सियासत ही नहीं, इन्वेस्टमेंट की पिच पर भी ‘ऑलराउंडर’ निकले प्रशांत किशोर! जानिए कहां-कहां लगाया है करोड़ों का दांव

Prashant Kishor Investment Portfolio: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बंपर जीत हासिल की है। बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाते हुए उन्होंने नीरज कुमार को 19,324 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। इस सियासी जीत के साथ ही प्रशांत किशोर की संपत्ति और उनके इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो की चर्चा तेज हो गई है।

चुनावी हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर की व्यक्तिगत संपत्ति ₹96.06 करोड़ है, जबकि उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास ₹101.93 करोड़ की संपत्ति है। यानी परिवार की कुल कुल संपत्ति करीब ₹198 करोड़ रुपये से अधिक है।

अनलिस्टेड इक्विटी में बड़ा दांव: वेधास वेंचर्स में 100% हिस्सेदारी

प्रशांत किशोर के पर्सनल वेल्थ मॉडल का सबसे बड़ा हिस्सा कॉर्पोरेट शेयरहोल्डिंग से आता है। प्रशांत किशोर की कुल संपत्ति में सबसे बड़ा योगदान उनकी अनलिस्टेड कंपनी ‘वेधास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ (Vedhas Ventures Pvt Ltd) का है। इस कंपनी में उनकी 100% कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है, जिसकी बुक वैल्यू लगभग ₹95.26 करोड़ आंकी गई है। यह उनके कुल मूवेबल पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा एसेट क्लास है।

₹7.36 करोड़ की कराई हुई है FD

शेयर बाजार की अनिश्चितताओं और उतार-चढ़ाव से बचने के लिए प्रशांत किशोर ने सेफ और फिक्स्ड-रिटर्न इंस्ट्रूमेंट्स में भारी निवेश कर रखा है:

HDFC बैंक में एफडी: प्रशांत किशोर के नाम पर एचडीएफसी बैंक में 5 मुख्य फिक्स्ड डिपॉजिट हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹7.36 करोड़ के करीब है।

पारिवारिक होल्डिंग: उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास 4 एफडी हैं और उनके बेटे दैविक्ष भारद्वाज के नाम पर भी एचडीएफसी बैंक में 2 फिक्स्ड डिपॉजिट मौजूद हैं।

बाजार के जोखिम और भू-राजनीतिक तनावों के बीच एफडी जैसे सुरक्षित विकल्पों में फंड रखना पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है।

डायरेक्ट इक्विटी, म्यूचुअल फंड्स और बॉन्ड्स

अनलिस्टेड शेयर्स और एफडी के अलावा प्रशांत किशोर और उनके परिवार ने डाइवर्सिफाइड एसेट एलोकेशन अपनाया है। स्टॉक मार्केट व म्यूचुअल फंड: प्रशांत किशोर का मार्केट इन्वेस्टमेंट्स और बैंक एफडी मिलाकर कुल निवेश ₹8 करोड़ से अधिक का है। उनके हलफनामे में लिस्टेड कंपनियों के शेयर, डेट बॉन्ड्स और म्यूचुअल फंड स्कीम्स में भी बैलेंस्ड एक्सपोजर दर्ज किया गया है।

पटना से दिल्ली तक अचल संपत्ति

प्रशांत किशोर के पोर्टफोलियो में अचल संपत्तियों का भी बड़ा योगदान है। प्रशांत किशोर के पास कुल ₹73.87 करोड़ की अचल संपत्ति है। इसमें पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी का आवासीय मकान, गाजियाबाद और नई दिल्ली के वसंत विहार स्थित प्राइम प्रॉपर्टीज शामिल हैं। इसके अलावा रोहतास और बक्सर में पैतृक व कृषि भूमि भी दर्ज है। उनकी पत्नी के पास ₹12.42 करोड़ की अचल संपत्ति है, जिसमें असम (गुवाहाटी) और नोएडा (जेपी ग्रींस) में प्रॉपर्टीज शामिल हैं।

