Hanuman Ansh: ‘हनुमान अंश’ ने कमाया 18,200% मुनाफा, 4 लोगों के बीच बंटेगी कमाई, निर्देशक को मिलेंगे इतने करोड़

Hanuman Ansh: ‘हनुमान अंश’ 2026 की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट फिल्म बन गई है। ‘धुरंधर 2’ और ‘बॉर्डर 2’ के बाद यह इस साल की तीसरी सबसे बड़ी हिट फिल्म है जो पिछले सात हफ्तों से सिनेमाघरों में डटी है। बॉक्स ऑफिस कलेक्शन इसके कुछ वीक और लगे रहने की तरफ इशारा कर रहा है। हाल में ही अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में फिल्म की प्रोड्यूसर में से एक अनुप्रिया नागर ने बताया था कि फिल्म 1.5 करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा के बजट में बनी थी। उन्होंने फिल्म में 50 लाख रुपये लगाए हैं। साथ ही डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म बनाने के दौरान फीस के तौर पर एक पैसा नहीं लिया था। लेकिन अब फिल्म से होने वाला मुनाफा चारों पार्टनर्स के बीच बांटा जाएगा।

डायरेक्टर को मिलेंगे 50 करोड़

‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने बताया कि इस फिल्म को डायरेक्ट करने के लिए विशाल चतुर्वेदी ने फीस नहीं ली थी। उन्होंने एक पैसा नहीं लिया था। अब प्रोफिट में से उन्हें हिस्सा दिया जाएगा। खबरों के मुताबिक विशाल को 50 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। हालांकि ये पुष्ट आंकड़ा नहीं है।

4 लोगों में बांटे जाएंगे इतने करोड़!

ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक फिल्म ने 47 दिनों में कुल 366.45 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। जब उनसे रिटर्न को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे मुनाफे का एक-चौथाई हिस्सा दिया जाएगा। सबसे पहले डिस्ट्रीब्यूटर को हिस्सा दिया जाएगा। फिर हम बाकी खर्चों और टैक्स को पे करेंगे। इसके बाद जितना भी पैसा बचेगा वह 4 लोगों में बांट दिया जाएगा।

अनुप्रिया को दिए जाएंगे 50 करोड़

अनुप्रिया से जब सवाल किया गया कि उन्हें कितने पैसे मिलने वाले हैं तो उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें कम से कम 50 करोड़ रुपये की उम्मीद है। इतना अमाउंट तब है, जब फिल्म ओटीटी पर नहीं आई है। मेकर्स ने अभी तक OTT, सैटेलाइट या म्यूजिक में से कोई डील नहीं की है। उन्होंने बताया कि ‘अभी तक तो मेरा अनुमान है कि 50 करोड़ रुपये कमा लूंगी। लेकिन पक्का नहीं कह सकती हूं। हमें अभी OTT, म्यूजिक और सैटेलाइट डील भी करनी है, तो ये संख्या बढ़ भी सकती है।

अनुप्रिया ने बताया आगे का प्लान

जब उनसे 50 करोड़ रुपये का वह अब वह क्या करने वाली हैं। इस सवाल पर वह मुस्कुराईं और उन्होंने कहा, ‘मुझे तो यह भी नहीं पता कि इतने सारे पैसे कैसे संभालूं। मुझे लगता है कि इसे सोसाइटी को वापस कर दिया जाना चाहिए।’ अनुप्रिया ने बताया कि वह अपना प्रोडक्शन हाउस बनाना चाहती हैं। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि वह ऐसी और कहानियां पर्दे पर लाएंगी। रीजनल फिल्में और वेब सीरीज बनाना चाहेंगी, लेकिन उनका बजट कम होगा।

Mirzapur The Movie box office collection day 21: पंकज त्रिपाठी का भौकाल बरकरार, ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने 21वें दिन किया 1.50 करोड़

Mirzapur The Movie box office collection day 21: पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु, अली फजल और जितेंद्र कुमार स्टारर एक्सेल एंटरटेनमेंट और अमेजन MGM स्टूडियोज की मिर्जापुर द मूवी, वर्ल्डवाइड शानदार परफॉर्मेंस करते हुए 300 करोड़ का आंकड़ा अपने नाम कर लिया है।

दुनिया भर में कुल 300 करोड़ की कमाई करने के बाद फिल्म अब थमती नजर आ रही है । यहां तक कि फिल्म ने वीकडेज पर भी अच्छी कमाई करते हुए अपना मोमेंटम शानदार आंकड़ों के साथ बनाए रखा है। इस तरह से फिल्म ने सोमवार को ₹1.65 करोड़, मंगलवार को ₹1.40 करोड़ और गुरुवार को ₹1.20 करोड़ की कमाई अपने नाम की है।

कई नई फिल्म रिलीज के बावजूद मिर्जापुर द मूवी’ बॉक्स ऑफिस पर कलेक्शन कर रही है। इतना ही नहीं यह फिल्म साल की तीसरी ओवरसीज सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। एक OTT-ओरिजिनेटेड फ्रैंचाइजी द्वारा दुनिया भर में ₹300 करोड़ का मुकाम छूना एक बहुत बड़ी अचीवमेंट है।

फिल्म की अपील किसी बड़े स्टार पावर से आगे बढ़ती जा रही है, इसकी दिलचस्प दुनिया और कहानी, शानदार डायलॉग, कभी न भूले जाने वाले किरदार और फ्रेंचाइजी के सफर के दौरान बनी बड़ी फैन फॉलोइंग, दर्शकों को अपने साथ बांधे हुए है और सिनेमाघरों में लगातार दर्शकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं।

