सियासत ही नहीं, इन्वेस्टमेंट की पिच पर भी ‘ऑलराउंडर’ निकले प्रशांत किशोर! जानिए कहां-कहां लगाया है करोड़ों का दांव

Prashant Kishor Investment Portfolio: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बंपर जीत हासिल की है। बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाते हुए उन्होंने नीरज कुमार को 19,324 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। इस सियासी जीत के साथ ही प्रशांत किशोर की संपत्ति और उनके इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो की चर्चा तेज हो गई है।

चुनावी हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर की व्यक्तिगत संपत्ति ₹96.06 करोड़ है, जबकि उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास ₹101.93 करोड़ की संपत्ति है। यानी परिवार की कुल कुल संपत्ति करीब ₹198 करोड़ रुपये से अधिक है।

अनलिस्टेड इक्विटी में बड़ा दांव: वेधास वेंचर्स में 100% हिस्सेदारी

प्रशांत किशोर के पर्सनल वेल्थ मॉडल का सबसे बड़ा हिस्सा कॉर्पोरेट शेयरहोल्डिंग से आता है। प्रशांत किशोर की कुल संपत्ति में सबसे बड़ा योगदान उनकी अनलिस्टेड कंपनी ‘वेधास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ (Vedhas Ventures Pvt Ltd) का है। इस कंपनी में उनकी 100% कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है, जिसकी बुक वैल्यू लगभग ₹95.26 करोड़ आंकी गई है। यह उनके कुल मूवेबल पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा एसेट क्लास है।

₹7.36 करोड़ की कराई हुई है FD

शेयर बाजार की अनिश्चितताओं और उतार-चढ़ाव से बचने के लिए प्रशांत किशोर ने सेफ और फिक्स्ड-रिटर्न इंस्ट्रूमेंट्स में भारी निवेश कर रखा है:

HDFC बैंक में एफडी: प्रशांत किशोर के नाम पर एचडीएफसी बैंक में 5 मुख्य फिक्स्ड डिपॉजिट हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹7.36 करोड़ के करीब है।

पारिवारिक होल्डिंग: उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास 4 एफडी हैं और उनके बेटे दैविक्ष भारद्वाज के नाम पर भी एचडीएफसी बैंक में 2 फिक्स्ड डिपॉजिट मौजूद हैं।

बाजार के जोखिम और भू-राजनीतिक तनावों के बीच एफडी जैसे सुरक्षित विकल्पों में फंड रखना पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है।

डायरेक्ट इक्विटी, म्यूचुअल फंड्स और बॉन्ड्स

अनलिस्टेड शेयर्स और एफडी के अलावा प्रशांत किशोर और उनके परिवार ने डाइवर्सिफाइड एसेट एलोकेशन अपनाया है। स्टॉक मार्केट व म्यूचुअल फंड: प्रशांत किशोर का मार्केट इन्वेस्टमेंट्स और बैंक एफडी मिलाकर कुल निवेश ₹8 करोड़ से अधिक का है। उनके हलफनामे में लिस्टेड कंपनियों के शेयर, डेट बॉन्ड्स और म्यूचुअल फंड स्कीम्स में भी बैलेंस्ड एक्सपोजर दर्ज किया गया है।

पटना से दिल्ली तक अचल संपत्ति

प्रशांत किशोर के पोर्टफोलियो में अचल संपत्तियों का भी बड़ा योगदान है। प्रशांत किशोर के पास कुल ₹73.87 करोड़ की अचल संपत्ति है। इसमें पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी का आवासीय मकान, गाजियाबाद और नई दिल्ली के वसंत विहार स्थित प्राइम प्रॉपर्टीज शामिल हैं। इसके अलावा रोहतास और बक्सर में पैतृक व कृषि भूमि भी दर्ज है। उनकी पत्नी के पास ₹12.42 करोड़ की अचल संपत्ति है, जिसमें असम (गुवाहाटी) और नोएडा (जेपी ग्रींस) में प्रॉपर्टीज शामिल हैं।

Market Insight : RBI मॉनिटरी पॉलिसी के पहले ऑटो,बैंक,NBFC और रियल एस्टेट शेयरों पर करें फोकस, IT में करें मुनाफावसूली

Market Insight : बाजार की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि वीकेंड पर उम्मीद के मुताबिक ट्रंप फिर पीछे हटे। TACO ट्रेड अब सबसे आसान ट्रेड बन चुका है। जिस वीकेंड TACO नहीं होगा,उस सोमवार दिक्कत होगी। बता दें कि TACO ट्रेड का अर्थ है कि टैरिफ की घोषणा के बाद शेयरों की कीमत गिरने पर उन्हें सस्ते में खरीदना और फिर टैरिफ में देरी या कमी होने और बाजार के फिर से पटरी पर आने के बाद उन्हें मुनाफे पर बेचना।

अनुज सिंघल ने आगे कहा कि गुरुवार दोपहर को हमने IT में मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। शुक्रवार दोपहर को न्यूट्रल रहने की सलाह थी। अब यहां से सबसे बड़ा फैक्टर होगा बैंक निफ्टी। आज बैंक निफ्टी में अच्छा गैपअप हुआ है। उसके बाद देखना होगा HDFC बैंक कैसे रिएक्ट करेगा। शुक्रवार को HDFC बैंक दिन के निचले स्तर पर बंद हुआ था। बैंक निफ्टी की बस दिक्कत यही है,क्योंकि यह सबसे बड़ा शेयर है। निफ्टी IT 200 DMA के करीब जाकर ठंडा पड़ा है और अब कच्चे तेल का नीचे आना और रुपये का मजबूत होना एल्गो निगेटिव है। ऐसे में शायद यहां से IT बेचें, बैंक फिर खरीदें ट्रेड वापस शुरू होगा।

