Trading Picks : इंडेक्स में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Trading Picks : बाजार पर बात करते हुए चॉइस ब्रोकिंग में VP टेक्निकल रिसर्च, सचिन गुप्ता का कहना है कि निफ्टी कल क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान 24,000 के स्तर से ऊपर आ गया, लेकिन 1 सितंबर को थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ,जिससे निकट भविष्य के लिए बाजार का रुख सतर्क और कंसोलिडेशन वाला बना हुआ है।

टेक्निकल सेटअप नियर टर्म में निगेटिव रुझान के साथ सतर्क और रेंज-बाउंड बाजार का संकेत दे रहा है। निफ्टी में 23,800–24,200 की रेंज में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। इसके लिए 23,950–24,000 मेन सपोर्ट जोन और 24,200 तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा।

अगर निफ्टी 24,200 के स्तर से ऊपर बना रहता है तो 24,400 तक जाने का रास्ता खुल सकता है,जबकि 23,950 से नीचे की गिरावट आने पर यह 23,800 और 23,600 तक गिर सकता है।

थिंक्रेडब्लू (Thincredblu) को फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि निफ्टी अभी एक अहम टेक्निकल लेवल पर है,जहां 23,900–24,000 का दायरा तत्काल सपोर्ट जोनन का काम कर रहा है। निफ्टी के लिए इस रेंज को बनाए रखना ज़रूरी होगा। अगर यह लगातार 23,900 के नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और गिरावट और गहरी हो सकती है।

ऊपर की तरफ,24,200–24,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस रेंज बना हुआ है। जब तक कि जबरदस्त खरीदारी न हो इन लेवल्स की ओर किसी भी रिकवरी में बिकवाली का दबाव दिख सकता है। हाल की अस्थिरता को देखते हुए,ट्रेडर्स को सावधान रहना चाहिए और आक्रामक पोजीशन लेने से बचना चाहिए। फ़लहाल,कोई भी दिशा तय करने से पहले इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि निफ्टी 23,900–24,000 के सपोर्ट जोन के आसपास कैसा व्यवहार करता है।

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24160-24222 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24266-24289/24331 पर है। इसके लिए पहला बेस 23977-23909 पर और बड़ा बेस 23869-23834/23809 पर है। टेक्निकली 24000 टूटा है। क्लोजिंग में सिर्फ CAS क्लोजिंग ने बचाया। ब्रेंट,बॉन्ड यील्ड और US मार्केट तीनों के संकेत निगेटिव हैं। FIIs की इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स में भारी बिकवाली हुई है। FIIs के नेट शॉर्ट बढ़कर 2.22 लाख पर पहुंचे हैं। अब कॉल राइटर्स की पकड़ मजबूत है, 23500 पुट में भारी OI है। 23977 के नीचे बेस-1 और बेस-2 में से कोई भी टेस्ट कर सकता है। रजिस्टेंस-1 के नीचे कमजोर रहेगी, SELL ON RISE बेहतर रणनीति होगी। 24160-24222 के ऊपर मजबूती आई तो शॉर्ट कवरिंग दिख सकती है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57531-57678 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57841-58040 पर है। इसके लिए पहला बेस 57189-56931 पर और बड़ा बेस 56745-56561/56414 पर है। टेक्निकली 50 DEMA पर क्लोजिंग हुई है,लेकिन कच्चे तेल में तेजी से चिंता है। 57189-56931 बेस को बहुत सम्मान दें। 57500-57800-58000 पर कॉल राइटर्स की मजबूत पकड़ है। बेस-1 के नीचे टिकने पर 56561 के जोन तक दबाव संभव है। लेकिन सावधानी जरूरी है,बैंक निफ्टी अचानक सरप्राइज दे सकता है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा। इनकी इंफोसिस में 1140 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 1170 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। ONGC में भी इनकी 235 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 241 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

 

निफ्टी 23,900 के नीचे, सेंसेक्स 460 अंक टूटा, कोल इंडिया, TBZ, HDFC बैंक सबसे ज्यादा एक्टिव शेयर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Mahanadi Coalfields IPO: एक और सरकारी कंपनी ने जमा किया ड्राफ्ट, कोल इंडिया बेचेगी 10% हिस्सा