फिल्म में इस बार अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, मोहित मलिक, शीबा चड्डा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस चौहान जैसे जाने माने चेहरे नजर आने वाले हैं। ऐसे में फिल्म की कास्ट में शामिल होते हुए कहना होगा कि यह सभी कलाकार ‘मिर्जापुर’ की दुनिया को पहले से भी ज्यादा भव्य और कभी न भूलने वाला अनुभव बनाने वाले हैं।

अमेजन MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रेजेंटेड ‘मिर्जापुर द मूवी’ का डायरेक्शन गुरमीत सिंह ने किया है, जबकि इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है और फिल्म को एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है। वहीं फिल्म के कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी ने को-प्रोड्यूसर किया है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को हिंदी और तेलुगु में सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।

Gurugram Couple Monthly Expenses: 1.2 लाख रुपये का खर्च, जानें किराए से लेकर खाने तक कहां-कहां जाता है पैसा

गुरुग्राम में रहने वाले एक शादीशुदा कपल ने अगस्त महीने के अपने खर्च का हिसाब सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह पोस्ट चर्चा में आ गई। इस कपल ने बताया कि दो लोगों पर एक महीने में करीब 1.2 लाख रुपये खर्च हुए। उनकी शेयर की गई जानकारी में घर का किराया, राशन, घरेलू मदद, ट्रांसपोर्ट, बाहर खाना और ऑनलाइन ऑर्डर जैसी रोजमर्रा की जरूरतें शामिल हैं। हालांकि, लोगों की दिलचस्पी सिर्फ 1.2 लाख रुपये के आंकड़े में नहीं रही। सोशल मीडिया यूजर्स यह जानने को उत्सुक दिखे कि गुरुग्राम जैसे महंगे शहर में आखिर एक कपल का सामान्य जीवन जीने का मासिक बजट कितना हो सकता है।

खास तौर पर 3 BHK का किराया और घरेलू मदद के खर्च ने लोगों का ध्यान खींचा। कुछ यूजर्स ने बजट को अच्छी तरह मैनेज किया हुआ बताया, जबकि कुछ ने खर्च के अलग-अलग हिस्सों पर सवाल भी उठाए।

सबसे बड़ा खर्च घर का किराया

कपल के बजट में सबसे बड़ा हिस्सा घर का है। मोह‍ित और ज्योत्सना ने बताया कि वो गुरुग्राम में 3 BHK फ्लैट के लिए किराए और मेंटेनेंस पर करीब 36 हजार रुपये खर्च करते हैं। इसके अलावा घर के कामों में मदद करने वाली मेड को हर महीने 6 हजार रुपये दिए जाते हैं।

राशन पर 25 हजार, यानी रसोई भी नहीं है सस्ती

महीने के खर्च में अगली बड़ी रकम राशन और घर की जरूरतों पर जाती है। कपल के मुताबिक, किराने और घरेलू सामान पर करीब 25 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। यानी घर चलाने का खर्च ही उनके बजट का बड़ा हिस्सा खा जाता है।

इंटरनेट से लेकर OTT तक, छोटे खर्च मिलकर बड़ा बिल

मोबाइल और वाई-फाई के बिल पर करीब 3,500 रुपये खर्च होते हैं। वहीं OTT और म्यूजिक सब्सक्रिप्शन के लिए लगभग 2 हजार रुपये अलग से जाते हैं। देखने में ये रकम छोटी लग सकती है, लेकिन महीने के अंत तक ऐसे कई छोटे खर्च बजट को काफी बढ़ा देते हैं।

कार नहीं फिर भी 5 हजार रुपये ट्रांसपोर्ट पर

कपल के पास अपनी कार नहीं है। इसके बावजूद दिल्ली-गुरुग्राम आने-जाने और दूसरे कामों के लिए बाइक के पेट्रोल और कैब पर करीब 5 हजार रुपये खर्च होते हैं। कार न होने से खर्च कुछ हद तक नियंत्रित रहता है, लेकिन रोजमर्रा की आवाजाही का बिल फिर भी जुड़ता रहता है।

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वीकेंड का खाना भी बजट में बड़ा हिस्सा

इस कपल के लिए वीकेंड का मतलब घर से बाहर कॉफी और खाना भी है। इसके लिए करीब 15 हजार रुपये महीने खर्च होते हैं। वहीं ऑनलाइन खाना मंगाने पर लगभग 3 हजार रुपये और चले जाते हैं।

असली सवाल रकम नहीं, लोगों की अपनी जिंदगी है

कपल ने अपना खर्च साझा करते हुए पूछा कि गुरुग्राम में दो लोगों के लिए 1.2 लाख रुपये का मासिक खर्च ज्यादा है या उचित? इसके बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। किसी ने बजट को अच्छी तरह मैनेज किया हुआ बताया, तो कुछ लोग 3 BHK के 36 हजार रुपये किराए को लेकर हैरान दिखे।

मेड की 6 हजार रुपये की फीस भी चर्चा का विषय बनी। एक यूजर ने सवाल किया कि खाना बनाने, सफाई और किचन के काम के लिए इतनी कम रकम में घरेलू मदद कैसे मिल रही है। वहीं कुछ लोगों ने कपल से उनके रहने वाले सेक्टर के बारे में भी पूछा, क्योंकि उन्हें 3 BHK का किराया काफी कम लगा।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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OTT Releases This Week: हुंकार, शक से लेकर टॉक्सिक तक, इस हफ्ते ओटीटी पर ये फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज

OTT Releases This Week: सितंबर के आखिरी वीक में स्ट्रीमिंग कैलेंडर में बहुत सारी नई चीजें आ रही हैं। कोर्टरूम ड्रामा, साइकोलॉजिकल मिस्ट्री, गैंगस्टर कहानियां, टीनएज रोमांस और सच्ची घटनाओं पर आधारित क्राइम ड्रामा – ये सभी दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। यहां 22 सितंबर से 26 सितंबर के बीच आने वाली OTT फिल्मों और सीरीज की पूरी लिस्ट दी गई है।

हुंकार द रोर – JioHotstar, 25 सितंबर

‘सैयारा’ में शानदार काम करने के बाद अनीट पड्डा इस सोशल-कोर्टरूम थ्रिलर में एक बहुत ही गंभीर और डार्क किरदार निभा रही हैं। इसे प्रियंका चोपड़ा की ‘पर्पल पेबल पिक्चर्स’ ने ‘अप्लाज एंटरटेनमेंट’ और ‘बिड़ला स्टूडियोज’ के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। पड्डा इसमें मीनू रावत का किरदार निभा रही हैं, जो 17 साल की है। फातिमा सना शेख फिल्म में एक सख्त पुलिस अफसर का रोल निभा रही हैं, जो इस केस में शामिल हो जाती हैं, जबकि मोहम्मद जीशान अय्यूब, अर्जुन माथुर, रघुबीर यादव और राम कपूर अहम किरदारों में हैं।

शक ट्रस्ट नो वन – नेटफ्लिक्स, 24 सितंबर

परिणीति चोपड़ा एक ऐसी मिस्ट्री-सीरीज से अपना डेब्यू कर रही हैं, जो हर माता-पिता के सबसे बुरे सपने और एक दर्दनाक सवाल पर आधारित है। क्या होता है जब उम्मीद ही शक की वजह बन जाए? फिल्म में जेनिफर विंगेट, ताहिर राज भसीन, सोनी राजदान, सुमीत व्यास, अनूप सोनी और हरलीन सेठी भी चोपड़ा के साथ इस बड़ी कास्ट का हिस्सा हैं।

टॉक्सिक अ फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स – जी5, 25 सितंबर

गीतू मोहनदास ‘टॉक्सिक अ फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ के साथ आजादी के बाद के गोवा की अंधेरी अंडरवर्ल्ड दुनिया में ले जाती हैं। यह यश की मुख्य भूमिका वाली एक बड़ी गैंगस्टर ड्रामा फिल्म है। यश राया और रूमी की दोहरी भूमिकाओं में नजर आते हैं और नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे बड़े कलाकारों की टीम को लीड करते हैं।

डोंट बी शाई – प्राइम वीडियो, 25 सितंबर

आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट का प्रोडक्शन हाउस ‘इटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस’ इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म के जरिए चार नए युवा एक्टर्स को पेश कर रहा है। यह फिल्म दिखाती है कि जिंदगी अक्सर हमारी बनाई योजनाओं के हिसाब से नहीं चलती और यह बात कितनी अजीब और दिलचस्प हो सकती है। आरुषि बजाज, पीयूष खटी, अंश दुग्गल के अलावा फिल्म में कुणाल रॉय कपूर, अनुराग बसु, नेहा धूपिया और अंजू अल्वा नाइक भी नजर आएंगे।

राइज एंड फॉल सीजन 2 – प्राइम वीडियो, 26 सितंबर

‘राइज एंड फॉल’ का दूसरा सीजन आ रहा है, जिसे पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग होस्ट करेंगे। इस रियलिटी कॉम्पिटिशन में 15 कंटेस्टेंट को एक ऐसे सोशल स्ट्रक्चर में रखा जाता है, जो जानबूझकर अस्थिर होता है और जहां किसी की भी पोजिशन पक्की नहीं होती। पार्टिसिपेंट्स को एक ऐसे फॉर्मेट में खेलना होता है जहां पावर कभी भी बदल सकती है।

MDR Charges Row: 96% मर्चेंट पेमेंट पर नहीं लगेगा कोई शुल्क! वित्त मंत्रालय ने बताया- UPI ट्रांजैक्शन पर कहां लगेगा चार्ज और कहां नहीं लगेगा?

UPI Charges Row: सरकार ने 15 अक्टूबर 2026 से बड़े व्यापारी भुगतान के लिए UPI लेनदेन पर नई शुल्क व्यवस्था लागू करने की घोषणा कर दी है। इसके तहत 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर व्यापारियों से 0.4 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। जबकि 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी। हालांकि, भुगतान करने वाले ग्राहकों को यह शुल्क नहीं देना होगा। सरकार का कहना है कि इसका बोझ दुकानदार या व्यापारी को उठाना पड़ेगा।

दो व्यक्तियों के बीच होने वाले पीयर-टू-पीयर (P2M) यूपीआई भुगतान पर किसी भी राशि के लिए कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR)शुल्क नहीं लगेगा। इसके अलावा 2,000 रुपये तक के छोटे व्यापारी लेनदेन भी शुल्क से बाहर रहेंगे। ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (MCR) वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले किसी व्यापारी से लिया जाता है।

96% मर्चेंट पेमेंट पर नहीं लगेगा कोई शुल्क!

