Stocks to Watch: 19 अगस्त को इन 12 शेयरों पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 19 अगस्त के कारोबारी सत्र में कई कंपनियों ने बड़े फैसलों और ऑर्डर की जानकारी दी है। इनमें फंड जुटाने, नए कॉन्ट्रैक्ट, ग्रीन एनर्जी निवेश और रणनीतिक हिस्सेदारी खरीदने जैसे अपडेट शामिल हैं। ऐसे में इन शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Bharat Petroleum

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनी Bharat Petroleum (BPCL) ने ₹5,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। कंपनी बोर्ड ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे कंपनी अपनी फंडिंग जरूरतें पूरी करेगी।

RailTel

सरकारी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RailTel को EPFO से ₹166.8 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर टैक्स समेत है। इससे कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूती मिल सकती है।

Aster DM Quality Care

हेल्थकेयर कंपनी Aster DM Quality Care में 7.2% हिस्सेदारी करीब ₹4,780 करोड़ के ब्लॉक डील के जरिए बिक सकती है। यह हिस्सेदारी TPG Inc. से जुड़ी Centella Mauritius Holdings बेच सकती है। डील का फ्लोर प्राइस ₹766.10 प्रति शेयर रखा गया है, जो पिछले NSE क्लोजिंग प्राइस से करीब 6.3% कम है।

Krystal Integrated Services

फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी Krystal Integrated Services को MSRTC से करीब ₹134 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। कंपनी मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर के तय क्षेत्रों में तीन साल तक इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज देगी। यह ऑर्डर 18 अगस्त को सामान्य कारोबारी प्रक्रिया के तहत जारी किया गया।

Atlanta Electricals

ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी Atlanta Electricals को आंध्र प्रदेश ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन (APTRANSCO) से ₹193.92 करोड़ का LOI मिला है। कंपनी 160 MVA क्षमता वाले 12 ऑटो ट्रांसफॉर्मर डिजाइन, निर्माण और सप्लाई करेगी।

Exide Industries

बैटरी बनाने वाली कंपनी Exide Industries ने अपनी सहायक कंपनी Exide Energy Solutions में ₹200 करोड़ का निवेश किया है। यह रकम भारत में बन रहे मल्टी-गीगावॉट लिथियम-आयन सेल प्लांट के लिए लगाई गई है। निवेश राइट्स इश्यू के जरिए किया गया।

Highway Infrastructure

इंफ्रा कंपनी Highway Infrastructure को NHAI से ₹80.17 करोड़ का टोल ऑपरेशन कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट तमिलनाडु के Palayam Fee Plaza के लिए है। इसकी अवधि 90 दिन होगी।

Jubilant Ingrevia

स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी Jubilant Ingrevia ने Zettaone Technologies India में 40% हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। यह सौदा ₹189.2 करोड़ में होगा। इससे कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कदम बढ़ाएगी।

Hindustan Zinc

माइनिंग और मेटल कंपनी Hindustan Zinc ने बताया कि उसकी बिजली खपत में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़कर 22% हो गई है। FY26 में यह करीब 18% थी। कंपनी FY28 तक इसे 70% तक ले जाने का लक्ष्य रखती है।

ONGC

सरकारी तेल और गैस कंपनी ONGC ने असम के गोलाघाट जिले में Khoraghat GGS-1 गैस इवैक्युएशन फैसिलिटी शुरू कर दी है। इससे अपर असम शेल्फ की अतिरिक्त गैस को North East Gas Grid के जरिए प्रोसेस और सप्लाई किया जा सकेगा।

Balkrishna Industries

ऑफ-हाईवे टायर बनाने वाली कंपनी Balkrishna Industries ने ₹550 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। कंपनी यह रकम प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए NCD जारी करके जुटाएगी।

Shilpa Medicare

फार्मा कंपनी Shilpa Medicare ने अमेरिका में Pemetrexed Injection की 27,923 वायल्स को स्वेच्छा से वापस मंगाने का फैसला किया है। कंपनी ने दवा के रंग में असामान्य बदलाव के कारण यह रिकॉल शुरू किया है।

Patanjali Foods: 59% रिटर्न दे सकता है ये FMCG स्टॉक, जेफरीज ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LPG Supply Plan: गैस संकट से बचने की तैयारी, सरकार ने हर रिफाइनरी के लिए तय की LPG प्रोडक्शन लिमिट

