200 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी, देश के इन राज्यों में है प्रॉपर्टी

बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर ने आज नए चैप्टर की शुरुआत की है। 3 अगस्त 2026 को बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे सामने आए हैं। बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी हार तो प्रशांत किशोर को जीत हासिल हुई है। जन सुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर 19,324 वोटों से जीते हैं। प्रशांत को 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार को 44,827 वोट मिले हैं। उनकी यह जीत इस लिहाज से अहम है कि बांकीपुर में बीते 31 साल से लगातार भाजपा का ही कब्जा था। इस जीत के बाद आइए जानते हैं प्रशांत किशोर की संपत्ति के बारे में।

200 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी

चुनाव आयोग में जमा किए गए हलफनामे के मुताबिक, उपचुनाव के जरिए राजनीति में कदम रखने वाले किशोर ने अपनी कुल संपत्ति 96 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई है। इनमें 22.19 करोड़ रुपये की चल संपत्ति (कैश, बैंक जमा, निवेश आदि) और 73.87 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति (जमीन और मकान) शामिल है। वहीं, उन पर करीब 5.78 करोड़ रुपये का कर्ज भी है। हलफनामे के अनुसार, उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने 101 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है। इसमें 89.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 12.42 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है।

देश के इन राज्यों में संपत्ति

दोनों पति-पत्नी की घोषित कुल संपत्ति 198 करोड़ रुपये से ज्यादा है। वहीं, हलफनामे में दर्ज अन्य संपत्तियों और निवेश को जोड़ने पर उनकी संयुक्त संपत्ति 208 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। प्रशांत किशोर के पास पटना के पाटलिपुत्र में एक मकान, दिल्ली के वसंत विहार में एक घर है। यूपी के गाजियाबाद स्थित इंदिरापुरम में एक अपार्टमेंट में दो फ्लैट हैं। बिहार के रोहतास जिला स्थित कोनार गांव में पैतृक संपत्ति भी है।

चुनावी हलफनामे के मुताबिक, किशोर के पास 65,570 रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास 1.95 लाख रुपये नकद हैं। दस्तावेज में किशोर का पेशा राजनीतिक सलाहकार (पॉलिटिकल कंसल्टेंट) बताया गया है। वहीं, डॉ. जाह्नवी दास नई दिल्ली के अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल में सीनियर एडवाइजर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) के पद पर कार्यरत हैं। राजनीति में आने से पहले किशोर ने करीब आठ साल तक संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने पहले भारत और बाद में अफ्रीका में स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े कई कार्यक्रमों पर काम किया।

2011 में छोड़ी थी नौकरी 

बता दें कि, साल 2011 में किशोर ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने राजनीतिक सलाहकार (पॉलिटिकल कंसल्टिंग) के क्षेत्र में कदम रखा। अपनी रणनीति और चुनावी अनुभव के दम पर वह देश के सबसे चर्चित चुनावी रणनीतिकारों में शामिल हो गए। जेडीयू (JD(U)) से अलग होने के बाद उन्होंने साल 2022 में ‘जन सुराज’ अभियान शुरू किया। फिर अक्टूबर 2024 में इसे एक राजनीतिक पार्टी का रूप दिया। अब बांकीपुर उपचुनाव जीतकर उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की पहली चुनावी जीत दर्ज की है।

“₹198 करोड़ की संपत्ति, 475 ग्राम सोना और कोई कार नहीं…” जानें प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव के हलफनामे में क्या जानकारी दी?

Prashant Kishor: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए अपने नॉमिनेशन पेपर के साथ दाखिल हलफनामे में लगभग 198 करोड़ रुपये की पारिवारिक संपत्ति की जानकारी दी है। इस खुलासे के साथ ही पहली बार चुनाव लड़ रहे पूर्व चुनाव रणनीतिकार की वित्तीय संपत्ति सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गई है।

हलफनामे के अनुसार, किशोर ने अपने नाम पर 96.06 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, जबकि उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने 101.93 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। इस तरह, परिवार की कुल घोषित संपत्ति लगभग 197.99 करोड़ रुपये है।

हलफनामे से पता चलता है कि परिवार की चल संपत्ति की कीमत 111.78 करोड़ रुपये है, जबकि अचल संपत्ति की कीमत 86.29 करोड़ रुपये है। किशोर की अपनी चल संपत्ति 22.19 करोड़ रुपये और उनकी पत्नी की चल संपत्ति 89.51 करोड़ रुपये बताई गई है।

बता दें कि किशोर की घोषित संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा उनका इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो है। उन्होंने ‘वेधास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ में 100% कंट्रोलिंग हिस्सेदारी की घोषणा की है, जिसकी कीमत लगभग 95.26 करोड़ रुपये है। हलफनामे में 7.36 करोड़ रुपये से ज्यादा की बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और मार्केट-लिंक्ड इन्वेस्टमेंट का भी जिक्र है।

इस जानकारी में किशोर के नाम पर ₹65,570 और उनकी पत्नी के नाम पर ₹1,95,200 नकद होने की बात कही गई है। इसमें शेयरों, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और इंश्योरेंस पॉलिसी में किए गए निवेश का भी जिक्र है।

475 ग्राम सोना और कोई कार नहीं

इसके अलावा, अचल संपत्ति के तौर पर, किशोर ने बिहार के रोहतास जिले में एक बंद पड़ी राइस मिल की जानकारी दी है, जिसकी कीमत लगभग ₹9.75 करोड़ है। उन्होंने खुद खरीदी गई लगभग ₹59.25 करोड़ की रिहायशी संपत्तियों की भी जानकारी दी है, जिनमें पाटलिपुत्र कॉलोनी, वसंत विहार और गाजियाबाद की संपत्तियां शामिल हैं। वहीं, विरासत में उन्हें मिली रिहायशी संपत्तियों की कीमत लगभग ₹14.62 करोड़ है।

हलफनामे में परिवार की चल संपत्ति के तौर पर 475 ग्राम सोना होने की जानकारी भी दी गई है। इसमें यह भी बताया गया है कि किशोर पर लगभग ₹5.77 करोड़ की देनदारी है और उनके पास कोई कार नहीं है।

8 आपराधिक मामलों की दी जानकारी

कानूनी मामलों की बात करें तो किशोर ने अपने खिलाफ चल रहे आठ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इन मामलों में आपराधिक मानहानि और गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जमा करने जैसे आरोप शामिल हैं। हलफनामे में बताया गया है कि ये मामले बिहार के अलग-अलग हिस्सों, जैसे पटना और बेतिया के पुलिस स्टेशनों में दर्ज हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि उन्हें इनमें से किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है।

बता दें कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 30 जुलाई को होगा, जबकि नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 जुलाई है। इस चुनाव पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह प्रशांत किशोर का पहला चुनाव है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि पटना की इस अहम सीट पर जन सुराज पार्टी बीजेपी को कितनी कड़ी टक्कर दे पाती है।

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