Market Outlook : अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए भारतीय इक्विटी इंडेक्स, जानिए 20 जुलाई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 17 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,300 के ऊपर रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 964.58 अंक या 1.25 प्रतिशत बढ़कर 78,151.45 पर और निफ्टी 261.55 अंक या 1.09 प्रतिशत बढ़कर 24,334.30 पर बंद हुआ। लगभग 1632 शेयरों में बढ़त हुई, 2419 शेयरों में गिरावट आई और 175 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,टेक महिंद्रा,TCS,जियो फाइनेंशियल और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में हिंडाल्को,डॉ. रेड्डीज़ लैब्स,विप्रो,सन फार्मा और मैक्स हेल्थकेयर शामिल रहे। सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2 प्रतिशत की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी बैंक रहा,जिसमें 1.6 प्रतिशत की बढ़त हुई। निफ्टी IT में 1.7 प्रतिशत की तेजी आई।

दूसरे बढ़त वाले सेक्टरों में निफ्टी ऑटो और निफ्टी रियल्टी में 1.3-1.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। जबकि निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1 प्रतिशत और निफ्टी FMCG में 0.7 प्रतिशत की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी फार्मा में 1.4 प्रतिशत और मेटल में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

बाजार जानकारों का कहना है कि घरेलू बाजार के लिए पहली तिमाही के नतीजे मेन ट्रिगर होंगे,जिससे अलग-अलग सेक्टर और शेयरों में हलचल दिखेगी। हालांकि,मिडिल ईस्ट में हो रही घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी अहम डिसाइडिंग फैक्टर बने रहेंगे। इनसे ब्याज दरों,कंपनियों की अर्निंग, महंगाई और देश के मैक्रोइकॉनॉमिक आउटलुक के अनुमानों पर असर पड़ने की संभावना है।

टाटा म्यूचुअल फंड को उम्मीद है कि बेहतर होते मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल के दम पर FY27 में निफ्टी की अर्निंग्स में 15-17% की बढ़ोतरी होगी। इसका कहना है कि निफ्टी का वैल्यूएशन अपने लान्ग टर्म एवरेज से नीचे आ गया है,जो अगले 12-18 महीनों में इक्विटी रिटर्न के लिए एक अच्छा माहौल बनाता है। भारत का लॉन्ग-टर्म इक्विटी आउटलुक, बेहतर होते इन्वेस्टमेंट साइकल,क्रेडिट ग्रोथ,मैन्युफैक्चरिंग को मिल रहे सपोर्ट,रियल एस्टेट में रिकवरी और मज़बूत बैंकिंग फंडामेंटल्स की वजह से अच्छा बना हुआ है। FII की लगातार बिकवाली के बावजूद,घरेलू संस्थागत निवेशकों का मज़बूत निवेश भारतीय इक्विटी को सपोर्ट कर रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि मार्केट की चाल में बदलाव दिख रहा है, जिसमें IT और बैंकिंग सेक्टर की अगुवाई में लार्ज-कैप शेयरों की ओर जबरदस्त रुझान है। बिजनेस अपडेट्स और Q1 की कमाई की उम्मीदों को लेकर अच्छे माहौल से इसे सपोर्ट मिल रहा है। यह ट्रेंड मुख्य रूप से घरेलू संस्थागत निवेशकों की वजह से दिख रहा है,जो महंगे मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों से निकलकर बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल और आकर्षक वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों में निवेश कर रहे हैं।

साथ ही,FY27 की दूसरी छमाही (H2) में घरेलू मांग अच्छी रहने की उम्मीद में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी खरीदारी का रुझान दिख रहा है। कुल मिलाकर भारत के लिए बेहतर होते आउटलुक के बीच चुनिंदा शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग और खरीदारी के साथ ब्रॉडर मार्केट का रुख पॉजिटिव बना हुआ है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि इंडेक्स पांच दिन के कंसोलिडेशन फेज से बाहर निकल गया है। यह ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के बढ़ते भरोसे का संकेत है। बाजार का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा,RSI बुलिश क्रॉसओवर में आ गया है,जिससे पॉजिटिव मोमेंटम और मजबूत हुआ है। आने वाले समय में निफ्टी के मजबूत बने रहने और 24,800 के लेवल की ओर बढ़ने की संभावना है। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। अगर यह इस लेवल से नीचे गिरता है तो कंसोलिडेशन का दौर शुरू हो सकता है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार रिलायंस इंडस्ट्रीज,HDFC बैंक और ICICI बैंक के Q1FY27 नतीजों पर बारीकी से नजर रखेगा। इनसे बाजार की निकट भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर,बाजार के स्टॉक-स्पेसिफ़क रहने की संभावना है। अच्छी कमाई करने वाली कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

 

इंश्योरेंस सेक्टर के लिए आईं दो बड़ी एक्सक्लूसिव खबरें, ICICI प्रू लाइफ और SBI लाइफ को बड़ी राहत संभव

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Stock Market Live Update:भारतीय बाजारों के लिए मिले जुले संकेत मिल रहे है। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त देखने को मिल रही है। FIIs की कैश में 4200 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई। लेकिन वायदा में अच्छी खरीदारी रही। FIIs ने इंडेक्स फ्यूचर्स में करीब 14000 शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट कवर किए।

