Gurugram Hit and Run: महिला बाइकर को टक्कर मारने वाला आरोपी दौंसा से अरेस्ट, हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

Gurugram Hit and Run: गुरुग्राम पुलिस ने मंगलवार को राजस्थान के दौसा से आरोपी कल्याण बैंसला को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने यह कदम गोल्फ कोर्स रोड पर एक महिला बाइकर के साथ हुई कथित हिट-एंड-रन की घटना के CCTV फुटेज की जांच के बाद उठाया है। बता दें की उस पर हत्या की कोशिश करने का आरोप लगा है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 भी लगा दी है। यह धारा हत्या की कोशिश से जुड़ी है और इसके तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

यह घटनाक्रम तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक कार कथित तौर पर मोटरसाइकिल सवार महिला को टक्कर मारकर मौके से भागती हुई दिखाई दे रही है।

CCTV फुटेज की जांच के बाद हत्या की कोशिश का आरोप जोड़ा गया

ऑनलाइन फुटेज सामने आने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने घटना का स्वतः संज्ञान लिया। सेक्टर 56 थाने में चल रही जांच के दौरान, अधिकारियों ने इलाके के CCTV फुटेज की जांच की।

CCTV फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने हत्या की कोशिश का आरोप जोड़ा। शुरुआत में यह मामला BNS की धारा 281 (लापरवाही से गाड़ी चलाना) और धारा 125 (चोट पहुंचाना) के तहत दर्ज किया गया था। पुलिस ने पहले बताया था कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसे पकड़ने के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं।

बता दें कि यह Hit and run की घटना रविवार को गोल्फ कोर्स रोड पर हुई, जब एक महिला, जिसने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान ‘सिया’ के तौर पर बताई है, बाइकर्स के एक ग्रुप के साथ अप्रिलिया RS 457 चला रही थी।

बाइक से गिरी महिला बाइकर

मोटरसाइकिल पर लगे कैमरों की फुटेज के अनुसार, एक कार ग्रुप के पास आई और सिया की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वह बाइक से गिर गईं और सड़क पर कई मीटर तक घिसटती चली गईं।

सिया को मामूली चोटें आईं, लेकिन उन्होंने कहा कि वह अभी भी शारीरिक दर्द और इस घटना के भावनात्मक असर से जूझ रही हैं।

CNN-News18 से खास बातचीत में सिया ने कहा, “मेरे घुटनों में दर्द है, पूरे शरीर में दर्द हो रहा है। मैं जल्द ठीक होना चाहती हूं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं बहुत बड़े सदमे में हूं।”

उन्होंने टक्कर से पहले ड्राइवर के व्यवहार को भी याद किया।

उन्होंने CNN-News18 को बताया, “मुझे नहीं पता कि कार गोल्फ कोर्स रोड पर कब आई। उसने पहले थंब्स अप दिखाया और फिर अजीब-अजीब इशारे करता रहा।”

गौरतलब है कि सिया ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि उनकी मोटरसाइकिल के पास आने से पहले कार ने उनके ग्रुप का पीछा किया था। उन्होंने दावा किया कि कार में सवार लोगों ने उनके साथ बदतमीजी की और जब उन्होंने दूरी बनाए रखने के लिए कहा, तो उन्होंने गाड़ी रोकने को कहा। सिया ने यह भी आरोप लगाया कि वे नशे में लग रहे थे।

फुटेज में कार को उनकी बाइक को टक्कर मारते और फिर वहां से चले जाते हुए देखा जा सकता है।

आरोपी ने टक्कर की बात मानी, लेकिन जान-बूझकर टक्कर मारने से किया इनकार

जिम के मालिक बैंसला, जो खुद को इंटरनेशनल कबड्डी खिलाड़ी बताते हैं, ने माना है कि टक्कर हुई थी, लेकिन उन्होंने सिया को जान-बूझकर टक्कर मारने से इनकार किया।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि घटना के समय वह अपनी बहन और दो कजिन के साथ यात्रा कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “मैं अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहा था। मैंने उस युवती के प्रति कोई गलत इशारा नहीं किया; मैंने बस उससे अपनी बाइक धीरे चलाने के लिए कहा था। मैं मानता हूं कि टक्कर हुई थी। अगर मैं उसी समय रुक जाता, तो वे लोग हमें पीट देते।”