LPG Supply Plan: भारत सरकार ने पहली बार हर रिफाइनरी और कंपनी के लिए LPG प्रोडक्शन की अधिकतम सीमा तय कर दी है। इसका मकसद है कि अगर भविष्य में गैस सप्लाई पर संकट आए, तो देश में रसोई गैस की कमी न हो।

यह फैसला पश्चिम एशिया में हुए संघर्ष के बाद लिया गया है। उस दौरान आयात प्रभावित हुआ था और सरकार को आपातकालीन कदम उठाने पड़े थे।

13 अगस्त को पेट्रोलियम मंत्रालय ने 21 रिफाइनरियों और अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए कुल 63,810 टन प्रतिदिन LPG उत्पादन क्षमता तय की। यह देश की मौजूदा रोजाना खपत का करीब 70% है। तुलना करें तो FY26 में भारत का घरेलू उत्पादन सिर्फ 35,900 टन प्रतिदिन था।

रिलायंस को मिली सबसे बड़ी क्षमता

सरकार ने गुजरात के जामनगर स्थित Reliance Industries की घरेलू बाजार वाली रिफाइनरी के लिए सबसे ज्यादा 18,000 टन प्रतिदिन की क्षमता तय की है।

सरकारी तेल कंपनियों की 18 रिफाइनरियों को मिलाकर 31,470 टन प्रतिदिन की क्षमता मिली है। वहीं Nayara Energy की वाडिनार रिफाइनरी को 4,480 टन प्रतिदिन और ONGC व GAIL जैसी कंपनियों को मिलाकर 6,460 टन प्रतिदिन की क्षमता दी गई है।

सरकार को यह कदम क्यों उठाना पड़ा?

FY26 में भारत ने 3.32 करोड़ टन LPG की खपत की। इसमें घरेलू उत्पादन सिर्फ 1.31 करोड़ टन रहा। बाकी 2.13 करोड़ टन गैस बाहर से मंगानी पड़ी। यानी देश की 60% से ज्यादा जरूरत आयात पर टिकी रही।

ईरान संघर्ष के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई प्रभावित हुई थी। तब सरकार ने रिफाइनरियों से कहा था कि पेट्रोकेमिकल की बजाय ज्यादा LPG बनाएं। इससे उत्पादन बढ़कर करीब 55,000 टन प्रतिदिन तक पहुंच गया था।

अब हर संकट के लिए पहले से प्लान तैयार

नई व्यवस्था में सरकार जरूरत पड़ने पर रिफाइनरियों और तेल कंपनियों को तय समय के लिए उत्पादन बढ़ाने का आदेश दे सकेगी। कंपनियों को स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और सप्लाई की तैयारी भी पहले से रखनी होगी।

सरकार चाहती है कि रिफाइनरियां नई तकनीक अपनाकर और ज्यादा LPG निकालने के तरीके भी खोजें। इसके लिए नैफ्था को LPG में बदलने और रिफाइनरी यूनिट अपग्रेड करने जैसे विकल्पों पर काम करने को कहा गया है।

हर छह महीने में होगी समीक्षा

यह व्यवस्था एक बार बनाकर छोड़ नहीं दी जाएगी। सरकार हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को इस सूची की समीक्षा करेगी। नई रिफाइनरियां, गैस प्रोजेक्ट और बढ़ी हुई क्षमता इसमें जोड़ी जाएगी। इससे भविष्य में विदेशों से सप्लाई रुकने पर भी घरेलू गैस व्यवस्था संभालना आसान होगा।

Stocks to Watch: सोमवार 17 अगस्त को 20 शेयरों पर रहेगी नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Investment Mantra : एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड दे रहा एनर्जी कंपनियों में निवेश का सीधा मौका, जानिए क्या है खासियत

Investment Mantra : एनर्जी और सोना-चांदी दोनों इस वक्त बाजार के फोकस में हैं। एक तरफ जहां क्रूड में तेज उतार-चढ़ाव से एनर्जी सेक्टर सीधे रडार पर है और सोने-चांदी करेक्शन के बाद बुलियन सभी को लुभा रहा है। लेकिन क्या अभी एनर्जी और सोने-चांदी में निवेश का मौका है? यहां हम आपकी यही मुश्किल दूर करने की कोशिश करेंगे। लेकिन पहले हम आपको बता दें कि बाजार में इन दिनों Axis Nifty Energy Index Fund का NFO खुला हुआ है। क्या इसमें निवेश करके एनर्जी सेक्टर में एक्सपोजर बनाना चाहिए? इन्हीं सब बातों पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ हैं मनीफ्रंट (Moneyfront) के CEO और को-फाउंडर मोहित गर्ग।