बाजार: अच्छे संकेतों की भरमार

आज बाजार के पास चलने के लिए लगभग सब कुछ है। सबसे बड़ा पॉजिटिव है कच्चे तेल का नीचे आना। कच्चा तेल हमने $89 पर छोड़ा था,आज हम $84 के भी नीचे हैं। सऊदी अरब,रूस और पांच दूसरे सदस्य सितंबर उत्पादन बढ़ाएंगे। 1.88 लाख बैरल रोजाना उत्पादन बढ़ाया जाएगा। उत्पादन बढ़ाने का फैसला 2023 में हुई कटौती को खत्म करेगा।

GST का डाटा काफी मजबूत है। GST कलेक्शन 14 महीने की ऊंचाई पर है। जुलाई में GST कलेक्शन 15.4% बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपए रहा है। 14 महीनों का सबसे तेज GST ग्रोथ दर्ज किया गया है। FY27 में दूसरी बार GST कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपए के पार रहा है। ऑटो बिक्री भी उम्मीद के मुताबिक शानदार रही है। FIIs ने काफी समय बाद लगातार खरीदारी की है।

एक बार फिर TACO से थके लोग?

ईरान पर नए हमले फिलहाल टाले गए हैं। तेहरान और वेस्ट एशिया के देशों ने जानकारी दी है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दोबारा खोलने पर समझौते की कोशिश चल रही है। तेजी से समझौता होने की उम्मीद में ट्रंप ने हमला रद्द किया है।

ऑटो कंपनियों के लिए शानदार रहा जुलाई

ऑटो कंपनियों के लिए जुलाई का महीना शानदार रहा है। सभी सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है। इस साल का जुलाई इतिहास में सबसे बेहतरीन रहा है। मारुति सुजुकी ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है। एंट्री-लेवल सेगमेंट में लगातार दूसरे महीने 90% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Hyundai ने 100 महीनों में सबसे ज्यादा मंथली एक्सपोर्ट दर्ज किया है। टाटा मोटर्स (PV) की बिक्री 59% बढ़ी है। M&M ने पैसेंजर व्हीकल,ट्रैक्टर और 3-व्हीलर सभी सेगमेंट में दमदार प्रदर्शन किया है। रॉयल एनफील्ड की घरेलू बिक्री मजबूत रही है।

2 व्हीलर पॉकेट अभी भी सबसे मजबूत है। हीरो मोटो,बजाज ऑटो,TVS मोटर और आयशर मोटर्स सभी में ब्रेकआउट है। पैसेंजर व्हीकल स्पेस में सबसे मजबूत Hyundai है। मारुति यहां से भी शायद Hyundai से कमजोर प्रदर्शन करेगी। मारुति की बिक्री अच्छी है लेकिन नतीजों में मार्जिन पर दबाव है और मार्जिन पर दबाव आगे भी धीरे-धीरे ही कम होगा।

Market Trend: अच्छे ग्लोबल संकेतों के बीच 24500 के ऊपर पहुंचा निफ्टी, जानिए स्टॉक और इंडेक्स में क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

3 फैक्टर्स जो मूड बिगाड़ सकते हैं

मारुति और मुथूट के नतीजे थोड़े फीके हैं। US बॉन्ड यील्ड इस बार 4.7% की रेखा पार कर गई है। निफ्टी का PCR अब 1.39 पर काफी ओवरबॉट है।

बाजार: अब क्या हो रणनीति?

शुक्रवार को निफ्टी के ब्रेकआउट का कन्फर्मेशन मिला है। सिर्फ वीकेंड था,इसीलिए हमने मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। अब 24,350 निफ्टी के लिए सपोर्ट का काम करेगा। अब लॉन्ग पोजिशन लें तो 24,350 का स्टॉप होगा। सब ठीक रहा तो अब निफ्टी 24,750-24,800 यानी 200 DMA टेस्ट करेगा। सबसे दिलचस्प डाटा है 3 बड़े इंडेक्स और 200 DMA। निफ्टी और 200 DMA। निफ्टी बैंक और 200 DMA। निफ्टी IT और 200 DMA। यहां से वापस अब घरेलू अर्थव्यवस्था पर फोकस करें। इस हफ्ते RBI की मॉनिटरी पॉलिसी भी आनी है। उसके पहले ऑटो, बैंक, NBFCs, रियल एस्टेट चल सकते हैं। IT में अब मुनाफावसूली करें,सिर्फ मजबूत शेयरों में रहें। वीकेंड में परसिस्टेंट ने फिर बढ़िया तिमाही दिखाई। लेकिन शेयर पहले ही काफी चल चुका है,अब नीचे मिले तभी लें। परसिस्टेंट पर हमने 4300 में कॉन्ट्रा का नजरिया लिया था और सिर्फ CNBC-आवाज़ ने शॉर्ट करने से मना किया था। अब यहां से IT में वापस सिर्फ चुनिंदा शेयरों पर फोकस करेंगे।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,550-24,650 (ऑप्शंस जोन) पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,750-24,800 (200 DMA) पर है। सबसे अहम सपोर्ट 24,350-24,400 (न्यूट्रल जोन)पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,350-24,500 है। इसके लिए SL 24,300 पर होना चाहिए। 24,550-24,600 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। इसके लिए SL 24,650 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57,450-57,500 (200 DMA)पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 57,200-57,300 पर और बड़ा सपोर्ट 56,800-57,000 पर है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Vs Banks : बैंक निफ्टी के लिए कच्चा तेल एक बड़ा सिरदर्द, इस महीने 18% रिटर्न देने के बाद IT में अभी भी बाकी है दम

