HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी का मुनाफा 20% बढ़ा, गाइडेंस बरकरार; डिविडेंड का ऐलान

HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी HCL Technologies (HCLTech) ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। प्रॉफिट, रेवेन्यू और मार्जिन तीनों उम्मीद से ज्यादा रहे।

कंपनी ने FY27 के लिए अपना गाइडेंस भी बरकरार रखा है। कंपनी को अब भी पूरे वित्त वर्ष में कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% रहने की उम्मीद है।

प्रॉफिट और रेवेन्यू में अच्छी बढ़त

जून तिमाही में HCLTech का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 20.3% बढ़कर ₹4,624 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,844 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ पहुंच गया।

डॉलर के लिहाज से कंपनी का रेवेन्यू 3.65 अरब डॉलर रहा। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू तिमाही आधार पर 0.5% घटा। लेकिन यह भी बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में भी सुधार

HCLTech का EBIT ₹5,831 करोड़ रहा। वहीं, EBIT मार्जिन बढ़कर 16.86% हो गया, जो मार्च तिमाही में 16.5% था।

आईटी और बिजनेस सर्विसेज से रेवेन्यू बढ़कर ₹26,049 करोड़ हो गया। इंजीनियरिंग और R&D सर्विसेज का रेवेन्यू ₹5,690 करोड़ रहा। वहीं, HCL Software का रेवेन्यू बढ़कर ₹2,840 करोड़ पहुंच गया।

AI कारोबार में तेज बढ़त

HCLTech ने बताया कि उसका Advanced AI कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इस सेगमेंट का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 10.6% और सालाना आधार पर 62.1% बढ़ा।

इसके अलावा कंपनी ने जून तिमाही में 2.41 अरब डॉलर का नया ऑर्डर (TCV) हासिल किया, जो पहली तिमाही का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

कर्मचारियों की संख्या घटी

जून तिमाही में HCLTech के कर्मचारियों की संख्या 3,292 घटकर 2,23,889 रह गई। वहीं, एट्रिशन रेट बढ़कर 12.7% हो गई, जो मार्च तिमाही में 12.5% थी।

₹12 प्रति शेयर डिविडेंड

HCLTech के बोर्ड ने FY27 के लिए ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। इसकी रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई तय की गई है। डिविडेंड का भुगतान 27 जुलाई को किया जाएगा। कंपनी ने 1 जुलाई को नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद Jaspersoft के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।

नतीजों से पहले सोमवार को HCLTech का शेयर 5.15% की तेजी के साथ ₹1,224 पर बंद हुआ। हालांकि, इस साल अब तक शेयर करीब 25% गिर चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Insight: इसी हफ्ते निफ्टी छू सकता है 24500 का लेवल, शानदार रिटर्न के लिए बेहतरीन टेक्निकल सेटअप वाले इन शेयरों पर लगाएं दांव

Market Insight: सोमवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिल रही है। IT शेयरों में आई जबरदस्त तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को शुरुआती नुकसान से उबरने में मदद की है। दोपहर 2:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 99.38 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 77,668.77 पर और निफ्टी 17.15 अंक या 0.07 प्रतिशत बढ़कर 24,224.05 पर पहुंच गया। मार्केट ब्रेथ भी पॉजिटिव दिख रहा है। 2,034 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। जबकि 1,953 शेयरों में गिरावट दिख रही है। IT शेयरों ने इस तेजी को लीड किया है। मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में भी अच्छी बढ़त नजर आ रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ,जबकि इंडिया VIX दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आने के बावजूद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।

ऐसे में बाजार की आगे की संभावनाओं पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि पिछले सोमवार को उन्होंने सतर्क रहने के साथ 24,500 के आसपास प्रॉफिट बुकिंग की राय दी थी। उसके बाद ट्रंप के बयान बाद पिछले हफ्ते शार्प करेक्शन देखने को मिला। लेकिन एक वोलेटाइल वीक होने के बावजूद निफ्टी ने 24131 के 200 DMA पर सपोर्ट लिया। निफ्टी की पिछले हफ्ते की क्लोजिंग भी रिलेटिवली अच्छी रही। अब इस वीक की बात करें तो निफ्टी जब तक 24,000 के ऊपर है मार्केट का सेंटीमेंट बाय ऑन डिप का रहेगा। लॉन्ग पोजीशंस के लिए यहां से 23,950 का स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। अगर इंट्राडे में 24,000 के आसपास कोई भी डिप आती है तो खरीदारी करने की राय रहेगी। निफ्टी के लिए 24,500 पर एक रेजिस्टेंस है। इसको निकालना थोड़ा सा मुश्किल जरूर रहेगा। कल की एक्सपायरी में काफी डाटा भी चेंज होता हुआ दिखेगा। निफ्टी में क्लियरली बाय ऑन डिप का ट्रेंड है।