आइए पहले जान लेते हैं निफ्टी एनर्जी इंडेक्स के बारे में

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स में एक्सपोजर की बात करें तो इसमें ऑयल एंड गैस, पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी इक्विपमेंट और एनर्जी से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स की खासियत यह है कि इसमें 500 में से अधिकतम 40 शेयरों पर फोकस है। किसी भी एक शेयर का वेटेज 10% से ज्यादा नहीं है। वहीं, किसी एक सेक्टर का वेटेज 25% से ज्यादा नहीं है। साल में दो बार मार्च और सितंबर में रीकंस्ट्रक्शन होता है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स:टॉप 10 होल्डिंग्स

इसकी कोल इंडिया में 10%, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 9.9%, ONGC में 9.5%, NTPC में 5.9%, GAIL में 4.9%, पावर ग्रिड में 4.6%, सुजलॉन एनर्जी में 4.2%, CG पावर में 3.9%, GE वर्नोवा में 3.6% और BHEL में 3.6% होल्डिंग है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स: इन सेक्टर्स में निवेश

हेवी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट में 25.5%, रिफाइनिंग में 15%, ऑयल एक्सप्लोरेशन में 11.8%, पावर जेनरेशन में 11.8% और कोल में 10% निवेश है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स: निवेश कटेगरी

इसका लार्जकैप 72%, मिडकैप में 23% और स्मॉलकैप में 6% निवेश है।

निफ्टी एनर्जी में रिटर्न जोरदार

निफ्टी एनर्जी ने 1 साल में 10.1% रिटर्न दिया है। जबकि, निफ्टी ने इसी अवधि में 1.7 फीसदी रिटर्न दिया है। इसने तीन साल में 18.8% रिटर्न दिया है। इसी अवधि में निफ्टी ने 12.9 फीसदी रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 16.7% और निफ्टी ने 12.4% रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 18.7% और निफ्टी ने 13.9% रिटर्न दिया है। 25 साल में इसने 17.8% और निफ्टी ने 16.5% रिटर्न दिया है।

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड को जाने

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड एक इक्विटी इंडेक्स फंड है। इसका बेंचमार्क निफ्टी एनर्जी TRI है। इसका NFO खुला 7 अगस्त को खुला है जो 21 अगस्त को बंद होगा। इसमें न्यूनतम 100 रुपए का निवेश किया जा सकता है। इसका NFO NAV 10 रुपए है। इसमें रिस्क काफी हाई है। इस फंड मैनेजर्स नंदिक मलिक और रोहित गौतम हैं। एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड का एक्जिट लोड 15 दिन के भीतर 0.25% और 15 दिन के बाद निल है।

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड: एनर्जी में बड़ा मौका

अगले दशक में भारत में 580+ GW पावर जेनरेशन का अनुमान है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी की बड़ी हिस्सेदारी होगी। अगले दशक में ट्रांसमिशन,स्टोरेज,नेचुरल गैस इंफ्रा में निवेश बढ़ेगा। अगले दशक में ग्रिड मॉडर्नाइजेशन में भी निवेश बढ़ेगा।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Share Market Fall: निफ्टी में लगातार चौथे दिन गिरावट, सेंसेक्स 71 अंक टूटा; निवेशकों की दौलत ₹1.97 लाख करोड़ घटी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त को बिकवाली का आलम रहा। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सेंसेक्स 70.71 अंकों की गिरावट के साथ 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंकों की गिरावट के साथ 24,366 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.97 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 395.66 अंक तक टूटकर 77,684.37 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 99 अंक तक टूटकर 24,296.80 के लो तक गया। निफ्टी में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट रही।

गुरुवार, 13 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,13,560.799 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,92,16,152.08 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 1,97,408.719 करोड़ रुपये की कमी।

मार्केट बंद होने पर NSE पर अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और ICICI Bank टॉप गेनर रहे। दूसरी ओर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, एशियन पेंट्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को कारोबार के अंतिम घंटे में हुई बाइंग से सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत टूटकर 24,395.85 पर बंद हुआ था। BSE मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.35 प्रतिशत का लाभ रहा।

