लंबी और मध्यम अवधि के लिहाज से यह शेयरों में निवेश का शानदार मौका, एक्सपर्ट ने बताई इसकी खास वजह

शेयर बाजारों पर दबाव घटने का नाम नहीं ले रहा है। क्रूड की बढ़ती कीमतों, अमेरिकी में बॉन्ड यील्ड में उछाल और आईटी शेयरों में बिकवाली ने बाजार के सेंटिमेंट को खराब किया है। इनवेस्टर्स बाजार से दूरी बना रहे हैं। उन्हें बाजार में हालात बदलते नहीं दिख रहे। सवाल है कि आगे बाजार की चाल कैसी रहने वाली है। इस सवाल का जवाब बंधन एएमसी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कार्तिक कुमार ने दिया। उन्होंने शेयर बाजार को लेकर कई अहम बातें बताईं।

बाजार एक साल तक सीमित दायरे में रह सकते हैं

कुमार ने कहा कि शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक एक साल तक सीमित दायरे में बने रह सकते हैं। हालांकि, शेयरों की वैल्यूएशंस अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई है, जिससे उन इनवेस्टर्स के लिए खरीदारी का अच्छा मौका बना है, जो मध्यम और लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं। कई क्वालिटी स्टॉक्स की कीमत पीक से काफी नीचे आ चुकी है।

यह शेयर बाजार में एंट्री के लिए शानदार मौका 

उन्होंने कहा कि अगर कोई मार्केट में एंट्री करना चाहता है तो यह उसके लिए खराब समय नहीं है। बाजार पर दबाव बढ़ाने में तीन चीजों का हाथ है। इनमें क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल, अमेरिकी में बढ़ती बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती शामिल हैं। पिछले कुछ हफ्तों में क्रूड ने मार्केट पर काफी दबाव बनाया है। यह काफी समय से 100 डॉलर के पार टिका हुआ है।

इंश्योरेंस कंपनियों की अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ नहीं 

उन्होंने कहा कि बंधन एएमसी ने लार्जकैप और मिडकैप बैंकों में निवेश बढ़ाया है। हालांकि, हमने इंश्योरेंस कंपनियों से दूरी बनाई है। इसकी वजह यह है कि इन कंपनियों की अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। ऐसे में कुछ समय तक इस सेक्टर से दूर रहना ठीक रहेगा। कैपिटल मार्केट्स की थीम अट्रैक्टिव लगती है। मार्केट में लोगों का पार्टिसिपेशन बढ़ने से इस सेक्टर को फायदा होगा।

आईपीओ में बोली लगाने में सावधानी बरतने की सलाह

कुमार ने आईपीओ मार्केट को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बंधन एएमसी आईपीओ में बोली लगाने में काफी सावधानी बरतती है। फंड हाउस का अपना एनालिसिस सिस्टम है। हर आईपीओ के एनालिसिस के बाद ही एएमसी बोली लगाने का फैसला लेती है।

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यूपीआई एमडीआर चार्ज का असर कंपनियों पर दिखेगा

उन्होंने कहा कि बंधन बैंक का निवेश कुछ ऐसी कंपनियों में है, जो यूपीआई से जुड़ी हैं। सरकार ने 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई के पेमेंट पर एमडीआर चार्ज लगाने का फैसला किया है। यह देखना होगा कि इन कंपनियों पर इसका असर किस तरह से पड़ता है।

Share Market Crash: डे-हाई से 800 प्वाइंट्स टूटा Sensex, इन 5 वजहों से Nifty ने गंवाई पूरी बढ़त

Share Market Crash: आईटी शेयरों के दम पर आज मार्केट में शुरुआती कारोबार में अच्छी रौनक दिखी और सेंसेक्स-निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ खुले। हालांकि फिर बिकवाली का ऐसा दबाव आया कि डे-हाई से सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23350 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का तगड़ा दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1-1% की गिरावट है।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:05 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 87.59 प्वाइंट्स यानी 0.12% की गिरावट के साथ 74,694.17 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 47.15 प्वाइंट्स यानी 0.20% की फिसलन के साथ 23350.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 654.68 प्वाइंट्स चढ़कर 75,436.44 तक पहुंचा जिससे फिर यह 832.20 प्वाइंट्स फिसलकर 74,604.24 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी 194.75 प्वाइंट्स चढ़कर 23,592.85 तक पहुंचा था जिससे यह 265.50 प्वाइंट्स गिरकर 23,327.35 तक आ गया।

