Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Stock Market Live Update: सोमवार को आई तेजी के बाद, आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी वाले सेशन में बुल्स (तेजी की उम्मीद रखने वाले) उम्मीद के साथ शुरुआत कर रहे हैं। हालांकि मार्केट का मिज़ाज अभी भी ‘तेजी पर बिकवाली’ (sell-on-rallies) वाला ही है, फिर भी बुल्स लगातार दूसरे दिन अपनी बढ़त को आगे बढ़ाने और ऊपर की तरफ़ 22,800 के लेवल के करीब पहुंचने की कोशिश करेंगे।

रात भर में तेल की कीमतें तो कम हुईं, लेकिन बॉन्ड यील्ड ऊंचे लेवल पर बनी हुई है। IT शेयरों पर नज़र रहेगी क्योंकि ग्लोबल लेवल पर AI ट्रेड में खरीदार मिल रहे हैं और नैस्डैक ने रात भर में रिकॉर्ड ऊंचाई छुई है। निफ्टी के लिए सोमवार का हाई लेवल 22,621 पार करना बुल्स के लिए पहला टारगेट होगा, जबकि 22,350 – 22,400 ज़ोन के बीच सपोर्ट मिल सकता है।

दोनों इंडेक्स में ज़्यादा मजबूत निफ्टी बैंक को भी 55,000 के लेवल के ऊपर दबाव का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह HDFC बैंक का खराब प्रदर्शन था, लेकिन बुल्स ऊपर की तरफ 55,000 – 55,200 ज़ोन को फिर से टेस्ट करने की कोशिश करेंगे, साथ ही 54,350 – 54,500 ज़ोन के बीच सपोर्ट की तलाश करेंगे।

बिज़नेस अपडेट्स आ रहे हैं और कोटक, एक्सिस, इंडसइंड जैसे और भी बैंकिंग शेयर इन पर प्रतिक्रिया देंगे। हालांकि, Q2 में 23% रेवेन्यू ग्रोथ के बाद ट्रेंट (Trent) पर नज़र रखने लायक शेयर हो सकता है।

 

HDFC Bank में आ सकती है जोरदार तेजी! Emkay ने 74% तक उछाल का अनुमान दिया

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank के शेयर में सोमवार को दबाव रहा। शुरुआती तेजी के बावजूद शेयर 2% से ज्यादा गिरकर ₹704.55 पर बंद हुआ। इस बीच Emkay Research ने बैंक के शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने ₹1,225 का टारगेट दिया है। यानी मौजूदा भाव से करीब 74% की तेजी की गुंजाइश है।

ब्रोकरेज का कहना है कि लंबे समय तक कमजोर प्रदर्शन के बाद HDFC Bank का वैल्यूएशन अब आकर्षक दिख रहा है। अगर नए नेतृत्व में कारोबार सुधरता है और FPI आउटफ्लो कम होता है, तो शेयर में री-रेटिंग हो सकती है।

नेतृत्व का संकट अब पीछे

HDFC Bank में नेतृत्व को लेकर बना लंबा असमंजस अब खत्म हो गया है। RBI ने 1 अक्टूबर को अनूप बागची को बैंक का नया MD और CEO बनाने की मंजूरी दी थी। उनका तीन साल का कार्यकाल 27 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा।

Emkay का मानना है कि बागची की नियुक्ति से बैंक के निवेशकों और ग्राहकों का भरोसा लौट सकता है। बागची का ICICI Bank Group में लंबा अनुभव रहा है। उनका नेतृत्व का तरीका ज्यादा दखल देने वाला नहीं है। वह बड़े रणनीतिक मुद्दों पर फोकस करते हैं और टीम को काम करने की आजादी देने में भरोसा रखते हैं।

HDFC Bank के लिए टारगेट

ब्रोकरेजरेटिंगटारगेट प्राइस
संभावित तेजी

Emkay ResearchBuy₹1,22574%
Motilal OswalBuy₹92531%
PL CapitalBuy₹95035%
ICICI SecuritiesBuy₹92030.60%

अब बैंक के सामने क्या चुनौती है?