IT Vs Banks : IT शेयरों ने आज तेजी का चौका लगाया है। निफ्टी IT इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। निफ्टी के टॉप 5 गेनर्स में से 4 IT सेक्टर के हैं। अमेरिका में Cognizant के EPS आउटलुक बढ़ाने से आईटी स्पेस में जोश आया है। निफ्टी IT इंडेक्स 4 दिन में 11% चढ़ा है। ऐसे में सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज IT की रैली का भी एक टेस्ट होगा,यह अभी भी सबसे मजबूत इंडेक्स है। कल COGNIZANT का अनुमान बढ़ाना एक बड़ा पॉजिटिव है। निफ्टी IT हमारे 32,800 के लक्ष्य से अब 1700 अंक दूर है। 27,000 से हमने निफ्टी IT पर मजबूत लॉन्ग नजरिया लिया था।

उधर हाल के दिनों में बैंक शेयरों पर दबाव देखने को मिला है। बैंक निफ्टी आज भी 0.58 फीसदी की गिरावट के साथ 56,870 को आसपास दिख रहा है। अनुज सिंघल ने बैंक निफ्टी पर अपनी रणनीति साझा करते हुए कहा कि इसके लिए आज पहला सपोर्ट 56,800-57,000 और बड़ा सपोर्ट 56,500-56,700 पर होगा। वहीं, सबसे अहम रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर है। बैंक निफ्टी अभी भी सही ट्रेडिंग मूव्स नहीं दे रहा है

IT Vs बैंक्स: अब क्या?

इन दोनों सेक्टरों के इस महीने के रिटर्न पर नजर डालें तो निफ्टी IT ने 18% रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी बैंक में 0.6% की कमजोरी देखने को मिली है। निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.3% की गिरावट आई है। HCLTech 25% फीसदी भागा है। वहीं, TCS में 20% की और टेक महिंद्रा में 17% की तेजी आई है। इंफोसिस 16% तो परसिस्टेंट 27% भागा है। दूसरी तरफ एक्सिस बैंक 8% तो HDFC बैंक 6% टूटा है। हालांकि ICICI बैंक में 4.5% की तेजी देखने को मिली है।

अनुज सिंघल की राय है कि HDFC बैंक अभी भी सबसे कमजोर शेयर है। कल की रैली एक डेड कैट बाउंस (Dead Cat Bounce) ही है। HDFC बैंक में किसी भी रैली में ना फंसें। सिर्फ वैल्यूएशन कम्फर्ट के कारण निवेश का तर्क नहीं होता। पहले भी 1 महीने की पूरी रैली एक दिन में स्वाहा हुई थी। वहां फोकस करें जहां पर आपको मोमेंटम मिला है।

परसिस्टेंट जैसे शेयर देखिए जहां 4300 रुपए के स्तर से शॉर्ट फंसे हैं। हमने इस पर लांन्ग का बोल्ड नजरिया लिया और शेयर अब वहां से करीब 30% ऊपर है। HCLTech में भी Sarvam में निवेश के बाद से सिर्फ एकतरफा तेजी है। कोफोर्ज ने भी मुड़कर नहीं देखा है। निफ्टी IT में बहुत लोगों ने रैली मिस की है। अब इसीलिए वो ये कहेंगे कि अब ये रिस्की हो गया है। इसका सबसे बड़ा टेस्ट मिलेगा 200 DMA यानी 32,800 पर।

बैंक निफ्टी के लिए अब भी कच्चा तेल बड़ा सिरदर्द है। अगली तिमाही में क्रेडिट कॉस्ट बढ़ेंगी और NIMs पर असर होगा। टेक्निकली निफ्टी बैंक 57,400-57,500 के 200 DMA पर ही अटक रहा है।

 

Market Insight : आज बाजार में थोड़ी वोलैटिलिटी संभव, IT के बाद 2-व्हीलर सेक्टर सबसे मजबूत सेक्टर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : आज बाजार में थोड़ी वोलैटिलिटी संभव, IT के बाद 2-व्हीलर सेक्टर सबसे मजबूत सेक्टर

Market Insight : क्रूड की उछाल से बाजार का मूड बिगड़ा है। IT और फार्मा शेयरों के दम पर निफ्टी 24250 के करीब फ्लैट कारोबार कर रहा है। लेकिन बैंक निफ्टी में 350 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी आज नरमी है। वहीं वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में हल्की बढ़त आई है। आईटी शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। IT के साथ ऑटो सेक्टर में भी अच्छी रफ्तार है। निफ्टी का ऑटो इंडेक्स करीब एक फीसदी चढ़ा है। साथ ही FMCG और फार्मा में भी हल्की खरीदारी आई है। लेकिन लेकिन रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स एक फीसदी फिसले हैं। साथ ही केमिकल और डिफेंस पर भी दबाव नजर आ रहा है।

ब्रेकआउट या वापस रेंज में?

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि इस बाजार ने 2 हफ्ते में रेंज के दोनों छोर टेस्ट किए हैं। पहले 24,300 का फेक ब्रेकआउट हुआ,जो फेल हुआ। उसके बाद 23,800 का फेक ब्रेकडाउन भी फेल हुआ। हमने 23,650-23,700 से लॉन्ग का नजरिया लिया हुआ है। 24,300-24,350 रुकावट की जगह है,चाहें तो थोड़ा मुनाफा बांधें। इस रेंज में नई लॉन्ग पोजिशंस का रिस्क-रिवॉर्ड ठीक नहीं है। बैंक निफ्टी अभी भी निफ्टी के मुकाबले थोड़ा कमजोर है। कल बैंक निफ्टी की रैली वापस 200 DMA के करीब आकर रुकी। HDFC बैंक कल की रैली के बावजूद काफी कमजोर है। आज सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी भी है, तो थोड़ी वोलैटिलिटी संभव है

US फेड के फैसला का बाजार पर असर

US फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 3.5-3.75% पर बरकरार रखा है। लगातार 5वीं बार दरें बरकरार रखी गई हैं। फेड के फैसले का बाजार पर असर की बात करें तो 10 साल की बॉन्ड यील्ड वापस 4.7% पर पहुंच गई है। 30 साल की यील्ड 5.21% पर पहुंच गई। यह 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। कल डाओ जोंस 1100 अंकों से ज्यादा टूटा। S&P 500 में 1.5% और नैस्डेक में 1.7% की गिरावट आई।

कच्चे तेल में तेजी जारी

बुधवार को ब्रेंट क्रूड $90 के ऊपर बंद हुआ। ट्रंप ने कहा है कि IRGC के अचानक हमले के बाद US ईरान पर हमले और तेज करेगा। US में कमर्शियल क्रूड भंडार जून के बाद सबसे ज्यादा घटा है। US का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व 1983 के बाद सबसे निचले स्तर पर है।

अब कहां रखें नजर?