‘गंभीरता से करें विचार…’, बांकीपुर में जीत के बाद प्रशांत किशोर ने दी बीजेपी को बड़ी सलाह

Bankipur Bypoll Result 2026: बिहार की राजनीति में तीन अगस्त 2026 का दिन एक बड़े उलटफेर वाला साबित हुआ है। बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने सभी को हैरान कर दिया है। बांकीपुर में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा है तो वहीं जन सुराज पार्टी ने बिहार में अपना खाता खोल लिया है। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने बीजेपी को करारी शिकस्त देते हुए बांकीपुर सीट से जीत हासिल कर ली है। चुनाव आयोग (ECI) की वेबसाइट के अनुसार, 32वें राउंड तक चले मतगणना के बाद प्रशांत किशोर को 63,946 वोट मिले। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा से 19246 वोटों से मात दी है। वहीं इस जीत के बाद प्रशांत किशोर का पहला रिएक्शन सामने आया है।

उपचुनाव में जीत के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि वह चुनाव हारने वाले सभी उम्मीदवारों को भी बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जीत और हार दोनों होती रहती हैं, इसलिए हर उम्मीदवार का सम्मान होना चाहिए। प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर का यह चुनाव सिर्फ एक विधायक चुनने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह बिहार में बीजेपी और एनडीए सरकार के कामकाज पर जनता का फैसला भी था। उनका कहना है कि बांकीपुर के लोगों ने अपने वोट के जरिए एक साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को जनता के इस फैसले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और बिहार के हित में राज्य की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को सौंपनी चाहिए, जो ईमानदारी से बिहार के विकास के लिए काम कर सके।

भाजपा के लिए बड़ा झटका

बिहार के बांकीपुर में जन सुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर 19,324 वोटों से जीते हैं। प्रशांत को 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार को 44,827 वोट मिले हैं। बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक सीट है। वे यहां से लगातार 5 बार विधायक रहे हैं। उनके राज्यसभा जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया गया। काउंटिंग के दौरान चुनाव आयोग की वेबसाइट पर कुछ गड़बड़ देखने को मिली। सुबह से वेबसाइट पर 31 राउंड की काउंटिंग बताई जा रही थी। 31 राउंड पूरे होते ही पहले 36 राउंड काउंटिंग दिखाई जाने लगी। बाद में फिर 32 राउंड की काउंटिंग दिखा दी गई।

‘एक बेहतर मुख्यमंत्री की जरूरत…’, बांकीपुर में बढ़त के बाद प्रशांत किशोर का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा

बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलफेर देखने को मिल रहा है। जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर बांकीपुर उपचुनाव में जीत की ओर बढ़ रहे हैं। इस सीट पर हार, बीजेपी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं मानी जा रही है। प्रशांत किशोर की बढ़त से जन सुराज पार्टी के समर्थक काफी उत्साहित हैं। इस बीच प्रशांत किशोर ने बांकीपुर की जनता को धन्यवाद दिया है और सीट पर बढ़त के बाद भाजपा और सीएम सम्राट चौधरी पर हमला बोला।

प्रशांत किशोर ने बोला हमला

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बढ़त मिलने के बाद जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता क्षेत्र की जनता के भरोसे और समर्थन का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि बांकीपुर के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और आने वाले दो-तीन महीनों में लोगों को बदलाव भी नजर आने लगेगा। प्रशांत किशोर ने कहा, “मैं बड़े-बड़े वादे नहीं करना चाहता। मेरे विधायक बनने से बांकीपुर एक रात में बेंगलुरु जैसा नहीं बन जाएगा, लेकिन अगले दो-तीन महीनों में यहां कुछ अच्छे बदलाव जरूर दिखाई देंगे।”

उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता ने इस चुनाव के जरिए बीजेपी नेतृत्व को साफ संदेश दिया है कि बिहार को एक बेहतर मुख्यमंत्री की जरूरत है। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर बीजेपी सम्राट चौधरी की जगह कुशवाहा समाज के किसी दूसरे नेता को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है तो यह उनका अंदरूनी फैसला है। उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो ईमानदार, सक्षम और बिहार के विकास के लिए काम करने वाला हो। उन्होंने आगे कहा कि सबसे जरूरी बात बिहार का विकास है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि चुनाव कौन जीतता है या किस पार्टी की सरकार बनती है। लोकतंत्र में जीत और हार होती रहती है, लेकिन राज्य की तरक्की सबसे ज्यादा मायने रखती है।

जीत की ओर पीके

27वें राउंड के नतीजों में प्रशांत किशोर 50 हजार वोटों के आंकड़ा के पास पहुंच गए हैं। 27वें राउंड में उन्हें 55780 वोट मिले हैं। अभी 4 राउंड की गिनती और बची है। अब यह साफ हो गया है कि प्रशांत किशोर इस सीट पर बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। 27वें राउंड में बीजेपी को 38893 वोट मिले हैं। दोनों पार्टियों के बीच वोटों का अंतर 16887 है।

“₹198 करोड़ की संपत्ति, 475 ग्राम सोना और कोई कार नहीं…” जानें प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव के हलफनामे में क्या जानकारी दी?

Prashant Kishor: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए अपने नॉमिनेशन पेपर के साथ दाखिल हलफनामे में लगभग 198 करोड़ रुपये की पारिवारिक संपत्ति की जानकारी दी है। इस खुलासे के साथ ही पहली बार चुनाव लड़ रहे पूर्व चुनाव रणनीतिकार की वित्तीय संपत्ति सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गई है।

हलफनामे के अनुसार, किशोर ने अपने नाम पर 96.06 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, जबकि उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने 101.93 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। इस तरह, परिवार की कुल घोषित संपत्ति लगभग 197.99 करोड़ रुपये है।

हलफनामे से पता चलता है कि परिवार की चल संपत्ति की कीमत 111.78 करोड़ रुपये है, जबकि अचल संपत्ति की कीमत 86.29 करोड़ रुपये है। किशोर की अपनी चल संपत्ति 22.19 करोड़ रुपये और उनकी पत्नी की चल संपत्ति 89.51 करोड़ रुपये बताई गई है।

बता दें कि किशोर की घोषित संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा उनका इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो है। उन्होंने ‘वेधास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ में 100% कंट्रोलिंग हिस्सेदारी की घोषणा की है, जिसकी कीमत लगभग 95.26 करोड़ रुपये है। हलफनामे में 7.36 करोड़ रुपये से ज्यादा की बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और मार्केट-लिंक्ड इन्वेस्टमेंट का भी जिक्र है।

इस जानकारी में किशोर के नाम पर ₹65,570 और उनकी पत्नी के नाम पर ₹1,95,200 नकद होने की बात कही गई है। इसमें शेयरों, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और इंश्योरेंस पॉलिसी में किए गए निवेश का भी जिक्र है।

475 ग्राम सोना और कोई कार नहीं

इसके अलावा, अचल संपत्ति के तौर पर, किशोर ने बिहार के रोहतास जिले में एक बंद पड़ी राइस मिल की जानकारी दी है, जिसकी कीमत लगभग ₹9.75 करोड़ है। उन्होंने खुद खरीदी गई लगभग ₹59.25 करोड़ की रिहायशी संपत्तियों की भी जानकारी दी है, जिनमें पाटलिपुत्र कॉलोनी, वसंत विहार और गाजियाबाद की संपत्तियां शामिल हैं। वहीं, विरासत में उन्हें मिली रिहायशी संपत्तियों की कीमत लगभग ₹14.62 करोड़ है।

हलफनामे में परिवार की चल संपत्ति के तौर पर 475 ग्राम सोना होने की जानकारी भी दी गई है। इसमें यह भी बताया गया है कि किशोर पर लगभग ₹5.77 करोड़ की देनदारी है और उनके पास कोई कार नहीं है।

