4 वजहों पर सवार Nifty पहुंचा 24350 के पार, निचले स्तर से Sensex में 475 प्वाइंट्स की रिकवरी

Share Market Sharp Recovery: लगातार पांचवे कारोबारी दिन मार्केट में आज गिरावट आई और सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम हो गए। हालांकि फिर वैल्यू बाइंग समेत कुछ वजहों से इनमें जोरदार रिकवरी आई। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 475 प्वाइंट्स रिकवर हो गया तो निफ्टी भी 24350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अधिक मजबूती से रौनक लौटी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हो गए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:47 PM पर सेंसेक्स 124.71 प्वाइंट्स यानी 0.16% की गिरावट के साथ 77,884.54 और निफ्टी 12.00 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 24,354.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स प्वाइंट्स टूटकर 77,453.75 तक आया था जिससे रिकवर होकर 474.93 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,928.68 पहुंचा तो निफ्टी भी 139.05 प्वाइंट्स टूटकर 24,226.95 तक आया था जिससे 132.65 रिकवर होकर यह 24,359.60 तक पहुंच गया।

Stock Market Sharp Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

लगातार पांचवे कारोबारी दिन गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से सपोर्ट मिला।

India VIX मे नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में रिकवरी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। शुरुआती कारोबार में यह उछलकर 11.78 तक पहुंचा था, जिससे सुस्त होकर यह 11.47 पर आ गया है। इसमें उछाल से शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने और गिरावट से वोलैटिलिटी कम होने का संकेत मिलता है।

मेटल और प्राइवेट बैंकों की मजबूती

मार्केट को आईटी शेयर नीचे खींचने की कोशिश कर रहे हैं और इसका निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी कमजोर है। हालांकि प्राइवेट बैंकों और मेटल कंपनियों की चमक ने मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक में फिलहाल आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी मेटल में 1% से अधिक उछाल है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,200 के ऊपर है, इसमें रिकवरी की गुंजाइश बनी रहेगी। बजाज ब्रोकिंग का कहना है कि पिछले 9 कारोबारी दिनों से निफ्टी एक सीमित रेंज में ऊपर-नीचे यानी कंसालिडेट हो रहा है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इंडेक्स को 24,200 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट मिल रहा है जो 100 और 50-दिनों के ईएमए के क्रास पर है। बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक 24000-23800 के लेवल पर इसे अहम शॉर्ट-टर्म सपोर्ट मिल रहा है जो पिछले 4 महीने के निचले लेवल्स को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 23606 से 24774 तक की पिछली बढ़त का 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल है।

एक्सिस सिक्योरिटीज के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,500 के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट नहीं करता है, इसमें अच्छी तेजी की गुंजाइश नहीं है। यह इसके शॉर्ट-टर्म गिरावट के रुझान के ऊपरी बैंड और वीकली एक्सपायरी पर सबसे अधिक कॉल-राइटिंग बेस से मेल खाता है। 24500 के पार जाने पर 24600 का रास्ता खुल सकता है तो नीचे की तरफ 24300 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम कर रहा है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Persistent Systems Q1 Results: मुनाफा घटा, लेकिन AI और रिकॉर्ड डील्स से कमाई बढ़ी; शेयरों पर रहेगी नजर

Persistent Systems Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा पिछली तिमाही के मुकाबले 8.7% घटकर ₹483 करोड़ रह गया। मार्च तिमाही में यह ₹529 करोड़ था। हालांकि, कारोबार की रफ्तार बनी रही। कंपनी का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹4,303 करोड़ पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में ₹4,056 करोड़ था।

डॉलर के हिसाब से भी कंपनी की कमाई बढ़ी। जून तिमाही में रेवेन्यू 3.8% बढ़कर 452.4 मिलियन डॉलर रहा। मार्च तिमाही में यह 436 मिलियन डॉलर था।

ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव

इस तिमाही में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की ऑपरेटिंग कमाई पर थोड़ा दबाव दिखा। EBIT 12% घटकर ₹581.5 करोड़ रह गया। पिछली तिमाही में यह ₹659 करोड़ था। वहीं, EBIT मार्जिन भी 16.2% से घटकर 13.5% पर आ गया। यानी रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद ऑपरेटिंग स्तर पर मुनाफे का मार्जिन कम हुआ।

लगातार 25वीं तिमाही में बढ़ा कारोबार

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के CEO और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप कालरा ने कहा कि पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने लगातार 25वीं तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। सालाना आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 16.1% बढ़ा है। उनके मुताबिक, यह लगातार मजबूत डील जीतने और ग्राहकों से बढ़ते कारोबार का नतीजा है।

रिकॉर्ड TCV हासिल किया

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने इस तिमाही में 1.15 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड Total Contract Value (TCV) हासिल किया। यह अब तक का सबसे बड़ा तिमाही TCV है। इसमें एक बड़ी वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ 6.5 साल का रणनीतिक सर्विस एग्रीमेंट भी शामिल है, जिसकी वैल्यू 650 मिलियन डॉलर से ज्यादा है। इससे आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Nagarro के साथ बड़ी डील

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने यूरोप की डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी Nagarro के साथ बिजनेस कॉम्बिनेशन एग्रीमेंट भी साइन किया है। इस डील का मकसद कंपनी की तकनीकी क्षमता बढ़ाना, नए देशों में कारोबार फैलाना और अलग-अलग इंडस्ट्री में अपनी मौजूदगी मजबूत करना है।

कंपनी ने बताया कि ओपन ऑफर से जुड़े दस्तावेज जर्मनी के वित्तीय नियामक BaFin को भेज दिए गए हैं। वहीं, भारत में RBI से भी मंजूरी मांगी गई है। दूसरे देशों में भी जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल की प्रक्रिया चल रही है।

AI पर रहेगा बड़ा दांव

संदीप कालरा का कहना है कि दुनिया भर की कंपनियां अब तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अपना रही हैं। इसे देखते हुए पर्सिस्टेंट सिस्टम्स भी AI बेस्ड प्लेटफॉर्म और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस में निवेश बढ़ाती रहेगी। कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों को AI की मदद से बेहतर तकनीक, तेज कामकाज और ज्यादा बिजनेस वैल्यू देना है।

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर

आईटी कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 0.35% बढ़कर 5,534 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 20.81% चढ़ा है। इसने एक साल में 6.89% का रिटर्न दिया है। वहीं बीते पांच साल में इससे 254.93% का मल्टीबैगर रिटर्न मिला है। कंपनी का मार्केट कैप 86.96 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Insight : आज बाजार में थोड़ी वोलैटिलिटी संभव, IT के बाद 2-व्हीलर सेक्टर सबसे मजबूत सेक्टर

Market Insight : क्रूड की उछाल से बाजार का मूड बिगड़ा है। IT और फार्मा शेयरों के दम पर निफ्टी 24250 के करीब फ्लैट कारोबार कर रहा है। लेकिन बैंक निफ्टी में 350 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी आज नरमी है। वहीं वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में हल्की बढ़त आई है। आईटी शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। IT के साथ ऑटो सेक्टर में भी अच्छी रफ्तार है। निफ्टी का ऑटो इंडेक्स करीब एक फीसदी चढ़ा है। साथ ही FMCG और फार्मा में भी हल्की खरीदारी आई है। लेकिन लेकिन रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स एक फीसदी फिसले हैं। साथ ही केमिकल और डिफेंस पर भी दबाव नजर आ रहा है।

ब्रेकआउट या वापस रेंज में?