दूसरी सबसे इंटरेस्टिंग बात यह हो रही है कि बैंक निफ्टी ने लास्ट वीक थोड़ा विराम लिया। बैंक निफ्टी में तीन-चार वीक की आउटपरफॉर्मस थी और उसके बाद यह लास्ट वीक में कंसोलिडेट करता हुआ दिखा। लेकिन इस कंसोलिडेशन में पीएसयू बैंक्स का डेटा बहुत ही बेहतरीन निकल कर आया। अगर आप फ्यूचर्स का डेटा देखें तो कनरा बैंक का ओपन इंटरेस्ट तीन साल के हाईएस्ट लेवल पर है। आप अगर ओवरऑल पीएसयू बैंक्स को देखें तो बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के रिजल्ट्स बढ़िया रहे। इन स्टॉक्स ने काफी बेहतरीन मूव दिए। काफी सारे स्टॉक्स में ओपन इंटरेस्ट बढ़ा है। यह 1 साल और 3 साल के हाई पर है।

ऐसा लगता है कि हालिया करेक्शन के बाद पीएसयू बैंक्स में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखते हुए पोजीशनल बेसिस पर यूनियन बैंक का सेटअप बहुत प्रॉमिसिंग लगता है। यूनियन बैंक में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। इसमें 162 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा। अगले 5-10 दिनों में यह शेयर 180 रुपए तक के टारगेट्स हासिल कर सकता है। पीएसयू बैंक्स में यूनियन बैंक सबसे बेहतरीन पिक है।

इसके अलावा डेली चार्ट्स पर यूटीआई एएमसी में भी एक बहुत ही बेहतरीन राउंडिंग बॉटम देखने को मिला है। डिलीवरी बेसिस पर एक महीने के व्यू के हिसाब से यूटीआई एएमसी में 1086 रुपए के आसपास खरीदारी की जा सकती है। इसका पहला लक्ष्य 1100 रुपए का होगा। इस स्टॉक में तकरीबन 1 महीने में 20% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

आईटी शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि आईटी सेक्टर में हमें बाउंस बैक देखने को मिल रहा है। पिछले वीक भी इस सेक्टर में काफी बेहतरीन बाउंस बैक देखने को मिला था। फ्राइडे को TCS के रिजल्ट्स आ जाने के बाद आईटी शेयरों में जोश भर गया। अब Tech Mahindra का सेटअप काफी अच्छा दिख रहा। स्टॉक अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज के आसपास कंसोलिडेट कर रहा है। खरीदारी के लिए इसका रिस्क रिवॉर्ड फेवरेबल है। इस स्टॉक में 1540-1550 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। Tech Mahindra में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। लॉन्ग्स के लिए 1430 रुपए का स्टॉप लॉस रखे।

इसके अलावा पीएसयू बैंक स्पेस से ही केनरा बैंक का शेयर भी अच्छा लग रहा है। इसका ओपन इंटरेस्ट 3 साल के हाईएस्ट लेवल पर ट्रेड कर रहा है। इस शेयर में 125 रुपए के स्टॉप लॉस की साथ खरीदारी करने की सलाह हो। अगले 5-10 दिनों में इस शेयर में 140 रुपए तक के टारगेट्स मिल सकते हैं।

राहुल शर्मा को भी एम्बर एंटरप्राइजेज का सेटअप भी काफी अच्छा दिख रहा है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इस शेयर में काफी अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। 8200 रुपए के टारगेट्स के लिए इस शेयर को खरीदा जा सकता है। लॉन्ग पोजीशंस के लिए 7800 रुपए का स्टॉप लॉस रखें। इस स्टॉक का टेक्निकल सेटअप काफी बेहतरीन दिख रहा है। यहां पर मोमेंटम कैच अप होता हुआ दिखेगा।