बैंसला ने दावा किया कि लगभग 20 से 22 मोटरसाइकिल सवारों ने उनकी कार को ओवरटेक किया था और उन्हें शुरू में पता नहीं चला कि उनमें एक महिला भी शामिल थी।

उन्होंने कहा, “वह बिना शीशे (मिरर) में देखे मुड़ रही थीं; तभी, एक यू-टर्न के पास, मेरा कार से कंट्रोल छूट गया और टक्कर हो गई। यह मेरी गलती थी; मैं इसे मानता हूं।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि टक्कर के बाद उन्होंने रुकने के बारे में सोचा था, लेकिन बाइक सवारों द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज किए जाने के बाद उन्होंने न रुकने का फैसला किया।

बैंसला ने कहा, “मेरा परिवार मेरे साथ था, इसलिए मुझे डर था कि अगर हम रुके तो वे हमें पीट सकते हैं। मैंने उनसे बात करने के लिए एक रेड लाइट पर कार रोकी भी थी और उन्हें समझाया था कि इसमें मेरी गलती नहीं थी। उसके बाद, मेरे भाई ने वहां रुकने से मना कर दिया।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरे खिलाफ पहले का कोई मामला नहीं है। अब मुझे परेशान किया जा रहा है।”

वकील का दावा- महिला 140-170 किमी/घंटे की रफ्तार से चला रही थी बाइक

बैंसला के वकील नवीन बैंसला ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब उनके क्लाइंट दिल्ली में एक रिश्तेदार के घर से अपने परिवार के साथ लौट रहे थे।

“मेरे क्लाइंट दिल्ली में एक रिश्तेदार के घर से अपने परिवार के साथ लौट रहे थे। लगभग 25 राइडर्स लगातार मेरे क्लाइंट से आगे निकल रहे थे; महिला 140-170 kmph की रफ्तार से गाड़ी चला रही थी, तभी उसने दाईं ओर मुड़ने की कोशिश की और मेरे क्लाइंट ने बाईं ओर मुड़ने की कोशिश की, जिससे टक्कर हो गई।”

घटना में शामिल कार मनीष के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिसने कहा कि टक्कर के समय वह गाड़ी नहीं चला रहा था।

मनीष ने कहा, “मैं सेना में काम करता हूं और हां, यह गाड़ी मेरी ही है। मैं काम पर था और मेरे दोस्त कल्याण सिंह ने मेरी कार ली थी।”

उसके चाचा करतार पोसवाल ने भी कहा कि बैंसला ने गाड़ी ली थी और परिवार को उसके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

महिला के पिता ने सख्त कार्रवाई की मांग की

सिया के पिता ने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में मीडिया रिपोर्ट से पता चला, क्योंकि उनकी बेटी ने शुरू में उन्हें इसके बारे में नहीं बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि टक्कर जानबूझकर मारी गई थी और इस घटना को महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया।

उन्होंने कहा, “ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” बाद में सिया ने कहा कि वह कानूनी कार्रवाई करेंगी और अपने वकील के साथ FIR दर्ज कराएंगी। उन्होंने समाचार संगठनों से यह भी अनुरोध किया कि वे उनकी पहचान उजागर न करें या उनका चेहरा न दिखाएं।

वहीं, विवाद के बाद बैंसला ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया है।

गुरुग्राम पुलिस ने दोहराया है कि वह सड़क पर होने वाले झगड़ों (रोड रेज), लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर-कानूनी व्यवहार के प्रति ‘जीरो-टॉलरेंस’ की नीति अपनाती है, और कहा कि इसमें शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें: VIDEO: ‘मैं वहीं मर सकती थी…’, गुरुग्राम हिट एंड रन केस में पीड़िता सिया ने तोड़ी चुप्पी, आरोपी के दावों पर उठाए सवाल

Kargil War Veteran Attack: ऑपरेशन सफेद सागर’ के पूर्व सैनिक पर पार्किंग अटेंडेंट ने किया रॉड से हमला, सिर में आई गंभीर चोट, हाथ की हड्डी टूटी