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि इस बाजार ने 2 हफ्ते में रेंज के दोनों छोर टेस्ट किए हैं। पहले 24,300 का फेक ब्रेकआउट हुआ,जो फेल हुआ। उसके बाद 23,800 का फेक ब्रेकडाउन भी फेल हुआ। हमने 23,650-23,700 से लॉन्ग का नजरिया लिया हुआ है। 24,300-24,350 रुकावट की जगह है,चाहें तो थोड़ा मुनाफा बांधें। इस रेंज में नई लॉन्ग पोजिशंस का रिस्क-रिवॉर्ड ठीक नहीं है। बैंक निफ्टी अभी भी निफ्टी के मुकाबले थोड़ा कमजोर है। कल बैंक निफ्टी की रैली वापस 200 DMA के करीब आकर रुकी। HDFC बैंक कल की रैली के बावजूद काफी कमजोर है। आज सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी भी है, तो थोड़ी वोलैटिलिटी संभव है

US फेड के फैसला का बाजार पर असर

US फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 3.5-3.75% पर बरकरार रखा है। लगातार 5वीं बार दरें बरकरार रखी गई हैं। फेड के फैसले का बाजार पर असर की बात करें तो 10 साल की बॉन्ड यील्ड वापस 4.7% पर पहुंच गई है। 30 साल की यील्ड 5.21% पर पहुंच गई। यह 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। कल डाओ जोंस 1100 अंकों से ज्यादा टूटा। S&P 500 में 1.5% और नैस्डेक में 1.7% की गिरावट आई।

कच्चे तेल में तेजी जारी

बुधवार को ब्रेंट क्रूड $90 के ऊपर बंद हुआ। ट्रंप ने कहा है कि IRGC के अचानक हमले के बाद US ईरान पर हमले और तेज करेगा। US में कमर्शियल क्रूड भंडार जून के बाद सबसे ज्यादा घटा है। US का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व 1983 के बाद सबसे निचले स्तर पर है।

अब कहां रखें नजर?

2-व्हीलर सेक्टर IT के बाद सबसे मजबूत है। TVS मोटर और बजाज ऑटो दोनों में नतीजों के बाद री-रेटिंग हुई है। आयशर मोटर्स भी बुलेट तेजी से दौड़ रहा है। आज शायद आयशर मोटर्स हीरो ऑफ द डे भी हो सकता है। हालांकि शेयर काफी चल चुका है और मार्जिन पर थोड़ा दबाव है। फिर भी आय ग्रोथ और वॉल्यूम ग्रोथ शानदार है। 2-व्हीलर के अलावा कल FMCG में अच्छा बाउंस मिला। आज देखेंगे कि एशियन पेंट्स कैसे रिएक्ट करता है। इसके नतीजे कल आए थे लेकिन बड़ा रिएक्शन आज मिलेगा।

इनके अलावा EMS स्पेस काफी मजबूत है। Kaynes में कल एक बड़े ब्रेकआउट का संकेत मिला है। इनके अलावा फार्मा सेक्टर अभी भी काफी मजबूत है। दिक्कत सिर्फ पावर इक्विपमेंट स्पेस में हो रही है। इन शेयरों का वैल्यूएशन काफी ऊंचा था और करेक्शन का ट्रिगर मिल गया है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,100-24,150 पर और बड़ा सपोर्ट 23,950-24,050 पर है। खरीदारी का जोन 24,000-24,100 है। इसके लिए SL 23,950 पर होना चाहिए। वहीं, सबसे बड़ा रजिस्टेंस 24,300-24,350 पर है। 24,300 रिजेक्ट हो तो बिकवाली करें,SL 24,350 पर रखें। 24,350 के पार गया तो आसानी से 24,500 को टेस्ट करेगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,500-56,700 पर है। सबसे अहम रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर है। बैंक निफ्टी अभी भी सही ट्रेडिंग मूव्स नहीं दे रहा है।

 

 

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Infosys Share Price: तीन दिन में 11% उछला इंफोसिस, शेयर खरीदें, होल्ड करें या बेच दें?

इंफोसिस के शेयरों में 29 जुलाई को लगातार तीसरे दिन जबर्दस्त तेजी रही। शेयर 4.32 फीसदी चढ़कर 1,153.50 रुपये पर बंद हुआ। सिर्फ तीन दिन में यह शेयर करीब 11 फीसदी चढ़ा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि आईटी शेयरों को लेकर सेंटिमेंट बेहतर हो रहा है। सवाल है कि इंफोसिस के शेयरों को खरीदना चाहिए, बेचना चाहिए या होल्ड करना चाहिए?