2-व्हीलर सेक्टर IT के बाद सबसे मजबूत है। TVS मोटर और बजाज ऑटो दोनों में नतीजों के बाद री-रेटिंग हुई है। आयशर मोटर्स भी बुलेट तेजी से दौड़ रहा है। आज शायद आयशर मोटर्स हीरो ऑफ द डे भी हो सकता है। हालांकि शेयर काफी चल चुका है और मार्जिन पर थोड़ा दबाव है। फिर भी आय ग्रोथ और वॉल्यूम ग्रोथ शानदार है। 2-व्हीलर के अलावा कल FMCG में अच्छा बाउंस मिला। आज देखेंगे कि एशियन पेंट्स कैसे रिएक्ट करता है। इसके नतीजे कल आए थे लेकिन बड़ा रिएक्शन आज मिलेगा।

इनके अलावा EMS स्पेस काफी मजबूत है। Kaynes में कल एक बड़े ब्रेकआउट का संकेत मिला है। इनके अलावा फार्मा सेक्टर अभी भी काफी मजबूत है। दिक्कत सिर्फ पावर इक्विपमेंट स्पेस में हो रही है। इन शेयरों का वैल्यूएशन काफी ऊंचा था और करेक्शन का ट्रिगर मिल गया है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,100-24,150 पर और बड़ा सपोर्ट 23,950-24,050 पर है। खरीदारी का जोन 24,000-24,100 है। इसके लिए SL 23,950 पर होना चाहिए। वहीं, सबसे बड़ा रजिस्टेंस 24,300-24,350 पर है। 24,300 रिजेक्ट हो तो बिकवाली करें,SL 24,350 पर रखें। 24,350 के पार गया तो आसानी से 24,500 को टेस्ट करेगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,500-56,700 पर है। सबसे अहम रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर है। बैंक निफ्टी अभी भी सही ट्रेडिंग मूव्स नहीं दे रहा है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : अगस्त सीरीज का शानदार आगाज, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan : चौतरफा खरीदारी के दम पर अगस्त सीरीज का शानदार आगाज हुआ है। निफ्टी 250 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24250 के ऊपर निकल गया है। बैंक निफ्टी में भी करीब 450 प्वाइंट की तेजी है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जोरदार तेजी है। वहीं INDIA VIX करीब 4% फिसलकर 12 के करीब आ गया है। IT शेयरों में बुल रन जारी है। तीन दिनों में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 9 परसेंट दौड़ा है। आज लार्जकैप में विप्रो तीन तो इंफोसिस करीब पांच परसेंट की तेजी के साथ निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। वहीं नतीजों और दूसरी छमाही के लिए बुलिश कमेंट्री के बाद KPIT टेक तेज दौड़ा है। शेयर में 10% का अपर सर्किट लगा है।

IT के साथ FMCG और मेटल शेयरों में जोरदार तेजी है। दोनों इंडेक्स 1.5 परसेंट से ज्यादा चढ़े हैं। FMCG में 4% उछाल के साथ HUL निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। साथ ही फार्मा और NBFCs में भी रौनक है। जियो फाइनेंस 5% उछाल के साथ निफ्टी का टॉप गेनर बना है।

नतीजों के बाद L&T आज का हीरो बना है। यह करीब 3 परसेंट चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही IT का मजबूत शेयर टेक महिंद्रा भी चढ़ा है। अच्छे रिजल्ट के दम पर टाटा कैपिटल भी उछला है। इटरनल में भी खरीदारी आई है। उधर गोदरेज प्रॉपर्टीज और TCS ने भी कमाल किया है। TVS मोटर लाइफ हाई पर जाता दिखा है।

EMS शेयरों में आज जोरदार खरीदारी आई है। KAYNES 13% से ज्यादा के उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही डिक्सन,PGEL और सिरमा भी दो परसेंट से ज्यादा ऊपर दिख रहे हैं।

बाजार: शानदार दिन

बाजार में आज चौतरफा हरियाली है। निफ्टी,बैंक निफ्टी,निफ्टी IT और FMCG सब ऊपर कारोबार कर रहे हैं। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी तेजी है। Adv/Dec 2:1 का है। इंफोसिस की अगुवाई में IT ने हैट्रिक लगाई है। HDFC बैंक में 52 हफ्तों के निचले स्तर से शानदार रिकवरी आई है। HUL में कल की गिरावट के बाद तेजी आई है। EMS स्टॉक्स में तेजी है। Kaynes टॉप गेनर बना है। कच्चा तेल $87/bbl के पास दिख रहा है। अक्टूबर वायदा $84/bbl के पास दिख रहा है। रुपये में शानदार रिकवरी आई है। बड़ा सवाल यह है कि क्या 24,300-24,350 में मुनाफा बांधें?

बाजार: अब क्या?