Kargil War Veteran Attack: कारगिल युद्ध के एक पूर्व सैनिक ने आरोप लगाया है कि गुरुग्राम के मैग्नम ग्लोबल पार्क में एक पार्किंग अटेंडेंट ने लोहे की रॉड से उन पर हमला किया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और हाथ की हड्डी टूट गई।

ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता (रिटायर्ड), जो 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना के ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ का हिस्सा थे, ने यह भी आरोप लगाया है कि हमले के बाद पार्किंग अटेंडेंट ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, गुप्ता ने पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में ये आरोप लगाए हैं।

गुप्ता परिवार के साथ पहुंचे थे डिनर करने

बता दें कि गुप्ता गुरुवार रात अपने परिवार के साथ डिनर के लिए मैग्नम ग्लोबल पार्क के गोंजो रेस्टोरेंट गए थे। रात करीब 8 बजे, परिवार को उतारने के बाद, वे पार्किंग की जगह ढूंढने गए।

उनकी शिकायत के अनुसार, पार्किंग स्टाफ ने उन्हें वैलेट एरिया, बेसमेंट और मल्टी-लेवल पार्किंग के बीच घुमाया और फिर उनकी कार पार्क करने से मना कर दिया।

गुप्ता का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी गाड़ी पीछे करने की कोशिश की, तो पार्किंग अटेंडेंट में से एक ने विंडशील्ड पर मारा, जैसे कि वह उसे तोड़ने की कोशिश कर रहा हो।

लोहे की रॉड से अटेंडेट ने मारा

गुप्ता ने NDTV को बताया कि विरोध करने के लिए वे कार से बाहर निकले, जिसके बाद अटेंडेंट ने कथित तौर पर लोहे की रॉड उठाई और उन्हें दो बार मारा—पहले उनके हाथ पर और फिर उनके सिर पर।

गुप्ता ने कहा, “मैं खून से लथपथ था।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। गुप्ता ने यह भी बताया कि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पार्किंग के अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव नहीं किया।

गुप्ता के मुताबिक, उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल किया, लेकिन पुलिस करीब 30 मिनट तक नहीं पहुंची। उन्होंने बताया कि आखिर में रेस्टोरेंट के एक शेफ ने बीच-बचाव किया, जिससे स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सका।

गुप्ता को मेदांता अस्पताल में कराया गया भर्ती

सिर और कोहनी में चोट लगने के बाद गुप्ता को एम्बुलेंस से मेदांता अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि इसके बाद उनकी सर्जरी हुई, जिसमें कोहनी की हड्डी को जोड़ने के लिए प्लेट्स का इस्तेमाल किया गया।

गुप्ता ने NDTV को बताया, “हमला अचानक और बिना किसी उकसावे के हुआ। मैं अपना बचाव भी नहीं कर पाया।”

अस्पताल ने गलत रिपोर्ट की तैयार

गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल ने गलत मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट तैयार की; उनका दावा है कि रिपोर्ट में उनके खून बहने और कोहनी की चोट का जिक्र नहीं किया गया।

गुप्ता ने आरोप लगाते हुए कहा, “मुझे पुलिस से किसी तरह का सहयोग नहीं मिल रहा है।”

अपनी शिकायत में, गुप्ता ने कथित हमलावर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और हत्या की कोशिश व गंभीर चोट पहुंचाने जैसे आरोपों के तहत FIR दर्ज करने को कहा है।

क्या था ऑपरेशन सफेद सागर?

बता दें कि ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना का ऊंचाई वाले इलाकों में चलाया गया हवाई अभियान था, जिसका मकसद कारगिल सेक्टर में भारतीय ठिकानों से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ना था।

अगस्त में रिलीज हुई एक OTT सीरीज में भी इस ऑपरेशन को श्रद्धांजलि दी गई थी।

यह भी पढ़ें: MP News: ‘न धमकी, न दबाव…’; धर्म परिवर्तन केस में मुस्लिम युवक बरी, पत्नी ने जज से कही ये बात

Gurugram Murder Case: इंजीनियर ने पीजी में गर्लफ्रेंड की चाकू मारकर की हत्या, फिर खुद ट्रेन के सामने कुदकर दे दी जान