Stock Market Crash: ये है वजह

कच्चे तेल में उबाल

पश्चिमी एशिया में तनाव बने रहने और वैश्विक एनर्जी सप्लाई पर खतरे की आशंका ने कच्चे तेल को उबाल दिया यमन के अधिकारियों का कहना है कि ईरान का सपोर्ट करने वाले यमन के हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर नए हमले शुरू कर दिए हैं और वे लाल सागर के किनारे यमन के पश्चिमी तट पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। खाड़ी के अरब देशों ने ईरान के साथ होने वाली बातचीत भी टाल दी है, जिससे इस टकराव के और बढ़ने की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके चलते ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $107 के पार पहुंच गया।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका

महंगाई के दबाव में इस बात की आशंका बढ़ गई है कि अमेरिका से लेकर जापान और भारत के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं।

ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में उछाल

अमेरिका का बेंचमार्क 10-साल का ट्रेजरी यील्ड अक्टूबर 2023 के बाद से पहली बार सोमवार को 5% के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर पर पहुंचा। मार्केट के जानकारों का कहना है कि इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

बैंकिंग शेयरों का दबाव

एआई स्टॉक्स के क्रैश होने से भारतीय सॉफ्टवेयर सर्विसेज कंपनियों के शेयर रॉकेट बन गए और निफ्टी आईटी 4% से अधिक उछल गया। हालांकि बैंकिंग और रियल्टी शेयरों का दबाव भारी पड़ गया तो मेटल सेक्टर में भी बिकवाली की आंधी ने इसे और बढ़ाया। निफ्टी रियल्टी फिलहाल 2% से अधिक कमजोर है तो पीएसयू बैंक और मेटल का निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक नीचे आया है तो निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

टेक्निकल वजह

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि बुलिश माहौल के लिए निफ्टी को 23600 का लेवल पार करना होगा। बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि 23500 के ऊपर अगर निफ्टी मजबूती दिखाता है तो यह 23650 की तरफ बढ़ सकता है लेकिन ऐसा नहीं होने पर यह 23230-23500 की रेंज में कंसालिडेट हो सकता है। पबित्रो के मुताबिक फिलहाल तो इसका रुझान नीचे की तरफ है और अगर यह पिछले हफ्ते के निचले स्तर 23,231 से नीचे गिरता है तो यह जून के निचले स्तर 23,070 के आसपास बने सपोर्ट की तरफ फिसल सकता है।

उनका मानना है कि डेली चार्ट पर लगातार हायर हाई और हायर लो बनने पर ही मौजूदा गिरावट का रुझान थमने का संकेत मिलेगा। पबित्रो का कहना है कि ऊपर की तरफ निफ्टी को 23,650 के गैप-डाउन एरिया में तात्कालिक रेजिस्टेंस झेलना पड़ेगा। वहीं हाल ही के ब्रेकडाउन एरिया और 20-दिनों के ईएमए 23800-24000 के बीच तगड़ा रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए केडियानॉमिक्स के फाउंडर सुशील केडिया ने कहा कि बाजार में इस समय पैसा बनाने का टाइम आ गया है। स्वर्ग जाने का रास्ता नरक जैसा दिखता है और नर्क में जाने का रास्ता स्वर्ग जैसा दिखता है। लोग जब शेयर बाजार में सबसे ज्यादा खुश होते हैं तो नर्क की शुरुआत वहीं होती है। अभी जो लोगों के मन में नर्क जैसे हालात बने हुए यही मार्केट का बॉटम है। अब यहीं से स्वर्ग जाने का रास्ता खुलेगा। एक बात ध्यान में रखें की रुपया-डॉलर और भारतीय बाजार का संबंध बड़ा विचित्र सा है।

लॉन्ग रन में डॉलर के मुकाबले भारत की करेंसी कमजोर होती रही है और शेयर मार्केट बढ़ता रहा है। इस गिरावट में रुपया जब भी मजबूत होता है। बाजार बढ़ जाता है। जब भी रुपए में 10% की गिरावट आई है। मार्केट में -5% से लेके प्लस 5% तक का रिटर्न मिला है। लेकिन जब रुपया 10% मजबूत होता है तो निफ्टी में 20 से 25% तक की तेजी देखने को मिली है। अब डॉलर टूटने को कगार पर है। ऐसे में आगे हमारे बाजारों को रुपए में मजबूती का फायदा मिलेगा।