सरकारी कंपनी कोल इंडिया के 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, महानदी कोलफील्ड्स ने IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया है। इस इश्यू में केवल ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा, जिसमें कोल इंडिया अपनी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी या 66.18 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखेगी। IPO में नए शेयर जारी नहीं होंगे, लिहाजा महानदी कोलफील्ड्स को इस ऑफरिंग से कोई पैसा नहीं मिलेगा। शेयरों को बेचने से होने वाली पूरी कमाई कोल इंडिया के पास जाएगी।

महानदी कोलफील्ड्स मुख्य रूप से ओडिशा में काम करती है और इसने वित्त वर्ष 2026 में भारत के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान दिया। कोल इंडिया के उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 28.4 प्रतिशत रही। वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारत के कुल कोयला उत्पादन में कोल इंडिया का योगदान लगभग 74 प्रतिशत था।

महानदी कोलफील्ड्स के शेयरों को BSE और NSE दोनों पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है। SBI कैपिटल मार्केट्स, एक्सिस कैपिटल, BOB कैपिटल मार्केट्स, IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज और IIFL कैपिटल सर्विसेज को इस इश्यू के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। महानदी कोलफील्ड्स का वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध मुनाफा 1.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,678 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 2.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 30,550 करोड़ रुपये हो गया।

मार्च और अप्रैल में ये 2 सब्सिडियरी हुई थीं लिस्ट

कोल इंडिया की वर्तमान में 8 सहायक कंपनियां- ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, MCL, और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDIL) हैं।

इससे पहले भारत कोकिंग कोल लिमिटेड जनवरी 2026 में स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी। इसका पब्लिक इश्यू 1,068.78 करोड़ रुपये का था। सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड मार्च, 2026 में NSE और BSE पर लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,841.45 करोड़ रुपये का था।

2030 तक CIL की सभी सहायक कंपनियां लिस्ट कराने का है प्लान

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कोयला मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि 2030 तक कोल इंडिया लिमिटेड की सभी सहायक कंपनियां स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो जाएं। इस कदम का उद्देश्य निगरानी को सुव्यवस्थित करना, पारदर्शिता बढ़ाना और संपत्तियों के मोनेटाइजेशन के जरिए वैल्यू अनलॉक करना है।

Priority Jewels IPO: 100.45 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद आज, 2 सितंबर को अलॉटमेंट; कैसी रहेगी लिस्टिंग?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIDC प्लॉट धारकों के लिए बड़ी राहत: राज्य सरकार ने घोषित की ‘GIDC एम्नेस्टी स्कीम’

GIDC प्लॉट धारकों के लिए बड़ी राहत: राज्य सरकार ने घोषित की 'GIDC एम्नेस्टी स्कीम'

Bhupendra Patel

उद्योगपतियों को राहत देने, सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और औद्योगिक विकास को गति देने के दृष्टिकोण के साथ राज्य सरकार उद्योग क्षेत्र के लिए पारदर्शी और विकासोन्मुख प्रशासन प्रदान करने के लिए लगातार कार्यरत है। GIDC के प्लॉट धारकों द्वारा औद्योगिक प्लॉट या शेड के हस्तांतरण (ट्रांसफर) के समय पंजीकृत लीज डीड करने के बजाय केवल अलॉटमेंट लेटर या सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट दिए जाते थे। इसके कारण पूर्व प्लॉट धारकों द्वारा अधिकांश मामलों में स्टांप ड्यूटी का भुगतान नहीं किया गया था। ALSO READ: गुजरात विधानसभा का 3 दिवसीय मानसून सत्र 9 सितंबर से: पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि के बाद शुरू होगी कार्यवाही

 