एआई स्टॉक्स में घटी ग्लोबल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी

ग्लोबल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी एआई स्टॉक्स में घटी है। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार के क्रैश में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट का बड़ा हाथ है। अमेरिकी चिप कंपनियों में भी कमजोरी दिखी है। इधर, सस्ते वैल्यूएशन पर आईटी शेयरों में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ी है। 29 जुलाई को भारतीय शेयर बाजारों में सबसे ज्यादा उछाल आईटी इंडेक्स में देखने को मिला।

एआई के इस्तेमाल से आईटी कंपनियों को होगा फायदा

Enrich Money के फाउंडर और सीईओ पोनमुदी आर ने कहा, “इनवेस्टर्स ज्यादा वैल्यूएशन वाली एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर शेयरों से पैसे निकाल आईटी स्टॉक्स में लगा रहे हैं। आईटी कंपनियों को बगैर बड़े निवेश के एआई से बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। भारतीय आईटी कंपनियों को एआई इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्डर की जगह एआई इंप्लीमेंटेशन पार्टनर्स के रूप में देखा जा रहा है।”

35-40 फीसदी गिरावट के बाद आईटी स्टॉक्स बना चुके हैं बॉटम

उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि आईटी स्टॉक्स ने 35-40 फीसदी करेक्शन के बाद मीडियम टर्म बॉटम बना चुके हैं। मौजूदा तेजी की वजह सस्ती कीमतों पर खरीदारी, इंस्टीट्यूनल इनवेस्टमेंट और शॉर्ट कवरिंग है। व्यापक ट्रेंड पॉजिटिलव दिखता है। लेकिन, अगले चरण की तेजी से पहले कंसॉलिडेशन फेज अच्छा और जरूरी है। “

आईटी स्टॉक्स के लिए हाई वैल्यूएशन का रिस्क नहीं के बराबर 

Share.Market by PhonePe में मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन ने कहा कि भारतीय आईटी कंपनियों में प्योर-प्ले एआई मॉडल का अभाव रहा है। इससे ये कंपनियां हाई वैल्यूएएशन रिस्क से बची रही हैं। साथ ही शॉर्ट टर्म में कैपिटल राइट-डाउन का रिस्क भी कम रहा है। उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म में आईटी स्टॉक्स की चाल पश्चिम खासकर अमेरिका में मैक्रोइकोनॉमिक स्थितियों में बेहतरी पर निर्भर करेगा।

इस साल 29 फीसदी फिसला है निफ्टी का स्टॉक

इंफोसिस देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी है। पहले नंबर पर टाटा समूह की टीसीएस है। इस साल इंफोसिस का शेयर 29 फीसदी से ज्यादा गिरा है। बीते एक साल में यह करीब 24 फीसदी टूटा है। लेकिन, बीते एक महीने में आईटी शेयरों में अच्छी रिकवरी दिखी है। निफ्टी आईटी इंडेक्स इस दौरान 14.29 फीसदी चढ़ा है।

IT Stocks: दो दिन में आईटी इंडेक्स 6% चढ़ा, क्या TCS, इंफोसिस जैसी कंपनियों का बुरा दौर खत्म? जानिए एक्सपर्ट्स से

IT Stocks: मंगलवार, 28 जुलाई को एशियाई टेक शेयरों में भारी बिकवाली के बीच निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3% चढ़ गया। ग्लोबल मार्केट में AI पर होने वाले भारी निवेश और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका असर दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान की टेक कंपनियों पर दिखा। हालांकि, भारतीय IT कंपनियां इस दबाव से काफी हद तक बची रहीं, क्योंकि यहां AI पर फोकस करने वाली कंपनियां बहुत कम हैं।

पिछले दो कारोबारी सत्रों में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 6% चढ़ चुका है। इसकी एक बड़ी वजह Jefferies की रिपोर्ट रही, जिसमें ब्रोकरेज ने सेक्टर की रेटिंग ‘Underweight’ से बढ़ाकर ‘Neutral’ कर दी। यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले आई है। बाजार को उम्मीद है कि फेड इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

भारतीय IT सेक्टर कैसे बचा?