8 आपराधिक मामलों की दी जानकारी

कानूनी मामलों की बात करें तो किशोर ने अपने खिलाफ चल रहे आठ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इन मामलों में आपराधिक मानहानि और गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जमा करने जैसे आरोप शामिल हैं। हलफनामे में बताया गया है कि ये मामले बिहार के अलग-अलग हिस्सों, जैसे पटना और बेतिया के पुलिस स्टेशनों में दर्ज हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि उन्हें इनमें से किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है।

बता दें कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 30 जुलाई को होगा, जबकि नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 जुलाई है। इस चुनाव पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह प्रशांत किशोर का पहला चुनाव है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि पटना की इस अहम सीट पर जन सुराज पार्टी बीजेपी को कितनी कड़ी टक्कर दे पाती है।

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Bankipur by-election: कितनी है प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी की संपत्ति? जाह्नवी ज्यादा अमीर, चुनावी हलफनामे में हुआ खुलासा

prashant kishor net worth: बिहार की राजनीति में इस समय पटना की हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव सबसे बड़ा हॉट टॉपिक बना हुआ है। वजह हैं चुनावी रणनीतिकार से नेता बने जन सुराज पार्टी (JSP) के प्रमुख प्रशांत किशोर यानी पीके। सोमवार को जब प्रशांत अपनी पत्नी डॉक्टर जाह्नवी दास के साथ बांकीपुर सीट से नामांकन दाखिल करने पहुंचे, तो सबके मन में एक ही सवाल था कि राजनीतिक दलों की किस्मत बदलने वाले 'पीके' के पास खुद कितनी दौलत है? आपको बता दें कि बांकीपुर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि परिणाम 3 अगस्त को आएगा। 

 

हालांकि उनके चुनावी हलफनामे के बाद उनकी संपत्ति से जुड़ा सस्पेंस अब पूरी तरह खत्म हो गया है। हलफनामे के मुताबिक, प्रशांत किशोर और उनकी डॉक्टर पत्नी जाह्नवी दास मिलकर करीब 198 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। दिलचस्प बात यह है कि संपत्ति के मामले में पत्नी जाह्नवी पति प्रशांत किशोर से भी एक कदम आगे हैं। नामांकन के दौरान प्रशांत किशोर की कुर्सी पर हाथ टिकाकर उनके साथ मजबूती से खड़ीं डॉक्टर जाह्नवी दास पीके के राजनीतिक सफर में तो उनके साथ हैं, लेकिन नेटवर्थ के मामले में उनसे आगे हैं। ALSO READ: Bankipur by-election : प्रशांत किशोर की पहली चुनावी परीक्षा, बांकीपुर उपचुनाव में दांव पर जनसुराज का भविष्य, क्या है पार्टी की रणनीति

कितनी है दोनों की संपत्ति 

डॉक्टर जाह्नवी दास की कुल संपत्ति 101.93 करोड़ रुपए है। उनके पास 89.51 करोड़ रुपए की चल संपत्ति और 12.42 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। उन पर 55 लाख रुपए का कर्ज भी है।  प्रशांत किशोर पीके के पास अपने नाम पर 22.19 करोड़ की चल और 73.87 करोड़ की अचल संपत्ति है। प्रशांत किशोर पर 5.77 करोड़ रुपए का कर्ज भी है। उनकी कुल संपत्ति 96.07 करोड़ रुपए है। 

क्या है कमाई का जरिया

लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहकर देश के बड़े-बड़े नेताओं के लिए चुनावी रणनीति बनाने वाले प्रशांत किशोर ने अपनी कमाई का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया है। पीके ने बताया कि उन्होंने राजनीतिक सलाह देने के अपने पेशे से तीन साल में 241 करोड़ रुपए कमाए थे। उन्होंने वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच 4.45 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स और 5.58 करोड़ रुपये का GST भरा है।