नए MD के सामने कई अहम काम होंगे। सबसे पहले वरिष्ठ प्रबंधन में स्थिरता लानी होगी। इसके साथ ही डिपॉजिट ग्रोथ को फिर रफ्तार देनी होगी।

नई ब्रांचों की प्रोडक्टविटी सुधारना भी जरूरी होगा। बैंक को टेक्नोलॉजी और डिजिटल क्षमता मजबूत करनी होगी। इसके अलावा मिस-सेलिंग जैसे पुराने मामलों से जुड़े प्रोसेस में भी सुधार करना होगा।

लोन और डिपॉजिट ग्रोथ पर नजर

Emkay को HDFC Bank के कारोबार में आगे सुधार की उम्मीद है। ब्रोकरेज ने FY27 में लोन ग्रोथ 16% और डिपॉजिट ग्रोथ 17.1% रहने का अनुमान लगाया है। FY28 और FY29 में लोन ग्रोथ 18% रहने का अनुमान है।

FY27 में बैंक का नेट प्रॉफिट करीब ₹86,189 करोड़ रहने का अनुमान है। इसके बाद FY28 में यह करीब ₹99,738 करोड़ और FY29 में करीब ₹1.22 लाख करोड़ पहुंच सकता है।

HDFC बैंक पर बाकी ब्रोकरेज की राय

मोतीलाल ओसवाल ने भी HDFC Bank पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। इसके साथ ही ₹925 का टारगेट प्राइस दिया है। यह 31.3% की तेजी की संभावना दिखाता है।

HDFC Bank के लिए PL Capital ने टारगेट प्राइस ₹950 रखा है, जो करीब 34.9% की तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, अब बैंक के सामने बैलेंस शीट ग्रोथ, डिपॉजिट, NIM और क्रेडिट कॉस्ट से जुड़ी चुनौतियों को बेहतर करने की जिम्मेदारी होगी।

ICICI Securities ने ₹920 का टारगेट दिया है। यह टारगेट करीब 30.6% की तेजी दिखाता है। रिपोर्ट में बागची की नियुक्ति को बैंक के लिए नया दौर शुरू होने वाला कदम बताया गया है।

HDFC Bank के शेयरों का हाल

HDFC बैंक का शेयर सोमवार को 2.31% की गिरावट के साथ 704.55 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शुरुआत हरे निशान में हुई और स्टॉक पिछले बंद स्तर से करीब 2% उछल गया। लेकिन फिर मुनाफावसूली हावी हो गई।

पिछले 6 महीने में स्टॉक 8.62% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 27% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। बैंक का मार्केट कैप 5.40 लाख करोड़ रुपये है।

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Market Outlook : बाजार ने लगातार 4 दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा, जानिए 6 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 5 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने लगातार 4 दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और निफ्टी 22,500 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 472.77 अंक या 0.66 प्रतिशत बढ़कर 72,382.47 पर और निफ्टी 133.80 अंक या 0.60 प्रतिशत बढ़कर 22,555.75 पर बंद हुआ। आज लगभग 1991 शेयरों में बढ़त हुई, 2297 शेयरों में गिरावट आई और 216 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

आज बाजार की शुरुआत अच्छी रही,लेकिन बाद में वित्त मंत्री सीतारमण के इस बयान के बाद कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की बातचीत अटक गई है, बाजार में गिरावट आई। भारत के साथ व्यापार संबंधों में अमेरिका ट्रेड डेफिसिट का सामना कर रहा है, इसलिए वह इस असंतुलन को कम करने और पिछले कई सालों के असंतुलन की भरपाई करने की पूरी कोशिश कर रहा है।

आज RBI की बैठक शुरू होने और फरवरी 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद के कारण VIX ऊंचे स्तर पर रहा। VIX आज 1.73% ऊपर बंद हुआ।

बैंक निफ्टी पर सबकी नजर रही क्योंकि HDFC बैंक, यस बैंक, RBL बैंक और AU बैंक समेत लगभग 11 बैंकों ने अपने Q2FY27 के प्रोविज़नल नतीजे जारी किए हैं। यह इंडेक्स 0.48% ऊपर बंद हुआ। इस तेजी में AU बैंक, फेडरल बैंक और PNB का योगदान सबसे ज़्यादा रहा। जबकि HDFC बैंक और कोटक बैंक में गिरावट रही।

Bizom के डेटा से पता चलता है कि भारत के FMCG बाज़ार में Q2FY27 के दौरान वैल्यू में 8.6% की बढ़ोतरी हुई,जो पिछले छह क्वार्टर में सबसे ज्यादा ग्रोथ रेट है (Q1 में यह 6.8% थी)। इसी वजह से आज FMCG इंडेक्स में तेजी रही। यह इंडेक्स 1.8% ऊपर बंद हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस और एनटीपीसी शामिल रहे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, मैक्स हेल्थकेयर, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल रहे।