सरकार के मुताबिक, व्यक्तियों से व्यापारियों को होने वाले कुल पी2एम लेनदेन की मात्रा में 2,000 रुपये से कम राशि वाले लेनदेन 95 प्रतिशत से भी अधिक हैं। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा, “96 प्रतिशत मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी रकम की परवाह किए बिना शुल्क से मुक्त रहेंगे। ₹2,000 तक के मर्चेंट पेमेंट और छोटे व्यापारियों के लिए Zero-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले ट्रांजैक्शन पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा।”

मंत्रालय के मुताबिक, इसका मतलब है कि लगभग 96 प्रतिशत Person-to-Merchant (P2M) ट्रांजैक्शन पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। MDR केवल निर्धारित श्रेणी के ₹2,000 से अधिक मूल्य वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा, “यह शुल्क केवल 2,000 रुपये से अधिक के पी2एम लेनदेन पर ही 0.4 प्रतिशत की दर से लागू होगा।”

यहां लगेगा 5 रुपये का शुल्क

रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और खेती के कच्चे माल जैसे जरूरी और कम मार्जिन वाले सेक्टर में 2,000 रुपये से अधिक के प्रत्येक लेनदेन पर पांच रुपये का एक समान शुल्क लगेगा। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण सेवाओं की लागत को विश्वसनीय बनाए रखना है। इन कैटेगरी की हिस्सेदारी पी2एम लेनदेन की मात्रा में करीब 17 प्रतिशत है। जबकि लेनदेन के मूल्य में लगभग 46 प्रतिशत है।

यही समान शुल्क व्यवस्था सरकारी उपयोगिता बिलों (बिजली, पानी और पाइप वाली गैस) के भुगतान तथा स्कूल फीस और विश्वविद्यालय शुल्क जैसे शैक्षणिक भुगतान पर भी लागू होगी। हालांकि 2,000 रुपये तक के ऐसे भुगतान इस शुल्क से मुक्त रहेंगे।

अधिकतम सीमा ₹300 होगी

म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज और शेयर ब्रोकर एवं डीलर के जरिए किए गए पेमेंट पर 0.02% का MDR लगाया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी। सरकार ने कहा है कि UPI ऐप प्रोवाइडर्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म फीस या छिपे हुए चार्ज लगाने की इजाजत नहीं होगी। बैंकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि मर्चेंट इस नई फीस का बोझ ग्राहकों पर न डालें। इसके अलावा, पर्सनल UPI ट्रांजैक्शन के लिए मुफ्त ट्रांजैक्शन की संख्या पर कोई मासिक कोटा या सीमा नहीं होगी।

छोटे व्यापारियों को राहत!

यूपीआई क्यूआर कोड के जरिएहर महीने एक लाख रुपये तक पाने वाले छोटे व्यापारी नई व्यवस्था के तहत शून्य एमडीआर का लाभ लेते रहेंगे। यदि कोई व्यापारी लगातार तीन महीने तक एक लाख रुपये से अधिक का मासिक लेनदेन करता है, तो उसे सामान्य पी2एम कैटेगरी में रखा जाएगा। सरकार के अनुसार, नई व्यवस्था से केवल करीब चार प्रतिशत व्यापारी लेनदेन ही प्रभावित होंगे। इसकी वजह है कि अधिकांश लेनदेन या तो 2,000 रुपये की सीमा से कम हैं या पी2एम छूट के दायरे में आते हैं।

ऑटोपे पर कोई MDR नहीं

नया MDR नियम सिर्फ उन UPI ​​पेमेंट पर लागू होगा जो सीधे यूजर के बैंक अकाउंट से मर्चेंट के अकाउंट में किए जाते हैं। RuPay क्रेडिट कार्ड या पहले से मंजूर ‘क्रेडिट लाइन’ का इस्तेमाल करके UPI से किए गए पेमेंट के लिए अलग नियम होंगे। वहीं, यूटिलिटी बिल, OTT सब्सक्रिप्शन और रेगुलर इन्वेस्टमेंट के लिए ऑटोमेटेड बार-बार होने वाले पेमेंट जैसे UPI मैंडेट या ‘ऑटोपे पर कोई MDR नहीं लगेगा।

2020 से लागू है MDR चार्ज

MDR चार्ज व्यवस्था जनवरी, 2020 से लागू थी। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना था। हालांकि, बैंक और फिनटेक कंपनियां इसे टिकाऊ नहीं बताते हुए शुल्क फिर से लागू करने की लंबे समय से मांग कर रही थीं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) भी पहले सरकार से इस नीति की समीक्षा करने का आग्रह कर चुके हैं।

MDR सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला टैक्स नहीं

वित्त मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि MDR को टैक्स या सरकार/NPCI द्वारा वसूला जाने वाला शुल्क नहीं समझना चाहिए। मंत्रालय के अनुसार, यह राशि पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल विभिन्न पक्षों, जैसे बैंकों और पेमेंट ऐप प्रोवाइडर्स के बीच वितरित की जाती है। मंत्रालय ने कहा कि इसका उद्देश्य UPI सिस्टम के संचालन और उसके लगातार विस्तार को समर्थन देना है।

UPI को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने की कोशिश

मंत्रालय के मुताबिक, यह व्यवस्था Payment and Settlement Systems Act, 2007 के तहत ‘यूपीआई स्टीयरिंग कमेटी’ में विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लाई गई है। इसका उद्देश्य UPI इकोसिस्टम की स्थिरता और विस्तार सुनिश्चित करना है। साथ ही आम लोगों और छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त शुल्क से बचाना है।

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UPI ट्रांजैक्शन पर कहां लगेगा चार्ज और कहां नहीं लगेगा?  