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वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में हेंग सेंग, SET कंपोजिट और ताइवान वेटेड में गिरावट है। वहीं कॉस्पी, निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट बढ़त में हैं। यूरोपीय बाजार हरे निशान में हैं। अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

रुपये में आई 3 पैसे की मजबूती

विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर के कमजोर रुख के बीच रुपया शुक्रवार को 3 पैसे की बढ़त के साथ 95.42 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये पर दबाव बना रहा। रुपया गुरुवार को 12 पैसे की गिरावट के साथ 95.45 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए हैं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 70.71 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंक या 0.12 प्रतिशत गिरकर 24,366 पर बंद हुआ। आज लगभग 1855 शेयरों में बढ़त हुई,2244 शेयरों में गिरावट आई और 174 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल्स,भारती एयरटेल,अदाणी एंटरप्राइजेज,अदाणी पोर्ट्स और विप्रो शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल,जियो फाइनेंशियल,ONGC,हिंडाल्को और SBI शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो,एनर्जी,FMCG,मेटल,फार्मा और रियल्टी में 0.3-1% की गिरावट आई,जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मीडिया में लगभग 1% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज मार्केट में कम उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशक की नजर एनर्जी की कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड के आउटलुक पर लगी हुई है। हालांकि,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और डिस्क्रिशनरी कंजम्पशन स्टॉक्स की अगुवाई में मार्केट दिन के निचले स्तरों से रिकवरी हुआ, जिसे बेहतर डिमांड ट्रेंड्स का भी सपोर्ट मिला।

इस तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजों और घरेलू सपोर्टिव फैक्टर्स(जिनसे FY27 के अर्निंग अनुमानों में बढ़ोतरी हो सकती है) की वजह से बॉटम-अप स्टॉक सिलेक्शन अप्रोच के लिए मौके बन रहे हैं।

इसके अलावा,रुपये में स्थिरता,भारत की 10-साल की बॉन्ड यील्ड में गिरावट और FII की खरीदारी में धीरे-धीरे सुधार से घरेलू मैक्रो-एनवायरनमेंट को सपोर्ट मिल रहा है और महंगाई की स्थिति भी बेहतर हो रही है।

17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी में एक और दिन सुस्त ट्रेडिंग देखने को मिली। ट्रेडर्स वीकेंड से पहले किसी खास दिशा में पोजीशन लेने से बचते दिखे। निफ्टी थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ,लेकिन 20EMA के ठीक ऊपर रहा और मोटे तौर पर अपनी शॉर्ट-टर्म मजबूती बनाए रखने में कामयाब रहा।

मोमेंटम इंडिकेटर RSI और कमजोर होने लगा है और बेयरिश क्रॉसओवर ओवरसोल्ड जोन की ओर बढ़ रहा है। कुल मिलाकर,सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है और 24,180 के स्तर तक और गिरावट की संभावना है। ऊपरी स्तर पर 24,400 का लेवल निफ्टी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड ,सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24500-24550 के जोन में नजर आ रहा है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 24700 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 24850 तक जा सकता है। नीचे की तरफ,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24230-24200 के जोनन में है,जो 100 डे EMA के लेवल के पास ही है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि शुक्रवार को मार्केट में एक छोटे दायरे में उतार-चढ़ाव और कंसोलिडेशन का दौर जारी रहा। अंत में निफ्टी 29 अंक गिरकर बंद हुआ। ओवरऑल चार्ट पैटर्न से पता चलता है कि पिछले 9 सेशन से मार्केट में धीरे-धीरे कमजोरी बढ़ती जा रही है।

पिछले हफ्ते हाई लेवल पर डोजी टाइप का वीकली पैटर्न बनने के बाद इस हफ्ते निफ्टी के वीकली चार्ट पर एक साफ नेगेटिव कैंडल बनी है। यह 24500-24600 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के पास ऊपर की ओर एक फॉल्स ब्रेकआउट का संकेत है।

पिछले कुछ महीनों में लगातार हायर बॉटम बनते हुए देखे गए हैं। अभी दिख रही कमजोरी नए हायर बॉटम बनने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। इसलिए,आने वाले सेशन में कुछ और कंसोलिडेशन की संभावना है। अगर यहां से और कमजोरी आती है तो निफ्टी जल्द ही 24200-24000 के अगले निचले सपोर्ट लेवल तक गिर सकता है। फिलहाल 24500 के लेवल पर तत्काल रेजिस्टेंस दिख रहा है।

बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह ने कहा बैंक निफ्टी ने शुरुआती कमजोरी को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाई,लेकिन 57,681 के आसपास उसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और फिर यह नीचे गिरकर 57,380 के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गया। सेशन के दूसरे हिस्से में निचले स्तरों से आई रिकवरी ने इंडेक्स को अपने शुरुआती नुकसान की कुछ भरपाई करने में मदद की और बैंक निफ्टी 0.25% की गिरावट के साथ 57,491 पर बंद हुआ।

इंडेक्स ने दोनों तरफ विक्स वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। फ्लैट RSI और ADX मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम और उतार-चढ़ाव की कमी का संकेत देते हैं,जिससे पता चलता है कि इंडेक्स अभी भी कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे की बात करें तो बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी का यह पुलबैक 58400 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58800 तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 के जोन में है।

 

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ONGC New Chairman: आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों ने किया आवेदन, लिस्ट में Oil India के CMD रंजीत रथ भी

सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) का पद जल्द खाली होने वाला है। ऐसे में इस पद के लिए आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों ने आवेदन किया है। इनमें ऑयल इंडिया लिमिटेड के प्रमुख (सीएमडी) रंजीत रथ भी शामिल हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 54 साल के रथ लगातार दूसरे वर्ष ONGC में टॉप पोजिशन पाने की दौड़ में शामिल हुए हैं। रथ अगस्त, 2022 से ऑयल इंडिया का नेतृत्व कर रहे हैं।

रथ पिछले साल भी ONGC प्रमुख के पद के लिए चुने गए उम्मीदवारों की सूची में शामिल थे, लेकिन सरकार ने ONGC के मौजूदा चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया था। अब सिंह का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को खत्म हो रहा है। लिहाजा यह पद 7 दिसंबर को खाली हो जाएगा।

बता दें कि सरकार ने ONGC के सीएमडी पद के लिए अधिकतम आयु सीमा समेत पात्रता संबंधी मानदंडों में ढील दी है। इसके तहत अधिकतम उम्र सीमा को बढ़ाकर 59 साल कर दिया गया है। साथ ही अब चुने गए उम्मीदवार को 3 साल का फिक्स्ड टर्म दिया जाएगा, जिसे और 2 साल बढ़ाया जा सकता है। ONGC भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी है।

आवेदन करने वालों में और कौन

ONGC के सीएमडी पद के लिए आवेदन करने वालों में ONGC विदेश लिमिटेड (OVL) के मैनेजिंग डायरेक्टर राजर्षि गुप्ता भी शामिल हैं। सरकार द्वारा अधिकतम आयु सीमा 59 वर्ष किए जाने के बाद वह इस पद के लिए पात्र हुए हैं। गुप्ता जुलाई, 2027 में रिटायर होने वाले हैं और इस पद के लिए आवेदन करने वाले इंटर्नल कैंडिडेट्स में सबसे वरिष्ठ हैं। पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि ONGC के प्रौद्योगिकी एवं क्षेत्रीय सेवाओं के डायरेक्टर विक्रम सक्सेना, रणनीति एवं कॉरपोरेट मामलों के डायरेक्टर सत्यम कुमार और OVL के ऑपरेशंस के डायरेक्टर दुलाल हलदर ने भी ONGC के सीएमडी पद के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा इस दौड़ में MRPL के डायरेक्टर (फाइनेंस) देवेंद्र कुमार और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के मार्केटिंग डायरेक्टर एस.पी. श्रीवास्तव भी शामिल हैं।

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सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी करेगी कैंडिडेट का चुनाव

ONGC की ओर से दिए गए विज्ञापन के अनुसार, सीएमडी पद के लिए उम्मीदवारों की उम्र पद खाली होने की तारीख यानि 7 दिसंबर, 2026 को 59 साल या उससे ज्यादा नहीं होनी चाहिए। चुने गए उम्मीदवार को शुरू में 3 साल के लिए नियुक्त किया जाएगा और परफॉर्मेंस रिव्यू के बाद उनके कार्यकाल को 2 साल और बढ़ाया जा सकता है। 60 साल की उम्र के बाद कोई भी नौकरी या कार्यकाल का विस्तार कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर होगा। कैंडिडेट का सिलेक्शन सामान्य PESB सिलेक्शन प्रोसेस के बजाय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से गठित एक सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी द्वारा किया जाएगा।