Nexedge Capital के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर गौरव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि दुनियाभर में AI को लेकर जो उत्साह ठंडा पड़ा है, उससे भारतीय IT सेक्टर को संभलने का मौका मिला है। हालांकि, उनका मानना है कि बड़ी IT कंपनियों के लिए चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। जब तक वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी पर खर्च नहीं बढ़ता, तब तक सेक्टर में लंबी तेजी आना मुश्किल है।

Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के मुताबिक, भारतीय IT कंपनियों का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट है। इन्हें AI डेटा सेंटर या चिप बनाने वाली कंपनियों की तरह अरबों डॉलर का पूंजीगत निवेश नहीं करना पड़ता। यही वजह है कि AI निवेश को लेकर बढ़ी चिंताओं का असर भारतीय IT कंपनियों पर कम पड़ा।

उनका कहना है कि पिछले कई महीनों की गिरावट के बाद IT शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए थे। ऐसे में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एशियाई हार्डवेयर कंपनियों से पैसा निकालकर भारतीय IT शेयरों में लगाया।

निफ्टी IT इंडेक्स का टेक्निकल आउटलुक

मयंक जैन के मुताबिक, निफ्टी IT इंडेक्स हालिया कारोबारी सत्र में 3.5% से ज्यादा चढ़कर 30,500 के करीब बंद हुआ। कई महीनों की गिरावट के बाद इसमें मजबूत रिकवरी देखने को मिली। इस तेजी के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर अच्छी खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग हुई।

टेक्निकल चार्ट पर इंडेक्स ने अपने 20-डे और 50-डे EMA के ऊपर वापसी कर ली है। 28,600-28,700 का स्तर अब मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। हालांकि, इंडेक्स अभी भी 200-डे EMA यानी करीब 31,800 के नीचे कारोबार कर रहा है। मयंक जैन का कहना है कि 31,800-32,000 का दायरा सबसे बड़ा रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर टिकने पर ही लंबी अवधि की तेजी की पुष्टि होगी। फिलहाल रिकवरी के संकेत मजबूत हैं, लेकिन उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

TCS

जैन के मुताबिक, TCS का शेयर फिलहाल अपने 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शॉर्ट टर्म में मजबूती के संकेत मिलते हैं। हालांकि, शेयर अभी भी 200 DMA से नीचे है। उनका कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत डिविडेंड और बेहतर वैल्यूएशन इसे आकर्षक बनाते हैं। वहीं, ट्रेडर्स को 200 DMA के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए।

Infosys

मयंक जैन का कहना है कि Infosys का शेयर 20 DMA के ऊपर लौट आया है, लेकिन अभी भी 50 DMA और 200 DMA से नीचे है। कंपनी की मजबूत कैश फ्लो, 4.3% डिविडेंड यील्ड और आकर्षक वैल्यूएशन इसे डिफेंसिव स्टॉक बनाते हैं। हालांकि, शेयर में बड़ी तेजी तभी आ सकती है, जब कंपनी की ग्रोथ गाइडेंस और बिजनेस आउटलुक बेहतर हो।

HCL Technologies

जैन के हिसाब से बड़े IT शेयरों में HCL Technologies का टेक्निकल सेटअप सबसे मजबूत दिख रहा है। शेयर 20 DMA और 50 DMA के ऊपर बना हुआ है और अब 200 DMA के पास अहम रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है। अगर शेयर अच्छे वॉल्यूम के साथ इस स्तर को पार कर लेता है, तो इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।

Tech Mahindra

मयंक जैन के मुताबिक, Tech Mahindra भी 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शेयर में रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, 1,700 रुपये के आसपास मौजूद 200 DMA अभी बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। उनका मानना है कि इस स्तर तक आने वाली छोटी गिरावटें, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छा खरीदारी का मौका हो सकती हैं।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