ग्लोबल मार्केट पर नजर डालें तो अब बाजार में तेजी का माहौल बन गया है। लेकिन अभी बाजार में अभी टुकड़े-टुकड़े में खेलना होगा। पर अब वो हालात बन गए हैं जिसमें अच्छी कमाई हो सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय बैंक निफ्टी की दिशा ज्यादा साफ दिख रही है। अगले कुछ ही दिनों में निफ्टी की स्थिति भी साफ हो सकती है। लेकिन अभी के लिए कहा जा सकता है कि एक से सवा महीनें में बैंक निफ्टी में 5000 अंकों की तेजी आ सकती है।

अदाणी ग्रुप के शेयरों पर बात करते हुए सुशील केडिया ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज और अदाणी पोर्ट पर उनकी शॉर्ट करने की सलाह होगी। वहीं, अदाणी पावर और एनडीटीवी में लॉन्ग बेट है। इनमें बने रहने की सलाह होगी। बजाज ऑटो में भी अब शॉर्ट करने के मौके बन रहे है। बैंक शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, एयू बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा आगे धमाका कर सकते हैं। वहीं, एसबीआई और कोटक बैंक नखरे दिखा सकते हैं।

हिंन्दुस्तान यूनीलीवर और टाटा कंज्यूमर यहां से 50-60 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। एशियन पेंट्स भी अच्छे करेक्शन के बाद अब भागने को तैयार है। इसमें 30 फीसदी तक की रैली देखने को मिल सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम पिछले 30 साल का इतिहास देखें तो पता चलता है कि जब भी रूपया-डॉलर मजबूत होता है तो सबसे ज्यादा रिटर्न एफएमसीजी और आईटी ही देते हैं। अगर मार्केट में तेजी आती है तो सबसे पहले इन्ही सेक्टर्स के शेयर भागेंगे। अगर कोई टीसीएस को 3 साल के नजरिए से खरीदे तो इसमें 7000 रुपए का भाव देखने को मिल सकता है। ट्रेंडिंग के नजरिए से भी इसमें 3200-3300 रुपए का भाव मिल सकता है। इस समय सारे ही आईटी शेयर अच्छे लग रहे हैं। अगर कोई सेक्टोरल इंडेक्स है जो अगले 12 महीनों में डबल हो सकता है तो वह है सीएनएक्स आईटी ही है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Stocks : आईटी में अब इंडेक्स के बजाय इंडिविजुअल स्टॉक्स पर करें फोकस, एकतरफा तेजी की उम्मीद नहीं

IT Stocks : बाजार में एक ऐसा भी समय था जब आईटी सेक्टर से हर कोई दूर रहना चाहता था। एआई की सुनामी की वजह से सब डरे हुए थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से या फिर कुछ हफ्ते से आईटी सेक्टर में एक ठहराव सा दिखा है या यह भी कह सकते हैं कि इसमें मजबूती दिख रही है। ऐसे में अब सेक्टर पर क्या रणनीति होनी चाहिए इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आईटी पर हम तब बुलिश हुए थे जब इंडेक्स 27,000 पर था। वहां से 31,000 तक का मूव आ चुका है। अब आईटी व्यू बहुत क्लियर है। अब आप आईटी में एकतरफा तेजी नहीं देख सकते, जैसा कि पहले हमने 27,000 के स्तर से देखा था।

निफ्टी आईटी अभी भी 200 डे मूविंग एवरेज क्रॉस नहीं कर पाया है। ऐसे में अभी भी यह कहना बहुत मुश्किल है कि ये एक बेयर मार्केट रैली है या एक नई रैली की शुरुआत है। लेकिन एक बड़ा मूव प्ले हो चुका है। ऐसे में अब आईटी में स्पेसिफिक स्टॉक्स पर फोकस करने की जरूरत है। किसी एकतरफा तेजी की उम्मीद न करें। इस समय आईटी के तीन-चार स्टॉक्स, जैसे कि कोफोर्ज, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और ओएफएसएस के शेयर अच्छे लग रहे है। टाटा टेक भी अच्छा लग रहा है।

आईटी में अब इंडेक्स पर फोकस करने के बजाय इंडिविजुअल स्टॉक्स पर फोकस करें,क्योंकि आईटी में जो बड़ी ट्रेड थी वो प्ले आउट हो चुकी है। हालांकि, अगर आईटी इंडेक्स 32500 को क्रॉस करेगे तो शायद आपको आईटी इंडेक्स में बड़ी ट्रेड प्ले आउट होगी।