शुक्रवार को हमने 23,650-23,700 से लॉन्ग का नजरिया लिया था। ये बात हुई थी कि इसी हफ्ते हम वापस 24,300 पर आ सकते हैं। लेकिन इतनी जल्दी और तेज आएंगे ये नहीं सोचा था। लेकिन बाजार ने उन्हें इनाम दिया,जिन्होंने इस थ्योरी पर भरोसा किया। बाजार एक रेंज में है और एज पर बड़ी ट्रेड मिल रही है। 2 हफ्ते पहले 24,300 पर शॉर्ट भी मिला था और इसीलिए अब 24,300-24,350 मेक और ब्रेक जोन है। अगर इस बार उसके ऊपर निकले तो 25,000 तक नहीं रुकेंगे। आवाज़ के दर्शक पिछले हफ्ते से लॉन्ग पोजीशन में हैं। अब यहां से अपना ट्रेलिंग स्टॉपलॉस एडजस्ट करते रहें।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,300-24,350 पर रेजिस्टेंस और 24,100-24,150 पर सपोर्ट है। बैंक निफ्टी के लिए 57,400-57,600 पर रेजिस्टेंस और 56,800-57,000 पर सपोर्ट है।

कल के लिए रणनीति

अगले महीने 25 अगस्त की कॉल में बने रहें। CNBC-आवाज़ के दर्शक 23,650-23,700 जोन से लॉन्ग हैं। 24,300-24,350 पर थोड़ी रुकावट है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Amazon Great Freedom Sale 2026: 7 अगस्त से शुरू होगी सेल, मिलेंगे बंपर डिस्काउंट और AI शॉपिंग फीचर्स

Amazon Great Freedom Sale 2026: अगर आप इलेक्ट्रॉनिक्स सामान या फिर ग्रोसरी प्रोडक्ट्स खरीदने के लिए ऑफर्स की तलाश में हैं तो, यह खबर आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, Amazon 7 अगस्त को रात 12:00 बजे से अपना ‘Great Freedom Sale 2026’ शरू करने जा रहा है। इस सेल में खरीदारों को स्मार्टफ़ोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, ब्यूटी, घरेलू डिवाइस, ग्रोसरी, किचन के सामान और दूसरी कैटेगरी के प्रोडक्ट्स पर अच्छा-खासा डिस्काउंट मिलेगा।

बता दें कि यह ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अलग-अलग कैटेगरी में ऑफर के साथ-साथ, AI-पावर्ड शॉपिंग फीचर्स भी ला रहा है, ताकि कस्टमर्स आसानी से प्रोडक्ट्स ढूंढ सकें और बेहतर तरीके से खरीदारी का फैसला ले सकें।

सेल के दौरान, खरीदारों को कई ब्रांड्स पर टॉप 100 डील्स, ब्लॉकबस्टर डील्स, ट्रेंडिंग डील्स और खास ‘8 PM डील्स’ मिलेंगी। इसके अलावा, Amazon ग्राहकों को HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड और EasyEMI ट्रांजैक्शन पर 10% का इंस्टेंट डिस्काउंट भी दे रहा है। योग्य कस्टमर्स को कुछ चुनिंदा क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर नो-कॉस्ट EMI ऑप्शन के साथ-साथ 2,000 रुपये तक का कैशबैक भी मिल सकता है। सेल में ग्राहकों को एक्सचेंज ऑफर, Amazon Pay रिवॉर्ड्स और भारत के सभी उपलब्ध पिन कोड पर डिलीवरी जैसी सुविधाओं का भी फायदा मिलेगा।

AI-पावर्ड शॉपिंग फीचर्स

Amazon इस सेल के दौरान कई AI आधारित फीचर्स पेश कर रहा है, जो ग्राहकों को बेहतर शॉपिंग अनुभव देने में मदद करेंगे। कंपनी का AI शॉपिंग असिस्टेंट Rufus यूजर्स को सामान्य कीवर्ड की जगह अपनी जरूरत के हिसाब से सवाल पूछकर प्रोडक्ट खोजने की सुविधा देता है। ग्राहक अपनी खास जरूरतों या पसंद के आधार पर सुझाव मांग सकते हैं और पर्सनलाइज्ड सुझाव पा सकते हैं।

इसके अलावा, प्लेटफॉर्म का Lens AI फीचर विजुअल प्रोडक्ट सर्च की सुविधा देता है, जिससे यूजर्स मिलती-जुलती चीजें खोजने के लिए फोटो अपलोड या क्लिक कर सकते हैं। Rufus में एक ‘प्राइस हिस्ट्री ट्रैकर’ भी शामिल है जो 30 से 90 दिनों की अवधि में प्रोडक्ट की कीमतों पर नजर रखता है और जब कोई आइटम ग्राहक की पसंद की कीमत पर पहुंचता है, तो उन्हें सूचित कर सकता है। अन्य AI फीचर्स में ‘रिव्यू हाइलाइट्स’ शामिल हैं, जो ग्राहकों के रिव्यू का सारांश देते हैं, और ‘बाइंग गाइड्स’ हैं जो खरीदारों को प्रोडक्ट्स की तुलना करने में मदद करने के लिए अतिरिक्त जानकारी प्रदान करते हैं।

Amazon Pay के ऑफर्स

Amazon इस सेल के दौरान Amazon Pay से जुड़े कई पेमेंट बेनिफिट्स भी दे रहा है। Amazon Pay ICICI Bank Credit Card का इस्तेमाल करने वाले Prime मेंबर्स को अनलिमिटेड 5% कैशबैक मिलेगा, जबकि नॉन-Prime कार्डधारकों को 3% कैशबैक का फायदा मिलेगा। वहीं, नए कार्ड यूजर्स को वेलकम रिवॉर्ड के तौर पर 2,500 रुपये तक का लाभ मिल सकता है।

कस्टमर्स, एलिजिबिलिटी के आधार पर 60,000 रुपये तक के इंस्टेंट क्रेडिट के साथ Amazon Pay Later का फायदा भी उठा सकते हैं। कंपनी एक EMI स्टोर भी ऑफर कर रही है, जिसमें स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और होम अप्लायंसेज जैसी कैटेगरीज में 99 रुपये प्रति दिन से शुरू होने वाले प्लान्स हैं। वहीं, अगर ग्राहक 1,500 रुपये से ज्यादा की खरीदारी करते हैं, तो वे इस रकम को बिना ब्याज वाली 3 मासिक किस्तों में बांट सकते हैं।