  • 2,000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन पर कोई एमडीआर नहीं लगाया जाएगा।
  • 2,000 रुपये से अधिक के ग्राहक-से-व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा।
  • 3,000 रुपये की खरीदारी पर 0.4 प्रतिशत की दर से व्यापारी द्वारा जमाकर्ता बैंक को 12 रुपये का शुल्क देना होगा।
  • यह कमीशन बैंकों सहित पूरे पेमेंट इकोसिस्टम के पार्टनर्स के बीच बांटा जाएगा।
  • लेनदेन मूल्य की परवाह किए बिना व्यक्तियों के बीच होने वाले (पी2पी) लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
  • ₹75,000 और उससे ज्यादा के बड़े पेमेंट के लिए MDR की सीमा हर ट्रांजैक्शन पर अधिक से अधिक ₹300 तय की जाएगी।
  • टेलीकॉम, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसे जरूरी सेक्टर के लिए हर ट्रांजैक्शन पर ₹5 का फ़्लैट MDR लागू होगा।
  • म्यूचुअल फंड और स्टॉक ब्रोकर को किए जाने वाले भुगतान पर अधिकतम 300 रुपये की सीमा के साथ 0.02 प्रतिशत एमडीआर लगेगा।
  • प्रति माह एक लाख रुपये तक प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए सभी लेनदेन पर अनिवार्य रूप से शून्य एमडीआर की सुविधा मिलेगी।
  • UPI ऐप सेवाओं पर स्टेज फीस या किसी भी तरह के छिपे हुए शुल्क लगाने पर रोक होगी।
  • बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि व्यापारी यूपीआई भुगतान के लिए उपभोक्ताओं पर एमडीआर शुल्क का बोझ न डालें।
  • व्यक्तियों के लिए मुफ्त यूपीआई लेनदेन पर कोई मासिक कोटा, मात्रा की सीमा नहीं होगी।
  • बैंकों और NPCI की ओर से लागू की गई रोजाना ट्रांज़ैक्शन की सीमाएं कैटेगरी के आधार पर ₹1 लाख से ₹5 लाख के दायरे में रहेंगी।
  • कुल एमडीआर कलेक्शन के पांच प्रतिशत योगदान के साथ छोटे व्यापारियों द्वारा यूपीआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कोष स्थापित किया जाएगा।
  • एमडीआर लागू होने से केवल चार प्रतिशत मर्चेंट लेनदेन ही प्रभावित होंगे।
  • नया एमडीआर ढांचा 15 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी होगा।

UPI MDR Charge: क्या OTT सब्सक्रिप्शन, SIP का ऑटोपे महंगा होगा? शेयर मार्केट, इंश्योरेंस से पेट्रोल तक… कितना चार्ज लगेगा? समझिए सभी नियम

UPI MDR Charge: UPI पेमेंट पर हर जगह एक जैसा MDR नहीं लगेगा। अलग-अलग सेक्टर के लिए अलग नियम बनाए गए हैं। कैपिटल मार्केट, इंश्योरेंस, पेट्रोल पंप, सरकारी बिल और एजुकेशन पेमेंट के लिए अलग MDR स्ट्रक्चर है।

इनमें कई जगह ₹2,000 तक के पेमेंट पर MDR नहीं है। वहीं बड़े पेमेंट के लिए फ्लैट फीस या अधिकतम सीमा वाला सिस्टम रखा गया है। NCPI ने बताया है कि किस सेक्टर में कितना MDR रहेगा।

ऑटोपे वाले UPI पेमेंट पर चार्ज नहीं लगेगा

UPI के चुनिंदा पेमेंट पर MDR लागू होने से उन लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं, जो ऑटोपे से पेमेंट करते हैं। इनमें Netflix, Amazon Prime जैसे OTT सब्सक्रिप्शन शामिल हैं। बिजली-पानी के बिल और म्यूचुअल फंड SIP भी इसी तरह ऑटोमैटिक कटते हैं।

NPCI ने अपने FAQ में यह बात साफ की है कि UPI ऑटोपे पर तय MDR चार्ज नहीं लगेगा।

कैपिटल मार्केट पेमेंट पर कितना MDR?

कैपिटल मार्केट से जुड़े UPI पेमेंट पर 0.02% MDR लगेगा। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन है।

यह नियम रेगुलेटेड कैपिटल मार्केट संस्थाओं से जुड़े पेमेंट पर लागू होगा। इसमें एसेट मैनेजमेंट कंपनियां यानी म्यूचुअल फंड की AMC, SEBI रजिस्टर्ड स्टॉकब्रोकर, सिक्योरिटीज डीलर और इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म शामिल हैं। UPI से डेट इंस्ट्रूमेंट खरीदने, म्यूचुअल फंड में निवेश करने और ब्रोकर वॉलेट में पैसा डालने जैसे पेमेंट भी इसमें शामिल हैं।

इंश्योरेंस प्रीमियम पर क्या चार्ज लगेगा?

इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए भी अलग MDR रखा गया है। ₹2,000 से ज्यादा के प्रीमियम पेमेंट पर 0.04% या ₹5 का फ्लैट MDR लागू होगा।

यानी इस कैटेगरी में ज्यादा रकम के पेमेंट पर सामान्य तरीके से MDR बढ़ता नहीं जाएगा। बड़े प्रीमियम का पेमेंट करने वालों के लिए यह व्यवस्था ज्यादा काम की हो सकती है। खास बात यह है कि साल में एक या दो बार प्रीमियम भरने वाले ग्राहकों के बड़े पेमेंट पर ज्यादा प्रतिशत के हिसाब से फीस नहीं बढ़ेगी।

पेट्रोल पंप पर UPI पेमेंट का नियम

पेट्रोल पंप पर ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर ₹5 का फ्लैट MDR रखा गया है। यानी पेट्रोल की रकम बढ़ने के साथ MDR भी उसी अनुपात में नहीं बढ़ेगा।

वहीं ₹2,000 तक के फ्यूल पेमेंट पर MDR शून्य रहेगा। इसका मतलब छोटे पेट्रोल-डीजल पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा।

बिजली-पानी के बिल पर कितना MDR?