इस बीच एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे है। निक्केई में 3 परसेंट तो ताइवान में 4% से ज्यादा की गिरावट दिखा रहा है। वहीं कॉस्पी में आज CONSTITUTION DAY की छुट्टी है। डाओ फ्यूचर्स भी 200 प्वाइंट से ज्यादा नीचे है। उधर कल अमेरिका में चिप शेयरों में फिर तेज बिकवाली दिखी। नैस्डैक करीब डेढ़ परसेंट फिसला है। डाओ और S&P में भी हल्की गिरावट देखने को मिली।

अब सभी की नज़रें अगले दो दिनों पर होंगी जब इंडेक्स के एक-तिहाई से ज़्यादा लोग तिमाही के नतीजों की रिपोर्ट करेंगे, जिसकी शुरुआत आज शाम रिलायंस इंडस्ट्रीज़ से होगी। यह समय HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और यस बैंक के साथ खत्म होगा, ये सभी शनिवार को नतीजों की रिपोर्ट करेंगे।

इन नतीजों की उम्मीद में, निफ्टी बैंक भी उतार-चढ़ाव वाला रहा है और इंडेक्स नीचे की तरफ 57,500 पर बना रहा, जबकि 58,000 एक रुकावट बन गया है। आज विप्रो, टेक महिंद्रा, जियो फाइनेंशियल, CEAT, पिरामल फाइनेंस वगैरह कंपनियों के अर्निंग्स रिएक्शन आ रहे हैं, जबकि RIL के अलावा फेडरल बैंक, हैवेल्स इंडिया, JSW स्टील, RBL बैंक, टाटा टेक भी आज रिजल्ट्स की रिपोर्ट कर रहे हैं।

 

Market Outlook : सपाट बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 17 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 16 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट बंद हुए हैं। IT और कंज्यूमर सेंट्रिक शेयरों में बढ़त का असर बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में कमजोरी से खत्म हो गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1.44 अंक बढ़कर 77,186.87 पर और निफ्टी 5.75 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ। लगभग 1947 शेयरों में बढ़त हुई, 2119 शेयरों में गिरावट आई और 194 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

अलग-अलग शेयरों में मिला-जुला असर दिखा। इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहा, जिसमें 1.8% की तेजी आई। इसके बाद विप्रो (+1.7%), बजाज फाइनेंस (+1.6%), HCL टेक्नोलॉजीज (+1.6%) और मारुति सुजुकी (+1.4%) रहे। गिरावट वाले शेयरों में, एटरनल 2.8% गिरा, जबकि SBI लाइफ इंश्योरेंस में 2.3% की गिरावट आई। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 0.9% गिरा, HDFC बैंक 0.8% टूटा और श्रीराम फाइनेंस में 0.8% की गिरावट आई।

सेक्टर इंडेक्स में, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.5% की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी मीडिया (+1%), निफ्टी IT (+0.7%) और निफ्टी ऑटो (+0.4%) रहे। निफ्टी FMCG (+0.25%) भी बढ़त के साथ बंद हुआ।

गिरावट वाले सेक्टरों में, निफ्टी रियल्टी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जिसमें 1% की गिरावट आई। निफ्टी PSU बैंक 0.5% गिरा, इसके बाद निफ्टी मेटल (-0.3%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-0.3%) और निफ्टी बैंक (-0.3%) रहे।

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 में 0.4% की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एशियाई बाजार के कमजोर रुझानों के बीच निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती रही। महंगाई की चिंताओं ने फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर पर दबाव डाला, वहीं कुछ पेट्रोकेमिकल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी फिर से लागू होने और मज़बूत कमाई के दम पर केमिकल सेक्टर एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा। उधर उम्मीद से कम अमेरिकी महंगाई दर ने ब्याज दरों से जुड़ी चिंताओं को कम किया और बाजार को कुछ सहारा दिया। आगे बाजार की नजर कंपनियों के नतीजों और मैनेजमेंट की टिप्पणियों के साथ-साथ मॉनसून की प्रगति पर रहेगी। इसके अलावा ग्लोबल स्थिति और महंगाई से जुड़ी घटनाएं बाजार की चाल पर असर डालती रहेंगी।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि निफ्टी एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है, जो न्यूट्रल रुख के साथ कंसोलिडेशन का संकेत है। टेक्निकल तौर पर इंडेक्स को 23,950–24,000 के जोन में मज़बूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जबकि 24,250–24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इसके बाद 24,500 के आसपास एक बड़ी रुकावट हो सकती है।

ऑप्शन चेन डेटा भी 24,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा ‘पुट राइटिंग’ का संकेत दे रहा है, जो इसे एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर मजबूत करता है। मौजूदा टेक्निकल सेटअप को देखते हुए, सपोर्ट के पास गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास उछाल पर बिकवाली की रणनीति सही रहेगी।

उन्होंने आगे कहा कि बैंक निफ्टी इंडेक्स ने डेली चार्ट पर एक छोटी कैंडलस्टिक बनाई है, जो अनिश्चितता का संकेत है क्योंकि इंडेक्स कंसोलिडेशन रेंज में ट्रेड कर रहा है। RSI न्यूट्रल जोन के पास स्थिर है, जो मज़बूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी का संकेत है। टेक्निकल तौर पर 56,800–57,000 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जबकि 58,200 का लेवल अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