फार्मा को छोड़कर अन्य सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इनमें कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी, मीडिया, इंफ्रा, ऑयल एंड गैस, पीएसयू बैंक, टेलीकॉम और रियल्टी में 0.5-2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि अमेरिका में उम्मीद से कमजोर जॉब डेटा और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण बाजार में रिकवरी देखी गई। इससे उन निवेशकों को कुछ राहत मिली जो निकट भविष्य में ब्याज दरों में बढ़त के डर से ग्रस्त थे। हालांकि,असल आर्थिक विकास और बाजार के प्रदर्शन के बीच अंतर के कारण निवेशक अब कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और करेंसी से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रख रहे हैं।

अब सबकी नज़रें RBI के पॉलिसी और आने वाले अर्निंग्स सीजन पर टिकी हैं। बाजार को पहले से ही 25-bps की दर बढ़ोतरी की उम्मीद है। बाजार एक अहम मोड़ पर है। रिवर्सल की संभावना है। हालांकि,मौजूदा जोखिम से बचने का सेंटीमेंट निवेशकों को तब तक मुनाफा वसूलने के लिए प्रेरित कर सकता है जब तक कि कोई नया ट्रिगर सामने न आए।

SBI सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि सोमवार को निफ्टी मामूली गैप-अप के साथ खुला और लगभग 223 पॉइंट्स के दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ ट्रेड किया। इससे पता चलता है कि पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद भी वोलैटिलिटी बनी हुई है। इंडेक्स हाल के दायरे के निचले स्तर के पास ही ट्रेड करता रहा। डेली चार्ट पर निफ्टी ने ऊपर और नीचे की विक्स (wicks) वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता और जारी मंदी के दौर में ठहराव को दिखाती है। इंडेक्स 0.60% ऊपर बंद हुआ जो शुरुआती खरीदारी में भागीदारी का संकेत है। हालांकि,बाजार की दिशा में किसी बड़े बदलाव के लिए लगातार खरीदारी के साथ जोरदार रिकवरी की जरूरत है।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी अभी भी अपने 20-दिन और 50-दिन के EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है। RSI 30 से नीचे बना हुआ है, जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे लगातार नीचे की ओर झुका हुआ है जो बताता है कि पुलबैक में कोई खास तेजी नहीं है। ADX लगातार बढ़ रहा है,जिससे संकेत मिलता है कि मंदी का ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है।

आगे 22400–22380 का जोन सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह जोन निर्णायक रूप से टूटता है,तो 22220 की तरफ बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है। यह स्तर 1 अक्टूबर के निचले स्तर के आसपास है। ऊपर की तरफ़,22700–22720 तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस जोन के ऊपर लगातार बढ़त बनी रहती है तो 22850 की तरफ एक रिलीफ रैली आ सकती है। हालांकि,जब तक लगातार खरीदारी का जोर नहीं दिखता तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर कमजोर ही रहेगा।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी 0.48% ऊपर बंद हुआ और पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में इसने लगभग 975 अंकों की रिकवरी की है,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। हालांकि,जब तक लगातार खरीदारी नहीं होती, तब तक बड़ा ट्रेंड सतर्क रहने का है। इंडेक्स ने डेली चार्ट पर लगातार दो न्यूट्रल कैंडल बनाई हैं। लेटेस्ट कैंडल की बॉडी छोटी है और उसमें ऊपर और नीचे विक्स (wicks) हैं,जो अनिश्चितता और जारी बिकवाली के ट्रेंड में ठहराव का संकेत हैं। आगे चलकर,54200–54100 का जोन सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह जोन टूटता है तो 53600 की ओर फिर से बिकवाली शुरू हो सकती है। ऊपर की तरफ, 55200–55300 एक तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है अगर इस जोन के ऊपर लगातार मूवमेंट बना रहता है तो पुलबैक 55800 तक बढ़ सकता है।

 

 

Nykaa Share Price : शानदार अपडेट के बाद 5% भागा शेयर, ब्रोकरेज से जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty दे रहा गैप-अप ओपनिंग के संकेत, क्या HDFC बैंक और IT आज संभालेंगे बाजार की कमान

Gift Nifty Indicator: 5 अक्टूबर को भारतीय बाजार में गैप-अप ओपनिंग की संभावना है, क्योंकि GIFT Nifty 140 अंक ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसे US में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी (monetary tightening) को लेकर कम होती चिंताओं और तेल की कीमतों में गिरावट से सहारा मिल रहा है।

5 अक्टूबर को सुबह 7:47 बजे, GIFT Nifty 143 अंक ऊपर 22,633.5 पर ट्रेड कर रहा था। पिछले हफ्ते Nifty 50 और Sensex दोनों में लगातार आठवीं बार साप्ताहिक गिरावट देखी गई। इस गिरावट के पीछे विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेज़ बढ़ोतरी जैसे कारण थे, जिन्होंने रिस्क लेने की क्षमता को कम कर दिया।