Amazon ने बताया कि कस्टमर्स चुनिंदा ब्रांड्स और कैटेगरी में Rewards Gold कैशबैक भी पा सकते हैं, जबकि Prime मेंबर्स 7 अगस्त से शुरू होने वाली ‘ग्रेट फ्रीडम सेल’ के दौरान एलिजिबल ऑर्डर्स पर अतिरिक्त बचत का फायदा उठा सकते हैं।

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कॉल सेंटर वर्कर्स की जगह ले रहा AI; माइक्रोसॉफ्ट से उबर तक ने इस्तेमाल बढ़ाया; भारत को लग सकता है बड़ा झटका

AI Jobs: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ कर्मचारियों की मदद करने वाला टूल नहीं रह गया है। बड़ी कंपनियां इसे लागत घटाने और कर्मचारियों की संख्या कम करने के लिए भी इस्तेमाल कर रही हैं।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक Microsoft, Uber, Hyatt Hotels और Commonwealth Bank of Australia जैसी कंपनियां अब कस्टमर सर्विस का बड़ा हिस्सा AI चैटबॉट और ऑटोमेटेड फोन सिस्टम से संभाल रही हैं। इससे हजारों नौकरियां पहले ही खत्म हो चुकी हैं।

AI से सबसे ज्यादा खतरा किसे?

कॉल सेंटर इंडस्ट्री में लंबे समय से ऑटोमेशन का खतरा था। लेकिन जनरेटिव AI आने के बाद यह बदलाव काफी तेज हो गया है। अब कंपनियां उन कामों को भी AI से करा रही हैं, जिनके लिए पहले इंसानों की जरूरत पड़ती थी।

रिसर्च फर्म Forrester की एनालिस्ट केट लेगेट के मुताबिक, अमेरिका में कस्टमर सर्विस की नौकरियां लगातार घट रही हैं। उनका अनुमान है कि 2030 तक करीब आधी कस्टमर सर्विस नौकरियां AI से प्रभावित हो सकती हैं। सबसे ज्यादा असर फिलीपींस और भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है, जहां पश्चिमी कंपनियां बड़ी संख्या में कॉल सेंटर का काम आउटसोर्स करती हैं।

बड़ी कंपनियां कैसे घटा रही हैं लागत?

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, Microsoft ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी कस्टमर सर्विस वर्कफोर्स करीब 50,000 से घटाकर 40,000 कर दी है। कंपनी का कहना है कि AI की मदद से उसे हर साल करीब 750 मिलियन डॉलर की बचत हो रही है। हालांकि, जटिल मामलों में अभी भी इंसानी कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है।

वहीं, Uber ने हाल ही में अपनी कस्टमर सर्विस टीम में करीब 10% कटौती की। अब कंपनी ग्राहकों को ऐप के भीतर AI चैटबॉट के जरिए सहायता देने पर ज्यादा जोर दे रही है।

Commonwealth Bank of Australia ने भी AI अपनाने के बाद अपने चैट सपोर्ट से जुड़े सैकड़ों कर्मचारियों की जरूरत कम कर दी। इससे बैंक को हर साल करोड़ों डॉलर की बचत होने की बात कही गई है।

कॉल सेंटर इंडस्ट्री पर बढ़ा दबाव

Hyatt Hotels भी होटल बुकिंग में बदलाव, रसीद भेजने और दूसरे सामान्य अनुरोध AI से निपटा रही है। वहीं, होम सिक्योरिटी कंपनी Brinks Home ने AI की मदद से कॉल वॉल्यूम दो-तिहाई घटा दिया और कॉल सेंटर स्टाफ को करीब 800 से घटाकर 400 कर दिया।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, AI के बढ़ते इस्तेमाल का असर आउटसोर्सिंग कंपनियों पर भी दिखने लगा है। Teleperformance, Concentrix और TTEC जैसी कंपनियां पहले ही चेतावनी दे चुकी हैं कि कम जटिल काम AI की वजह से तेजी से खत्म हो रहे हैं। ऐसे में आने वाले वर्षों में कॉल सेंटर इंडस्ट्री में रोजगार पर दबाव और बढ़ सकता है।

HDFC बैंक को गवर्नेंस में बड़े सुधार करने होंगे, तभी बहाल होगा निवेशकों का भरोसा : एक्सपर्ट्स

HDFC बैंक को गवर्नेंस में बड़े सुधार करने होंगे, तभी बहाल होगा निवेशकों का भरोसा : एक्सपर्ट्स

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक को निवेशकों का भरोसा फिर से जीतने के लिए सिर्फ पुराने विवादों को बंद करना काफी नहीं होगा। कॉरपोरेट गवर्नेंस के जानकारों का कहना है कि बैंक को अपनी गवर्नेंस, आंतरिक प्रक्रियाओं और बोर्ड की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करना होगा। उनका मानना है कि निवेशक अब सिर्फ नतीजे नहीं, बल्कि बैंक के काम करने के तरीके को भी देख रहे हैं।

मामला क्या है?

यह चर्चा MSRDC डिपॉजिट मामले के बाद तेज हुई है। बैंक के बोर्ड ने इस मामले की आंतरिक जांच पूरी की। जांच में CEO शशिधर जगदीशन समेत कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर आर्थिक जुर्माना और चेतावनी जारी की गई।

हालांकि, बोर्ड ने यह भी माना कि मामले में किसी तरह की निजी कमाई, गलत मंशा या नियमों के उल्लंघन के सबूत नहीं मिले। इसके बाद बोर्ड ने जगदीशन की दोबारा नियुक्ति की सिफारिश भी की।

एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?