बिजली, पानी और पाइप्ड नेचुरल गैस जैसे यूटिलिटी पेमेंट के लिए भी अलग व्यवस्था है। ₹2,000 से ज्यादा के यूटिलिटी पेमेंट पर ₹5 प्रति ट्रांजैक्शन का MDR रखा गया है। ₹2,000 तक के पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा।

इसमें बिजली के बिल, नगर निकाय के पानी के शुल्क और पाइप्ड नेचुरल गैस के पेमेंट शामिल हैं। इस व्यवस्था का मकसद सरकारी बोर्ड और नगर निकायों के लिए डिजिटल बिल कलेक्शन को सस्ता रखना है।

स्कूल-कॉलेज की फीस पर क्या नियम है?

एजुकेशन पेमेंट को भी अलग कैटेगरी में रखा गया है। इसमें स्कूल की फीस, यूनिवर्सिटी की टर्म फीस और संस्थानों की एंट्रेंस एग्जाम फीस शामिल हैं। ₹2,000 तक के एजुकेशन पेमेंट पर MDR पूरी तरह फ्री रहेगा। ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट के लिए फ्लैट फीस या कैप वाली व्यवस्था का फायदा मिलेगा।

इससे बड़े एजुकेशन पेमेंट पर ज्यादा प्रतिशत के हिसाब से फीस लगने का बोझ कम होगा। स्कूल, कॉलेज और स्टूडेंट्स बड़ी फीस का पेमेंट भी डिजिटल तरीके से कर सकेंगे।

अलग-अलग सेक्टर के लिए अलग MDR क्यों?

NCPI का कहना है कि UPI पर हर तरह के पेमेंट का पैटर्न एक जैसा नहीं है। कहीं छोटे-छोटे पेमेंट होते हैं। वहीं कैपिटल मार्केट, इंश्योरेंस और एजुकेशन में एक बार में बड़ी रकम का पेमेंट हो सकता है।

इसी वजह से इन सेक्टर के लिए अलग MDR स्ट्रक्चर रखा गया है। कहीं प्रतिशत के हिसाब से MDR है। वहीं कुछ जगह फ्लैट फीस या अधिकतम सीमा तय की गई है। इससे बड़े पेमेंट पर MDR का खर्च नियंत्रित रखने की कोशिश की गई है।

UPI पर ट्रांजेक्शन चार्ज को लेकर दुविधा में हैं? तो यहां जानें अपने हर सवाल का पूरा जवाब

Kargil War Veteran Attack: ऑपरेशन सफेद सागर’ के पूर्व सैनिक पर पार्किंग अटेंडेंट ने किया रॉड से हमला, सिर में आई गंभीर चोट, हाथ की हड्डी टूटी

Kargil War Veteran Attack: कारगिल युद्ध के एक पूर्व सैनिक ने आरोप लगाया है कि गुरुग्राम के मैग्नम ग्लोबल पार्क में एक पार्किंग अटेंडेंट ने लोहे की रॉड से उन पर हमला किया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और हाथ की हड्डी टूट गई।

ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता (रिटायर्ड), जो 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना के ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ का हिस्सा थे, ने यह भी आरोप लगाया है कि हमले के बाद पार्किंग अटेंडेंट ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, गुप्ता ने पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में ये आरोप लगाए हैं।

गुप्ता परिवार के साथ पहुंचे थे डिनर करने

बता दें कि गुप्ता गुरुवार रात अपने परिवार के साथ डिनर के लिए मैग्नम ग्लोबल पार्क के गोंजो रेस्टोरेंट गए थे। रात करीब 8 बजे, परिवार को उतारने के बाद, वे पार्किंग की जगह ढूंढने गए।

उनकी शिकायत के अनुसार, पार्किंग स्टाफ ने उन्हें वैलेट एरिया, बेसमेंट और मल्टी-लेवल पार्किंग के बीच घुमाया और फिर उनकी कार पार्क करने से मना कर दिया।

गुप्ता का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी गाड़ी पीछे करने की कोशिश की, तो पार्किंग अटेंडेंट में से एक ने विंडशील्ड पर मारा, जैसे कि वह उसे तोड़ने की कोशिश कर रहा हो।

लोहे की रॉड से अटेंडेट ने मारा

गुप्ता ने NDTV को बताया कि विरोध करने के लिए वे कार से बाहर निकले, जिसके बाद अटेंडेंट ने कथित तौर पर लोहे की रॉड उठाई और उन्हें दो बार मारा—पहले उनके हाथ पर और फिर उनके सिर पर।

गुप्ता ने कहा, “मैं खून से लथपथ था।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। गुप्ता ने यह भी बताया कि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पार्किंग के अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव नहीं किया।

गुप्ता के मुताबिक, उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल किया, लेकिन पुलिस करीब 30 मिनट तक नहीं पहुंची। उन्होंने बताया कि आखिर में रेस्टोरेंट के एक शेफ ने बीच-बचाव किया, जिससे स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सका।

गुप्ता को मेदांता अस्पताल में कराया गया भर्ती

सिर और कोहनी में चोट लगने के बाद गुप्ता को एम्बुलेंस से मेदांता अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि इसके बाद उनकी सर्जरी हुई, जिसमें कोहनी की हड्डी को जोड़ने के लिए प्लेट्स का इस्तेमाल किया गया।