Trading Plan : बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का, ऐसे में बने रहें और गिरावट में और सौदे जोड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

TCS Dividend: हर शेयर पर ₹12 का डिविडेंड देगी टाटा की टीसीएस, रिकॉर्ड डेट भी तय

TCS Dividend: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने पहली तिमाही के नतीजों के साथ 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी ने 15 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें डिविडेंड मिलेगा। डिविडेंड का भुगतान 31 जुलाई 2026 को किया जाएगा।

इससे पहले मार्च 2026 तिमाही में TCS ने 31 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। वहीं जनवरी 2026 में कंपनी ने 11 रुपये का अंतरिम डिविडेंड और 46 रुपये का स्पेशल डिविडेंड मिलाकर कुल 57 रुपये प्रति शेयर का भुगतान किया था।

पिछले 5 साल में कितना डिविडेंड दिया?

सालडिविडेंड
कुल भुगतान (₹/शेयर)

2021₹6 अंतरिम + ₹7 अंतरिम + ₹7 अंतरिम + ₹15 फाइनल₹35
2022₹7 अंतरिम + ₹8 अंतरिम + ₹8 अंतरिम + ₹22 फाइनल₹45
2023₹8 अंतरिम + ₹67 स्पेशल + ₹9 अंतरिम + ₹9 अंतरिम + ₹24 फाइनल₹108
2024₹9 अंतरिम + ₹18 स्पेशल + ₹10 अंतरिम + ₹10 अंतरिम + ₹28 फाइनल₹75
2025₹10 अंतरिम + ₹66 स्पेशल + ₹11 अंतरिम + ₹11 अंतरिम + ₹30 फाइनल₹128

पिछले पांच वर्षों में TCS ने कुल 457 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया है। इस दौरान कंपनी ने 2022 और 2023 में शेयर बायबैक भी किए थे।

तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 72,275 करोड़ रुपये रहा। यह सालाना आधार पर करीब 14% और पिछली तिमाही के मुकाबले 2.2% अधिक है। ऑपरेटिंग मार्जिन 24% रहा।

कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13,349 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 4.61% ज्यादा है। वहीं कंपनी ने बताया कि उसका नेट इनकम 8.5% बढ़कर 13,849 करोड़ रुपये हो गया।

कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

जून तिमाही के दौरान TCS ने 9,200 से ज्यादा नए कर्मचारियों की नेट हायरिंग की। 30 जून 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

TCS का शेयर गुरुवार को लगभग 2,048 रुपये के आसपास सपाट बंद हुआ। हालांकि, दिन में कारोबार के दौरान यह 2% तक गिर गया था।

TCS Q1 Results: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी को ₹13349 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FII DII Data: विदेशी निवेशकों की लगातार तीसरे दिन खरीदारी, क्या अब आने वाली है बड़ी तेजी?

FII DII Data: फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII) ने मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी जारी रखी। एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, FIIs ने 393.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (DII) 383.43 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर नेट सेलर रहे।

सोमवार को भी FIIs ने 243.03 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। उस दिन DIIs ने 3,791.42 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। इससे पहले 3 जुलाई को FIIs ने चार दिन की लगातार बिकवाली के बाद वापसी करते हुए 1,355.33 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। उसी दिन DIIs ने 1,953.89 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

बाजार में रही कमजोरी

हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीदारी के बावजूद मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। BSE Sensex 104 अंक टूटकर 78,181 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 32 अंक गिरकर 24,399 पर बंद हुआ। इसके साथ ही निफ्टी चार दिनों की लगातार तेजी के बाद 24,400 के स्तर से नीचे फिसल गया।

Nifty Bank 91 अंक गिरकर 58,201 पर बंद हुआ। वहीं Nifty Midcap 186 अंक टूटकर 62,285 पर आ गया। कारोबार के दौरान यह अपने ऊपरी स्तर से 300 अंकों से ज्यादा फिसल गया।

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किन वजहों से गिरा बाजार?

बाजार पर हैवीवेट शेयरों में कमजोरी, मिडकैप शेयरों में मुनाफावसूली और डिफेंस व रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का दबाव रहा। हालांकि, आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।

इस बीच, वैश्विक जोखिम कम होने और Hormuz Strait से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने से सप्लाई बाधित होने की चिंता घटी। इसका असर रुपये पर भी दिखा। भारतीय रुपया 48 पैसे मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 94.95 के स्तर पर बंद हुआ।

क्या अब गिरावट का दौर खत्म?