गुजरात स्टांप अधिनियम में संशोधन और जुर्माना के प्रावधान

राज्य सरकार ने दिनांक 02/04/2025 से गुजरात स्टांप अधिनियम, 1958 में समेकित संशोधन किए हैं। इसके तहत धारा-39(1)(ख) के अनुसार, यदि कोई पक्षकार स्वेच्छा से मूल दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो हस्ताक्षर की तिथि से प्रति माह 2% साधारण ब्याज के साथ बकाया स्टांप ड्यूटी के 4 गुना से अधिक न हो उतना जुर्माना वसूला जाएगा। यदि सरकारी तंत्र द्वारा जांच के दौरान दस्तावेज जब्त किया जाता है, तो प्रति माह 3% साधारण ब्याज के साथ 6 गुना से अधिक न हो उतना जुर्माना वसूलने का प्रावधान 10/04/2025 से लागू हुआ है। 

 

वर्तमान मालिकों पर वित्तीय बोझ

इन कानूनी प्रावधानों के परिणामस्वरूप जब वर्तमान मालिक को बैंक लोन या किसी अन्य सरकारी आवश्यकता के लिए पंजीकृत लीज डीड करानी होती है, तब पिछले सभी अनरजिस्टर्ड सौदों की बकाया स्टांप ड्यूटी, भारी जुर्माना और ब्याज के साथ भरने का अत्यधिक वित्तीय बोझ उन पर आ पड़ता है। ALSO READ: Gen Z के मुद्दों पर विपक्ष को जवाब देंगे पीएम मोदी: 11 साल बाद वडोदरा में युवाओं के बीच भरेंगे हुंकार

 

GIDC एम्नेस्टी स्कीम की घोषणा

इस संदर्भ में राज्य के उद्योगपतियों और GIDC एसोसिएशंस की ओर से मिले ज्ञापनों पर संवेदनशीलता से प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने GIDC प्लॉटों के पिछले हस्तांतरण सौदों में बकाया स्टांप ड्यूटी और पेनल्टी के बोझ से पात्र MSME उद्योगों को राहत देने के लिए 'GIDC एम्नेस्टी स्कीम' लागू करने का निर्णय लिया है।
 

GIDC एम्नेस्टी स्कीम क्या है?

अतीत में प्लॉट या शेड के आवंटन के समय पंजीकृत दस्तावेज के बजाय केवल अलॉटमेंट लेटर या सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट किए जाने के कारण स्टांप ड्यूटी का भुगतान नहीं हो सका था। वर्तमान मालिकों को नए दस्तावेज के पंजीकरण के समय खड़े होने वाले भारी जुर्माने के प्रश्न का व्यावहारिक समाधान प्रदान करने के लिए यह एम्नेस्टी योजना शुरू की गई है। 

 

MSME उद्योगपतियों को 80% तक स्टांप ड्यूटी में राहत

इस योजना के तहत पात्र मामलों में लागू स्टांप ड्यूटी में से 80% तक की राशि माफ करके केवल 20% स्टांप ड्यूटी और लागू पेनल्टी वसूल की जाएगी। हालांकि, जिन मामलों में 20% स्टांप ड्यूटी और पेनल्टी की कुल राशि मूल स्टांप ड्यूटी से कम होती है, वहां मूल स्टांप ड्यूटी के बराबर राशि वसूल कर राहत का लाभ दिया जाएगा। 

 

योजना के लिए पात्रता मानदंड (किसे मिलेगा लाभ?)

इस स्कीम का लाभ मुख्य रूप से वैध उद्यम प्रमाणपत्र (Udyam Certificate) रखने वाली MSME इकाइयों को मिलेगा। इस योजना के तहत दिनांक 30 जून, 2025 तक हुए पात्र अलॉटमेंट लेटर, शेयर ट्रांसफर, लीज/सब-लीज और संपत्ति हस्तांतरण से संबंधित सौदों को शामिल किया जाएगा। ALSO READ: किसानों के लिए बड़ी राहत, गुजरात सरकार ने बढ़ाई कृषि उपकरण खरीद की समय सीमा, अब 15 दिन का और मौका

 