100% ऑनरशिप वाली कंपनी

प्रशांत किशोर के पास 'वेदहास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी में शत-प्रतिशत शेयर हैं। इसी कंपनी के जरिए उन्होंने साल 2024-25 में अपनी ही 'जन सुराज पार्टी' को 85 करोड़ रुपए और 'जन सुराज फाउंडेशन' को 50 लाख रुपए का चंदा दिया। चंपारण में उपवास रखने के बाद प्रशांत किशोर ने एक बेहद चौंकाने वाला एलान किया था। उन्होंने घोषणा की है कि वे अपने घर को छोड़कर अपनी सारी संपत्ति जन सुराज पार्टी को दान कर रहे हैं। इसके साथ ही अगले 5 सालों तक कन्सल्टेंसी (सलाह) से होने वाली अपनी कमाई का 90 फीसदी हिस्सा भी वह पार्टी को दान कर देंगे। इससे पहले भी वह अपनी कमाई में से 98 करोड़ रुपए पार्टी को चंदे के रूप में दे चुके हैं।

भाजपा के गढ़ में पीके की चुनौती

दूसरों को चुनाव लड़वाने और जितवाने का दावा करने वाले प्रशांत किशोर का जीवन का यह पहला चुनाव है। सुबह-सुबह सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर में पत्नी के साथ पूजा-अर्चना करने के बाद पीके ने सीधे बीजेपी के इस पारंपरिक गढ़ में हुंकार भरी। यह सीट भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।

 

भाजपा के लिए इस सीट पर ड्रामा कम नहीं रहा। पार्टी ने पहले अभिषेक बंटी को उतारा, जिन्होंने 24 घंटे में मैदान छोड़ दिया। अब युवा चेहरे नीरज सिन्हा को टिकट दिया है। वहीं लालू यादव की आरजेडी ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है। 

प्रशांत किशोर का बड़ा दांव! बांकीपुर उपचुनाव में उतरने का किया ऐलान, सरकार को दी खुली चुनौती

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को ऐलान किया कि वह बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से होने वाला उपचुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह चुनाव इस बात की परीक्षा होगा कि बिहार की जनता बीजेपी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के साथ है या नहीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने अपनी उम्मीदवारी की पुष्टि की। यह सीट बीजेपी नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद उनके इस्तीफे से खाली हुई है। प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव राज्य सरकार के कामकाज पर जनता की राय जानने का अच्छा मौका होगा।

प्रशांत किशोर ने कही ये बात

प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर के लोग बिहार के सबसे पढ़े-लिखे और संपन्न लोगों में गिने जाते हैं। उन्होंने कहा, “लोग अपनी पसंद का सबसे अच्छा उम्मीदवार चुनें। अगर उन्हें मुझ पर भरोसा है, तो मैं उनसे मुझे वोट देने की अपील करता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी पार्टी का विधानसभा में सिर्फ एक ही विधायक होगा, तब भी वह बाकी 242 विधायकों के मुकाबले मजबूती से जनता की आवाज उठाएंगे। प्रशांत किशोर ने राज्य की मौजूदा सरकार पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पिछला विधानसभा चुनाव एनडीए ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा था, लेकिन अब सम्राट चौधरी बिना नया जनादेश लिए मुख्यमंत्री बने हैं।

प्रशांत किशोर ने कहा कि आने वाला बांकीपुर उपचुनाव सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज की जनता के बीच एक बड़ी परीक्षा होगा। उन्होंने कहा, “अगर इस चुनाव में बीजेपी जीतती है, तो मैं मान लूंगा कि जनता उनके साथ है। लेकिन अगर हमारी जीत होती है, तो यह सरकार के लिए साफ संदेश होगा।” उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव आयोग द्वारा उपचुनाव की तारीख घोषित होने के बाद जन सुराज पार्टी की कोर कमेटी ने आधिकारिक तौर पर उन्हें बांकीपुर सीट से उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया।

जानें कब होगा उपचुनाव

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी और 13 जुलाई तक चलेगी। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। अब तक बीजेपी ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है। वहीं, आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के गठबंधन ने भी अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। दूसरी ओर, पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल ने सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को अपना उम्मीदवार बनाया है।