मार्केट के जानकार FII की लगातार तीन दिनों की खरीदारी को पॉजिटिव संकेत मान रहे हैं। Quant Mutual Fund के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर संदीप टंडन का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार का सबसे मुश्किल दौर अब पीछे छूट चुका है।

संदीप टंडन के मुताबिक, विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी से भारतीय बाजार को मजबूती मिलेगी और यह दूसरे वैश्विक बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उनका मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, यूटिलिटीज और चुनिंदा एनर्जी कंपनियां आने वाले समय में निवेश के लिए सबसे आकर्षक सेक्टर बने रहेंगे।

Market Outlook: ‘बाजार का सबसे बुरा दौर खत्म’, Quant Mutual Fund ने कहा- अब सही स्टॉक्स चुनने का समय

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook: ‘बाजार का सबसे बुरा दौर खत्म’, Quant Mutual Fund ने कहा- अब सही स्टॉक्स चुनने का समय

Market Outlook: Quant Mutual Fund के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर संदीप टंडन का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अब अपने सबसे कमजोर दौर से बाहर निकल चुका है। उनके मुताबिक, अगले दो तिमाहियों में पूरे बाजार के बजाय चुनिंदा शेयर बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।

संदीप टंडन का कहना है कि विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी से भारत दूसरे बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, यूटिलिटीज और चुनिंदा एनर्जी कंपनियां निवेश के लिहाज से पसंदीदा सेक्टर बने रहेंगे।

इंफ्रा और पावर पर सबसे ज्यादा भरोसा

संदीप टंडन का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर उनकी सबसे पसंदीदा थीम बनी हुई है। इसकी वजह सरकार और निजी कंपनियों का बढ़ता कैपेक्स है।

उनके मुताबिक, पोर्ट, एयरपोर्ट, सड़क, पावर, रिन्यूएबल एनर्जी, यूटिलिटीज, टेलीकॉम और चुनिंदा डिफेंस कंपनियों में अच्छे मौके हैं। ऐसे शेयरों पर फोकस करना चाहिए, जिनके फंडामेंटल मजबूत हों। कैश फ्लो अच्छा हो। लेकिन अभी उन पर बाजार की ज्यादा नजर न गई हो।

FII की वापसी से मिलेगा सहारा

संदीप टंडन का मानना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगभग खत्म हो चुकी है। अब FII धीरे-धीरे भारतीय बाजार में लौट रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में गिरावट आती है, तो भारत और आकर्षक बन सकता है।

बैंकिंग और IT पर क्या राय?

संदीप टंडन का कहना है कि प्राइवेट बैंकों में रिकवरी जारी रह सकती है। लेकिन यह तेजी बहुत लंबी चलेगी, ऐसा जरूरी नहीं है।

आईटी सेक्टर को लेकर उनका नजरिया पहले से बेहतर हुआ है। कमजोर प्रदर्शन के बाद अब वैल्यूएशन आकर्षक दिख रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी इस सेक्टर में आक्रामक खरीदारी का समय नहीं है। Quant Mutual Fund ने सिर्फ चुनिंदा आईटी शेयरों में खरीदारी शुरू की है।

FMCG और स्मॉलकैप में कहां हैं मौके?

उनके मुताबिक, FMCG सेक्टर में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन वैल्यूएशन अभी भी ऊंचे हैं। इसलिए यहां भी चुनिंदा शेयरों में निवेश करना बेहतर रहेगा।

संदीप टंडन का मानना है कि मिडकैप के मुकाबले स्मॉलकैप और माइक्रोकैप में ज्यादा अवसर हैं। हालांकि, निवेश से पहले मैनेजमेंट की गुणवत्ता और कैश फ्लो की जांच जरूर करनी चाहिए।

IPO बाजार पर भी भरोसा

संदीप टंडन आने वाले बड़े IPO को लेकर भी सकारात्मक हैं। उन्होंने SBI Funds, NSE और Jio के संभावित IPO का जिक्र किया। उनका कहना है कि भारतीय बाजार अब इतने बड़े इश्यू को संभालने में सक्षम है। हालांकि, कंपनियों का उचित वैल्यूएशन पर आना जरूरी होगा।