संभावित गैप-अप ओपनिंग के पीछे ये चार मुख्य कारण हैं

1) कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

सोमवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई। मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल के बढ़ते एक्सपोर्ट और G7 देशों द्वारा तेल स्टॉक जारी करने से सप्लाई बढ़ रही है, जबकि ईरान युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र में तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और नुकसान की चिंताएं बनी हुई हैं।

0115 GMT तक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 35 सेंट या 0.34% गिरकर $101.90 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $90.49 प्रति बैरल पर था, जिसमें 62 सेंट या 0.68% की गिरावट आई।

पिछले हफ्ते ब्रेंट ने अपनी ज़्यादातर बढ़त गंवा दी थी, जबकि WTI 1.6% नीचे था। यह गिरावट तब आई जब शुक्रवार को G7 देशों ने इमरजेंसी रिज़र्व से 100 मिलियन बैरल डीज़ल और कच्चा तेल जारी करने पर सहमति जताई और US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद एनर्जी एक्सपोर्ट पर पाबंदियां न लगाने का वादा किया।

2) Accenture के Q4 नतीजे

1 अक्टूबर को Accenture के शेयरों में 22% की ज़बरदस्त उछाल आई, जो उनके लिए अब तक का सबसे अच्छा दिन साबित हुआ। कंपनी ने उम्मीद से बेहतर सालाना रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया, जिससे IT कंसल्टिंग बिज़नेस की मज़बूती का पता चला। इस बिज़नेस पर AI-आधारित बदलावों (disruption) की चिंताओं का असर पड़ा था।

इस आउटलुक से पता चला कि ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनियाँ उन कंपनियों की मज़बूत मांग का फायदा उठा रही हैं जो जटिल कामों को ऑटोमेट करने और AI को अपनाने में मदद के लिए बाहरी टेक्नोलॉजी पार्टनर की तलाश कर रही हैं। इससे इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी तेज़ी आई। कॉग्निजेंट के शेयरों में लगभग 8% और IBM में लगभग 3% की बढ़त हुई। भारतीय प्रतिद्वंद्वियों विप्रो और इंफोसिस के ADRs में भी 6% से 7% के बीच बढ़त देखी गई।

3) ग्लोबल स्तर पर सकारात्मक संकेत

सोमवार को एशिया में शेयरों की शुरुआत मजबूत रही, जबकि डॉलर में थोड़ी गिरावट आई और बॉन्ड की कीमतें स्थिर रहीं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उम्मीद से कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा के बाद निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा आक्रामक पॉलिसी टाइटनिंग साइकिल (ब्याज दरें बढ़ाने की प्रक्रिया) पर अपनी उम्मीदें कम कर दीं।

चीन, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में छुट्टियों के कारण एशिया में ट्रेडिंग कम रही, जिससे बाजारों को शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट की चालों से संकेत लेने पड़े।

पिछले हफ्ते के डेटा से पता चला कि सितंबर में अमेरिका में जॉब ग्रोथ उम्मीद से ज्यादा धीमी रही और पिछले दो महीनों के नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों में भारी कटौती की गई, जिससे इस महीने फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना लगभग खत्म हो गई।

CME फेडवॉच टूल के अनुसार, निवेशक अब इस महीने फेड द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना केवल 22% मान रहे हैं, जबकि एक हफ्ते पहले यह संभावना 64% थी।

इस महीने फेड द्वारा दरें न बढ़ाने (पॉज़) की बढ़ती संभावना से जापान के निक्केई में सत्र की शुरुआत में 2% की बढ़त हुई, जबकि ऑस्ट्रेलियाई शेयरों में 0.5% की बढ़ोतरी हुई और जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.15% की बढ़त दर्ज की गई।

4) HDFC बैंक को नया CEO मिला

देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने अनूप बागची को तीन साल के लिए अपना अगला चीफ एग्जीक्यूटिव (CEO) नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब कोई बाहरी व्यक्ति इस संस्थान का नेतृत्व करेगा।

55 वर्षीय बागची, शशिधर जगदीशन की जगह लेंगे। जगदीशन ने अगस्त में फैसला किया था कि 26 अक्टूबर को उनका दूसरा तीन साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद वे दोबारा नियुक्ति नहीं चाहेंगे, जिससे उत्तराधिकार की एक अनियोजित और तेज प्रक्रिया शुरू हो गई।