दस्तावेज का पंजीकरण और अपील/कोर्ट मामलों में राहत

राहत का लाभ उठाने वाले वर्तमान आवंटी को निर्धारित 20% ड्यूटी और पेनल्टी का भुगतान करके संबंधित संपत्ति का कानूनी पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, जहां सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपील की गई हो और 25% राशि जमा की गई हो या कोर्ट में याचिका लंबित हो, वहां याचिका वापस लेने की शर्त पर निर्धारित नियमों के अधीन योजना का लाभ मिलेगा। 

 

01 जनवरी, 2018 से पहले और बाद के सौदों के लिए राहत

दिनांक 01/01/2018 से पहले हुए हस्तांतरणों के मामलों में अंतिम हस्तांतरण के दस्तावेज के बाजार मूल्य के आधार पर निर्धारित स्टांप ड्यूटी में 80% की राहत देकर 20% ड्यूटी और लागू पेनल्टी वसूल की जाएगी। इसके अलावा, दिनांक 01/01/2018 को या उसके बाद हुए उन सभी हस्तांतरणों में जहां स्टांप ड्यूटी देय बनती है, वहां भी 80% राहत देकर 20% ड्यूटी और लागू पेनल्टी वसूलने का प्रस्ताव है।

Share Market Crash: 5 सेकंड में ₹5 लाख करोड़ साफ, Sensex में 800 अंकों की गिरावट, Nifty 23800 के नीचे

Share Market Crash: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध गहराने से घरेलू स्टॉक मार्केट में कोहराम मच गया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23800 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप में 1-1% की गिरावट है। निफ्टी के सभी सेक्टर्स के इंडेक्स लाल हैं। ओवरऑल बात करें तो BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹5.60 लाख करोड़ घट गया है यानी निवेशकों की दौलत मार्केट खुलते ही ₹5.60 लाख करोड़ कम हो गई।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सों की बात करें तो फिलहाल 09:21 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 706.50 प्वाइंट्स यानी 0.92% की गिरावट के साथ 76,237.78 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 235.40 प्वाइंट्स यानी 0.98% की फिसलन के साथ 23,820.40 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 808.56 प्वाइंट्स टूटकर 76,135.72 और निफ्टी 269.00 प्वाइंट्स गिरकर 23,786.80 पर आ गया।

09:21

निवेशकों की दौलत में ₹5.60 लाख करोड़ की गिरावट

एक कारोबारी दिन पहले यानी 01 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,89,41,989.64 करोड़ था। आज यानी 02 सितंबर 2026 को मार्केट खुलते ही यह ₹4,83,81,902.24 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी ₹5,60,087.4 करोड़ घट गई है।

Sensex का सिर्फ एक शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ एक सन फार्मा ही फिलहाल ग्रीन है लेकिन इसमें भी तेजी मामूली ही है। सबसे अधिक गिरावट फिलहाल इंडिगो, इंफोसिस और एमएंडएम में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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63 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 2836 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 895 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1766 में गिरावट का रुझान है और 175 में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। इसके अलावा 63 शेयर एक साल के हाई और 65 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 71 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 97 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIFT निफ्टी से मिल रहे बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत, क्रूड 96 डॉलर के करीब

बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना दिख रही है। GIFT निफ्टी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत का संकेत दे रहा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी,US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने का माहौल बन गया है। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट और वॉल स्ट्रीट में कमजोरी से दबाव और बढ़ सकता है, हालांकि घरेलू स्तर पर संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहने से कुछ राहत मिल सकती है।

सुबह करीब 8.30 बजे GIFT निफ्टी 24,027 पर ट्रेड कर रहा था। इसमें 24 अंक यानी 0.1 प्रतिशत की गिरावट दिख रही थी। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 12.99 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 76,944.28 पर आ गया,जबकि निफ्टी 24.60 अंक या 0.10 प्रतिशत गिरकर 24,055.80 पर बंद हुआ।

ग्लोबल हालात काफी खराब हो गए हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत $96 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,US 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड 4.8 प्रतिशत के करीब है और जियोपॉलिटिकल तथा ब्याज दरों से जुड़ी चिंताएं फिर से उभर आई हैं।

