगड़ने के साथ ही निवेशकों में बढ़ती सावधानी की भावना को दिखाता है। अमेरिका द्वारा सीज़फायर के प्रस्ताव को ठुकराने से चिंताएं बढ़ गई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव उम्मीद से ज़्यादा समय तक बना रह सकता है। इससे निकट भविष्य में कूटनीतिक समाधान की संभावना कम हो गई है और लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट और कमोडिटी की कीमतें बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है।

वहीं,अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भारत और अमेरिका के बीच यील्ड का अंतर कम हो रहा है,जिससे विदेशी फंडों की निकासी हो सकती है और बाज़ार का मूड सतर्क बना रह सकता है। फेड द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की बढ़ती आशंका के कारण सभी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया। इसके अलावा, RBI के आगामी पॉलिसी से पहले बाजार सतर्क रह सकते हैं। निकट भविष्य में ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव,तेल की कीमतें और पॉलिसी से जुड़े संकेत बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च, श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 360 अंक नीचे बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 1124 अंक गिर गया। सभी अहम सेक्टर इंडेक्स नेगेटिव दायरे में रहे,जिसमें PSU बैंक इंडेक्स में सबसे ज़्यादा 3.15 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

टेक्निकल तौर पर कमजोर शुरुआत के बाद निफ्टी 23,000 के स्तर से नीचे फिसल गया और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इसके अलावा, डेली चार्ट पर’बेयरिश कैंडल’और इंट्राडे चार्ट पर’लोअर-टॉप फॉर्मेशन’मौजूदा स्तरों से और कमजोरी आने का संकेत दे रहे हैं।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि मार्केट का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमज़ोर बना हुआ है। हालांकि,कुछ समय के लिए’ओवरसोल्ड’पोजीशन के कारण,हम मौजूदा स्तरों से एक तेज’पुलबैक रैली’देख सकते हैं। डे ट्रेडर्स के लिए 22,800 का स्तर अहम है। इस स्तर से नीचे सेंटीमेंट कमजोर बने रहने की संभावना है,जिसमें 22,650–22,550 पर सपोर्ट मिलेगा। ऊपर की तरफ,22,800 के स्तर से ऊपर जाने पर निफ्टी 23,000–23,050 की ओर उछाल दिखा सकता है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि निफ्टी हल्की गिरावट (गैप-डाउन) के साथ खुला और उस पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया,जिससे यह 23,300 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल से नीचे आ गया। कमजोर शुरुआत से पता चलता है कि ऊपरी लेवल पर सेलर अभी भी एक्टिव हैं,जिससे निकट भविष्य का टेक्निकल स्ट्रक्चर खराब है। ऊपर की तरफ,23,100–23,200 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस बैंड का काम कर सकता है। अगर निफ्टी लगातार 23,200 के ऊपर बना रहता है,तो इससे कुछ राहत मिल सकती है और 23,300–23,400 के लेवल तक रिकवरी में मदद मिल सकती है। हालांकि,अगर यह इस रेजिस्टेंस बैंड के नीचे ही ट्रेड करता रहा तो इंडेक्स पर और बिकवाली का दबाव बन सकता है।

नीचे की तरफ 22,800 का लेवल अहम सपोर्ट बना हुआ है,जिस पर नज़र रखनी होगी। अगर यह 22,800–22,700 के दायरे से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स और निचले स्तरों पर जा सकता है। मोमेंटम इंडिकेटर और कमज़ोर हुए हैं। RSI 30 के आसपास है,जो बताता है कि मोमेंटम काफी कमजोर है और यह’ओवरसोल्ड’जोन के करीब है। बाजार का बड़ा तकनीकी ढांचा भी कमजोर बना हुआ है और इंडेक्स अहम मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। कुल मिलाकर,तकनीकी आउटलुक अधिक मंदी वाला हो गया है।

 

Market Mayhem : जियोपॉलिटकल संकट के बाद अब महाराष्ट्र के सूखे ने बढ़ाई टेंशन, निफ्टी करीब 5 महीने से ज्यादा के निचले स्तर पर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: चांदी ₹6000 हुई सस्ती, खरीदारी से पहले जानें 10 प्रमुख शहरों के भाव

Silver Price Today: US-Iran बातचीत के रुकने और तेल की कीमतें बढ़ने से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं, जिससे चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। ट्रेडर्स US में रोज़गार और महंगाई के आने वाले आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं और साथ ही मिडिल ईस्ट में संभावित सैन्य तनाव पर भी नजर रखे हुए हैं।

फेड अधिकारियों के सख़्त बयानों से US डॉलर मजबूत हुआ है, जबकि बिना रिटर्न (ब्याज) वाली चांदी की मांग कम हुई है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में 2.53% घटकर यानी 6000 रुपये गिरावट के साथ 2,28,758 रुपये प्रति किलो हो गया। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,34,696 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बुलियस के मुताबिक चांदी की कीमत बढ़कर 2,28,780 रुपये किलो हो गई। जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 62.37 रुपये प्रति औंस हो गई।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 2.37 लाख रुपये प्रति किलो (सभी टैक्स सहित) है।पिछले सप्ताह में चांदी की कीमतों में 10000 रुपये यानी 4 फीसदी की गिरावट आई थी। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी 5000 रुपये लुढ़क कर 2,40,000 रुपये प्रति किलो पर है।

दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज चांदी का रेट

देश के प्रमुख शहरों में गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमतें करीब 2,40,000-2,45,000 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं। कुछ शहरों में स्थानीय बाजार और टैक्स के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,40,000
मुंबई₹2,40,000
कोलकाता₹2,40,000
चेन्नई₹2,45,000
लखनऊ₹2,40,000
पटना₹2,40,000
जयपुर₹2,40,000
अहमदाबाद₹2,40,000
पुणे₹2,40,000
बेंगलुरु₹2,40,000
हैदराबाद₹2,40,000
भोपाल₹2,40,000
चंडीगढ़₹2,40,000
नोएडा₹2,40,000
गुरुग्राम₹2,40,000

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।