जब तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, तब तक रुख न्यूट्रल रहने की उम्मीद है। इस स्थिति में सपोर्ट के पास ‘बाय-ऑन-डिप्स’ और रेजिस्टेंस के पास ‘सेल-ऑन-राइज़’ की रणनीति फायदेमंद रहेगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 23960-23930 के पास स्थित 50-डे का EMA जोन तत्काल सपोर्ट का काम करेगा । अगर यह 23930 के लेवल से नीचे जाता है और वहां बना रहता है तो और ज्यादा प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और इंडेक्स 23780 के लेवल तक गिर सकता है, जो अगला अहम सपोर्ट जोन बन सकता है।

ऊपर की तरफ, 24160-24200 की रेंज एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बनी हुई है। अगर इंडेक्स इस दीवार को पार कर जाता है, तो मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हो सकता है और और ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है। तब तक, इंडेक्स में एक तय रेंज के अंदर ही ट्रेडिंग होने की संभावना है।

 

 

Stock In News : इस बिस्कुट और ब्रेड बनाने वाली कंपनी पर दिग्गज इन्वेस्टर सुनील सिंघानिया ने लगाया दांव, 14% भागा शेयर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ममता बनर्जी को महाझटका! TMC के 12 और बैंक खाते सील, अब तक 1000 करोड़ रुपए लॉक

TMC bank accounts sealed: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा भूचाल आ चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसी (ED) का शिकंजा ऐसा कसा है कि पार्टी पूरी तरह लाचार नजर आ रही है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने टीएमसी के 12 और बैंक खातों को पूरी तरह फ्रीज कर दिया। कलकत्ता हाई कोर्ट से मिली मामूली राहत के अगले ही दिन हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब तक टीएमसी के कुल 15 बैंक खाते सील हो चुके हैं, जिनमें करीब 1,000 करोड़ रुपये फंसे होने का अनुमान है।

सरकारी और प्राइवेट बैंकों पर एक्शन

पुलिस के आला अफसरों के मुताबिक, जिन 12 नए खातों पर रोक लगाई गई है, वे अलग-अलग सरकारी और प्राइवेट बैंकों में फैले हुए हैं। पुलिस ने इन खातों को खोलने वालों की पूरी कुंडली और पिछले सभी लेन-देन (ट्रांजैक्शन हिस्ट्री) का ब्योरा बैंकों से तलब किया है। ALSO READ: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, ED ने फ्रीज किए 440 करोड़, क्या होगा TMC पर इसका असर

इससे पहले गुरुवार को ही कलकत्ता हाई कोर्ट ने टीएमसी को HDFC बैंक के तीन खातों से रोजमर्रा के दफ्तर के खर्चे, स्टाफ की सैलरी और कानूनी लड़ाई के लिए सीमित लेन-देन की इजाजत दी थी। इसके लिए रिटायर्ड जस्टिस सुब्रत तालुकदार को विशेष अधिकारी भी नियुक्त किया गया था। लेकिन पुलिस की इस नई कार्रवाई ने हाई कोर्ट से मिली राहत को पूरी तरह बेअसर कर दिया है।  ALSO READ: ममता बनर्जी ने संभाली TMC की कमान, बागी नेताओं को दी चुनौती, बोलीं- मुझे रोकना है तो मारना पड़ेगा…

 

इस पूरे विवाद की जड़ें हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों और पार्टी के भीतर मचे घमासान से जुड़ी हैं। विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद टीएमसी के भीतर अंतर्कलह चरम पर पहुंच गई। ममता बनर्जी के ही बागी विधायकों और सीनियर नेताओं ने बैंक प्रशासन से लिखित शिकायत कर दी कि संगठन में भारी विवाद है, इसलिए खातों से लेन-देन रोका जाए।

 

साइबर क्राइम सेल में FIR : बागी नेताओं ने बिधाननगर पुलिस के साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि इन खातों में जमा भारी-भरकम रकम के सोर्स (पूंजी का जरिया) संदिग्ध हैं। इस शिकायत के अगले ही दिन पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

क्या है पूरा मामला?

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत इन खातों को अटैच किया है। यह पूरी कार्रवाई एक प्राइवेट एविएशन कंपनी से जुड़े 160 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है। यह पूरा स्कैम एक 'एम्ब्रेयर बिजनेस जेट' और एक 'अगस्ता हेलीकॉप्टर' की रहस्यमयी खरीद-फरोख्त से जुड़ा हुआ है। टीएमसी ने शुक्रवार को दोबारा कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया और ईडी के इस फ्रीजिंग ऑर्डर को चुनौती दी है। पार्टी के सीनियर वकील किशोर दत्ता ने जस्टिस कृष्णा राव की अदालत से तुरंत सुनवाई की गुहार लगाई, जिस पर अब अदालत सोमवार को फैसला करेगी।

 

Bank Nifty View : ट्रंप के बयान ने मचाई अफरातफरी, बैंक निफ्टी 2% से ज्यादा टूटा, जानिए इंडेक्स पर क्या है मार्केट दिग्गजों की राय