रिस्क-ऑफ़ ट्रेड बढ़ने से एशियाई बाजारों में गिरावट

बुधवार को एशियाई इक्विटी में भारी गिरावट आई है। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में बिकवाली और अमेरिका-ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई ने निवेशकों के जोखिम लेने के उत्साह को कम कर दिया है। जापान को छोड़कर एशिया पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 0.8 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) खुलते ही 3 प्रतिशत लुढ़क गया,जबकि जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 2.2 प्रतिशत गिर गया।

उधर कल अमेरिकी शेयरों में गिरावट जारी रहने के बाद S&P 500 e-mini फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है।

अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के और सख्त होने की उम्मीदें बढ़ने के साथ US 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड बढ़कर लगभग 4.80 प्रतिशत हो गया है। रॉयटर्स के मुताबिक फेड फंड्स फ्यूचर्स के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि दो हफ़्ते बाद होने वाली US फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 67 प्रतिशत है।

तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी

बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी हुई। पिछले सेशन की तेजी आगे बढ़ी दिखी है। US और ईरान के बीच रात भर हुए हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बढ़ गईं हैं और मिडिल ईस्ट में तनाव के जल्द कम होने की उम्मीदें कम हो गईं हैं।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 87 सेंट या 0.92% बढ़कर $95.52 प्रति बैरल पर दिख रहा है। जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 80 सेंट या 0.89% बढ़कर $91.02 पर आ गया है। मंगलवार को दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में $4 से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी,जो 24 जुलाई के बाद ब्रेंट में और 23 जुलाई के बाद WTI में सबसे बड़ी बढ़त रही।

बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से वॉल स्ट्रीट में गिरावट

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट जारी रही। ग्लोबल स्तर पर बॉन्ड की बिकवाली तेज हो गई और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। नैस्डैक कम्पोजिट 1.03 प्रतिशत गिरकर 26,099.77 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.79 प्रतिशत गिरकर 52,766.93 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.71 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,631.47 पर आ गया।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और US ट्रेजरी यील्ड के 4.8 प्रतिशत के करीब पहुंचने से इक्विटी मार्केट के लिए मुश्किल हालात बन रहे हैं। एक्सटर्नल मैक्रो-इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल जोखिमों का असर निकट भविष्य में बाजार की दिशा पर पड़ने की संभावना है।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ्टी का रुख सतर्क से लेकर कमज़ोर बना रहेगा,जिसमें 24,150-24,200 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। 24,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट बना हुआ है। अगर यह स्तर टूटता है और इंडेक्स इसके नीचे बना रहता है तो यह 23,900-23,800 की ओर जा सकता है।

 

Stock Market live Updates : GIFT Nifty से सुस्त शुरुआत के संकेत, US और एशियाई बाजार गिरे

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Priority Jewels IPO: 100.45 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद आज, 2 सितंबर को अलॉटमेंट; कैसी रहेगी लिस्टिंग?

प्रायोरिटी ज्यूल्स का ₹91.50 करोड़ का IPO 100.45 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया है। अब 2 सितंबर को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 4 सितंबर को हो सकती है। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 39.87 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 166.49 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 106.76 गुना भरा।

जिन लोगों ने प्रायोरिटी ज्यूल्स के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Priority Jewels IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से कैसे करें चेक

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में Priority Jewels सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

इस IPO में 45.75 लाख नए शेयर जारी हुए। फाइनल इश्यू प्राइस ₹200 प्रति शेयर रहा। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹27.45 करोड़ जुटाए। ग्रे मार्केट में प्रायोरिटी ज्यूल्स का शेयर 15.50 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

क्या-क्या बनाती है कंपनी

प्रायोरिटी ज्यूल्स हीरे जड़ी सोने और प्लेटिनम की फाइन ज्वेलरी डिजाइन करती है, बनाती है और बेचती है। यह रोज पहनी जाने वाली ज्वेलरी जैसे अंगूठी, झुमके, पेंडेंट, नेकलेस, ब्रेसलेट के साथ-साथ खास मौकों पर पहनी जाने वाली ज्वेलरी भी बेचती है। कंपनी भारत और दुनिया भर में स्वतंत्र ज्वेलर्स और ज्वेलरी चेन्स को अपने प्रोडक्ट बेचती है, जैसे कि कैरटलेन ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, कल्याण ज्वेलर्स, रिलायंस रिटेल, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स, त्रिभुवनदास भीमजी झवेरी लिमिटेड, सेनको गोल्ड लिमिटेड।