संदीप टंडन का कहना है कि अगले कुछ महीनों में स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति ज्यादा काम आएगी। इसलिए निवेशकों को इंडेक्स के बजाय मजबूत कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

Eternal Share Price: नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकता है इटनरल, मोतीलाल ओसवाल ने दिया 34% तेजी का अनुमान

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

आखिरी 35 मिनट भारी, Sensex में 600 अंकों की गिरावट, डूबे निवेशकों के ₹1.77 लाख करोड़

Sensex-Nifty Closes Red: लगातार चार कारोबारी दिनों तक ग्रीन रहने के बाद आज भी सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले लेकिन शुरुआती बढ़त गंवाते हुए आखिरी में ये रेड जोन में बंद हुए। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी का दिन होने के चलते आज आखिरी 35 मिनट में माहौल ही पलट गया और रिकवरी की कोशिशें नाकाम हो गई। सेंसेक्स इंट्रा-डे हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24500 के पार जाने के बाद फिसलकर 24400 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर तो और गहरा दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.30% की कमजोरी आई तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 0.55% टूटकर बंद हुआ।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी शेयरों ने ऊपर खींचने की काफी कोशिश और इंट्रा-डे में तो इसका निफ्टी इंडेक्स 4% उछल पड़ा था लेकिन दिन के आखिरी में इसकी बढ़त ढाई फीसदी से कम रह गई। मार्केट पर आज मेटल और रियल्टी सेक्टर्स ने काफी दबाव डाला। निफ्टी मेटल 1% से अधिक तो निफ्टी रियल्टी डेढ़ फीसदी से अधिक कमजोर हुआ है। इस माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 104.35 प्वाइंट्स यानी 0.13% की फिसलन के साथ 78,180.72 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 31.65 प्वाइंट्स यानी 0.13% की गिरावट के साथ 24,398.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 379.85 प्वाइंट्स उछलकर 78,664.92 तक पहुंचा था जिससे यह 633.88 प्वाइंट्स टूटकर 78,031.04 तक और निफ्टी 100.55 प्वाइंट्स चढ़कर 24,530.90 तक जाने के बाद टूट गया और 181.95 प्वाइंट्स गिरकर 24,348.95 तक आ गया।

निवेशकों के ₹1.77 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 06 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,50,174.783 करोड़ था। आज यानी 07 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,,79,72,766.93 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,77,407.85 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 11 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 11 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा और इंफोसिस में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट ट्रेंट और बीईएल में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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160 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4397 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1595 शेयर आज मजबूत हुए तो 2637 में गिरावट रही जबकि 165 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 160 शेयर एक साल के हाई और 193 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

4 वजहों से मार्केट पर आया दबाव

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आईटी शेयरों ने दिखाया दम, टीसीएस, इंफोसिस सहित इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

आईटी कंपनियों के शेयरों में 7 जून को तेजी दिखी। आईटी कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों से पहले शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 फीसदी तक उछल गया। हालांकि, बाद में यह 2.3 फीसदी के उछाल के साथ बंद हुआ। बीते दो महीने में आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। जुलाई में अच्छी तेजी दिखी है। इस महीने आईटी इंडेक्स 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के जून तिमाही के नतीजे 9 जुलाई को आएंगे।

इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

मंगलवार को टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और एलटीआई माइंडट्री में 3.7 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। पर्सिस्टेंट का शेयर शेयर भी 3.56 फीसदी ऊपर चल रहा था। टीसीएस के नतीजों से आईटी सेक्टर के प्रदर्शन का संकेत मिलेगा। हालांकि, AI की वजह से आईटी कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ कमजोर रहने का अनुमान है।

अच्छे आईटी शेयरों में खरीदारी

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर ने कहा कि आज आईटी शेयरों में अच्छी तेजी की वजह जून तिमाही के नतीजों से जुड़ी उम्मीद है। ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिखा है। इनवेस्टर्स अच्छी क्वालिटी के आईटी स्टॉक्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 7 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक दोपहर बाद बिकवाली की वजह से दबाव में आ गए। सेंसेक्स और निफ्टी हरे से लाल निशान में आ गए। लेकिन, आईटी शेयरों में तेजी बनी रही।