वे ऐसे समय में कार्यभार संभाल रहे हैं जब मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देश का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं और धीमी परफॉर्मेंस से जूझ रहा है।

नए CEO की घोषणा के बाद HDFC बैंक के ADR शेयरों में लगभग 5% की बढ़त हुई।

टेक्निकल आउटलुक

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के फाउंडर गौरव उदाणी ने कहा “निफ्टी के लगभग 115 अंक ऊपर, यानी 22,535 के आसपास खुलने की उम्मीद है, जो एक मजबूत गैप-अप शुरुआत का संकेत है। हाल की कमजोरी और इंडेक्स के अहम 22,500 ज़ोन के आसपास बंद होने के बाद, यह रिकवरी उत्साहजनक है, लेकिन बढ़त को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

“तत्काल सपोर्ट 22,450–22,500 के आसपास है, जबकि 22,750–22,850 पहला रेजिस्टेंस ज़ोन होगा। अगर निफ्टी 22,850 के ऊपर बना रहता है, तो रिकवरी 23,000 की ओर बढ़ सकती है। हालांकि, मैं शुरुआती चाल के पीछे भागने से बचूंगा और इसके बजाय गिरावट पर खरीदारी के मौके तलाशूंगा, बशर्ते इंडेक्स अहम सपोर्ट ज़ोन को बनाए रखे। व्यापक ट्रेंड सतर्कता वाला बना हुआ है, और निकट अवधि के सेटअप में सार्थक सुधार के लिए 23,050 के ऊपर लगातार बने रहना जरूरी होगा। तब तक, उतार-चढ़ाव और इंट्राडे में अचानक बड़े बदलावों से इनकार नहीं किया जा सकता है।”

 

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GST नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी! टैक्स मामलों में गिरफ्तारी का अधिकार खत्म करने पर विचार, जेल की सजा भी घट सकती है

GST Council: आगामी GST काउंसिल की मीटिंग में GST के तहत होने वाले अपराधों को डीक्रिमिनलाइज करने पर चर्चा होगी। इसमें एक बड़ा मुद्दा गिरफ्तारी का भी है। सूत्रों के मुताबिक, काउंसिल इस बात पर विचार करेगी कि टैक्स अधिकारियों के पास गिरफ्तारी का मौजूदा अधिकार रखा जाए या नहीं।

अभी GST कानून के तहत कमिश्नर को गिरफ्तारी की मंजूरी देने का अधिकार है। यह अधिकार CGST Act की सेक्शन 69 में दिया गया है। इसके तहत कुछ गंभीर मामलों में कार्रवाई हो सकती है।

इनमें फर्जी इनवॉइस बनाना, गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC लेना, फर्जी रिफंड लेना और जानबूझकर टैक्स चोरी करना शामिल है। ऐसे अपराधों का जिक्र सेक्शन 132 में है।

GST में गिरफ्तारी का प्रावधान हट सकता है

सूत्रों के मुताबिक, अब GST कानून में गिरफ्तारी के अलग प्रावधान को ही हटाने पर विचार हो रहा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो GST जांच के दौरान अधिकारी सेक्शन 69 के तहत किसी टैक्सपेयर को गिरफ्तार नहीं कर सकेंगे।

यह सुझाव GST काउसिंलग की लॉ कमेटी ने दिया है। कमेटी ने GST से जुड़े अपराधों को डीक्रिमिनलाइज करने को लेकर कई सुझाव दिए हैं।

GST काउंसिल की लॉ कमेटी में केंद्र और राज्यों के अधिकारी शामिल हैं। यह कमेटी GST कानूनों के प्रावधानों की समीक्षा करती है। इसके बाद यह GST काउंसिल को कानूनी बदलाव और जरूरी स्पष्टीकरण की सिफारिश करती है।

धोखाधड़ी पर कार्रवाई खत्म नहीं होगी

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि गिरफ्तारी का प्रावधान हटाने का मतलब यह नहीं है कि जानबूझकर की गई धोखाधड़ी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

Khaitan & Co के पार्टनर ओंकार शर्मा ने कहा कि अगर मामले के तथ्य इसकी जरूरत दिखाते हैं, तो BNS समेत सामान्य आपराधिक कानूनों के तहत क्रिमिनल प्रॉसिक्यूशन किया जा सकता है।

शर्मा के मुताबिक, इस प्रस्ताव का मकसद टैक्स प्रशासन और टैक्स वसूली को किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से अलग करना है।