Institutional Investor Advisory Services (IiAS) के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित टंडन का कहना है कि किसी एक मामले का निपटारा कर देना ही काफी नहीं है। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि क्या बैंक ने हाल के गवर्नेंस विवादों से सबक लिया है। क्या बोर्ड की निगरानी पहले से मजबूत हुई है। क्या आंतरिक कंट्रोल बेहतर हुए हैं। उनके मुताबिक गवर्नेंस में सिर्फ नतीजे नहीं, बल्कि उन तक पहुंचने की प्रक्रिया भी उतनी ही अहम होती है।

पुराने मामलों पर भी उठे सवाल

अमित टंडन का कहना है कि इस मामले को अकेले नहीं देखा जाना चाहिए। इसे पूर्व स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे और हाल के दूसरे गवर्नेंस विवादों के साथ जोड़कर देखना होगा। उनका मानना है कि अब बैंक की सबसे बड़ी चुनौती निवेशकों को यह भरोसा दिलाना है कि उसकी गवर्नेंस सिस्टम पहले से ज्यादा मजबूत हो चुकी है।

बोर्ड का संदेश क्या है?

अश्विन पारेख एडवाइजरी सर्विसेज के मैनेजिंग पार्टनर अश्विन पारेख का कहना है कि बोर्ड की स्वतंत्र जांच से साफ हुआ कि यह मामला नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि गवर्नेंस और कारोबारी पहुंच का था। इसलिए बोर्ड ने CEO की दोबारा नियुक्ति की सिफारिश की। हालांकि, अंतिम फैसला RBI को लेना है।

आगे बैंक के लिए क्या चुनौती?

अश्विन पारेख का मानना है कि CEO, CFO और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों पर जुर्माना लगाना अपने आप में बड़ा कदम है। इससे बोर्ड ने साफ संदेश दिया है कि जवाबदेही तय की जाएगी।

वहीं, अमित टंडन का कहना है कि अब बहस सजा की मात्रा पर नहीं होनी चाहिए। असली फोकस इस बात पर होना चाहिए कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए बैंक अपनी गवर्नेंस को कितना मजबूत बनाता है।

HDFC बैंक के शेयरों का हाल

देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 0.38% गिरकर 736.75 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 21.01% गिरा है। वहीं, एक साल में यह 26.64% टूटा है। 5 साल की बात करें, तो निवेशकों को सिर्फ 3.30% रिटर्न मिला है। बैंक का मार्केट कैप 5.64 हजार करोड़ रुपये है।

Q1 Results: प्राइवेट बैंक का मुनाफा 25% बढ़ा, NPA घटा; शेयर 11% उछला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : जुलाई सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए नरम संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की कमजोरी है। FIIs की कैश में करीब 1700 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लेकिन फ्यूचर्स में खरीदारी हुई है। FIIs के लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो में सुधार हुआ है। ऐसे में करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

27 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त तेजी दिखी और लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला थम गया। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बीच सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों में आई कमी से बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई और निफ्टी 23,900 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। हालांकि,दिन के ज्यादातर समय बेंचमार्क इंडेक्स सीमित दायरे में ही कारोबार करते रहे,लेकिन आखिरी घंटे में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली,जिससे निफ़्टी 24,000 के स्तर के पार चला गया और बाजारर दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुआ।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ लगभग 23,996.50 पर ट्रेड कर रहा था,जिससे घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत मिल रहा है।

Market cues : निफ्टी के 24000 के ऊपर जाने पर ही आएगी तेजी, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन

अमेरिकी बाजार

सोमवार को वॉल स्ट्रीट में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। S&P 500 में 0.02% की मामूली बढ़त हुई और यह 7,413.18 के लेवल पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.18% गिरकर 24,932.08 पर आ गया,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51% बढ़कर 52,210.08 अंक पर बंद हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

27 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और ₹1,688 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,329 करोड़ के शेयर खरीदे।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

पश्चिम एशिया में अटैक थमने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी है। ब्रेंट का भाव $88 के नीचे आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की उम्मीद बढ़ी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है।

एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत, चिप शेयरों में बिकवाली से कोस्पी 8% टूटा

इधर एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे हैं। US में चिप कंपनियों में बिकवाली के चलते कोरिया का बाजार 8 परसेंट के लोअर सर्किट पर है। निक्केई 4 परसेंट टूटा है। अमेरिकी बाजार भी ऊपरी स्तरों से फिसले हैं।

मिले-जुले रहे कोल इंडिया के नतीजे

पहली तिमाही में कोल इंडिया के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में करीब एक परसेंट की बढ़त देखने को मिली है। रेवेन्यू 8% बढ़ा है। मार्जिन पर दबाव दिखा है। वहीं BEL का प्रॉफिट 9% बढ़ा है। कंपनी के रेवेन्यू में 25% से ज्यादा का उछाल आया है। लेकिन मार्जिन में कमी दिखी है।

कोफोर्ज का मुनाफा घटा,हैपिएस्ट माइंड का अच्छा परफॉर्मेंस

कोफोर्ज का पहली तिमाही में मुनाफा 15 परसेंट लुढ़का है। लेकिन डॉलर आय 21 परसेंट बढ़ी है। इधर हैपिएस्ट माइंड का परफॉर्मेंस अच्छा रहा है। पहली तिमाही में इसका मुनाफा 10.5% बढ़ा है। आय में 4 परसेंट की ग्रोथ देखने को मिली है। लेकिन EBIT मार्जिन फ्लैट रहे हैं।

टाटा पावर के अच्छे नतीजे, मुनाफे से घाटे में आई टाटा केमिकल्स

पहली तिमाही में टाटा पावर के नतीजे अनुमान से अच्छे रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 11% तो रेवेन्यू करीब 6% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन पर दबाव दिखा है।वहीं दूसरी ओर टाटा केमिकल्स मुनाफे से घाटे में आई है। कंपनी को 252 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले हुआ 17 करोड़ का घाटा हुआ है। साथ ही मार्जिन में भी कमी आई है।