आईटी सेक्टर को AI बूम का मिल सकता है फायद

मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय आईटी कंपनियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बूम का अप्रत्याशित फायदा मिल सकता है। AI की वजह से आईटी शेयरों को लेकर निवेशकों की चिंता के बीच यह सेक्टर विजेता के रूप में उभर सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी इंडिया इक्विटी स्ट्रेटेजी प्लेबुक में कहा है कि दुनियाभर की कंपनियां एआई एप्लिकेशंस के लिए इन कंपनियों का रुख कर रही हैं।

मॉर्गन स्टेनली को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

मॉर्गन स्टेनली ने आईटी सेक्टर को लेकर काफी पॉजिटिव राय व्यक्त की है। बीते एक साल में आईटी शेयरों का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। इसकी बड़ी वजह नए एआई टूल हैं। एआई के कोडिंग करने से ट्रेडिशनल आउटसोर्सिंग मॉडल पर असर पड़ सकता है। इस वजह से आईटी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे हैं। इसके उलट अमेरिका, दक्षिण कोरिया, ताइवान जैसे बाजारों में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी दिखी है।

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दोपहर बाद प्रमुख सूचकांकों ने गंवाई बढ़त

7 जुलाई को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों ने दोपहर बाद अपनी बढ़त गंवा दी। इससे बीते चार सत्रों से बाजार में जारी तेजी पर ब्रेक लग गया। निफ्टी 0.13 फीसदी यानी 31 अंक गिरकर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.13 फीसदी यानी 104 अंक की गिरावट के साथ 78,189 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी भी लाल निशान में बंद हुआ। मिडकैप इंडेक्स में मजबूती दिखी।

IT Stocks: चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने आईटी कंपनियों की रेटिंग-टारगेट घटाए, कहा- रिकवरी में लग सकता है वक्त

IT Stocks: ब्रोकरेज फर्म Choice Institutional Equities का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक और कमजोर तिमाही साबित हो सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मांग में सुधार नहीं दिख रहा। उल्टा हालात और बिगड़े हैं। इससे साफ है कि जिस रिकवरी की उम्मीद थी, वह अब और आगे खिसक गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है। कंपनियां नए फैसले लेने में समय लगा रही हैं। AI की वजह से प्रोडक्टिविटी बढ़ी है, लेकिन इसका असर रेवेन्यू पर दबाव के रूप में दिख रहा है। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। इन सब वजहों से कंपनियां गैरजरूरी (Discretionary) खर्च कम कर रही हैं। इसका असर पूरे आईटी सेक्टर की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

लार्जकैप और मिडकैप पर अनुमान

ब्रोकरेज का मानना है कि बड़ी आईटी कंपनियों की कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) ग्रोथ तिमाही आधार पर सपाट रह सकती है। कुछ कंपनियों में हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है।

वहीं, मिडकैप आईटी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसकी वजह नए डील्स का शुरू होना और बाजार हिस्सेदारी बढ़ना है।

कमाई के अनुमान में कटौती

Choice Institutional Equities का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही की ग्रोथ पूरे साल के गाइडेंस के हिसाब से कमजोर दिख रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कई कंपनियां अपने गाइडेंस में बदलाव कर सकती हैं। कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

इसी वजह से ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए पूरे आईटी सेक्टर की कमाई के अनुमान में 0.1% से 16.7% तक की कटौती की है। साथ ही, कई कंपनियों के टारगेट प्राइस और वैल्यूएशन में भी 0% से 21.6% तक की कमी की गई है। इसकी वजह कमजोर मांग, AI की वजह से रेवेन्यू पर दबाव और बढ़ता एग्जीक्यूशन रिस्क है।

क्या अब आईटी शेयरों में खरीदारी का मौका है?

ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी शेयरों में पहले ही अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है। इसलिए अब नीचे जाने की गुंजाइश सीमित दिखती है। हालांकि, सेक्टर में दोबारा तेज तेजी तभी आएगी, जब मांग में सुधार दिखे। कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ तेज हो। साथ ही, GenAI से सिर्फ लागत घटाने के बजाय कमाई बढ़ने के भी साफ संकेत मिलें।

HCLTech : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने HCLTech की रेटिंग ‘Add’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी है। हालांकि, टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से घटाकर 1,410 रुपये कर दिया गया है।

Mphasis : इसकी रेटिंग ‘Buy’ से घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 2,520 रुपये रखा गया है।