गुप्ता ने NDTV को बताया, “हमला अचानक और बिना किसी उकसावे के हुआ। मैं अपना बचाव भी नहीं कर पाया।”

अस्पताल ने गलत रिपोर्ट की तैयार

गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल ने गलत मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट तैयार की; उनका दावा है कि रिपोर्ट में उनके खून बहने और कोहनी की चोट का जिक्र नहीं किया गया।

गुप्ता ने आरोप लगाते हुए कहा, “मुझे पुलिस से किसी तरह का सहयोग नहीं मिल रहा है।”

अपनी शिकायत में, गुप्ता ने कथित हमलावर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और हत्या की कोशिश व गंभीर चोट पहुंचाने जैसे आरोपों के तहत FIR दर्ज करने को कहा है।

क्या था ऑपरेशन सफेद सागर?

बता दें कि ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना का ऊंचाई वाले इलाकों में चलाया गया हवाई अभियान था, जिसका मकसद कारगिल सेक्टर में भारतीय ठिकानों से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ना था।

अगस्त में रिलीज हुई एक OTT सीरीज में भी इस ऑपरेशन को श्रद्धांजलि दी गई थी।

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हिंदी दिवस 2026: हिंदी नहीं रही अब पहले जैसी, फिर भी दुनिया में बढ़ता जा रहा इसका दबदबा

हिंदी दिवस 2026: हिंदी नहीं रही अब पहले जैसी, फिर भी दुनिया में बढ़ता जा रहा इसका दबदबा

Hindi Diwas 2026

Hindi Diwas 2026

14 सितंबर 2026 को हिन्दी दिवस मनाया जाएगा। वर्तमान में भले ही हिंदी के हाल अच्‍छे नहीं है। बोलचाल की भाषा में हिन्दी में ऊर्दू, फारसी, अरबी और अंग्रेजी के शब्दों की अधिकता होने लगी है। हिंदी के अखबार और किताबों में भी अब वैसी हिंदी नहीं रही जैसी होना चाहिए थी। इसमें अंग्रेजी के शब्दों की भरमार हो चली है। हिंदी के अंग्रेजी और ऊर्दू होते जाने के दौर में भी हिंदी का बाजार पहले की अपेक्षा बढ़ने लगा है। कुछ लोगों का मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में लोग हिंदी बोलना छोड़ देंगे। हकीकत इसके बिल्कुल उलट है- आज वैश्विक और डिजिटल स्तर पर हिंदी का विस्तार तेजी से हो रहा है। 

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हिंदी के अस्तित्व और विस्तार के 4 बड़े प्रमाण

डिजिटल और इंटरनेट क्रांति:

  1. आज इंटरनेट, सोशल मीडिया और ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी कंटेंट की मांग में अभूतपूर्व उछाल आया है।
  2. एआई (AI) और सर्च इंजन में हिंदी भाषा की उपस्थिति मजबूत हुई है; विश्व हिंदी दिवस 2026 की थीम भी “पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक” इसी बदलाव को दर्शाती है।

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ग्लोबल रीच और यूजर बेस:

दुनिया भर में हिंदी 60 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में शामिल है।

विश्व की कई वैश्विक टेक कंपनियां (Google, Meta, Microsoft) हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के यूजर्स को ध्यान में रखकर अपने उत्पाद और सेवाएं तैयार कर रही हैं।

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भाषा का बदलता रूप ('हिंग्लिश' बनाम 'अस्तित्व'):

लोगों को लगता है कि “हिंदी नहीं रही अब हिंदी”, क्योंकि बोलचाल में अंग्रेजी शब्दों का मिश्रण (हिंग्लिश) बढ़ा है।

भाषा वैज्ञानिकों के अनुसार, शब्दों का आदान-प्रदान किसी भाषा के खत्म होने का नहीं, बल्कि उसके जीवंत और अनुकूलनीय (adaptive) होने का संकेत है।

 

आर्थिक और व्यावसायिक महत्व:

विज्ञापन, बॉलीवुड/सिनेमा, डिजिटल मीडिया और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए हिंदी और भारतीय भाषाएं सबसे बड़ा बाजार बन चुकी हैं। हालांकि इन माध्यमों में हिंदी के बीच अंग्रेजी का ज्यादा उपयोग किया जाता है जिसके चलते हिंदी को संघर्ष करना पड़ रहा है।

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चुनौतियां और जिम्मेदारियां

हालांकि हिंदी खत्म नहीं हो रही है, लेकिन इसके सामने कुछ चुनौतियां जरूर हैं:

रोजगार और उच्च शिक्षा: तकनीकी शिक्षा, मेडिकल और उच्च न्यायपालिका में अभी भी अंग्रेजी का दबदबा है, जिसे बदलने की दिशा में प्रयास (जैसे एनईपी 2020) जारी हैं।

शुद्धता का क्षरण: अति-आधुनिकता के चक्कर में अपनी लिपि (देवनागरी) और मूल शब्दावली की उपेक्षा न हो, इसके लिए नई पीढ़ी को साहित्य और सही लेखन से जोड़ना जरूरी है।

 

Mirzapur The Movie box office collection day 7: पंकज त्रिपाठी और अली फजल की फिल्म 150 करोड़ के आंकड़े के पहुंची करीब