5 करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ हो सकती है सीमा

लॉ कमेटी ने मुकदमा शुरू करने की मौद्रिक सीमा बढ़ाने की भी सिफारिश की है। अभी GST कानून में 5 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की टैक्स चोरी या गलत तरीके से लिए गए ITC पर मुकदमा चलाया जा सकता है।

अब इस सीमा को बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। यानी अगर किसी मामले में टैक्स चोरी या गलत तरीके से लिए गए ITC की रकम 10 करोड़ रुपये से कम है, तो ऐसे मामलों में मुकदमा शुरू करने के नियम बदले जा सकते हैं।

कुछ अपराधों में जेल की सजा भी घट सकती है

कमेटी ने कुछ GST अपराधों में जेल की सजा कम करने की भी सिफारिश की है। अभी CGST Act की Section 132 के तहत सजा का प्रावधान अपराध की रकम के हिसाब से अलग-अलग है।

5 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा के GST अपराध में अधिकतम 5 साल की जेल हो सकती है। वहीं, 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये के अपराध में अधिकतम 3 साल की जेल का प्रावधान है। इसी तरह 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये के अपराध में अधिकतम 1 साल की जेल हो सकती है।

लॉ कमेटी ने इन मामलों में जेल की अवधि कम करने की सिफारिश की है। अब GST काउंसिल की बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

Stocks to Watch: 5 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 20 स्टॉक्स, IREDA, RVNL से लेकर HDFC बैंक तक शामिल

YES Bank Q2 Update: यस बैंक का लोन 24% बढ़ा, डिपॉजिट में भी तगड़ा उछाल; फोकस में रहेगा स्टॉक

YES Bank Q2 Update: प्राइवेट बैंक YES Bank ने सितंबर तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया है। बैंक का लोन और एडवांस 30 सितंबर 2026 तक 3,09,675 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर इसमें 8.6% की बढ़त हुई। वहीं सालाना आधार पर लोन 23.8% बढ़ा है।

डिपॉजिट भी बढ़ा

यस बैंक के डिपॉजिट 30 सितंबर तक 3,54,084 करोड़ रुपये पहुंच गए। तिमाही आधार पर इसमें 12.3% की बढ़ोतरी हुई। सालाना आधार पर डिपॉजिट 19.5% बढ़ा है। एक साल पहले यह 2,96,276 करोड़ रुपये था।

CASA डिपॉजिट में बढ़त

बैंक का CASA यानी करंट और सेविंग अकाउंट डिपॉजिट 1,06,255 करोड़ रुपये रहा। जून तिमाही में यह 1,03,233 करोड़ रुपये था। साल भर पहले यह 99,708 करोड़ रुपये था। हालांकि, CASA रेश्यो घटकर 30% रह गया, जो जून में 32.7% और एक साल पहले 33.7% था।

सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट बढ़ा

YES Bank के सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट 30 सितंबर तक 11,382 करोड़ रुपये रहे। जून तिमाही में यह आंकड़ा 6,604 करोड़ रुपये था। यानी इसमें भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो घटा

बैंक का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो 87.5% रहा। पिछली तिमाही में यह 90.4% था। एक साल पहले यह 84.5% था। वहीं, कंसोलिडेटेड आधार पर औसत लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो 131.4% रहा।

नॉर्मलाइज्ड लोन ग्रोथ 3.3%

FCNR(B) डिपॉजिट और उससे जुड़े विदेशी मुद्रा टर्म लोन को हटाने पर लोन ग्रोथ 3.3% रही। पिछली तिमाही में यह 17.7% थी। इसी तरह, नॉर्मलाइज्ड डिपॉजिट ग्रोथ 6.5% रही, जो पिछली तिमाही में 13.2% थी।

नॉर्मलाइज्ड CASA रेश्यो

FCNR(B) को हटाने के बाद CASA रेश्यो 31.7% रहा। जून तिमाही में यह 32.8% और एक साल पहले 33.7% था। नॉर्मलाइज्ड क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो 83.2% रहा। पिछली तिमाही में यह 90.4% था।

FCNR(B) को लेकर बैंक की सफाई

बैंक ने बताया कि नॉर्मलाइज्ड आंकड़ों में कुछ FCNR(B) डिपॉजिट शामिल नहीं किए गए हैं। ये डिपॉजिट RBI की रियायती USD/INR फॉरेक्स स्वैप सुविधा के तहत जुटाए गए थे। इनसे जुड़े विदेशी मुद्रा टर्म लोन को भी आंकड़ों से अलग रखा गया है।