AnandRathi Wealth के ज्वाइंट CEO फिरोज अजीज ने कहा कि उन्होंने जून महीने में कहा था कि आईटी अपने सबसे बुरे दौर से बाहर आ चुका है। हम अक्सर यही देखते हैं कि निफ्टी को सालाना आधार पर कौन 3-4 फीसदी से आउटपरफार्म कर सकता है। हम शॉर्ट टर्म रैली नहीं देखते है। हमें पहले निफ्टी की तुलना में निफ्टी आईटी में 3-4 फीसदी के आउटपरफार्मेंस का अंदाजा लगाया है। पिछले 1-1.5 महीनों में हमें ऐसा ही देखने को मिला है। अब यहां से हमें निफ्टी आईटी से इतनी ज्यादा उम्मीद नहीं करनी चाहिए। फिर भी हमें इसमें 2-3 फीसदी का एक्सेस रिटर्न देखने को मिल सकता है।

मार्केट एक्सपर्ट सुदीप बंद्दोपाध्याय का कहना है कि आईटी तो एक वैल्यू ट्रैप है। एआई रिलेटेड डिसरप्शन रियल है। इस डिसरप्शन से बाहर कौन आएगा वो तो समय बताएगा। लेकिन इस समय फंडामेंटली मीडियम टर्म के नजरिए से आईटी से दूर रहने की सलाह होगी। लार्ज कैप्स से तो बिल्कुल ही दूर रहने की जरूरत है। हालांकि, एआई पर फोकस करने वाली मिड कैप आईटी की चुनिंदा कंपनियों पर नजर रहनी चाहिए।

SW Capital के डायरेक्टर पंकज जैन ने कहा कि अभी आईटी से रिस्क रिवॉर्ड लार्जकैप आईटी के पक्ष में अच्छे होते दिख रहे हैं। आईटी शेयरों के पिछले 4-5 हफ्तों के मूव से कुछ अच्छे सिगनल मिले हैं। इनके नतीजे भी उम्मीद से अच्छे रहे हैं। साथ ही इनकी मैनेजमेंट कमेंट्री भी अच्छी रही है। लार्जकैप आईटी को लेकर उम्मीदें दिख रही है। लेकिन इस सेक्टर में बहुत स्टॉक स्पेसिफिक रहने की जरूरत है।

 

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जैक्सन होल की बैठक के बाद शेयर मार्केट में कोहराम, S&P500 आया नीचे, टेक शेयरों पर तेज दबाव

अमेरिका के फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श की स्पीच के बाद अमेरिकी शेयर मार्केट में कोहराम मच गया। उनके बयान से निवेशकों को यह संकेत मिला कि फेड की कोशिश महंगाई से निपटने की है। इसी बीच ट्रेडर्स ने इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी के आसार पर दांव लगाना शुरू कर दिया। केविन वार्श के स्पीच के चलते अमेरिका के अहम इंडेक्स लगातार बढ़त और गिरावट के बीच झूलते रहे। हालांकि इक्विटी मार्केट में कुछ हद तक स्थिरता दिखाई दी। ऐतिहासिक रूप से फेड चेयर का जैक्सन होल भाषण शेयर बाजार के लिए बहुत बड़ा ट्रिगर नहीं रहा है। वर्ष 2000 से अब तक इस स्पीच के बाद अगले हफ्ते इंडेक्स में औसतन सिर्फ 0.4% का बदलाव हुआ है। हालांकि अगर यह स्पीच मौद्रिक नीति में किसी बड़े बदलाव से पहले आता है, तो इसका असर अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।

क्या है अमेरिकी मार्केट में स्थिति

अमेरिका का अहम इंडेक्स एसएंडपी 500 (S&P500) 0.2% टूट गया। इंडस्ट्रियल और आईटी शेयरों में गिरावट ने इस पर दबाव डाला। सेमीकंडक्टर इंडेक्स में शामिल लगभग सभी कंपनियों के शेयर गिरे, और सबसे अधिक गिरावट एनविडिया (Nvidia) में रही। अमेरिका का टेक-हैवी नास्डाक 100 (Nasdaq 100) भी 0.7% टूट गया और शुरुआती बढ़त गंवाते हुए डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) भी थोड़ा नीचे आया। Cboe Volatility Index में गिरावट जारी रही और 14 से थोड़ा ही ऊपर है। साथ ही तेल निकालने वाले देशों के संगठन ओपेक (OPEC) से वेनेजुएला बाहर निकलने पर विचार कर रहा है, जिससे तेल की कीमतें गिर गई।