Gurugram Murder Case: गुरुग्राम से एक दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां पर एक 25 वर्षीय AI इंजीनियर ने कथित तौर पर अपने पेइंग गेस्ट (PG) अकोमोडेशन में गर्लफ्रेंड की चाकू मारकर हत्या कर दी और फिर खुद चलती ट्रेन के सामने कूदकर सुसाइड कर लिया। इस घटना की जानकारी पुलिस ने दी।

वहीं, अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है की दोनों के रिश्ते कैसे थे? इसके लिए उनकी डिजिटल बातचीत (चैट और अन्य जानकारी) और दूसरे सबूतों की जांच की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि यह घटना क्यों हुई।

बता दें कि मृतकों की पहचान छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले श्रेष्ठ मलिक और उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली इशरा अयूबी के तौर पर हुई है।

पुलिस के मुताबिक, दोनों गुरुग्राम में एक ही प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। मलिक सेक्टर 55 में एक PG में रह रहा था, जहां कथित तौर पर हत्या हुई।

जांचकर्ताओं ने बताया कि यह मामला तब सामने आया, जब अयुबी के परिवार ने शनिवार को सेक्टर-56 पुलिस स्टेशन में संपर्क किया। परिवार ने बताया कि वे कई बार कोशिश करने के बाद भी अयुबी से बात नहीं कर पा रहे थे।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की मदद से उसका लोकेशन पता करना शुरू किया। फोन की आखिरी लोकेशन सेक्टर-55 में मलिक के PG आवास की मिली। जब पुलिस टीम उस जगह पर पहुंची और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की, तो पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें किसी भी तरह की आवाज, विवाद या संदिग्ध गतिविधि के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद पुलिस ने CCTV की जांच की।

वहीं, जब पुलिस कमरे के अंदर गई तो अयूबी खून से लथपथ हालत में मिलीं। कमरे में खून के धब्बे बिखरे हुए थे, जिससे पता चलता है कि उस पर बेरहमी से हमला किया गया था। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसकी मौत चाकू से किए गए गंभीर घावों की वजह से हुई।

बाद में, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और आगे की जांच के लिए सबूत इकट्ठा किए। वहीं, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को पता चला कि गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) ने पहले ही गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक से एक व्यक्ति का शव बरामद किया था।

जांचकर्ताओं के अनुसार, उस व्यक्ति को ट्रेन ने टक्कर मारी थी और उसका शरीर दो हिस्सों में कट गया था। हालांकि, घटनास्थल से मोबाइल फोन मिलने के बाद पुलिस ने मृतक की पहचान श्रेष्ठ मलिक के तौर पर की।

इस पहचान से रेलवे ट्रैक पर हुई मौत और गुरुग्राम में दर्ज हत्या के मामले के बीच संबंध का सीधा पता चला।

जांचकर्ताओं को शक है कि अयूबी की कथित तौर पर हत्या करने के बाद मलिक ने आत्महत्या कर ली, हालांकि, घटना का सही क्रम जानने के लिए अभी जांच जारी है।

यह कपल हाल ही में साथ रहने लगा था

शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि अयुबी घटना से सिर्फ तीन दिन पहले मलिक के PG में रहने आई थीं।

अब पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच किस तरह का रिश्ता था, हत्या से पहले क्या हुआ था और क्या पहले से कोई विवाद चल रहा था, जिसकी वजह से यह घटना हुई।

सेक्टर-56 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने समाचार एजेंसी PTI को बताया, “मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। दोनों के रिश्ते की असल स्थिति और घटना के पीछे की वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।”

उन्होंने बताया, “पुलिस उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, चैट और अन्य तकनीकी सबूतों की भी जांच कर रही है। हत्या की FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है।”

पुलिस ने कहा कि वे मौतों से पहले हुई घटनाओं की कड़ियों को जोड़ने के लिए फोरेंसिक नतीजों के साथ-साथ मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और चैट हिस्ट्री जैसे डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Delhi Power Cut 14 July: दिल्ली के इन इलाकों में कल रहेगी बिजली कटौती, जानें आपके क्षेत्र का टाइम और पूरी लिस्ट