30 सितंबर और 30 जून 2026 के आंकड़ों को बकाया FCNR(B) डिपॉजिट और संबंधित लोन के हिसाब से एडजस्ट किया गया है। वहीं, 30 सितंबर 2025 के आंकड़ों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

यस बैंक के शेयरों का हाल

1 अक्टूबर को YES Bank का शेयर 1.19% की गिरावट के साथ 20.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 14.05% चढ़ा है। हालांकि, एक साल के दौरान इसमें 5.61% की गिरावट आई है। यस बैंक का मार्केट कैप 64.95 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank News: अनूप बागची के MD और CEO बनने से निवेशक खुश, HDFC बैंक का ADR 5% उछला

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC बैंक के ADR में करीब 5% की तेजी आई। RBI ने अनूप बागची को बैंक का नया MD और CEO बनाने की मंजूरी दे दी है। इसकी वजह से HDFC बैंक के ADR में तेजी दिखी है। यह अमेरिका में ट्रेड होने वाली सिक्योरिटीज हैं, जो HDFC Bank के भारतीय शेयरों को रिप्रेजेंट करती हैं। यह शुरुआती कारोबार में 23.55 डॉलर के हाई पर पहुंच गई, जो पिछले बंद के मुकाबले करीब 5.42% की तेजी दिखाती है।

बागची 27 अक्टूबर 2026 से जिम्मेदारी संभालेंगे। मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। उन्होंने अगले कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्ति नहीं मांगी थी। बागची का कार्यकाल तीन साल का होगा। वह 26 अक्टूबर 2029 तक MD और CEO रहेंगे। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी भी जरूरी होगी।

निवेशकों को संबोधित कर सकते हैं बागची 

HDFC Bank 17 अक्टूबर को दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेगा। माना जा रहा है कि इसी दौरान बागची और शशिधर जगदीशन निवेशकों को संबोधित कर सकते हैं। Moneycontrol को एक सूत्र ने बताया था कि इससे बैंक में निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

ICICI Group में 30 साल से ज्यादा का अनुभव

अनूप बागची को ICICI Group में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने रिटेल और MSME बैंकिंग से लेकर कॉर्पोरेट बैंकिंग, ट्रेजरी और मार्केट्स में काम किया है। इसके अलावा वह क्रेडिट पॉलिसी और डेटा एनालिटिक्स से जुड़े काम भी संभाल चुके हैं।

बागची ICICI Bank में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रह चुके हैं। वहां उन्होंने होलसेल बैंकिंग, ट्रांजैक्शन बैंकिंग और मार्केट्स का काम देखा। वह ICICI Securities के MD और CEO भी रह चुके हैं। फिलहाल बागची 2023 से ICICI Prudential Life के MD और CEO हैं।

ICICI Prudential Life में उत्तराधिकारी की तलाश

बागची के HDFC Bank जाने की संभावना पहले से ही काफी ज्यादा मानी जा रही थी। इसके चलते ICICI Bank ने अपनी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के लिए उत्तराधिकारी की तैयारी शुरू कर दी थी। ICICI Group में आमतौर पर बैंक के सीनियर अधिकारियों को ग्रुप की सब्सिडियरीज की जिम्मेदारी दी जाती है। हालांकि, इस बार बैंक बाहर से भी किसी अधिकारी को ला सकता है।

एक अधिकारी के मुताबिक ICICI Bank के बोर्ड में मौजूद कुछ होलटाइम डायरेक्टर्स अभी नए हैं। इनमें से कुछ को संदीप बख्शी के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में बागची की जगह भरने के लिए बैंक अपने बोर्ड के बाहर से भी किसी नाम पर विचार कर सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 5 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 1 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,450 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 570.59 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 71,909.70 पर और निफ्टी 198.50 अंक या 0.88 प्रतिशत गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ। लगभग 1306 शेयरों में बढ़त हुई, 2916 शेयरों में गिरावट आई और 191 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी, M&M, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे, जबकि बढ़त वाले शेयरों में HDFC लाइफ, SBI लाइफ इंश्योरेंस, HDFC बैंक, इंफोसिस और TCS शामिल रहे।

सेक्टरल इंडेक्स में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडेक्स में 2 प्रतिशत और टेलीकॉम इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई। दूसरी ओर, ऑटो, मीडिया, FMCG, इंफ्रा, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल और रियल्टी इंडेक्स 2-3 प्रतिशत गिरे, जबकि एनर्जी, फार्मा, PSU बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.1 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर ने कहा कि बाजार में बिकवाली की मुख्य वजह बाहरी कारक रहे हैं। बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंची बनी हुई हैं, जिससे 2026-27 के इकोनॉमिक आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