प्रायोरिटी ज्यूल्स की 21 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में अच्छी मौजूदगी है। यह अमेरिका, UAE, हांगकांग और नॉर्वे सहित 13 देशों में अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करती है। इसकी मुंबई में 2 ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं।

IPO के पैसे कैसे इस्तेमाल करेगी Priority Jewels

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। प्रायोरिटी ज्यूल्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹147.40 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा ₹6.48 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹110.49 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 24 प्रतिशत बढ़कर ₹539 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 68 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹17.65 करोड़ हो गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Ideas: निफ्टी में अभी और गिरावट मुमकिन, कमजोर बाजार में भी इन दो शेयरों में हो सकती है कमाई

Trading Ideas : खराब ग्लोबल संकेतों के चलते कल 1 सितंबर को बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि बाजार निचले स्तरों से सुधरकर बंद हुआ। निफ्टी और सेंसेक्स की फ्लैट क्लोजिंग हुई। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली रही। निफ्टी 25 प्वाइंट गिरकर 24,056 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 13 प्वाइंट गिरकर 76,944 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी 615 प्वाइंट गिरकर 57,410 पर बंद हुआ। मिडकैप 890 प्वाइंट गिरकर 63,335 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 30 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में बिकवाली दिखी। बैंक निफ्टी के 14 में से 11 शेयरों में बिकवाली रही। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे मजबूत होकर 94.95 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

आज के लिए बाजार पर अपनी रणनीति साझा करते हुए manasjaiswal.com के मानस जायसवाल ने कहा कि कल निफ्टी ने नॉर्मल ट्रेडिंग आवर्स में 24,000 के लेवल को तो ब्रेक किया था। क्लोजिंग बेसिस पर यह 24050 के आसपास बंद हुआ। अगर हम निफ्टी फ्यूचर्स की बात करें तो चार्ट्स पर एक फ्रेश ब्रेकडाउन दिखता है। ऐसे में लगता है कि निफ्टी में और गिरावट हो सकती है। निफ्टी में हमें 23860 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। इस गिरावट पर खरीदारी ना करें। कभी कोई उछाल मिले तो लॉन्ग पोजीशन से निकलना ही बेहतर रहेगा। अब आपको फ्रेश खरीदारी तभी करनी है जब निफ्टी 24,250 के ऊपर निकले और उसके ऊपर सस्टेन करना शुरू करें। उससे पहले सेल ऑन रैलीज़ का मार्केट बना रहेगा।

बैंक निफ्टी में भी 57,200 पर सपोर्ट है। अगर बैंक निफ्टी 57,200 के नीचे ट्रेड करने लगेगा तो गिरावट बढ़ेगी। ऐसी स्थिति में 56,800 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में यहां भी सतर्क रहने की जरूरत है। खरीदारी तभी करें जब बैंक निफ्टी 58,000 के ऊपर सस्टेन होना शुरू करे।

मानस जायसवाल के टॉप पिक्स

आज के लिए उनकी एक बाय और एक सेल की रेमेंडेशन है। उनको आईटी स्पेस बढ़िया लगता है। आईटी स्पेस में काफी स्टॉक्स ऐसे हैं जहां पर फ्रेश ब्रेकआउट देखने को मिला है। HCLT जिसने अपने 200 डे मूविंग एवरेज को रिगेन कर लिया है, इसमें उनकी लॉन्ग साइड में ट्रेड लेने की सलाह है। इस शेयर में 1329 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 1390 रुपए तक के टारगेट्स के लिए खरीदारी की सलाह है।