क्या कहना है केविन वार्श का

अमेरिकी फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वार्श ने आने वाले समय के लिए गाइडेंस यानी अनुमान को लेकर अपनी अनिच्छा दोहराई। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी व्यवस्था को बढ़ावा नहीं देना चाहिए जिसमें मार्केट अपने अगले ट्रेड के लिए मुख्य रूप से फेड की तरफ देख रहे हों। उन्होंने कहा कि शांत फेड अपने उद्देश्यों को हासिल करने में अधिक सक्षम होगा और महंगाई को कंट्रोल करने के लिए अभी काफी काम बाकी है। उन्होंने कहा कि महंगाई लंबे समय से जरूरत से ज्यादा ऊंची बनी हुई है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

सिटी वेल्थ की चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर केट मूर ने ब्लूमबर्ग टीवी के एक इंटरव्यू में कहा कि निवेशकों को अर्थव्यवस्था, मुनाफे और 2% महंगाई के लक्ष्य को लेकर अमेरिकी फेड की प्रतिबद्धता के बारे में जानकारी चाहिए थे और उन्हें यह मिल गई, जिसके चलते इक्विटी मार्केट में कुछ स्थिरता दिख रही है।

खत्म हुआ इंतजार, जैक्सन होल की बैठक में फेड ने महंगाई को लेकर जताई यह चिंता

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मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत, ऑटो और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में भी है दम

भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 24100 के आसपास अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। फिलहाल सेंसेक्स 105.25 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,038.84 पर और निफ्टी 3.15 अंक या 0.01 प्रतिशत गिरकर 24,087.70 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में TCS, HCL Tech, Infosys, Tech Mahindra और Wipro शामिल हैं।

टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए JM Financial Services के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि आईटी शेयरों में पिछले कुछ दिनों में एक अच्छी रैली देखने को नजर आई है। खासतौर पर ब्लूमबर्ग एआई वैल्यू चेन इंडेक्स में, जो सारे एआई डेटा सेंटर स्टोरी का कॉम्बीनेशन है, में करेक्शन के दौरान हमें आईटी में रिकवरी देखने को मिली है। एआई से हुए स्विच ट्रेड के चलते हमें आईटी में स्ट्रेंथ देखने को नजर आ रही है। डॉलर के मुकाबले रुपए में भी स्टेबिलिटी देखने को नजर आ रही है। ऐसे में लगता है कि मिड टियर आईटी कंपनीज में और ग्रोथ आएगी। यहां पर हमारी टॉप पिक कोफर्ज और परसिस्टेंस हैं। इनमें आगे हमें 23 से 24% की ग्रोथ देखने को नजर आ सकती है।

खासतौर पर कोफोर्स- एनकोरा की डील के बाद हमें एनकोरा में अच्छा टर्म एराउंड देखने को मिल सकता है। इसका बेनिफिट कोफोर्ट के मार्जिन के साथ ही साथ इसके ओवरऑल ग्रोथ में देखने को नजर आएगी। इस समय मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। लार्ज कैप आईटी में इस समय भी अंडरवेट पोजीशन है। हालांकि बड़ी आईटी कंपनियों में यहां से किसी बड़े डाउन साइड का डर नहीं है। लेकिन इनमें रिकवरी आने में शायद थोड़ा समय लगे। इनमें कंसोलिडेशन फेज देखने को नजर आ सकता है।

ऑटो और ऑटो एंजिलरी स्पेस पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि एथर एनर्जी और TVS Motors ये दो ऐसे स्टॉक है जो उनको बहुत ज्यादा पसंद है। इन दोनों कंपनियों ने ईवी के अंदर में अपना अच्छा पेनिट्रेशन किया है। TVS Motors ने बहुत ही अच्छी बढ़त बनाए रखी है और अपना मार्केट शेयर लगातार बढ़ाया है। इसकी वजह से लगता है ये कंपनी आने वाले समय में भी बहुत अच्छी ग्रोथ दिखाएगी। इनका ईवी सेगमेंट भी काफी अच्छा ग्रोथ कर रहा है। एथर इंडस्ट्रीज में अभी एक टर्न अराउंड दिखना शुरू हो गया है। डिमांड साइड पर काफी बड़ी ग्रोथ देखने को नजर आई है। कंपनी अपनी क्षमता में बहुत बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की करंट कैपेसिटी पर इसकी आर्डर बुक पोजीशन काफी अच्छी बनी हुई है। कंपनी बड़ी तेजी से टर्न अराउंड हो रही है। कंपनी जल्द ही मुनाफे में आ सकती है। इसके चलते आगे एथर एनर्जी में बढ़िया रीटिंग देखने को नजर आ सकती है।