Bank Nifty View : बुधवार दोपहर को बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त बिकवाली आई। इसके चलते बैंक निफ्टी 2 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयानों के बाद बाजार का मूड खराब हो गया, जिससे इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑफ बिकवाली (जोखिम से बचने के लिए बिकवाली) शुरू हो गई। फिलहाल, निफ्टी बैंक इंडेक्स 2.10 प्रतिशत गिरकर 56,977 के आसपास आ गया है जो 57,000 के स्तर से काफी नीचे है। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 2.30 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 2.08 प्रतिशत गिरा है। पूरे मार्केट पर भी भारी दबाव दिख रहा है। सेंसेक्स 1,514.13 अंक या 1.94 प्रतिशत गिरकर 76,666.59 पर और निफ्टी 462.40 अंक या 1.90 प्रतिशत गिरकर 23,936.30 पर आ गया है। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 25 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है, जो मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ने का संकेत है।

ट्रंप के यह कहने के बाद कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ युद्धविराम खत्म हो गया है, बिकवाली (selloff) और तेज़ हो गई। ट्रंप के इस बयान से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट पर इसके संभावित असर को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।

बैंकिंग शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली आई है। यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है। इसके शेयर लगभग 3.4 प्रतिशत गिरे हैं। इसके बाद बैंक ऑफ़ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। ICICI बैंक, केनरा बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक, यस बैंक, HDFC बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, इंडसइंड बैंक, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में भी गिरावट के साथ कारोबार हो रहा। इनमें 1 से 2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है।

बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू

बुधवार को आई इस भारी गिरावट के बावजूद, एनालिस्ट बैंक निफ्टी के बड़े टेक्निकल स्ट्रक्चर को अभी भी पॉजिटिव मान रहे हैं। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है और 58,600-58,700 का जोन अभी भी अहम रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। अगर यह इंडेक्स लगातार इस रेंज से ऊपर बना रहता है, तो इसके लिए 59,000 के लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

दूसरी ओर एनालिस्ट 57,800-57,500 के दायरे को निकट भविष्य के लिए एक अहम सपोर्ट जोन मान रहे हैं। बजाज ब्रोकिंग ने 57,000-56,800 के दायरे को एक अहम डिमांड एरिया बताया है, जहां पिछले तीन हफ्तों में खरीदारी देखी गई है। उनका कहना है कि अगर यह सपोर्ट जोन बना रहता है, तो मौजूदा कंसोलिडेशन को अच्छे बैंकिंग शेयरों को धीरे-धीरे जमा करने के मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए।

Trading Strategy : अभी फिलहाल कोई नया ट्रेड नहीं है, पश्चिम एशिया में होने वाले एक्शन पर बनी रहे नजर

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

1 July से बदल गए 6 बड़े नियम: Aadhaar, Passport से लेकर Credit Card तक, आपकी जेब पर सीधा असर

rules changes from 1st july

1 July New Financial Rules 2026: नया महीना अपने साथ कई बड़े वित्तीय और नीतिगत बदलाव लेकर आया है। 1 जुलाई 2026 से देश में बैंकिंग, पासपोर्ट और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। अगर आप इन बदलावों से अनजान हैं, तो आपको बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। ALSO READ: 25,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन होंगे सस्ते, GSTघटाकर 5% करने की सिफारिश
 

अगर आपके पास HDFC या SBI का क्रेडिट कार्ड है, या आप नया पासपोर्ट बनवाने जा रहे हैं, तो रुकिए! 1 जुलाई से आपकी जेब ढीली होने वाली है। आइए जानते हैं RBI, UIDAI और प्रमुख बैंकों द्वारा जारी किए गए उन 6 बड़े बदलावों के बारे में, जो सीधे आपके बजट को प्रभावित करेंगे।

 

1. पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा: फीस में बढ़ोतरी

विदेश यात्रा का सपना देखने वालों के लिए पहला झटका पासपोर्ट ऑफिस से आया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के नए सर्कुलर के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की फीस में बढ़ोतरी कर दी गई है:

  • नॉर्मल कैटेगरी : इसकी फीस 1,500 रुपए से बढ़ाकर अब 1,800 रुपए कर दी गई है।
  • तत्काल पासपोर्ट: इसके लिए अब आपको 3,500 रुपए की जगह 4,000 रुपए खर्च करने होंगे।

 

2. Aadhaar Card: ईमेल आईडी अपडेट कराना हुआ बिल्कुल फ्री

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए UIDAI ने घोषणा की है कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक आधार कार्ड में ईमेल आईडी लिंक या अपडेट कराना पूरी तरह से मुफ्त होगा।

नोट: इससे पहले इस सर्विस के लिए 50 रुपए का शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब इसमें 50 रुपए की सीधी छूट मिलेगी। हालांकि, मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए निर्धारित शुल्क लागू रहेगा।

 

3. Credit Card Lounge Access: अब खर्च करने होंगे ज़्यादा पैसे

अगर आप क्रेडिट कार्ड के जरिए एयरपोर्ट लाउंज (Airport Lounge) का मुफ्त फायदा उठाते थे, तो अब जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। SBI Card और HDFC बैंक समेत कई बड़े दिग्गजों ने अपने नियम कड़े कर दिए हैं:

  • नया नियम: अब अगली तिमाही (Quarter) में मुफ्त लाउंज एक्सेस पाने के लिए चालू तिमाही में कम से कम 60,000 रुपए की स्पेंडिंग (खर्च) करना अनिवार्य होगा।
  • पहले यह लिमिट 35,000 रुपए से 50,000 रुपए के बीच हुआ करती थी।