मयंक जैन का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय IT सेक्टर की चाल काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिका में ब्याज दरें कम होती हैं, तो बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ा सकती हैं। इससे भारतीय IT कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

L&T Q1 Results: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ₹4123 करोड़ मुनाफा, ऑर्डर बुक ₹7.79 लाख करोड़ तक पहुंची

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

5 वजहों से Nifty में पांच दिनों की गिरावट के बाद तेजी, IT Stocks के दम पर Sensex में 600 अंकों का उछाल

Share Market Rally: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज लगातार पांच कारोबारी दिनों की गिरावट का सिलसिला टूटा। अमेरिका और ईरान के बीच हमले थमे तो मार्केट उछल पड़ा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स इंट्रा-डे में 500 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 एक-एक फीसदी से अधिक मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:13 AM पर सेंसेक्स 564.06 प्वाइंट्स यानी 0.74% की बढ़त के साथ 76,623.83 और निफ्टी 50 भी 159.35 प्वाइंट्स यानी 0.67% की बढ़त के साथ 23,926.80 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 655.87 प्वाइंट्स चढ़कर 76,715.64 और निफ्टी 197.05 प्वाइंट्स उछलकर 23,964.50 तक पहुंचा था।

Share Market Rally: ये है वजह

अमेरिका और ईरान के थमे हमले

पश्चिमी एशिया में एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो गया था लेकिन अब जब हमले थमे हैं तो इसने मार्केट में रौनक बिखेर दी।

कच्चे तेल में गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच हमले रुके तो इससे वैश्विक जियोपोलिटिकल टेंशन ढीला पड़ा और कच्चा तेल फिसल पड़ा। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 5% टूटकर प्रति बैरल $86 के करीब आ गया। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

डॉलर की कमजोरी

वीकेंड में अमेरिका ने ईरान पर बमबारी रोक दी जिससे तेल की कीमतें नीचे आई और ग्लोबल बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसके चलते डॉलर पर दबाव बना है। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.2 के लेवल पर दिख रहा है। डॉलर की कमजोरी से मार्केट को सपोर्ट मिला है।

India VIX में गिरावट

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने रौनक बढ़ा दी। फिलहाल यह 5.63% की फिसलन के साथ 13.24 पर है। इसमें गिरावट का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना और इसमें उछाल का मतलब वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका है।

IT Stocks में जोरदार तेजी

मार्केट को आईटी शेयरों की ताबड़तोड़ खरीदारी से शानदार सपोर्ट मिला है जिसका निफ्टी इंडेक्स ढाई फीसदी मजबूत हुआ है। इसे एफएमसीजी, फार्मा, और रियल्टी सेक्टर से भी अच्छा सपोर्ट मिला है जिनके निफ्टी इंडेक्सेज में 1-1% से अधिक बढ़त है। सरकारी और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में भी आधे-आधे फीसदी की बढ़त है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Mantra : AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन महंगे,कैपिटल मार्केट शेयरों में आगे दिखेगी अच्छी तेजी – कैलाश कुलकर्णी

Market Mantra : इस समय बाजार एक दोराहे पर खड़ा है। कच्चा तेल है जिसने बाजार की सांस फूला रखी है। वहीं अबतक आए नतीजे हैं मिलेजुले होने के बाद कमेंट्री के फ्रंट पर अच्छे हैं। IT,बैंक और कंज्यूमर कंपनियां सब आगे की अच्छी राह की बात कर रही हैं। ऐसे में निवेशक कंफ्यूज है कि निवेश को लेकर आगे क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं। इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं। HSBC MF के CEO कैलाश कुलकर्णी (Kailash Kulkarni)।

कैलाश कुलकर्णी की राय

कैलाश कुलकर्णी का कहना है कि जियोपॉलिटिकल हालात के चलते बाजार में काफी ज्यादा अनिश्चितता है। पिछले कुछ सालों में भारतीय निवेशक मैच्योर हुए हैं। इसके चलते भारतीय निवेशकों की तरफ से पैनिक बिकवाली नहीं हुई है। निवेशकों अभी वेट एंड वॉच मोड में ही रहना चाहिए। भारतीय इकोनॉमी के हालात काफी बेहतर है।

डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में बना पैसा

उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों का पैसा डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में बना है। निवेशक लार्जकैप की बजाय मिडकैप और स्मॉलकैप में पैसे डाल रहे हैं। फ्लैक्सीकैप कैटेगरी में काफी निवेश आ रहा है। मिडकैप की तरफ निवेशकों का रुझान बढ़ा है। इनमें रिटर्न भी अच्छे मिले हैं।

मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन थीम ज्यादा चल रही है। कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी थीम भी अच्छी चल रही है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के चलते आगे एक्सपोर्ट सेक्टर भी चल सकता है। PLI और चीन+1 के चलते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा होगा। देश के 8-10 राज्यों में मैन्युफैक्चरिंग हो रही है।

AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन ज्यादा

कैलाश कुलकर्णी ने आगे कहा कि AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन महंगे दिख रहे हैं। IT कंपनियों पर अंडरवेट नजरिया है। BFSI फंड में कैपिटल मार्केट शेयरों पर फोकस है। कैपिटल मार्केट शेयरों में आगे अच्छी तेजी दिखेगी। फार्मा शेयरों पर वेट एंड वॉच का नजरिया है।

Market Mantra : कैलाश कुलकर्णी के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन थीम ज्यादा चल रही है। कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी थीम भी अच्छी चल रही है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के चलते आगे एक्सपोर्ट सेक्टर भी चल सकता है

 

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Infosys Q1 Results: इंफोसिस को ₹7769 करोड़ मुनाफा, पर ग्रोथ आउटलुक घटाया; नए CEO का भी ऐलान

Infosys Q1 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,921 करोड़ रुपये था।

हालांकि कंपनी बाजार के अनुमान पर खरी नहीं उतर सकी। CNBC-TV18 ने 7,903 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था।

रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में Infosys का ऑपरेशन से रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 42,279 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन मुनाफा अनुमान से थोड़ा कम रहा।

ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती की है। अब कंपनी को उम्मीद है कि पूरे साल कॉस्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू 1.5% से 3% के बीच बढ़ेगा। कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ का मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ को विदेशी मुद्रा (Forex) के उतार-चढ़ाव का असर हटाकर मापा जाता है।

इससे पहले कंपनी ने 1.5% से 3.5% ग्रोथ का अनुमान दिया था। बाजार को भी ऊपरी सीमा में 0.5% की कटौती की उम्मीद थी। हालांकि कंपनी ने EBIT मार्जिन का अनुमान 20% से 22% के बीच ही बरकरार रखा है।

जून तिमाही में कैसी रही ग्रोथ?

जून तिमाही में Infosys की कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 1% रही। यह Tech Mahindra (2.6%) से कम रही, लेकिन TCS (0.4%), HCLTech (-0.5%) और Wipro (-1.2%) से बेहतर प्रदर्शन रहा। एनालिस्टों ने करीब 1.8% ग्रोथ का अनुमान लगाया था।

कंपनी के CEO सलिल पारेख ने कहा कि एक बड़े क्लाइंट के फैसले का एकमुश्त असर इस ग्रोथ पर पड़ा।

डॉलर और रुपये में रेवेन्यू

जून तिमाही में Infosys का डॉलर रेवेन्यू 5.08 अरब डॉलर रहा। यह पिछले अनुमान के लगभग मुताबिक है। तिमाही आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 0.8% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं रुपये में कंपनी का रेवेन्यू 48,211 करोड़ रुपये रहा। यह पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा है, हालांकि बाजार के अनुमान 48,431 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।

मार्जिन में सुधार

इंफोसिस का EBIT 10,163 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 4.3% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 21.1% रहा। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 20 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ। यह बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा।

बड़े ऑर्डर और AI का बढ़ता योगदान

जून तिमाही में Infosys को 3.6 अरब डॉलर के बड़े डील मिले। इनमें 61% नए क्लाइंट या नए प्रोजेक्ट से जुड़े थे।