आशीष चतुरमोहता ने कहा कि ऑटो एंसिलरी कंपनियों में वे उन कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं जो ऑटो के साथ साथ डिफेंस या एरोस्पेस इंडस्ट्री के अंदर में भी अपनी जगह बना रही हैं। इस तरह की पहली कंपनी सनसेरा इंजीनियरिंग है जिसकी टॉप लाइन आज 30 से 35%। एडीएस सेगमेंट से भी योगदान आना शुरू हो गया है। एरोस्पेस डिफेंस और सेमीकंडक्टर में भी कंपनी के लिए मौके बन रहे हैं। इसके चलते आगे कंपनी के मार्जिन और एबिटा में भी काफी अच्छा ग्रोथ होता हुआ नजर आएगा।

सोना बीएलडबल्यू भी काफी अच्छी लग रही है। जापानी कंपनी के साथ अब इनस दो जेबी हो चुके है। फ्यूचर ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए यह कंपनी लॉन्ग टर्म नजरिए से काफी पसंद आ रही है।

आज लिस्ट हुए टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (Tempsens) के शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उन्होंने इसके आईपीओ में अप्लाई तो नहीं किया था लेकिन यह शेयर काफी अच्छा लग रहा है। आने वाले पांच साल में जो कंपनी की टॉप लाइन ग्रोथ ऑलमोस्ट 30% सालाना की दर से ग्रो कर सकती है। इसकी मार्जिन भी 24% पर जाती हुई नजर आएगी जिसके चलते एबिटा ग्रोथ 35% की देखने को नजर आएगी। अगर से हम मल्टीपल देखें तो उसको देखते हुए लगता है कि करंट करंट लेवल से भी शायद आपको इसमें 20 से 25% की अपसाइड देखने को नजर आ सकती है। यह बहुत ही इंटरेस्टिंग कंपनी है। यहां पर करंट लेवल से भी इसमें काफी तेजी देखने को मिल सकती है।

Gold Price : जेफरीज ने कहा भारत की ताकत उसके सोने में ही छिपी, गोल्ड पर लगाया बड़ा दांव

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price : जेफरीज ने कहा भारत की ताकत उसके सोने में ही छिपी, गोल्ड पर लगाया बड़ा दांव

Gold Price : शुक्रवार,28 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। निवेशक US फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल में होने वाले भाषण से पहले मुनाफावसूली कर रहे है। फिलहाल 12 बजे के आसपास MCX पर सोने का अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट 716 रुपए यानी 0.45 फीसदी की गिरावट के साथ 158,282 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी का सितंबर फ्यूचर्स 101 रुपए यानी 0.04 फीसदी गिरकर 240,550 रुपए प्रति किलोग्राम पर दिख रहा था।

इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशक वॉर्श के भाषण पर नजरें बनाए हुए है। US गोल्ड फ्यूचर्स के दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट 0.40% गिरकर 4,627.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गए हैं।

गोल्ड पर जेफरीज की राय

इस बीच गोल्ड पर जारी अपनी रिपोर्ट में ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज में कहा है कि भारत में आज भी सबसे बड़ा भरोसा सोने पर ही है। भारत की ताकत उसके सोने में ही छिपी है। उसके मुताबिक देश में करीब 4 लाख करोड़ डॉलर का सोना है,जो आगे चलकर इकोनॉमी और मार्केट दोनों को चमका सकता है। गोल्ड ही भारत का सुपर पावर है। भारत के गोल्ड की वैल्यू 4 लाख करोड़ डॉलर है जो कुल इक्विटी निवेश का 4 गुना है। देश में गोल्ड का भाव 10 फीसदी बढ़ने पर जीडीपी में 0.80 फीसदी का उछाल देखने को मिलता है।

जेफरीज का कहना है कि सोने के दाम बढ़ने से इकोनॉमी और मार्केट दोनों को फायदा होता है। देश में सोना बढ़ेगा तो खर्च बढ़ेगा। गोल्ड लोन के बढ़ते क्रेज से भी फायदा होगा। लोग घर में सोना रखने के बजाय गोल्ड लोन लेकर पैसे का इस्तेमाल कर रहे हैं। गोल्ड लोन के पैसे से इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा।