Persistent Systems : ब्रोकरेज ने Persistent Systems की रेटिंग घटाकर ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 5,010 रुपये तय किया गया है।

Tech Mahindra : महिंद्रा ग्रुप की आईटी कंपनी की रेटिंग भी घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। ब्रोकरेज ने शेयर का नया टारगेट प्राइस 1,600 रुपये रखा है।

Zensar Technologies : ब्रोकरेज ने Zensar Technologies की रेटिंग भी ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 560 रुपये तय किया गया है।

TCS : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने टाटा ग्रुप की आईटी TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 2,625 रुपये कर दिया गया है।

Infosys : इस आईटी कंपनी पर भी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी गई है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटाकर 1,360 रुपये कर दिया है।

Happiest Minds : इस पर ब्रोकिंग फर्म ने ‘Buy’ रेटिंग कायम रखी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 440 रुपये कर दिया गया है।

Coforge : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने Coforge पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का टारगेट प्राइस 1,900 रुपये पर कायम रखा गया है।

Wipro : ब्रोकरेज ने Wipro पर ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 185 रुपये कर दिया गया है।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 43% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

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क्या सोना बेचकर शेयर खरीदने का समय आ गया? एक्सपर्ट रोहित श्रीवास्तव ने निफ्टी और बैंक निफ्टी पर कर दी बड़ी भविष्यवाणी

शेयर बाजारों के सेंटीमेंट में पॉजिटिव बदलाव दिख रहा है। बीते करीब दो सालों में शेयर बाजार का रिटर्न अच्छा नहीं रहा है। पहले हाई वैल्यूएशन बड़ा चैलेंज था। इससे विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में बड़ी बिकवाली की। वैल्यूएशन अब घटा है। उधर, मध्यपूर्व में तनाव कम हुआ है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। इसका पाॉजिटिव असर शेयर बाजारों पर दिख रहा है। सीएनबीसी-टीवी18 ने निवेश और शेयर बाजार के आउटुलक के बारे में जानने के लिए इंडियाचार्ट्स के फाउंडर रोहित श्रीवास्तव के साथ बातचीत की।

बाजार नई तेजी के शुरुआती चरण में

श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार कई वैश्विक और भू-राजनीतिक झटकों के बाद अब एक नए अपट्रेंड के शुरुआती चरण में है। बाजार पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का असर पहले ही पड़ चुका है। उन्होंने कहा कि टेक्निकल चार्ट्स पर ‘हायर लो’ (Higher Lows) का बनना यह दर्शाता है कि बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हो रहा है। बाजारों में इस तेजी के जारी रहने की संभावना है। निफ्टी 24,300 के लेवल को तोड़ने के बाद ऊंचाई का नया रिकॉर्ड बनाएगा। बैंक निफ्टी के भी 63,000 पर पहुंच जाने की उम्मीद है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स की तेजी में बड़ी भूमिका

उन्होंने कहा कि मार्केट में अगले चरण की रैली में बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स का बड़ा योगदान होगा। यह सेक्टर आने वाले समय में स्टार परफॉर्मर बन सकता है। अगर आगे इंटरेस्ट रेट में कमी देखने को मिलती है तो इससे बैंकिंग सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा। रुपये में स्थिरता भी बैंकिंग सेक्टर के लिए पॉजिटिव है। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी पर लगाम लगी है। उधर,

रियल एस्टेट, एनर्जी, मेटल्स और पावर सेक्टर्स का आउटलुक पॉजिटिव दिख रहा है। इन सेक्टर्स में लॉन्ग टर्म के लिए अच्छा मोमेंटम दिख रहा है और निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी के मौके ढूंढने चाहिए।

सोने की जगह यह शेयरों में निवेश बढ़ाने का समय

श्रीवास्तव ने कहा कि सोने और चांदी में शॉर्ट-टर्म मोमेंटम इंडिकेटर्स ओवरबॉट (overbought) की स्थिति का संकेत दे रहे हैं। इससे निकट अवधि में मुनाफावसूली दिख सकती है। उन्होंने कहा कि यह समय कीमती धातुओं (precious metals) पर फोकस थोड़ा कम कर शेयरों पर बढ़ाने का है। इसकी वजह यह है कि इक्विटी अब एक नए ‘गोल्ड’ के रूप में उभर रहा है। उन्होंने आईटी सेक्टर में कमजोरी जारी रहने का अनुमान जताया। इसका मतलब है कि निवेशकों को लार्जकैप आईटी शेयरों से दूर रहना चाहिए। इसके अलावा एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर को लेकर भी सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है।