 

4. RBI का 'मिस-सेलिंग' पर नया डंडा: लोन और इंश्योरेंस के नियम सख्त

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को बैंकों की मनमानी से बचाने के लिए 'मिस-सेलिंग' (Mis-selling) पर नए कड़े नियम लागू कर दिए हैं।

  • अब कोई भी बैंक या एजेंट आपको लोन देते समय जबरन कोई इंश्योरेंस पॉलिसी या अनचाहा कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट नहीं बेच सकता।
  • अगर कोई बैंक ऐसा करता है, तो ग्राहक सीधे RBI लोकपाल (Ombudsman) से शिकायत कर सकते हैं, और बैंक पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

 

2 july changes

5. स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Schemes) की ब्याज दरें

वित्त मंत्रालय ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा की है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) की दरों को इस बार स्थिर रखा गया है। हालांकि, कुछ चुनिंदा फिक्स्ड डिपॉजिट्स (FD) की दरों में 0.10% का मामूली बदलाव किया गया है, जिसकी पूरी लिस्ट आप पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

 

6. NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य

पेंशन फंड नियामक PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत ट्रांजैक्शन को और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। 1 जुलाई से सभी NPS खातों में लॉगिन करने के लिए आधार-आधारित टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) पूरी तरह अनिवार्य हो गया है। इसके बिना यूजर्स अपने अकाउंट को एक्सेस नहीं कर पाएंगे।

 

टेकअवे (Takeaway)

जुलाई के इस महीने में किसी भी वित्तीय नुकसान से बचने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड के खर्चों को ट्रैक करें और अगर आधार में ईमेल अपडेट पेंडिंग है, तो तुरंत UIDAI के पोर्टल पर जाकर इस मुफ्त सेवा का लाभ उठाएं।

Disclaimer: यह जानकारी संबंधित विभागों (RBI, UIDAI, MEA) के आधिकारिक सर्कुलर और नोटिफिकेशन के आधार पर दी गई है। किसी भी सेवा का लाभ लेने से पहले उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर नियमों की जांच जरूर कर लें।

PF, क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट फीस, Aadhaar अपडेट, LPG रेट, ITR डेडलाइन… 1 जुलाई से बदल गईं ये चीजें

Rules Changing From July 1 2026:  1 जुलाई से देश में कई जरूरी फाइनेंशियल और और नीतिगत बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर इनकम टैक्स, सैलरीड क्लास, पेंशन पाने वालों, बैंक कस्टमर और विदेश यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ने जा रहा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों और पासपोर्ट फीस से लेकर ईपीएफओ सेवाओं, आधार नियमों और क्रेडिट कार्ड के फायदों में कई बड़े अपडेट किए गए हैं। आइए आपको इन बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं ताकि आप किसी तरह की असुविधा से बचें और बजट को बेहतर तरीके से प्लान कर पाएं।

1- कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ सस्ता, घरेलू दाम स्थिर

सरकार ने 1 जुलाई से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कटौती की है। इससे होटलों, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिली है। इस कटौती के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3113.50 से घटकर ₹2930 हो गई है। हालांकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह कटौती 2026 की पहली छमाही के दौरान कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में हुई कई तेज वृद्धियों के बाद आई है।

2- FY 2025-26 के लिए ITR फाइलिंग की डेडलाइन

करदाताओं को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय-सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-2 फॉर्म भरने वाले व्यक्तिगत करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। ऐसे करदाता जो ITR-3 और ITR-4 दाखिल करते हैं और जिन पर टैक्स ऑडिट की आवश्यकता लागू नहीं होती है, उनके पास अपना रिटर्न जमा करने के लिए 31 अगस्त 2026 तक का समय है। तय समय-सीमा चूकने पर जुर्माना लग सकता है, टैक्स रिजीम को चुनने पर रोक लग सकती है और नुकसान को आगेल कैरी फॉरवर्ड करने की सर्विस से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

3- EPFO 3.0: UPI आधारित पीएफ विड्रॉल की सुगबुगाहट

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से बहुप्रतीक्षित EPFO 3.0 प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया जा रहा है। इसके तहत ईपीएफ सब्सक्राइबर्स को यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से तुरंत पैसे निकालने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

4- पासपोर्ट फीस में हुआ भारी इजाफा

सरकार ने पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन करके पासपोर्ट आवेदन शुल्क में बदलाव किया है। ये बदलाव भी 1 जुलाई से प्रभावी हो गया है। अब 36 पन्नों के नए सामान्य पासपोर्ट की फीस 1500 से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी गई है। इसी कैटेगरी में तत्काल शुल्क को 3500 से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया गया है। 60 पन्नों के पासपोर्ट और खोए या कटे-फटे पासपोर्ट को बदलने की फीस में भी बढ़ोतरी की गई है। वरिष्ठ नागरिकों और 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नए आवेदनों पर 10 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी।

5- आधार (Aadhaar) में ईमेल अपडेट करना हुआ फ्री

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधिकारिक आधार मोबाइल ऐप के माध्यम से पंजीकृत ईमेल पते को अपडेट करने पर लगने वाले ₹75 के शुल्क को माफ कर दिया है। यह मुफ्त सुविधा 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी।