जेफरीज का गोल्डन पोर्टफोलियो

जेफरीज के गोल्ड थीम में मणप्पुरम और सिल्वर थीम में हिंदुस्तान जिंक शामिल है। इसके अलावा उसके मॉडल पोर्टफोलियो में कंजम्पशन थीम से मीशो और केमिकल थीम से नवीन फ्लोरीन शामिल है। वहीं, इसने अपने मॉडल पोर्टफोलियो से जिंदल स्टेनलेस और अंबुजा सीमेंट को बाहर कर दिया है। जेफरीज की राय है कि सोना चढ़ा तो टाइटन, कल्याण ज्वैलर्स, MCX, IIFL फाइनेंस और मुथूट फाइनेंस की बल्ले-बल्ले होगी।

 

IT Stocks : Nvidia में आई रैली ने IT शेयरों में भरा जोश, निफ्टी के टॉप गेनरों में आईटी शेयरों का दबदबा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Stocks : Nvidia में आई रैली ने IT शेयरों में भरा जोश, निफ्टी के टॉप गेनरों में आईटी शेयरों का दबदबा

IT Stocks : शुक्रवार को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों में तेजी आई है। TCS, Infosys, HCL Tech और दूसरी कंपनियों के शेयरों में 2-4% की बढ़त देखने को मिल रही है। Nvidia के अच्छे नतीजों और आगे के लिए अच्छे गाइडेंस के बाद इस शेयर में उछाल आया है। इससे ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को लेकर उम्मीदें फिर से बढ़ गईं हैं। फिलहाल निफ्टी IT इंडेक्स 2.92 फीसदी बढ़कर 31,103.45 पर पहुंच गया है। आज यह सबसे ज्यादा बढ़त वाले सेक्टोरल इंडेक्सों में शामिल है। इसने ब्रॉडर मार्केट से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। IT इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी के सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों की लिस्ट में भी IT शेयरों का दबदबा दिख रहा है।

आईटी शेयरों की चाल पर एक नजर

TCS सबसे ज्यादा बढ़त दिख रही है। यह शेयर 3.5 प्रतिशत बढ़कर 2,327 रुपये पर दिख रहा है। इसके बाद Tech Mahindra के शेयरों में 3 प्रतिशत की बढ़त हुई है और यह 1,632 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि HCL Technologies के शेयरों में 2.75 प्रतिशत की बढ़त नजर आ रही है। यह शेयर 1,317 रुपये के आसपास दिख रहा है। Infosys के शेयर 2.63 प्रतिशत बढ़कर 1,140 रुपये पर और Wipro के शेयर 1.89 प्रतिशत बढ़कर 179.74 रुपये पर पहुच गए है। सुबह के कारोबार में Nifty 50 पर ये 5 IT स्टॉक्स आज के टॉप गेनर रहे।

Nvidia की तेजी ने भरा जोश

यह तेजी Nvidia के शेयरों में आई तेजी के बाद आई है। US की इस चिप बनाने वाली कंपनी के शानदार नतीजे और इसके द्वारा मजबूत गाइडेंस जारी करने के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 9 प्रतिशत की तेजी आई। इससे ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों का भरोसा और मज़बूत हुआ है। HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड,देवर्ष वकील का कहना है कि Nvidia के नतीजों ने ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों को भरोसा बढ़ाया है जिससे टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

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आईटी पर एक्सपर्ट्स की राय

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने भारतीय IT शेयरों के मजबूत प्रदर्शन का श्रेय ग्लोबल टेक्नोलॉजी रैली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नई उम्मीदों को दिया है। उनका कहना IT सेक्टर ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी के सपोर्टिव माहौल और Nvidia के अच्छे नतीजों व आउटलुक के बाद AI थीम को लेकर नई उम्मीदों की वजह से इसमें लगभग 3% की बढ़त आई है। दुनिया भर में आईटी को लेकर बना अच्छा माहौल भारतीय IT शेयरों को सहारा दे रहा है और पूरे सेक्टर में उत्साह देखने को मिल रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि एनवीडिया (Nvidia) के शानदार नतीजों और गाइडेंस के बाद AI ट्रेड में तेजी जारी है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भारतीय बाजार के लिए चुनौतियां बनी रहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि बाजार में लगातार तेजी बनाए रखने के लिए निफ्टी की बड़ी कंपनियों,खासकर IT सेक्टर की दिग्गज कंपनियों की भागीदारी अहम होगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

FPI ने भारतीय शेयरों में बढ़ाई खरीद, अगस्त में अब तक लगाए ₹23544 करोड़

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने अगस्त में भारतीय शेयर बाजार में अपनी खरीद तेज कर दी है। कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों, रुपये की स्थिरता और बाजार की बेहतर संभावनाओं से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। FPI ने अगस्त में अब तक भारतीय शेयर बाजार में 23,544 करोड़ रुपये डाले हैं। इससे पहले जुलाई में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था। जुलाई से पहले लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने जून में 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मार्च में रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। फरवरी में उन्होंने भारतीय शेयरों में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था।