घरेलू स्तर पर भी,निवेशक दूसरी तिमाही के नतीजों और अगले हफ्ते आने वाली RBI की पॉलिसी को लेकर सतर्क हैं। Q2 की कमाई Q1 के मुकाबले कम रहने की उम्मीद है। Q1 में ऑपरेटिंग कॉस्ट घटने का फायदा मिला था,जो इस बार शायद न मिले। वहीं,RBI जिसने पिछली पॉलिसी में ज्यादा खुला रुख अपनाया था,अब ग्लोबल महंगाई के दबाव और रुपये (INR) को सहारा देने की जरूरत को देखते हुए अपने रुख में बदलाव पर विचार कर सकता है। इसके बावजूद,यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारत की अर्थव्यवस्था मज़बूत बनी हुई है और इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी स्थिति में है।

लंबे समय के निवेशक निवेश बनाए रख सकते हैं और बाजार में करेक्शन का फायदा उठाकर धीरे-धीरे और निवेश कर सकते हैं। वहीं,कम समय के निवेशक इंतज़ार करो और देखो की रणनीति अपना सकते हैं। जब अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और सरकार के मज़बूत कदमों से ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में स्थिरता न आ जाए तब तक हमें वेट एंड वॉच मोड में रहना चाहिए।

मार्केट पर टेक्निकल व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि छोटे ट्रेडिंग वीक में बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट आई। निफ्टी 3.10 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। जबकि सेंसेक्स में लगभग 2000 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट-बुकिंग देखी गई। कंज्यूमर और ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। कंज्यूमर इंडेक्स 6.15 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स 5.85 प्रतिशत गिरा।

इस पूरे हफ्ते बाजार को ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा। वीकली चार्ट पर एक लंबी मंदी वाली कैंडल बनी। इंट्राडे चार्ट पर निफ्टी लगातार’लोअर हाई’और ‘लोअर लो’बनाता रहा जो काफी हद तक निगेटिव ट्रेंड का संकेत है।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि बाजार का शॉर्ट टर्म स्ट्रक्चर कमजोर है। लेकिन यह ‘ओवरसोल्ड’पोजीशन में है। इसलिए,मौजूदा स्तरों से’पुलबैक रैली’की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नीचे की ओर निफ्टी के लिए 22,200 अहम सपोर्ट जोन है। जबकि 22,500 एक तत्काल रेजिस्टेंस लेवल है। 22,500 के ऊपर जाने पर पुलबैक 22,700–22,800 तक बढ़ सकता है। इसके विपरीत,22,200 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और निफ्टी 22,000–21,950 तक गिर सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए,54,000 एक अहम सपोर्ट जोन है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो इंडेक्स 55,000–55,500 तक वापस उछल सकता है। हालांकि,54000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और 53,500–53,200 तक गिरावट की संभावना बढ़ सकती है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि निफ्टी 22,544 के लेवल के पास हल्की गिरावट (गैप-डाउन) के साथ खुला और हाल के सेशन में दिखी कमजोरी के कारण दबाव में बना रहा। इंडेक्स अभी 22,500–22,550 के अहम सपोर्ट जोन को टेस्ट कर रहा है, इसलिए शॉर्ट-टर्म टेक्निकल स्ट्रक्चर के लिए इस जोन का टिके रहना जरूरी है। अगर यह लगातार 22,500 के नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 22,300 के लेवल तक जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि ऊपर की तरफ 22,700–22,800 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। अगर निफ्टी लगातार 22,800 के ऊपर रिकवर करता है तो इससे कुछ स्टेबिलिटी मिल सकती है और 23,000 की तरफ बढ़ने में मदद मिल सकती है। 23,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा कॉल OI भी है,जिससे डेरिवेटिव्स के नजरिए से यह लेवल एक बड़ा रेजिस्टेंस बन जाता। मोमेंटम इंडिकेटर कमजोर बने हुए हैं। RSI 20s के बीच में है और पूरी तरह से ओवरसोल्ड जोन में है,जो लगातार गिरावट का मोमेंटम दिखाता है। हालांकि,बहुत ज्यादा ओवरसोल्ड हालात की वजह से बीच-बीच में रिकवरी की कोशिशें हो सकती हैं। लेकिन निकट भविष्य के लिए टेक्निकल आउटलुक बेयरिश बना हुआ है।

 

Market Insight : बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की आग में झुलसा बाजार, श्रीकांत चौहान से जाने कमजोर बाजार में भी किन शेयरों में हो सकती है कमाई

 

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