कंपनी ने यह भी बताया कि अब उसकी कुल आय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का योगदान 8.2% तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि AI से जुड़ी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

नए CEO की जिम्मेदारी

Infosys ने अशीष कुमार दास को CEO-Designate नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल 2027 से मौजूदा CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। दास तीन दशक से ज्यादा समय से Infosys के साथ जुड़े हैं और फिलहाल कई ग्लोबल बिजनेस वर्टिकल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि सलिल पारेख ऐसे समय में CEO बने थे, जब कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने संगठन में स्थिरता और स्पष्ट दिशा देने का काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि अशीष कुमार दास फिलहाल अमेरिका में काम कर रहे हैं और नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भारत लौटेंगे।

इंफोसिस के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले Infosys का शेयर 1,052.90 रुपये पर लगभग सपाट बंद हुआ। हालांकि 2026 में अब तक यह शेयर करीब 35% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HCLTech Share Price: अच्छे नतीजों के बाद भी 5% टूटा स्टॉक, अब खरीदें या बेचें? जानिए एक्सपर्ट्स से

HCLTech Share Price: आईटी कंपनी HCL Technologies के शेयर मंगलवार को करीब 5% तक गिर गए। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए थे, लेकिन पूरे वित्त वर्ष (FY27) के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस नहीं बढ़ाया। इसी बात से निवेशक और ब्रोकरेज हाउस निराश दिखे।

मंगलवार को शेयर 4.63% गिरकर ₹1,164.60 पर बंद हुआ। इससे पहले लगातार तीन कारोबारी सत्रों में यह शेयर 6.5% से ज्यादा चढ़ चुका था।

नतीजे मजबूत, लेकिन गाइडेंस से निराश

देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी HCLTech का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20% बढ़कर ₹4,624 करोड़ पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ रहा। दोनों ही आंकड़े बाजार के अनुमान से बेहतर रहे।

इसके बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए अपना कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% पर ही बरकरार रखा।

ब्रोकरेज क्यों हुए निराश?

एनालिस्टों का कहना है कि मजबूत नतीजों और बड़े ऑर्डर मिलने के बाद बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी अपना गाइडेंस बढ़ाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। Centrum Broking के मुताबिक, इससे संकेत मिलता है कि आने वाली तिमाहियों में कारोबार की रफ्तार धीमी रह सकती है।

Citi ने शेयर की रेटिंग घटाकर ‘Sell’ कर दी। वहीं J.P. Morgan ने ‘Underweight’ और Jefferies ने ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी। ब्रोकरेज का मानना है कि ग्राहकों का टेक्नोलॉजी खर्च अभी भी पूरी तरह नहीं बढ़ा है। खासकर टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग कमजोर बनी हुई है।

ICICI Securities की राय

ICICI Securities ने HCLTech पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,060 रखा है। मौजूदा शेयर भाव ₹1,164.60 के मुकाबले इसमें करीब 9% की गिरावट की आशंका जताई गई है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ने FY27 का गाइडेंस बरकरार रखा है, लेकिन निकट भविष्य में ग्रोथ सीमित रहने की उम्मीद है।

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में कंपनी के बड़े ऑर्डर (TCV) मजबूत रहे, लेकिन उसका असर अभी रेवेन्यू ग्रोथ में पूरी तरह नहीं दिख रहा है। साथ ही AI से जुड़ी मांग बढ़ने के बावजूद पारंपरिक आईटी सेवाओं की सुस्त ग्रोथ चिंता का विषय बनी हुई है।

आगे शेयर पर क्या नजर रहेगी?

एनालिस्टों के मुताबिक, HCLTech का फोकस फिलहाल कॉस्ट कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर है। कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो शेयर को ₹1,030-₹1,050 के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिला है। वहीं, ₹1,220-₹1,250 के बीच इसका अगला रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

*रॉयटर्स से इनपुट के साथ

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।