हाल की खरीदारी के बावजूद विदेशी निवेशकों की ओर से साल 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजारों में सेलिंग का आंकड़ा करीब 2,30,000 करोड़ रुपये रहा है। साल 2025 में उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपये की सेलिंग की थी।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार का कहना है कि FPI की भारतीय बाजार में वापसी के पीछे कई कारण हैं। इनमें कंपनी के जून तिमाही के बेहतर नतीजे, रुपये की स्थिरता और व्यापक बाजार में कंपनियों की ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं प्रमुख हैं। विदेशी निवेशक आकर्षक वैल्यूएशंस वाले बड़े बैंकिंग और आईटी शेयरों में तगड़ी खरीद नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय वे हाई वैल्यूएशंस के बावजूद चुनिंदा मझोली कंपनियों के शेयरों में पैसे लगा रहे हैं।

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बाजार की आगे की दिशा के लिए निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव पर रहेगी। विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी ऋण या बॉन्ड बाजार में भी दिखाई दी है। अगस्त में अब तक उन्होंने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत ऋण बाजार में 852 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वहीं जनरल रूट के जरिए 995 करोड़ रुपये निकाले हैं।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Shares Prices: आईटी शेयरों में निवेश किया है तो कोटक की यह रिपोर्ट पढ़ लीजिए, कई स्टॉक्स हुए डाउनग्रेड

आपने आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ा निवेश किया है तो आपको कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट पर गौर करने की जरूरत है। ब्रोकरेज फर्म ने आईटी सर्विसेज कंपनियों पर अपने रुख में बदलाव किया है। उसने इंफोसिस और टीएसएस पर अपनी राय बदल दी है। उसने पहले दोनों शेयरों को खरीदने (buy) की सलाह दी थी। अब उसने इसे बदलकर ऐड (add) कर दिया है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने LTM पर भी अपनी राय बदलकर ‘Reduce’ से ‘Sell’ कर दी है। उसने आईटी शेयरों में हाल में आई 15-35 फीसदी की गिरावट के बाद ऐसा किया है। इससे पहले विदेशी ब्रोकरेज फर्म CLSA ने आईटी सेक्टर पर सावधानी बरतने की सलाह दी थी। उसने TCS, Infosys और Tech Mahindra को डाउनग्रेड कर इनपर अपनी रेटिंग ‘होल्ड’ कर दी थी। विप्रो और एम्फैसिस पर अंडरपरफॉर्म की रेटिंग दी थी।

ब्रोकरेज फर्म ने Infosys को डाउनग्रेड कर ‘Add’ करने के साथ ही शेयर के लिए 1,200 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने TCS पर भी ऐड रेटिंग देते हुए 2,450 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। LTIMindtree पर ब्रोकरेज का फर्म का नजरिया और ज्यादा बेयरशि है। उसने इस शेयर पर अपनी रेटिंग ‘reduce’ से घटाकर ‘Sell’ कर दी है। उसने इस शेयर के लिए 4,150 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि तेजी के बाद यह शेयर काफी महंगा हो गया है।

21 अगस्त को आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी दिखी। 1 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.11 फीसदी नीचे था। इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा के शेयरों की कीमतें लाल निशान में थीं। एक समय तो निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.47 तक गिर गया था। बाद में इसमें रिकवरी दिखी।

इस साल Nifty IT Index करीब 19 फीसदी गिरा है। इस दौरान निफ्टी 50 में 7.3 फीसदी गिरावट आई है। कोटक का मानना है कि आईटी कंपनियों पर प्राइसिंग का दबाव है। ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए डील फ्लो पर्याप्त नहीं है। ओपन-सोर्स और AI मॉडल्स के असर को लेकर भी चिंता बनी हुई है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ओपन-वेट मॉडल्स से सर्विसेज की इंटेनसिटी बढ़ जाएगी और एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।

इस साल दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी है। टीसीएस 29 फीसदी गिरा है। इंफोसिस में 30 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। टेक महिंद्रा 0.9 फीसदी गिरा है। हालांकि, कुछ आईटी शेयरों का प्रदर्शन स्ट्रॉन्ग रहा है। कोफोर्ज का शेयर इस साल 13.5 फीसदी चढ़ा है। LTM करीब 2 फीसदी चढ़ा है।