6- मिस-सेलिंग पर RBI की सख्ती, टेलीमार्केटिंग का समय तय

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों द्वारा वित्तीय उत्पादों की गलत तरीके से बिक्री को रोकने और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम पेश किए हैं। अगर किसी ग्राहक को उचित सहमति के बिना या भ्रामक तरीकों से उत्पाद बेचे जाते हैं तो वे रिफंड और मुआवजे के हकदार होंगे। बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे टेलीमार्केटिंग और प्रमोशनल कॉल्स को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही सीमित रखें।

7- HDFC बैंक ने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड और लाउंज नियमों को बदला

एचडीएफसी बैंक ने अपने रेगेलिया गोल्ड और डाइनर्स क्लब प्रिविलेज क्रेडिट कार्ड के लिए रिवॉर्ड पॉइंट स्ट्रक्चर और ट्रैवल बेनिफिट्स में बदलाव किया है। रिवॉर्ड कैलकुलेशन से जुड़े बदलाव पहले ही लागू किए जा चुके हैं जबकि एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस से जुड़ी संशोधित शर्तें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। नए नियमों के मुताबिक रेगेलिया गोल्ड कार्डधारकों को कॉम्प्लीमेंट्री डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस का लाभ उठाने के लिए पिछली तिमाही में कम से कम 60000 रुपये खर्च करने होंगे।

8- SBI कार्ड ने लगाई रिवॉर्ड पॉइंट्स पर कैपिंग

एसबीआई कार्ड ने अपने दो वेरिएंट्स PhonePe SBI Card Purple और PhonePe SBI Card Select Black के नियमों में बदलाव की घोषणा की है। 1 जुलाई से प्रभावी नियमों के तहत कंपनी ग्राहकों द्वारा कमाए जाने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स पर मंथली कैप लगाएगी। इंश्योरेंस से जुड़े खर्चों और अन्य श्रेणियों के खर्चों के लिए अलग-अलग सीमाएं लागू होंगी। ऑनलाइन लेनदेन पर मिलने वाले अधिकतम रिवॉर्ड पॉइंट्स को भी कम कर दिया गया है।

Market Insight : अच्छे शेयर और थीम्स खोजें और उनमें बने रहें, इंडेक्स में फिलहाल के लिए इंट्राडे ही रहें

Market Insight : आज बड़ी वाली एक्सपायरी का दिन है। आज बाजार के लिए तीन वजह से अहम दिन है। आज मंथ एंड,क्वार्टर एंड और सीरीज एंड तीनों एक साथ हैं। ऐसे में आज आखिरी 1 घंटे में काफी उतार-चढ़ाव हो सकता है। आज के मूव को ट्रेंड न समझें,ट्रेंड कल से साफ होगा। बाजार में अभी भी अपट्रेंड है। यह टूटा नहीं है। जब तक निफ्टी 23,830 (20 DEMA) के ऊपर है,ट्रेंड ठीक है और बैंक निफ्टी अभी भी सबसे मजबूत इंडेक्स है। बैंक निफ्टी अब भी 10 और 20 DEMA के काफी ऊपर है। इंडिया VIX भी 200 DMA के नीचे ही चल रहा है। ये बातें सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडीटर अनुज सिंघल ने कही है।

उन्होंने आगे कहा कि मार्केट ब्रेड्थ को लेकर दिक्कत बस कुछ दिनों की रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप काफी चल चुके हैं। ऐसे में इनमें मुनाफावसूली लाजमी है। अगले हफ्ते बाजार का ट्रेंड एकदम क्लियर हो जाना चाहिए।

बाजार: आज के संकेत

आज NSE के सभी कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी का दिन है। निफ्टी,बैंक निफ्टी,फिन निफ्टी,मिडकैप सिलेक्ट की एक्सपायरी आज होगी। शेयरों की भी एक्सपायरी आज है। निफ्टी में सबसे ज्यादा बिल्डअप 24,000 कॉल और पुट में है। ऑप्शन राइटर्स की बेसिक रेंज 23,840-24,160 है। इन दोनों लेवल्स के टूटने पर ही बड़ा मूव आ सकता है।

प्राइवेट बैंकों पर नजर

आज प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के लिए बहुत बड़ी खबरें हैं। HDFC बैंक की दिक्कतें अब लग रहा है दूर हुई हैं। HDFC बैंक का नया पार्ट टाइम चेयरमैन अप्रूव हो गया है। जल्दी ही HDFC बैंक के CEO से जुड़ी अनिश्चितता भी दूर होनी चाहिए। एक्सिस बैंक के CFO पुनीत शर्मा HDFC बैंक के CFO होंगे। बंधन बैंक के CFO राजीव मंत्री एक्सिस बैंक से जुड़ सकते हैं।

US-ईरान तनाव जारी

कच्चा तेल $72.50 के पास है। US-ईरान के बीच आज कतर में बातचीत होने की संभावना पर सबकी नजर है। ट्रंप का दावा है कि ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है। उधर ईरान का कहना है कि कुछ भी प्लान नहीं है। उधर US बाजारों में कल टेक और AI शेयरों के दम पर उछाल दिखा। नैस्डेक 2% चढ़ा, S&P 500 इंडेक्स 5 दिन की गिरावट के बाद 1.17% ऊपर बंद हुआ।

बाजार: कैसा है टेक्सचर?