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शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन शानदार तेजी

शेयर बाजार में 2 अप्रैल को लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी 0.71 फीसदी यानी 169 अंक चढ़कर 24,175 पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.75 फीसदी यानी 579 अंक के उछाल के साथ 77,502 पर क्लोज हुआ। हालांकि, बैंक निफ्टी नाममात्र की कमजोरी के साथ लाल निशान में बंद हुआ।

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इस विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने प्राइवेट बैंकों में घटाया निवेश, आईटी शेयरों को पोर्टफोलियो से किया बाहर

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन का भारत के प्राइवेट बैंकों पर भरोसा घटा है। उसने अपने इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो से निफ्टी आईटी इंडेक्स को हटा दिया है। उसने कहा है कि बाजार की रफ्तार बढ़ाने वाला कोई फैक्टर नहीं दिख रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन, इनफ्लेशन और मानसून से जुड़े रिस्क बाजार के लिए बड़े चैलेंज दिख रहे हैं।

शेयरों से कमाई के लिहाज से स्थितियां चुनौतीपूर्ण

Bernstein ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई को लेकर टेंशन कम हुआ है। क्रूड ऑयल की कीमतें भी काफी नीचे आ गई हैं। लेकिन, शेयर बाजार से कमाई के लिहाज से स्थितियां मुश्किल दिख रही हैं। कई बड़े सेक्टर बड़ी चुनौतियां का सामना कर रहे हैं। मौके मार्केट में सिर्फ कुछ चुनिंदा शेयरों में हैं।

निफ्टी के लिए 26000 को टारगेट को बनाए रखा

बर्नस्टीन ने 1 जुलाई को जारी रिपोर्ट में ये बातें बताई हैं। उसने कहा है, “इंडिया में मार्केट के रिटर्न का आउटलुक अब भी मुश्किल दिख रहा है।” हालांकि, इस साल के अंत तक निफ्टी के 26,000 के टारगेट में उसने बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से निफ्ली करीब 8-9 फीसदी चढ़ सकता है।

पोर्टफोलियो से इन शेयरों को किया बाहर

ब्रोकरेज फर्म ने अपने पोर्टफोलियो में हाल में हुए बदलाव के तहत ICICI Bank, IndusInd Bank और निफ्टी आईटी इंडेक्स के शेयरों को बाहर कर दिया है। हालांकि, उसने Axis Bank और Zydus Life के शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि उसने फाइनेंशियल शेयरों में इस साल की शुरुआत में अपना निवेश घटाया था। इस सेक्टर को लेकर अब भी उसका एप्रोच सेलेक्टिव है।

प्राइवेट बैंकों में पहले जैसी ग्रोथ नहीं दिख रही

बड़े प्राइवेट बैंकों के बारे में बर्नस्टीन ने कहा है कि इनमें पहले की साइकिल जैसी ग्रोथ विजिबिलिटी और गवर्नेंस प्रीमियम नहीं दिख रहा। सरकारी बैंकों से प्रतियोगिता बढ़ रही है और शॉर्ट टर्म में रीरेटिंग की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। उसने कहा है कि उसने इस साल खराब प्रदर्शन की वजह से आईसीआईसीआई बैंक और इंडसइंड को पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया है।

डेटा सेंटर ईकोसिस्टम में दिख रहे मौके

शेयर बाजार के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद बर्नस्टीन के इंडिया पोर्टफोलियो ने इस साल 1.1 फीसदी रिटर्न दिया है। यह इस दौरान निफ्टी के 6.7 फीसदी के निगेटिव रिटर्न से बेहतर है। उसने कहा है कि बाजार की मौजूदा स्थितियों में सीमित मौके दिख रहे हैं। ये मौके डेटा सेंटर ईकोसिस्टम और इमर्जिंग मैन्युफैक्चरिंग थीम में दिख रहे हैं। ये मौके ज्यादातर स्मॉलकैप स्टॉक्स तक सीमित हैं, जिससे मार्केट के कुल रिटर्न पर इनका असर पड़ने की संभावना नहीं है।