वहीं, SBI में बिकवाली की सलाह है। अगर आप SBI के चार्ट्स देखें तो इस स्टॉक ने 100 डे मूविंग एवरेज के सपोर्ट को तोड़ दिया है। यह 100 डे मूविंग एवरेज के नीचे फिसला है। स्टॉक अब 200 डे मूविंग एवरेज को टेस्ट कर सकता है। इसलिए SBI में बिकवाली करेंगे। इसके लिए 1041 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1010 रुपए तक के टारगेट रखें।

 

Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में आई रिकवरी की वजह से कल निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,000 के लेवल से ऊपर वापस आ गया। हालांकि 1 सितंबर को इंडेक्स में थोड़ी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ। मिडिल ईस्ट में जारी उथल-पुथल के बीच टेक्निकल इंडिकेटर नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने का संकेत दे रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर निफ्टी 24,000-23,950 के सपोर्ट जोन के नीचे टूटता है और वहां बना रहता है,तो यह 23,800 और फिर 23,600 की तरफ गिर सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस जोन के ऊपर बना रहता है तो 24,200-24,400 की तरफं ऊपर जाने की संभावना बढ़ सकती है। वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23,500-24,500 की बड़ी रेंज में ट्रेड करता नजर आ सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24056) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,978, 23,933 और 23,860

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :24,123, 24,168 और 24,241

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर ‘हाई-वेव कैंडलस्टिक पैटर्न’ बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज काफी हद तक सपाट रहे,जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। 10-डे EMA भी 50-डे और 100-डे EMA से नीचे आ गया। RSI गिरकर 42.86 पर आ गया,जबकि MACD जीरो लाइन के नीचे अपना डाउनट्रेंड जारी रखे हुए है और रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए बढ़ रहा है। ये सभी इंडिकेटर निकट भविष्य में कमजोरी और मार्केट में सतर्क नज़रिए की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (57410) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,677, 57,823 और 58,058

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,207, 57,062 और 56,827

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई जो उतार-चढ़ाव के बीच कमजोर का संकेत है। इसने पिछले दिन की सारी बढ़त गंवा दी और 1.06 फीसदी नीचे बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है,जो सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉज़िटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अभी भी अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI और MACD कई सेशन से ज्यादातर एक ही दायरे में बने हुए हैं,जिससे पता चलता है कि कोई मज़बूत दिशात्मक मोमेंटम नहीं है। कुल मिलाकर,टेक्निकल सेटअप से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में सावधानी के साथ कंसोलिडेशन हो सकता है। जब तक कि यह रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर या मुख्य सपोर्ट लेवल से नीचे नहीं जाता, इंडेक्स के एक दायरे में ही बने रहने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) का अनुमान लगाने वाला India VIX कल 9.25-12.12 के बड़े दायरे में घूमने के बाद बिना किसी बदलवा के 11.19 पर बंद हुआ। वोलैटिलिटी इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे और निचले दायरे में बना रहा। इससे पता चलता है कि मार्केट में चिंता कम है। कुल मिलाकर,हालात बताते हैं कि निकट भविष्य में वोलैटिलिटी के सीमित रहने की संभावना है,हालांकि इंडेक्स में अचानक बड़ी हलचल से वोलैटिलिटी बढ़ सकती है।

Market Insight : सितंबर के दूसरे भाग में निफ्टी में आ सकती है तेजी, छोटे-मझोले शेयरों में दिख रहा दम

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 सितंबर को गिरकर 0.89 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

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Stocks to Watch: 2 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: बुधवार 2 सितंबर को कई बड़ी कंपनियों के शेयरों पर नजर रहेगी। अगस्त की सेल्स, नए ऑर्डर और बड़े बिजनेस अपडेट सामने आए हैं। रिन्यूएबल एनर्जी, FMCG, IT और मेटल सेक्टर की कंपनियां फोकस में रहेंगी। यहां 13 ऐसे स्टॉक्स हैं, जिनमें बुधवार को हलचल देखने को मिल सकती है।