Mirzapur The Movie box office collection day 7: पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु स्टारर ‘मिर्जापुर द मूवी’ एक हफ्ते पहले, 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से अच्छे रिव्यू मिले और तब से बॉक्स ऑफिस पर इसकी पकड़ मजबूत बनी हुई है। फिल्म अब ₹150 करोड़ का आंकड़ा पार करने से बस कुछ ही करोड़ दूर है।

‘मिर्ज़ापुर द मूवी’ का बॉक्स ऑफ़िस कलेक्शन

ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, ‘मिर्ज़ापुर द मूवी’ ने गुरुवार को भारत में ₹10.55 करोड़ (नेट) कमाए, जिससे इसका घरेलू कुल कलेक्शन ₹148.45 करोड़ हो गया। फ़िल्म की ऑक्यूपेंसी 10,292 शो में 24% रही। बुधवार की तुलना में इसमें गिरावट देखी गई।

‘मिर्ज़ापुर’ ने भारत में ₹25.75 करोड़ के साथ शुरुआत की और तब से इसमें बढ़ोतरी देखी गई, वीकेंड पर इसने ₹32 करोड़ और ₹36 करोड़ कमाए। उम्मीद के मुताबिक गिरावट के बावजूद यह वीकडेज़ में भी मज़बूत रही और सोमवार को ₹16 करोड़ कमाए। कलेक्शन मंगलवार के ₹15.60 करोड़ से घटकर बुधवार को ₹12.55 करोड़ हो गया।

शुक्रवार को फ़िल्म का मुक़ाबला प्रियदर्शन की अक्षय कुमार और सैफ अली खान स्टारर ‘हैवान’ से होगा। देखना होगा कि वीकेंड आने पर ‘मिर्ज़ापुर’ उसका सामना कर पाती है या नहीं। फ़िल्म पहले ही अक्षय की पिछली फ़िल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ के लाइफ़टाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ चुकी है, जिसने भारत में ₹150.40 करोड़ (नेट) कमाए थे। इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’, जिसने ₹150.40 करोड़ कमाए थे, अगला टारगेट है।

जब 2018 में अमेज़न प्राइम वीडियो की वेब सीरीज़ ‘मिर्ज़ापुर’ रिलीज़ हुई थी, तो यह काफ़ी चर्चा में रही और OTT पर सबसे सफल शो में से एक बन गई। मिले-जुले रिव्यू वाले तीन सीज़न के बाद, फ़िल्म की घोषणा की गई। इसे गुरमीत सिंह ने डायरेक्ट किया है, पुनीत कृष्णा ने लिखा है और एक्सेल एंटरटेनमेंट के तहत रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है। मिर्ज़ापुर पहले ही 2026 की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली हिंदी फ़िल्मों में से एक बन गई है।

भारत बनाम जापान के महामुकाबले को मिले TV और OTT के ब्रॉडकास्टर्स

जापान और भारत के बीच होने वाले एक ही मैच (टी20 मैच) के लिए ब्रॉडकास्टर खोजने की कोशिशें खत्म हो चुकी हैं। भारत के दर्शक इस एतिहासिक मैच को टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स पर और ओटीटी पर फैन कोड पर देख सकेंगें। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

वहीं जापान क्रिकेट एसोसिएशन (जेसीए) टोचिगी प्रान्त के सानो इंटरनेशनल स्टेडियम में 22 सितंबर को होने वाले मैच के ब्रॉडकास्ट राइट्स हासिल करने के लिए आईटीडब्ल्यू यूनिवर्स के साथ बातचीत कर रही है।

चूंकि यह मैच आइची-नागोया में एशियाई खेलों के साथ-साथ हो रहा है, इसलिए इसका प्रोडक्शन करना आयोजकों के लिए लॉजिस्टिकल और ऑपरेशनल चुनौती होगी। हालांकि, माना जा रहा है कि जेसीए मैच के ब्रॉडकास्ट राइट्स के लिए आईटीडब्ल्यू यूनिवर्स के साथ समझौता ज्ञापन साइन करने के करीब है।

गौरतलब है कि दोनों देशों की पुरुष टीमें भारत-जापान डिप्लोमैटिक रिलेशन की 75वीं सालगिरह के जश्न को शुरू करने के लिए एक टी 20 इंटरनेशनल मैच खेलेंगी। सुज़ुकी कप मंगलवार, 22 सितंबर को टोचिगी प्रीफेक्चर के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में होगा।

यह मैच “स्पोर्ट 75” का पहला कदम होगा, यह एक पहल है जो जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक समिट के दौरान हुए समझौते से निकली है और इसका मकसद खेल के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच लोगों के लेन-देन और सहयोग को बढ़ावा देना है।

इस मैच का एक पहलू यह भी है कि टीम को जापान में एशियन गेम्स से पहले माहौल में ढलने में भी मदद मिलेगी। इस कारण संभवत जो भारत की टीम एशियाई खेलों में खेलेगी वही इस मैच में भी शिरकत करते हुए मिलेगी।

एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और वैभव सूर्यवंशी।

भारत के खिलाफ T20I के लिए जापान की टीम: केंडेल कादोवाकी फ्लेमिंग (कप्तान), चार्ली हारा हिंजे, बेंजामिन इटो डेविस, एलेस्टर कादोवाकी फ्लेमिंग, कोहेई कुबोता, जेक कुसुदा नेयर्न, वतारू मियाउची (विकेटकीपर), रियो सकूरानो थॉमस, एलेक्स शिराई पातमोर (विकेटकीपर), शोमा सुगाया स्लेटर, डेकलन सुजुकी मैकॉम्ब, सुयोशी तकादा, इब्राहिम ताकाहाशी, माकोतो तनियामा, लचलन यमामोतो लेक।