गॉडफ्रे फिलिप्स के कमजोर नतीजे, फ्लैट रहा इंडस टावर का मुनाफा

पहली तिमाही में Godfrey Phillips के नतीजे कमजोर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 44% तो रेवेन्यू 19% घटा है। मार्जिन पर भी तगड़ी मार पड़ी है। वहीं इंडस टावर का प्रॉफिट फ्लैट रहा है। इसके रेवेन्यू में करीब 5% की बढ़त दिखी है।

HUL और L&T के Q1 नतीजे आज

निफ्टी में आज HUL और L&T के नतीजे आएंगे। HUL का मुनाफा फ्लैट रह सकता है। 6-7% वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद। वहीं L&T के नंबर्स कमजोर रह सकते हैं। मार्जिन पर दबाव मुमकिन है। आज वायदा में रैडिको खेतान और वरुण बेवरेजेज समेत 7 कंपनियों के रिजल्ट का भी इंतजार रहेगा।

MSRDC रिव्यू में HDFC बैंक में बड़ा एक्शन

HDFC Bank में बड़ा एक्शन देखने को मिला है। MSRDC मामले में MD & CEO शशिधर जगदीशन समेत CFO और रिटेल असेट हेड पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक ने कहा है कि यह मामला बीजनेस ओवररीच का है। गलत नीयत का नहीं है। RBI को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।

Market Outlook : लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला टूटा, जानिए 28 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने 27 जुलाई को लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया और निफ्टी 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद हुआ। लगभग 2646 शेयरों में बढ़त देखी गई,1530 शेयरों में गिरावट आई और 176 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में एटरनल,इंटरग्लोब एविएशन,इंफोसिस,बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में ONGC,सिप्ला,HDFC लाइफ,HDFC बैंक और डॉ.रेड्डीज लैब्स शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी मीडिया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसमें 2.4% की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी IT का नंबर रहा,जिसमें 2.3% की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी में 2.2% की तेजी आई,जबकि निफ्टी ऑटो और निफ्टी फार्मा में 1.6% और 1.5% की बढ़त हुई।

अन्य सेक्टरों में निफ्टी FMCG में 1%,निफ्टी बैंक में 0.7%,निफ्टी इंफ्रा में 0.66%,निफ्टी मेटल में 0.6%,निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.45%,निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.42% और निफ्टी PSU बैंक में 0.22% की बढ़त हुई।

ब्रॉडर मार्केट ने भी बेंचमार्क इंडेक्स की तरह ही बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 1% की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.3% की तेजी आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में हमलों के रुकने से इंपोर्ट की बढ़ती लागत और महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं,जिससे बाजार में रिलीफ रैली आई है। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड में कमी से भी उम्मीदें बढ़ी हैं। इस हफ्ते यूएस फेड,बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान जैसे बड़े सेंट्रल बैंकों की पॉलिसी मीटिंग्स में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने के लिए ज्यादा लचीलापन मिल सकता है। घरेलू मोर्चे पर,बारिश की कमी में सुधार से महंगाई के हालात को लेकर राहत मिली है,साथ ही उम्मीद से बेहतर Q1 नतीजों और पॉज़िटिव बिजनेस आउटलुक से भी मदद मिली है।

निफ्टी व्यू

रेलिगेयर ब्रोकिंग में एसवीपी,रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि तकनीकी तौर पर, निफ्टी ने 23,600 के जोन के आस-पास अहम ट्रेंडलाइन सपोर्ट को बचाते हुए अच्छी रिकवरी की है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी 24,000–24,150 के तत्काल रेजिस्टेंस बैंड के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह रेंज इसके 20-डे और 100-डे के DEMA के साथ मेल खाती है,जिससे यह जोन बुल्स के लिए एक बड़ी रुकावट बन गया है। अगर इंडेक्स मजबूती से इस रेंज के ऊपर बंद होता है तो यह 24,400 के स्तर तक और रिकवरी का रास्ता खोल सकता है।

प्रॉफिट बुकिंग होने पर नीचे की तरफ 23,600–23,800 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता। मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए,हम स्टॉक स्पेसिफिक अप्रोच अपनाने की सलाह देते हैं। इसमें अलग-अलग सेक्टर के तुलनात्क रूप मजबूत शेयरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और साथ ही रिस्क और पोजीशन मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हुआ है, जिससे इंडेक्स में रिकवरी आई है। लगातार दूसरे दिन रिकवरी के साथ इंडेक्स ने 50EMA का लेवल फिर से हासिल कर लिया है। ऑवरली चार्ट पर RSI बुलिश क्रॉसओवर दिखा रहा है।

मंगलवार को NSE F&O कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। अगर निफ्टी 24,000 के ऊपर जाता है और वहां बना रहता है तो हम 24,250–24,300 की ओर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद कर सकते हैं। हालांकि,अगर यह 24,000 के ऊपर नहीं टिक पाता है तो 23,800 की ओर करेक्शन देखने को मिल सकता है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी का सेशन एक छोटी’डोजी कैंडलस्टिक’के साथ खत्म हुआ। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। वहीं,आवरली चार्ट पर पॉजिटिव RSI डाइवर्जेंस शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में सुधार का संकेत दे रहा है। हालांकि,इंडेक्स को अभी भी 57,400 के आसपास एक बड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है,जहां इसका 200-DMA भी है।

अगर बैंक निफ्टी मजबूती से इस लेवल के ऊपर बंद होता है तो 58,500 की ओर रिकवरी आ सकती है। जब तक इंडेक्स अपने 200-DMA के ऊपर वापस नहीं आता और वहां नहीं पाता तब तक सावधानी बरतने की सलाह होगी। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56,800 पर है। जबकि रेजिस्टेंस लेवल 57,500 और 58,000 पर दिख रहे हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।