Hero MotoCorp

देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी Hero MotoCorp की घरेलू बिक्री अगस्त में 4.5% बढ़कर 5.42 लाख यूनिट रही। स्कूटर की बिक्री बढ़ने से मोटरसाइकिल की बिक्री में आई गिरावट का असर कम हुआ। कुल बिक्री और एक्सपोर्ट मिलाकर डिस्पैच 2.6% बढ़कर 5.68 लाख यूनिट रहे।

Coal India

सरकारी कोयला कंपनी Coal India ने अगस्त के ई-ऑक्शन में 210.66 लाख टन कोयला ऑफर किया। इसमें से 82.76 लाख टन की एलोकेशन हुई। यानी करीब 39% कोयला बिका। खास बात यह रही कि औसत कीमत नोटिफाइड प्राइस से 59% ज्यादा रही।

NMDC

सरकारी खनन कंपनी NMDC ने अगस्त में उत्पादन बढ़ने की जानकारी दी है। कंपनी का कुल उत्पादन बढ़कर 40.7 लाख टन हो गया। एक साल पहले अगस्त में यह 33.7 लाख टन था। वहीं, बिक्री 35.8 लाख टन रही, जो पिछले साल 33.9 लाख टन थी।

Ujjivan Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंक Ujjivan Small Finance Bank ने बताया कि RBI ने कैरल फर्टाडो को अंतरिम CEO बनाने की मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। वह तीन महीने तक इस पद पर रहेंगी।

Gland Pharma

फार्मा कंपनी Gland Pharma की विशाखापट्टनम स्थित API फैसिलिटी में US FDA ने 24 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच GMP इंस्पेक्शन किया। कंपनी के मुताबिक, इस इंस्पेक्शन के बाद फैसलिटी को US FDA से कोई आपत्ति नहीं मिली है। इसे कंपनी के लिए बड़ा पॉजिटिव अपडेट माना जा रहा है।

Adani Green Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Adani Green Energy की सब्सिडियरी ने गुजरात के खावड़ा में 139 MW का सोलर प्रोजेक्ट चालू कर दिया है। इसके बाद कंपनी की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी बढ़कर 20,280.8 MW हो गई है।

Reliance Industries

तेल से रिटेल तक कारोबार करने वाली Reliance Industries की सब्सिडियरी RCPL ने आइसक्रीम बाजार में एंट्री कर ली है। कंपनी ने ‘Bombay Creamery’ नाम से नया ब्रांड लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹10 रखी गई है। आइसक्रीम को रियल डेयरी क्रीम से तैयार किया जाएगा।

ARSS Infrastructure Projects

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ARSS Infrastructure Projects को ईस्ट कोस्ट रेलवे से करीब ₹104.06 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर हावड़ा-विशाखापट्टनम मुख्य रेल लाइन पर दो रोड ओवर ब्रिज बनाने से जुड़ा है।

Ashiana Housing

रियल एस्टेट कंपनी Ashiana Housing ने अगस्त 2026 में 1.67 लाख वर्ग फुट एरिया की बुकिंग की। इसकी वैल्यू ₹165.93 करोड़ रही। अगस्त तक कंपनी की YTD बुकिंग 11.30 लाख वर्ग फुट तक पहुंच गई, जिसकी कुल वैल्यू ₹1,025.34 करोड़ है।

L&T Finance

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी L&T Finance को IRDAI से कॉरपोरेट एजेंट के तौर पर Perpetual Registration मिल गया है। कंपनी का नया सर्टिफिकेट 31 अगस्त 2026 से लागू हो गया है। इससे कंपनी को इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े कारोबार को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

ITC

FMCG कंपनी ITC की सब्सिडियरी ITC Infotech के साथ Blazeclan Technologies और Cloudlytics Technologies के मर्जर को NCLT की कोलकाता और मुंबई बेंच से मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी ITC Infotech के डिजिटल और क्लाउड कारोबार को मजबूत कर सकती है।

Wipro

IT कंपनी Wipro ने ABB के साथ अपने ग्लोबल डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज एंगेजमेंट को आगे बढ़ाया है। इस समझौते के तहत डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज को बेहतर बनाने और उन्हें आगे डेवलप करने पर काम होगा।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।