बाजार में इस समय बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है। लेकिन उसके बीच में इंट्राडे ट्रेंड निगेटिव है। पिछले 2-3 दिनों से पैसा बिकवाली करके बन रहा है। ऑप्शन राइटर्स के लेवल्स पर रिवर्स ट्रेड लेने से भी पैसा बना है। मगर जब तक बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है,शॉर्ट कैरी मत करें। बड़ा ट्रेंड 23,800 के नीचे बंद होने पर ही निगेटिव होगा। बैंक निफ्टी में बड़ा ट्रेंड 57,100 के नीचे ही बंद होगा। निफ्टी IT अभी भी बाजार का सबसे बड़ा पेन प्वाइंट है। कल परसिस्टेंट की खबर पर बाजार ने ओवररिएक्शन दिया है। आगे पता चलेगा कि शायद ये खरीदारी का मौका था।

इंडिया VIX और मार्केट ब्रेड्थ पर भी नजर रखनी होगी। जब तक इंडिया VIX 14.5 यानी 200 DMA के नीचे है,दिक्कत नहीं है। मार्केट ब्रेड्थ खराब हुई है लेकिन टूट नहीं हुई है। एक रिस्क बाजार में खुला है, यह है खराब क्वालिटी के IPOs का। साथ ही ब्लॉक डील्स और OFS भी एक बड़ा रिस्क रहा है। अच्छी बात ये है कि ट्रेडिंग विंडो कल से बंद हो जाएगी और अगले 45 दिन बाजार में प्रोमोटर्स की बिकवाली बंद होगी।

Market Trend : मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार में दबाव, फिर भी इन दो शेयरों में सही रणनीति से हो सकती है बंपर कमाई

बाजार: क्या हो रणनीति?

अच्छे शेयर और थीम्स खोजें और उनमें बने रहें। इंडेक्स में फिलहाल के लिए इंट्राडे रहें। हमें निफ्टी में 1000-2000 अंकों का ट्रेंड पकड़ने में मजा आता है। हर 100-200 अंकों के मूव पकड़ने में टेंशन ज्यादा है और मुनाफा कम। जब बड़ा 1000-2000 अंकों का मूव समझ आएगा,तब साफ नजरिया बनाएंगे। बैंक निफ्टी में अभी भी 60,000 का मूव बचा हुआ है। मगर 57,100 के नीचे बंद हुए तो ये ट्रेड कैंसल हो जाएगी। डॉनल्ड ट्रंप वाला रिस्क फैक्टर अभी भी बाकी है। अभी भी बीच-बीच में उनके बयान आते हैं जो मूड खराब करते हैं।

कच्चा तेल भी अब युद्ध से पहले वाले लेवल पर आ चुका है। अब ब्रेंट $70 के नीचे आए तो बैंक निफ्टी में बहुत बड़ी वाली रैली आएगी। डॉलर-रुपए पर भी नजर रखें,ग्लोबली डॉलर मजबूत है। एक अच्छी बात ये कि मेटल्स की कीमतें नीचे आ रही हैं। ये हमारे कई सेक्टर्स के लिए थोड़ा पॉजिटिव है,जैसे कि ऑटो।

निफ्टी पर रणनीति

इसकी आज की बेसिक रेंज 23,840-24,160 है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 23,850-23,900 है। SL 23,750 पर रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 24,050-24,150 है। इसके लिए SL 24,250 पर रखें। अगर रेंज ब्रेक होती दिखे तो कॉल के जरिये दांव लगाएं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी में आज थोड़ा सतर्क रहें। बैंक निफ्टी में 5 मिनट की 300 अंकों की बड़ी कैंडल बन सकती है। ऐसे में चाहें तो आज बैंक निफ्टी से दूर रहें। कम्पल्सिव ट्रेडर 57,200-58,200 की रेंज को ट्रेड करें।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : मोमेंटम पड़ा कमजोर,शॉर्ट टर्म में 23800-24200 की रेंज में ट्रेड होने की उम्मीद

Trade setup for today : 30 जून को डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी से ठीक पहले,29 जून को निफ्टी में दूसरे हाफ में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई और यह 0.50 फीसदी गिरकर बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,इसलिए इसका अंडरलाइंग ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर एक ऐसे दौर का संकेत दे रहे हैं जिसमें बाजार में कोई खास हलचल नहीं होगी और यह एक दायरे में बना रहेगा। शॉर्ट टर्म में इंडेक्स के 23,800-24,200 की रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। जानकारों के मुताबिक,अगर यह इस रेंज से नीचे जाता है तो बाजार पर गिरावट का दबाव बन सकता है। जबकि अगर यह वापस ऊपर आता है और इस स्तर से ऊपर बना रहता है,तो इंडेक्स 24,500-24,600 के जोन की ओर बढ़ सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,922, 23,876 और 23,802

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,072, 24,118 और 24,192

निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर स्मॉल अपर और लोअर शैडो के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई। इससे पता चलता है कि सेलिंग प्रेशर है,रुकावट के लेवल पर ब्रेकआउट फेल हो गया है और उस लेवल के आसपास इंडेक्स एक दायरे में ही घूम रहा है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा था,लेकिन 100-दिन के EMA को वापस हासिल नहीं कर पाया और अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे आ गया। RSI 53.89 पर सिग्नल लाइन के करीब पहुंच गया,जबकि MACD हिस्टोग्राम पर हरा बार लगातार छठे सेशन में छोटा हो गया। इन सबसे पता चलता है कि तेजी का ट्रेंड तो बना हुआ है,लेकिन मोमेंटम कमज़ोर पड़ गया है,जिससे निकट भविष्य में रेंज-बाउंड ट्रेड की संभावना बढ़ गई है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,154, 58,315 और 58,575

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,634, 57,473 और 57,213

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’बनाई,जिससे पता चलता है कि प्रॉफिट बुकिंग हुई है और यह ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। हालांकि, इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और उनमें से ज़्यादातर ऊपर की ओर ही बढ़ रहे थे। RSI 60 के लेवल से ऊपर 61.92 पर रहा,हालांकि इसमें’बेयरिश क्रॉसओवर’दिखा। MACD जीरो और सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा,लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह हिस्टोग्राम पर दिख रही हरी पट्टी से पता चलता है,जो लगातार छठे सेशन में छोटी हुई है। इन सबसे पता चलता है कि ओवरऑल ट्रेंड तो पॉज़िटिव है,लेकिन तेज़ी का मोमेंटम कम हो रहा है,जिससे संकेत मिलता है कि जल्द ही कंसोलिडेशन या रेंज-बाउंड ट्रेडिंग का दौर आ सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

29 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,350 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार पांचवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,800 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 4.29 प्रतिशत बढ़कर 13.61 पर पहुंच गया,जिससे तेजड़ियों को थोड़ी परेशानी हुई। हालांकि,यह सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो’बुल्स’के लिए अच्छी बात है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 जून को पिछले सेशन के 1.06 से घटकर 0.85 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

HDFC बैंक ने एक्सिस बैंक के पूर्व एग्जीक्यूटिव पुनीत शर्मा को नियुक्त किया CFO, 1 दिसंबर से संभालेंगे कामकाज

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC बैंक ने एक्सिस बैंक के पूर्व एग्जीक्यूटिव पुनीत शर्मा को नियुक्त किया CFO, 1 दिसंबर से संभालेंगे कामकाज

HDFC बैंक ने सोमवार को एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि उसके बोर्ड ने 1 सितंबर,2026 से पुनीत शर्मा को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर-डेजिग्नेट (CFO-डेजिग्नेट) के तौर पर नियुक्त करने की मंज़ूरी दे दी है। वह 1 दिसंबर,2026 से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) का पद संभालेंगे। शर्मा के पास बैंकिंग,फाइनेंशियल सर्विसेज़ और स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में 26 साल से ज़्यादा का अनुभव है।

अभी तक वे एक्सिस बैंक में ग्रुप एग्जीक्यूटिव और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे। यहां उन्होंने बैंक के फाइनेंस कामकाज के साथ-साथ इन्वेस्टर रिलेशंस,लीगल,सेक्रेटेरियल और दूसरे अहम कॉर्पोरेट कामों की जिम्मेदारी संभाल रखी थी।

एक्सिस बैंक से पहले,पुनीत शर्मा टाटा कैपिटल में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर थे। वहां उन्होंने फाइनेंस से जुड़े कामकाज को मजबूत करने,रणनीतिक पहल को आगे बढ़ाने,बोर्ड और रेगुलेटरी मामलों को संभालने और कंपनी के विकास व बदलाव के एजेंडे में सहयोग देने में अहम भूमिका निभाई।

 सिटीबैंक और द बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप में भी किया काम

अपने करियर की शुरुआत में,उन्होंने सिटीबैंक और द बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप में लीडरशिप के पदों पर काम किया। इस दौरान उन्होंनें बैंकिंग,ट्रेज़री,स्ट्रैटेजी,फाइनेंशियल मैनेजमेंट और बिज़नेस ऑपरेशन्स में व्यापक अनुभव हासिल किया।

HDFC बैंक का बयान

HDFC बैंक के बयान में कहा गया है कि पुनीत शर्मा फाइनेंशियल प्लानिंग,कैपिटल मैनेजमेंट,फाइनेंशियल रिपोर्टिंग,इन्वेस्टर रिलेशंस,गवर्नेंस और रेगुलेटरी मामलों में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं। बैंक ने यह भी कहा कि उन्हें बोर्ड,रेगुलेटर,इन्वेस्टर और दूसरे अहम स्टेकहोल्डर्स के साथ काम करने का काफी अनुभव है।

फिलहाल अभी पुनीत शर्मा एक्सिस बैंक में फाइनेंस,लीगल और इन्वेस्टर रिलेशंस से जुड़े कामकाज देखते हैं और वे 31 अगस्त तक इस पद पर बने रहेंगे।

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त

बताते चले की HDFC Bank ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC)और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को अपना नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। हालांकि,उनकी नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी मिलने के बाद ही प्रभावी होगी। बैंक के बोर्ड ने उन्हें तीन साल के लिए पार्ट-टाइम चेयरमैन बनाने को मंजूरी दी है। उनका कार्यकाल RBI की मंजूरी मिलने की तारीख से शुरू होगा। HDFC Bank ने बताया है कि यह नियुक्ति बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश पर की गई है